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पटना में 36 BCS अधिकारियों का स्थानांतरण, सिवान और सहरसा में नए डीडीसी नियुक्त।

पटना  बिहार प्रशासनिक सेवा (Bihar Administrative Servie) के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, अपर समाहर्ता, उप सचिव और मूल कोटि स्तर के 36 पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें में पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे अमिताभ सिंह को सिवान को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बनाया गया है। वहीं सिवान के डीडीसी मुकेश कुमार को स्थानांतरित कर सहरसा का अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) नियुक्त किया गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे अनिल कुमार को समाज कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव, गिरिधारी लाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में संयुक्त सचिव, सुरेंद्र प्रसाद को मुजफ्फरपुर बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है। श‍िवहर के अत‍िरि‍क्‍त प्रभार में रहेंगे मुजफ्फरपुर के बंदोबस्‍त पदाधिकारी उन्हें शिवहर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी की। नालंदा के अपर समहर्ता रहे अभिषेक श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव की जिम्‍मेदारी दी गई है। बिहार विकास मिशन के उप निदेशक विपिन कुमार राय को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशान विभाग में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रहे अनुराग कौशल सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। सामान्‍य प्रशासन व‍िभाग में योगदान देंगे अन्‍य अधिकारी अधिसूचना के मुताबिक सभी स्थानांतरित पदाधिकारी नवपदस्थापन वाले पद पर अविलंब योगदान करेंगे और इसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को देंगे। वैसे पदाधिकारी जिनका पदस्थापन नहीं हुआ है वे पदस्थापन की प्रतीक्षा में सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान करेंगे। गौरतलब है कि 1 जुलाई को बड़ी संख्‍या में पुलिस, प्रशासन से लेकर अन्‍य विभागों के पदाधिकारियों का तबादला किया गया है।

बारिश में बालों का झड़ना रोकेंगे ये 7 आसान घरेलू उपाय, रखें बाल मजबूत हमेशा।

बारिश का मौसम हमें भीषण गर्मी से तो राहत दिलाता है, लेकिन अपने साथ हवा में बहुत ही ज्यादा ह्यूमिडिटी भी लेकर आता है. बारिश के इस मौसम में हमें कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिनमें से एक है तेजी से बालों का झड़ना. हवा में मॉइस्चर होने की वजह से स्कैल्प चिपचिपा हो जाता है, जिस वजह से बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का खतरा और भी ज्यादा बढ़ने लगता है. इसका नतीजा होता है कि हमारे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और देखते ही देखते टूटने भी लग जाती हैं. अगर बारिश के दिनों में आपको भी हेयर फॉल की समस्या होती है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको 7 ऐसे आसान और कमाल के घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बारिश के इस मौसम में भी अपने बालों को मजबूत, शाइनी, हेल्दी और खूबसूरत बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं विस्तार से. बारिश के पानी से बालों को बचाएं बारिश के पानी में भीगने में भले ही आपको बहुत मजा आता हो, लेकिन आज के समय में बारिश के पानी में पॉल्यूशन के साथ हानिकारक केमिकल भी मिले हुए होते हैं. जब इस तरह का केमिकल वाला और पॉल्यूटेड पानी हमारे सिर पर पड़ता है, तो बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है. इसलिए बारिश के दिनों में जब भी आप अपने घर से बाहर निकलें, एक छाता या फिर स्कार्फ अपने साथ जरूर रखें. अगर आप किसी कारण से भीग जाते हैं, तो घर आने के बाद सबसे पहले अपने बालों को अच्छी तरह से गुनगुने पानी से धोकर साफ करें. एंटी-फंगल और माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें बारिश के दिनों में स्कैल्प पर पसीना और ऑयल जमा होने की वजह से डैंड्रफ की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है. आप सभी यह बात तो जानते ही होंगे कि डैंड्रफ भी आपके बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण बन सकता है. डैंड्रफ की प्रॉब्लम से बचने के लिए हफ्ते में दो से तीन बार एक माइल्ड या एंटी-फंगल शैंपू का इस्तेमाल करके अपने बालों को जरूर ही धोएं. इस बात का ख्याल रखें कि ऐसा शैंपू चुनें जिसमें सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्श केमिकल न हों, ताकि आपके बालों का नेचुरल मॉइस्चर बरकरार रहे. कभी न भूलें कंडीशनर लगाना हवा में ह्यूमिडिटी और मॉइस्चर होने की वजह से बारिश के मौसम में हमारे बाल ड्राई, बेजान और फ्रिजी हो जाते हैं. जब आपके बाल ज्यादा उलझते हैं, तो कंघी करते समय वे टूटते भी ज्यादा हैं. इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि शैंपू करने के बाद आप अपने बालों की लंबाई पर एक अच्छे कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करें. कंडीशनर आपके बालों को न्यूट्रिशन देता है, जिसकी वजह से वे आपस में उलझते नहीं हैं और एक प्रोटेक्टिव लेयर भी बनती है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि कंडीशनर को केवल बालों पर लगाएं, स्कैल्प पर गलती से भी नहीं. गीले बालों में कंघी करने से बचें यह एक ऐसी गलती है जिसे अनजाने में हम आए दिन दोहराते ही रहते हैं. अगर आप अपने बालों को डैमेज होने से बचाना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि जब आपके बाल गीले होते हैं, तब उनकी जड़ें सबसे ज्यादा नाजुक और कमजोर होती हैं. ऐसे में अगर आप तुरंत गीले बालों पर कंघी करते हैं, तो वे बहुत ही तेजी से टूटने लगते हैं. बालों को अगर आप हेल्दी रखना चाहते हैं, तो उन्हें धोने के बाद नैचुरली सूखने का मौका दें. जब आपके बाल पूरी तरह सूख जाएं, तभी चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करके, वह भी बिल्कुल हल्के हाथों से, उन्हें सुलझाएं. स्कैल्प को हमेशा रखें ड्राई और क्लीन मानसून में अक्सर पसीने और मॉइस्चर की वजह से स्कैल्प हमेशा गीला या फिर चिपचिपा महसूस होता रहता है. यह माहौल फंगल इन्फेक्शन और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. इसलिए, यह बहुत ही जरूरी हो जाता है कि आप अपने स्कैल्प को हमेशा साफ और सूखा रखें. अगर वर्कआउट करने या फिर बाहर से आने के बाद आपका स्कैल्प पसीने से गीला हो गया है, तो उसे तौलिए से उन्हें अच्छी तरह सुखा जरूर लें. हैवी ऑयलिंग करने से बचें वैसे तो बालों में तेल लगाना बहुत ही अच्छा और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में बहुत ज्यादा या हैवी ऑयलिंग करने से आपको बचना चाहिए. जैसा कि हमें आपको पहले भी बताया कि इस मौसम में हमारा स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा होता है, और ऐसे में अगर बहुत ज्यादा तेल लगाया जाए, तो वह धूल और गंदगी को अपनी तरफ खींचने लगेगा, जिससे बालों के पोर्स बंद भी हो सकते हैं. ऐसा न हो इसलिए आपको हफ्ते में सिर्फ एक बार हल्के गुनगुने नारियल या आल्मंड ऑयल से सिर्फ 15 से 20 मिनट के लिए हल्की मसाज करनी चाहिए और करीबन एक घंटे बाद अपने बालों को अच्छी तरह से धो जरूर लें. हेयर ड्रायर और स्टाइलिंग टूल्स से दूरी बनाएं बारिश के दिनों में हमारे बाल नॉर्मल दिनों की तुलना में ज्यादा देर से सूखते हैं. ऐसे में कई लोग अपने बालों को जल्दी सुखाने के लिए बार-बार हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा, स्ट्रेटनर या कर्लर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल भी आपके बालों को और भी ज्यादा कमजोर और ड्राई बना देता है. बारिश के मौसम में बालों को नैचुरली हवा में ही सूखने देना सबसे बेस्ट माना जाता है. अगर आपके लिए बहुत ही जरूरी है, तो ड्रायर को कूल मोड पर रखकर इस्तेमाल करना आपके लिए बेस्ट है.

Patna News: अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, DM ने खाली कराई जमीन; अब विकसित होंगे पार्क और खेल मैदान

 पटना डीएम कुंदन कुमार ने अतिक्रमण उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई आदेश दिए। एक ओर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाही पर कार्रवाई की व्यवस्था की तो दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए खाली स्थान की बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर वहां ग्रीन पार्क, रिक्रिएशन जोन या बैडमिंटन कोर्ट बनाने का निर्देश दिया। डीएम मंगलवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा, एडीएम सिटी संजय कुमार, एडीएम आरके दिवाकर, एडीएम चित्रगुप्त कुमार, नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक व अन्य अधिकारियों के साथ अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की और एक से 31 जुलाई तक चलने वाले अभियान प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जोनवाइज हॉटस्पॉट चिह्नित कर स्थायी समाधान पर जोर: डीएम ने एडीएम सिटी को निर्देश दिया कि नगर निगम व अन्य निकायों के टाउन प्लानर की मदद से शहरी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर जोनवाइज अतिक्रमण हॉटस्पॉट (अतिक्रमण के संवेदनशील क्षेत्रों) को चिह्नित कर कार्य योजना बनाकर अतिक्रमण का स्थायी समाधान किया जाए। इसके लिए खाली हुए क्षेत्र में सुंदरीकरण व विकास के कार्य किए जाएं। वहां जन सुविधाओं जैसे ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, रिक्रिएशन जोन अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। दोबारा अतिक्रमण रोका जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारी उस स्थान की बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश स्थायी रूप से रोकें। दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जल्द शुरू होंगे 32 वेंडिंग जोन: नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 32 वेंडिंग जोन प्रस्तावित है। डीएम ने सभी हितधारकों से समन्वय स्थापित कर इन वेंडिंग जोन में आसपास के अव्यवस्थित वेंडिंग शांप व वेंडर्स को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। एक से 31 जुलाई तक अभियान के लिए नौ टीमों का गठन किया गया है। यह मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी के साथ नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ व दानापुर में चलेगा। इसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारी-कर्मी शामिल हैं। इन क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर: डीएम ने कहा कि नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गांधी मैदान, सगुना मोड़, दानापुर रेलवे स्टेशन रोड शहर की लाइफलाइन है। जनहित में यह आवश्यक है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई हो। अतिक्रमण उन्मूलन अभियान का असर दिखना चाहिए ताकि लोगों के मन में विश्वास जागे। अधिकारियों को सभी अस्पतालों समेत हर क्षेत्र की मुख्य सड़कों व सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त रखने का आदेश दिया। वसूला 55 हजार जुर्माना डीएम कुंदन कुमार के निर्देश पर  राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कई प्रकार की सामग्रियां जब्त करने के साथ स्थायी-अस्थायी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। साथ ही 55,500 रुपये जुर्माना वसूला गया। अब तक इस अभियान के तहत कुल 16 लाख 84 हजार 850 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। नूतन राजधानी अंचल में आर ब्लाक से स्टेशन गोलंबर से वीणा सिनेमा हाल तक, बांकीपुर अंचल में नाला रोड, आर्य कुमार रोड एवं भिखना पहाड़ी क्षेत्र में, कंकड़बाग अंचल में मलाही पकड़ी से 90 फीट मोड़ तक तथा नगर परिषद खगौल में दानापुर रेलवे स्टेशन से विजय सिंह यादव पथ तक अतिक्रमण हटाया गया। पटना सिटी अंचल में नाला पर से गुरूगोबिंद सिंह लिंक पथ होते हुए भगत सिंह चौक तक, पाटलिपुत्र अंचल में रेल पुलिस केंद्र चीना कोठी से बुद्ध मार्ग तक, अजीमाबाद अंचल में डंका इमली से ज्युडिशियल एकेडमी होते हुए अशोक राज पथ एवं महावीर घाट तक अभियान चलाया गया। नगर परिषद दानापुर निजामत में टी प्वाइंट गोला रोड से गोला रोड मेन तक तथा नगर परिषद फुलवारीशरीफ में थाना गोलंबर से खगौल रोड बीएमपी-16 तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

रांची में ओला-उबर-रैपिडो सेवाएं प्रभावित, हड़ताल से यात्रियों की बढ़ी परेशानी आज।

रांची  ऑनलाइन कैब सेवाओं से जुड़े चालकों की हड़ताल आज भी जारी है। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का दावा है कि ओला, उबर और रैपिडो प्रबंधन के साथ हुई बातचीत में किराए में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर सहमति बनी है, लेकिन बढ़ा हुआ किराया लागू करने के लिए कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर में आवश्यक अपडेट करना होगा, जिसमें कुछ समय लग सकता है। यूनियन नेताओं के अनुसार, चारपहिया टैक्सी सेवाओं के किराए को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है, जबकि चारपहिया कैब चालकों की मांगों से संबंधित मामला कंपनियों के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय तक पहुंच गया है। कंपनियों की ओर से बताया गया है कि इस विषय पर पैनल स्तर पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं कंपनी ने कहा तीन दिनों में एक भी बुकिंग नहीं हो पाई है। यह चिंता का विषय है। करीब 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल टैक्सी यूनियन का दावा है कि रांची और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 12 हजार चालक हड़ताल में शामिल हैं। हड़ताल के कारण शहर में ऑनलाइन कैब सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनियन के अनुसार, कई चालकों को पिछले तीन दिनों से कोई बुकिंग नहीं मिली है। इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए आज रांची प्रेस क्लब में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें बड़ी संख्या में कैब चालकों के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख इलाकों में दिखा हड़ताल का असर एयरपोर्ट, रांची रेलवे स्टेशन, हटिया स्टेशन, कांके, अरगोड़ा चौक, कांटाटोली, बरियातू, नामकुम रेलवे स्टेशन, हरमू रोड और रातू रोड सहित कई इलाकों में चालक अपनी गाड़ियों के साथ सांकेतिक प्रदर्शन करते नजर आए। कई स्थानों पर टैक्सियां सड़क किनारे खड़ी कर आंदोलन को समर्थन दिया गया। यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी हड़ताल का सबसे अधिक असर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और कांटाटोली बस स्टैंड के आसपास देखने को मिला। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के मौसम में अचानक कैब सेवाएं ठप होने से लोगों को बैटरी रिक्शा, आटो और टैंपो का सहारा लेना पड़ा है। वहीं इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने जल्द समाधान निकालकर सामान्य कैब सेवाएं बहाल करने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

भागलपुर के 384 गांवों के विकास को लेकर 20 वर्षीय महायोजना तैयार होगी।

पटना  राज्य सरकार ने भागलपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भागलपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार कर दिया है। विस्तारित क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर के साथ आसपास के ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित करना है। पहले आयोजना का क्षेत्रफल था 218.28 वर्ग किमी अब 359 वर्ग किमी नगर विकास विभाग के अनुसार पहले अधिसूचित भागलपुर आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 218.28 वर्ग किलोमीटर था। विस्तार के बाद इसमें 140.72 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र जोड़ दिया गया है। अब कुल आयोजना क्षेत्र 359 वर्ग किलोमीटर का हो गया है। महायोजना के तहत आवास, सड़क, जल निकासी, पेयजल, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण लगाने और शहर के संतुलित विस्तार में मदद मिलेगी। सबसे अधिक गांव नाथनगर प्रखंड के, कुल 384 गांवों का होगा विकास विस्तारित आयोजना क्षेत्र में भागलपुर नगर निगम के अलावा नगर पंचायत सबौर और नगर पंचायत हबीबपुर भी शामिल हैं। इसके साथ दो सेंसस टाउन तथा कुल 384 राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे। इनमें सबसे अधिक 144 गांव नाथनगर प्रखंड के हैं। इसके अलावा जगदीशपुर के 90, सबौर के 60, शाहकुंड के 42, सुल्तानगंज के 33, गोराडीह के 11 और नारायणपुर के चार राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। सरकार ने आयोजना क्षेत्र की नई सीमाएं भी निर्धारित कर दी हैं। साथ ही नक्शा, शामिल शहरी निकायों और राजस्व गांवों की सूची तथा आबादी का विवरण भी स्वीकृत कर दिया है। एक नजर में     कुल आयोजना क्षेत्र: 359 वर्ग किमी     पहले का क्षेत्रफल: 218.28 वर्ग किमी     नया जोड़ा गया क्षेत्र: 140.72 वर्ग किमी     शहरी निकाय: 3 (भागलपुर नगर निगम, सबौर व हबीबपुर नगर पंचायत)     सेंसस टाउन: 2     राजस्व गांव: 384     महायोजना की अवधि: अगले 20 वर्ष या विस्तारित अवधि     उद्देश्य: भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का समेकित एवं सुनियोजित शहरी विकास।  

एसआईआर प्रक्रिया झारखंड में शुरू, 29 जुलाई तक चलेगा मतदाता सत्यापन अभियान

रांची  झारखंड में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) आज से गणना चरण के साथ शुरू हो जाएगा। इस चरण में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के बीच गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फार्म) वितरित करेंगे। मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इस प्रपत्र में पिछले एसआईआर से संंबंधित जानकारी भरकर तथा हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से प्रपत्र मिलते ही आवश्यक जानकारी भरकर एवं हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाने की अपील की है। यह कार्यक्रम 29 जुलाई तक चलेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि जब बीएलओ मतदाता के घर-घर जाएं तो मतदाताओं को विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से उनकी मैपिंग अवश्य सुनिश्चित करा लें। राज्य में एसआईआर कार्यक्रम में वर्ष 2003 में हुए एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग की विवरणी को नागरिकता हेतु सुपीरियर दस्तावेज के रूप में माना गया है। जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो जाएगी, उन्हें एसआईआर के क्रम में सामान्यतः कोई अन्य दस्तावेज नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र की दो प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।मतदाता एक प्रति अपने बीएलओ को देंगें और दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास रखेंगे। जो भी मतदाता गणना प्रपत्र हस्ताक्षर कर लौटाएंगे, उनका नाम पांच अगस्त को प्रकाशित होनेवाली प्रारुप मतदाता सूची में होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वैसे मतदाता जिनकी अभी भी विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई है, वे बीएलओ को अपना विवरण बताकर मैपिंग करा लें। नए मतदाता पंजीकरण के लिए पूरी करें यह प्रक्रिया यदि आप नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते है और एक अक्टूबर 2026 तक आपकी आयु 18 वर्ष पूरी हो रही है, तो गणना चरण या दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 भरकर अपने संबंधित बीएलओ को जमा करें। फॉर्म के साथ घोषणापत्र और आवश्यक दस्तवेज भी संलग्न करने होंगे। जन्मतिथि के आधार पर आवेदक को स्वयं का अथवा माता-पिता में से किसी एक या दोनों के दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेज के रूप में पिछले एसआईआर के दौरान तैयार मतदाता सूची का वह संबंधित पृष्ठ भी मान्य होगा, जिसमें माता-पिता का नाम दर्ज हो। ध्यान में रखें ये महत्वपूर्ण तारीखें     30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ द्वारा घर-घर भ्रमण कर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।     29 जुलाई तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) होगा।     05 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा।     पांच अगस्त से चार सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि है।     पांच अगस्त से तीन अक्टूबर तक नोटिस फेज तथा दावा व आपत्तियों के निस्तारण की अवधि है।     सात अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। गलत घोषणा पत्र भरकर देने पर कानूनी कार्रवाई मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि गणना प्रपत्र में गलत घोषणा पत्र भरकर जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेंगे और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नहीं जुड़ेंगे। एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सहभागी है, प्रत्येक फेज की जानकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाता है। 74,329 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त, सबसे अधिक भाजपा के एसआईआर को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न मतदान केंद्रों पर कुल 74,320 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। सबसे अधिक बीएलए-2 भाजपा द्वारा नियुक्त किए गए हैं। आप ने एक भी एजेंट नियुक्त नहीं किया है। वहीं, बसपा ने महज दो एजेंट नियुक्त किए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की एसआईआर के दौरान बैठक की जानी है एवं इस बैठक के फोटो भी बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से अपने बीएलओ के कार्यों में सहयोग करने की अपेक्षा की है। 82 प्रतिशत मतदाताओं की हो चुकी है मैपिंग     कुल मतदाता : 2,64,63,236     जिन मतदाताओं की हो गई मैपिंग : 2,17,20,731     जिनकी नहीं हुई है मैपिंग : 47,42,505     जितने प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी : 82.08 प्रतिशत किस राजनीतिक दल ने नियुक्त किए कितने बीएलए-2? आप : 00 बसपा : 02 भाजपा : 28,217 सीपीआईएम : 103 कांग्रेस : 19,153 आजसू पार्टी : 4,596 झामुमो : 19,269 राजद : 2,980 कुल : 74,320 शिकायत के लिए 1950 हेल्पलाइन पर करें संपर्क निर्वाचन विभाग के अनुसार, एसआईआर से संबंधित किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए मतदाता 1950 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इस कॉल सेंटर पर प्रतिदिन औसतन 25 से 30 शिकायतें प्राप्त हो रही है, जिनका त्वरित और प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जा रहा है।  

नल जल योजना को रफ्तार, स्पर्श पोर्टल पर डेटा अपलोड से फंड रिलीज की तैयारी

रांची   झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कवायद को बेहद तेज कर दी है. केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत लंबित पड़ी भारी-भरकम राशि को हासिल करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. इसी सिलसिले में केंद्र सरकार के ‘एसएनए स्पर्श पोर्टल’ (SNA Sparsh Portal) पर जल जीवन मिशन की उन तमाम चालू और पूरी हो चुकी योजनाओं का विस्तृत विवरण अपलोड किया जा रहा है, जिनमें झारखंड सरकार अपने कोटे की राशि (राज्यांश) पहले ही खर्च कर चुकी है. डेटा अपलोडिंग के साथ-साथ इन सभी योजनाओं के उपयोगिता और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी पोर्टल पर डाले जा रहे हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन में कोई तकनीकी अड़चन न रहे. दिल्ली में MOU के बाद बनी सहमति इस पूरी कवायद की पृष्ठभूमि हाल ही में नई दिल्ली में तैयार हुई थी. बीते 2 जून को नई दिल्ली में ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच एक उच्चस्तरीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के सामने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राज्य की लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित केंद्रीय सहायता राशि को जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया था. इस पर केंद्रीय अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि एनओसी और अन्य कागजी प्रक्रियाओं में केंद्र पूरा सहयोग करेगा, बशर्ते राज्य सरकार निर्धारित मानकों और अपनी 50 प्रतिशत राज्यांश की हिस्सेदारी का कड़ाई से पालन करे. एमओयू की है कड़ी शर्त जल शक्ति मंत्रालय के नियमों और एमओयू की शर्तों के अनुसार, केंद्र सरकार से फंड की अगली किस्त पाने के लिए झारखंड को पहले अपने हिस्से की मैचिंग ग्रांट (राज्यांश) को धरातल पर खर्च करके दिखाना होगा. दिल्ली में हुए एमओयू के करीब एक महीना बीतने को है, लेकिन अब तक एसएनए स्पर्श पोर्टल पर झारखंड का पूरा तकनीकी डेटा और एनओसी समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण केंद्र की ओर से राशि जारी नहीं हो पाई है. इस देरी को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के आलाधिकारियों ने पूरी कागजी और तकनीकी प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक मोड पर डाल दिया है ताकि केंद्र से मिलने वाला फंड बिना किसी देरी के सीधे राज्य के खाते में आ सके. जेजेएम 2.0 में मिला 2,500 करोड़ का विशेष बोनस झारखंड सरकार इस मेगा मिशन के तहत दिसंबर 2028 तक राज्य के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने के बड़े और ऐतिहासिक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है. भौगोलिक रूप से कठिन माने जाने वाले झारखंड के पठारी इलाकों में इस लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए ‘जेजेएम 2.0’ के तहत केंद्र सरकार ने झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त विशेष आवंटन (बोनस फंड) भी मंजूर किया है. विभाग का प्रयास यह है कि इस महीने के अंत तक सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं, ताकि जैसे ही फंड रिलीज हो, वैसे ही ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण कार्य की गति को दोगुना किया जा सके. विभागीय मंत्री का आधिकारिक बयान मामले की जानकारी देते हुए झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि जेजेएम 2.0 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच एमओयू की सभी आधिकारिक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं. हमारी सरकार केंद्रांश की बड़ी राशि को समय पर प्राप्त करने के लिए अनिवार्य तकनीकी और कागजी प्रक्रियाएं पूरी करने में जुटी है. विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दिन-रात काम करके स्पर्श पोर्टल पर डेटा फीडिंग पूरी करें, ताकि ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को बिना किसी बजटीय रुकावट के तेजी से पूरा किया जा सके.0 करोड़ के विकास कार्य, असुरक्षित भवनों पर तत्काल रोक लगाने का आदेश

चीनी मिल में स्क्रैप कटाई से भड़के किसान, बिहार में आंदोलन की चेतावनी

गोपालगंज. छह वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) की प्रक्रिया के तहत खरीदे गए स्क्रैप की कटाई की तैयारी मिल परिसर में शुरू हो गई है। एक ओर बिहार सरकार गन्ना उद्योग विभाग के माध्यम से मिल चालू कराने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्क्रैप हटाने और परिसंपत्तियों की नीलामी तेज होने से किसानों और पूर्व मिलकर्मियों की चिंता बढ़ गई है। मंत्री से मिलेंगे किसान, कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन स्क्रैप कटाई की सूचना मिलते ही किसान संघर्ष समिति सक्रिय हो गई है। समिति के अध्यक्ष मोहम्मद तौहीद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पटना रवाना हुआ है। किसान गन्ना उद्योग मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मिलकर स्क्रैप कटाई रोकने तथा मिल के पुनः संचालन पर ठोस निर्णय लेने की मांग करेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। 2020 से बंद है मिल, लगातार उठ रही संचालन की मांग सासामुसा चीनी मिल वर्ष 2020 से बंद पड़ी है। तब से हजारों गन्ना उत्पादक किसान और पूर्व मिलकर्मी इसके पुनः संचालन की मांग कर रहे हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार को ज्ञापन देने के साथ मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। 40 करोड़ के बैंक बकाया से शुरू हुआ पूरा विवाद विवाद की शुरुआत मिल पर सेंट्रल बैंक के करीब 40 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान से हुई। बैंक ने वसूली के लिए एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया था। ट्रिब्यूनल ने पिछले वर्ष नवंबर में मिल का स्क्रैप करीब 18.50 करोड़ रुपये में बेचकर बैंक का बकाया चुकाने का आदेश दिया। इसके विरोध में किसानों ने 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, जिसे मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था। चार निवेशकों ने दिखाई रुचि, लेकिन नहीं बन सकी बात गन्ना उद्योग विभाग की पहल पर मार्च और अप्रैल में चार निवेशक कंपनियों ने मिल परिसर का निरीक्षण किया और संचालन में रुचि दिखाई। हालांकि भूमि की सीमित उपलब्धता तथा तकनीकी और वित्तीय कारणों से कोई भी निवेशक अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच सका। इस बीच राज्य सरकार ने किसानों के लगभग 43 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की स्वीकृति भी दी है। स्क्रैप हटाने का विरोध जारी, पुनर्जीवन की उम्मीद पर संकट स्क्रैप की नीलामी लेने वाली कंपनी के कर्मी मिल परिसर में पहुंचकर साफ-सफाई शुरू कर चुके हैं और जल्द मशीनों की कटाई शुरू होने की संभावना है। किसान संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि किसानों और मिलकर्मियों का बकाया भुगतान तथा मिल के भविष्य पर स्पष्ट निर्णय होने तक स्क्रैप बाहर ले जाने का विरोध जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि सरकार ने अब भी हस्तक्षेप नहीं किया तो सासामुसा चीनी मिल के पुनर्जीवन की उम्मीद हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।  

झारखंड के सरकारी स्कूलों के नए टाइमिंग जारी, 9 बजे से 3 बजे तक होगी पढ़ाई

मेदिनीनगर/पलामू. एक जुलाई से झारखंड के सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव लागू हो जाएगा। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं अब सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक संचालित होंगी। हालांकि भीषण गर्मी के बीच इस निर्णय को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और दोपहर के समय तेज धूप व उमस के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है। वर्तमान में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से 11:30 बजे तक तथा नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रही हैं। वहीं शिक्षक सुबह सात बजे से अपराह्न एक बजे तक विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नए आदेश के लागू होने के साथ ही सभी कक्षाओं का संचालन सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा। 4 जुलाई तक चलेगा मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 1 से 4 जुलाई तक विशेष जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयोजित होंगी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां अभियान के दौरान विद्यालयों में स्लोगन लेखन, चित्रांकन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, ''मेरी बात- मेरा संकल्प'', मासिक धर्म स्वच्छता पर समूह चर्चा, रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक तथा सामूहिक संकल्प जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य किशोरियों में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

22.97 करोड़ की परियोजना से पलामू में एआई, डेटा साइंस और रोबोटिक्स शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

रांची राज्य सरकार ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) जैसी आधुनिकतम तकनीक में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कालेज में चार क्षेत्रों में सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना स्वीकृत की है। पांच वर्ष की इस परियोजना पर 22.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना के तहत ही स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए पलामू इंजीनियरिंग कालेज में जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये इसके शेयर कैपिटल के रूप में मिलेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार तथा परामर्श सेवाओं को प्रोत्साहित करना, ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित पेशेवरों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करना है। साथ ही इससे उद्योग प्रेरित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का डेटा विश्लेषण, बीटेक, एमटेक एवं पीएचडी शोधार्थियों के अनुसंधान कार्यों में सहयोग प्रदान करना है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन चारों सेंटर आफ एक्सीलेंस से न केवल पलामू इंजीनियरिंग कालेज, बल्कि राज्य के छह राजकीय पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण में लाभ मिलेगा। सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए रोबोटिक्स लैब, डेटा साइंस लैब, रिन्यूअल ईनर्जी लैब, टाउन प्लानिंग लैब, अर्थक्वेक इंजीनियरिंग लैब, वेस्ट टू इनर्जी कंजरवेशन लैब आदि की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना की स्वीकृति के पहले आइआइटी (आइएसएम), धनबाद से टेक्निकल वेटिंग कराई थी। संस्थान स्तर पर होगी निगरानी समिति जीईसी पलामू इनाेवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन द्वारा एक संस्थान स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सेंटर आफ एक्सीलेंस के फैकल्टी इंचार्ज, इंडस्ट्री पार्टनर के प्रतिनिधि, संबंधित विभागाध्यक्ष, मेंटर संस्थान के प्रतिनिधि रहेंगे। यह समिति सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन तथा निगरानी का दायित्व निभाएगी। राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मेंटर संस्थानों की की पहचान करना तथा उन्हें सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन में सहायता के लिए परामर्श या अनुदान प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करने की भी जिम्मेदारी समिति निभाएगी। ये पालीटेक्निक संस्थान जुड़ेंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस से – राजकीय पालीटेक्निक, रांची – राजकीय महिला पालीटेक्निक, रांची – राजकीय पालीटेक्निक, जमशेदपुर – राजकीय पालीटेक्निक, आदित्यपुर – राजकीय पालीटेक्निक, लातेहार – राजकीय पालीटेक्निक, सिमडेगा इन चार क्षेत्रों में तैयार होगा सेंटर आफ एक्सीलेंस     सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग     रोबोटिक्स एंड आटोमेशन     डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस     सस्टनेबल एंड रिन्यूअल ईनर्जी टेक्नोलाजी