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स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना, UG/PG के विद्यार्थियों को विद्वानों द्वारा उपयोगी जानकारी दी गई

सिवनी मालवा  शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में आज दिनांक 19.7.2025  को इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत "व्याख्यान  – UG/PG के विद्यार्थियों के लिए करियर के अवसर" पर विद्वानों द्वारा उपयोगी जानकारी प्रदान की गई  । प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे ने अपने उद्बोधन में बताया कि स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है । इस अवसर पर  डॉ पदम शर्मा ने छात्राओं को छात्र जीवन से संबंधित समस्याओं तथा उनके निवारण करने तथा भविष्य में करियर के अवसरों के लिए अपने आप को तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया एवं महाविद्यालय में पदस्थ स्पोर्ट्स ऑफिसर विमला कदम  मैडम द्वारा छात्राओं को खेल में रोजगार के अवसर पर जानकारी प्रदान की गई जिसमें खेल चिकित्सा, खेल प्रबंधन, खेल पत्रकारिता आदि अवसरों पर प्रकाश डाला एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना प्रभारी डॉ रजनीश जाटव द्वारा छात्राओं को रोजगार के विभिन्न अवसर की जानकारी प्रदान की गई । कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ राकेश कुमार निरापुरे द्वारा किया गया एवं अंत में  कु. आकांक्षा पांडे ने उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्राध्यापक  मनोज कुमार प्रजापति.  डॉ. टी टी एक्का डॉ. संगीता मिश्रा,डॉ वर्षा भिंगारकर ,सुदर्शना राज. ,डॉ. रजनीकांत वर्मा, श्री प्रवीण साहू, डॉ. रीमा नागवंशी, डॉ नीरज विश्वकर्मा, डॉ पदम शर्मा, डॉ सतीश बालापुरे, डॉ. राकेश निरापुरे, श्रीमती संगीता कहार, डॉ. दुर्गा मीणा,डॉ सीमा तोमर,  शशांक गौर, अखिल लौवंशी, मयंक गौर, अजय लौवंशी एवं समस्त प्राध्यापक गण तथा छात्राएँ उपस्थित रहीं।

MP विधानसभा में डिजिटल युग की शुरुआत: शीतकालीन सत्र से लागू होगी ई-विधान व्यवस्था

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी शीतकालीन सत्र से ‘वन नेशन वन प्लेटफॉर्म’ के तहत ई-विधानसभा व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत विधानसभा की कार्यवाही को और अधिक पारदर्शी, सुगम और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। माननीय सदस्यों और स्टाफ को ऑनलाइन कार्यप्रणाली की दी जाएगी ट्रेनिंग  इसके लिए विधानसभा के माननीय सदस्यों और स्टाफ को ऑनलाइन कार्यप्रणाली की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि माननीय विधायकों से पहले विधानसभा के स्टाफ को ई-विधानसभा प्रणाली का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण दिल्ली से आए विशेषज्ञ ट्रेनरों द्वारा दिया जाएगा, जो राष्ट्रीय ई-विधान परियोजना (NeVA) के तहत डिजिटल प्रक्रियाओं को समझाने में सहायता करेंगे। मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 विधायकों में से वर्तमान में 90 विधायक टैबलेट के माध्यम से सदन की कार्यवाही और कामकाज को संचालित कर रहे हैं। इस डिजिटल पहल के तहत सभी विधायकों को टैबलेट-आधारित कार्यवाही से जोड़ा जाएगा, ताकि कागजी प्रक्रिया को न्यूनतम किया जा सके। सदन की कार्यवाही और होगी प्रभावी  आगामी 28 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं। इस सत्र के लिए विधायकों द्वारा कुल 3000 प्रश्न जमा किए गए हैं, जिनमें से 2000 प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से पूछे गए हैं। यह पहल न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि सदन की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

भोपाल में हिंदू लड़कियों के रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क चार्जशीट दाखिल, दरिंदगी से रोंगटे खड़े हो जाएंगे

भोपाल अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण की कोशिश के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अगली तारीख 22 जुलाई तय की गई है. इस केस में मुख्य आरोपी फरहान और उसके साथी अली समेत अन्य पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़िताओं के बयान, वीडियो साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर चालान पेश किया गया है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी फरहान दोनों बहनों के साथ लंबे समय से संबंध में था. वह पहले प्यार और शादी का झांसा देता रहा, फिर ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म करता रहा. फरहान ने दोनों बहनों के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्‍हें वायरल करने की धमकी देकर वह उनसे गलत काम करा रहा था. मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर  भोपाल में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग केस का मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर कहता था कि तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। दरअसल, इस केस में अब तक तीन चालान पेश हो चुके हैं। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि जिस पीड़िता ने सबसे पहले फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसे फरहान ने कहा था कि वह पुलिस से शिकायत न करे। फरहान उसे एक एफिडेविट देने को तैयार था। इसमें वो लिखने वाला था कि आगे से उसके साथ रेप नहीं करेगा। बता दें कि 12 अप्रैल को एक युवती ने भोपाल के बागसेवनिया थाने में रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद 13 अप्रैल को फरहान को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर 6 आरोपी गिरफ्तार हुए। इस मामले में अबतक 5 लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच से लेकर गवाहों के बयान, डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट तक, पुलिस की चार्जशीट में फरहान ही मुख्य आरोपी है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मटन-चिकन खिलाया गया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और इस्लाम कबूलने के लिए दबाव डाला गया. शनिवार को विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई. विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. इस केस में पीड़िता की छोटी बहन ने बताया कि फरहान ने उसे अली नाम के युवक से मिलवाया. अली ने उसे बाहर घूमने के बहाने घर बुलाया और वहां दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया. इसके बाद वह भी धर्मांतरण और निकाह का दबाव बनाने लगा. पुलिस की चार्जशीट में स्पष्ट है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक और धार्मिक दबाव की रणनीति अपनाई गई थी. कई लड़कियों ने शिकायत नहीं की  आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (धमकी), 295-A (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), पॉक्सो एक्ट की धाराएं और धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अफसरों का कहना है कि पूरा गैंग बनाकर टारगेट करते हुए हिंदू लड़कियों को फंसाया गया था. इन दो बहनों ने पुलिस को शिकायत की और बयान दिए, लेकिन कई लड़कियों ने शिकायत करने से मना कर दिया. कुछ लड़कियों की शादी हो चुकी है और वे लोकलाज से सामने नहीं आ रही है. बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी शनिवार को विशेष न्यायाधीश नीलू संजीव श्रृंगऋषि और विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस की सुनवाई हुई, जहां आरोप तय करने को लेकर बहस चली. कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है. वहीं, बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी सबूत तकनीकी तौर पर सुरक्षित किए गए हैं ताकि आरोपी किसी भी स्तर पर कानून से बच न सकें. हालांकि इसी मामले में एक पुलिस अफसर को लाइन हाजिर किया गया था. उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप थे. भोपाल पुलिस पर ऐसे मामलों में विश्‍वसनीय कार्रवाई कर पाने की चुनौती है. रेप कर बोला- फिर नहीं मिली तो बदनाम कर दूंगा बागसेवनिया थाने में ही सबसे पहले दो सगी बहनों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक महीने की जांच के बाद 11 जून को मुख्य आरोपी फरहान खान और साहिल खान के खिलाफ चालान पेश किया। 57 गवाहों की लिस्ट के साथ 240 पेज का ये चालान विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नीलम मिश्रा की अदालत में पेश हुआ। इस चालान के साथ पुलिस ने पीड़िताओं की मेडिकल रिपोर्ट और अहम दस्तावेज भी पेश किए। दोनों आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। इस चालान में पुलिस ने बताया कि फरहान ने दोनों बहनों को धमकाकर उनके साथ जबरन फिजिकल रिलेशन बनाए थे। इतना ही नहीं मुस्लिम बनने के लिए कई बार दबाव डाला था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अप्रैल 2023 में फरहान मुझे बाहर घुमाने के बहाने अपने अशोका गार्डन स्थित घर ले गया। यहां उसने मेरे साथ रेप किया। इसके बाद मारपीट कर बोला- कि अगर आगे मुलाकात नहीं की तो बदनाम कर दूंगा। धमकी दी थी कि पापा और भाई को मार डालेगा पीड़िता ने बताया कि उसकी फरहान से मुलाकात बहन के कॉलेज में हुई थी। यहां उसने जबरदस्ती दोस्ती की। उसने जब पहली बार रेप किया तो धमकी दी थी कि अगर अगली बार शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो पापा और भाई को मार डालेगा। वह मोबाइल में दूसरी लड़कियों के रेप वीडियो दिखाकर कहता था- तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। पीड़िता के मुताबिक जब वह इंदौर चली गई तब भी उसने पीछा नहीं छोड़ा। अप्रैल महीने में वह इंदौर आया और मुझे कॉल कर बोला कि तुझसे माफी मांगना है। मैं उससे मिलने के लिए तैयार हो गई। वह मेरे घर आया तब मैं अपने दोस्त से बात कर रही थी। उसने चाकू दिखाकर मुझसे जबरन शारीरिक संबंध बनाए। मैंने जब ये बात अपने दोस्त और बुआ के बेटे को बताई तो वे मुझे भोपाल लेकर आए। यहां सभी ने मुझसे पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा। मैं डर … Read more

भोपाल में हिंदू लड़कियों के रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क चार्जशीट दाखिल, दरिंदगी से रोंगटे खड़े हो जाएंगे

भोपाल अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण की कोशिश के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अगली तारीख 22 जुलाई तय की गई है. इस केस में मुख्य आरोपी फरहान और उसके साथी अली समेत अन्य पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़िताओं के बयान, वीडियो साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर चालान पेश किया गया है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी फरहान दोनों बहनों के साथ लंबे समय से संबंध में था. वह पहले प्यार और शादी का झांसा देता रहा, फिर ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म करता रहा. फरहान ने दोनों बहनों के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्‍हें वायरल करने की धमकी देकर वह उनसे गलत काम करा रहा था. मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर  भोपाल में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग केस का मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर कहता था कि तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। दरअसल, इस केस में अब तक तीन चालान पेश हो चुके हैं। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि जिस पीड़िता ने सबसे पहले फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसे फरहान ने कहा था कि वह पुलिस से शिकायत न करे। फरहान उसे एक एफिडेविट देने को तैयार था। इसमें वो लिखने वाला था कि आगे से उसके साथ रेप नहीं करेगा। बता दें कि 12 अप्रैल को एक युवती ने भोपाल के बागसेवनिया थाने में रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद 13 अप्रैल को फरहान को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर 6 आरोपी गिरफ्तार हुए। इस मामले में अबतक 5 लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच से लेकर गवाहों के बयान, डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट तक, पुलिस की चार्जशीट में फरहान ही मुख्य आरोपी है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मटन-चिकन खिलाया गया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और इस्लाम कबूलने के लिए दबाव डाला गया. शनिवार को विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई. विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. इस केस में पीड़िता की छोटी बहन ने बताया कि फरहान ने उसे अली नाम के युवक से मिलवाया. अली ने उसे बाहर घूमने के बहाने घर बुलाया और वहां दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया. इसके बाद वह भी धर्मांतरण और निकाह का दबाव बनाने लगा. पुलिस की चार्जशीट में स्पष्ट है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक और धार्मिक दबाव की रणनीति अपनाई गई थी. कई लड़कियों ने शिकायत नहीं की  आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (धमकी), 295-A (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), पॉक्सो एक्ट की धाराएं और धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अफसरों का कहना है कि पूरा गैंग बनाकर टारगेट करते हुए हिंदू लड़कियों को फंसाया गया था. इन दो बहनों ने पुलिस को शिकायत की और बयान दिए, लेकिन कई लड़कियों ने शिकायत करने से मना कर दिया. कुछ लड़कियों की शादी हो चुकी है और वे लोकलाज से सामने नहीं आ रही है. बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी शनिवार को विशेष न्यायाधीश नीलू संजीव श्रृंगऋषि और विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस की सुनवाई हुई, जहां आरोप तय करने को लेकर बहस चली. कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है. वहीं, बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी सबूत तकनीकी तौर पर सुरक्षित किए गए हैं ताकि आरोपी किसी भी स्तर पर कानून से बच न सकें. हालांकि इसी मामले में एक पुलिस अफसर को लाइन हाजिर किया गया था. उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप थे. भोपाल पुलिस पर ऐसे मामलों में विश्‍वसनीय कार्रवाई कर पाने की चुनौती है. रेप कर बोला- फिर नहीं मिली तो बदनाम कर दूंगा बागसेवनिया थाने में ही सबसे पहले दो सगी बहनों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक महीने की जांच के बाद 11 जून को मुख्य आरोपी फरहान खान और साहिल खान के खिलाफ चालान पेश किया। 57 गवाहों की लिस्ट के साथ 240 पेज का ये चालान विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नीलम मिश्रा की अदालत में पेश हुआ। इस चालान के साथ पुलिस ने पीड़िताओं की मेडिकल रिपोर्ट और अहम दस्तावेज भी पेश किए। दोनों आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। इस चालान में पुलिस ने बताया कि फरहान ने दोनों बहनों को धमकाकर उनके साथ जबरन फिजिकल रिलेशन बनाए थे। इतना ही नहीं मुस्लिम बनने के लिए कई बार दबाव डाला था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अप्रैल 2023 में फरहान मुझे बाहर घुमाने के बहाने अपने अशोका गार्डन स्थित घर ले गया। यहां उसने मेरे साथ रेप किया। इसके बाद मारपीट कर बोला- कि अगर आगे मुलाकात नहीं की तो बदनाम कर दूंगा। धमकी दी थी कि पापा और भाई को मार डालेगा पीड़िता ने बताया कि उसकी फरहान से मुलाकात बहन के कॉलेज में हुई थी। यहां उसने जबरदस्ती दोस्ती की। उसने जब पहली बार रेप किया तो धमकी दी थी कि अगर अगली बार शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो पापा और भाई को मार डालेगा। वह मोबाइल में दूसरी लड़कियों के रेप वीडियो दिखाकर कहता था- तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। पीड़िता के मुताबिक जब वह इंदौर चली गई तब भी उसने पीछा नहीं छोड़ा। अप्रैल महीने में वह इंदौर आया और मुझे कॉल कर बोला कि तुझसे माफी मांगना है। मैं उससे मिलने के लिए तैयार हो गई। वह मेरे घर आया तब मैं अपने दोस्त से बात कर रही थी। उसने चाकू दिखाकर मुझसे जबरन शारीरिक संबंध बनाए। मैंने जब ये बात अपने दोस्त और बुआ के बेटे को बताई तो वे मुझे भोपाल लेकर आए। यहां सभी ने मुझसे पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा। मैं डर … Read more

शिवपुरी के अजय रघुवंशी की मेहनत रंग लाई, दिव्यांग होते हुए भी बने करोड़ों दिलों के हीरो

शिवपुरी   कहते भी हैं कि अगर कुछ पाने की दृढ़ इच्छाशक्ति है और पूरी लगन, मेहनत के साथ कोशिश की जाए तो परिणाम सकारात्मक मिलते हैं. यही कर दिखाया है शिवपुरी जिले के छोटे से गांव के एक युवा ने. दिव्यांग क्रिकेटर अजय रघुवंशी को बेंगलुरु वॉरियर्स ने 11 लाख 40 हजार में खरीदा है. अजय अब दुबई में होने वाली दिल्ली प्रीमियर लीग में अपना दमखम दिखाएंगे. शानदार प्रदर्शन करने पर मिला इनाम शिवपुरी जिले के कोलारस विकासखंड अंतर्गत ग्राम लुकवासा के दिव्यांग क्रिकेटर अजय रघुवंशी ने राष्ट्रीय पटल पर शिवपुरी का नाम रोशन कर दिया.  को मुंबई में दिव्यांग क्रिकेटरों की नीलामी हुई. दिल्ली प्रीमियर लीग के लिए अजय रघुवंशी को बेंगलुरु वॉरियर्स ने अपने पाले में कर लिया. अब अजय दुबई में 5 अक्टूबर से आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में अपना हुनर दिखाएगा. खास बात यह है प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश सिर्फ दो खिलाड़ियों को खरीदा गया है, जिसमें एक अजय हैं. अजय रघुवंशी के अलावा एक खिलाड़ी सागर जिले का है, जो दिल्ली की टीम के लिए खेलेगा. ऐसे में मिली अजय के सपनों को उड़ान मां की कोख से ही एक हाथ के बिना जन्मे अजय रघुवंशी जब गांव में लड़कों को क्रिकेट खेलते हुए देखते थे तो वह भी इस खेल में हाथ आजमाने का सपना देखने लगे. लेकिन एक हाथ न होने के कारण नहीं खेल पाते थे. बेटे को दुखी देख पिता चंद्रभान रघुवंशी ने उनका हौसला बढ़ाया. धीरे-धीरे उसे गांव के लड़कों के साथ प्रैक्टिस करवाई. करीब 12 साल की उम्र में दिव्यांग अजय गांव की टीम का हिस्सा बन गया. आसपास के जिलों में होने वाली प्रतियोगिताओं में जब गांव की टीम खेलने जाती तो वह उस टीम में शामिल रहता. उदयपुर और कानपुर में दिखाया जलवा इसी क्रम में दिसंबर 2024 में भोपाल में दिव्यांग क्रिकेटरों की ट्रायल रखी गई. ट्रायल में अजय रघुवंशी शामिल हुए. टैलेंट के बूते उनका चयन हुआ. चयन के बाद पहले उदयपुर और फिर कानपुर में आयोजित दिव्यांग टूर्नामेंट में अजय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 मैचों में 21 विकेट लिए और 132 रन बनाए. इसी प्रदर्शन के बूते अजय का नाम दिल्ली प्रीमियर लीग के लिए खिलाड़ियों में शामिल किया गया. अजय ने किया उम्मीदों पर खरा उतरने का दावा अजय रघुवंशी ने बताया "वह मानता है कि अब उसके लिए काम्पटीशन टफ हो गया है, क्योंकि अब उसे खुद को पूरे भारत के सामने साबित करना है. इसके अलावा अब वह भी इंडिया की टीम के लिए खेलने की इच्छा रखता है. ऐसे में खुद को और खुद के खेल को बेहतर बनाने के लिए वह दिन-रात प्रयास कर रहे हैं. उसे उम्मीद है कि वह डीपीएल में भी शानदार प्रदर्शन करेगा." 

सेफ्टी पहले: भोपाल में स्कूल बच्चों के लिए ई-रिक्शा पर लगेगा बैन, बच्चों की सेफ्टी के सही नहीं

भोपाल  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

नेहा किन्नर केस में चौंकाने वाला खुलासा! फर्जी दस्तावेजों से 25 साल से रह रही थी भोपाल में

 भोपाल  बीते करीब ढाई दशक से भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक नेहा किन्नर (पूर्व में अब्दुल कलाम) को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। अब्दुल कलाम भारत में कोई वीजा लेकर नहीं बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की टोली में अवैध रूप से सीमा पार करके आया था। माता-पिता के साथ कई दोस्त-रिश्तेदार भी उस टोली में एक साथ भारत में घुसे थे। पहले वे महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों में अवैध रूप से रहे, फिर भोपाल आकर फर्जी रूप से अपने दस्तावेज तैयार करवाए और यहीं बस गए। भोपाल में कलाम नेहा किन्नर के नाम से रह रहा था। बांग्लादेश से उसके साथ आकर भोपाल में बसे पांच घुसपैठिए करीब चार साल से चोरी-लूट के मामले में जेल में बंद हैं। 17 साल की उम्र में सीमा पार कर आया था वहीं नेहा किन्नर के एमपी नगर थाने में दर्ज मारपीट के मामले में जल्द ही फैसला आएगा, जिसके बाद उसे बांग्लादेश वापस भेज दिया जाएगा। बता दें तलैया पुलिस ने एक सप्ताह पहले बुधवारा क्षेत्र में रहने वाली नेहा किन्नर को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह 17 वर्ष की उम्र में सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में रह रहा था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि नेहा किन्नर का एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उस पर सुनवाई जारी है। वहीं, उसे आश्रय देने वालों को लेकर भी जांच की जा रही है।

टेबल वर्क नहीं, अब सेवा और शिक्षा पर फोकस: आयुष विभाग ने बदली डॉक्टरों की जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर और डॉक्टरों को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब ऐसे डॉक्टर जो केवल ऑफिस बैठकर प्रशासनिक काम करते हैं, उन्हें दोबारा पढ़ाई और इलाज से जुड़ी सेवाओं में लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि डॉक्टरों और प्रोफेसरों को मरीजों और छात्रों से दूर बैठाकर बाबूगिरी करवाना मेडिकल सेवाओं और शिक्षा दोनों के लिए नुकसानदायक है। आयुष विभाग इसको लेकर प्रावधान करने जा रहा है। इसमें जिन डॉक्टरों के पास 20 साल से कम का शिक्षण अनुभव है, उन्हें अब 65 की बजाय 62 साल की उम्र में ही सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। यह नियम आयुर्वेद कॉलेजों पर भी लागू होगा। क्लास रूम और क्लिनिक में मौजूदगी अनिवार्य साथ ही मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्राध्यापक अब नियमित रूप से क्लास लें, ओपीडी में बैठें और छात्रों को मार्गदर्शन दें। इसको लेकर ही नियमों को सख्त करने की तैयारी है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बहाने शिक्षण और मरीजों से दूरी बनाने के बहाने खत्म किए जाएंगे।  बदलेगी डॉक्टरों की कार्यप्रणाली बता दें लंबे समय से कई डॉक्टर ऑफिस वर्क में लगे हुए हैं और उन्होंने क्लास या मरीजों को देखना लगभग बंद कर दिया था। सरकार अब ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर रही है जिन्हें मूल कार्य (टीचिंग और ट्रीटमेंट) में वापस भेजा जाएगा। यह पहल विभागीय जवाबदेही और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से की जा रही है। 

यात्रियों के लिए राहत! इंदौर में ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया ₹10 फिक्स

इंदौर इंदौर में आठ हजार से ज्यादा ई रिक्शा सड़कों पर चल रहे है और रिक्शा चालक मनमाना किराया ले रहे है। इस पर लगाम लगाने की तैयारी अब हो रही है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने ई रिक्शा के किराए को लेकर आदेश जारी किए है। ई रिक्शा चालक दो किलोमीटर तक प्रति यात्री दस रुपये तक किराया ले सकेंगे। दो किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर के लिए पांच रुपये देना होंगे। यह दरें शुक्रवार से लागू की गई है। इससे ज्यादा किराया अब रिक्शा चालक नहीं ले सकते है।  क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने कहा कि ई रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया लेने की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। अब हमने किराया तय किया है। उससे अधिक किराया लेने पर रिक्शा चालकों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने किया कि इंदौर में ई रिक्शा चार या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले संचालित हो रहे है। रुट भी तय नहीं,ट्रैफिक मे भी बाधक  प्रशासन ने ई रिक्शा के रुट तय करने की कवायद भी की थी, लेकिन अभी तक रुट नहीं बनाए गए। इंदौर में कई रुटों पर ई रिक्शा संचालित हो रहे। उनके स्टैंड भी नहीं है। इस कारण वे कही भी खड़े हो जाते है। चौराहों पर लेफ्ट टर्न पर भी कई बार ई रिक्शा खड़े नजर आते है। इंदौर में चार किलोमीटर के 80 से 100 रुपये तक ई रिक्शा चालक किराया वसूलते है। मनमाने किराए को लेकर कई बार यात्रियों के साथ बदसलूकी भी की जाती है। कई ई रिक्शा अटाला बेचने, सब्जी बेचने के उपयोग में भी आ रहे है।    

सागर के खुरई में हरियाली की लहर, एक दिन में 61,700 से ज्यादा पौधे लगाए गए

सागर  खुरई विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एक ही दिन में 61,700 से अधिक पौधे रोपे गए। इस वृहद अभियान में नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी रही, और खुरई मॉडल स्कूल ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समर्थ दादा गुरु महाराज थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने की। इस अवसर पर अकेले खुरई में 10,000 से अधिक पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में भी समारोहपूर्वक पौधारोपण किया गया। अपने संबोधन में समर्थ दादा गुरु महाराज ने कहा, "खुरई में आज सहस्रकोटि यज्ञ की तरह यह अभियान जीवंत हुआ है। श्रावण मास शिव-शक्ति की आराधना का समय है और इस पवित्र अवसर पर 51,000 से अधिक देव वृक्षों की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। वृक्ष ही ऐसे जीव हैं जो माटी, वायु और जल तीनों का संरक्षण कर सकते हैं।" भूपेंद्र सिंह ने घोषणा की कि यह अभियान अब हर साल चलेगा और खुरई में प्रतिवर्ष 50,000 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा, "खुरई पहले ही स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास के मामलों में अग्रणी है, अब हम इसे पर्यावरण संरक्षण का भी मॉडल बनाएंगे।" इस आयोजन ने खुरई को हरित भविष्य की दिशा में एक नई पहचान दी है और स्थानीय लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव भी पैदा किया है।