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सागर के खुरई में हरियाली की लहर, एक दिन में 61,700 से ज्यादा पौधे लगाए गए

सागर  खुरई विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एक ही दिन में 61,700 से अधिक पौधे रोपे गए। इस वृहद अभियान में नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी रही, और खुरई मॉडल स्कूल ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समर्थ दादा गुरु महाराज थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने की। इस अवसर पर अकेले खुरई में 10,000 से अधिक पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में भी समारोहपूर्वक पौधारोपण किया गया। अपने संबोधन में समर्थ दादा गुरु महाराज ने कहा, "खुरई में आज सहस्रकोटि यज्ञ की तरह यह अभियान जीवंत हुआ है। श्रावण मास शिव-शक्ति की आराधना का समय है और इस पवित्र अवसर पर 51,000 से अधिक देव वृक्षों की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। वृक्ष ही ऐसे जीव हैं जो माटी, वायु और जल तीनों का संरक्षण कर सकते हैं।" भूपेंद्र सिंह ने घोषणा की कि यह अभियान अब हर साल चलेगा और खुरई में प्रतिवर्ष 50,000 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा, "खुरई पहले ही स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास के मामलों में अग्रणी है, अब हम इसे पर्यावरण संरक्षण का भी मॉडल बनाएंगे।" इस आयोजन ने खुरई को हरित भविष्य की दिशा में एक नई पहचान दी है और स्थानीय लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव भी पैदा किया है।  

राजधानी भोपाल में नाम बदलने की शुरुआत, ‘राम बाग’ बना अशोका गार्डन, अन्य क्षेत्रों की सूची तैयार

भोपाल  राजधानी शहर के प्रमुख जगहों के नाम बदलकर शहर सरकार 'शुद्धिकरण अभियान' चला रही है। दावा किया जा रहा है कि, अब गुलामी और विदेशी आंक्राताओं के नाम से नहीं, बल्कि भोपाल की पहचान भारतीय संस्कृति के नामों से होगी। इसी के चलते नगर निगम द्वारा हमीदिया कॉलेज, हमीदिया अस्पताल, हबीबगंज के साथ-साथ शहर के कई प्रमुख इलाकों के नाम बदलने के लिए शासन से मांग की है। इसी के तहत मेयर इन काउंसिल (MIC) ने शहर के बड़े और प्रमुख इलाके में शामिल अशोका गार्डन का नाम बदल भी दिया है। इस इलाको को अब 'राम बाग' नाम से जाना जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि, गुलामी और विदेशी आक्रांताओं के नामों को बदलना जरूरी है। भारतीय संस्कृति के नामों से भोपाल को राजा भोजपाल की पहचान मिले। कई सड़कों और संस्थानों के नाम बदलने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शहर सरकार की शक्तियों का उपयोग कर अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग का प्रस्ताव पारित हुआ है। निगम अद्यक्ष ने कहा कि, भोपाल का नवाब रहा हमीदुल्लाह खान के नाम की सड़कों के नाम बदले। भोपाल का हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान में विलय चाहता था। इसलिए ये शुद्धिकरण का अभियान है। विपक्ष के मति में भ्रम और अशुद्धि है।

ग्वालियर से RSS का मिशन समरसता, 150 दलित छात्रों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

ग्वालियर  अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रकल्प विचार प्रवाह एक बड़ी पहल करने जा रहा है। ग्वालियर अंचल में लंबे समय से सामाजिक समरसता और शैक्षणिक जागरूकता को लेकर कार्य कर रहा यह संगठन अब 19 जुलाई से 24 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। यह शिविर शहर के श्याम वाटिका परिसर में होगा जिसमें अजा वर्ग के 150 छात्रों को शामिल किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर में देशभर के विषय विशेषज्ञ छात्रों को तथ्यात्मक इतिहास, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त करने की प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी के गुर सिखाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को समाज में व्याप्त भ्रामक विमर्शों से अवगत कराना और उन्हें सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। शिविर के संयोजक मनीष राजौरिया और संघ की सामाजिक समरसता गतिविधियों के संयोजक सुधीर शर्मा ने बताया कि कुल आठ सत्रों में शिक्षण, सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर विशेषज्ञ बातचीत करेंगे। इसमें प्रोफेसर, डॉक्टर्स, वकील और इंजीनियर जैसे बुद्धिजीवी भाग लेंगे। विचार प्रवाह पिछले तीन वर्षों से ग्वालियर जिले में सक्रिय है और 500 से अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के बुद्धिजीवियों को जोड़ चुका है। संगठन तीन मुख्य कार्यों पर केंद्रित है – सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, अनुसूचित वर्ग से जुड़ी घटनाओं का विश्लेषण करना और उनकी प्रगति के लिए शोध कार्यों को आगे बढ़ाना। ग्वालियर अंचल में जातिगत संगठनों की गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण समाज में राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित विभाजनकारी विमर्श फैलाए जा रहे हैं। ऐसे में विचार प्रवाह का यह प्रयास अजा वर्ग को सनातन विरोधी विचारधाराओं से सचेत करने और सामाजिक एकता को पुनः स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि ग्वालियर में यह प्रयोग सफल रहता है तो संघ इसे गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भी आयोजित करेगा। आगे चलकर यह नवाचार राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।

बालाघाट के जंगलों में गोलियां गूंजीं! सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़

 बालाघाट  बालाघाट से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ जिले के घने जंगलों में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों द्वारा एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों की टीम का सामना नक्सलियों से हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। घटना की पुष्टि करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है और मौके पर अतिरिक्त बलों को रवाना किया गया है। फिलहाल, किसी प्रकार के हताहत या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और मुठभेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। बालाघाट जिले लांजी थाना अंतर्गत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झुलनापाठ के जंगल में शनिवार सुबह माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें कुछ माओवादियों के मारे जाने की सूचना आ रही है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि की है। उन्होंने मुठभेड़ में माओवादियों के मारे जाने की बात से इनकार किया है, लेकिन ये स्पष्ट किया है कि जंगल में मुठभेड़ हुई है और मौके पर हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान तैनात हैं। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मुठभेड़ शनिवार सुबह नौ बजे के आसपास शुरू हुई थी। दो-तीन घंटे के बाद मुठभेड़ रुक गई। फिलहाल सुरक्षा जवान इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं। मुठभेड़ में माओवादी के मारे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी माओवादी का शव नहीं मिला है। इसलिए मुठभेड़ में माओवादी मारे गए हैं या नहीं, ये शव मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा। 14 जून को मारी गईं थीं चार हार्डकोर महिला माओवादी बता दें कि 36 दिन पहले 14 जून को रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया के जंगल में हाकफोर्स के जवानों ने चार हार्डकोर महिला माओवादियों को मार गिराया था। इसके बाद इस महीने हट्टा थाना क्षेत्र के ठाकुरटोला के नैनसिंह धुर्वे को पुलिस ने माओवादियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदेहियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान मौके पर तैनात है। आशंका है कि फायरिंग में कुछ माओवादियों जान बचाकर जंगल में भाग गए हैं। अभी कोई शव बरामद नहीं हुआ है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि कई माओवादियों को इसमें गोली लगी है। सर्चिंग पर निकले थे जवान जानकारी के मुताबिक हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान इलाके में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां मौजूद माओवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दी। बदले में जवानों ने भी डटकर उनका मुकाबला किया, इस दौरान कई माओवादी भागने पर मजबूर हो गए। छत्तीसगढ़ से भागकर आने की आशंका जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ की सीमा के काफी करीब है, आशंका जताई जा रही है कि माओवादी वहीं से भागकर मध्य प्रदेश के बालाघाट में आए हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का एक्शन लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने अगले साल तक देश को माओवाद से मुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग की जा रही है।

अदालत का स्पष्ट संदेश: बीमारी का हवाला देकर ट्रांसफर नहीं टाला जा सकता

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने माध्यमिक शिक्षिका सुनीता यादव की ट्रांसफर रद्द करने संबंधी याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की है कि स्थानांतरण (ट्रांसफर) सेवा का अभिन्न हिस्सा है और जब तक कोई ट्रांसफर दुर्भावनापूर्ण या मनमाना न हो, अदालत उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। क्या है पूरा मामला? शिक्षिका सुनीता यादव का स्थानांतरण 3 अक्टूबर 2024 को इंदरगढ़ के मढीपुरा मिडिल स्कूल से दतिया जिले के रुहेरा हाईस्कूल में किया गया था। उन्होंने इस ट्रांसफर को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। प्रारंभ में कोर्ट ने उन्हें प्रतिवेदन देने का अवसर देते हुए जबरन ज्वॉइन न कराने के निर्देश प्रशासन को दिए थे। लेकिन प्रशासन ने उनका प्रतिवेदन 23 अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षिका ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने याचिका में दो प्रमुख तर्क दिए- 1. मढीपुरा स्कूल में शिक्षकों की कमी है 2. स्वयं स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं कोर्ट ने क्या कहा? हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए प्रारंभिक प्रतिवेदन में कहीं भी स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख नहीं था। साथ ही यह भी पाया गया कि मढीपुरा स्कूल में कुल तीन शिक्षक कार्यरत हैं और उनमें से सुनीता यादव को "सरप्लस" (अतिरिक्त शिक्षक) मानकर ही स्थानांतरण किया गया। ट्रांसफर को बताया सेवा का अभिन्न हिस्सा कोर्ट ने अपने फैसले में दो टूक कहा कि थानांतरण सरकारी सेवा का एक अनिवार्य पहलू है। जब तक कोई स्थानांतरण दुर्भावना से प्रेरित या असंगत न हो, तब तक उसमें न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अब याचिकाकर्ता को कोई नई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, तो वह प्रशासन के समक्ष पुनः आवेदन कर सकती हैं और प्रशासन चाहे तो उन पर विचार कर सकता है।

मौसम विभाग का अलर्ट: MP के 14 जिलों में अगले 24 घंटे में मूसलधार बारिश की आशंका

भोपाल   मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।  आज इन जिलों बाढ़ का खतरा शनिवार को सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन ग्वालियर समेत 16 जिलों में बाढ़ का खतरा है। शिवपुरी में आज भी स्कूलों की छुट्टी रहेगी। जिन जिलों में बाढ़ का खतरा है, उनमें ग्वालियर, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़, अशोकनगर, दतिया, गुना, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा जिले शामिल हैं। यहां शुक्रवार को भारी बारिश का दौर चला। 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश प्रदेश में शुक्रवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश हो गई। वहीं, गुना-ग्वालियर में सवा इंच पानी गिरा। रतलाम में 1.2 इंच, छतरपुर के नौगांव में 1 इंच और दतिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, मऊगंज, रीवा, सतना, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर समेत कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी में बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी शिवपुरी में बारिश के चलते आज नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। छतरपुर में रनगुवां डैम के 12, कुटनी के 7 और लहचूरा डैम के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध के 2 गेट खोले गए। टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर रहा। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बहा। इस वजह से झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया। छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी रही। सिस्टम के कमजोर होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, एक डिप्रेशन भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में अति भारी और भारी बारिश का दौर रहा। शनिवार को कई जिलों में भारी बारिश होगी, लेकिन इसके बाद सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है। बता दें कि इस सीजन में प्रदेश में औसत 20.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। अबकी बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है। 

मौसम ने दिखाया असली रंग: ग्वालियर-चंबल में 29 दिनों में ही पूरी हुई साल की बारिश

ग्वालियर/चंबल   ग्वालियर-चंबलअंचल में इस साल मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है। महज 29 दिनों में पूरे साल का औसत वर्षा कोटा पूरा हो चुका है। अभी तक यहां कुल 706 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि सालाना औसत 700 मिमी का होता है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। गुरुवार रात से लगातार बारिश, शुक्रवार शाम तक 78 मिमी पानी बरसा गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के चलते पूरे अंचल में 78 मिमी (करीब तीन इंच)वर्षा दर्ज हुई। कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। तिघरा डैम के गेट खोले गए, गांवों को किया गया अलर्ट बारिश के चलते तिघरा डैम(Tigra dam gates open) में जलस्तर बढ़कर 738.20 फीट तक पहुंच गया। शुक्रवार दोपहर 1 बजे डैम के गेट खोल दिए गए। इस दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान और जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार मौजूद रहे। गेट खोलने से पहले सायरन बजाया गया और नदी किनारे स्थित महीदपुर गांव के निवासियों को सतर्क किया गया। साथ ही पुल पर बहते पानी के कारण ट्रैफिक रोका गया और प्रकाश, सूचनात्मक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। आगामी 24 घंटे में ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। 

इंदौर नगर निगम का बड़ा फैसला: 7,500 सफाई कर्मचारियों को मिलेगी स्वास्थ्य सहायता

 इंदौर  आठवें वर्ष इंदौर को स्वच्छता में सिरमौर बनाने वाले सफाईकर्मियों को वेतनवृद्धि का उपहार मिला है। स्वच्छता के लिए पसीना बहाने वाले सफाई मित्रों को हर माह एक हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। स्वच्छता की ट्राफी लेकर दिल्ली से इंदौर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह घोषणा की। नगर निगम इंदौर से जुड़े सभी 7500 सफाई कर्मियों को पुरस्कार के रूप में यह अतिरिक्त राशि वेतन के साथ दी जाएगी। स्वास्थ्य मद में राशि प्रदान की जाएगी ताकि शहर को साफ रखने वाले कर्मचारी स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए इस राशि को खर्च कर सकें। आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर घोषित होने के बाद शुक्रवार को नगर निगम की टीम इंदौर लौटी तो राजवाड़ा से छप्पन दुकान तक जश्न मनता दिखा। स्वच्छतम शहर के नववर्ष प्रवेश को यादगार बनाते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई मित्रों को स्वास्थ्य सुरक्षा के रूप में वेतनवृद्धि का उपहार देने की घोषणा कर दी। जीत का साफा बांधे महापौर व जनप्रतिनिधियों ने राजवाड़ा पर देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर महापौर ने ऐलान किया कि निगम के सफाई मित्रों को एक हजार रुपये प्रति माह स्वास्थ्य मद में दिए जाएंगे। स्वच्छता के लिए जोखिम, इसलिए ईनाम स्वच्छता के लिए जुटने वाले निगम के सफाई कर्मी सीवेज, ड्रेनेज से लेकर ठोस अपशिष्ट के बीच काम करते हैं। ऐसे में शहर को सफाई देने वाले इन कर्मचारियों को हमेशा संक्रमण और बीमारियों के जोखिम के बीच काम करना पड़ता है। इससे पहले इंदौर ने जब भी स्वच्छता के पुरस्कार को हासिल किया तो सफाईकर्मियों को बोनस देने जैसी घोषणाएं हुईं। अब जब इंदौर स्वच्छता सुपरलीग का चैंपियन बना तो पहली बार उनके स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए प्रति माह वेतन के साथ स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अतिरिक्त राशि देने की पहल नगर निगम ने की है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जल्द से जल्द सफाई मित्रों को उनके वेतन के साथ स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अतिरिक्त रूप से यह राशि मिलने लगेगी, घोषणा कर दी है तो इसमें किसी तरह का संशय नहीं है। अतिरिक्त भुगतान को लेकर नगर निगम और शासन स्तर पर औपचारिकताएं और आवश्यक प्रक्रिया जल्द ही कर ली जाएंगी। प्रतिस्पर्धा कठिन थी, इस बार थे 4,775 निकाय शुक्रवार सुबह दिल्ली से स्वच्छता का पुरस्कार लेकर लौटे महापौर के साथ निगमायुक्त शिवम वर्मा का विमानतल पर ही स्वागत हुआ। विमानतल के बाहर महिला सफाई मित्र ढोल की थाप पर झूमती नजर आईं। विजय रथ में सवार होकर महापौर ने स्वच्छता की सुनहरी ट्राफी थामी और जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ स्वच्छता का काफिला राजवाड़ा पर पहुंचा। यहां आयोजित समारोह की अग्रिम पंक्ति में सफाई मित्रों को बैठाया गया। महापौर भार्गव ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के शुरुआती वर्ष में 77 नगरीय निकायों ने प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया था। अब स्पर्धा में शामिल निकायों की संख्या बढ़कर 4775 के पार पहुंच गई। ऐसे में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और प्रतियोगिता कड़ी हो गई थी। इसमें न केवल इंदौर ने परचम लहराया बल्कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के साथ प्रदेश के आठ शहर सर्वेक्षण में उच्च स्थान पर आए। वाराणसी में सफाई की जिम्मेदारी उठाएगा इंदौर इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, मधु वर्मा के साथ पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, निगम सभापति मुन्नालाल यादव व महापौर परिषद के सदस्यों ने भी अहिल्या प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सांसद लालवानी ने इंदौर को बधाई दी तो भाजपा अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि इंदौर अपने शहर के साथ ही अब वाराणसी जैसी पवित्र नगरी की भी सफाई की जिम्मेदारी उठाएगा। यह हमारे लिए गौरव की बात है। आयुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि निगम के सफाई मित्रों व स्वच्छता टीम के प्रयासों से इंदौर ने सफलता हासिल की है। देर शाम स्वच्छ शहर का उल्लास छप्पन दुकान पर भी नजर आया। महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छप्पन पर जमकर आतिशबाजी की गई। स्वच्छता मुहिम में आगे बढ़कर डिस्पोजेबल फ्री बनने वाले छप्पन दुकान के व्यापारी-दुकानदारों ने भी स्वच्छता के जश्न में मिठाई बांटकर भागीदारी की।

स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर भोपालवासियों को बधाई:-रविंद्र यति

भोपाल  भोपाल नगर निगम के एमआईसी मेंबर एवं भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति ने बताया कि देश के सबसे स्वच्छ शहरों में भोपाल को द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर महापौर श्रीमती मालती राय, स्वच्छता एव ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग के महापौर परिषद् सदस्य श्री आर.के.सिंह बघेल, पार्षदगण, समस्त कार्यकर्ता,नगर निगम के समस्त  कर्मचारीयों व भोपालवासियों को बधाई दी है।  श्री रविंद्र यति ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकास को लगातार गति मिल रही है। मध्य प्रदेश के शहर लगातार स्वच्छता में अपना स्थान बनाए हुए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण मैं भोपाल को द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा भोपाल नगर को सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नगर निगम कमिश्नर श्री हरेंद्र नारायण, डिप्टी कमिश्नर श्री चंचलेश गिरहर, श्री उदित  गर्ग, एमआईसी मेंबर श्री आरके सिंह बघेल उपस्थित थे।

आस्वस्थ लोकतंत्र सैनानी के स्वास्थ की जानकारी लेने पहुचे विधायक पहुचे, स्वास्थ की ली जानकारी,परिजनों से की चर्चा

आष्टा  मध्य प्रदेश के आष्टा नगर के लोकतंत्र सैनानी मीसाबंदी श्री लीलाधर वशिष्ठ विगत कुछ दिनों से आस्वस्थ है इसकी जानकारी मिलने पर आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर मीसाबंदी श्री लीलाधर वशिष्ठ के सांई कालोनी स्तिथ निवास पर पहुचे एवं उनसे भेंट कर उनसे चर्चा कर स्वास्थ की जानकारी ली एवं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की । विधायक ने वशिष्ठ परिवार के सदस्यो से भी चर्चा कर विस्तृत जानकारी ली एवं हर तरह के सहयोग का आश्वाशन दिया । इस अवसर पर जिला भाजपा के मीडिया प्रभारी सुशील संचेती,नगर महामंत्री धनरुपमल जैन,पार्षद प्रतिनिधि कल्लु मुकाती, वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर भोजवानी, जितेंद्र सोनी,बूथ समिति के अध्यक्ष सुरेश परमार,भगवती सोनी,पूर्व पार्षद आनन्द जैन आदि साथ थे ।