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सोमवार से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र, सुरक्षा नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, लाल-पीली-नीली बत्ती वाले वाहन बैन

भोपाल  विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले ही विधानसभा परिसर को सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। विधानसभा सचिवालय के फैसले के चलते शनिवार को यहां नियमित कामकाज बंद रहा। केवल सुरक्षा प्रबंधों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।  धरना-प्रदर्शन पर सख्ती, परिसर में सीमित एंट्री इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन को लेकर भी सियासी गर्माहट देखने को मिल रही है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने विधायकों द्वारा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है। अब एंट्री को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। शनिवार को गेट नंबर 3 पर दिनभर पुलिस वाहनों की आवाजाही और अधिकारियों की रिहर्सल चलती रही, जबकि गेट नंबर 1, 2, 4 और 5 को बंद रखा गया। मीडिया और अन्य कार्यालय भी रहे बंद इस बार सत्र से पहले मीडिया कार्यालय शनिवार को बंद रहा, जो आमतौर पर खुला रहता है। इसके कारण पास बनवाने पहुंचे पत्रकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्हें बताया गया कि पास वितरण रविवार दोपहर से शुरू होगा। यही स्थिति अन्य समितियों से संबंधित कार्यालयों की भी रही। विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए नए नियम     किसी भी वाहन में लाल, पीली या नीली बत्ती (फ्लैश लाइट) नहीं लगी होनी चाहिए। हूटर लगे वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     केवल उन्हीं एलपीजी और सीएनजी वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें आरटीओ से अनुमति प्राप्त है।     बिना नंबर या अनधिकृत गैस चालित वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     प्राइवेट ऑटो रिक्शा को सत्र के दौरान परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     विधायकों की ड्यूटी में लगे अंगरक्षकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।     भारी हथियारों से लैस अंगरक्षक भी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     वैध पास धारक अंगरक्षकों और सहायकों के बैठने की व्यवस्था नए शेड में की गई है।     विशेष आगंतुक और मंत्रियों को गेट नंबर 1 या 3 से प्रवेश मिलेगा।     विधानसभा अध्यक्ष गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे और गेट नंबर 3 से बाहर निकलेंगे।     विधायक और अधिकारी भी गेट नंबर 1 से प्रवेश और गेट नंबर 3 से निकास करेंगे।     पत्रकारों और दोपहिया वाहन पासधारकों को गेट नंबर 5 से प्रवेश और निकास की अनुमति दी गई है।  

कारगिल विजय दिवस, देशवासियों के लिए है गौरव का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।  

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल ‍शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इन विद्यालयों ने न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बम्होरीकला में नि:शुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी को भर्ती अभियान से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम के मंदिर में चबूतरा निर्माण के लिये दो लाख 50 हजार रूपये देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती मुमताज खान को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उल्लेखनीय सेवा के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

नियुक्तियों में राहत: MP के हजारों कर्मचारियों को मिलेगा स्थायी पद और बढ़ा हुआ वेतन

भोपाल   नगर निगम में कार्यरत 7.50 हजार से अधिक कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से पदोन्नति और नियमितीकरण का इंतजार कर रहे इन कर्मचारियों जल्द ही नियमित किया जाएगा।  नगर निगम परिषद की बैठक में महापौर मालती राय ने यह घोषणा की। आयुक्त बनाएंगे सूची भोपाल महापौर ने आयुक्त को विभिन्न स्तर के वरिष्ठ कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा है। इससे दैनिक वेतन भोगी, अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल, उच्च कुशल, 89 दिवसीय और विनियमित कर्मचारियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर लाभ मिलेगा। इनमें से कुछ को नियमित भी किया जाएगा। इन कर्मचारियों को लाभ ● स्थायी नौकरी की सुरक्षा ● वेतन वृद्धि और पदोन्नति के अवसर ● चिकित्सा सुविधाएं ● कई तरह के भत्ते ● अवकाश सुविधा नियमितीकरण से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी। साथ ही निगम के कामकाज में अधिक दक्षता आएगी।कर्मचारियों को बेहतर अवसर मिलने से वे और अधिक समर्पण के साथ कार्य कर सकेंगे। जिसका सीधा लाभ शहर के नागरिकों को मिलेगा।-मालती राय, मेयर इन मुद्दों पर हंगामा बैठक में नगर निगम आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने को लेकर भाजपा पार्षद पप्पू विलास राव धरने पर बैठ गए। नाम परिवर्तन प्रस्ताव पर चर्चा पर भाजपा पार्षद ने नवाब हमीदुल्लाह को गद्दार कहा। इस पर हंगामा हुआ। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। हंगामे पर अध्यक्ष ने कहा कि सत्य को स्वीकारना ही होगा। नाराज कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे पर आसंदी का घेराव करने पहुंच गए। बाद में सदन को स्थगित कर दिया गया। ये प्रस्ताव बहुमत से पारित ● महाशिवरात्रि के दिन मांस दुकानें बंद रहेंगी ● ८० फीट रोड चौराहे का नाम विवेकानंद चौक ● हमीदिया अस्पताल-कॉलेज-स्कूल का नाम पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर ● बीयू, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी, प्रेमपुरा में 25 करोड़ से विसर्जन कुंड ● वार्ड विकास कार्य की फाइल पर दो माह के अंदर टेंडर और वर्कऑर्डर जारी होगा ● शालीमार, मेरीगोल्ड मैरिज गार्डन और 24 दुकानों के निर्माण की जांच होगी ● अवैध पार्किंग स्थलों को दोबारा सर्वे कर चिन्हिंत किया जाएगा ● 8 हजार सफाई कर्मियों को यूनिफार्म, रेनकोट, हेल्थ चेकअप होगा जनता के मुद्दे एजेंडे से गायब शबिस्ता जकी ने कहा कि हमने एजेंडा आने से पहले शहर की सडक़, सीवेज, जल भराव, खराब सड़क जैसी जनता की समस्याओं पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। ये मुद्दे एजेंडे से नदारद हैं। वीआईपी रोड किनारे चौपाटी बनाने का मुद्दा कांग्रेस के पार्षद अजीज उद्दीन ने उठाया। पार्षद अजीजउद्दीन ने अफसरों द्वारा फोन नहीं उठाने पर भी आपत्ति ली। कांग्रेस पार्षद शिरीन ने कहा जन्म-मृत्यु अधिकारी सत्यप्रकाश बड़वैया प्रभारी अधिकारी हैं। उन पर गोविंदपुरा थाने में प्रकरण दर्ज है। योगेंद्र ने पूछा कि क्या एनजीटी की गाइडलाइन के हिसाब से ही कुंड बनाए जा रहे हैं। यति ने कहा सभी अनुमतियां हैं।

EOW का शिकंजा: विधायक संजय पाठक की कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू, मामला दर्ज

भोपाल  सहारा समूह की 310 एकड़ बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त में 72.82 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। हैरानी यह है कि 310 एकड़ जमीन का बाजार मूल्य करीब 1000 करोड़ था। उसे पहले 90 करोड़ रुपए में बेचा। इसमें भी 72.82 करोड़ का गबन ही कर लिया गया। इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को एफआइआर दर्ज की है।  जनवरी से अबतक 6 माह में जमीनों के खरीदार और विक्रेता पक्ष से सवाल-जवाब करने के बाद ईओडब्ल्यू ने सहारा के तीन प्रमुख अधिकारियों सहारा प्रमुख सुब्रता रॉय के भाई जेबी रॉय, बेटे सीमांतो रॉय और ओपी श्रीवास्तव समेत अन्य पर केस दर्ज किया है। बता दें, चे जमीनें बिजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक (bjp mla sanjay pathak) के परिवार की शेयर होल्डिंग कंपनियों के जरिए खरीदी गई है। बताते है, इस एफआइआर के बाद विधायक पाठक की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। कौन है तीनों आरोपी     सीमांतो रॉय, कॉर्पोरेट कंट्रोल मैनेजमेंटसहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के बेटे हैं। जबलपुर और कटनी के जमीन सौदे के निर्णय में सीधे तौर पर शामिल थे।     जेबी रॉय डिप्टी मैनेजिंग वर्करसहारा प्रमुख के भाई हैं। भोपाल की जमीन सौदे में सक्रिय भूमिका थी। लंबे समय से विदेश में हैं।     ओपी श्रीवास्तव डिप्टी मैनेजिंग वर्करसहारा के लैंड डिविजन के प्रमुख हैं। इसलिए जमीनों की खरीद-फरोख्त के मसले में आरोपी बनाया गया। हैरान कर देने वाला विचित्र घोटाला सहारा समूह की भोपाल, सागर, जबलपुर, कटनी और ग्वालियर स्थित जमीनों में गबन किया गया है। ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा हुआ है कि भोपाल और सागर में सहारा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया। नियमानुसार, जमीन बेचने के बाद पूरी राशि सहारा और सेबी के संयुक्त खाते में जमा करना था। लेकिन 48 करोड़ में जमीन बेचने के बाद भी एक पैसा जमा नहीं किया। जबलपुर और कटनी में भूमि विकास व्यय और विविध शासकीय व्यय के नाम पर 9.6 करोड़ से अधिक राशि काट ली गई। ग्वालियर में भी 1.22 करोड़ की राशि काटकर गबन किया गया। विधायक संजय पाठक की पारिवारिक फर्मों ने किया सौदा सहारा की 310 एकड़ जमीन कौड़ी के भाव विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिकर की फर्मों से किया। भोपाल में 110 एकड़ जमीन पाठक की पारिवारिक कर्म सिनाप रियल एस्टेट प्रालि को बेची। फर्म में विधायक की मां निर्मला पाठक और बेटे यश पातक की 50-50% शेयर हैं। कटनी और जबलपुर में सहारा की करीब 200 एकड़ जमीन थी। इसका सौदा भी मेसर्स नामसा देवबिल्ड प्राप्ति से किया। इस फर्म में भी निर्मला पाठक और यश 50 50% के शेयर होल्डर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये आदेश सहारा को जमीनों की बिकी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 11 जुलाई 2016 को स्पष्ह निर्देश जामी इलाके अनुसार, सहामा की संपति की बिक्री की राशि सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट में उमा करनी थी। ताकि सहारा के निवेशकों का लौटाया जा सके। इसी आदेश का उल्लघन किया गया।

IPS और SPS अधिकारियों के तबादले, नई सूची के साथ पदस्थापना आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश (IPS Transfer Order) जारी किये हैं इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के भी तबादला आदेश जारी किये हैं, शासन ने ट्रांसफर किये अधिकारियों को निर्देश दिए हैं वे शीघ्र अपनी पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करें पुलिस अधिकारियों के तबादलों के आदेश गृह विभाग मध्य प्रदेश और पुलिस मुख्यालय भोपाल ने जारी किये हैं, गृह विभाग ने दी IPS अधिकारियों को इधर से उधर किया है वहीं पुलिस मुख्यालय ने दो निरीक्षकों के तबादला आदेश जरी किये हैं उन्हें एक जिले से दूसरे जिले में पदस्थ किया है। गृह विभाग ने IPS श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया को सेनानी 15वीं वाहिनी SAF इंदौर से हटाकर एसपी देहात इंदौर पदस्थ किया है वहीं इंदौर देहात एसपी श्रीमती हितिका वासल को 15वीं वाहिनीं SAF का सेनानी बनाया है। दो पुलिस इंस्पेक्टर्स के तबादले  उधर पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश जारी कर दो निरीक्षकों के तबादले किये हैं, PHQ द्वारा जारी आदेश के तहत निरीक्षक कुशल सिंह रावत को उज्जैन से बड़वानी भेजा गया है वहीं धार में पदस्थ निरीक्षक संतोष कुमार दुधी को इंदौर (शहर) पदस्थ किया है।

भोपाल में सक्रिय ‘लव-ड्रग्स जिहाद’ नेटवर्क! पीड़िता के बयान से खुली कई परतें, कहा- सबको खुश करो

भोपाल भाजपा नेता शरीफ मछली का भजीता व शफीक मछली का बेटा यासीन अहमद (मछली) और उसका चाचा शाहवर मध्य प्रदेश की राजधनी भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी का बहुत बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। यासीन मछली भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन के बाहर एक बड़े काम्प्लेक्स में स्थित दो पबों में डीजे का कार्य करता था। इसी की आड़ में दोनों पबों में ड्रग्स का धंधा चलाया जा रहा था। पब में पार्टियों में आने वाले युवकों, खासकर हाईप्रोफाइल युवतियों को फ्री में नशा देकर आदी बनाया जाता था। बाद में नशे के बदले या फिर बेहोशी की हालत में इन युवतियों के साथ दुष्कर्म करता था। यासीन के मोबाइल में मिले  वीडियो में इसके सबूत भी पुलिस को मिले हैं। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यासीन मुंबई ही नहीं, राजस्थान और पंजाब से भी चरस और एमडी ड्रग्स भोपाल लाकर हाईप्रोफाइल पार्टियों में खपाता था। बता दें कि भोपाल पुलिस ड्रग्स तस्करी के आरोपी शाहवर को मामले की जांच के लिए राजस्थान लेकर गई थी, जहां ड्रग्स तस्करी से जुड़े कुछ सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। ऐसे में पूछताछ के लिए पुलिस ने शाहवर को दो दिन की रिमांड पर फिर लिया है। नए सबूतों को लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। ड्रग्स और लव जिहाद केस में यासीन अहमद के चाचा और शहर के बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली भी फंसता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से कराई फायरिंग यासीन अहमद उर्फ मछली के मोबाइल में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का वीडियो भी पुलिस को मिला है, जो यासीन के बुलावे पर भोपाल में पार्टी करने आया था। वह मछली के हथाईखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर रुका था, इस दौरान उसने वहां पर फायरिंग भी की थी। पुलिस आरोपी शाहवर और यासीन की निशानदेही पर आधा दर्जन से अधिक ड्रग पैडलरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। क्लब-90 का मैनेजर, संचालक मोहित बघेल और गौरव चौहान भी पुलिस हिरासत में है, पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है। यासीन ने बंधक बनाकर युवक को पीटा  ड्रग्स तस्करी के आरोप में भोपाल क्राइम ब्रांच की रिमांड पर चल रहे यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ तलैया थाने में एक युवक ने शिकायत की है। शिकायत में युवक ने कहा कि यासीन मछली और उसके गुर्गों ने उसका अपहरण कर उसे बंधक बनाकर बुरी तरह मारपीट की थी। आरोपियों के डर के कारण अभी तक शिकायत नहीं की थी। यह मामला पुराना है, पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक प्रकरण दर्ज नहीं किया है। सारिक के गुर्गे ने युवती से क्लब-90 में किया दुष्कर्म, बनाया धर्म परिवर्तन का दबाव इस ड्रग्स और लव जिहाद केस में यासीन अहमद के चाचा और शहर के बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली भी उलझता जा रहा है। बागसेवनिया थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने पिपलानी थाने में दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने को लेकर शिकायत की जिसमें सारिक पर गंभीर आरोप हैं। युवती का कहना है कि सारिक मछली का गुर्गा दिव्यांश अहिरवार मुझसे मैनिट का स्टूडेंट बनकर कोचिंग में मिला और फिर दोस्ती की। आरोपी दिव्यांश अहिरवार टीआईटी कॉलेज का छात्र है। जून महीने में वह मुझे घर छोड़ने के बहाने अपने साथ ले गया और क्लब-90 में ले जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। उसने क्लब-90 में एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसका नाम उसने सारिक मछली बताया। उसने एक और व्यक्ति से मिलवाया, जिसका परिचय क्लब के मैनेजर मोहित बघेल के रूप में कराया। इसके बाद आरोपी दिव्यांश ने युवती पर दबाव बनाया कि वह सारिक मछली और उसके गुर्गों के साथ दोस्ती करे, उनको खुश करे। दिव्यांश ने यह भी कहा कि मैं और मेरे जैसे कई युवक सारिक भाई के लिए काम करते हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए लिखित बयान में कहा है कि सारिक मछली के कहने पर ही पिपलानी थाना पुलिस ने मेरी शिकायत पर दिव्यांश के खिलाफ पहले दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं किया था। बाद में कोरे कागज में मेरे हस्ताक्षर कराकर अपने हिसाब से एफआईआर दर्ज करा दी, ताकि दिव्यांश को जल्दी जमानत मिल जाए। युवती ने आरोप लगाया कि सारिक मछली के गुर्गों ने कई युवतियों के साथ ऐसा किया। युवती का अश्लील वीडियो वायरल किया पीड़ित युवती ने पिपलानी पुलिस को दिए लिखित बयान में बताया है कि दिव्यांश के साथ आधा दर्जन लोग और हैं जो सारिक मछली के लिए काम करते हैं। वह सब मिलकर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हैं और फिर उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाते हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दिव्यांश ने उसे रामकृपाल मेहरा, अविनाश आनंद, मोहिल बघेल, साहिल और कई मुस्लिम लड़कों से मिलावाया था। उसने मेरा अश्लील वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया, इसके बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया था।  मोबाइल और पैन ड्राइव में वीडियो, नमाज पढ़ने का दबाव  पीड़ित युवती ने पिपलानी थाने में दिए लिखित बयान में कहा है कि दिव्यांश कुछ दिनों के लिए जेल गया, इस बीच मेरे अश्लील वीडियो प्रियांशी कुश्वाह नाम की युवती ने सोशल मीडिया में अपलोड किए। इसका मतलब है कि दिव्यांश ने मेरे निर्वस्त्र वीडियो कई लोगों को बांटे हैं। पीड़िता का आरोप है कि दिव्यांश के मोबाइल और पैन ड्राइव में मेरी जैसी कई हिंदू युवतियों के अश्लील वीडियो, वीडियो और शारीरिक शोषण के दरिंदगी भरे वीडियो बनाकर रखे हैं। उनका वह समय-समय पर दुरुपयोग करता है। पीड़िता का आरोप है कि दिव्यांश कहता था कि वह यह सब सारिक मछली के कहने पर ही करता है। दिव्यांश नमाज पढ़ता है और मुझे पर भी नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाता था। ऐसा नहीं करने पर उसने मेरे साथ मारपीट भी की। वह हिंदू युवतियों का शारीरिक शोषण कर उन्हें जाल में फंसाकर सारिक मछली और उनके गुर्गों से दोस्ती करता है। बाद में उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जाता था।  

जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक BJP दफ्तरों में नई व्यवस्था लागू, प्रदेशाध्यक्ष की तय हुई मिलने की तिथियां

भोपाल  मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। अब भोपाल स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में हर दिन एक मंत्री की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। इस दौरान संबंधित मंत्री प्रदेश कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकार का पक्ष भी प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट करेंगे। इसलिए उठाया ये कदम पार्टी के इस फैसले से न केवल कार्यालय में मंत्रियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी, बल्कि संगठन की जमीन पर सक्रियता भी बढ़ेगी।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने खुद सप्ताह में दो दिन सोमवार और मंगलवार प्रदेश कार्यालय में बैठने का शेड्यूल तय किया है। जिसमें वे कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और जनता की शिकायतों पर सीधे फीडबैक लेंगे। बुधवार से लेकर रविवार तक प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल जिलों के प्रवास, बैठकें और पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष से भेंट-मुलाकात का दिन तय होने से प्रदेश कार्यालय में रोजाना नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लगने वाली भीड़ कम होगी। जिला कार्यालयों में भी व्यवस्था बदलेगी बीजेपी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिला अध्यक्षों से कहा है कि वे कार्यालय में सातों दिन न बैठें। दो दिन जिला कार्यालय पर रहने के लिए तय करें और बाकी दिनों में जिले में आने वाले मंडलों और विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास के कार्यक्रम बनाएं। जिला कार्यालयों पर मिलेंगे विधायक, सांसद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों को ये सलाह दी है कि वे विधायकों, सांसदों से चर्चा करके उनके साथ जिला कार्यालय पर बैठें। इससे कार्यकर्ताओं और आम जनता में अच्छा संदेश जाएगा। शनिवार-रविवार के दिन विधायकों, सांसदों को अपने जिले के भाजपा कार्यालय पर बैठकर कार्यकर्ताओं और आम जनता से मेल मुलाकात करने की सलाह है। प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे मंत्री भोपाल में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में राज्य सरकार के एक मंत्री को रोज बैठने की व्यवस्था पर मंथन चल रहा है। राज्य सरकार के मंत्री पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।शिकायती आवेदनों को संबंधित विभागों में भेजकर निराकरण कराएंगे। इससे कार्यकर्ताओं की मंत्रियों से सहज मुलाकात भी हो सकेगी और समस्याएं भी आसानी से सुलझ जाएंगी। भोपाल ऑफिस के चक्कर लगाने वालों को दी नसीहत हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कहा था कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो मुझे सातों दिन यहीं (प्रदेश भाजपा कार्यालय) में दिखते हैं। जिसको जहां दायित्व मिला है उन्हें वहां समय देना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश कार्यालय में रोजाना चक्कर लगाने वाले नेताओं का आना कम हो गया है। कार्यकर्ता और जनता के लिए बनेगा संवाद का मंच इस नई व्यवस्था से प्रदेश कार्यालय कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ मंच बन जाएगा। जो कार्यकर्ता या आमजन अपनी बात सरकार तक सीधे पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें अब मंत्रियों से मिलने के लिए इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं होगी। तय दिन पर वे सीधे कार्यालय पहुंचकर संवाद कर सकेंगे। संगठन-सरकार का तालमेल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहले ही कार्यकर्ताओं को सलाह दे चुके हैं कि वे भोपाल में अनावश्यक समय न बिताएं और अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। अब जब मंत्री खुद राजधानी के प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठेंगे, तो कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी। जल्द लागू होगी व्यवस्था यह नई प्रणाली जल्द ही अमल में लाई जाएगी, जिससे प्रदेश कार्यालय में नेताओं की उपस्थिति, जनता से सीधा संवाद और संगठन के स्तर पर स्पष्टता तीनों ही पहलुओं को एक नई धार मिलेगी। भाजपा इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा और सकारात्मक कदम मान रही है। मुख्य बिंदु     प्रदेश भाजपा कार्यालय भोपाल में हर दिन एक मंत्री की ड्यूटी अनिवार्य।     मंत्री जनता से संवाद करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे।     प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सोमवार और मंगलवार को स्वयं बैठेंगे।     जन-संगठन संवाद को मजबूत करने की दिशा में यह एक नई पहल।     जल्द ही नई व्यवस्था लागू होने की संभावना।

लव जिहाद मामले में फरार कांग्रेस नेता पर इनाम हुआ दोगुना, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इंदौर  इंदौर पुलिस ने एक कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि दोगुनी कर दी है. वह 'लव जिहाद' के लिए पैसे मुहैया कराने के मामले में एक महीने से फरार है.   एसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. अगर पार्षद को आने वाले दिनों में गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. दरअसल, शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने बीते जून में पुलिस के सामने कबूल किया था कि कांग्रेस पार्षद कादरी ने उन्हें लड़कियों को प्रेम संबंधों में लाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने के लिए 3 लाख रुपये दिए थे. यह पैसा लड़कियों पर खर्च किया गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेख और शाह दोनों को दो लड़कियों द्वारा लगाए गए रेप और अन्य आरोपों से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने कादरी पर पैसे के बल पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया है. कादरी, जिसके खिलाफ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, तब से फरार है. उसके भूमिगत होने के बाद, जिला प्रशासन ने कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कादरी की गिरफ्तारी का आदेश दिया.

विधानसभा में नारेबाजी और विरोध अब बैन, कांग्रेस बोली – लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है जिसका कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. इस आदेश के तहत, विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार की नारेबाजी या प्रदर्शन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह रोक विधान सभा अध्यक्ष द्वारा संविधान के अनुच्छेद 94(2) के अंतर्गत लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि विधायकों द्वारा परिसर में प्रदर्शन, नारेबाजी या किसी प्रकार की भीड़भाड़ वाली गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. यह निर्णय सत्र के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है. हालांकि, इस निर्णय को लेकर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस ने किया फैसले का विरोध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आदेश को सरकार के दबाव में उठाया गया कदम बताया है. उन्होंने कहा, 'विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के दबाव में आकर यह आदेश जारी किया है. विपक्ष बार-बार मांग कर रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही को लाइव किया जाए ताकि जनता देख सके कि सदन में उनके मुद्दों को किस तरह उठाया जाता है लेकिन सरकार और अध्यक्ष दोनों ही लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने में लगे हैं.' कांग्रेस ने बताया संविधान का उल्लंघन सिंघार ने आगे कहा कि, 'यह संविधान की धारा 194 का उल्लंघन है, जो विधायकों को विशेषाधिकार देती है कि वो जनता के मुद्दे सदन में उठा सकें. प्रदर्शन, नारेबाजी और सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन सरकार इन सभी माध्यमों को नियंत्रित कर विपक्ष की आवाज़ को दबाना चाहती है.' कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश का खुलकर विरोध करेगी और पूर्व की भांति आगामी सत्र में भी जोर-शोर से जनहित के मुद्दे उठाएगी. कांग्रेस ने इस प्रतिबंध को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला निर्णय बताया है.