samacharsecretary.com

विधानसभा में नारेबाजी और विरोध अब बैन, कांग्रेस बोली – लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है जिसका कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. इस आदेश के तहत, विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार की नारेबाजी या प्रदर्शन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह रोक विधान सभा अध्यक्ष द्वारा संविधान के अनुच्छेद 94(2) के अंतर्गत लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि विधायकों द्वारा परिसर में प्रदर्शन, नारेबाजी या किसी प्रकार की भीड़भाड़ वाली गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. यह निर्णय सत्र के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है. हालांकि, इस निर्णय को लेकर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस ने किया फैसले का विरोध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आदेश को सरकार के दबाव में उठाया गया कदम बताया है. उन्होंने कहा, 'विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के दबाव में आकर यह आदेश जारी किया है. विपक्ष बार-बार मांग कर रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही को लाइव किया जाए ताकि जनता देख सके कि सदन में उनके मुद्दों को किस तरह उठाया जाता है लेकिन सरकार और अध्यक्ष दोनों ही लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने में लगे हैं.' कांग्रेस ने बताया संविधान का उल्लंघन सिंघार ने आगे कहा कि, 'यह संविधान की धारा 194 का उल्लंघन है, जो विधायकों को विशेषाधिकार देती है कि वो जनता के मुद्दे सदन में उठा सकें. प्रदर्शन, नारेबाजी और सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन सरकार इन सभी माध्यमों को नियंत्रित कर विपक्ष की आवाज़ को दबाना चाहती है.' कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश का खुलकर विरोध करेगी और पूर्व की भांति आगामी सत्र में भी जोर-शोर से जनहित के मुद्दे उठाएगी. कांग्रेस ने इस प्रतिबंध को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला निर्णय बताया है.

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more

मध्यप्रदेश में कुपोषण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कलेक्टरों से मांगा जिलावार विवरण

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में कुपोषण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 54 जिलों के कलेक्टरों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका अधिवक्ता दीपांकर सिंह द्वारा दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मिड डे मील, आंगनवाड़ी और मातृत्व लाभ जैसी योजनाएं कागजी साबित हो रही हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में भारी अंतर है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21, 39, 45 और 47 का हवाला देते हुए इन योजनाओं को संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। याचिका में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए फर्जी पंजीकरण, कम उपस्थिति और आपूर्ति में अनियमितताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

सीएम डॉ. यादव ने कहा – कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का पर्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।  

सनसनी: सागर जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य मृत मिले, जांच में जुटी पुलिस

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां टीहर गांव में खेत में बने एक मकान में रह रहे परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान मनोहर सिंह लोधी, उनकी मां फूलरानी लोधी (70), बेटी शिवानी (18) और बेटा अनिकेत (16) के रूप में हुई है। फूलरानी और अनिकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवानी ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मनोहर सिंह को गंभीर हालत में सागर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मनोहर सिंह अपनी मां और दो बच्चों के साथ गांव से दूर खेत में बने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी कुछ दिन पहले अपने मायके गई हुई थी। घटना के समय घर में केवल चारों ही मौजूद थे। बड़े भाई को मिली घटना की जानकारी घटना की जानकारी सबसे पहले मनोहर के बड़े भाई को मिली, जिन्होंने बताया कि मकान के ऊपर रहने वाले एक भाई को नीचे से उल्टी करने की आवाजें सुनाई दीं। जब उसने जाकर देखा, तो हालत गंभीर लगी और तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी गई। खुरई सिविल अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर वर्षा केशरवानी ने बताया कि बीती रात चार लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से दो पहले से मृत थे, जबकि एक युवती और उसके पिता की हालत नाजुक थी। शिवानी की अस्पताल में ही मौत हो गई, और मनोहर सिंह ने सागर ले जाते समय एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। पुलिस की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवाया गया। खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि घटना किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई जानना चाहता है कि एक ही परिवार के चार लोगों की जान आखिर कैसे चली गई। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ही परिवार के चार लोगों ने की आत्महत्या, दादी, पिता और दो बच्चों की मौत, मां मायके गई थी. सागर  में शुक्रवार देर रात एक ही परिवार के चार लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पिता, बेटा-बेटी और दादी की मौत हो गई। पुलिस आत्महत्या के कारण जानने का प्रयास कर रही है।  एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के सागर जिले के टीहर गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात को घटी, घर की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले भाई को उल्टियां करने की आवाज आई तो वह नीचे आए, इस दौरान उन्हें इसकी जानकारी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार ने ऐसा क्यों किया, अब तक इस बारे में जानकारी सामने नहीं आ पाई है. जानकारी के अनुसार, टीहर गांव के पास खेत में बने एक मकान में मनोहर लोधी (45), उनकी मां फूलरानी (70), बेटा अनिकेत और बेटी शिवानी (18) रह रहे थे। मनोहर की पत्नी कुछ दिनों पहले अपने मायके गई थीं। घर में मनोहर के अलावा दो बच्चे और दादी थीं। शुक्रवार रात को सभी को उल्टियां होने लगीं। उल्टियों की आवाज सुनकर घर की ऊपरी मंजिल में रह रहा मनोहर का भाई चीजे आया। उसने सभी को गंभीर हालत में देखा तो सबसे पहले परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके पुलिस और एंबुलेंस को कॉल कर सूचना दी गई।     सभी को गंभीर हालत में खुरई अस्पताल पहुंचाया गया, इस दौरान डॉक्टरों ने फूलरानी और अनिकेत की मृत घोषित कर दिया। वहीं, कुछ देर के इलाज के बाद शिवानी ने दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाते समय मनोहर की भी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर ह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार ने यह कदम क्यों उठाया?  पुलिस मनोहर के छोटे भाई समेत ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है.

रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आगाज़ 26 जुलाई से, सीएम डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में 26 जुलाई को करेंगे दो दिवसीय ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का शुभारंभ निवेश, डिजिटल बुकिंग, ग्राम पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारियों की होंगी ऐतिहासिक घोषणाएं उपमुख्यमंत्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति मंत्री लोधी भी रहेंगे मौजूद रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 जुलाई शनिवार को दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने तथा मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। रीवा के कृष्ण राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ल ने बताया कि कॉन्क्लेव में प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेबसीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश प्रस्ताव, डिजिटल नवाचार और सांस्कृतिक साझेदारियां सार्वजनिक की जाएंगी। ‘वाइल्डलाइफ और ऑफबीट डेस्टिनेशनों’ पर केंद्रित इस आयोजन में राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय समुदाय को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने प्रभावशाली पहल होगी निवेश प्रस्ताव: प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना को नई गति कॉन्क्लेव के पहले सत्र में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्रों में निवेश करने वाले छह प्रमुख निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के अंतर्गत धार, मंदसौर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर और अलीराजपुर में निवेश प्रस्तावित है। प्रखर पाव द्वारा मंदसौर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों और धार में मिनी रिसोर्ट की स्थापना की योजना है। गांधी सागर क्षेत्र में ईको टूरिज्म गतिविधि संचालित करने के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि का निवेश किया जाएगा। धार जिले के हेमाबर्डी क्षेत्र में फिक्सड टेंटिंग यूनिट/मिनी रिसोर्ट के लिए भी 1 करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव है। सिद्धार्थ सिंह तोमर रायसेन जिले के ढकना चपना में होटल/रिसोर्ट के माध्यम से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को आवश्यक सुविधायें प्रदान करने के लिए 5 करोड़ का निवेश करेंगे। कैलाश फुलवानी द्वारा विदिशा जिले के नेहरयाई क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट के सुविधायें के लिए 3 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसी तरह रितु यादव, अफोर्ड मोटर्स जबलपुर द्वारा जबलपुर जिले में भेड़ाघाट के समीप नन्हाखेड़ा क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट पर 1 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आनंद ताम्रकार, पुष्पा इंटरप्राइजेस अलीराजपुर द्वारा अलीराजपुर जिले के जूनाकट्ठीवाड़ा क्षेत्र में रिसोर्ट एवं वेलनेस सेंटर के लिए 1 रुपये करोड़ का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। डिजिटल बुकिंग के नए युग की शुरुआत पर्यटन विभाग द्वारा राज्य में संचालित पीएम पर्यटन वायु सेवा की बुकिंग अब IRCTC पोर्टल पर भी संभव होगी। अब तक www.flyola.in के माध्यम से बुकिंग की जा रही थी, लेकिन अब IRCTC जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से जुड़ने से सेवाएं और अधिक सहज और सुगम हो सकेंगी। इस वायु सेवा के माध्यम से भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना और सिंगरौली जैसे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर पर्यटन की पहुंच को विस्तार दिया जा रहा है। ग्राम होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में गत माह 18 जून को "ग्रामीण रंग, पर्यटन संग" कार्यक्रम के दौरान एमपी पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) एवं पर्यटन बोर्ड (MPTB) के बीच MoU साइन हुआ था। प्रदेश के 61 चयनित पर्यटन ग्रामों के ग्राम होमस्टे अब डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। इस प्लेटफॉर्म की विशेषता है कि यह DJUBO जैसे आधुनिक प्रॉपर्टी मैनेजमेंट इंफर्मेशन सिस्टम से संचालित होता है, जो सेंट्रल रिजर्वेशन सिस्टम से युक्त है। इससे ग्रामीण होमस्टे अब MakeMyTrip, Yatra, EaseMyTrip जैसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTA) से भी जुड़ पाएंगे। यह पहल स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर वैश्विक पर्यटक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। डिजिटल प्रचार-प्रसार के लिए होगा एमओयू कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा दो प्रमुख डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों, Barcode Experiential और Qyuki Digital के साथ रणनीतिक साझेदारी के लिए एमओयू किया जाएगा। इन कंपनियों की विशेषज्ञता डिजिटल ब्रांडिंग, इन्फ्लुएंसर कैंपेन और रचनात्मक सोशल मीडिया मार्केटिंग में है। यह सहयोग पर्यटन स्थलों की आधुनिक ब्रांडिंग को बल देगा और युवाओं के बीच मध्यप्रदेश को "अतुल्य भारत का दिल" के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा। अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा चित्रकूट घाट में "Spiritual Experience" परियोजना का स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत वर्चुअल शिलान्यास किया जाएगा और शहडोल में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (FCI) का उद्घाटन भी होगा। यह संस्था 15.62 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हुआ है और युवाओं को आतिथ्य सत्कार से जुड़ी ट्रेनिंग एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी जिलों में स्थानीय कला और हस्तशिल्प केंद्र स्थापित करने के लिए ग्राम सुधार समिति, एमएम फाउंडेशन और समर्थ संस्था के साथ अनुबंध किया जाएगा। यह पहल महिलाओं और कारीगरों को प्रशिक्षण, उत्पादन और विपणन से जोड़ते हुए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास

सतत प्रयासों से डिस्ट्रिक्ट टू ग्लोबल की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश बना संवाद, सुविधा और सफलता का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास भोपाल  मध्यप्रदेश अब केवल निवेश प्रस्तावों का स्वागत करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उद्योगों और उद्यमियों का भागीदार बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक नई कार्यसंस्कृति विकसित की है जहां नीतियों की घोषणा कागज़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन का वास्तविक प्रभाव दिखता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में उज्जैन, शाजापुर और इंदौर में आयोजित तीन विशिष्ट कार्यशालाएं इस प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई हैं। कारोबार शुरू करने की राह हुई सरल और पारदर्शी उज्जैन में आयोजित 'स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर केंद्रित कार्यशाला में बड़ी संख्या में नए उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सिंगल विंडो सिस्टम, ऑटोमैटिक अनुमतियाँ, ऑनलाइन एप्लिकेशन ट्रैकिंग और जन विश्वास अधिनियम जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप का मूल उद्देश्य यह संदेश देना था कि ‘अब मध्यप्रदेश में उद्योग लगाना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक सहज प्रक्रिया है।’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आरंभ किए गए “स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज” अभियान की चर्चा विशेष रूप से हुई, जिसमें 30 दिन के भीतर सभी औपचारिकताओं के साथ व्यवसाय शुरू करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह पहल देशभर में सराहना प्राप्त कर चुकी है और निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। जिला स्तर पर निर्यात क्षमता की पहचान शाजापुर में ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में यह स्पष्ट हुआ कि अब राज्य सरकार निर्यात को केवल महानगरों तक सीमित न रखकर, जिला और ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। DGFT, ECGC, FIEO और MSME विभाग के विशेषज्ञों ने उपस्थित 100 से अधिक उद्यमियों को निर्यात के विभिन्न चरणों—पंजीयन, प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग, जोखिम प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की पहुँच—पर मार्गदर्शन दिया। 13 नए निर्यातकों ने कार्यशाला के दौरान ही IEC (Import Export Code) के लिए पंजीयन कराकर इस प्रयास को और अधिक व्यावहारिक बना दिया। संवाद के नए आयाम—कॉफी विद एक्सपोर्टर्स इंदौर में ‘कॉफी विद एक्सपोर्टर्स’ कार्यक्रम ने राज्य सरकार और निर्यातकों के बीच एक नए तरह का विश्वास स्थापित किया। अनौपचारिक माहौल में हुए इस संवाद में ECGC, FIEO, MPIDC, MSME DFO और डाक विभाग सहित कई तकनीकी संस्थानों ने हिस्सा लिया और निर्यातकों को व्यावहारिक जानकारी से अवगत कराया। 15 नए IEC पंजीयन के साथ, यह कार्यक्रम न केवल जानकारियों के आदान-प्रदान का मंच बना। सतत प्रयासों से दिखने लगा है ठोस परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में ‘रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव’, देश-विदेश में आयोजित रोड शो, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) और जिला स्तर पर आयोजित कार्यशालाएं एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों की यात्रा को सरल, पारदर्शी और लाभकारी बनाना है। उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की ओर से अब तक प्रदेश में 18 नवीन औद्योगिक नीतियां लागू की जा चुकी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों—टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, एग्रो, आईटी, ईवी, ईएसडीएम, बायो एनर्जी आदि को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इसी के साथ जन विश्वास अधिनियम और सिंगल विंडो सिस्टम ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को इतना सरल बना दिया है कि निवेशक अब मध्यप्रदेश को 'प्रक्रियाओं के जाल' में नहीं, 'समाधानों के स्थल' के रूप में देखने लगे हैं। एमएसएमई और नवाचार: आत्मनिर्भर एमपी की रीढ़ प्रदेश में संचालित लगभग 12 लाख एमएसएमई इकाइयां अब केवल लघु उद्योग नहीं, बल्कि निर्यात और नवाचार की धुरी बन रही हैं। वर्कशॉप्स में इस क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया, और बताया गया कि किस तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकता पर एमएसएमई को नई योजनाओं और प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास

सतत प्रयासों से डिस्ट्रिक्ट टू ग्लोबल की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश बना संवाद, सुविधा और सफलता का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास भोपाल  मध्यप्रदेश अब केवल निवेश प्रस्तावों का स्वागत करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उद्योगों और उद्यमियों का भागीदार बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक नई कार्यसंस्कृति विकसित की है जहां नीतियों की घोषणा कागज़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन का वास्तविक प्रभाव दिखता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में उज्जैन, शाजापुर और इंदौर में आयोजित तीन विशिष्ट कार्यशालाएं इस प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई हैं। कारोबार शुरू करने की राह हुई सरल और पारदर्शी उज्जैन में आयोजित 'स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर केंद्रित कार्यशाला में बड़ी संख्या में नए उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सिंगल विंडो सिस्टम, ऑटोमैटिक अनुमतियाँ, ऑनलाइन एप्लिकेशन ट्रैकिंग और जन विश्वास अधिनियम जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप का मूल उद्देश्य यह संदेश देना था कि ‘अब मध्यप्रदेश में उद्योग लगाना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक सहज प्रक्रिया है।’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आरंभ किए गए “स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज” अभियान की चर्चा विशेष रूप से हुई, जिसमें 30 दिन के भीतर सभी औपचारिकताओं के साथ व्यवसाय शुरू करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह पहल देशभर में सराहना प्राप्त कर चुकी है और निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। जिला स्तर पर निर्यात क्षमता की पहचान शाजापुर में ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में यह स्पष्ट हुआ कि अब राज्य सरकार निर्यात को केवल महानगरों तक सीमित न रखकर, जिला और ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। DGFT, ECGC, FIEO और MSME विभाग के विशेषज्ञों ने उपस्थित 100 से अधिक उद्यमियों को निर्यात के विभिन्न चरणों—पंजीयन, प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग, जोखिम प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की पहुँच—पर मार्गदर्शन दिया। 13 नए निर्यातकों ने कार्यशाला के दौरान ही IEC (Import Export Code) के लिए पंजीयन कराकर इस प्रयास को और अधिक व्यावहारिक बना दिया। संवाद के नए आयाम—कॉफी विद एक्सपोर्टर्स इंदौर में ‘कॉफी विद एक्सपोर्टर्स’ कार्यक्रम ने राज्य सरकार और निर्यातकों के बीच एक नए तरह का विश्वास स्थापित किया। अनौपचारिक माहौल में हुए इस संवाद में ECGC, FIEO, MPIDC, MSME DFO और डाक विभाग सहित कई तकनीकी संस्थानों ने हिस्सा लिया और निर्यातकों को व्यावहारिक जानकारी से अवगत कराया। 15 नए IEC पंजीयन के साथ, यह कार्यक्रम न केवल जानकारियों के आदान-प्रदान का मंच बना। सतत प्रयासों से दिखने लगा है ठोस परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में ‘रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव’, देश-विदेश में आयोजित रोड शो, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) और जिला स्तर पर आयोजित कार्यशालाएं एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों की यात्रा को सरल, पारदर्शी और लाभकारी बनाना है। उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की ओर से अब तक प्रदेश में 18 नवीन औद्योगिक नीतियां लागू की जा चुकी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों—टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, एग्रो, आईटी, ईवी, ईएसडीएम, बायो एनर्जी आदि को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इसी के साथ जन विश्वास अधिनियम और सिंगल विंडो सिस्टम ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को इतना सरल बना दिया है कि निवेशक अब मध्यप्रदेश को 'प्रक्रियाओं के जाल' में नहीं, 'समाधानों के स्थल' के रूप में देखने लगे हैं। एमएसएमई और नवाचार: आत्मनिर्भर एमपी की रीढ़ प्रदेश में संचालित लगभग 12 लाख एमएसएमई इकाइयां अब केवल लघु उद्योग नहीं, बल्कि निर्यात और नवाचार की धुरी बन रही हैं। वर्कशॉप्स में इस क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया, और बताया गया कि किस तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकता पर एमएसएमई को नई योजनाओं और प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।