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फर्जी दुर्घटना क्लेम से ठगी का खेल उजागर, धार में संगठित गिरोह बेनकाब

धार  इंदौर जोन की पुलिस जांच में बीमा क्लेम के नाम पर चल रहे एक बड़े संगठित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। धार जिले से जुड़े इस मामले में दो वकीलों समेत पांच आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से अज्ञात वाहन से होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में कहानी गढ़कर बीमा कंपनियों से लाखों रुपये का क्लेम हासिल करने की दावा कोर्ट में प्रस्तुत करते थे। धार के नौगांव थान पर चार आरोपितों व धरमपुरी थाने पर तीन आरोपितों पर कुल 12 बीमा दावे प्रस्तुत करने के मालमें दो प्रकरण दर्ज किए गए है। बीमा दावे के प्रकरण अधिक भी हो सकते है। कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक (ग्रामीण) इंदौर जोन को प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आवेदक रवि श्रीवास, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि आरोपितों द्वारा फर्जी दुर्घटनाएं दिखाकर बीमा क्लेम का दाावा किया जा रहा था। धरमपुरी थाने पर दर्ज प्रकरण में आरोपित मुन्नालाल देवड़ा धरमपुरी और फिरोज खान धार है। से दोनों पेशे से वकील हैं। इस प्रकरण में प्रतीक गोस्वामी निवास धार भी आरोपित है। ये अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजन से संपर्क करते थे। उन्हें मोटा मुआवजा दिलाने का झांसा देकर पूरा क्लेम प्रोसेस करते थे। जबकि धार के नौगांव थाने पर दर्ज प्रकरण में उक्त प्रतीक गोस्वामी निवासी धारेश्वर मार्ग धार उमेश पुत्र राकेश सांखला निवासी ग्राम धुलेट सरदारपुर, लोकेंद्र देवड़ा व फिरोज खान निवासीयान धार आरोपित बनाए गए है। प्रतीक गोस्वामी की भूमिका सबसे संदिग्ध     जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य प्रतीक गोस्वामी की भूमिका को लेकर सामने आया। वह अलग-अलग मामलों में कभी वाहन मालिक तो कभी ड्राइवर बन जाता था।   कई केसों में एक ही व्यक्ति का इस तरह अलग-अलग भूमिका में होना पुलिस के संदेह का बड़ा कारण बना। आरोपित फर्जी तरीके से यह दर्शाते थे कि उनके ही वाहन से व्यक्ति को टक्कर लगी है।    जबकि वास्तविकता में जो वाहन हादसा कारित कर जाता था उसकी कोई जानकारी नहीं होती थी। पूरे नेटवर्क के तहत झूठे दस्तावेज, मनगढ़ंत साक्ष्य और फर्जी गवाह तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत कर बीमा कंपनियों से क्लेम हासिल किया जाता था। करीब 12 मामले हुए थे प्रस्तुत धार, धरमपुरी और मनावर न्यायालय में ऐसे लगभग 12 मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें क्लेम के दावे किए गए। अन्य स्थानों के मामलों की भी जांच जारी है। पुलिस ने केस डायरी, चालान, वाहन स्वामित्व, ड्राइविंग लाइसेंस, ई-कोर्ट रिकॉर्ड और मोबाइल कॉल डिटेल (सीडीआर) का मिलान किया। तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपितों के बीच आपसी तालमेल और साजिश की पुष्टि कर दी। प्रारंभिक जांच में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 229(1), 246 और 61(2) के तहत तीनों पर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।   धार के नौगांव थाने सहित धरमपुरी में आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए है। कंपनी के आवेदन की जांच के बाद मामला प्रकाश में आया है। विवेचना कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।  

मध्यप्रदेश में 5 अप्रैल तक ओले और आंधी-बारिश, 30 जिलों में बारिश का अलर्ट, निमाड़ में गिरेंगे ओले

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय है। इसके चलते पिछले 72 घंटों से कई इलाकों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बुधवार को प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में मौसम बदला रहा, वहीं गुरुवार को भोपाल और इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खासतौर पर निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। भोपाल-इंदौर सहित 30 जिलों में अलर्ट अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश होने की संभावना है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास और शाजापुर शामिल हैं। 50 किमी प्रति घंटे तक चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चल सकती है, जिसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। बुधवार को भी कई जिलों में मौसम ने करवट ली। भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि सीहोर में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है।    

धार भोजशाला केस: हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से शुरू होगी लगातार सुनवाई, मुस्लिम पक्ष ने पेश किए मस्जिद होने के प्रमाण

धार  मध्य प्रदेश की इंदौर हाईकोर्ट डिवीजन बेंच में आज (गुरुवार) धार स्थित भोजशाला मामले में सुनवाई हुई. इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी. 6 अप्रैल दिन सोमवार को दोपहर ढाई बजे से इंदौर हाईकोर्ट में रोज सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में मस्जिद होने के दस्तावेज पेश किए, जिसपर अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी. मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह सिविल सूट का मामला है. हाईकोर्ट ने इसपर कहा कि सिविल सूट की सुनवाई 10 अप्रैल को धार स्थित जिला कोर्ट में होगी. कोर्ट ने सभी पार्टी को 10 तारीख को धार कोर्ट में मौजूद होने के आदेश दिए. कोर्ट ने बिल्कुल स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल को धार जिले की कोर्ट में सिर्फ सिविल सूट पर सुनवाई होगी, बाकी पांच याचिका जो धार भोजशाला विवाद को लेकर लगी हुई हैं, उनपर इंदौर हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई होगी. हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद भी जुड़े थे।  हिंदू पक्ष के वकील श्रीश दुबे ने कहा कि मुस्लिम पक्ष वीडियो-फोटो के लिए सुप्रीम कोर्ट गया था. उस याचिका में जो आदेश हुआ था, उससे माननीय न्यायालय को अवगत कराया है. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 6 अप्रैल तय की है. अदालत सभी एप्लिकेशन को क्रमवार सुनेगी।  आपको बता दें कि एएसआई ने 98 दिनों तक भोजशाला का सर्वे किया और दो हजार से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की थी। इसके बाद दो जजों ने भी धार जाकर भोजशाला व मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया। पिछली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने एएसआई द्वारा किए गए सर्वे पर सवाल उठाए थे और उसके तथ्यों को खारिज किया। उनका कहना था कि सर्वे ठीक तरीके से नहीं किया गया। इसके साथ ही कोर्ट से सर्वे के दौरान की गई वीडियोग्राफी के डेटा की मांग भी की गई थी। कोर्ट में सौंपे सभी दस्तावेज मुस्लिम पक्ष के वकील अरशद वारसी ने कहा कि हमारे द्वारा कोर्ट को पहले ही बताया जा चुका था कि यह जो मामला है, चूंकि मल्टीपल डिस्प्यूटेड पार्ट्स इसमें शामिल हैं, तो इसलिए इसको सभी सूट में सुना जाना आवश्यक है. हमने कोर्ट से अपील की थी कि इसमें सभी पार्टी को सिविल सूट में भेजा जाए. हमने कोर्ट में सभी दस्तावेज दिए हैं. उसमें सुनवाई की अगली तारीख 10 अप्रैल है. कोर्ट ने सभी पार्टी को अपने-अपने जवाबों के साथ हाजिर होने के लिए कहा है. वहीं इस मामले में इंदौर हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई की जाएगी।  क्या है भोजशाला विवाद? मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला विवाद दशकों पुराना है. यह जिले के एक ऐतिहासिक परिसर को लेकर है. हिंदुओं का मानना है कि यह वाग्देवी (सरस्वती माता) का मंदिर है, जिसे 11वीं सदी में राजा भोज ने बनवाया था. हिंदू इसे मंदिर और प्राचीन संस्कृत अध्ययन केंद्र मानते हैं. वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है. उनका दावा है कि यह एक इस्लामिक स्थल है और यहां सदियों से नमाज अदा की जाती रही है. हालांकि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कब्जे में है। 

सरकार का बड़ा कदम: 40 केमिकल-पॉलिमर पर आयात शुल्क शून्य, पेट्रोकेमिकल और रेजिन उद्योग को मिलेगी राहत

इंदौर  वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) ने 1 अप्रैल 2026 को गजट ऑफ इंडिया में दो असाधारण अधिसूचनाएं जारी कर पेट्रोकेमिकल उद्योग को बड़ी राहत दी है। अधिसूचना के तहत 40 महत्वपूर्ण रसायनों, मोनोमर्स और पॉलिमर पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को शून्य कर दिया गया है। वहीं एक अन्य अधिसूचना के तहत अमोनियम नाइट्रेट पर कृषि अवसंरचना और विकास उपकर भी शून्य कर दिया गया है। यह छूट आज यानी 2 अप्रैल से लागू होगी और 30 जून तक प्रभावी रहेगी। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश के अध्यक्ष योगेश मेहता ने बताया कि केंद्र सरकार ने लोकहित में यह फैसला लिया है। इससे मध्य प्रदेश के काफी उद्योगों को फायदा होगा। यह उद्योग को एक प्रकार से संजीवनी मिलने जैसा है। सरकार के इस फैसले से कच्चे माल की आयात लागत कम होगी। घरेलू विनिर्माण इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और अंतिम उत्पादों के दाम नियंत्रण में रहेंगे। यह छूट मुख्य रूप से प्लास्टिक, पेंट, रेजिन, फार्मास्यूटिकल, उर्वरक, पॉलीमर और विशेष रसायन उद्योग को लाभ पहुंचाएगी। उद्योग जगत पर क्या असर पड़ेगा?     प्लास्टिक और पॉलिमर उद्योग को सीधा फायदा     पेंट, कोटिंग्स और रेजिन निर्माताओं की उत्पादन लागत घटेगी     उर्वरक और फार्मास्यूटिकल कंपनियों को कच्चे माल सस्ता मिलेगा     टेक्सटाइल, पैकेजिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर को अप्रत्यक्ष लाभ     छोटे-मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए विशेष राहत, क्योंकि ये ज्यादातर आयातित कच्चे माल पर निर्भर हैं।  40 से ज्यादा केमिकल्स पर जीरो ड्यूटी वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक 40 से अधिक केमिकल प्रोडक्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को तीन महीने के लिए शून्य कर दिया गया है। इसमें एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल और विनाइल क्लोराइड जैसे अहम केमिकल्स शामिल हैं, जो कई इंडस्ट्रीज की बैकबोन माने जाते हैं। प्रोडक्ट पहले BCD (%) कैटेगरी एनहाइड्रस अमोनिया 6.5% बेसिक केमिकल टोल्यून (Toluene) 6.5% एरोमैटिक केमिकल स्टाइरीन (Styrene) 6.5% मोनोमर डाइक्लोरोमीथेन 6.5% सॉल्वेंट विनाइल क्लोराइड मोनोमर (VCM) 6.5% मोनोमर मेथनॉल 6.5% फीडस्टॉक केमिकल आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (IPA) 6.5% इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG) 6.5% इंटरमीडिएट प्यूरिफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड (PTA) 6.5% पॉलिएस्टर रॉ मैटेरियल फिनॉल 6.5% इंडस्ट्रियल केमिकल एसीटिक एसिड 6.5% इंटरमीडिएट टोल्यून डायआइसोसाइनेट (TDI) 7.5% पॉलियूरीथेन फीडस्टॉक पॉलीओल्स 7.5% पॉलियूरीथेन इंटरमीडिएट ABS 7.5% पॉलिमर PVC 10% पॉलिमर PET 10% पॉलिमर पॉलीयूरीथेन 7.5% पॉलिमर एपॉक्सी रेजिन 7.5% स्पेशलिटी केमिकल किन सेक्टर्स को मिलेगा सीधा फायदा  इस फैसले का सबसे बड़ा असर कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर पर पड़ेगा। पॉलिमर्स और रेजिन जैसे ABS, PVC, PET और पॉलीयूरीथेन की लागत घटने से इन इंडस्ट्रीज के लिए इनपुट कॉस्ट कम होगी और मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। इंपोर्ट लागत घटेगी, लेकिन चुनौतियां बरकरार ड्यूटी हटने से इंपोर्ट की लैंडेड कॉस्ट कम होगी, खासकर उन केमिकल्स में जहां भारत आयात पर ज्यादा निर्भर है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सप्लाई टाइटनेस और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याएं इस राहत के असर को कुछ हद तक सीमित कर सकती हैं। एंटी-डंपिंग ड्यूटी जारी रहेगी सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से एंटी-डंपिंग और सेफगार्ड ड्यूटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी जहां पहले से ये ड्यूटी लागू है, वहां वह जारी रहेगी।  FTA देशों का एडवांटेज घटेगा इस कदम से FTA और CEPA के तहत मिलने वाला टैरिफ एडवांटेज अस्थायी रूप से कम हो सकता है। क्योंकि अब सभी देशों के लिए बेसिक ड्यूटी समान रूप से शून्य हो गई है, जिससे कीमतों का अंतर कम हो जाएगा।

उज्जैन साइंस सेंटर का होगा लोकार्पण वैज्ञानिक, खगोलविद और शोधार्थी करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 3 अप्रैल को उज्जैन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का तारामंडल परिसर में शुभारंभ करेंगे। साथ ही उज्जैन साइंस सेंटर का लोकार्पण भी करेंगे। सम्मेलन 3 से 5 अप्रैल तक उज्जैन के समीप डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में आयोजित किया गया है। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री  धर्मेन्द्र प्रधान, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  गजेन्द्र सिंह शेखावत, इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और विचारक लेखक  सुरेश सोनी भी शामिल होंगे। बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की पावन नगरी उज्जैन प्राचीन काल से ही काल गणना और खगोल विज्ञान के अनुसंधान की वैश्विक धुरी रही है। एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक और शोधकर्ता यहां बौद्धिक समागम के लिये एकत्रित हो रहे हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान के समन्वय पर केंद्रित यह सम्मेलन देश-विदेश के वैज्ञानिकों, खगोलविदों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं तथा अंतरिक्ष क्षेत्र के विशेषज्ञों को शोध और विचार प्रस्तुत करने का साझा मंच उपलब्ध कराएगा। उज्जैन में 15 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित नव-निर्मित साइंस सेंटर में गैलरी ऑन साइंस, आउटडोर साइंस पार्क, इनोवेशन एवं स्टूडेंट एक्टिविटी हॉल, हेरिटेज थीम आधारित गैलरी और एग्जिबिट डेवलपमेंट लैब जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आमजन में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन मिलेगा। सम्मेलन में यूएवी (मानवरहित विमान), आरसी (रिमोट कंट्रोल) तकनीक और सैटेलाइट निर्माण जैसे विषयों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सूर्य के सन स्पॉट का सुरक्षित अवलोकन, टेलीस्कोप से रात्रि आकाश का अध्ययन, विद्यार्थी-शिक्षक संवाद तथा अंतरिक्ष तकनीक आधारित प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य युवाओं में तकनीकी कौशल, नवाचार क्षमता तथा अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को बढ़ावा देना है। सम्मेलन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। सह-आयोजक संस्थाओं में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, वीर भारत न्यास और दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान शामिल हैं। सम्मेलन में इसरो, सीएसआईआर, डीआरडीओ, नीति आयोग सहित देश-विदेश के प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शोध संस्थानों के प्रतिनिधिय सहभागिता करेंगे। उज्जैन-डोंगला को ग्लोबल मेरिडियन बनाने पर होगी चर्चा उज्जैन से लगभग 35 किलोमीटर दूर डोंगला प्राचीन काल से खगोल एवं ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहां से कर्क रेखा गुजरने के कारण इसे काल गणना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। सम्मेलन में उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन (मध्यान्ह रेखा) के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। राज्य सरकार उज्जैन को पुनः वैश्विक ‘टाइम स्केल सेंटर’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश स्पेस टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। सम्मेलन में आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें विकसित भारत में स्पेस इकोनॉमी की भूमिका, खगोल विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स और कॉस्मोलॉजी की नवीनतम तकनीक, भारतीय काल गणना पद्धति का वैज्ञानिक आधार, कालचक्र की अवधारणा और स्पेस सेक्टर से जुड़ी रणनीतियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इनमें नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत, टोक्यो विश्वविद्यालय के प्रो. यासुहाइड होबारा, इसरो के अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के निदेशक डॉ. निलेश देसाई, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान, भारतीय खगोल विज्ञान संस्थान बेंगलुरु की निदेशक डॉ. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम और अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शामिल होंगे। व्याख्यान, टेक्नोलॉजी एक्सपो और स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस होंगे प्रमुख आकर्षण तीन दिवसीय सम्मेलन में व्याख्यान, उच्च स्तरीय पैनल चर्चा, तकनीकी सत्र, ओपन सेशन, टेक्नोलॉजी एक्सपो, स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस, डोंगला वेधशाला का भ्रमण, कार्यशालाएं, पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदर्शनी में भारतीय ज्ञान परंपरा, काल गणना और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी अवधारणाओं के साथ आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें इसरो, सीएसआईआर, टीआईएफआर, आईआईटी इंदौर, डीआरडीओ, ब्रह्मोस एयरोस्पेस तथा अन्य वैज्ञानिक संस्थान अपनी तकनीकी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगे। वराहमिहिर से डॉ. विक्रम साराभाई तक के खगोल विज़न पर होगा चिंतन उज्जैन प्राचीन काल से काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है। महान खगोलविद आचार्य वराहमिहिर ने उज्जैन को खगोलीय गणनाओं का आधार बनाया था। यहां विकसित कालचक्र की अवधारणा आज भी आधुनिक खगोल विज्ञान को प्रेरित करती है। यह सम्मेलन डॉ. विक्रम साराभाई के दूरदर्शी विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें भारत को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की परिकल्पना की गई थी। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगी नई दिशा उज्जैन में आयोजित यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को भी नई गति देगा। साथ ही आधुनिक साइंस सेंटर और प्रस्तावित साइंस सिटी के माध्यम से युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सम्मेलन के समापन दिवस 5 अप्रैल को प्राप्त सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्य योजना पर भी चर्चा की जाएगी।  

बड़ी सौगात: रीवा संभाग के 1.29 लाख घरों तक पहुंचेगा साफ पानी, 2319 करोड़ की योजना शुरू

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रीवा संभाग में मध्यप्रदेश जल निगम की परियोजना क्रियान्वयन इकाई, रीवा द्वारा संचालित रीवा समूह जल प्रदाय योजना ने महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। लगभग 2319.43 करोड़ रु. की लागत से विकसित इस योजना में जल शोधन संयंत्र तक रॉ वाटर पहुंचाया जा चुका है, जिससे परियोजना के आगामी चरणों में गति मिलने की स्थिति बनी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के मार्गदर्शन में क्रियान्वित इस योजना के माध्यम से रीवा जिले के 677 ग्रामों और मऊगंज जिले के 936 ग्रामों के कुल 1613 ग्रामों को जोड़ा जा रहा है। योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1.29 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में लंबे समय से बनी जल समस्या का समाधान संभव होगा। जल शोधन संयंत्र तक रॉ वाटर की आपूर्ति सुनिश्चित होना परियोजना के क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद जल शोधन और वितरण नेटवर्क के माध्यम से घर-घर पेयजल आपूर्ति की दिशा में कार्य को और गति दी जाएगी। योजना में गुणवत्ता, निरंतरता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में हर-घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों में सकारात्मक परिवर्तन होगा।  

पवन पुत्र हनुमान लोक मंगल, विनम्रता, सेवा भाव और समर्पण के हैं प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार तीर्थ, परंपराओं, लोक कलाओं और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए सतत् कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक चेतना का जो नव जागरण हुआ है, मध्यप्रदेश उसका साक्षी बन रहा है। मध्यप्रदेश धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार सुशासन, जनकल्याण और समन्वय के माध्यम से प्रदेश में रामराज के सपने को साकार करने की दिशा में प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रभु राम के प्राकट्य पर्व की मंगल बेला में पांढुर्णा के जामसांवली में रघुकुलनंदन के प्रिय भक्त के दिव्यधाम  हनुमान लोक के पहले चरण का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विश्वास है कि अतुलित बल के स्वामी, परम ज्ञानी, दयालु, राम के प्रिय भक्त, पवन पुत्र हनुमान जी, लोक मंगल-कर्मठता-विनम्रता-सेवा भाव और समर्पण के प्रतीक हैं। व्यक्ति में सामर्थ्य होने पर वह अक्सर अहंकारी हो जाता है, लेकिन हनुमान जी ने सिखाया कि सच्चा बल वही है, जो सेवा में लगे और जो समर्पित भाव से कार्य करें। मन की एकाग्रता और अनुशासन, पवन पुत्र हनुमान के विशेष गुण हैं। वे कर्मकांड नहीं अपितु सतत् प्रयासों से उद्देश्य प्राप्ति के लिए हमें प्रेरित करते हैं। इन्हीं विचारों और मूल्यों को जामसांवली का  हनुमान लोक जीवंत करेगा।  हनुमान लोक के प्रथम चरण में मुख्य प्रवेश द्वार एवं प्लाजा का निर्माण हुआ है। मुख्य द्वार से लेकर मंदिर परिसर तक चिरंजीवी पथ का निर्माण किया गया है। इसमें हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर जल्द ही 65 करोड़ 24 लाख रूपये की लागत से  हनुमान लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएंगे। दूसरे चरण में भक्ति सागर एवं प्रवचन हॉल, यज्ञशाला, पार्किंग, संस्कृत महाविद्यालय, भोजशाला और धर्मशाला का निर्माण होगा। यह हनुमान लोक आने वाले समय में न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक इकॉनामी को भी नई दिशा देगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने से जिले की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा प्रदेश के संतरा उत्पादन सेंटर के रूप में जाने जाते हैं।  हनुमान लोक के आकार लेने से पांढुर्णा प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक मानचित्र पर भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए  महाकाल लोक के निर्माण के साथ ही महेश्वर में अहिल्या लोक, मंदसौर में पशुपतिनाथ लोक, दतिया में पीतांबरा माई महालोक, जानापाव में परशुराम लोक, सलकनपुर में देवी महालोक, पन्ना में जुगल किशोर सरकार लोक, आगर-मालवा में बाबा बैजनाथ लोक और अमरकंटक में माँ नर्मदा महालोक बनाए जा रहे हैं।  

जागरूकता अभियान: एसपी ने वितरित किए हेलमेट, रैली को दिखाई हरी झंडी

बड़वानी  सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के नेतृत्व में हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के महत्व से अवगत कराते हुए हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने के कारण होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़वानी एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने शहर के विभिन्न अस्पताल संचालकों के सहयोग से हेलमेट वितरण कराया। कोतवाली थाना बड़वानी में आयोजित इस कार्यक्रम में सहयोग देने वाले हॉस्पिटल संचालकों का सम्मान भी किया गया। साथ ही एसपी शुक्ल ने घोषणा की कि 1 अप्रैल से जिले के सभी पुलिस कर्मियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि पुलिस स्वयं नियमों का पालन कर आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके। अभियान के अंतर्गत एसपी द्वारा हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें पुलिस बल और नागरिकों ने भाग लेकर यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया।

बागेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव की धूम, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, देश-विदेश से पहुंचे हजारों लोग

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव का भव्य और दिव्य उत्सव शुरु हो गया है। यहां देश और दुनिया से हजारों श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार सुबह से ही महा आरती का क्रम जारी है। भक्त लगातार बालाजी महाराज के दर्शन कर रहे हैं। हजारों लोगों की भीड़ में यहां आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। ऋतु अनुसार षोडशोपचार पूजन और गाय के पवित्र दुग्ध से महाभिषेक के साथ बालाजी का भव्य श्रृंगार किया गया है। दरबार में 56 भोग, मिठाइयां, ताजे फल और सुगंधित फूलों से अद्भुत सजावट की गई है, जो यहां बालाजी के दर्शन करने आने वाले भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रही है। महा आरती की दिव्य ध्वनि से गूंज उठा धाम विशेष श्रृंगार के बाद जैसे ही बालाजी के पट खोले गए, महा आरती की दिव्य ध्वनि से पूरा धाम गूंज उठा। भक्त अपनी श्रद्धा भाव के साथ दर्शन – पूजन कर रहे हैं। इस तरह यहां आस्था की सुगम धारा निरंतर बह रही है। भीड़ को देखते हुए बालाजी के पट सामान्य समय से अधिक यानी एक घंटे ज्यादा खोलकर रखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बालाजी का दर्शन लाभ ले सकें। पुंडरीक गोस्वामी सुनाएंगे हनुमान कथा हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर श्री धाम वृंदावन के प्रख्यात कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी महाराज बागेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। गुरुवार शाम 4 बजे से 6 बजे तक श्रद्धालु उनके श्रीमुख से हनुमान जी की विशेष कथा का श्रवण करेंगे। पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि, रामनवमी और महाशिवरात्रि की तर्ज पर अब प्रतिवर्ष हनुमान जन्मोत्सव भी इसी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। 21 हजार दीपों से होगी महाआरती उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में शाम को 21 हजार लोग एक साथ बालाजी की महाआरती में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 6 बजे से मानस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विद्वान मानस मर्मज्ञ रामचरितमानस का रसपान कराएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश देना है। भोजपुरी गायक रितेश पांडे देंगे प्रस्तुति भक्तिमय शाम को और खास बनाने के लिए प्रसिद्ध भोजपुरी गायक रितेश पांडे अपनी प्रस्तुति देंगे। उनके साथ ही गुजरात से आए कलाकार भी विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। इस संबंध में पंडित शास्त्री ने बताया कि, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ क्षेत्रीय कलाकारों को मंच प्रदान कर प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है, ताकि स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिले।  

भक्ति भाव से बिजुरी मे मनाया गया हनुमान जयंती

भक्ति भाव से बिजुरी मे मनाया गया हनुमान जयंती  बिजुरी  नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रीति सतीश शर्मा द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माइनस ग्राउंड वार्ड नंबर 6 में संकट मोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती का सफल कार्यक्रम किया गया! इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के स्वतंत्र प्रभार,लघु एवं कुटीर उद्योग राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल का आगमन हुआ मंडल अध्यक्ष बिजुरी रविंद्र रिंकू शर्मा उपस्थित रहे सुंदरकांड के साथ भजन कीर्तन हनुमान जयंती का शुभारंभ किया गया जिसमें  प्रकाश सिंह , संजीव पांडे मंडल उपाध्यक्ष सचिन पांडे, शंभू साहू ,सुभाषित सरकार युवा मोर्चा अध्यक्ष, प्रकाश यादव मंत्री संजय साहू महामंत्री शिव जायसवाल सुईया वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद पति कैलाश कल उपस्थित रहे तथा हजारों के भीड़ में श्रद्धालु उपस्थित रहे