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सीएम मोहन का बड़ा कदम: सवा दो साल में 18 आईएएस-आईपीएस पर क्विक एक्शन, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को लापरवाही के मामले में हटाया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि गंभीर चूक पर सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है। दरअसल, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने अपनी कार्यशैली में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अब तक 10 आईएएस व 8 आईपीएस अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अब तक कम से कम 9 ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वरिष्ठ आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। रिश्वत कांड में गुना एसपी, दफ्तर में नहीं बैठने पर सीधी कलेक्टर पर कार्रवाई मुख्यमंंत्री ने गुना एसपी अंकित सोनी को 22 मार्च को उनके जिले में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा बीस लाख रुपए लेकर छोड़ देने और कोई कार्यवाही नहीं करने पर हटा दिया है। यहां थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए हैं। इसी तरह सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों पर हटाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवंशी कलेक्टर दफ्तर में नाम मात्र बैठते थे। वे अकसर शाम को कुछ देर के लिए ही दफ्तर आते थे। इससे लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। यह भी सूचना है कि सीधी सांसद के एक प्रोजेक्ट पर फायर एनओसी रोक रखी थी। आनंदपुर साहिब ट्रस्ट रिश्वतकांड : अशोकनगर कलेक्टर को हटाया अशोकनगर में आनंदपुर साहिब ट्रस्ट के खिलाफ कार्यवाही में रिश्वत के आरोप के चलते 24 जनवरी को अशोकनगर कलेक्टर रहे आदित्य सिंह को हटा दिया था। हालांकि बाद में ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं किए जाने की बात मीडिया से कही गई थी। सिंह की जगह कर्मचारी चयन मंडल में पदस्थ साकेत मालवीय को अशोकनगर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। आदित्य सिंह ने चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्यवाही में प्रदेश में सबसे अच्छा काम किया था। दूषित पानी से मौतें : इंदौर निगमायुक्त, अपर आयुक्त पर कार्रवाई इंदौर के भागीरथपुरा में सीवर युक्त पानी की सप्लाई के बाद हुई 23 मौतों के बाद 2 जनवरी को नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया। उन्हें पहले ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव फिर पर्यटन निगम में नियुक्ति दी गई। इसी दिन नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटाकर मंत्रालय में उपसचिव पदस्थ किया गया। अगले दिन 3 जनवरी को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी क्षितिज सिंघल को निगमायुक्त और आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को अपर आयुक्त बनाकर भेजा। मऊगंज गड़रा हत्याकांड : कलेक्टर-एसपी को हटाया 15 मार्च 2025 को मऊगंज के गड़रा गांव में विवाद में पुलिसकर्मी की हत्या और तनाव के बाद 18 मार्च को कलेक्टर और एसपी को बदला। कलेक्टर अजय श्रीवास्तव को हटाकर उप सचिव लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया और उनकी जगह 2015 बैच के आईएएस संजय कुमार जैन को कलेक्टर बनाया गया।एसपी रसना ठाकुर को हटाकर एआईजी पीएचक्यू भोपाल भेजा गया था। रसना की जगह दिलीप कुमार सोनी को एसपी बनाया। गड़रा गांव में आदिवासी परिवार द्वारा बंधक बनाए गए युवक सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जिसे बचाने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हुई थी तथा तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सागर में दीवार गिरी : कलेक्टर-एसपी, एसडीएम पर कार्रवाई सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। सरकार ने 4 अगस्त 2024 को कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटा दिया। आर्य को पहले मंत्रालय पदस्थ किया, सात दिन बाद एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का सीईओ बना दिया था। दूसरी ओर एसपी अभिषेक तिवारी को हटाने के बाद यह बात सामने आई थी कि वे घटना से 15 दिन पहले से विदेश में थे। वे 5 महीने पहले से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। हालांकि छुट्‌टी से लौटने के बाद रिलीव कर दिया गया। ड्राइवर की औकात पर हटाया था शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को देश भर में ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच 2 जनवरी 2024 को शाजापुर कलेक्टर और ड्राइवर्स की बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कलेक्टर मीटिंग के दौरान एक ड्राइवर से 'औकात' पूछते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद में कलेक्टर ने अफसोस प्रकट किया। हालांकि सरकार ने 3 जनवरी को उन्हें हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया कर दिया। 25 दिन बाद 28 जनवरी को उन्हें वन विभाग में उप सचिव बनाकर भेजा। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद पहले एसपी फिर कलेक्टर को हटाया हरदा में 7 फरवरी 2024 को पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत और 75 से अधिक घायल होने पर पहले एसपी संजीव कुमार कंचन और फिर कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटा दिया था। कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नवीन कुमार बरवा को निलंबित किया गया था। कलेक्टर ऋषि गर्ग को उपसचिव मध्यप्रदेश शासन बनाया गया, जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाकर भेजा गया। सिवनी में गोवंश की हत्या के बाद हटाए गए थे कलेक्टर सिंघल, एसपी राकेश सिवनी जिले के धूमा थाना व धनौरा क्षेत्र में 50 से ज्यादा गोवंश की हत्या कर शव फेंक दिए गए थे। जून 2024 के इस घटनाक्रम से सिवनी बंद के हालात बने थे और इसका असर पड़ोसी जिले मंडला पर भी पड़ा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह को 23 जून को हटा दिया था। सिंघल को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बनाया गया था। वहीं रीवा नगर निगम आयुक्त संस्कृति … Read more

नई SP बनीं IPS हितिका वसल, अचानक मिली बड़ी जिले की जिम्मेदारी

गुना  मध्यप्रदेश के गुना जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां आईपीएस अधिकारी हितिका वसल को नई पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका यह ट्रांसफर ऐसे समय में हुआ है, जब जिले में हाल ही में सामने आए चर्चित हवाला मामले ने पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे। हितिका वसल का शैक्षणिक और पेशेवर सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद विदेश के प्रतिष्ठित मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC को पास कर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई। सेवा में आने के बाद उन्होंने अलग-अलग जिलों में अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ वे सख्त और पारदर्शी प्रशासन के लिए जानी जाती हैं। अब गुना जिले में उनकी नियुक्ति को एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे पुलिस व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में गुना पुलिस न सिर्फ हालिया मामलों की गहराई से जांच करेगी, बल्कि जिले में कानून का राज मजबूत करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।

काटजू अस्पताल में खुला हाईटेक गायनेकोलॉजी सेंटर, मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक की सुविधाएं एक छत के नीचे

भोपाल  राजधानी भोपाल में महिलाओं के इलाज को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 23 मार्च सोमवार से काटजू अस्पताल में शुरू हो रहा स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर न सिर्फ प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी सेंटर होगा, बल्कि यहां बांझपन से लेकर सर्वाइकल कैंसर तक की आधुनिक जांच और इलाज एक ही जगह पर उपलब्ध होगा।  प्रदेश का पहला, सुविधाओं में बड़ा कदम यह मध्यप्रदेश का पहला सरकारी प्रिवेंटिव गायनी ऑन्कोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी सेंटर होगा। इससे पहले ऐसी सुविधाएं सीमित थीं और महंगे निजी अस्पतालों तक ही सिमटी थीं। इस सेंटर का उद्घाटन 23 मार्च को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल द्वारा किया जाएगा। अब भटकना नहीं पड़ेगा, एक ही जगह मिलेगा पूरा इलाज डॉ. कैलाशनाथ काटजू शासकीय अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि शुरू हो रहे इस अत्याधुनिक सेंटर में महिलाओं से जुड़ी लगभग हर बड़ी समस्या का समाधान होगा। इन्फर्टिलिटी (नि:संतानता), पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स जैसी बीमारियों के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। कैंसर की शुरुआती पकड़, जान बचाने की तैयारी सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए वीआईए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़कर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा, जिससे महिलाओं की जान बचाने में मदद मिलेगी। इस सरकारी सेंटर में बांझपन का इलाज 40 हजार से 80 हजार रुपए के बीच हो सकेगा। वहीं, निजी अस्पतालों में यही इलाज 2.5 से 3 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। यानी आम लोगों को यहां 3 से 4 गुना तक सस्ता इलाज मिलेगा। हाईटेक मशीनें और आधुनिक इलाज की सुविधा करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस सेंटर को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। यहां आईयूआई जैसी एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को काउंसलिंग से लेकर ट्रीटमेंट तक हर स्टेज पर मदद करेगी।  आधुनिक मशीनों से होगा इलाज     केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा।     कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी।     लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

अब सफर होगा आसान और ग्रीन: 100 ई-बसें सड़कों पर, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

ग्वालियर ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है। हालांकि जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देरी से शुरू होने के कारण परियोजना में कुछ विलंब हो सकता है। ऐसे में अब ई-बसों के मई-जून 2026 तक शहर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों का संचालन अब नगर निगम की जगह राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर बसों में लगाए जाने वाले आइटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।   ऐसे चलेगी ई-बस सेवा पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा। 10 रूट किए गए फाइनल शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा। 15.50 करोड़ से बन रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आइएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं। 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान बस संचालन के लिए एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि शेष 36.14 रुपए नगर निगम को वहन करना होगा। निगम को उम्मीद है कि बसों से होने वाले कलेक्शन से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी। बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं पीएम-ई बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। बस जिस स्थान से गुजरेगी, उस क्षेत्र की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। रमौआ और आइएसबीटी में चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही संभावित रूप से मई-जून तक बसें ग्वालियर में आ सकती हैं। पहले चरण में 60 बसें आएंगी।

मुख्यमंत्री यादव का कड़ा कदम, कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाया

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 22 मार्च को अचानक सीधी जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए साफ संकेत दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके दौरे से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने  सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी कलेक्टर को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित नहीं मानते हुए एसपी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। विभिन्न विभागों की समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सहकारी बैंक महाप्रबंधक भी निलंबित  औचक निरीक्षण के दौरान सीधी जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे. विभागीय समीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद सीएम यादव ने बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी कहीं भी पदस्थ हों, उन्हें जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी से कार्य करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी, पदभार संभालते ही शुरू हो जाती है, और प्रशासन में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. IAS स्वरोचिष सोमवंशी का जीवन परिचय स्वरोचिष सोमवंशी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2012 बैच की अधिकारी हैं. 24 दिसंबर 1984 को जन्मी सोमवंशी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने B.Tech (Computer Science and Engineering) किया है. 3 सितंबर 2012 को IAS के रूप में नियुक्ति के बाद वे मध्य प्रदेश कैडर में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुकी हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सोमवंशी अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं. वर्तमान कार्रवाई से पहले वे 11 मार्च 2024 से सीधी जिले की कलेक्टर के पद पर पदस्थ थीं. अधिकारियों पर गिरी गाज सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण के दौरान आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक नहीं मिली अधिकारी की भूमिका इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। गुना एसपी को भी हटाया वहीं गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेर-फेर के प्रकरण में गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। अंकित सोनी की जगह हितिका वसल को गुना एसपी बनाया गया है। बता दें कि गुना में नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है। ये है पूरा मामला गुना जिले के धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई। इस मामले में टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।  

250 करोड़ का जेट विमान खरीदेगी मध्यप्रदेश सरकार, डिलीवरी की तैयारी तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार को जल्द ही किराए के विमान से मुक्ति मिल जाएगी। राज्य सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा है जिसकी जल्द डिलीवरी होगी। कनाडा में सरकार का नया विमान लगभग तैयार हो चुका है। भोपाल लाने के पहले इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए पायलट व दो इंजीनियर जून में कनाडा जाएंगे। विमान की जांच के ही इस काम में 50 लाख रुपए लगेंगे। अभी सरकार के पास खुद का विमान नहीं है। जरूरत के वक्त राज्य सरकार द्वारा किराए से विमान लिए जा रहे हैं। कनाडा में राज्य सरकार का नया जेट विमान (चैलेंजर 3500) लगभग तैयार हो गया है। इसे तैयार कर रही बाम्बार्डियर कंपनी जून 2026 के अंत तक सरकार को सौंपने जा रही है। डिलीवरी लेने से पहले विमान की तकनीकी जांच की जाएगी जिसके लिए सरकार ने समिति गठित कर दी है। विमान की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम चिह्नित की गई है। ये निजी विशेषज्ञ हैं, जो जांच के लिए 50 लाख रुपए ले रहे हैं। विमान की जांच टीम में विमानन विभाग में पदस्थ पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं।

युद्ध का असर रसोई तक: सोया तेल महंगा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें

इंदौर ईरान-इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण संघर्ष के कारण केवल एलपीजी का संकट ही नहीं आया बल्कि अन्य खाद्य सामग्रियों पर भी इसका खासा असर पड़ रहा है। इंदौर Indore में खाद्य तेल महंगा हो गया है। युद्ध लंबा खिंचने से वैश्विक तेजी के कारण सोया तेल Soya Oil के दामों में उछाल आया है। ईरान अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें उच्चतम स्तर तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, भारत सहित दुनिया भर में माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य पदार्थों, रसोई तेल और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। इंदौर के थोक बाजार में सोयाबीन और पाम तेल की कीमतों में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ ही रिटेल में भी खाने का तेल महंगा हो गया है जिससे रसोई के बजट पर दबाव बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई और लंबी खिंचने से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 89 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से आता है। कच्चे तेल की कीमत बढऩे से देश में महंगाई बढ़ सकती है। इंदौर में तेल के भाव लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मूंगफली तेल 1740 से 1760 मुंबई मूंगफली तेल 1770 इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1505 से 1510 इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1450 से 1455 मुंबई सोया रिफाइंड 1500 मुंबई पाम तेल 1430 इंदौर पाम 1500 राजकोट तेलिया 2750 गुजरात लूज 1725 कपास्या तेल इंदौर 1400 रुपए  तिलहन : सरसों निमाड़ी (बारीक) 6300 से 6600, रायडा 5700 से 6000 सोयाबीन 3400 से 5575 रुपए क्विंटल असर सूखे मेवों पर भी सप्लाई प्रभावित का असर सूखे मेवों पर भी पड़ रहा है। इनकी कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही है- सूखे मेवे : काजू डब्ल्यू 240 नंबर 925 से 975, काजू जेएच 820 से 835, टुकड़ी 770 से 795, बादाम इंडिपेंडेट 775 से 795, कैलिफोर्निया 835 से 850, मोटा दाना 880 से 920, टांच 750 से 770, किशमिश कंधारी 425 से 475, बेस्ट 500 से 550, इंडियन 375 से 400, बेस्ट 415 से 425, चारोली बेस्ट 1850 से 1950, अंजीर बेस्ट 850 से 1150, मखाना 5, बेस्ट 1150 से 1350, पिस्ता कंधारी 2575 से 2750, पिस्ता पिशोरी 3150 से 3200 रुपए।

रेलवे का बड़ा तोहफा: समर वेकेशन में दौड़ेंगी 18 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, जानें टाइमटेबल

भोपाल गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में एक बार फिर भारी भीड़ उमडऩे लगी है। भोपाल रेल मंडल से अब तक 18 से ज्यादा समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इसके बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों में ओवर वेटिंग की स्थिति बन रही है। भोपाल रेल मंडल के अनुसार, गोरखपुर, पुणे, मुंबई के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। रेलवे द्वारा संचालित समर स्पेशल ट्रेनों में नियमित ट्रेनों के मुकाबले 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया तय किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन सीमित अवधि के लिए किया जाएगा। अप्रेल और मई में चलेंगी रेलगाडिय़ां ट्रेन संख्या 01415 पुणे- गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6:50 बजे प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सायं 4 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 2 अप्रैल से 1 मई 2026 तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन रात 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी।   यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 10:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, भोपाल एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 3 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन मध्यरात्रि 12:40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ऐसे कराएं टिकट ट्रेन में टिकट लेने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctc.co.in) या 'IRCTC Rail Connect App' पर अकाउंट रजिस्टर करें। यहां पर आपको लॉगिन करना होगा, जिसके लिए यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद 'From' (जहां से जाना है) और 'To' (जहां तक जाना है) स्टेशन भरें, यात्रा की तारीख चुनें और 'Search Trains' पर क्लिक करें। उपलब्ध ट्रेनों की सूची में से अपनी पसंद की ट्रेन और क्लास (जैसे- Sleeper, 3AC, 2AC) चुनें। यात्रियों का नाम, उम्र और सीट की प्राथमिकता दर्ज करें। क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के जरिए टिकट का भुगतान करें। पेमेंट पूरा होने के बाद, आपका ई-टिकट (E-ticket) ईमेल और SMS पर आ जाएगा।

स्मार्ट किचन की ओर कदम: भोपाल में PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आसान

भोपाल बढ़ती ईंधन की कीमतों और स्वच्छ ऊर्जा की मांग के बीच, अब घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) एक लोकप्रिय विकल्प बनती जा रही है। यदि आप भोपाल में रहते हैं और नया पीएनजी कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, तो अब यह प्रक्रिया बेहद सरल और परेशानी मुक्त हो गई है। यहां जानें आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की पूरी जानकारी। क्या है पीएनजी कनेक्शन? (What is a PNG Connection?) पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइनों के माध्यम से घरों तक पहुंचाई जाती है। एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की तुलना में इसे अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती माना जाता है। इसमें सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग करने का झंझट नहीं रहता। भोपाल में मुख्य रूप से भारत गैस रिसोर्सेज लिमिटेड (BGRL) द्वारा पीएनजी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह कंपनी घरेलू और वाणिज्यिक (Commercial) दोनों तरह के उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करती है। आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) 1. ऑनलाइन आवेदन: सेवा प्रदाता (BGRL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। "न्यू पीएनजी कनेक्शन" (New PNG Connection) विकल्प का चयन करें। अपना विवरण जैसे नाम, पता और मोबाइल नंबर भरें। 2. ऑफलाइन आवेदन: अपने नजदीकी पीएनजी कार्यालय या ग्राहक सेवा केंद्र पर जाएं। आवेदन पत्र भरें और वहां जमा करें। 3. आवश्यक दस्तावेज जमा करें: पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी, आदि)। पते का प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड आदि)। पासपोर्ट साइज फोटो। सत्यापन और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया साइट सर्वे: आवेदन करने के बाद, कंपनी की तकनीकी टीम आपके घर का दौरा (Site Survey) करेगी। शेड्यूलिंग: यदि आपके क्षेत्र में मुख्य पाइपलाइन उपलब्ध है, तो इंस्टॉलेशन का समय तय किया जाएगा। मीटर फिटिंग: आपके परिसर में एक गैस मीटर और रेगुलेटर लगाया जाएगा। कनेक्शन की लागत और समय     सुरक्षा निधि (Security Deposit): यह लगभग ₹5,000 से ₹7,000 के बीच हो सकती है।     इंस्टॉलेशन शुल्क: यह सेवा प्रदाता और पाइप की लंबाई के आधार पर भिन्न हो सकता है।     समय: आमतौर पर इस प्रक्रिया में 7 से 15 दिन का समय लगता है। यदि आपके क्षेत्र में बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार नहीं है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है। पीएनजी के मुख्य लाभ     बुकिंग से आजादी: एलपीजी सिलेंडर बुक करने की कोई आवश्यकता नहीं।     निर्बाध आपूर्ति: 24 घंटे बिना रुके गैस की सप्लाई।     सुरक्षित और इको-फ्रेंडली: यह पर्यावरण के अनुकूल है और एलपीजी से अधिक सुरक्षित मानी जाती है।     किफायती: लंबे समय में यह सिलेंडर के मुकाबले सस्ती पड़ती है। भोपाल में पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करना अब एक सीधी प्रक्रिया है। सही दस्तावेजों और साधारण आवेदन के साथ, आप कुछ ही दिनों में अपने घर पर निर्बाध और स्वच्छ ईंधन का आनंद ले सकते हैं।

3 राज्यों की पुलिस को चकमा देता रहा चोर दंपती, 12 शहरों में 100 से ज्यादा चोरी की वारदात

ग्वालियर महाराजपुरा इलाके में लगातार हो रही चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शातिर चोर अरविंद रजक और उसकी पत्नी ज्योति रजक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 105 ग्राम सोने के गहने और दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। खंडहर में गाड़कर रखा था चोरी का माल पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दंपती चोरी के गहनों को आंतरी स्थित एक खंडहरनुमा घर में जमीन के अंदर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर छिपाते थे। समय के साथ उस स्थान पर घास उग आई थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। पुलिस ने खुदाई कर वहां से सामान बरामद किया। सीसीटीवी से मिला सुराग, दंपती गिरफ्तार महाराजपुरा में रिटायर्ड सूबेदार ओंकार सिंह तोमर के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अरविंद रजक की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पत्नी ज्योति को भी हिरासत में लिया गया। 100 से ज्यादा वारदात, 56 एफआईआर दर्ज जांच में खुलासा हुआ कि अरविंद रजक मध्यप्रदेश के कई शहरों के साथ-साथ गुजरात में भी चोरी की वारदातें कर चुका है। उसने अब तक 100 से अधिक चोरियों को अंजाम दिया है और उसके खिलाफ 56 FIR दर्ज हैं। हालांकि, महाराजपुरा क्षेत्र की उसने छह चोरियां कबूल की हैं। सूबेदार के घर की चोरी पर बना संशय पुलिस के अनुसार 105 ग्राम सोना बरामद हुआ है, लेकिन रिटायर्ड सूबेदार के घर से चोरी हुआ सामान अब तक नहीं मिला है। आरोपी का कहना है कि वहां से उसे केवल 600 रुपये मिले थे, जबकि पीड़ित ने 50 लाख रुपये की चोरी का दावा किया था। पुलिस ने पांच लाख रुपये की चोरी दर्ज की थी। मोबाइल में मिले अहम सुराग ज्योति रजक के मोबाइल से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अरविंद की गिरफ्तारी के बाद ज्योति ही वकील का इंतजाम कर रही थी। मोबाइल में उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिसकर्मियों और वकीलों से बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।