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आबकारी राजस्व में 20 प्रतिशत तक होगी वृद्धि : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

आबकारी व्यवस्था की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को मंत्रालय में आबकारी व्यवस्था वर्ष 26-27 की समीक्षा की। वर्ष 26-27 के म.प्र. समस्त मदिरा दुकानों का ई-टेडर एवं ई टेंडर कम ऑक्सन के माध्यम से निष्पादन करने का नीतिगत निर्णय लिया गया है। वर्ष 2026-2027 के लिए मदिरा दुकानों के वर्ष 2025-26 के वार्षिक मूल्य में आबकारी नीति अनुसार 20 प्रतिशत वृद्धि की जाकर वर्ष 2026-27 के लिए आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया गया है। वर्ष 2026-27 के लिये मदिरा दुकानों से सरकार को 19 हजार 952 करोड़ की प्राप्ति होगी। अब तक कुल 6 चरणों में हुए मदिरा दुकानों के निष्पादन से 11 हजार 827 का आबकारी राजस्व सुनिश्चित हुआ है, जो कि वर्ष 2025-26 वार्षिक मूल्य से 30 प्रतिशत अधिक है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा को बताया गया कि अब तक उमरिया, सीधी, शहडोल, मडला, डिण्डोरी, खरगौन, आदि जिले सौ प्रतिशत राजस्व निष्पादित हो चुके हैं। कम राजस्व वसूली वाले जिले क्रमश: इन्दौर 78 प्रतिशत, ग्वालियर 79 प्रतिशत, धार 76 प्रतिशत, शिवपुरी 80 प्रतिशत, रीवा 85 प्रतिशत, खण्डवा 82 प्रतिशत, अशोकनगर 82 प्रतिशत सिंगरौली 83 प्रतिशत और नर्मदापुरम 93 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने निर्देशित किया है कि जिन जिलों में राजस्व का लक्ष्य प्राप्त करना शेष है उनमें भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ जिला शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इन जिलों पदस्थ जिला आबकारी अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के लिये निर्देशित किया। समिति की बैठक में परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके उपस्थित थीं। साथ ही प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, आबकारी आयुक्त एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।  

सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं : मंत्री परमार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में, भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 'सफलता के मंत्र' कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सहभागिता कर, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों को सफल सिविल सेवा एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। मंत्री परमार ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' की संकल्पना सिद्धि में, आप सभी शिल्पकार बनकर अपनी प्रशासनिक दक्षता, पुरुषार्थ एवं परिश्रम से सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। मंत्री परमार ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको समाज और राष्ट्र की सेवा करने का पुनीत अवसर मिला है। संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तीर्ण होना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक महान उत्तरदायित्व है। मंत्री परमार ने कहा कि अपनी इस असाधारण योग्यता को समाज और देश के उत्थान के लिए समर्पित करने का संकल्प लें। मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता ही मानवता का वास्तविक आभूषण है। हम चाहे सफलता के किसी भी शिखर पर पहुँच जाएँ, अपनी माटी का ऋण और अपनों के साथ को कभी नहीं भूलना चाहिए। यही कृतज्ञता का भाव 'लोक-कल्याण' की नींव रखता है। मंत्री परमार ने कहा कि देश की उन्नति का मार्ग गुरुओं के प्रति सम्मान से ही प्रशस्त होता है। शिक्षक चाहे विद्यालयीन शिक्षा के हो अथवा महाविद्यालयीन शिक्षा के हों, उनका स्थान हमारे जीवन में सदैव सर्वोच्च रहना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि जब हम अपने गुरुजनों का सम्मान करते हैं, तो राष्ट्र स्वतः ही ज्ञान के शिखर की ओर अग्रसर होता है। मंत्री परमार ने कहा कि वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का जीवन स्तर सुधरे। ग्रामीण अंचल के विकास की मुख्यधारा से पिछड़े हुए लोगों का हाथ पकड़कर उन्हें आगे बढ़ाना ही हमारा पुनीत कर्तव्य है। सशक्त ग्रामीण भारत ही 'विकसित भारत' की नींव है। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को स्मरण करते हुए, राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता पर बल दिया। आइए, हम सब मिलकर समन्वय के भाव से भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने का दृढ़ संकल्प लें और अपनी प्रतिबद्ध सहभागिता से विकसित भारत@2047 की संकल्पना सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता के विभिन्न पहलुओं और प्रयासों से अवगत करवाया। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर, उनकी जिज्ञासाओं पर अपने विचार भी साझा किए। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में, हर वर्ष प्रदेश के अभ्यर्थियों के चयन की संख्या निरंतर बढ़ रही है। सिविल सेवा परीक्षा-2025 में, प्रदेश के 61 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, इनमें से दो अभ्यर्थियों ने देश भर में टॉप 10 में जगह बनाई है।  

सार्थक ऐप पर सुनिश्चित होगी अगले सत्र से विद्यार्थियों की उपस्थिति : मंत्री परमार

सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी (नूतन) महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव : स्वयं प्रभा 2026 का शुभारम्भ भोपाल वार्षिक स्नेह सम्मेलन, हर संस्थान में विद्यार्थियों के वर्ष भर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के सार्वजनिक प्रकटीकरण का सशक्त मंच है और महाविद्यालय की प्रतिष्ठा के प्रदर्शन का भी यह सुअवसर है। प्रदेश के समस्त महाविद्यालय बेहतर हों, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं एवं पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं और महाविद्यालयों में आवश्यक शैक्षणिक पदों की पूर्ति प्रक्रिया प्रचलन में है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, सोमवार को भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी (नूतन) महाविद्यालय में, महाविद्यालय के 'वार्षिकोत्सव : स्वयं प्रभा 2026' के शुभारम्भ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने बेटियों को विविध महाविद्यालयीन गतिविधियों में प्रतिभागिता करने के लिए बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उनके हितों से जुड़े समस्त विषयों पर विस्तृत कार्य हो रहा है। परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, संस्थानों की स्वायत्तता को लेकर भी लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में प्रदेश, देश भर में अग्रणी भूमिका में स्थापित हो सके। परमार ने कहा कि सार्थक ऐप के माध्यम से, प्राध्यापकों की संस्थान में अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। इस अनुक्रम में विद्यार्थियों की संस्थान परिसर में अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अगले सत्र से, सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी और विद्यार्थियों को अधिकतम उपस्थिति पर क्रेडिट भी दिया जाएगा। मंत्री परमार ने कहा कि संस्थान पर परिवेश पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण हो, यही हमारा मूल ध्येय है। मंत्री परमार ने कहा कि मूल्यांकन की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल मूल्यांकन की कार्ययोजना पर कार्य हो रहा है। मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता ही मानवता का वास्तविक आभूषण है। हम चाहे सफलता के किसी भी शिखर पर पहुँच जाएँ, अपनी माटी का ऋण और अपनों के साथ को कभी नहीं भूलना चाहिए। यही कृतज्ञता का भाव 'लोक-कल्याण' की नींव रखता है। मंत्री परमार ने कहा कि शिक्षा, विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास का मुख्य माध्यम है और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। मंत्री परमार ने वर्तमान परिदृश्य में, शिक्षक-विद्यार्थी परंपरा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों के परंपरागत ज्ञान के आधार पर, भारत स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, खाद्यान्न सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति में भी सामर्थ्यवान बनेगा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने यह महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र बिहारी गोस्वामी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रो. गोस्वामी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। वार्षिकोत्सव "स्वयंप्रभा-2026" के प्रथम दिवस को "पारंपरिक दिवस" के रूप में मनाया गया, जिसमें छात्राओं ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से प्रस्तुत किया। "अतुल्य भारत" थीम पर आधारित प्रस्तुति में 21 छात्राओं ने भाग लेकर देश की विविधता और सांस्कृतिक वैभव का आकर्षक प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एनसीसी की 28 छात्राओं द्वारा "ऑपरेशन सिंदूर" पर आधारित नृत्य नाटिका ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही, प्रदेश की जनजातीय संस्कृति पर आधारित कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने वातावरण को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजना उपाध्याय एवं आभार प्रदर्शन छात्रसंघ प्रभारी डॉ. नीना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित थीं।  

प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया है राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण भोपाल में सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को होगी नई दिल्ली की 26 जनवरी जैसी परेड परेड के साथ ही सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास और शौर्य संध्या का होगा आयोजन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होंगे आयोजन भारतीय सेना को राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग शौर्य स्मारक, अटल पथ, बड़ा तालाब, जंबूरी मैदान और बीएचईएल के मुख्य मार्गों पर होंगे आयोजन मुख्यमंत्री निवास में हुई सेना तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने हर मौके और मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया है। देश के हर व्यक्ति और परिवार के लिए भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ना गर्व का विषय है। प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को भोपाल में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। भोपाल में सेना दिवस पर होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और चीफ़ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक में सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आगामी सेना दिवस 15 जनवरी को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शौर्य संध्या, सेना के हथियारों संसाधनों और उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन भी होगा। सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। सभी गतिविधियां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता और गरिमा के समान संचालित की जाएगी। कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की समृद्ध वीरता और सैन्य परंपरा के प्रदर्शन, सैन्य परेड से जन-जन को जोड़ने, सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास की भावना विकसित करने और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सेना दिवस 15 जनवरी 2027 पर होने वाले इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से होगी। स्थापना दिवस पर मेरी माटी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाकर भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना दिवस 15 जनवरी की परेड के लिए 9,11 और 13 जनवरी को अभ्यास होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी की शौर्य संध्या के लिए 11 और 13 जनवरी को अभ्यास का क्रम रखा गया है। सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन 7 से 12 जनवरी तक होगा। भोपाल के बड़े तालाब में 11 और 12 जनवरी को सैन्य अभ्यास होगा। सेना की परेड के लिए अटल पथ, एयरोसिटी रोड, भेल कालीबाड़ी मार्ग और भेल लिंक रोड प्रस्तावित किए गए हैं। शौर्य संध्या का आयोजन टी.टी. नगर स्टेडियम में और सैन्य प्रदर्शनी जम्बूरी मैदान में लगाई जाएगी। बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास गतिविधियां होंगी। प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को होने वाले 'मेरी माटी अभियान' के अंतर्गत हॉट एयर बैलून गतिविधि, मोटर साइकिल रैली, दौड़ तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सेना दिवस सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जनरल केएम करियप्पा द्वारा वर्ष 1949 में भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विचार को सशक्त करने और सेना व नागरिकों के संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयोजनों के विकेन्द्रीकरण की यह पहल वर्ष 2023 से आरंभ हुई। ऐसे आयोजन देश के लिए शहीद हुए शूरवीरों का स्थानीय स्तर पर सम्मान करने और उन्हें याद करने का भी अवसर देते हैं। सेना दिवस पर इस प्रकार की पहली परेड बैंगलुरू में वर्ष 2023 में, लखनऊ में 2024 में, पुणे में 2025 में और 2026 में जयपुर में आयोजित की गई। इन आयोजनों से युवाओं को भारतीय सेना में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में भी मदद मिली है। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भांडेर में किसान सम्मेलन में होंगे शामिल

62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दतिया जिले के भांडेर में मंगलवार 24 मार्च को मण्डी प्रांगण में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले में 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ भी वितरित करेंगे। इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले के पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन व केंटीन का निर्माण कार्य, माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना में यात्री निवास भवन निर्माण कार्य और पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निर्माण कार्य, 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं 3.15 एमवीए पॉवर परिणामित्र-2 स्थापना कार्य, सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर का निर्माण कार्य और ततारपुर स्टेडियम, पण्डोखर धाम के पास विश्राम गृह निर्माण कार्य एवं रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर के 50 सीटर बालक छात्रावास एवं 50 सीटर बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन करेंगे।  

शीघ्र ही लांच करेंगे स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन और विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से औपचारिक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द मध्यप्रदेश का अपना 'स्टेट एआई मिशन' लांच करने जा रहे हैं। यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक रूप से चर्चा कर रहे थे। जयपुर में निवेशकों से मिले 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों ने मध्यप्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी श्री रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्यप्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों श्री मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), श्री महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और श्री के एल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपए से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।  

भोपाल नगर निगम बजट: ग्रीन-स्मार्ट सिटी विजन, 3938 करोड़ का प्लान, पानी-सीवेज-आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

3938 करोड़ का प्रस्तावित बजट, आय-व्यय समान इतनी ही राशि खर्च सुरक्षा निधि: 108.89 करोड़ कुल घाटा108.89 करोड़ भोपाल शहर सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया जिसे महापौर मालती राय ने पटल पर रखा। इस बजट में शहर की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ तालाबों के संरक्षण और वंचित वर्गो के लिए आवास सहित अन्य मदों के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट 3938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपए का रखा गया है, जिसमें आय और व्यय दोनों बराबर हैं। हालांकि, राजस्व आय का 5' सुरक्षा निधि के रूप में 138 करोड़ 89 लाख 29 हजार रुपए अलग रखने के कारण बजट में संभावित घाटा सामने आ रहा है। महापौर के मुताबिक 108 करोड़ 89 लाख का घाटा दर्शाया गया है। बजट पेश करते हुए महापौर ने कहा कि  यह बजट बिना किसी भेदभाव के हर वार्ड के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वार्ड नियोजन निधि के तहत प्रत्येक वार्ड को 50 लाख रुपए दिए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेजी से हो सकें। हालांकि राहत की बात यह है कि जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते इस बार संपत्तिकर, जलदर में कोई बदलाव नहीं किया है वहीं शहर के एक बड़े हिस्से मेंं बल्क की बजाए व्यक्तिगत कनेक्शन देने की बात कही गई है। पानी और सीवेज पर बड़ा निवेश शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जलप्रदाय और सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। अमृत-2 योजना के तहत 582 करोड़ से जल परियोजनाएं जारी 36 ओवरहेड टंकियां, 4 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 600 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी सीवेज नेटवर्क विस्तार के लिए 1050 करोड़ रुपए के काम 70' शहर सीवेज नेटवर्क से कवर करने का लक्ष्य साथ ही 829 कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने की योजना को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। तालाबों के संरक्षण पर फोकस बड़े तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा और कलियासोत सहित शहर के प्रमुख जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया है। बड़े तालाब पर 14 करोड़ छोटे तालाब पर 7 करोड़ शाहपुरा तालाब पर 9 करोड़ कलियासोत पर 34 करोड़ खर्च होंगे इसके अलावा प्रदूषण रोकने के लिए विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे। आवास और झुग्गी मुक्त शहर का लक्ष्य 1052 मकान तैयार, 750 हितग्राहियों को आवंटन 1856 नए मकानों का प्रस्ताव बजट में 400 करोड़ रुपए का प्रावधान रेलवे कुलियों के लिए स्टेशन के पास आवास योजना पर भी काम प्रस्तावित है।  स्वच्छता में नंबर-2, अब नंबर-1 का लक्ष्य महापौर ने बताया कि भोपाल देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर और सबसे स्वच्छ राजधानी बना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 84 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कचरा प्रबंधन में नवाचार जैसे कचरा कैफे, कम्पोस्ट, अगरबत्ती निर्माण और रीसाइक्लिंग पर जोर जारी रहेगा। यातायात और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार ब्लैक स्पॉट खत्म करने और लेफ्ट टर्न सुधार के लिए 6.9 करोड़ सडक़ों के रखरखाव के लिए 30 करोड़ मुख्य मार्गों पर लाइटिंग के लिए 30 करोड़ कोकता ट्रांसपोर्ट नगर को व्यवस्थित करने और शहर से ट्रांसपोर्ट शिफ्ट करने की योजना भी शामिल है। नए मार्केट, मीट मार्केट शिफ्ट और व्यापारिक प्लान इतवारा मीट मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी ञ्जञ्ज नगर में नए मार्केट कॉम्प्लेक्स विकसित होंगे सर्राफा, दवा और किराना बाजार के लिए अलग हब बनाने की योजना हरियाली, पार्क और ओपन जिम नए पार्कों के लिए 5 करोड़ महापुरुषों की प्रतिमाओं के लिए 3 करोड़ ओपन जिम और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार सोलर एनर्जी और बचत नगर निगम सोलर एनर्जी पर भी तेजी से काम कर रहा है। फिल्टर प्लांट्स पर सोलर लगाने से हर महीने करीब 6 लाख रुपए की बचत हो रही है। नीमच में 10 मेगावाट प्लांट चालू है, एक और प्लांट जल्द शुरू होगा। संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा रानी कमलापति की स्मृति में ‘सांस्कृतिक झील महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान है।म्यूजियम, ऑडिटोरियम और सामुदायिक भवनों के लिए भी बजट में राशि रखी गई है। कर्मचारियों और छात्रों के लिए प्रावधान मेधावी छात्रों को 15 हजार रुपए प्रोत्साहन कर्मचारियों के लिए दुर्घटना सहायता निधि सफाई मित्रों के लिए 2.7 करोड़ की वर्दी और रेनकोट व्यवस्था

योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह

नव निर्माण के 9 वर्ष: एमएसएमई क्षेत्र में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक को रोजगार योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह  देश में सबसे ज्यादा 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के धरातल पर आने से सृजित हुए 60 लाख रोजगार के अवसर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपी सरकार ने गत 9 वर्षों में युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह प्रशस्त की है। इसके लिए सीएम युवा जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को मजबूत किया गया, जिसका परिणाम यह है कि आज यह सेक्टर न सिर्फ अधिकाधिक युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की धुरी भी बना है। इसके अतिरिक्त राज्य में निवेश आमंत्रण के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों ने भी युवाओं के लिए रोजगार के लाखों अवसर सुनिश्चित किए हैं। योगी सरकार की उद्योग समर्थित नीतियों का असर है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन के अवसर सृजित होने की संभावना बनी है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिनसे करीब 60 लाख रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं। बड़े पैमाने पर निवेश आने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका सीधा लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है। निवेश के साथ उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। एमएसएमई बना रोजगार का मजबूत आधार प्रदेश में सूक्ष्म लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम क्षेत्र रोजगार सृजन का एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना को एमएसएमई से जोड़ने से छोटे उद्योगों को विस्तार मिला, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को नई दिशा युवाओं को रोजगार देने के साथ साथ उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है और 1097.10 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 4 लाख 20 हजार से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है, जिससे उन्हें अपना हुनर आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

कोर्ट का बड़ा आदेश: 2017 में निकाली गई 80 महिला कर्मचारियों को टाटा इंटरनेशनल में फिर से काम पर रखा जाएगा

देवास देवास स्थित टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा वर्ष 2017 में बिना नोटिस और जानकारी के नौकरी से निकाली गई महिला कर्मचारियों के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बिना नोटिस फैक्ट्री बंद करने और कर्मचारियों को निकालने को कानून का उल्लंघन मानते हुए कंपनी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित 80 नियमित महिला कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा जाए और उन्हें आधे वेतन के साथ बहाल किया जाए। मामले में इंटेक यूनियन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई है, लेकिन बहाली की प्रक्रिया मुंबई हेड ऑफिस से अनुमति मिलने के बाद ही शुरू होगी। 2017 में 700 महिलाओं को अचानक निकाला था जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में लेडीज फुटवियर निर्माण कार्य में लगी लगभग 700 महिला कर्मचारियों को कंपनी ने अचानक नौकरी से निकाल दिया था। इनमें से लगभग 80 महिलाएं कंपनी की नियमित कर्मचारी थीं, जबकि कुछ ठेका प्रणाली के तहत कार्यरत थीं। अदालत ने बिना नोटिस निकाले जाने और फैक्ट्री बंद करने के इस मामले को कानून का उल्लंघन माना है। वकील बोले- कंपनी द्वारा किया गया बंदीकरण दंडनीय अपराध मामले में वकील बीएल नागर ने जानकारी दी कि, "कंपनी द्वारा किया गया बंदीकरण दंडनीय अपराध है और अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल 80 कर्मचारियों को बहाल करने का आदेश हुआ है और अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।" इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेत्री रेखा वर्मा ने इसे महिलाओं के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि, "बिना नोटिस कर्मचारियों को निकालना पूरी तरह गैरकानूनी था और कंपनी को जल्द से जल्द न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए।" मुंबई हेड ऑफिस की अनुमति का इंतजार इंटेक के जिलाध्यक्ष महेश राजपूत ने बताया कि कंपनी प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत की गई है। उन्होंने बताया कि आदेश को अभी तक आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया है। उनका कहना है कि कंपनी हेड ऑफिस मुंबई से अनुमति मिलने के बाद ही कर्मचारियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करेगी। महिला कर्मचारियों ने न्याय मिलने पर जताई खुशी न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रभावित महिला कर्मचारी माया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय से वे परेशान थीं और अब उन्हें राहत मिली है। वहीं, एक अन्य कर्मचारी बीना वैष्णव ने बताया कि पिछले 7-8 वर्षों से उनका संघर्ष जारी था और कर्मचारी संघ के सहयोग से यह जीत संभव हो पाई है।

एमपी में 26 मार्च से बारिश और आंधी, 20 जिलों में पड़ेगा असर, 3 दिन तक गर्मी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस नए सिस्टम का प्रभाव खासतौर पर पूर्वी क्षेत्रों—जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा। इससे पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर तेज रहेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी पड़ेगा।फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में नहीं दिखेगा। अगले तीन दिनों तक चढ़ेगा अधिकतम तापमान वहीं बारिश से पहले लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री के पार रहा. जबकि 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश का दौर चला था, जिसके थमते ही गर्मी का असर बढ़ गया है. अब 26 मार्च से शुरू होने वाले नए सिस्टम से एक बार फिर तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. प्रदेश में रायसेन जिले में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 9.4°C दर्ज किया गया. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 33.0°C इंदौर में 33.4°C जबलपुर में 31.3°C ग्वालियर में 31.8°C उज्जैन में 34.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  14.9°C इंदौर में 17.3°C जबलपुर में 14.5°C ग्वालियर में 16.5°C उज्जैन में 15.2°C बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर रहा। शनिवार और रविवार को मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। अगर प्रमुख शहरों की बात करें, तो उज्जैन में 34°C, इंदौर में 33.3°C, भोपाल में 33°C, ग्वालियर में 31.8°C और जबलपुर में 31.3°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6°C, रतलाम में 37.2°C, खरगोन और नरसिंहपुर में 36°C तथा गुना में 33°C तापमान दर्ज हुआ। रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। बारिश-ओलों से बदला था मौसमह ल ही में 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिससे मौसम ठंडा रहा। हालांकि, शनिवार और रविवार को यह सिलसिला थम गया, जिसके बाद गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया। इंदौर-भोपाल समेत इन शहरों में बढ़ा तापमान रविवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, रविवार को लगभग हर शहर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।