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इंदौर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा, दोस्त ने ही घर से चुराया करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इंदौर के थाना लसूड़िया पुलिस ने घर से सोने के बिस्किट एवं आभूषण चोरी होने के मामले का खुलासा करते हुए फरियादिया के साथ रहने वाले उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 630 ग्राम सोने का बिस्किट, 40 ग्राम सोने की चेन, 2 लाख रुपये नकद और एक Apple iPhone 17 सहित कुल लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गांव में सरपंची का चुनाव लड़ने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी करना स्वीकार किया है। ऐसे हुआ चोरी की वारदात का खुलासा फरियादिया निवासी नेपानिया मेन रोड, इंदौर ने थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 के बीच उनके घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। रिपोर्ट पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।  पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशानुसार थाना प्रभारी लसूड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान फरियादिया ने बताया कि उनके घर से सोने का बिस्किट एवं अन्य आभूषण चोरी हुए हैं। उनके साथ रहने वाला दोस्त गोपाल जाखड़ घर से जाने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर चुका था। फरियादिया द्वारा उस पर संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने गोपाल उर्फ गोपी जाखड़, जिला जोधपुर, राजस्थान को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। चुनाव लड़ने और महंगे शौक के लिए बनाई चोरी की योजना पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरियादिया के साथ रहते समय उसने घर की अलमारी में सोने का बिस्किट देखा था। अगले महीने उसके गांव में सरपंची के चुनाव होने वाले थे और वह चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था। चुनाव के खर्च तथा अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने सोने का बिस्किट चोरी करने की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी से चोरी की शेष संपत्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपने घरों एवं कीमती सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अपराधों की रोकथाम, चोरी की घटनाओं के खुलासे और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।  

हाईवे पर कार में लगी आग, डायल-112 की तत्परता से 07 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल पहुँचाया

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर त्वरित पुलिस सहायता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र में हाईवे पर कार में आग लगने की घटना के दौरान वाहन में सवार सभी 07 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 09 अक्टूबर को डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि बोरखली क्षेत्र में हाईवे पर एक कार में आग लग गई है और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही थाना राजोद की FRV-14 तथा थाना सरदारपुर की FRV-11 तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुंचने पर पुलिस टीम ने पाया कि अहमदाबाद से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रही मारुति सुजुकी एर्टिगा कार में अचानक आग लग गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 की दोनों टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार में सवार सभी 07 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग के कारण वाहन पूरी तरह जल गया तथा उसमें रखा सामान, कपड़े एवं लगभग 8 हजार रुपये की नकदी भी जल गई। पुलिस टीम की त्वरित प्रतिक्रिया से वाहन में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका। बाद में सभी यात्रियों को अन्य वाहन से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा से निभाया मानवीय दायित्व इस राहत एवं बचाव कार्य में FRV-14, थाना राजोद के  प्रकाश, कांस्टेबल 1125 एवं  तुलसीराम मेडा, पायलट तथा FRV-11, थाना सरदारपुर के  सौरभ मोरे, कांस्टेबल 1210 एवं  नितेश बाबेरिया, पायलट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा का उद्देश्य संकट की स्थिति में नागरिकों तक त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाना है। राजोद क्षेत्र की यह घटना दर्शाती है कि आपात परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और मौके पर प्रभावी कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ: राज्यमंत्री गौर

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम: राज्यमंत्री गौर गोविन्दपुरा विधानसभा में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान कार्यक्रम का हुआ आयोजन भोपाल  राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि 7 अगस्त से प्रारंभ हुआ मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उत्कृष्ट, संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच का परिणाम है। प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले ये शिविर केवल गोविंदपुरा ही नहीं, अपितु पूरे प्रदेश में जन-कल्याण का माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निस्वार्थ भाव से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। यह अभियान एक आदर्श सरकार के सुशासन का सबसे बड़ा परिचायक है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गोविंदपुरा विधानसभा में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं । राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि एम्स चिकित्सालय, ग्लोबल स्किल्स पार्क, सांदीपनी विद्यालय तथा भेल संस्थान क्षेत्र की प्रगति की संकेतक हैं। आगामी समय में अयोध्या बायपास में आकार लेने वाला 10 लेन मार्ग प्रदेश की विशिष्ट पहचान बनेगा, वहीं नगर निगम द्वारा सीवेज नेटवर्क का निर्माण कराया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्याओं का संवेदनशीलता से त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मास्टर प्लान में गोविंदपुरा के समग्र विकास के प्रावधान: कलेक्टर श्री मिश्रा कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का मूल उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाकर आमजन तक शासन की कल्याणकारी नीतियों का पारदर्शी लाभ पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे शिविरों में अपने आवेदनों का पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि उनका त्वरित और व्यवस्थित निराकरण किया जा सके। कलेक्टर श्री मिश्र ने बताया कि हाल ही में जारी भोपाल के ड्राफ्ट मास्टर प्लान में गोविंदपुरा क्षेत्र में स्किल्स पार्क, औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित अनेक महत्वाकांक्षी विकास कार्यों के प्रस्ताव समाहित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा रेखांकित जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों श्रीमती गिरजा राय, श्री संजीव कुमार मालवीय, श्री अशोक परमार, श्री प्रवेश कन्हारे, सुश्री सीमा परमार तथा श्री केवल बारके को हितलाभ वितरित किए। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन, एसडीएम श्रीमती निधि चौकसे, श्री प्रकाश चंद्र पांडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

भिलसांय में सेवा संकल्प अभियान की पहल, स्वास्थ्य शिविर में उमड़े ग्रामीण, वृक्षारोपण भी हुआ

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत भिलसांय में स्वास्थ्य शिविर एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गौरा मां दुर्गा समग्र विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राजपूत की उपस्थिति में संपन्न हुआ। शिविर में देवेंद्रनगर से डॉक्टर अनूप सोनी एवं आरबीके एएमओ अपनी स्वास्थ्य टीम के साथ पहुंचे। चिकित्सकीय टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। वहीं, जिन मरीजों की स्थिति को देखते हुए आगे जांच की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें बेहतर उपचार के लिए देवेंद्रनगर भेजा गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को किया जागरूक शिविर में सीएचओ रानू वर्मा, आशा कार्यकर्ता मंजू शर्मा, मनोरमा गुप्ता, सोमवती वर्मा, मनसा देवी पटेल और अर्चना वर्मा सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्रोपती गुप्ता एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने में सहयोग किया। इस अवसर पर अरविंद सिंह परिहार, आशु शुक्ला, पवन गर्ग, रमेश गर्ग, अवधेश शर्मा, अशोक सिंह और हरप्रसाद शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। कार्यक्रम के समापन पर वृक्षारोपण किया गया। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने वाली इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

मखाना खेती पर प्रशिक्षण सम्पन्न

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा मखाना की खेती पर दो दिवसीय जिला सेमिनार गत दिवस पन्ना शहर के एक निजी गार्डन में संपन्न हुआ। सहायक संचालक उद्यान पी.के. श्रीवास्तव ने बताया कि मखाना की खेती के लिये पन्ना सहित मध्यप्रदेश के 14 जिलों को शामिल किया गया है। इस अवसर पर मखाना अनुसंधान संस्थान दरभंगा बिहार के वैज्ञानिकमनोज सिंह ने मखाना की खेती करने की विधि बताई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के विषय विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। जिला स्तरीय सेमिनार में पन्ना, पवई, गुनौर एवं शाहनगर के लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी सहित आई.डी. अहिरवार एवं धर्मेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे।

खाद्य मंत्री राजपूत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

भोपाल  खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए प्रदेश में अब तक लगभग 6.80 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें धान उत्पादक 6.77 लाख तथा मोटा अनाज उत्पादक 13 हजार किसान शामिल हैं। पंजीकृत किसानों का कुल रकबा 10.88 लाख हेक्टेयर है। किसान पंजीयन में आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण और पंजीयन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी को आवश्यक निर्देश दिए थे। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों से चर्चा कर पंजीयन की स्थिति और तकनीकी समस्याओं की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य तकनीकी समस्याओं का निराकरण कर किसानों को पंजीयन में सुविधा उपलब्ध कराना तथा निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराना है। विभाग के अनुसार, किसानों के पंजीयन के लिए विभिन्न माध्यमों से सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। एग्रीस्टेक आईडी से भूमि के रकबे की जानकारी बैठक में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर वास्तविक किसानों से धान एवं मोटा अनाज की खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस वर्ष पहली बार किसान पंजीयन में एग्रीस्टेक आईडी का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसान की भूमि के रकबे की जानकारी प्राप्त की जा रही है। इससे पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और पंजीयन केंद्रों के ऑपरेटरों द्वारा किसी किसान का रकबा अनधिकृत रूप से दूसरे किसान के पंजीयन में जोड़ने की आशंका पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उपार्जन प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम है। एग्रीस्टेक आईडी बनाने और रिकॉर्ड सुधारने की सुविधा भूमिधारक किसानों की एग्रीस्टेक आईडी बनाने के लिए पटवारी, सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर तथा फार्मर रजिस्ट्री सेल्फ एप के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई गई है। एग्रीस्टेक आईडी में किसान के समस्त खसरों के रिकॉर्ड संधारित किए जाते हैं। यदि किसी किसान का कोई खसरा छूट गया है, तो उसे रिकॉर्ड में जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध है। डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था यथावत किसान के रकबे पर बोई गई फसल की जानकारी प्राप्त करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह ही रखी गई है। वहीं, राजस्व पट्टे, वन पट्टे तथा मंदिर और ट्रस्ट की भूमि के पंजीयन के लिए एग्रीस्टेक आईडी की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। ऐसे रकबों का पंजीयन पूर्व की व्यवस्था के अनुसार पंजीयन केंद्र अथवा डीएसओ लॉगिन के माध्यम से किया जा सकेगा।

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वितरित किए निशुल्क चश्में

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़ी है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से जनविश्वास अभियान के माध्यम से सरकार घर-घर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रत्येक वर्ग को राहत देने तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर योजनाएं संचालित कर रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिला चिकित्सालय पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा मरीजों से चर्चा कर उनके उपचार एवं अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को निःशुल्क चश्में वितरित किए। साथ ही क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण सहायता के उद्देश्य से फूड बास्केट प्रदान की। बुजुर्ग महिला से ली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, बच्चों को किया दुलार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजनों से चर्चा करते हुए उपचार की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उनका संवेदनशील अंदाज भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने एक बुजुर्ग महिला से बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बुजुर्ग महिला से चर्चा करते हुऐ कुशलक्षेम पूछा, बुजुर्ग महिला ने बताया कि इलाज बहुत अच्छा मिल रहा है और अब पहले से आराम है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से दुलार करते भी नजर आए। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बच्चों के सर पर दुलार से हाथ फेरते हुए उनका भी हाल-चाल पूछा। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री द्वारा स्कूली बच्चों को वितरित किए गए निःशुल्क चश्में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के बीच पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों को निशुल्क चश्में वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय कन्या शाला की कक्षा 12वी की छात्रा कु. शिवानी, कु. छाया एवं शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा कु. मुस्कान को चश्मा वितरित किया। हरदा में जिला अन्धत्व निवारण कार्यक्रम के अन्तर्गत 135 स्कूलों में 20320 बच्चों की जांच की गई जिसमें 1156 बच्चों में दृष्टिदोष पाए जाने पर उन्हें निशुल्क चश्में वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में टीबी मरीजों को पोषण आहार की टोकरी भी वितरित की। प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से युक्त लगभग 8 किलोग्राम की प्रत्येक फूड बास्केट में आटा, मूंगफली दाना, दाल और चना आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने हरदा जिले के ग्राम झिरी की रामबाई धुर्वे, उषा गिनारे तथा टिमरनी के परसराम लोवंशी को पोषण आहार की टोकरी प्रदान की। उल्लेखनीय है कि नि-क्षय पोषण योजना के अंतर्गत क्षय रोगियों को पोषण सहायता के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में व्यापक स्तर पर जांच एवं स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक हरदा जिले के हाईरिस्क ग्रामों एवं मोहल्लों को कवर करते हुए घर-घर जाकर 1 लाख 86 हजार 332 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हाईरिस्क ग्रामों एवं वार्डों में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और बलगम (स्यूटम) जांच के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से टीबी मरीजों को पोषण आहार की फूड बास्केट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिला अस्पताल को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्राप्त आईएसओ सर्टिफिकेट भी कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह को प्रदान किया। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्धजनों का किया सम्मान, वृद्धजनों ने दिया स्नेह और आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम अंतर्गत हरदा में सार्थक सेवा वृद्धजन आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों से आत्मीय भेंट की। उन्होंने वृद्धजनों को शाल, फल एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। वृद्धजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्धजनों से उनकी कुशलक्षेम जानी तथा आश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्धाश्रम का भ्रमण किया तथा सेवा संकल्प अभियान के तहत आश्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में आश्रम में आयोजित भ्रमण, भेंट एवं सम्मान सहित अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रदर्शित की गई थी। सार्थक सेवा आश्रय समिति को सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संस्था के रूप में शासन स्तर से मान्यता प्रदान की गई है। समिति द्वारा जिला प्रशासन के निर्देशन में वृद्धाश्रम का आधिकारिक संचालन किया जा रहा है। संस्था द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों को ऐसा पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें उन्हें अपनापन, सम्मान, स्वास्थ्य सुविधाएं, पौष्टिक भोजन एवं मानसिक शांति का अनुभव मिल रहा है। वर्तमान में 50 सीटर वृद्धाश्रम में 37 वृद्धजन निवासरत हैं, जिनमें 19 महिलाएं एवं 18 पुरुष शामिल हैं। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उइके, पूर्व कृषि मंत्री  कमल पटेल, पूर्व विधायक  संजय शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष  गजेंद्र शाह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दर्शन सिंह गहलोत,  राजेश वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष  अंशुल गोयल, नगर पालिका अध्यक्ष टिमरनी  देवेन्द्र भारद्वाज,  विशाल सिंह बघेल, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री सुदाम खाड़े, कमिश्नर नर्मदापुरम  कांत बनोठ, आईजी  चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक  शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

दस माह से अधिक समय तक मानदेय भुगतान लंबित रखने पर जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग निलंबित

भोपाल  मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा में समाधान ऑनलाइन में जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए पाँच आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए तथा अधिकारी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। शासन और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, इसलिए नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समाधान ऑनलाइन के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब और शिकायत के निराकरण में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन के दौरान सामने आया कि रसोई कार्य करने वाले महिला कर्मचारी का मानदेय दस माह से अधिक समय से लंबित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित शिकायत के लंबित रहने का कारण पूछा। इस पर जिला संयोजक प्रमोद माथुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संदीप गौर से चर्चा कर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से संबंधित उनकी शिकायत सुनी। इसी प्रकार सतीश उइके की विद्युत बिल से संबंधित समस्या पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए मीटरों की सेम्पल विवरण कर जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के समय पर निराकरण में देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने सहित अन्य आवेदकों से की समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। शिकायतों की जांच और उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी का वेतन भुगतान लंबित नहीं रहे। नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों की मानिटरिंग करे मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निराकरण इस स्तर पर किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समाधान ऑनलाइन तक पहुंचने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए कलेक्टर सभी शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें। शिकायतों की विवेचना और निराकरण में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे स्वयं इन शिकायतों की समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि निराकरण में कहां और किस स्तर पर शिथिलता बरती जा रही है। लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, राजस्व और गृह विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता बरतें और आवेदकों को समय पर राहत प्रदान करें। नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी के निर्देश इस अवसर पर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी की जाए। योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं का हस्तांतरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन और आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जिले में विद्युत संबंधी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में विद्युत ट्रिपिंग जैसी समस्याएं ना आए यह सुनिश्चित किया जाये। विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित विभागीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हरदा जिला छोटा जिला है। इसे बहुत आदर्श बनाया जा सकता है। सभी मिलकर जिले को संवारने का कार्य करें। नर्मदा परिक्रमा पथ का शीघ्रता से विकास हो, जिले में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के वरिष्ठ नागरिक  सरगम जैन और  विक्रान्त अग्रवाल से चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक  सरगम जैन ने जिले के विकास के संबंध में सुझाव दिये। उन्होने नाभि कुण्ड के विकास के संबंध में भी अनुरोध किया। इसी तरह  विक्रान्त अग्रवाल द्वारा जिले में ओपन स्टेडियम बनाने की बात कहीं। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उइके, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री  सुदाम खाड़े, पूर्व कृषि मंत्री  कमल पटेल तथा कमिश्नर नर्मदापुरम  कांत बनोठ, आईजी  चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक  शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिले के ‘मिशन कोड शक्ति’ नवाचार की सराहना उद्यमियों, युवाओं और किसानों से मुख्यमंत्री डॉ यादव ने किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा ई-कॉमर्स और डिजिटल माध्यमों से देश-दुनिया के बाजार तक पहुंच बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को भी परंपरागत खेती के साथ पशुपालन, प्राकृतिक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और … Read more

जापान-रूस समेत 7 देशों से निवेश लाने की तैयारी, MP में फार्मा सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल  एमपी ने ग्लोबल निवेश की अगली बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें GIS-2027 में पार्टनर कंट्री बनने का न्योता दिया। इसी दौरान फार्मा उद्योग के दिग्गजों के साथ बैठक में पिछले 18 महीनों के 19,477 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और 18,646 संभावित रोजगार का खाका सामने रखा गया। GIS-2027 में सात देशों की भागीदारी पर जोर जापान, मेक्सिको, रूस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों से चर्चा में सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की वैश्विक साझेदारी अब ठोस परियोजनाओं पर आधारित होगी। जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली GIS के जरिए प्रदेश निवेश और व्यापारिक रिश्तों को और विस्तार देना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश प्रस्तावों की असली सफलता उनके जमीन पर उतरने से तय होगी। फार्मा में 19,477 करोड़ के प्रस्ताव मिले फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 18 महीनों में 54 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें करीब 19,477 करोड़ का निवेश और 18,646 रोजगार की संभावना है। इनमें 34 इकाइयों के करीब 12,306 करोड़ के प्रस्तावों के लिए जमीन आवंटित होने और 14 इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई। मेडिकल डिवाइस पार्क में 17 इकाइयां शुरू उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी मेडिकल डिवाइस पार्क में 57 इकाइयों को आवंटन दिया गया है, जबकि 17 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। यहां करीब 2,374.86 करोड़ के निवेश और 9,625 रोजगार की संभावना बताई गई। रतलाम में 1,666.3 हेक्टेयर में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां फार्मा, बायोटेक और केमिकल सेक्टर को प्राथमिकता मिलेगी। पीथमपुर से उज्जैन तक विदेशी निवेश मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन की हेलियॉन के पीथमपुर में करीब 2,000 करोड़, जापान के टोप्पन समूह के करीब 950 करोड़ और दक्षिण कोरिया की ईसीडीएस के उज्जैन में करीब 780 करोड़ के प्रस्तावों का उल्लेख किया। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से ज्यादा API एवं बल्क ड्रग निर्माता होने की जानकारी भी दी गई। R&D और एक्सपोर्ट पर भी फोकस उद्योग संवर्धन नीति-2025 के तहत फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस को फोकस सेक्टर बनाया गया है। पात्र निवेश पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन, R&D खर्च पर 50 प्रतिशत सहायता और टेस्टिंग व क्वालिटी सर्टिफिकेशन के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल दवा बनाने तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश में API, वैक्सीन, इंजेक्टेबल, बायोटेक, मेडिकल डिवाइस, रिसर्च, टेस्टिंग और निर्यात की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की तैयारी है। 8.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का दावा मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 की GIS के बाद मध्यप्रदेश में ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि GIS-2027 में भी सरकार का जोर घोषणाओं से ज्यादा उनके क्रियान्वयन पर रहेगा। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को 2028 के उज्जैन सिंहस्थ में आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है और उसका स्वभाव दुनिया को जोड़ना है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदल रहा भारत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत प्रवेश कर चुका है नए दौर में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम में बच्चों ने रंगोली से किया राष्ट्र के प्रति अपने भावों का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टी.टी. नगर स्टेडियम में किया कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण भारत, नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मध्यप्रदेश भी तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मोत्सव को पूरे एक माह तक सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम में विशाल और आकर्षक रंगोलियां तैयार की गईं। रंगोली के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और राष्ट्र के प्रति अपने भावों का प्रकटीकरण किया है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'सेवा के रंग-राष्ट्र के संग' कार्यक्रम के अंतर्गत मानव रंगोली निर्माण कार्यक्रम को टीटी नगर स्टेडियम में  संबोधित कर रहे थे। भारत के नक्शे के रूप में बनाई मानव रंगोली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टी.टी. नगर स्टेडिटम में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर, प्रधानमंत्री मोदी और विकसित भारत के संकल्प पर आधारित विशाल रंगोलियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत के नक्शे के रूप में बनी मानव रंगोली में शामिल बच्चों के बीच जाकर बैठे और बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  इस अवसर पर रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े। पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के नारों से गुंजायमान हो रहा था। स्टेडियम में उपस्थित युवाओं ने देश को @2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए "वी विल डू इट" और  भारत माता की जय के नारों का उद्घोष किया। इस अवसर पर युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था, विद्यार्थी मुख्यमंत्री डॉ यादव से हाथ मिलाने,उनका अभिवादन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने  के लिए आतुर थे। एशियन गेम्स : 2026 में हमारे खिलाड़ियों ने उत्कृष्टता सिद्ध की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने जापान में संपन्न हुए एशियन गेम्स-2026 की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की। मध्यप्रदेश को इस प्रतियोगिता में कुल 11 पदक मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। रंगोली के माध्यम से दिया 'विकसित भारत-सशक्त भारत' का संदेश प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित 'सेवा के रंग-राष्ट्र के संग' विशाल रंगोली कार्यक्रम में बच्चों ने सुंदर रंगोली बनाई हैं। इनके माध्यम से बच्चों ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत-सशक्त भारत का संदेश दिया है। हमारे प्रतिभाशाली युवा ही कल के भारत का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी और रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी और विद्यार्थी उपस्थित थे।