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आध्यात्मिकता और धार्मिक संस्कारों से सशक्त होगा राष्ट्र- उपमुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  देवी के प्रमुख 51 शक्तिपीठों पर आधारित शक्ति धाम प्रकल्प भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने की व्यापक परिकल्पना है। यह प्रकल्प देशभर के लोगों को प्रेरणा देने के साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए ज्ञान को साधना में ढालना और आध्यात्मिक ऊर्जा को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। यह विचार मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को  बालमुकुंद आश्रम, झालरिया मठ में 51 शक्तिपीठों पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर व्यक्त किए। शक्ति धाम न्यास, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा कालिदास संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि नवरात्रि के प्रारंभ होने से पहले मां भगवती का स्मरण करते हुए देवी के 51 शक्तिपीठों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में विचार-विमर्श करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शक्ति की आराधना, श्रद्धापूव्रक स्मरण और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का अध्ययन हमारे जीवन को सार्थक, प्रेरणास्पद और सुगम बनाता है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नही है, बल्कि उस ज्ञान को साधना और व्यवहार में उतारकर अपने जीवन, देश की प्रगति तथा समाज के कल्याण के लिए उपयोग करना आवश्यक है। 51 शक्तिपीठों की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए सभी प्रयासरत हैं। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के माध्यम से इस विषय से जुड़े गूढ़ रहस्यों और आध्यात्मिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला है। यह पहल स्वागत योग्य है। जब यह प्रकल्प साकार होगा, तब देशभर के श्रद्धालुओं को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से इस महत्वपूर्ण प्रकल्प को पूर्णता प्रदान की जाएगी। समापन कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक बटुकों द्वारा स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। अतिथियों का परिचय कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक  गोविंद गंधे ने दिया। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का प्रतिवेदन शक्ति धाम न्यास के सचिव  राकेश शर्मा ने प्रस्तुत किया। आध्यात्मिकता और धार्मिक संस्कारों से सशक्त होगा राष्ट्र- उपमुख्यमंत्री  शुक्ल कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आध्यात्मिक परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत में निहित है। देश में आध्यात्मिकता का विकास आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढिय़ों में धार्मिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और सेवा के संस्कारों का विकास हो सके। इन संस्कारों से प्रेरित होकर युवा पीढ़ी पीडि़त मानवता की सेवा में अपना योगदान दे सकेगी। उन्होंने कहा कि धर्म और आध्यात्म के क्षेत्र में भारत की विशिष्ट पहचान है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति विश्वभर में सम्मान का भाव है। धार्मिक परंपराएं समाज को नैतिक मूल्यों, सदाचार और मानव कल्याण की प्रेरणा देती है।  शुक्ल ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां-जहां माता सती के शरीर के अंग गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई। नर्मदा नदी के किनारे देवी के 51 शक्तिपीठों को एक साथ स्थापित करने की परिकल्पना साकार होने से श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सभी शक्तिपीठों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सकेगा। इससे देश में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक चेतना को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकल्प के अंतर्गत भव्य भवन का निर्माण और संकल्प की पूर्णता हम सभी का सामूहिक दायित्व है। इस पुनीत कार्य में योगदान देने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात होगी। शक्ति धाम प्रकल्प विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने तथा भारत को सनातन धर्म और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देगा। भारत की आध्यात्मिक परंपरा विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है- भैयाजी जोशी कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी ने कहा कि 51 शक्तिपीठ शक्तिधाम प्रकल्प को साकार करने के संकल्प के साथ सभी यहां से जाएंगे। यह हम सभी का सौभाग्य है कि भारत में हो रहे महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों के साक्षी बन रहे है। उन्होंने कहा कि भारत की भूमि देवभूमि, पुण्यभूमि और तपस्वियों की साधना भूमि है। यहां ऋषि-मुनियों ने साधना और चिंतन के माध्यम से मानवता को मार्गदर्शन प्रदान किया है। भारत की पहचान यहां के तीर्थस्थलों, मंदिरों, मठों, धार्मिक यात्राओं, मेलों और साधु-संतों की परंपरा से है। यह भूमि महापुरुषों, चिंतकों और महान विचारकों की कर्मभूमि रही है। भारत का चिंतन शाश्वत है और समस्त मानवता के कल्याण की भावना से प्रेरित है।  जोशी ने कहा कि विश्व में भारत की प्रासंगिकता कभी समाप्त नही हो सकती। देश को ऐसा समाज बनाना होगा, जो दुर्बल नहीं, बल्कि शक्ति-संपन्न हो और विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम हो। महान ऋषि-मुनियों के योगदान तथा समग्र दृष्टिकोण पर आधारित भारतीय शास्त्र परंपरा ने भारत को विश्व में विशिष्ट स्थान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष सम्मान प्राप्त है। देवी शक्ति के प्रति करोड़ों लोगों की श्रद्धा और आस्था भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। शक्ति की उपासना समाज को सामर्थ्य संरक्षण और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। 51 शक्तिपीठों पर आधारित शक्तिधाम प्रकल्प इसी आध्यात्मिक चेतना को व्यापक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में संत समाज के अध्यक्ष संत  रितेश दास महाराज, सिंहस्थ केंद्रीय समिति के पूर्व अध्यक्ष  मखन सिंह चौहान, महापौर  मुकेश टटवाल, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष  जगदीश अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मती कमला कुंवर तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष मती शिवानी कुंवर मंचासीन रहे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष  सौभाग्य सिंह, शक्तिधाम न्यास के अध्यक्ष  प्रशांत हरतालकर,  विभाष उपाध्याय,  सुरेश गिरी, नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष  सोनू गेहलोत, कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, एमआईसी सदस्य  शिवेंद्र तिवारी,  रघुवीर सिंह,  केतन भाई,  दिनेश गौतम,  आदित्य अग्रवाल,  प्रशांत त्रिपाठी और  अरुण व्यास सहित गणमान्य नागरिक, वैदिक बटुक तथा आमंत्रित वक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन  दीपक उपाध्याय ने किया तथा आभार प्रदर्शन  राधेश्याम गुरुजी ने किया। कार्यक्रम के अंत में विश्व कल्याण की कामना के साथ सामूहिक शक्तिपाठ किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ।  

प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों को राशि होगी अंतरित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 अक्टूबर को नरसिंहपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024-25 की फीस प्रतिपूर्ति राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण करेंगे। इसके अंतर्गत प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों के खातों में 502 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इससे 8 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा नरसिंहपुर जिले में 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण भी करेंगे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ ही बडी संख्या विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के सांदीपनी विद्यालय बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश सरकार द्वारा गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में अशासकीय स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पात्र विद्यार्थियों की नि:शुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। अब तक 3,600 करोड़ रुपये की राशि हो चुकी है जारी शिक्षा के अधिकार से प्रदेश का कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) अंतर्गत निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जा रहा है। इन विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा सीधे संबंधित निजी स्कूलों को दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2011 से अब तक 16 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के रूप में 3,600 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जिससे जरूरतमंद बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का मार्ग आसान हुआ है। विद्यार्थियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा सांदीपनि विद्यालय योजना अंतर्गत प्रथम चरण में नरसिंहपुर जिले में शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का सर्वसुविधायुक्त नवीन भवन का निर्माण कराया गया है। केजी-1 से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक, शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए एक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया है। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए सुसज्जित डिजिटल क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय, मल्टीपर्पज हॉल एवं ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों की बाह्य शारीरिक गतिविधियों एवं खेलकूद को प्रोत्साहन देने के लिए खेल मैदान, सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए परिवहन सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक शैक्षणिक वातावरण के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इसी विद्यालय की मेधावी छात्रा कु. माही साहू ने कक्षा-12वीं की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर विद्यालय एवं क्षेत्र का मान बढ़ाया है।  

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में ग्रामीणों को मिल रहा संपत्ति का वैधानिक अधिकार

भोपाल मध्यप्रदेश में ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराने की दिशा में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को प्रदेश के 17 जिलों के 82 हितग्राहियों को संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज प्रदान किए गए। डिजिटल तकनीक के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 17 जिलों के 82 हितग्राहियों को मिला लाभ स्वामित्व योजना के तहत छिंदवाड़ा जिले में 34, हरदा में 10 और सिंगरौली में 6 हितग्राहियों के संपत्ति दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण किया गया है। डिंडोरी, मंडला और रायसेन में 5-5, जबकि अनूपपुर, उमरिया और नरसिंहपुर में 3-3 हितग्राहियों के दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण हुआ है। इसी प्रकार अशोकनगर, आलीराजपुर, कटनी, ग्वालियर, बालाघाट, श्योपुर, सागर और सीधी में एक-एक हितग्राही के दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण किया गया है। ग्रामीणों को संपत्ति के वैधानिक अधिकार और वित्तीय सशक्तिकरण का आधार स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी भूमि पर स्थित मकानों एवं भूखंडों का ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण कर संपत्ति संबंधी अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को संपत्ति के स्वामित्व के वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। इन दस्तावेजों से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर अधिकार का प्रमाण मिलने के साथ बैंक ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद मिलती है। छिंदवाड़ा में पटवारी ने प्रदर्शित की डिजिटल पंजीयन प्रक्रिया छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड की ग्राम पंचायत जमुनिया कला में आयोजित जनविश्वास शिविर में पटवारी  सुनील गागड़े ने ‘सारा ऐप’ के माध्यम से संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके बाद ‘संपदा 2.0’ के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। स्वामित्व योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप देने और शासकीय सेवाओं को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है। 

“ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” को सशक्त करना हमारी प्राथमिकता-प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी.

भोपाल  सचिव पर्यटन और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए हमारा फोकस पर्यटन क्षेत्र में "ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस" को मजबूत करना है। मध्यप्रदेश निवेश, नवाचार और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 के लिए एक सशक्त पर्यटन रोडमैप तैयार किया जाएगा, ताकि मध्यप्रदेश पर्यटन निवेश, सुगम व्यावसायिक प्रक्रियाओं और विविध पर्यटन अनुभवों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाए। सचिव डॉ. इलैयाराजा ने बताया कि हम “3Gs” पर काम कर रहे है, जिनमें गाइड (Guides), गाइडलाइंस (Guidelines) और गियर (Gear) शामिल हैं। प्रक्रियाओं को सरल बनाना और निवेशकों को अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश पर्यटन नीति का उद्देश्य बड़े निवेशकों के साथ-साथ स्थानीय उद्यमियों, ग्रामीण समुदायों और होमस्टे संचालकों को भी पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन का लाभ प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 के तीसरे दिन बीटूबी मीटिंग्स के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं संस्थानों को सम्मानित किया गया। इसका उद्देश्य प्रदर्शकों की रचनात्मकता, नवाचार और पर्यावरण-अनुकूल पहलों के साथ-साथ मध्यप्रदेश की पर्यटन विरासत, कला एवं शिल्प के प्रभावी प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना रहा। सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक  आशीष कुमार, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक  दिलीप कुमार यादव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर सहित ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर, एग्जीबिटर और होटलियर उपस्थित रहे। समारोह में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद ऑर्गनाइजिंग कमेटी के 36 सदस्यों और 52 स्पॉन्सर्स को सम्मानित किया गया, फिर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ टेबल स्पेस प्रथम: टूरिज्म विलेज धोबा। बैगा जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान, लोककलाओं और ग्रामीण जीवन के वास्तविक अनुभव इसकी विशेषता हैं, जहां पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहकर जनजातीय परंपराओं और प्रकृति से जुड़ सकते हैं। द्वितीय: वीवर्स पैराडाइज को बुनकरों और हथकरघा परंपरा को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुति के लिए। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल डिजाइन (6 वर्ग मीटर) प्रथम: बैम्बू राज। बांस से निर्मित पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के माध्यम से उपयोगिता, प्राकृतिक सौंदर्य और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने की पहल के लिए। द्वितीय: जिप्सी एडवेंचर्स। जंगल के समीप कैंपिंग, साइकिलिंग अभियान, ट्रेकिंग और तारों के अवलोकन जैसे प्रकृति-आधारित रोमांचक अनुभवों के लिए। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल डिजाइन (9 वर्ग मीटर) प्रथम: कुनो रिसॉर्ट। कुनो क्षेत्र की वन्यजीव संपदा और प्राकृतिक परिवेश को पर्यटन अनुभवों से जोड़ने वाली प्रस्तुति के लिए। द्वितीय: यारनगर जंगल रिसॉर्ट। जंगल और प्रकृति-आधारित पर्यटन की प्रभावी प्रस्तुति के लिए। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल डिजाइन (9 वर्ग मीटर से अधिक) प्रथम: एमपी एस्केप्स। मध्यप्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को विशेष रूप से तैयार किए गए यात्रा कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए। द्वितीय: शंभाला। भोपाल स्थित यह प्राकृतिक पर्यटन स्थल जैविक फार्म, हरियाली से घिरे आवास, फार्म टूर और प्रकृति के बीच विश्राम के अनुभवों के लिए जाना जाता है। सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण-अनुकूल स्टॉल प्रथम: वैन वाइब। पर्यावरण के प्रति संवेदनशील स्टॉल प्रस्तुति के लिए। मध्यप्रदेश की सर्वश्रेष्ठ विषयगत प्रस्तुति संयुक्त प्रथम: एमपी टूर्स एवं ट्रैवलिशियस एमपी। दोनों संस्थाओं को प्रदेश की पर्यटन पहचान को विषयगत रूप से प्रस्तुत करने के लिए सम्मानित किया गया। एमपी टूर्स वन्यजीव, विरासत, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय खानपान और ग्रामीण अनुभवों को समाहित करती यात्राओं का आयोजन करती है। सर्वश्रेष्ठ कला एवं शिल्प प्रदर्शनी प्रथम: जरी जरदोजी में ताजवर खान को सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश की पारंपरिक कढ़ाई कला, बारीक हस्तकारीगरी और धात्विक धागों से तैयार अलंकरण इसकी विशिष्ट पहचान हैं, जो प्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा को दर्शाती है। द्वितीय: वुड क्राफ्ट में रीना भूरिया को लकड़ी पर आधारित हस्तशिल्प एवं कलात्मक कारीगरी के प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।  मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का यह पुरस्कार समारोह प्रदेश के पर्यटन उद्यमियों और कारीगरों की रचनात्मकता तथा प्रतिबद्धता का उत्सव रहा। जनजातीय संस्कृति, वन्यजीव पर्यटन, हस्तशिल्प और पर्यावरण-अनुकूल पहलों से जुड़ी प्रस्तुतियों ने मध्यप्रदेश की विविधता और समृद्ध विरासत को सशक्त रूप से सामने रखा।

मध्यप्रदेश पर्यटन पवेलियन में छाया AI अवतार ‘मोगली’, तकनीक से दिखा रहा पर्यटन की राह

भोपाल मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 एग्जिबिशन में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, तकनीक, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयाम आकर्षण का केंद्र बने रहे। आयोजन में लगाए गए 177 स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के पर्यटन स्थलों, होटल एवं रिसॉर्ट, ट्रैवल-टूर ऑपरेटर्स, होमस्टे, पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को व्यावसायिक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना और मध्यप्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में वैश्विक पहचान दिलाना है। तकनीक और पर्यटन स्थलों का संगम बना मध्यप्रदेश पर्यटन पवेलियन मध्यप्रदेश पर्यटन के पवेलियन में प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव पर्यटन और विविध पर्यटन अनुभवों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बड़ी डिजिटल स्क्रीन, इंटरैक्टिव कियोस्क और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और वहां उपलब्ध अनुभवों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पवेलियन का विशेष आकर्षण AI आधारित डिजिटल पहल और AI अवतार ‘मोगली’ है। मोगली के माध्यम से आगंतुक मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों, स्थानीय अनुभवों और अपनी रुचि के अनुरूप यात्रा विकल्पों के बारे में संवादात्मक तरीके से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह AI अवतार पर्यटकों की पसंद और यात्रा संबंधी जरूरतों के आधार पर संभावित यात्रा कार्यक्रम (इटिनरेरी) तैयार करने में भी सहायता करता है। इस पहल के माध्यम से मध्यप्रदेश पर्यटन ने डिजिटल नवाचार को पर्यटकों की यात्रा योजना से जोड़ने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में ग्रामीण पर्यटन के प्रामाणिक अनुभवों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष ग्रामीण पर्यटन प्रदर्शनी तैयार की गई है। इसमें पर्यटक पारंपरिक होमस्टे, बैलगाड़ी की सवारी, स्थानीय लोक संगीत कलाकारों की प्रस्तुतियों और मिट्टी के बर्तन बनाने जैसी पारंपरिक कलाओं के माध्यम से गांवों की समृद्ध संस्कृति और जीवनशैली से रूबरू हो रहे हैं। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश, स्थानीय परंपराओं, लोक कलाओं और पारंपरिक कौशल को पर्यटन से जोड़ते हुए पर्यटकों को संपूर्ण ग्रामीण अनुभव प्रदान करना है। साथ ही, यह पहल स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने तथा ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  वहीं, कला एवं शिल्प के स्टॉल्स पर बाघ प्रिंट, चंदेरी साड़ियां, भील आर्ट, बटिक प्रिंट और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध रचनात्मक विरासत प्रदर्शित की जा रही है। ये पहल स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और ग्रामीण पर्यटन से जुड़े उद्यमियों को व्यापक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं के साथ जिम्मेदार पर्यटन पर जोर MPTM 2026 में पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आयोजन को पूरी तरह सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और पेपरलेस रखने की व्यवस्था की गई है। अतिथियों के लिए स्थानीय जूट एवं कपड़े से बनी किट, पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों और कुल्हड़ों तथा पर्यावरण-अनुकूल हस्तशिल्प उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के उपयोग के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट कम करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही, B2B बैठकों के जरिए पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और जिम्मेदार पर्यटन से जुड़े अवसरों एवं व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का तीसरा दिन प्रदेश की पर्यटन विविधता, तकनीकी नवाचार, स्थानीय कला एवं संस्कृति और सतत पर्यटन के प्रति प्रतिबद्धता को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है। यह आयोजन पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और नए व्यावसायिक अवसरों को प्रोत्साहित करने के साथ मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।  

इंदौर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा, दोस्त ने ही घर से चुराया करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इंदौर के थाना लसूड़िया पुलिस ने घर से सोने के बिस्किट एवं आभूषण चोरी होने के मामले का खुलासा करते हुए फरियादिया के साथ रहने वाले उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 630 ग्राम सोने का बिस्किट, 40 ग्राम सोने की चेन, 2 लाख रुपये नकद और एक Apple iPhone 17 सहित कुल लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गांव में सरपंची का चुनाव लड़ने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी करना स्वीकार किया है। ऐसे हुआ चोरी की वारदात का खुलासा फरियादिया निवासी नेपानिया मेन रोड, इंदौर ने थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 के बीच उनके घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। रिपोर्ट पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।  पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशानुसार थाना प्रभारी लसूड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान फरियादिया ने बताया कि उनके घर से सोने का बिस्किट एवं अन्य आभूषण चोरी हुए हैं। उनके साथ रहने वाला दोस्त गोपाल जाखड़ घर से जाने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर चुका था। फरियादिया द्वारा उस पर संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने गोपाल उर्फ गोपी जाखड़, जिला जोधपुर, राजस्थान को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। चुनाव लड़ने और महंगे शौक के लिए बनाई चोरी की योजना पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरियादिया के साथ रहते समय उसने घर की अलमारी में सोने का बिस्किट देखा था। अगले महीने उसके गांव में सरपंची के चुनाव होने वाले थे और वह चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था। चुनाव के खर्च तथा अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने सोने का बिस्किट चोरी करने की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी से चोरी की शेष संपत्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपने घरों एवं कीमती सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अपराधों की रोकथाम, चोरी की घटनाओं के खुलासे और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।  

हाईवे पर कार में लगी आग, डायल-112 की तत्परता से 07 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल पहुँचाया

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर त्वरित पुलिस सहायता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र में हाईवे पर कार में आग लगने की घटना के दौरान वाहन में सवार सभी 07 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 09 अक्टूबर को डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि बोरखली क्षेत्र में हाईवे पर एक कार में आग लग गई है और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही थाना राजोद की FRV-14 तथा थाना सरदारपुर की FRV-11 तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुंचने पर पुलिस टीम ने पाया कि अहमदाबाद से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रही मारुति सुजुकी एर्टिगा कार में अचानक आग लग गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 की दोनों टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार में सवार सभी 07 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग के कारण वाहन पूरी तरह जल गया तथा उसमें रखा सामान, कपड़े एवं लगभग 8 हजार रुपये की नकदी भी जल गई। पुलिस टीम की त्वरित प्रतिक्रिया से वाहन में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका। बाद में सभी यात्रियों को अन्य वाहन से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा से निभाया मानवीय दायित्व इस राहत एवं बचाव कार्य में FRV-14, थाना राजोद के  प्रकाश, कांस्टेबल 1125 एवं  तुलसीराम मेडा, पायलट तथा FRV-11, थाना सरदारपुर के  सौरभ मोरे, कांस्टेबल 1210 एवं  नितेश बाबेरिया, पायलट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा का उद्देश्य संकट की स्थिति में नागरिकों तक त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाना है। राजोद क्षेत्र की यह घटना दर्शाती है कि आपात परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और मौके पर प्रभावी कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ: राज्यमंत्री गौर

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम: राज्यमंत्री गौर गोविन्दपुरा विधानसभा में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान कार्यक्रम का हुआ आयोजन भोपाल  राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि 7 अगस्त से प्रारंभ हुआ मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उत्कृष्ट, संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच का परिणाम है। प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले ये शिविर केवल गोविंदपुरा ही नहीं, अपितु पूरे प्रदेश में जन-कल्याण का माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निस्वार्थ भाव से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। यह अभियान एक आदर्श सरकार के सुशासन का सबसे बड़ा परिचायक है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गोविंदपुरा विधानसभा में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं । राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि एम्स चिकित्सालय, ग्लोबल स्किल्स पार्क, सांदीपनी विद्यालय तथा भेल संस्थान क्षेत्र की प्रगति की संकेतक हैं। आगामी समय में अयोध्या बायपास में आकार लेने वाला 10 लेन मार्ग प्रदेश की विशिष्ट पहचान बनेगा, वहीं नगर निगम द्वारा सीवेज नेटवर्क का निर्माण कराया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्याओं का संवेदनशीलता से त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मास्टर प्लान में गोविंदपुरा के समग्र विकास के प्रावधान: कलेक्टर श्री मिश्रा कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का मूल उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाकर आमजन तक शासन की कल्याणकारी नीतियों का पारदर्शी लाभ पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे शिविरों में अपने आवेदनों का पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि उनका त्वरित और व्यवस्थित निराकरण किया जा सके। कलेक्टर श्री मिश्र ने बताया कि हाल ही में जारी भोपाल के ड्राफ्ट मास्टर प्लान में गोविंदपुरा क्षेत्र में स्किल्स पार्क, औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित अनेक महत्वाकांक्षी विकास कार्यों के प्रस्ताव समाहित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा रेखांकित जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों श्रीमती गिरजा राय, श्री संजीव कुमार मालवीय, श्री अशोक परमार, श्री प्रवेश कन्हारे, सुश्री सीमा परमार तथा श्री केवल बारके को हितलाभ वितरित किए। इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन, एसडीएम श्रीमती निधि चौकसे, श्री प्रकाश चंद्र पांडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

भिलसांय में सेवा संकल्प अभियान की पहल, स्वास्थ्य शिविर में उमड़े ग्रामीण, वृक्षारोपण भी हुआ

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत भिलसांय में स्वास्थ्य शिविर एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गौरा मां दुर्गा समग्र विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राजपूत की उपस्थिति में संपन्न हुआ। शिविर में देवेंद्रनगर से डॉक्टर अनूप सोनी एवं आरबीके एएमओ अपनी स्वास्थ्य टीम के साथ पहुंचे। चिकित्सकीय टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। वहीं, जिन मरीजों की स्थिति को देखते हुए आगे जांच की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें बेहतर उपचार के लिए देवेंद्रनगर भेजा गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को किया जागरूक शिविर में सीएचओ रानू वर्मा, आशा कार्यकर्ता मंजू शर्मा, मनोरमा गुप्ता, सोमवती वर्मा, मनसा देवी पटेल और अर्चना वर्मा सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्रोपती गुप्ता एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने में सहयोग किया। इस अवसर पर अरविंद सिंह परिहार, आशु शुक्ला, पवन गर्ग, रमेश गर्ग, अवधेश शर्मा, अशोक सिंह और हरप्रसाद शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। कार्यक्रम के समापन पर वृक्षारोपण किया गया। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने वाली इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

मखाना खेती पर प्रशिक्षण सम्पन्न

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा मखाना की खेती पर दो दिवसीय जिला सेमिनार गत दिवस पन्ना शहर के एक निजी गार्डन में संपन्न हुआ। सहायक संचालक उद्यान पी.के. श्रीवास्तव ने बताया कि मखाना की खेती के लिये पन्ना सहित मध्यप्रदेश के 14 जिलों को शामिल किया गया है। इस अवसर पर मखाना अनुसंधान संस्थान दरभंगा बिहार के वैज्ञानिकमनोज सिंह ने मखाना की खेती करने की विधि बताई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के विषय विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। जिला स्तरीय सेमिनार में पन्ना, पवई, गुनौर एवं शाहनगर के लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी सहित आई.डी. अहिरवार एवं धर्मेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे।