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Bank Strike: कर्मचारियों की हड़ताल से पहले आज ही करें जरूरी बैंकिंग काम

इंदौर  केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में गुरुवार को बैंककर्मी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन और बेफी समेत विभिन्न बैंक यूनियनों द्वारा इस हड़ताल का आह्वान किया है। सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के अलावा एलआईसी, जीआईसी जैसी बीमा क्षेत्र की यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। इस हड़ताल के कारण गुरुवार को बैंकिंग और बीमा सेवाएं प्रभावित रहेंगी। देशव्यापी इस हड़ताल में हजारों बैंककर्मी शामिल होंगे। गांधी हॉल में विशाल आम सभा मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, गुरुवार सुबह 10 बजे इंदौर के गांधी हाल स्थित अभिनव कला समाज में विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि चार श्रम संहिताओं में बदलाव किया गया है जो कर्मचारी विरोधी नीतियां हैं। हड़ताल से पहले प्रदर्शन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा संस्थानों के निजीकरण, कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पुरानी पेंशन योजना की समाप्ति और बढ़ते सेवा शुल्क से न सिर्फ कर्मचारी बल्कि आम जनता भी प्रभावित हो रही है। हड़ताल से पहले आज बुधवार 11 फरवरी को शाम सवा पांच बजे पंजाब नेशनल बैंक में प्रदर्शन होगा।

बालाघाट पुलिस का अनोखा प्रयास: 24 थानों को बदलकर बनाया ‘न्याय सेवा सदन’, गिनीज रिकॉर्ड की तैयारी

बालाघाट पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में बालाघाट पुलिस ने अनूठी पहल की है। ये पहल बदलाव की है, जिसमें बालाघाट के सभी 24 पुलिस थानों को नए रंग-स्वरूप में परिवर्तित किया गया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि इस पहल का यही उद्देश्य है कि चाहे वह महिला हो, युवती हो या अन्य कोई भी व्यक्ति, वह बिना डरे थाने में जाकर अपनी शिकायत कर सके। पुलिस स्टाफ उसके साथ अच्छा व्यवहार करे, थाने सुंदर और व्यवस्थित हों। फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड का बेहतर संधारण और डिजिटलाइजेशन हो। आइएसओ प्रमाणित किया गया जिले के सभी 24 थानों, छह एसडीओपी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस लाइन बालाघाट को आइएसओ प्रमाणित किया गया है। 32 पुलिस संस्थानों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए प्रमाण पत्र खास बात है कि सभी थाने उन्नयन, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। ये अंतरराष्ट्रीय मापदंड पर तैयार किए गए हैं, जिन्हें सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आइएसओ प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। जिले के सभी थानों और एसडीओपी कार्यालयों को महज चार महीने में नए स्वरूप में तैयार किया गया है। पहले अव्यवस्था का आलम रहता था इन संस्थानों में पहले अव्यवस्था का आलम रहता था। फाइलें धूल खाती थीं। कंप्यूटर कक्ष, मुंशी कक्ष, थाना प्रभारी कक्ष, विवेचक कक्ष, मालखाना आदि में फाइल सहित अन्य सामग्री अव्यवस्थित ढंग से रखी होती थीं, लेकिन अब इन्हें व्यवस्थित किया गया है। हर कक्ष की रंगाई-पोताई के साथ फाइलों के संधारण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा प्रस्ताव बालाघाट पुलिस ने एक-साथ 32 पुलिस संस्थानों के आइएसओ प्रमाणीकरण की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्ताव भेजा है। बालाघाट पुलिस ने थानों के उन्नयन के लिए पांच बिंदुओं पर काम किया है। इन्हीं बिंदुओं पर आइएसओ प्रमाणीकरण हुआ है। थानों में इन पांच बिंदुओं पर किया काम 1. सैनेटाइजेशन: थाना परिसर में गंदगी को दूर किया गया। गार्डन तैयार कर परिसर में सुंदर और स्वच्छ बनाया गया। पुलिस ने सिर्फ थानों की अस्वच्छता को दूर नहीं किया बल्कि अव्यवस्थित दस्तावेज, फाइल, पुराने रिकार्ड को व्यवस्थित किया गया। 2. डिजिटाइजेशन: पुलिस ने सभी दस्तावेजों, फाइलों को फिजिकल सुरक्षित रखने के साथ इन्हें डिजिटल रूप में भी सुरक्षित किया है। ताकि कोई दस्तावेज भौतिक रूप से गुम भी हो, तो वह डिजिटल प्लेटफार्म में उपलब्ध हो और कार्रवाई में बाधा न आए। 3. आधारभूत संरचना: फरियादी के थाने पहुंचने पर उसे रिस्पेशन डेस्क उपलब्ध कराई गई है। फरियादी के लिए डे आफिसर को तैनात किया गया है। क्योंकि हर बार थाना प्रभारी थाने में हो ये संभव नहीं होता। डे आफिसर उस शिकायत पर निश्चित समय पर कार्रवाई करेगा। 4. समीक्षा बैठक कक्ष: थाना परिसर में रोज की कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए पृथक कक्ष तैयार किया गया है। इस कक्ष में थाना प्रभारी अपने सभी विवेचकों के साथ बैठक लेंगे। जनता के साथ शांति समिति जैसी बैठकें भी कर सकेंगे। एसपी बैठक की निगरानी करेंगे। 5. साइबर सारथी: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने प्रत्येक थाने में साइबर सारथी के रूप में सात पुलिसकर्मियों का स्टाफ होगा, जिन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये स्टाफ फंड फ्रिजिंग करेगा और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेगा।  

अजीब मोड़: पत्नी ने पति से मिलाने के लिए तांत्रिक को बुलाया, फिर खुद तांत्रिक संग गायब

 इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला अचानक सोने-चांदी के जेवर और नगदी रकम लेकर घर से लापता हो गई. महिला के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस जांच में सामने आया कि महिला एक तांत्रिक के साथ फरार हुई थी, जिसे बाद में भोपाल से बरामद कर लिया गया. मामले की जानकारी देते हुए एसीपी रुबीना मिजबानी ने बताया कि महिला के लापता होने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की. सबसे पहले महिला के पति और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए गए. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पति और परिवार के बयानों में कई बिंदुओं पर अंतर था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महिला की लोकेशन ट्रेस की. तकनीकी जांच में महिला की अंतिम लोकेशन भोपाल में पाई गई, जिसके बाद इंदौर पुलिस की टीम ने भोपाल जाकर महिला को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया. महिला के पास से कुछ सोने-चांदी के जेवर भी बरामद किए गए हैं. फिलहाल महिला को इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपने पति से लंबे समय से परेशान थी. इसी दौरान उसकी पहचान राकेश जाटव नामक युवक से हुई, जो तांत्रिक क्रिया और पूजा-पाठ करवाने का काम करता था. महिला ने बताया कि घरेलू परेशानियों को लेकर राकेश द्वारा पूजा-पाठ के दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे नजदीकियां हो गईं. घरेलू तनाव से परेशान होकर महिला ने राकेश के साथ जाने का फैसला किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला के साथ फरार हुआ युवक राकेश जाटव तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लोगों को प्रभावित करता था. इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है कि कहीं महिला को बहला-फुसलाकर या मानसिक रूप से प्रभावित कर तो नहीं ले जाया गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. महिला के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बरामद जेवरों व नगदी को लेकर भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

मौसम का उलटफेर: मध्य प्रदेश में दिन गर्म, 11 शहरों की रातें 10°C से नीचे

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर में धूप तेज हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, वहीं रात और सुबह के समय सर्दी अब भी महसूस की जा रही है। मंगलवार को भोपाल और इंदौर सहित 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि रात के समय 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।  मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सागर, दमोह, खजुराहो, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और मंडला सहित कई शहरों में पारा 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा।वहीं रात के तापमान की बात करें तो शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई, जहां पारा 4.5 डिग्री तक लुढ़क गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी और उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, कल्याणपुर की रात ठंडी मंगलवार को भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री से ज्यादा रहा। नर्मदापुरम में तापमान सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार-मंगलवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी-उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फ पिघलने के बाद बढ़ेगी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्ककुलेशन एवं वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी। इसलिए बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     12 फरवरी- अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी।     13 फरवरी- तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। रात और अलसुबह ही ठंड का असर रहेगा। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। विशेषज्ञों के मुताबिक 13, 14 और 15 फरवरी के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन और रात दोनों के पारे में 3 से 4 डिग्री तक कमी आ सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा, खासकर सुबह और देर रात के समय सर्दी ज्यादा महसूस होगी। फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह ‘मिक्स पैटर्न’ लोगों को हैरान कर रहा है दोपहर में गर्मी और रात में सर्दी, यानी एक ही दिन में दो मौसम का एहसास। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर आने वाले दिनों में प्रदेश पर पड़ेगा। फिलहाल अगले दो दिन तक दिन का तापमान बढ़ा हुआ रह सकता है, क्योंकि धूप तेज बनी हुई है। लेकिन जैसे ही सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम में फिर बदलाव आएगा। 

71 हजार करोड़ का घाटा: मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों की देश में क्या रैंकिंग?

भोपाल  मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों पर मार्च 2025 तक 49 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज हैं। वहीं, तीनों को कुल 71,395 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। इस भारी नुकसान के साथ मध्य प्रदेश देश में बिजली वितरण के मामले में चौथे सबसे अधिक घाटे वाले राज्यों में शामिल हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था पर और अधिक वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। यह जानकारी बिजली राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।   एक कंपनी पर सबसे ज्यादा बोझ राज्य की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमपीएमकेवीवीसीएल) पर अकेले 30,900 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज है। यह नुकसान कई छोटे राज्यों के कुल घाटे से भी अधिक बताया जा रहा है। वहीं, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर लगभग 27,992 करोड़ रुपये का घाटा है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को करीब 12,503 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। तीनों कंपनियों का संयुक्त घाटा प्रदेश की बिजली व्यवस्था की कमजोर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। देश में कहां है मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कॉम ने वर्ष 2025 में 2,701 करोड़ रुपए का कर पश्चात मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन एमपी समेत कई राज्यों के लिए पुराने कर्ज और घाटे की भरपाई करना चुनौती बना हुआ है। बिजली वितरण कंपनियों के कुल घाटे के मामले में पहले स्थान पर तमिलनाडु है। वहीं, दूसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश, तीसरे नंबर पर राजस्थान और चौथे नंबर पर मध्य प्रदेश है।    घाटे के पीछे ये कारण विशेषज्ञों के अनुसार बिजली कंपनियों के घाटे के मुख्य कारणों में तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान, बिजली दरों में समय पर संशोधन न होना, सरकारी विभागों का बकाया भुगतान और सब्सिडी की देर से भरपाई शामिल हैं। 

देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर फास्टैग से शुल्क कटने की समस्या, सात मिनट की छूट बनी महज दिखावा

 इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई फास्टैग पार्किंग व्यवस्था परेशानी का कारण बन गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहने को तो ‘पिक एंड ड्राप’ के लिए सात मिनट और 59 सेकंड की समय-सीमा तय कर रखी है, लेकिन हकीकत यह है कि निकास द्वार (एग्जिट गेट) पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतार के कारण यह छूट बेमानी साबित हो रही है। यदि कोई वाहन चालक समय रहते अपने स्वजन को छोड़कर बाहर निकलने की कोशिश भी करे तो कतार में खड़े-खड़े ही समय की सीमा पार हो जाती है और गेट पर पहुंचते ही फास्टैग से शुल्क कट जाता है। दरअसल, इंदौर एयरपोर्ट पर प्रवेश करते ही ऑनलाइन फास्टैग से एंट्री हो जाती है। निकासी के दौरान फास्टैग के तय समय से अधिक होने पर पार्किंग शुल्क काट लिया जाता है। समय की गणना के लिए यात्री के पास किसी तरह की रसीद नहीं होती है। पार्किंग शुल्क 20 से 55 रुपये वसूल हो रहा निकास द्वार पर तैनात कर्मचारी केवल कंप्यूटर स्क्रीन का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। कई बार निकासी द्वार पर लंबी कतार के कारण वाहन चालकों को पांच से सात मिनट का समय लग जाता है। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि प्रवेश और निकास के बीच महज कुछ सेकंड की देरी होने पर भी सिस्टम पार्किंग शुल्क 20 से 55 रुपये वसूल रहा है। फास्टैग और कैश की लाइन अलग-अलग करना चाहिए एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी सदस्य सावन लड्ढा का कहना है कि पिक एंड ड्राप के दौरान हमेशा विवाद की स्थिति बनती है। एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था अलग होने तक फास्टैग और कैश की लाइन अलग-अलग करना चाहिए। इससे फास्टैग वाले वाहनों को निकलने में देरी नहीं होगी। डबल डिडक्शन की गड़बड़ी भी सामने आ रही कैश के साथ फास्टैग भी पार्किंग में एक और बड़ी गड़बड़ी डबल डिडक्शन की सामने आ रही है। यदि कोई यात्री फास्टैग काम न करने की स्थिति में या जल्दबाजी में नकद भुगतान कर देता है तो भी सेंसर वाहन का नंबर स्कैन कर फास्टैग से पैसे काट लेता है। ऐसे मामलों में रिफंड की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि अधिकांश यात्री चंद रुपयों के लिए शिकायत दर्ज कराने का झंझट ही नहीं पालते। मनीष कुमार ने बताया कि जनवरी में एयरपोर्ट पर उन्होंने नकद शुल्क दिया था, बाद में फास्टैग से भी शुल्क कट गया। जाम में फंसी सुविधा एयरपोर्ट पर पार्किंग और पिकअप पाइंट के बीच का ट्रैफिक मैनेजमेंट पूरी तरह फेल नजर आता है। क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ पीक आवर्स के दौरान जब उड़ानों का दबाव ज्यादा होता है, तब सात मिनट के भीतर एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलना लगभग नामुमकिन है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निकास द्वारों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती और कतार में लगने वाले समय को शुल्क से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों की जेब इसी तरह कटती रहेगी।     पिक एंड ड्रॉप में शुल्क लेने की शिकायतें आई थीं और एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस समस्या को रखा था। यदि अभी भी शिकायत आ रही है, तो अधिकारियों से सुधार के लिए बात करेंगे। एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था अलग की जा रही है। बिजासन माता मंदिर की तरफ से एग्जिट रहेगा। इसके बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।     – शंकर लालवानी, सांसद  

MP से अमृतसर और बैंकाक के लिए सीधी फ्लाइट, इस महीने से शुरू होगा एयरलाइन संचालन

इंदौर   इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (Devi Ahilyabai Holkar Airport) पर अप्रैल से लागू होने वाले समर शेड्यूल में कई नई उड़ानें मिलने की उम्मीद है। अमृतसर से लेकर बैंकाक तक की फ्लाइट मिल सकती है। 26 अक्टूबर से शुरू हुए विंटर शेड्यूल में 6 नई घरेलू फ्लाइट शुरू हुई, लेकिन एक भी नई इंटरनेशनल उड़ान नहीं मिली थी। मालूम हो दुबई, थाइलैंड और सिंगापुर की डिमांड बहुत है शहर से एक मात्र शारजाह इंटरनेशनल उड़ान का संचालन होता है। तीन साल से थाइलैंड और सिंगापुर के लिए डिमांड है तो दुबई उड़ान फिर से शुरू करने की मांग है। कई बार जनप्रतिनिधि और एयरपोर्ट प्रबंधन इनको लेकर पहल कर चुका है। अभी दिल्ली-मुंबई जाने की मजबूरी वर्तमान में मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों से इन देशों के लिए जाना पड़ता है। यह महंगा होने के साथ समय भी ज्यादा लगता है। बीते साल एक एयरलाइंस ने बैंकाक की उड़ान की तैयारी कर सभी औपचारिकता पूरी कर ली थी, लेकिन जानकारों ऐनवक्त पर नहीं चली। एयरपोर्ट के सकती है। इधर, अमृतसर, कोच्ची और के अनुसार इस बार बैंकाक की उड़ान मिल बागडोगरा की भी उड़ानें शुरू हो सकती हैं। जोधपुर जहां बंद हो चुकी है तो उदयपुर, नासिक की उड़ानें भी बंद हो सकती हैं। सर्वे में पता चली डिमांड अक्टूबर में एयरपोर्ट की एडवाइजरी कमेटी की ने कई रूट को लेकर सर्वे बैठक में पता चला था कि एक एयरलाइंस किया था। इसमें बैंकॉक, दुबई और सिंगापुर उड़ान की मांग आई थी। सांसद शंकर लालवानी, अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने आश्वासन दिया था कि उड़ान शुरू हो जाएगी। मार्च में बढ़ जाएगी एयरपोर्ट की क्षमता अप्रेल में समर शेड्यूल लागू होगा, इसके पहले मार्च में रनवे का काम पूरा हो जाएगा जिससे एयरपोर्ट 24 घंटे चालू रहेगा। इतना ही नहीं पुराने टर्मिनल भी नए रूप में शुरू हो जाएगा। इससे उड़ानें बढ़ने पर सुविधाएं भी मिल जाएंगी।  थाइलैंड, दुबई और सिंगापुर की डिमांड से एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन को हमने डिमांड भेजी बैंकाक, अमृतसर, कोच्ची, बागडोगरा उड़ान मिलने की उम्मीद है। – हेमेन्द्र जादौन, अध्यक्ष, ट्रेवल एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपी-सीजी

भोपाल वृत्‍त के करीब 3 लाख उपभोक्ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से अधिक की छूट

भोपाल वृत्‍त के लगभग 3 लाख उपभोक्‍ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से अधिक की छूट स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिला सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत छूट का लाभ भोपाल  मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्य क्षेत्र में 5 लाख 20  हजार 457 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे छूट का लाभ प्रदान करते हुए जनवरी 2026 में कुल 3 करोड़ 61 लाख 26 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल शहरी एवं ग्रामीण वृत्‍त के 2 लाख 97 हजार 813 उपभोक्‍ताओं को 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे छूट के तहत यह रियायत प्रदान की गई है।   मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत माह जनवरी 2026 के दौरान यह छूट प्रदान की गई है। दिन के टैरिफ में स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। कंपनी ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्‍मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और स्‍मार्ट मीटर लगवाने से न घबराएं। स्‍मार्ट मीटर उनके लिए हर तरह से फायदेमंद है और स्‍मार्ट मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग के साथ ही कार्यप्रणाली में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है। स्‍मार्ट मीटर बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। ऐप से मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाया जा सकता है। उपभोक्‍ता ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन मोबाइल एप के द्वारा किसी भी समय कहीं से भी देख सकते हैं। स्‍मार्ट मीटर ऊर्जा की खपत को कम करने में सहायक होकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करता है।  

राजधानी भोपाल में नया पुलिस थाना स्थापित, कजली खेड़ा क्षेत्र से सुरक्षा बढ़ेगी

भोपाल  राजधानी भोपाल के नगरीय क्षेत्र में एक और थाना बहुत जल्दी बढ़ने वाला है। दरअसल राज्य सरकार ने पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर कोलार के ग्रामीण क्षेत्र कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को उन्नयन कर थाना बनाने की मंजूरी प्रदान कर चुक है। लेकिन थाना अभी तक संचालित नहीं हो सका है। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल, एडीसीपी जोन-4 मलकीत सिंह के साथ कोलार थाने का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं देखीं।  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने एक-दो दिन में कजलीखेड़ा थाने को व्यवस्थाएं कर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि कोलार थाना क्षेत्र क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा है और ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल होने के कारण काम का बोझ अधिक है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुलिस की तुरंत उपस्थिति के लिए कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू किया जाए।  उल्लेखनीय है कि कजलीखेड़ा पहले पुलिस सहायता केंद्र था। वर्तमान में वह चौकी है। और वहां उप निरीक्षक केशांत शार्मा पदस्थ हैं। पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी सहित 13 पुलिसकर्मियों को फिलहाल कोलार थाने से ही कजलीखेड़ा में पदस्थ किया जा रहा है। संभावना है कि बाद में नया थाना प्रभारी भी लाइन से भेजा जाए। पुलिस सूत्रों की मानें तो औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फरवरी माह के अंत तक कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू होने की संभावना है।  यह पुलिसकर्मी नए थाने में होंगे पदस्थ कोलार थाने से अलग होकर कजलीखेड़ा थाने में उप निरीक्षक सहित 13 पुलिसकर्मी पदस्थ किए जा रहे हैं। वर्तमान कजलीखेड़ा चौकी प्रभारी केशांत शर्मा को ही फिलहाल थाने की कमान सौंपी जा रही है। केशांत शर्मा के साथ एएसआई ⁠एएसआई रूपेश नर्रे, संतोष कुमार, ⁠प्रधान आरक्षक देवकीनंदन, सन्तोष यादव, रंजीत, महेश परमार के साथ आरक्षक रविन्द्र तोमर, रविन्द्र मालवीय, राजेश जाटव, ⁠प्रदीप यदुवंशी, ⁠जितेंद्र गुर्जर और ⁠महिला आरक्षक राधिका को नए थाने में पदस्थ करने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।

मंत्री परमार ने, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की उज्जैन में स्थापना के लिए किया आग्रह

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रताप राव जाधव से भेंट कर, प्रदेश में संचालित आयुष विभाग अंतर्गत समस्त गतिविधियों से अवगत कराया। इस दौरान मंत्री  परमार ने, केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के तारतम्य में, प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की उज्जैन में स्थापना के लिए केंद्रीय आयुष मंत्री से अनुरोध किया। प्रदेश के लिए दो नवीन आयुर्वेद महाविद्यालयों एवं एक होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना, प्रदेश में वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच अन्य केंद्रों की स्थापना एवं टीकमगढ़ में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए भी आग्रह किया। इस दौरान केंद्रीय आयुष मंत्री  जाधव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत हुई गतिविधियों के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा एवं सराहना की। मंत्री  परमार के नेतृत्व में पहुंची आयुष विभाग की टीम ने, केंद्रीय मंत्री  जाधव से प्रदेश में आयुष अन्तर्गत संचालित गतिविधियों के अवलोकन के लिए आमंत्रित भी किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सचिव वैद्य  राजेश कोटेचा ने, प्रदेश को अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने के लिए आश्वस्त भी किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन भी उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि पिछले दो वर्ष में प्रदेश सरकार द्वारा 8 नवीन आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित किया जा रहे हैं, इनमें से 7 आयुर्वेद महाविद्यालयों का वित्तीय पोषण, भारत सरकार अंतर्गत राष्ट्रीय आयुष मिशन से प्राप्त हुआ है। इसके साथ प्रदेश के लिए खजुराहो में योग संस्थान स्थापित किए जाने और नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश के एकलव्य स्कूलों में पोषण वाटिका स्थापित किए जाने के लिए भी केंद्रीय वित्तीय सहायता का अनुरोध किया गया।