samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश सर्वाधिक उद्योग अनुकूल राज्य है, यहां आएं और निवेश करें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां उद्योगों की स्थापना के लिए अनेक तरह की अनुकूलताएं मौजूद हैं। जनवरी 2026 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुम्बई में 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को जनवरी-2027 में भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पधारने के लिए भी आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का संबंध एक मां की दो संतानों की तरह है। जहां मुंबई, निवेश और वित्त क्षेत्र की सबसे अच्छी समझ रखने वाला महानगर है, वहीं मध्यप्रदेश निवेश की संभावनाओं वाला राज्य है। एक बार कोई निवेशक मध्यप्रदेश आता है तो उसे भूल नहीं पाता है। मध्यप्रदेश भारत में औद्योगिक निवेश का सबसे तेजी से बढ़ता और सबसे पसंदीदा गंतव्य स्थल बनता जा रहा है। महाराष्ट्र के बड़े औद्योगिक घरानों ने मध्यप्रदेश को अपना निवेश स्थान बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के साथ स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस सत्र में वेलस्पन ग्रुप, सनफार्मा और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। उद्योग और कार्पोरेट जगत की लगभग सभी हस्तियां उपस्थित हैं, जो बदलते दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की क्षमताओं को जानती हैं। देश के साथ सभी राज्य आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बताया कि राज्यों के बीच सौहार्द्र पूर्ण संबंधों के आधार पर कैसे आगे बढ़ा जा सकता है। मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा पर बना सरदार सरोवर बांध इसी का उदाहरण है। इससे न सिर्फ मध्यप्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों को पर्याप्त जल मिला बल्कि राजस्थान के हितों का भी ध्यान रखा गया। राज्यों के मध्य उन्होंने सौहार्द्रपूर्ण संबंध स्थापित करने का कार्य किया। उन्होंने सकारात्मक दृष्टि के साथ कार्य किया है। वर्तमान समय में दुनिया के सामने भारत की पहचान एक ऐसे देश की बन रही है, जहां वैश्विक स्तर के नेता हैं। बदलते दौर में भारत दुनिया की सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के साथ देश को स्वाभिमान से जीना सिखाया है। आज हमारा पासपोर्ट भी दुनिया में मजबूत हुआ है। वर्ष 2014 के पहले भारत कहां था, सभी जानते हैं। गत 12 वर्ष में कितना बदलाव आ सकता है, वो आज सबके सामने है। देश में जीएसटी से लेकर व्यापार-व्यवसाय की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। जी20 के वैश्विक समूह में भारत अपने टारगेट पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। वी विल डू इट का नया मंत्र, आत्मविश्वास का नया परिचायक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'वी विल डू इट' का मंत्र दिया है। हम दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कठिनाइयों से निकलकर एक आदर्श जीवन जीया है। आजादी के बाद पहली बार 2015-25 के बीच एक दशक में कृषि क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। भारत की निर्माण, नवाचार, नेतृत्व और प्रतिभा की शक्ति दुनिया के सामने है। भारत मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, ईवी, बैटरी, सोलर हमारी पहचान बन चुके हैं। खेल क्षेत्र की बात करें तो हमारे खिलाड़ी अब वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीत रहे हैं। हाल ही में एशियन गेम्स में भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा है। एशियाड हो या ओलम्पिक भारत कहीं भी सफलता प्राप्त कर सकता है। भारत के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के साथ डील होगी, लेकिन इसमें भारतीय नागरिकों के आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह भारत के स्वाभिमान के साथ वैश्विक संबंधों के निर्वहन का प्रमाण है। मध्यप्रदेश जहां एक नहीं, अनेक अनुकूलताएं हैं, निवेशकों को हर प्रकार की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी राज्य में निवेश तभी आ सकता है। जब प्रदेश में स्थाई नेतृत्व हो, नीतियां स्पष्ट हों, पर्याप्त लैंड बैंक हो, उद्योग अनुकूल वातावरण हो, प्रदेश में छोटे-बड़े सभी निवेशकों का पूरा सम्मान है। मध्यप्रदेश की केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति है। यहां प्रत्येक निवेशक को लाभ मिलता है। राज्य सरकार ने जीआईएस, रोडशो और अनेक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से अपार निवेश पाया है। हम सभी निवेशकों को उनके हक की प्रोत्साहन राशि समय पर दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है। एक लाख एकड़ का लैंड बैंक मौजूद है। खनिज, वन, ऊर्जा सहित सभी तरह के छोटे-बड़े और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की स्थापना हमारी प्राथमिकता है। फाइलों की बजाए फैसलों पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सरलीकृत 25 नीतियां लागू की गईं, जो उद्योगों की स्थापना में मददगार बन रही हैं। फाइलों की बजाए फैसलों पर जोर दिया गया है। भोपाल से दिल्ली, मुम्बई, कलकत्ता, रायपुर, बैंगलोर और अन्य नगरों के लिए सीधी विमान सेवाएं हैं। मध्यप्रदेश एविएशन पॉलिसी के अंतर्गत वीजीएफ प्रदान करता है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है। मध्यप्रदेश से खाड़ी देशों के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत की गई है। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क में विभिन्न इकाइयों को 4 रूपए यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुम्बई में ढाई वर्ष में यह आठवीं यात्रा है, जिसमें उद्योगपति मित्रों से भेंट हो रही है। आज हुई मुलाकातों के फलस्वरूप 90 हजार करोड़ रूपए के निवेश का आश्वासन भी मिला है, यह हमारे प्रयासों की सफलता है। निवेशकों की जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड पैकेज और औद्योगिक सुविधाएं देगा मध्यप्रदेश अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, जल, बिजली, प्राकृतिक संसाधन, कुशल श्रमबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। प्रदेश के भौगोलिक केंद्र में होने से बड़े उपभोक्ता बाजारों तक आसान पहुंच है। राज्य में 8 … Read more

7 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन की कार्यवाही समय-सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रस्तावों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने और प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने 27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन से संबंधित कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मेडिकल कॉलेजों में लगभग 3 हजार नवीन नर्सिंग पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा, उपचार एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसके लिए पद सृजन से संबंधित प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। पांच मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार की सुविधाओं के विस्तार की समीक्षा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में पेट स्कैन, कैंसर की जांच एवं उपचार से संबंधित सुविधाओं के विकास की भी समीक्षा की। उन्होंने इन संस्थानों में ऑन्कोसर्जरी तथा मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागों की स्वीकृति से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कैंसर रोगियों को जांच एवं उपचार की समग्र सुविधाएं मेडिकल कॉलेज स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पेट स्कैन, लिनैक सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ विशेषज्ञ विभागों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से मरीजों को बेहतर उपचार सेवाएं प्राप्त होंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी। ग्वालियर में सीटीवीएस विभाग की स्थापना शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने विभाग की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि ग्वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी जटिल सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के प्रस्तावों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों के निराकरण में संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में जहां भी अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता संबंधी कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करें उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मान्यता प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, आयुक्त  धनराजू एस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

राजस्व कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में होगी कड़ी कार्रवाई

भोपाल राजस्व के कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में जिला स्तर पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में रिश्वत के आरोपी पटवारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्रवाई लोकायुक्त में दर्ज शिकायत, जांच में सामने आए तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। सतना के पटवारी संतोष सतनामी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी, नामांतरण-बंटवारे के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप सतना जिले की तहसील रामपुर बघेलान के हल्का क्रमांक-17 डेंगराहट में पदस्थ तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर सतना के आदेश के अनुसार नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण के निराकरण में तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई और 5 हजार रुपये नकद लेते हुए ट्रैप की कार्रवाई की गई। जारी आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त रीवा से प्राप्त प्रतिवेदन, एफआईआर, शिकायत, साक्षियों के कथन, जप्ती एवं विभिन्न पंचनामों तथा अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद प्रकरण प्रथम दृष्टया अभियोजन योग्य पाया गया। इसके आधार पर हल्का क्रमांक-17 डेंगराहट, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना के तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अभियोजन संस्थित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। चार बीघा भूमि के नामांतरण के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले जबलपुर के पटवारी सनी द्विवेदी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी जबलपुर जिले की तहसील कुंडम के हल्का क्रमांक-04 में पदस्थ पटवारी सनी द्विवेदी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सिहोरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत पिपरिया के ग्राम मझौली में आवेदक के पिता की चार बीघा भूमि के नामांतरण के लिए तहसीलदार कुंडम के समक्ष पटवारी सनी द्विवेदी के माध्यम से शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। नामांतरण के लिए पटवारी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। आवेदक द्वारा लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत की गई। रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत रिकॉर्ड की गई, जिसमें आरोपी द्वारा 13 हजार रुपये लेने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके बाद लोकायुक्त द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पटवारी को 13 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए पकड़ा गया। रिश्वत राशि एवं अन्य सामग्री जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की गई। जांच के दौरान आवेदक, पंच साक्षियों, ट्रैप दल एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के कथन लिए गए। राज्य फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, सागर द्वारा की गई आवाज की जांच में रिकॉर्ड की गई बातचीत की आवाज का मिलान आरोपी के प्रमाणित आवाज नमूने से पाया गया। जांच में 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग एवं 13 हजार रुपये प्राप्त किए जाने की पुष्टि होने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया। इसके आधार पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। नर्मदापुरम के पटवारी देवेंद्र सहारिया के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी नर्मदापुरम जिले की तहसील नर्मदापुरम में पदस्थ पटवारी (नगर सर्वेक्षक) देवेंद्र सहारिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नर्मदापुरम द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त भोपाल संभाग द्वारा अभियोजन स्वीकृति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आदेश में नवीन भू-अभिलेख नियम 2020 के नियम 10 के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आरोपी को पद से हटाने के लिए सक्षम प्राधिकारी होना उल्लेखित है। उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के परीक्षण के बाद पटवारी (नगर सर्वेक्षक), तहसील नर्मदापुरम, जिला नर्मदापुरम देवेंद्र सहारिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और धारा 13(1) सहपठित धारा 13(2) के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। भूमि नामांतरण के लिए 8 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले सीहोर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी सीहोर जिले की तहसील जावर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। शिकायतकर्ता द्वारा लोकायुक्त में शिकायत की गई थी कि भूमि नामांतरण के लिए पटवारी द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई है। शिकायत के सत्यापन के लिए निरीक्षक मुकेश तिवारी द्वारा डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर उपलब्ध कराया गया। रिकॉर्ड की गई बातचीत में पटवारी द्वारा 8 हजार रुपये लेने पर सहमति व्यक्त की गई। स्वतंत्र पंच साक्षियों की उपस्थिति में रिकॉर्ड की गई बातचीत का अवलोकन किया गया तथा प्रारंभिक पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद जावर में ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। तहसील कार्यालय जावर में वॉइस रिकॉर्डर एवं मेमोरी कार्ड की जब्ती का पंचनामा तैयार कर उसे सीलबंद किया गया। आरोपी के आवाज के नमूने को एफएसएल भोपाल भेजा गया, जहां रिकॉर्ड की गई आवाज को पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर की आवाज प्रमाणित किया गया। हल्का क्रमांक-24, तहसील जावर, जिला सीहोर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर द्वारा लोक सेवक के पद का दुरुपयोग करते हुए भूमि नामांतरण के लिए 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने के संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद कलेक्टर सीहोर श्री बालगुरु के. द्वारा अभियोजन के लिए पर्याप्त आधार पाए जाने पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। मकान के फर्जी नामांतरण एवं लीज रिन्यू के एवज में 8 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले भोपाल के पटवारी मंगलेश खण्डेलवाल के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी भोपाल जिले में कोलार क्षेत्र के पटवारी मंगलेश खण्डेलवाल के विरुद्ध विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त भोपाल में दर्ज मामले में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। पटवारी मंगलेश खण्डेलवाल पर मकान के फर्जी नामांतरण एवं लीज रिन्यू के एवज में 8 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त भोपाल द्वारा उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद कार्रवाई की गई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों का परीक्षण कर कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं भ्रष्टाचार में प्रथम दृष्टया संलिप्तता के आधार पर अभियोजन स्वीकृति के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा … Read more

निवेश-अनुकूल नीतियों से उद्योगों के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार मुंबई में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के शीर्ष नेतत्व के साथ वन-टू-वन बैठकें की। फार्मा, टेक्सटाइल, सेमीकंडक्टर, औद्योगिक गैस, ट्रांसमिशन, टायर, आईटी और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर हुई इन बैठकों में उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में नई इकाईयाँ स्थापित करने और मौजूदा निवेश के विस्तार में रूचि दिखाई। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक समूहों द्वारा नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, केमिकल तथा अन्य क्षेत्रों में लगभग 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तावों से प्रदेश में 14,375 रोजगार सृजित होने की संभावना है। निवेश प्रस्तावों में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 71 हजार 289 करोड़, टेक्सटाइल्स में 5 हजार करोड़, फार्मास्यूटिकल्स में 2 हजार 280 करोड़, रियल एस्टेट एक हजार करोड़, सूचना प्रौद्योगिकी में 200 करोड़, केमिकल उद्योग के क्षेत्र में 400 करोड़ का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, विकसित हो रही अधोसंरचना और कुशल कार्यबल उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को भूमि, बिजली, पानी, सड़क, ऊर्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हों। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में नए निवेश और विस्तार के लिए आमंत्रित करते हुए आश्वस्त किया कि उन्हें इकाइयाँ लगाने में पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम अंतर्गत आरपीजी, वेलस्पन, आईनॉक्स, भिलोसा, इप्का और सन फार्मा के प्रमुखों से वन-टू-वन चर्चा की। बैठकों में विभिन्न क्षेत्रों की निवेश योजनाओं, संभावित स्थलों, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, औद्योगिक सुविधाओं और आवश्यक प्रोत्साहनों पर विचार-विमर्श हुआ। आरपीजी समूह ने ट्रांसमिशन, टायर और आईटी क्षेत्र में दर्शाई रुचि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका की मुलाकात में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। गोयनका ने जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की। प्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति और निवेश-अनुकूल नीतियों के आधार पर नई इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। टायर निर्माण इकाई के लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित स्थलों के रूप में चर्चा में आए। समूह ने इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और आवश्यकताओं का आंकलन करने में रुचि दिखाई। उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग तथा संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर व्यावसायिक संभावनाओं का आंकलन करने पर भी संवाद हुआ। समूह की प्रमुख कंपनियों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। आरपीजी समूह का मध्यप्रदेश से पुराना जुड़ाव है और केईसी इंटरनेशनल ने प्रदेश की विद्युत पारेषण अधोसंरचना के विकास में योगदान दिया है। वेलस्पन समूह टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क में निवेश की संभावनाएं तलाशेगा वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से चर्चा में पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचनात्मक क्षेत्र की निवेश योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। समूह ने मिल की भूमि पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने में निवेश तथा प्रस्तावित पार्क में एंकर यूनिट स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। स्थल का निरीक्षण करने के लिए समूह अपनी टीम भेजेगा। बैठक में वेलस्पन कॉर्प के एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में 150 करोड़ रूपये के निवेश और सिंटेक्स के 700 करोड़ रूपये के प्रगतिरत निवेश पर भी चर्चा हुई। समूह की रायसेन और देवास में उपस्थिति तथा पाइप निर्माण एवं टेक्सटाइल गतिविधियों पर संवाद हुआ। वेलस्पन समूह प्रदेश में सड़क एवं राजमार्ग निर्माण सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं से भी जुड़ेगा। जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजनाओं में समूह की सहभागिता की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अति उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर – ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र करेगा स्थापित आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ जैन से औद्योगिक गैस एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार मध्यप्रदेश में 1,260 करोड़ रूपये के निवेश से देश का पहला अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र स्थापित करने की योजना है। अप्रैल 2029 से उत्पादन प्रारंभ करना प्रस्तावित है। परियोजना से लगभग 350 करोड़ रूपये के आयात प्रतिस्थापन और 320 से अधिक स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। संवाद में नवीनतम तकनीक से सेमीकंडक्टर उद्योग में उपयोग होने वाली विशेष गैसों के उत्पादन के लिए लगभग 1,200 करोड़ रूपये के संभावित निवेश पर भी चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 40 एकड़ भूमि की आवश्यकता जताई गई। प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और गेल के आपूर्ति नेटवर्क के माध्यम से गैस की आपूर्ति से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। निवेश प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, ब्याज अनुदान, प्रति यूनिट 2 रूपये की बिजली सब्सिडी, विद्युत शुल्क में छूट, अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज और समयबद्ध स्वीकृतियों जैसे विषय चर्चा में रहे। कंपनी वर्ष 2000 से इंदौर और भोपाल में कार्यरत है। जून 2023 में प्रदेश में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के साथ कंपनी नई ऑन-साइट गैस उत्पादन इकाइयों और नर्मदापुरम में सौर ऊर्जा से जुड़ी नाइट्रोजन पाइपलाइन की दिशा में भी कार्य कर रही है। भिलोसा ने 7,500 करोड़ रूपये के चरणबद्ध निवेश की प्रस्तुत की योजना प्रबंध निदेशक भिलोसा इंडस्ट्रीज संदीप जैन ने पीएम मित्र पार्क, धार को केंद्र में रखते हुए मध्यप्रदेश में चरणबद्ध रूप से कुल 7,500 करोड़ रूपये के निवेश और करीब 3,750 रोजगार के अवसरों की योजना प्रस्तुत की। कंपनी ने प्रारंभिक रूप से लगभग 2,500 करोड़ रूपये के पूंजीगत निवेश से कार्य शुरू करने तथा समग्र निवेश को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाने की जानकारी दी। पीएम मित्र पार्क में टेक्सटाइल निर्माण के लिए 200 एकड़ और सहायक इकाइयों के लिए अतिरिक्त 100 एकड़ भूमि के संबंध में चर्चा हुई। भूमि के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई गई। कंपनी ने वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। धार–इंदौर क्षेत्र में पॉलिस्टर यार्न, फायबर, निटेड फैब्रिक और मैन-मेड फायबर आधारित नॉन-गारमेंट फैब्रिक के एकीकृत विनिर्माण तथा सूक्ष्म एवं लघु सहायक इकाइयों के विकास की संभावनाओं पर भी … Read more

गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड-60 में 42 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों का हुआ भूमि-पूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि “क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी, जनता की निष्काम सेवा के माध्यम से मिले दायित्व का ऋण उतारना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।” राज्यमंत्री  गौर गुरुवार को गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक-60 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने लगभग 42 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का वैदिक रीति-रिवाज से भूमि-पूजन किया। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि प्रदेश सरकार जन-आकांक्षाओं के अनुरूप विकास को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि प्रत्येक स्वीकृत योजना धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से आकार लेती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क, पार्क सौंदर्यकरण तथा अन्य जन-सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को उच्च मानक गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिये सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वल्लभ नगर से सौम्या विहार मार्ग एवं दीपनगर पार्क में निर्माण कार्यों की सौगात आयोजित भूमि-पूजन कार्यक्रम में वार्ड-60 स्थित वल्लभ नगर से सौम्या विहार तक 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली कांक्रीट (सीसी) सड़क का विधिवत शिलान्यास किया गया, जिससे क्षेत्रीय निवासियों को आवागमन में सुगमता प्राप्त होगी। इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा एवं पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए दीपनगर पार्क परिसर में 5 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले शेड निर्माण कार्य का भी भूमि-पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

11वीं राज्य स्तरीय TNAI कांफ्रेंस-2026 का किया उद्घाटन

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सेज यूनिवर्सिटी भोपाल में 11 वीं राज्य स्तरीय TNAI कांफ्रेंस-2026 का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भ संस्कार और नर्सिंग में इनोवेटिव टेक्नोलॉजी जैसे दो महत्वपूर्ण विषय इस सम्मेलन को विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों में अच्छे संस्कार बचपन से ही विकसित किए जाएं, तो वे बड़े होकर समाज के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति बनते हैं। गर्भावस्था से ही मां और बच्चे के स्वास्थ्य और संस्कारों पर ध्यान देने से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर दिए जाने वाले व्याख्यान और विचारों को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उनका मनन कर अपने आचरण और व्यवहार में उतारना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नर्सें अस्पताल और फील्ड में मरीजों के साथ संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करें और अपने कार्य से एक आदर्श नर्स के रूप में पहचान स्थापित करें, ताकि लंबे समय तक उनके सेवा कार्यों को याद किया जाए। दो दिवसीय कांफ्रेंस में नर्सिंग शिक्षा, क्लीनिकल प्रैक्टिस, नवाचार एवं तकनीक से नर्सिंग सेवाओं को सशक्त बनाने पर होगा विमर्श "रीडिफ़ाइनिंग क्लिनिकल प्रैक्टिस: एम्पावरिंग नर्सेस थ्रू इनोवेटिव टेक्नोलॉजी" थीम पर आयोजित दो दिवसीय कांफ्रेंस में नर्सिंग शिक्षा, क्लीनिकल प्रैक्टिस, नवाचार एवं तकनीक के माध्यम से नर्सिंग सेवाओं को सशक्त बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श होगा। पहले दिन गर्भ संस्कार, सम्मानजनक मातृ देखभाल, प्रसव की तैयारी में नर्सों की भूमिका सहित महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ व्यक्तित्व एवं नृत्य प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। दूसरे दिन वैज्ञानिक सत्रों में नर्सिंग क्षेत्र के समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ प्रस्तुतियां देंगे और समापन सत्र में पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरण होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ऐसे प्रयास सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सेज ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष एवं चांसलर संजीव अग्रवाल को आधुनिक शैक्षणिक परिसर विकसित करने और शिक्षा के साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को जोड़ने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अग्रवाल की ऊर्जा और उद्यमशीलता से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने ‘नर्सिंग डिजिटलिया’ स्मारिका एवं गर्भ संस्कार नर्सेस प्रशिक्षण बुकलेट का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में नर्सिंग एवं एलाइड हेल्थ निदेशक डॉ. बीनू कुशवाह सिंह, TNAI मध्यप्रदेश की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनीता लॉरेंस, राज्य सचिव प्रो. (डॉ.) जया बिजॉय, सहित अन्य पदाधिकारी एवं अतिथि उपस्थित रहे।  

प्रदीप मिश्रा की 350 करोड़ की FD की चर्चा पर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, बोले- इतनी संपत्ति कैसे?

सीहोर  प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर सीहोर के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को लेकर तंज कसा है। दिग्विजय सिंह ने बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा को लेकर कथावाचक द्वारा बताए जाने वाले उपायों पर सवाल उठाते हुए उनकी संपत्ति और वित्तीय स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। वीडियो में दिग्विजय सिंह कहते नजर आ रहे हैं कि आजकल धार्मिक गुरु और कथावाचकों की खूब चल रही है। उन्होंने सीहोर वाले कहावाचक का जिक्र छेड़ा और कहा कि वे बच्चों से कहते थे कि तुम्हें पढ़ाई करने की जरूरत नहीं, भगवान शिव को शहद लगाकर बेल पत्र चढ़ा दो और तुम पास हो जाओगे। दिग्विजय यहीं नहीं रुके। उन्होंने कथावाचक पर चुटकी लेते हुए कहा कि सुनने में आया है कि उनका बेटा ही परीक्षा में फेल हो गया। 350 करोड़ की एफडी का जिक्र दिग्विजय सिंह ने सीहोर के कथावाचक की पिछले कुछ सालों में उपजी आर्थिक संपन्नता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीहोर के स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि महज दो साल में उनके (पं. प्रदीप मिश्राा) पास करीब 350 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट हो गई है। इसी को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देखना चाहिए कि पिछले दो साल में वे क्या से क्या हो गए। हालांकि, दिग्विजय सिंह ने यह स्पष्ट किया कि 350 करोड़ रुपये की एफडी होने का दावा वे स्वयं नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सीहोर के स्थानीय लोगों द्वारा कही जा रही बातों का उल्लेख कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा की संपत्ति, आय और वित्तीय स्थिति को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, 350 करोड़ रुपये की एफडी संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बयान की सोशल मीडिया में चर्चा दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा की संपत्ति, आय और वित्तीय स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, 350 करोड़ रुपये की एफडी संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।   

मुंबई में 7 देशों के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआईएस–2027) में सात देशों को ‘साझेदार देश’ के रूप में जुड़ने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न देशों के साथ निवेश और व्यापारिक साझेदारी को ठोस परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहता है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता की कसौटी निवेश प्रस्तावों का धरातल पर क्रियान्वयन होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित राउंड टेबल बैठक में जापान, मेक्सिको,रूस,कोरिया गणराज्य, थाईलैंड,मिस्र अरब गणराज्य एवं साउथ अफ्रीका के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिनिधियों के विचारों को सुनते हुए कहा, “आपकी बातें मेरे साथ भोपाल जाएँगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनवरी 2027 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट   का नौवाँ संस्करण आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि साझेदार देश (पार्टनर कंट्री) के रूप में आने वाले देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ वे स्वयं बैठक करेंगे। प्रतिनिधिमंडल उनके साथ भोज में भी शामिल होंगे। उनकी रुचि के अनुरूप पीथमपुर की औद्योगिक संभावनाओं से लेकर साँची की सांस्कृतिक विरासत तक प्रदेश के विविध पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट   के बाद से मध्यप्रदेश में 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी यही सुनिश्चित करने पर जोर होगा कि जो कहा जाए, वह धरातल पर उतरे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष अक्टूबर में मुंबई में कई राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने विभिन्न देशों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया है और आने वाले वर्ष में इस साझेदारी को और विस्तार देना चाहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रिटेन की कंपनी हेलियॉन के निवेश निर्णय का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी ने जून में पीथमपुर में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से कारखाना स्थापित करने का निर्णय लिया। परियोजना के लिए 40 एकड़ से अधिक भूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वयं मध्यप्रदेश आए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न विकल्पों के बीच पीथमपुर का चयन प्रदेश के प्रति कंपनी के भरोसे को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि जापान के सौ वर्ष से अधिक पुराने टोप्पन समूह ने भी अपनी नई इकाई के लिए पीथमपुर को चुना है। लगभग 950 करोड़ रुपये की इस परियोजना का पूरा निवेश विदेश से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोरिया की ई.सी.डी.एस. के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी ने भारत में अपनी पहली इकाई के लिए उज्जैन में लगभग 780 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस इकाई में कैंसर की जाँच के किट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मध्यप्रदेश में जो बात मेज़ पर होती है, वह धरातल पर उतरती है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जून में इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक और लैटिन अमेरिका के 15 देशों के साथ व्यापार एवं निवेश मंच का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन आयोजनों को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और व्यापारिक संबंधों के विस्तार के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजनयिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने देशों की राजधानियों तक यह संदेश पहुँचाएँ कि मध्यप्रदेश , जीआईएस–2027 में उनके देश को साझेदार देश के रूप में देखना चाहता है।उन्होंने संबंधित देशों के द्विपक्षीय चैंबरों से मध्यप्रदेश को जोड़ने और उनकी वार्षिक आम सभा भोपाल में आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कई चैंबर इसके लिए सहमत हो चुके हैं और प्रदेश की टीम उनके संपर्क में है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आने का आत्मीय निमंत्रण देते हुए कहा कि वे प्रदेश के अतिथि होंगे। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है। और हृदय का स्वभाव है, सबको जोड़ना। हम आपके देशों से इसी भाव से जुड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। उन्होंने राजनयिक प्रतिनिधियों को सिंहस्थ में आने का भी निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यापारिक साझेदारी के साथ भारत की आत्मा को निकट से देखने का अवसर होगा। महावाणिज्य दूतों ने सराहीं मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाएं, सहयोग के अवसरों पर हुआ सकारात्मक संवाद राउंड टेबल बैठक में जापान की महावाणिज्य दूत सुश्री हितोमी सातो ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं की सराहना की। उनके साथ जापान और मध्यप्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग के अवसरों पर सकारात्मक चर्चा हुई। मेक्सिको के प्रमुख वाणिज्य दूत अदोल्फो गार्सिया एस्त्रादा ने मध्यप्रदेश में व्यापार एवं निवेश के अवसरों को उत्साहजनक बताया। उनसे आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों के विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। रूस के महावाणिज्य दूत इवान वाई. फेतिसोव ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन के प्रयासों की सराहना की। उनके साथ विभिन्न एग्रीकल्चर,फ़ूड प्रोसेसिंग एवं एनर्जी क्षेत्रों में निवेश एवं व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक संवाद हुआ। कोरिया गणराज्य के महावाणिज्य दूत डोंगवान यू ने मध्यप्रदेश के निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक संभावनाओं को सराहा। बैठक में कोरिया गणराज्य और मध्यप्रदेश के बीच निवेश एवं व्यापारिक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की गई। थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री सिरिपोर्न सुपानिमितविसेतकुल ने मध्यप्रदेश की विकास संभावनाओं और निवेशकों के साथ संवाद की पहल की सराहना की। उनके साथ व्यापार एवं निवेश संबंधों के विस्तार के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। मिस्र अरब गणराज्य की महावाणिज्य दूतमती डालिया तवाकोल ने मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य सरकार के निवेश प्रोत्साहन प्रयासों की सराहना की। उनसे आपसी आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई। दक्षिण अफ्रीका के महावाणिज्य दूत जेडोन लेबाने ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और व्यापार की संभावनाओं को सराहा। उनके साथ निवेश एवं व्यापारिक सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में संबंधित देशों की जीआईएस–2027 में ‘साझेदार देश’ के रूप में संभावित सहभागिता तथा मध्यप्रदेश के साथ सहयोग के अवसरों पर चर्चा की गई। 

आज सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा द्वारा भगवान अग्रसेन जी की महाआरती एवं अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित

भोपाल अग्रकुल प्रवर्तक एवं अग्रवाल समाज के आराध्य देव भगवान अग्रसेन जी की जयंति बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है। इस अवसर पर अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किय जाते है। सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि भगवान अग्रसेन महाराज जी की जयंति 11 अक्टूबर को समाज द्वारा बड़े धूमधाम से मनाता है।  इसी क्रम में सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा द्वारा 9 अक्टूबर को भोपाल के एमपी नगर स्थित होटल आदित्य में दोपहर 3 बजे से समाज के महिलाए एकत्रित होकर पारंपरिक वेशभूषा में भगवान अग्रसेन जी की विशेष रूप से सजाई गई पारंपरिक थालियों के साथ आरती करेंगी। संस्था की अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि महाआरती के साथ महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और पारंपरिक संस्कृति को मंच देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है। इनमें डांडिया, थाली सजाओ, भुट्टे के व्यंजन बनाओ और एक मिनट गेम प्रमुख रूप से शामिल हैं। सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल जयंती समारोह मनाना नहीं, बल्कि समाज की महिलाओं को एकजुट कर अपनी परंपरा, संस्कृति और प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांतों और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाते हुए यह आयोजन उत्सव के साथ सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर सहित अन्य स्थानों से अग्रवाल समाज की महिलाएं भी सहभागिता करेंगी। अलग-अलग शहरों से महिलाओं की भागीदारी आयोजन को और व्यापक स्वरूप देंगी। कार्यक्रम संयोजक रचना अग्रवाल, आशा गुप्ता, कुसुम अग्रवाल, यशस्वी, जागृति, अक्षिता, रुचि और दीपाली अग्रवाल सहित अन्य महिलाएं आयोजन की तैयारियों में जुटी हैं। आयोजकों ने कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों की विशेष रूप से तैयारी की है। कार्यक्रम के समापन पश्चात भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में शामिल होने वाली सभी बहनों के लिए विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।

आकाश एजुकेशन ने लॉन्च किया ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’, जेईई की तैयारी को मिलेगी नई दिशा

भोपाल भारत की प्रमुख परीक्षा-तैयारी संस्थाओं में से एक, आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 के माध्यम से इंजीनियरिंग की तैयारी के अपने अकादमिक इकोसिस्टम को और मजबूत करने की घोषणा की है। यह नया परफॉर्मेंस आधारित एकेडमिक सिस्टम जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड और स्टेट सीईटी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक व्यवस्थित और बेहतर तैयारी का मार्ग तैयार करेगा। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा: "आकाश इनविक्टस-इंजीनियरिंग 2.0 को हमारे सबसे अच्छे टीचरों ने बनाया है, जिनके पास हर साल टॉप रैंक लाने का दशकों का अनुभव है। उन्होंने हमारे करिकुलम को फिर से बनाया, हमारी किताबें फिर से लिखीं, और हमारे टेस्टिंग मैकेनिज्म को शुरू से ही रीडिज़ाइन किया। हमने पहले कुछ खास सेंटर्स पर प्रोग्राम चलाया, और जेईई 2026 में रिजल्ट शानदार रहे। आज, हम भारत में हर आकाश ब्रांच के हर स्टूडेंट के लिए आकाश इनविक्टस ला रहे हैं, जिसकी शुरुआत हमारे मौजूदा स्टूडेंट्स से होगी। हमारा मानना है कि यह सिस्टम हमारे स्टूडेंट्स को जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिटसैट, और स्टेट इंजीनियरिंग एग्जाम में अपनी सबसे अच्छी रैंक पाने में मदद करेगा और हमें यकीन है कि जेईई 2027 और 2028 आकाश के इतिहास में सबसे अच्छे रिजल्ट होंगे। आखिर “एक्सीलेंस एक्सक्लूसिव क्यों रहना चाहिए।”   छह मजबूत स्तंभों पर आधारित 360-डिग्री तैयारी का अनुभव: विद्यार्थियों को इनविक्टस का अलग अनुभव हर स्तर पर देखने को मिलेगा चाहे वह क्लासरूम में सीखने की प्रक्रिया हो, स्टडी मटेरियल और किताबें हों, टेस्ट हों या उन्हें मिलने वाली मेंटरशिप। यह कार्यक्रम छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: परिणाम-केंद्रित अकादमिक दृष्टिकोण: हर कक्षा, प्रैक्टिस सेशन और रिवीजन साइकिल को एक ही लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिट्सैट और विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ संभव रैंक दिलाना। रैंक-प्रमाणित फैकल्टी टीम: फैकल्टी टीम आकाश इनविक्टस की सबसे बड़ी ताकत है। इसी अनुभवी अकादमिक टीम ने इनविक्टस के पाठ्यक्रम, स्टडी मटेरियल और टेस्टिंग सिस्टम को एक नई ऊँचाई दी है। वैज्ञानिक तरीके से तैयार और शोध-आधारित स्टडी मटेरियल: इन किताबों को इसी अकादमिक टीम ने लर्निंग साइंस और परीक्षा के पैटर्न पर किए गए गहन शोध के आधार पर नए सिरे से तैयार किया है। यह विद्यार्थियों को बुनियादी अवधारणाओं से लेकर सबसे कठिन प्रश्नों तक चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने में मदद करता है। स्मार्ट टेस्टिंग और गहन विश्लेषण: टेस्टिंग की आवृत्ति, गहराई और स्तर तीनों को नए सिरे से तैयार किया गया है। हर टेस्ट के बाद विद्यार्थियों को अपनी मजबूतियों, कमियों और सुधार की जरूरत वाले सटीक क्षेत्रों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है। एक ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप: स्टूडेंट्स और पेरेंट्स साफ देख सकते हैं कि स्टूडेंट आज कहां खड़ा है और वह कहां पहुंचना चाहता है। कक्षा के बाहर मेंटरशिप और इकोसिस्टम: जोसा काउंसलिंग गाइडेंस, डाउट सपोर्ट और गाइडेंस सहित लगातार मेंटरशिप जो क्लासरूम के घंटों के बाद भी स्टूडेंट के साथ रहती है, ताकि कोई भी स्टूडेंट पीछे न छूट जाए। नेशनल लॉन्च के साथ, आकाश इनविक्टस चार खास बैच भी पेश कर रहा है ऐस, अचीवर, एक्सेलेरेटर, और एपेक्स।हर बैच एक जैसा मज़बूत रास्ता है, जो इस बात पर बना है कि कोई स्टूडेंट सबसे अच्छा कैसे सीखता है और उसकी ख्वाहिश क्या है। चारों का मकसद एक ही है: यह पक्का करना कि हर स्टूडेंट बिना टेंशन के अपनी पूरी काबिलियत तक पहुँचे। यह रोलआउट पूरे भारत में आकाश की सभी ब्रांच में होगा और तुरंत शुरू हो जाएगा। आकाश के मौजूदा स्टूडेंट्स सबसे पहले इनविक्टस सिस्टम में जाएंगे, उसके बाद हर नया स्टूडेंट जो जुड़ेगा। ब्रांच स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए ओरिएंटेशन सेशन भी कर रही हैं ताकि इस प्रोग्राम को डिटेल में समझने में मदद मिल सके।