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पातरा अंडरपास बंद होने की आशंका के बीच राहत, दिसंबर तक चालू होगा ऐशबाग 90-डिग्री ब्रिज

भोपाल भोपाल शहर में पातरा अंडरपास को 3 अक्टूबर से बंद किए जाने की संभावनाओं के बीच ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज को जल्द शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। पात्रा अंडरपास बंद करने की सूचना पर रहवासियों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद ट्रैफिक विभाग ने रेलवे को अंडरपास बंद करने की अनुमति नहीं दी। हालांकि रेलवे की ओर से इस हिस्से में प्लेटफार्म नंबर-1 के लिए ट्रैक का काम किया जाना है। ऐसे में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार होने के बाद अंडरपास को बंद किया जाना प्रस्तावित है। लोगों कहना है कि बोगदा पुल मार्ग पहले ही मेट्रो लाइन निर्माण के चलते बंद है, बरखेड़ी फाटक बंद हो चुका है। ऐशबाग, बाग उमराव दूल्हा, महामाई बाग, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नवीन नगर, पुष्पा नगर, आदि की करीब एक लाख की आबादी निर्भर है, वर्तमान में मंडी रोड और अंडर बाइपास रोड ही एक विकल्प है। अंडरपास बंद होने से बढ़ता दबाव पातरा अंडरपास शहर के इस हिस्से में आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसे बंद करने पर बरखेड़ी फाटक, बोगदापुल और आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इससे भारत टॉकीज ब्रिज पर वाहनों को लोड बढ़ने से आवागमन मुश्किल हो जाता। सुधार के जो तकनीकी दिक्कतें थी, उन्हे हल कर लिया गया है। ऐशबाग ब्रिज जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है।-एआर मोरे, इंजी, ब्रिज, पीडब्ल्यूडी यातायात की इस संभावित समस्या को देखते हुए ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज को शुरू करने की दिशा में दोबारा काम शुरू किया गया है। ब्रिज के सुधार और शेष निर्माण कार्य के तहत दो पिलर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा जरूरी तकनीकी काम भी किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक इसका काम पूरा कर इसे यातायात के लिए शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। एक बंद, दूसरे को शुरू करने की चुनौती पात्रा अंडरपास को रेलवे के ट्रैक और प्लेटफार्म विस्तार के कारण बंद किया जाना है, लेकिन उससे पहले वैकल्पिक मार्ग तैयार करना जरूरी है। ऐसे में 90 डिग्री ब्रिज को जल्द शुरू करना यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीएनजी समन्वय समिति के सत्यापन उपरांत ही एलपीजी सप्लाई बंद की जाए

पीएनजी समन्वय समिति के सत्यापन उपरांत ही एलपीजी सप्लाई बंद की जाए भोपाल  पीएनजी कनेक्शन के संबंध में आयुक्त खाद्य दिनेश जैन द्वारा सीजीडी(सिटी गैस डिस्ट्रीव्यूशन) संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि कॉलोनियों में पीएनजी की सप्लाई सुचारू रूप से चालू होने के बाद पीएनजी समन्वय समिति द्वारा सत्यापन उपरांत ही संबंधित उपभोक्ता की एलपीजी सप्लाई बंद की जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। वर्तमान में भोपाल जिले में 4 सोसायटी जिसमें सागर लेक व्यू होम्स अयोध्या बायपास, सौम्या पार्क लैण्ड अवधपुरी, आकृति ग्रीन्स सलैया एवं कैनाल किंनशिप सलैया एलपीजी फ्री घोषित की गई है। इन कॉलोनियों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। थिंक गैस कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन पूर्व से उपलब्ध हैं, उन्हें भी एलपीजी फ्री श्रेणी में रखा गया है। यह जानकारी भी दी गई है कि भारत सरकार के राजपत्र अनुसार जिन क्षेत्रों में पीएनजी की उपलब्धता है, वहां उपभोक्ताओं को नोटिस देने के 90 दिवस बाद एलपीजी सप्लाई बंद करने के प्रावधान हैं। भोपाल जिले के 88 प्रतिशत एलपीजी उपभोक्ताओं द्वारा ई-केवायसी की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा विगत 06 माह में 06 बार ई-केवायसी की अनिवार्यता के लिये समय-सीमा बढ़ाई गई है। एक अक्टूबर 2026 तक जिन उपभोक्ताओं के द्वारा ई-केवायसी नहीं कराई गई है, उन्हें गैस रिफिल बुकिंग की सुविधा गैस कंपनियों द्वारा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार अस्थाई रूप से बंद की गई है, जो संबंधित उपभोकता द्वारा ई-केवायसी कराये जाने पर तत्काल पुनः प्रारंभ हो सकेगी। उपभोक्ता गैस एजेंसी अथवा ऑयल कंपनी के ऐप के माध्यम से भी घर बैठे ई-केवायसी कर सकते है। पीएनजी सप्लाई आयुक्त खाद्य जैन ने अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं के एलपीजी रिफिल सुविधा ई-केवायसी न कराये जाने के कारण अस्थाई रूप से बंद है, वे तत्काल ई-केवायसी करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही एलपीजी या पीएनजी संबंधी समस्या होने पर संबंधित ऑयल कंपनी सीजीडी कंपनी की हेल्पलाईन पर संपर्क कर सकते है। हेल्पलाईन नम्बर र्थिंक गैस – इंडियन ऑयल कंपनी – 1800-3000-0046, भारत पेट्रोलियम कंपनी – 1800-2243-44/0755-2601651, हिन्दुस्थान पेट्रोलियम कंपनी – 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते है।  

IND vs WI मैच से इंदौर में होटल महंगे, ₹9 हजार का कमरा ₹25 हजार तक पहुंचा; ढाई गुना बढ़े दाम

इंदौर  11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले से पहले इंदौर के होटल कारोबार में तेजी दिखाई देने लगी है। मैच से पांच दिन पहले ही कमरों की डिमांड बढ़ गई है और इसका असर रूम रेट पर भी पड़ा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 6 अक्टूबर को जिस कमरे का किराया जितना था, वही कमरा 11 अक्टूबर को कई होटलों में करीब दोगुने और कुछ जगहों पर इससे भी ज्यादा रेट में उपलब्ध है। जिन होटलों में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है, वहां कम कीमत वाले कमरों की उपलब्धता तेजी से घट रही है। बाहर से मैच देखने आने वाले दर्शकों के कारण शहर के दूसरे होटलों में भी बुकिंग बढ़ी है। इंदौर में करीब 300 होटल हैं। इनमें सबसे ज्यादा डिमांड रेडिसन ब्लू होटल और इंदौर मैरिएट होटल के आसपास के होटलों में देखी जा रही है। रेडिसन में डीलक्स रूम 6,975 से सीधे 14 हजार रेडिसन में टीम इंडिया के खिलाड़ियों के ठहरने की तैयारी है। यहां मैच की तारीख पर कमरों के रेट में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रेसिडेंशियल सुइट का मौजूदा रेट 51,300 रुपए है, जो 11 अक्टूबर को 56,655 रुपए होगा। डीलक्स रूम का मौजूदा किराया 6,975 रुपए है। मैच वाले दिन यही कमरा 14 हजार रुपए में मिलेगा। यानी एक ही कमरे के किराए में करीब 7 हजार रुपए का अंतर है। सामान्य श्रेणी के कमरों की डिमांड भी मैच की तारीख नजदीक आने के साथ बढ़ी है। मैरिएट में 13,050 का कमरा 21,565 रुपए में मैरिएट होटल में वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां भी 11 अक्टूबर के लिए कमरों के रेट बढ़े हुए हैं। सबसे महंगे कमरे का मौजूदा रेट 13,050 रुपए है, जो मैच वाले दिन 21,565 रुपए होगा। वहीं डीलक्स रूम अभी 7,125 रुपए का है, जबकि 11 अक्टूबर को इसका रेट 9,900 रुपए रहेगा। सयाजी में भी बढ़े रूम रेट सयाजी में भी मैच की तारीख पर कमरों के रेट बढ़ गए हैं। सबसे महंगे कमरे का मौजूदा रेट 10,555 रुपए है, जो 11 अक्टूबर को 13,499 रुपए होगा। डीलक्स रूम अभी 6,599 रुपए का है, जबकि मैच वाले दिन इसके लिए 7,466 रुपए चुकाने होंगे। शेरेटन में किराया ढाई गुना तक पहुंचा शेरेटन Grand Palace Indore में कुछ कमरों के रेट में सबसे ज्यादा उछाल दिखाई दे रहा है। सबसे महंगा कमरा अभी 9,416 रुपए का है, जबकि 11 अक्टूबर को इसका रेट बढ़कर 24,699 रुपए हो जाएगा। डीलक्स रूम का मौजूदा रेट 14,249 रुपए है, जो मैच वाले दिन 24,699 रुपए रहेगा। यानी मैच की तारीख पर कुछ श्रेणियों में मौजूदा रेट की तुलना में किराया काफी बढ़ गया है। होटलों में क्रिकेट थीम, लॉबी से रेस्टोरेंट तक सजावट मैच को लेकर होटल संचालक भी तैयारियों में जुट गए हैं। कई होटलों में लॉबी, रेस्टोरेंट और कॉमन एरिया को क्रिकेट थीम पर सजाने की तैयारी है। इसके अलावा फोटो पॉइंट और क्रिकेट से जुड़े डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे। बाहर से आने वाले दर्शकों के लिए रेस्टोरेंट और लॉबी में मैच का माहौल बनाने की तैयारी की जा रही है। खिलाड़ियों के लिए इंडियन और इंटरनेशनल फूड टीमों के खाने को लेकर भी होटल विशेष तैयारी कर रहे हैं। खिलाड़ियों की डाइट और पसंद को ध्यान में रखते हुए इंडियन और इंटरनेशनल व्यंजन रखे जाएंगे। मेन्यू में हल्का और प्रोटीन आधारित भोजन प्राथमिकता में रहेगा। होटल एसोसिएशन: मैच से होटल सेक्टर में बूम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा कि इंदौर में क्रिकेट मैच होने पर होटल कारोबार में हर बार डिमांड बढ़ती है। बाहर से बड़ी संख्या में दर्शक आते हैं, जिसका फायदा होटल के साथ रेस्टोरेंट कारोबार को भी मिलता है। इस बार भी होटल सेक्टर में बूम दिखाई दे रहा है और होटल मैच के हिसाब से तैयारियां कर रहे हैं। टीमों के साथ दर्शकों की बुकिंग से डबल फायदा भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से होटल कारोबार को दो स्तर पर फायदा मिल रहा है। टीमों के ठहरने के कारण चुनिंदा होटलों में कमरों की डिमांड बढ़ी है, जबकि मैच देखने देश के अलग-अलग शहरों से आने वाले दर्शकों के कारण शहर के दूसरे होटलों में भी बुकिंग बढ़ रही है। शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच शाम 7 बजे शुरू होगा।

ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय का नया मॉडल, फसल और पानी के अनुसार बनेगी खाद; 17 सूक्ष्म तत्व होंगे शामिल

ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के वैज्ञानिक किसानों की आर्थिक उन्नति, भूमि सुधार और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक नवोन्मेषी सोर्स बेस्ड कंपोस्ट मॉडल तैयार कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंचल के किसानों को उनकी स्थानीय फसलों, भूमि के प्रकार और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जैविक व प्राकृतिक खाद बनाने के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। खासबात यह है कि इन इस मॉडल से बनने वाली कंपोष्ट खाद में न केवल मुख्य तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटेशियम के अलावा अन्य 17 सूक्ष्म तत्व होंगे। जिससे किसानों की फसल को पूरा पोषण मिलेगा। साथ ही रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। साथ ही इन मॉडलों को बनाने में प्रयास किया जा रहा है कि कार्बन का उत्सर्जन शून्य हो। जिससे वातावरण भी स्वच्छ रहे। यदि कंपोस्ट बनाने का ये मॉडल अप्रने प्रयोग में सफल रहते हैं तो इन्हें किसानों को अपनाने के लिए बुलाया जाएगा। किसान की जरूरत के मुताबिक होंगे माउल     एग्रीफोरेस्ट्री बेस्ड नेचुरल मॉडल: यह मॉडल कृषि और वानिकी का बेहतरीन समन्वय है। इसमें खेतों और वृक्षों से मिलने वाले जैविक कचरे का उपयोग कर टिकाऊ कंपोस्ट तैयार की जाएगी। यह मॉडल सभी किसानों के लिए होगा।     हाई-इनकम एग्री-हार्टी नेचुरल फार्मिंग मॉडल: कृषि और उद्यानिकी फसलों (फल व सब्जियां) को ध्यान में रखकर तैयार यह मॉडल व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों की उच्च पोषण आवश्यकता को पूरा करता है। इस मॉडल उन किसानों के लिए अनुकूल होगा जो जो आर्थिक रूप से भी अधिक सक्षम हैं और उनके पानी की उपलब्धता है।     क्लाइमेट-रिजिलिएंट सिस्टम मॉडल: यह मॉडल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, जैसे अनियमित वर्षा या सूखे जैसी परिस्थितियों में भी मिट्टी में नमी और जैविक कार्बन बनाए रखने में सक्षम है। इस मॉडल से उन किसानों को फायदा मिलेगा जिनके पास फसलों की सिंचाई के लिए पानी कम है। कम पानी भी इस खाद वे वे अच्छा उत्पादन ले सकेंगे। संसाधनों के अनुसार चयन का विकल्प इन तीनों मॉडलों को किसान की वित्तीय क्षमता, वार्षिक आय और उनके क्षेत्र में पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे छोटे, मध्यम और बड़े किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सही मॉडल चुनकर कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली खाद बना सकेंगे। साथ ही किसानों के पास उपलब्ध एग्री वेस्ट या एनीमल वेस्ट का भी उपयोग कर सकेंगे। जीरो कार्बन एमिशन और मृदा स्वास्थ्य पर जोर इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता शून्य कार्बन उत्सर्जन है। कंपोस्ट बनाने की पारम्परिक प्रक्रियाओं में निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों पर नियंत्रण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाएगा। क्या कहते हैं वैज्ञानिक -इस तकनीक से रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता काफी कम होगी, जिससे खेती की लागत घटेगी। इसके साथ ही लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खराब हो रही मिट्टी की जैविक उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन इन सोर्स बेस्ड मॉडल बनाने का प्रयोग सफल होता है तो इनका प्रदर्शन विभिन्न माध्यमों से किसानों के के सामने किया जाएगा। जिससे वे इन्हें अपना सकें। डॉ. एकता जोशी, वैज्ञानिक व नोडल अधिकारी, आरवीएसकेविवि

बिहान से बदली पुष्पा राजवाड़े की जिंदगी, टेंट व्यवसाय से शुरू हुआ सफर, ट्रैक्टर खरीदकर बनीं लखपति दीदी

रायपुर कभी घरेलू कामकाज और पारंपरिक खेती-किसानी तक सीमित रहने वाली सरगुजा जिले की मती पुष्पा राजवाड़े आज लखपति दीदी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत की शुरुआत की, फिर टेंट व्यवसाय के माध्यम से स्वरोजगार की राह पकड़ी। व्यवसाय से आत्मविश्वास बढ़ा तो समूह से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज ट्रैक्टर से जहां परिवार की खेती आसान हुई है, वहीं उसे किराए पर देकर अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है। इस तरह एक छोटे से प्रयास से शुरू हुआ उनका सफर आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है। सरगुजा जिले की ग्राम पंचायत मेंड्रा खुर्द निवासी पुष्पा राजवाड़े की यह कहानी बताती है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मिलने वाला आर्थिक सहयोग, नियमित बचत और स्वरोजगार के अवसर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। बिहान से जुड़कर उन्होंने न केवल परिवार की आय बढ़ाने के नए साधन विकसित किए, बल्कि बच्चों की बेहतर परवरिश और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह से जुड़कर शुरू की बचत, टेंट व्यवसाय ने दिखाई स्वरोजगार की राह पुष्पा राजवाड़े जय  शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं और समूह में लेखापाल का दायित्व भी निभा रही हैं। वे बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनका अधिकांश समय घरेलू कार्यों और खेती-किसानी में बीतता था। परिवार की आय बढ़ाने की इच्छा थी, लेकिन स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक संसाधन और अवसर सीमित थे। बिहान से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत शुरू की। समूह की गतिविधियों में भागीदारी से उन्हें स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली और स्वयं का काम शुरू करने का आत्मविश्वास भी बढ़ा। इसके बाद उन्होंने समूह के माध्यम से टेंट व्यवसाय की शुरुआत की। टेंट व्यवसाय से आमदनी होने लगी तो पुष्पा ने आजीविका के अन्य साधन विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने महसूस किया कि खेती-किसानी में आधुनिक साधनों का उपयोग कर समय और मेहनत की बचत करने के साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। समूह से ऋण लेकर खरीदा ट्रैक्टर, पारंपरिक खेती की मुश्किलें हुईं कम पुष्पा बताती हैं कि पहले उनके परिवार में पारंपरिक तरीके से हल चलाकर खेती की जाती थी। खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों में अधिक समय तथा मेहनत लगती थी। कई बार समय पर कृषि कार्य पूरा करने में भी कठिनाई होती थी। इन परेशानियों को दूर करने के लिए उन्होंने स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लिया। समूह से मिले आर्थिक सहयोग के माध्यम से ट्रैक्टर खरीदने के बाद परिवार की खेती-किसानी का तरीका बदल गया। अब खेतों की जुताई सहित अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं। इससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उनके पति खेती-किसानी के साथ ट्रैक्टर चलाने का कार्य करते हैं। पुष्पा के लिए ट्रैक्टर केवल खेती का साधन नहीं, बल्कि अतिरिक्त आमदनी का जरिया भी बन गया है। परिवार अपनी खेती के कार्य पूरे करने के साथ ट्रैक्टर को किराए पर देकर भी आय अर्जित कर रहा है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। टेंट व्यवसाय से ट्रैक्टर तक, आय के कई साधन किए विकसित पुष्पा ने अपनी आजीविका को किसी एक व्यवसाय तक सीमित नहीं रखा। टेंट व्यवसाय से शुरुआत करने के बाद उन्होंने ट्रैक्टर के माध्यम से खेती और किराए से आमदनी के अवसर विकसित किए। इसके साथ ही उनका स्वयं सहायता समूह मानसरोवर तालाब में मछली पालन और बागवानी का कार्य भी कर रहा है। समूह की महिलाएं सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से आजीविका के नए अवसर तलाश रही हैं। पुष्पा का अनुभव बताता है कि ग्रामीण महिलाएं उपलब्ध संसाधनों और समूह से मिलने वाले सहयोग का उपयोग कर अलग-अलग आर्थिक गतिविधियों से जुड़ सकती हैं। इससे परिवार की आय के स्रोत बढ़ाने के साथ भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार भी तैयार होता है। लखपति दीदी बनकर मिली नई पहचान, बच्चों की बेहतर परवरिश में मिल रहा सहयोग पुष्पा राजवाड़े के परिवार में उनके पति और दो बच्चे हैं। वे बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार शुरू करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब खेती-किसानी के साथ टेंट व्यवसाय और ट्रैक्टर से होने वाली अतिरिक्त आमदनी परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रही है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने से बच्चों के पालन-पोषण और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सुविधा हुई है। पुष्पा के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वे अब परिवार की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। पुष्पा गर्व के साथ कहती हैं, “मुझे खुशी है कि मैं बिहान समूह से जुड़कर लखपति दीदी बनी हूं। समूह से मुझे बहुत सहयोग मिला है। आज हम खेती-किसानी के साथ अन्य व्यवसाय भी कर रहे हैं और अपने बच्चों की अच्छी तरह देखभाल कर पा रहे हैं।” बिहान ने दिया आत्मविश्वास, बचत से व्यवसाय तक पहुंची पुष्पा पुष्पा राजवाड़े की सफलता में स्वयं सहायता समूह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नियमित बचत करने, आवश्यकता के अनुसार ऋण प्राप्त करने और व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने इन अवसरों का उपयोग करते हुए पहले टेंट व्यवसाय शुरू किया और बाद में ट्रैक्टर खरीदकर अपनी आजीविका का विस्तार किया। आज वे लखपति दीदी के रूप में अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। पुष्पा ने बिहान योजना के माध्यम से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने और परिवार की स्थिति बेहतर बनाने का अवसर मिला। छोटी बचत से बड़े बदलाव तक, ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं पुष्पा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पुष्पा राजवाड़े की कहानी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार से आए बदलाव का उदाहरण है। कभी घरेलू कार्यों और पारंपरिक खेती तक सीमित रहने वाली पुष्पा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बचत की आदत विकसित की और धीरे-धीरे अपनी आजीविका … Read more

सीहोर में विद्युत चोरी की जांच करने गई टीम से मारपीट एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाने वाले 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सीहोर वृत्त अंतर्गत कंपनी की चेकिंग टीम के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में थाना कोतवाली, सीहोर में 8 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। विद्युत चोरी की सूचना पर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रबंधक जोन-2, सीहोर मती साधना कवरेती के नेतृत्व में विद्युत कंपनी की टीम जांच के लिए कंजर चौराहा, सीहोर पहुंची थीं। टीम द्वारा एक उपभोक्ता के विद्युत संयोजन की जांच की जा रही थी। इसी दौरान मौके पर उपस्थित जयप्रकाश, जयवंती एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा विद्युत कंपनी की टीम के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई। शिकायत के अनुसार, महिला कर्मचारी सु प्रीति शुक्ला का गला दबाने का प्रयास किया गया तथा लाइन हेल्पर  राहुल चौहान के साथ मारपीट कर उनका हाथ मरोड़ दिया गया। आरोपितों द्वारा टीम के सदस्यों को ईंट-पत्थर से मारने का प्रयास भी किया गया। स्थिति बिगड़ने पर टीम ने 112 पर पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली , सीहोर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 132, 121(1), 296(बी), 115(2) एवं 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में जयप्रकाश, करन सिलावट, सचिन सिलावट, दीपक, जयवंती, रानी, मीरा एवं आदित्य, सभी निवासी कंजर चौराहा, सीहोर को नामजद किया गया है। मैदानी कर्मचारियों से दुर्व्यवहार पर कंपनी का सख्त रुख मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार अथवा शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। कंपनी ने सभी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसी घटनाओं में तत्काल पुलिस को सूचना देकर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। 

मुंबई में उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा, नए निवेश और औद्योगिक विस्तार पर हुआ सार्थक संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं और औद्योगिक सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बनाती हैं। राज्य सरकार नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए आवश्यक सहयोग एवं अनुमतियां समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक भूमि, अधोसंरचनात्मक और कुशल कार्यबल निवेशकों को महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम में विभिन्न सेक्टर्स के निवेशकों से भी मुलाकात की। उन्होंने निवेश योजनाओं और औद्योगिक विस्तार पर चर्चा करते हुए प्रतिनिधियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : 2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मुम्बई रोड शो में विभिन्न उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ दिनभर हुई बैठकों में मध्यप्रदेश को लगभग 90 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। जेएसडब्ल्यू समूह ने सीमेंट, पेंट और अन्य व्यवसायों के विस्तार में दिखाई रुचि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जेएसडब्ल्यू समूह के श्री पार्थ जिंदल ने प्रदेश में समूह की मौजूदा औद्योगिक उपस्थिति और विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। समूह की गतिविधियों में ग्वालियर में पेंट, धार में इस्पात, पन्ना में चूना पत्थर खनन तथा दमोह के गैसाबाद और हटा में सीमेंट से जुड़े कार्य शामिल हैं। बैठक में सीमेंट, पेंट और अन्य व्यवसायों के विस्तार, प्रगतिरत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन तथा भविष्य के रणनीतिक निवेश अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। समूह ने परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। अक्षय ऊर्जा और भंडारण में अवादा का 22,156 करोड़ रूपये का निवेश प्रस्ताव अध्यक्ष अवादा समूह श्री प्रशांत चौबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौर, पवन, नियमित उपलब्धता वाली नवकरणीय ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर चर्चा की। समूह वर्ष 2013-14 से मध्यप्रदेश में कार्यरत है। नीमच में 151 मेगावाट और आगर सोलर पार्क में 280 मेगावाट की सौर परियोजनाएं इसकी मौजूदा उपस्थिति का हिस्सा हैं। समूह ने कुल 2,362 मेगावॉट क्षमता की परियोजनाओं के लिए 22,156 करोड़ रूपयेका प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें पचोरा में 6,616 करोड़ रूपये, ईशानगर में 3,250 करोड़ रूपये और नीमच में 12,290 करोड़ रूपये का निवेश शामिल है। बैठक में परियोजनाओं के शीघ्र पंजीकरण, समूह की कंपनियों एवं विशेष प्रयोजन संस्थाओं द्वारा पंजीकरण के उपयोग, शासकीय भूमि आवंटन और भूमि अधिकारों के पट्टे अथवा हस्तांतरण की अनुमति पर चर्चा हुई। आगर मालवा में पवन ऊर्जा पंजीकरण को 201.3 मेगावाट से बढ़ाकर 264 मेगावॉट करने तथा समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए एकल-खिड़की सहयोग की अपेक्षा की गई। पीथमपुर में एनक्यूब एथिकल्स का 1,200 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एनक्यूब एथिकल्स प्रायवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मेहुल मधुसूदन शाह ने फार्मास्यूटिकल विनिर्माण के विस्तार पर चर्चा की। कंपनी की मध्यप्रदेश में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, पीथमपुर में इकाई है। कंपनी ने 2 फार्मा परियोजनाओं के लिए 1,200 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव दिया, जिनसे 800 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें मौजूदा पीथमपुर इकाई का द्वितीय चरण का विस्तार और समीपवर्ती 20 एकड़ से अधिक भूमि पर स्टेराइल ऑफ्थैल्मिक अर्थात आंखों की दवाओं की नई विनिर्माण सुविधा शामिल है। नई इकाई के लिए भूमि आवंटित है। परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में राज्य सरकार के सहयोग और मध्यप्रदेश को कंपनी के विनिर्माण एवं निर्यात आधार के रूप में विस्तार देने पर विचार-विमर्श हुआ। छिंदवाड़ा में हिंदुस्तान यूनिलीवर का 800 रूपये से 1,000 करोड़ रूपये का विस्तार प्रस्ताव हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक, सप्लाई चेन, दक्षिण एशिया, श्री योगेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से छिंदवाड़ा की लहगडुआ स्थित इकाई के विस्तार पर चर्चा की। दैनिक उपयोग की उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र की कंपनी की यह इकाई देश में उसके बड़े विनिर्माण संयंत्रों में शामिल है। कंपनी ने सर्फ एक्सेल और व्हील के लिए नई स्प्रे-ड्राइड डिटर्जेंट विनिर्माण सुविधा में भूमि की लागत को छोड़कर 800 से 1,000 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। वर्ष 2027 से 2030 के बीच चरणबद्ध विकास और 5 से 8 लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता प्रस्तावित है। इससे लगभग 700 प्रत्यक्ष और 1,500 अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के सृजित होने की संभावना है। परियोजना के लिए 35 से 40 एकड़ भूमि, प्रतिदिन 1,000 किलोलीटर पानी और 5,000 केवीए विद्युत क्षमता की आवश्यकता बताई गई। शून्य तरल अपशिष्ट निर्वहन पद्धति अपनाने तथा मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना : 2025 के अंतर्गत अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज और विस्तार में सहयोग पर भी चर्चा हुई। ग्वालियर में 200 करोड़ रूपये की दूरसंचार उपकरण इकाई का प्रस्ताव, महिला रोजगार पर विशेष जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रा शेखर ने दूरसंचार उपकरण एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। कंपनी ने ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में 200 करोड़ रूपये की एआई-संचालित, निर्यातोन्मुख दूरसंचार उपकरण विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित इकाई का 75 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात के लिए निर्धारित करने की योजना है। लगभग 1,000 रोजगार अवसरों के साथ कार्यबल में 70 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत दिव्यांगजन की भागीदारी रखी गई है। बैठक में इकाई की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पर विचार-विमर्श हुआ। ब्लैक स्टोन और वनराज रियल्टी ने लॉजिस्टिक्स एवं रियल एस्टेट में तलाशीं निवेश की संभावनाएं ब्लैक स्टोन के प्रबंध निदेशक श्री आलोक जैन और वनराज रियल्टी एलएलपी के श्री राजीव अजमेरा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। ब्लैक स्टोन की प्रदेश में अभी उपस्थिति नहीं है। लगभग 500 से 1,000 करोड़ रूपये के संभावित निवेश के संदर्भ में प्रमुख स्थानों पर उपयुक्त राजस्व भूमि उपलब्ध कराने, प्रोत्साहन प्रक्रिया की स्पष्टता तथा आवश्यक अनुमतियों और स्वीकृतियों के शीघ्र निराकरण पर विचार-विमर्श हुआ। सिफी ने मध्यप्रदेश में हाइपरस्केल और एआई-रेडी डेटा सेंटर में दिखाई रुचि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिफी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के डेटा सेंटर व्यवसाय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शरद अग्रवाल ने प्रदेश में डेटा सेंटर अवसंरचना विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। कंपनी … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जीएमसी एवं हमीदिया चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं हमीदिया चिकित्सालय परिसर में विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पुराने ओपीडी भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य शीघ्र पूरा करने और नवीन ओपीडी भवन का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कमला नेहरू चिकित्सालय में स्थापित किए जा रहे पेट-सीटी स्कैन के स्थल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने रेडियोथेरेपी विभाग में निर्माणाधीन लीनियर एक्सीलरेटर बंकर का भी निरीक्षण किया तथा मशीन के क्रय एवं स्थापना संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ईदगाह हिल्स में निर्माणाधीन पीजी हॉस्टल के संबंध में अधिकारियों से चर्चा कर बाउंड्री वॉल, पानी एवं विद्युत कनेक्शन का कार्य दो माह में पूर्ण कर हॉस्टल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के नवीन यूजी हॉस्टल का कार्य भी दो माह में पूर्ण करने तथा मॉर्चुरी का निर्माण एक माह में प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं अध्यक्ष, कार्यकारिणी समिति, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय स्वशासी समिति, भोपाल डॉ. सलोनी सिडाना, अधिष्ठाता गांधी चिकित्सा महाविद्यालय डॉ कविता सिंह, संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक हमीदिया चिकित्सालय डॉ. सुनीत टंडन सहित पीआईयू के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

रबी सीजन से पहले MP Transco ने बढ़ाई रिएक्टिव पावर कंपनसेशन क्षमता, ऊर्जा मंत्री तोमर ने दी जानकारी

रबी सीजन के पहले एमपी ट्रांसको ने बढ़ाई रिएक्टिव पावर कंपनसेशन क्षमता : ऊर्जा मंत्री तोमर ईएचवी सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंको की संख्या पहुंची 750: वोल्टेज प्रोफाइल में हुआ उल्लेखनीय सुधार भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने रबी सीजन के ठीक पहले अपने ट्रांसमिशन नेटवर्क की रिएक्टिव पावर कंपन सेशन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचवी) सबस्टेशनों मे 750 कैपेसिटर बैंको के संचालन से वोल्टेज प्रोफाइल बेहतर हुआ है तथा कृषि उपभोक्ताओं सहित सभी उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर, गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज पर विद्युत आपूर्ति मिल रही है। मंत्री तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 और  वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में अभी तक 29 नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना कर उन्हें सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया  है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 750 कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं, जिनकी संयुक्त स्थापित क्षमता 9383.5 एमवीएआर हो गई है। यह क्षमता प्रदेश की अब तक की अधिकतम रिएक्टिव पावर मांग 6776 एमवीएआर से लगभग 38 प्रतिशत अधिक है, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। विद्युत गुणवत्ता और वोल्टेज स्थिरता में सुधार ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एमपी ट्रांसको  जरुरत के हिसाब से अपने  ईएचवी सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंक स्थापित कर चुकी है। कंपनी के 418 सबस्टेशनों में से अधिकांश में विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक संचालित हैं। इसके अतिरिक्त पुराने सबस्टेशनों में भी आवश्यकता के अनुसार नए कैपेसिटर बैंक स्थापित किए जा रहे हैं तथा मौजूदा क्षमता में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पूरे प्रदेश में विद्युत गुणवत्ता और वोल्टेज स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 9383.5 एमवीएआर की स्थापित क्षमता वर्तमान में एमपी ट्रांसको के 220 केवी सबस्टेशनों पर 132  केवी सिस्टम के लिए 33 कैपेसिटर बैंक तथा 132 केवी सबस्टेशनों पर 33 केवी  सिस्टम पर    717 कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। कुल मिलाकर 750 कैपेसिटर बैंकों के माध्यम से 9383.5 एमवीएआर की स्थापित क्षमता उपलब्ध है, जिसमें 132 केवी की 1073 एम वी ए आर तथा 33 केवी की 8310.5 एमवीएआर शामिल है,जो प्रदेश की विद्युत प्रणाली को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। 52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की क्षमता बढ़ाई गई एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम वाय मंसूरी ने  जानकारी दी कि कंपनी ने ऐसे 52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की पहचान की थी, जिनकी उपयोगी आयु पूर्ण हो चुकी थी और जो अपेक्षित कैपेसिटिव सपोर्ट प्रदान नहीं कर पा रहे थे। इन स्थानों पर अधिक क्षमता वाले नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना एवं पुराने उपकरणों के प्रतिस्थापन का अभियान चलाया गया इससे सबस्टेशनों की रिएक्टिव पावर कंपनसेशन क्षमता में अभी तक 309 एमवीएआर की बढोत्तरी हुई और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज पर विद्युत आपूर्ति की जा रही है। कैपेसिटर बैंक से होता है यह लाभ मंसूरी ने जानकारी दी कि ट्रांसमिशन प्रणाली में सिंचाई पंप, औद्योगिक मोटरें तथा अन्य विद्युत उपकरण प्रायः इंडक्टिव लोड उत्पन्न करते हैं, जिससे वोल्टेज में गिरावट और पावर फैक्टर में कमी आती है। कैपेसिटर बैंक इस इंडक्टिव प्रभाव की भरपाई कर रिएक्टिव पावर उपलब्ध कराते हैं। इससे एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन में वोल्टेज प्रोफाइल में सुधार होता है, पावर फैक्टर बेहतर होता है, ट्रांसमिशन प्रणाली की दक्षता बढ़ती है तथा उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती है।  

दशहरा-नवरात्रि पर पुलिसकर्मियों को नहीं मिलेगी छुट्टी, भोपाल में 11 से 25 अक्टूबर तक अवकाश रद्द

भोपाल  दुर्गा उत्सव और दशहरे के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सामान्य अवकाश पर रोक लगा दी है। डीजीपी के निर्देश पर विशेष शाखा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक 11 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सामान्य अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यह आदेश सभी स्पेशल डीजी, एडीजी, जोनल आईजी, भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नर, जिला पुलिस अधीक्षकों, सेनानियों और रेल पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है। आपात स्थिति में सीमित अवधि की छुट्टी पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार किसी आपात स्थिति में संबंधित एसपी या आईजी सीमित अवधि के लिए अवकाश स्वीकृत कर सकेंगे। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अवकाश के लिए डीजीपी की अनुमति अनिवार्य होगी। नवरात्र से दशहरे तक बढ़ेगी सुरक्षा नवरात्र के दौरान प्रदेशभर में बड़ी संख्या में देवी पंडाल, गरबा और अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं। इनमें देर रात तक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है। इसके अलावा दशहरे पर रावण दहन, चल समारोह और प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ बढ़ने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए पुलिस थानों में पर्याप्त बल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च, पैदल गश्त और लगातार निगरानी बढ़ाई जाएगी।  सोशल मीडिया और साइबर गतिविधियों पर भी नजर त्योहारों के दौरान अफवाह, भड़काऊ सामग्री और असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल, साइबर विंग और स्थानीय खुफिया इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। किसी भी आपत्तिजनक या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी के बाद मिलेगा क्षतिपूर्ति अवकाश त्योहारों के दौरान लगातार ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को बाद में रोटेशन के आधार पर क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जाएगा। ड्यूटी पॉइंट पर जवानों के लिए भोजन, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार  त्योहारों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।