samacharsecretary.com

सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी से घिरे दिग्विजय सिंह, इंदौर महापौर ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

भोपाल  मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों पर भाजपा के कब्जे के बाद शुरू हुई राजनीतिक जंग अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस जहां दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महापौर ने भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को एक शिकायती पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत की आपराधिक अवमानना का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। 'चोरी में सुप्रीम कोर्ट भी शामिल' बयान पर आपत्ति महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने को मिली-जुली सीट चोरी करार दिया था। सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसकी ट्रांसक्रिप्ट भी शिकायत के साथ संलग्न की गई है। वीडियो में कांग्रेस नेता कथित तौर पर कह रहे हैं कि, 'इस चोरी में सभी शामिल हैं। न केवल राज्य बल्कि केंद्र भी, चुनाव आयोग भी और मुझे कहना पड़ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट भी।' दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई में देरी को लेकर अदालत पर यह टिप्पणी की थी। कंटेम्प्ट एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग इंदौर मेयर ने पत्र में स्पष्ट किया है कि दिग्विजय सिंह का यह बयान माननीय न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला और अदालत को बदनाम करने की श्रेणी में आता है। उन्होंने मांग की है कि कांग्रेस नेता के खिलाफ 'कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट 1971' के सेक्शन 15(1)(बी) के तहत सर्वोच्च न्यायालय की आपराधिक अवमानना की सख्त वैधानिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। 'पीड़ित महिला की बद्दुआ का असर है' इस पूरे घटनाक्रम पर महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने भी तीखा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने को एक पीड़ित महिला की बद्दुआ का असर बताया। ठाकुर ने दावा किया कि तेलंगाना में एक महिला द्वारा कांग्रेस नेता के खिलाफ की गई शिकायत पर नटराजन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी, जिसके कारण पीड़ित महिला की बद्दुआ के चलते उनका फॉर्म रिजेक्ट हुआ है। आपराधिक अवमानना क्या होती है? भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए 'कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट 1971' लागू है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति या नेता लिखित, मौखिक या वीडियो के जरिए अदालत की गरिमा को कम करने, उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाने या उसे 'स्कैंडलाइज्ड' करने की कोशिश करता है, तो सॉलिसिटर जनरल या अटॉर्नी जनरल की सहमति से सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई कर सकता है, जिसमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।  

दिग्विजय सिंह के बयान से बढ़ा सियासी विवाद, BJP ने साधा निशाना

 भोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता से कहीं ज्यादा खतरनाक बहुसंख्यक सांप्रदायिकता होती है। भोपाल में बुधवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बयान दिया, जिसके बाद राजनीति गरमा गई है। नेहरू के विचारों का हवाला देकर कही यह बात नेहरू के विचारों का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू मानते थे कि सांप्रदायिकता समाज में नफरत फैलाती है। उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग की सांप्रदायिकता से ज्यादा खतरनाक बहुसंख्यक सांप्रदायिकता होती है और आज देश के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है।  

धर्म और आस्था पर Digvijaya Singh का बड़ा बयान, बोले- मैं सनातन परंपरा का पालन करता हूं

इंदौर  पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  इंदौर में थे, वे जब रेसीडेंसी कोठी में विधायक उषा ठाकुर से मिले तो दोनों में मीठी नोक झोंक हुई। ठाकुर ने भोजशाला के फैसले पर कुछ कहा कि तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं घोर सनातन धर्म को मानने वाला हुं। मैने नर्मदा परिक्रमा है। एकादशी का उपवास करता हुं। उषा ने कहा कि आप पक्के सनातनी है तो सार्वजनिक रुप से स्वीकार करना चाहिए। भोजशाला को लेकर जो फैसला आया है। उसका आपको सम्मान करना चाहिए। तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि तुम्हें कैसे मान लिया कि मैंने फैसले का विरोध किया है।  पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे। वे पूर्व विधायक अश्विन जोशी के निधन पर शोक प्रकट करने उनके निवास पर पहुंचे। इसके बाद वे अन्य कार्यकर्ता व नेतागणो से भी मिले। मीडिया से चर्चा के दौरान सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में अच्छे दिन लाने का वादा किया था, लेकिन आज आम जनता महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जिससे गरीब और अधिक गरीब होता जा रहा है, जबकि कुछ चुनिंदा लोग लगातार अमीर बनते जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि पहले भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस पर लोगों का मंगलसूत्र छीनने जैसे आरोप लगाए जाते थे, लेकिन अब जनता को सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्रा नहीं करने और तेल कम उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और रुपये की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट आई है। बेरोजगारी कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और घोटालों को लेकर भी सिंह ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में धांधली रोकने के लिए समिति द्वारा विस्तृत रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन सरकार ने उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप था कि बार-बार सामने आ रहे घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा धोखा हैं।   भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि फैसले का अध्ययन किया जाएगा और आगे की कार्रवाई कानून व संविधान के दायरे में रहकर ही की जाएगी। उन्होंने कहा कि भोजशाला एक एएसआई संरक्षित स्थल है और वहां पूजा-अनुष्ठान को लेकर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा।

आदिवासी कांग्रेस कार्यक्रम में बोले दिग्विजय सिंह – ‘धर्मांतरण अगर आस्था से हो तो अपराध नहीं’

बैतूल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर धर्मांतरण आस्था और स्व-प्रेरणा से किया जाता है, तो यह कोई अपराध नहीं है. लेकिन जबरन या प्रलोभन से धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं है. बीजेपी केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाती है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर उनकी पहचान मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. आदिवासी कांग्रेस की ओर से बैतूल जिले के भैंसदेही में आयोजित 'आदिवासी अधिकार और सशक्तिकरण शिविर' में शामिल होने आए दिग्विजय ने कहा कि आदिवासी भारत के सबसे पुराने निवासी हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा- “हम सब तो सेंट्रल एशिया से आए हैं, असली हक और पहला अधिकार तो आदिवासियों का ही है। वे प्रकृति के पूजक हैं और संविधान उन्हें अपनी आस्था के अनुरूप धर्म पालन का पूरा अधिकार देता है। फिर भाजपा क्यों आलोचना करती है?” धर्म परिवर्तन अपराध नहीं पूर्व सीएम ने साफ कहा कि धर्म परिवर्तन अगर आस्था और स्वप्रेरणा से होता है तो अपराध नहीं है, लेकिन जबरदस्ती या प्रलोभन से धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं। भाजपा इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाती है। उन्होंने कहा, "हम सभी मध्य एशिया से आए हैं. आदिवासियों के पास पहला और असली अधिकार है. वे प्रकृति के उपासक हैं और संविधान उन्हें अपनी आस्था का पालन करने का पूरा अधिकार देता है…." राज्यसभा सदस्य ने BJP पर 'संकीर्ण विचारधारा' रखने और 'धर्मांतरण की राजनीति' करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी न तो संविधान को समझती है और न ही भारत की वास्तविक परंपरा को. भाजपा आदिवासियों को वनवासी कहकर उनकी पहचान मिटाना चाहती है." एक सवाल के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि BJP गाय के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान गौ आयोग का गठन किया गया था. उन्होंने कहा, "भाजपा इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकती है." आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने बताया कि राज्य के हर जिले में आदिवासियों के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. आदिवासी कांग्रेस सशक्तिकरण शिविर में शामिल हुए दिग्विजय सिंह भैंसदेही में मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित लीडरशिप डेव्हलपमेंट शिविर के समापन समारोह में शामिल हुए। आदिवासी कांग्रेस ने यह तीन दिन का आदिवासी कांग्रेस सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया था। विक्रांत भूरिया राष्ट्रीय अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस ने बताया कि राहुल गांधी ने आदिवासी कांग्रेस को पूरे देश में युवा आदिवासी नेतृत्व तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। जिसके तहत हम प्रदेश में आदिवासी अधिकार और सशक्तिकरण शिविर करवाते हैं। उसके बाद हर जिले में जाकर यह शिविर करवा रहे हैं। इसका उद्देश्य यही है कि युवा पीढ़ी को पता रहे कि कांग्रेस ने देश के लिए क्या किया आदिवासी के क्या अधिकार हैं। किस तरह से देश में उनका शोषण हो रहा है। इस दौरान आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद बैतूल पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कोठी बाजार स्थित डागा हाउस में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से भी चर्चा की। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को पार्टी की मजबूती के गुर सिखाए।