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ग्वालियर में आसमानी आफत: ओलावृष्टि से खेत बर्फ में तब्दील, फसलें चौपट, किसान की मौत

ग्वालियर.  पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते ग्वालियर जिले में मंगलवार सुबह वर्षा और भारी ओलावृष्टि हुई। प्रकृति का यह प्रकोप भितरवार-चीनोर क्षेत्र के गांव कछौआ, बड़की सराय, जुझारपुर, भोरी, ररुआ, चीनोर, आंतरी, करहिया और सिकरौदा समेत 12 से अधिक गांवों में देखा गया। जहां पर भीषण ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि खेतों में फसलों के ऊपर चार-चार इंच तक बर्फ जम गई। बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजारा मंजर ऐसा था कि दूर-दूर तक फैली हरियाली गायब हो गई और पूरा इलाका बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजर आने लगा। किसानों के मुताबिक गेहूं, सरसों व चना आदि फसलों में 70 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीमें फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए मौके पर पहुंची। कुछ गांवों में कलेक्टर रुचिका चौहान भी नुकसान को देखने के लिए पहुंची। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आगामी 24 घंटों में गरज चमक के साथ वर्षा व ओलावृष्टि की संभावना अभी बनी हुई है। साथ ही कोहरा भी रहेगा। आसमानी बिजली से किसान की मौत शिवपुरी में आसमानी बिजली की चपेट में आने से एक किसान की मौत भी हो गई। कई खेतों में तो नुकसान का आकलन 70 से 90 प्रतिशत तक बताया जा रहा है। ओलावृष्टि की सूचना के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने बड़की सराय व सिकरौदा गांव में पहुंचकर ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र निरीक्षण किया और किसानों से बात की। शिवपुरी में बिजली गिरने से किसान झुलसा शिवपुरी के सिलानगर निवासी वीर सिंह पुत्र रामप्रसाद आदिवासी उम्र 25 साल गांव में बटाई से खेती करता है। रात में खेत पर फसल की रखवाली के लिए रुका था। इसी दौरान तेज आंधी, वर्षा आदि से बचने के लिए वह खेत में बनी झोंपड़ी के अंदर जाकर सो गया। इसी दौरान आसमानी बिजली झोपड़ी गिरी, जिससे झोंपड़ी में आग लग गई। किसान झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जलने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर मर्ग कायम कर लिया है।  

दो बड़ी वारदातों से उठा पर्दा, मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 48 घंटों के भीतर विदिशा और खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। विदिशा: 1 करोड़ की डकैती का पर्दाफाश, 'डायल-112' की सतर्कता रही निर्णायक विदिशा पुलिस ने थाना त्योदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायखेडी में घटित सनसनीखेज डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा (.315 बोर) और एक तलवार बरामद की है। जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस डकैती के सुराग में सागर जिले के थाना राहतगढ़ क्षेत्र में डायल-112 पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। रात्रिकालीन गश्त और रिस्पॉन्स के दौरान गिरोह का एक आरोपी विदिशा से डकैती करके भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अपह्त संपत्ति सड़क पर गिरा दी। डायल-112 पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही संपत्ति सहित गिरफ्तार कर लिया। इससे प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई को दिशा मिली और पूरे गिरोह का पता चला।विदिशा पुलिस की विशेष टीमों ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के चार सदस्‍यों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तारकर उनके कब्जे से संपूर्ण संपत्ति बरामद की है। खरगोन: सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह से 90 लाख का माल बरामद जिले की बड़वाह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज48 घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद 02 आरोपियों और 01 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान कचरे के ढेर में छिपाकर रखना स्‍वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 300 ग्राम सोने के बार, 05 किलोग्राम चांदी के बार, अन्य आभूषण और नगदीसहितलगभग 90 लाख रुपये की सामग्री जब्‍त की है। ये दोनों ही कार्यवाहियां मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और आधुनिक तकनीकी विवेचना (CCTV विश्लेषण एवं साइबर सेल) के उत्कृष्ट उदाहरण को दर्शाती हैं। विदिशा में जहां 'डायल-112' और विशेष टीमों के तालमेल ने डकैतों को पकड़ा, वहीं खरगोन में स्थानीय मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म परीक्षण से चोरों तक पहुँचा जा सका। मध्य प्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने पर दें। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित समाज की नींव है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध शराब कारोबार पर कड़ा प्रहार

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध निरंतर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। श्योपुर एवं कटनी जिलों में अलग-अलग मामलों में पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई कर 67 लाख 34 हजार रूपये की शराब एवं वाहन जब्‍त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। श्योपुर जिले में की गई कार्रवाई के तहत थाना देहात पुलिस ने राजस्थान–श्योपुर सीमा क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर ट्रक से अंग्रेजी शराब की 635 पेटियां, कुल 4863 बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई, जिसे ट्रक सहित जब्‍त किया गया। जब्‍त की गई शराब और ट्रक की अनुमानित कीमत 58 लाख 90 हजार रूपए है। प्रकरण में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कटनी जिले में मुखबिर से सूचना प्राप्‍त हुई कि एक कार से कुछ व्‍यक्ति अवैध शराब लेकर कटनी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ग्राम देवरी टोला पर वाहन चेकिंग लगाई। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक द्वारा वाहन को तेज गति से बायपास रोड मैहर की ओर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर आरोपी वाहन को खड़ा करके फरार हो गए। मौके पर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें देशी मदिरा की 24 पेटियां, कुल 216बल्क लीटर अवैध शराब प्राप्‍त हुई। जिसे कार सहित (अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 44 हजाररूपए), जब्‍त किया गया। विवेचना के दौरान 01 आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दोनों मामलों में अवैध शराब की आपूर्ति एवं परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।  

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया: 7 फरवरी से समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीकरण शुरू

7 फरवरी से शुरू होगा समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होगा। किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान-पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन के लिए नहीं रखा जायेगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक का नाम खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए ताकि किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

शिवराज सिंह चौहान को बड़ी कानूनी राहत, विवेक तन्खा के साथ समझौते से खत्म हुआ मानहानि मामला

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट में राहत मिल गई है. शिवराज चौहान के खिलाफ मानहानि के मामले वापस लिए जाएंगे. यानी कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा चौहान के खिलाफ मानहानि के मुकदमे वापस लेंगे. तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मुद्दे पर उनका चौहान से समझौता हो गया है. इसके तहत वो शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आपराधिक मानहानि व सिविल सूट वापस ले रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निस्तारण कर सुनवाई बंद कर दी. कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान समेत तीन बीजेपी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.  इसी मुकदमे को रद्द कराने की मांग को लेकर शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज  समेत तीनों नेताओं को निचली अदालत मे पेशी से छूट दे दी थी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इनकी गुहार ठुकराते हुए पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान के अलावा वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. तन्खा का आरोप है कि इन तीनों नेताओं ने मीडिया मे उनके खिलाफ बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेक तंखा ने स्पष्ट किया कि उनका चौहान के साथ समझौता हो गया है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निस्तारण कर दिया. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कार्यवाही इससे पहले, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि: इस चरण पर शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सामग्री को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, IPC की धारा 499 के तहत सद्भावना और सार्वजनिक हित जैसे अपवादों से जुड़े प्रश्नों का निर्णय ट्रायल के दौरान ही हो सकता है, मजिस्ट्रेट को संज्ञान के स्तर पर केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इसके बाद, 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी जमानती वारंट से शिवराज सिंह चौहान को राहत दी थी, बशर्ते वे कार्यवाही में सहयोग करें। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली चौहान की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था, जिसमें हाईकोर्ट ने शिकायत को रद्द करने से इनकार किया था। अब, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के चलते, सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया और आपराधिक मानहानि मामले से जुड़ी कार्यवाही समाप्त हो गई।

दिल दहला देने वाला मामला: रायसेन में युवती की हत्या, ग्रामीणों की पिटाई के बाद आरोपी की मौत

रायसेन  रायसेन जिले में एक युवती से कथित तौर पर दुष्कर्म के प्रयास में विफल रहने के बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी. घटना के चंद घंटों बाद ही आरोपी युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद किया गया. इसके बाद यह मामला उलझ गया, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.  जानकारी के अनुसार, यह घटना रायसेन जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सुल्तानपुर थानांतर्गत भरतीपुर गांव में सोमवार 2 फरवरी 2026 को हुई. सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि 20 वर्षीय शिवानी रोजाना की तरह अपने पिता को खाना देने खेत पर जा रही थी. इस दौरान 25 वर्षीय आरोपी प्रकाश सिंह भिलाडा ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की.  उन्होंने बताया कि युवती के विरोध करने पर आरोपी प्रकाश ने ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया. युवती की हत्या की खबर मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में गुस्साए लोग आरोपी की तलाश करने लगे.  पुलिस ने भी आरोपी की तलाश शुरू की, इसी बीच शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी का शव घोघरा नदी के पास बरामद किया गया.  भाई के लिए खाना लेकर निकली थी युवती पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवती सोमवार दोपहर अपने भाई के लिए खेत पर खाना लेकर घर से निकली थी। रास्ते में गांव का ही प्रकाश सिंह भिलाड़ा उसे मिला, जिसने उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। जबरदस्ती की कोशिश, विरोध पर हमला युवती ने इसका कड़ा विरोध किया तो आरोपी ने धारदार हथियार बका से उसके जबड़े और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से पीड़िता की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद आरोपी लड़की को घसीटते हुए खेत के अंदर ले गया। मौके पर युवती के शरीर के निचले कपड़े नहीं थे, जिससे उसके साथ रेप की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच कर रही है। आरोपी मौके से फरार, ग्रामीणों ने पकड़ लिया वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी की तलाश में निकल पड़े और कुछ ही दूरी पर कमरोरा क्षेत्र की घोघरा नदी के पास आरोपी घायल हालत में मिला। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घायल हालत में अस्पताल भिजवाया गया। इलाज के दौरान आरोपी की भी मौत अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात आरोपी युवक प्रकाश सिंह भिलाड़ा ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि मृतक युवती और आरोपी युवक के घर आमने-सामने स्थित हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने इस मामले में युवती के परिजन की ओर से हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं आरोपी युवक की मौत के मामले में भी परिजन की शिकायत पर अलग से जांच की जा रही है। 6 लोग हिरासत में, पुलिस पूछताछ कर रही पुलिस ने घटना से जुड़े मामले में 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनता देख पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों के घर आमने-सामने, पहले से पहचान थी बताया जा रहा है युवती कुछ साल पहले बाड़ी में रहकर पढ़ाई करती थी। इस दौरान युवक के संपर्क में आई थी। दोनों के घर भी आमने-सामने हैं। गांव में पुलिस बल तैनात  सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया है. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी युवक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.  

मंत्री सारंग बोले—विकसित भारत की नींव हैं युवा

भोपाल. सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को एक निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा संवाद- बजट 2026 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होकर युवाओं से संवाद किया। मंत्रीसारंग ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं केंद्रीय बजट वर्ष 2026–27 के प्रमुख प्रावधानों, सरकार की दूरदृष्टि और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंत्री सारंग ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला है। इसमें 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। यह बजट GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है जो युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला, किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला तथा मध्यम और गरीब वर्ग को सशक्त करने वाला है। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्षश्याम टेलर, जिला अध्यक्षरविंद्र यति, जेएलयू के वॉइस चांसलर डॉ. विवेक खरे सहित बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। युवाओं के लिए अवसर सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। बजट 2026 में विशेष रूप से युवाओं की सहभागिता और नेतृत्व को केंद्रित किया गया है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन है। यही कारण है कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। यह बजट इसी स्पष्ट नीयत का प्रमाण है, जहां हर योजना, हर निवेश और हर सुधार के केंद्र में महिला की गरिमा, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को रखा गया है। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना और हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट है। यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित है बल्कि गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए भी केंद्रित है। केंद्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावकारी बजट प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि इस बजट को एक सशक्त भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस बजट की भावना को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं।  

एसीएस उच्‍च शिक्षा राजन गोवा की समिट में हुए शामिल

भोपाल. गोवा में आयोजित क्यूएस इंडिया समिट-2026 में मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती से रखा। अपर मुख्य सचिव (एसीएस), उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने इस समिट न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के डेलीगेट्स से वन-टू-वन संवाद कर शोध, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक सहयोग पर सार्थक चर्चा की। एसीएस राजन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मध्यप्रदेश को उच्च शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान बेहद आवश्यक हैं। समिट में सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च-ओरिएंटेड लर्निंग और नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 1873 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी न्यूजीलैंड की अग्रणी रिसर्च यूनिवर्सिटी है। यह विश्व की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों में शामिल है। कला, वाणिज्य, कानून, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विषयों में इसकी वैश्विक पहचान है। तीन दिवसीय क्यूएस इंडिया समिट-2026 में एसीएस राजन की सक्रिय सहभागिता से मध्यप्रदेश ने फॉरेन यूनिवर्सिटीस के साथ सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण को लेकर अपनी ठोस रणनीति प्रस्तुत की। यह पहल प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। समिट में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी डॉ. सुनील सिंह, राकेशवास्तव, मनोज अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अभियान में शामिल करने के दिए निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्ययोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने हेतु अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर आमजन को दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक करने में सहयोग लें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आम जन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, जनसंपर्क, वन, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास और आवास सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। नागरिक वितरित दवाओं का अवश्य करें सेवन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए) चक्र-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन हेतु अन्य विभागों से अपेक्षायें एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें। मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि एमडीए 2026 में मध्यप्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड के 12 ब्लॉक में एम.डी.ए अभियान का संचालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एमडीए 2025 में मध्य प्रदेश के 9 जिलों के 23 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया था। एमडीए 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना प्रदेश में 10 फरवरी से 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। विभिन्न विभागों से ज़मीनी सहयोग प्राप्त करने के लिए विभागवार अपेक्षाओं को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त धनराजु एस, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। फायलेरिया लक्षण और बचाव फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण हेतु क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन हेतु मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं कराया जाना है। नवीन नीति अनुसार चिन्हित जिलों में इन दो दवाओं के साथ आईवरमेक्टिन दवा का भी उपयोग किया जा रहा है जिसे आईडीए का नाम दिया गया है।  

छात्र-छात्राओं को भी शोध पत्र लेखन के लिये करें प्रोत्साहित : मंत्री परमार

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, भोपाल स्थित निवास कार्यालय में मंगलवार को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल द्वारा संकलित शोध पत्रों पर प्रकाशित शोध जर्नल (RJMLB) का विमोचन किया। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोध पत्रों एवं उनकी गुणवत्ता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य महाविद्यालयों द्वारा भी इस प्रकार के शोध प्रकाशन किए जाना चाहिये। मंत्री परमार ने छात्र-छात्राओं को भी शोध पत्र लेखन के लिये प्रोत्साहित किये जाने को कहा। परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित आलेख का भी समुचित समावेश किये जाने पर जोर दिया ताकि नयी पीढी भारतीय समृद्ध पुरातन ज्ञान एवं संस्कृति से परिचित हो सकें। ज्ञातव्य है कि शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल द्वारा पर्यावरण से संबंधित राष्ट्रीय स्तर का वेबीनार का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 250 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुये थे। प्रतिभागियों की ओर से दिये गये शोध पत्रों की समीक्षा उपरांत चयनित शोध पत्र एवं महाविद्यालय द्वारा आमंत्रित अन्य शोध पत्रों का संकलन कर, महाविद्यालय द्वारा शोध जर्नल (RJMLB) प्रकाशित किया गया है। इस अवसर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. प्रवीण तामोट, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र डॉ. मीनल फडनीस एवं डॉ. संजय सिंह उपस्थित थे।