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केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में होगा महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार और केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण को दी बधाई भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण को नई गति देगा। बजट में समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण और पंच प्राण के सिद्धांत को मूर्त रूप दिया गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक बजट के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बजट का उद्देश्य समग्र और सर्वस्पर्शी विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि देश के हर क्षेत्र और नागरिक तक विकास की लहर पहुँच सके। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और डिजिटल संपर्क को मजबूती मिलेगी तथा रोजगार के अवसरों और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही, सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के करीब रखा है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य के क्षेत्र को बजट में विशेष प्राथमिकता देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बायोफार्मा शक्ति पहल के तहत अगले पांच वर्षों में 10 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिससे भारत बायोलॉजिक और बायोसिमिलर दवाओं में आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही, आयुष और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के लिए पांच क्षेत्रीय आयुष मेडिकल हब और तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के लिये बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये हैं। स्वास्थ्य शिक्षा और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल क्षेत्र में प्रशिक्षण देने, 1.5 लाख केयरगिवर्स प्रशिक्षित करने और 1 हज़ार से अधिक क्लिनिकल ट्रायल साइटस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दक्ष कर्मचारियों की पूर्ति होगी और स्वास्थ्य अनुसंधान की क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए बजट में दिये गये संकेतों से आर्थिक गतिविधियों में सुगमता और पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटल संपर्क, ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ब्रॉडबैंड, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश को प्राथमिकता देने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यमिता में बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस बजट में यह स्पष्ट है कि “सबका साथ, सबका विकास” नीति निर्माण का आधार है। यह बजट आर्थिक विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक समावेशन और तकनीकी प्रगति को एकसाथ जोड़कर देश के सभी नागरिकों तक विकास की लहर पहुँचाने का प्रयास करता है।

देश के सर्वांगीण विकास का बजट : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को प्रस्तुत केंद्रीय बजट को ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने देश के सर्वांगीण विकास का बजट कहा है। उन्होंने जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बजट बताया है। मंत्री श्री तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग, सभी को राहत देने वाला है। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए किए गए बजट प्रावधान से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन जैसे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।  

संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल स्वच्छता दीदीयों का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान संत रविदास जयंती के अवसर पर नगर निगम के झोन कार्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान से जुड़ी ‘स्वच्छता दीदियों’ का पुष्पहार से स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पहचान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और इसमें स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से संत रविदास के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छ, समरस और जागरूक समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, श्री सुमित मिश्रा आदि भी विशेष रूप से मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सनातन व्यवस्था के संस्कार जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की है वैज्ञानिक पद्धति

शासकीय चिकित्सालयों में बनाए जाएंगे गर्भ संस्कार कक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में की जाएगी गर्भ संस्कार के अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था पुस्तक "गर्भ संस्कार" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग-अलग नहीं रहे। सनातन व्यवस्था के संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी, शीघ्र ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंग वस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "गर्भ संस्कार" का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन समुदाय को गर्भ संस्कार का प्रचार- प्रसार करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही बच्चे पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पढ़ने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत में अभिमन्यु तथा अन्य पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद की सामर्थ्य सर्वविदित है। कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोविड से बचाव के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद की प्रक्रियाओं अपनाया। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकारा गया है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है। अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का चिंतन विश्व को संचालित करने का नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करने का है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सृष्टि के चक्र में भारत ने उत्थान और पतन दोनों देखे हैं, लेकिन उसकी आत्मिक शक्ति और बीज रूप में सामर्थ्य इतनी मजबूत है कि वह फिर उठ खड़ा होने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य का निर्माण केवल शिक्षा या भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि सुशिक्षा और सुसंस्कार से ही संभव है। मानव संपदा के बिना राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं। श्री जोशी ने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन मनुष्य को पूर्ण विकसित मनुष्य बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब शस्त्र अयोग्य हाथों में चले जाते हैं तो दुष्परिणाम होते हैं, इसलिए शक्ति के साथ संस्कार अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर पुण्य सलिला देवी अहिल्याबाई की श्रेष्ठ परंपरा वाली नगरी है। इंदौर से इस आयोजन का होना प्रतीकात्मक है, क्योंकि विचारों का प्रस्फुटन प्रायः मध्य से होता है। श्री जोशी ने युवाओं और दंपत्तियों से आग्रह किया कि शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखें, बल्कि आचरण में उतारें। इसके लिए जनजागरण और व्यापक आंदोलन आवश्यक है, ताकि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति सही मार्ग पर चल सके और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने कार्यक्रम के शोधकर्ताओं, प्रयोगकर्ताओं और आयोजकों से कहा कि इस पहल की सार्थकता तभी है जब समाज इसे गंभीरता से अपनाए और अनुभवों को साझा कर आगे बढ़े। कार्यक्रम को डॉ. अनिल कुमार गर्ग और डॉ. हितेश भाई जानी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, जनप्रतिनिधि, आरोग्य भारती के श्री अशोक वार्ष्णेय, श्री योगेंद्र महंत, श्री गुणवंत कोठारी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री विक्रम सिंह पवार, डॉ. हितेश भाई जानी, श्री राधेश्याम शर्मा गुरु जी और डॉ. अनिल कुमार गर्ग सहित आध्यात्मिक-धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

आगर-मालवा के कार सवार तीन लोगों की गुजरात में ट्रक से टक्कर में मौत

आगर-मालवा. मध्य प्रदेश में आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में पनाला गांव के रहने वाले तीन लोगों की गुजरात में सड़क हादसे में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक हादसा बोटाद जिले के रानपुर इलाके में हुआ, जहां ट्रक से टकराने की वजह से कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादस में चार लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ईको कार में सवार सभी लोग खेती के काम से रानपुर इलाके के कुंडली गांव जा रहे थे। इसी दौरान देर रात धुंधका जा रहे हाईवे से आगे यह एक तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार में सवार कुछ लोगों के शव निकलकर सड़क पर आ गए थे। तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को कार से निकालकर पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सभी को बोटाद के अस्पताल में भर्ती करवायाग या है।

MP हाई कोर्ट का फैसला- ‘पत्नी की व्यक्तिगत इनकम को पति से नहीं जुड़ेगी’

जबलपुर. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह व न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच एजेंसी पत्नी की व्यक्तिगत आय को सरकारी विभाग में पदस्थ पति की आय में जोड़कर असेसमेंट नहीं कर सकती है। कोर्ट से इस आदेश के साथ अभियोजन स्वीकृति के आदेश व आगे की कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता रीवा निवासी अधिवक्ता मीनाक्षी खरे व उनके पति आलोक खरे की ओर से दायर याचिका में आय से अधिक संपत्ति का गलत असेसमेंट करने व उनके विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता आलोक खरे वर्तमान में आबकारी विभाग में डिप्टी कमिश्नर में पद पर रीवा में पदस्थ है। याचिकाकर्ता मीनाक्षी पेशे से अधिवक्ता हैं और शादी के पहले से आयकर रिटर्न फाइल कर रही हैं। वर्ष 2018 में लोकायुक्त ने आलोक खरे के घर और कार्यालय में दबिश दी थी। लोकायुक्त ने जांच में चार सितम्बर, 1998 से 15 अक्टूबर, 2019 तक याचिकाकर्ता की संपत्ति और खर्च से जुड़ा डेटा एकत्र किया था। लोकायुक्त के अनुसार याचिकाकर्ताओं के पास वैध आय स्त्रोत से लगभग 88.20 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली थी। लोकायुक्त ने उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया था और सरकार की ओर से अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। याचिका में कही गई यह बात याचिका में कहा गया था कि लोकायुक्त के अनुसार याचिकाकर्ताओं के पास से 10 करोड़ 71 लाख रुपये की संपत्ति मिली थी। जबकि उनकी वैध आय 5 करोड़ 69 लाख रुपये थी। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि अधिवक्ता होने के कारण मीनाक्षी की अच्छी-खासी आय थी और वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करती थी। उन्होने अपनी आय से खेती की जमीन खरीदी और उससे इस अवधि के दौरान 4 करोड़ 81 लाख रुपये की आय हुई थी। दोनों याचिकाकर्ताओं की वैध आय को जोड़कर देखा जाए तो 10 करोड़ 50 लाख रुपये हैं। जो लोकायुक्त द्वारा किए गए असेसमेंट से 21 लाख रुपये अधिक है। जो लगभग आय के वैध स्त्रोत से दो प्रतिशत अधिक है। आय के वैध स्त्रोत से 10 प्रतिशत से अधिक संपत्ति पाए जाने पर अभियोजन की अनुमत्ति प्रदान नहीं की जा सकती है। हाई कोर्ट ने दिया यह फैसला हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता महिला अधिवक्ता ने इनकम टैक्स रिटर्न के साथ-साथ खेती से हुई इनकम को ध्यान में रखा जाए, तो मंज़ूरी देने वाली ऑथरिटी को मंज़ूरी नहीं देनी चाहिए थी। प्रकरण को प्रारंभ में ही खत्म कर देना चाहिए था। इनकम के जाने-पहचाने सोर्स का आशय ऐसी इनकम से है जो मध्य प्रदेश सिविल सर्विस रूल्स, 1965 के रूल 19 के अनुसार सही तरीके से बनाई गई हो। कानूनी टैक्स फाइलिंग से साबित हुई इनकम कानून की नजर में जानी-पहचानी और वैध इनकम है। युगलपीठ ने अभियोजन स्वीकृति के विवादित मंज़ूरी आर्डर व आगे की कार्रवाई को निरस्त कर दिया।

जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर मिली विदेशी महिला

जबलपुर. जबलपुर माढ़ोताल थाना अंतर्गत ग्रीन सिटी में संचालित देह व्यापार के अड्डे पर शनिवार को पुलिस ने दबिश देते हुए एक उज्बेकिस्तान की महिला सहित एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। वहीं छापे की भनक लगते ही अड्डे का संचालक मौके से फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है। माढ़ोताल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाबा टोला हनुमानताल निवासी शिवा चौधरी ग्रीन सिटी स्थित एक घर में एक विदेशी महिला को बुलाकर देह व्यापार का संचालन कर रहा है। माढ़ोताल थाना पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर बताए गए पते पर दबिश दी गई। छापे के दौरान पुलिस ने मौके से हनुमानताल के बाबा टोला निवासी शिव चौधरी की 25 वर्षीय पत्नी तथा एक विदेशी महिला (उज्बेकिस्तान) को गिरफ्तार किया है। वहीं कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपित शिवा चौधरी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपित की तलाश में टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भोपाल में SIR में 2.96 लाख पत्रकों में मिली तार्किक विसंगतियां

भोपाल. जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण में दो लाख 96 हजार पत्रकों में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। ऐसे में अब इन मतदाताओं को नाम, पता व उम्र से संबंधित एक दस्तावेज पेश करना होगा। हालांकि इनमें से 79 हजार पत्रकों की विसंगतियां बीएलओ ने अपने स्तर पर ही दूर कर ली हैं, जबकि दो लाख 17 हजार को अब नोटिस जारी किए जाएंगे। इनकी सुनवाई नो मैपिंग मतदाताओं के साथ-साथ 85 हेल्प डेस्क पर की जाएंगी, जिसके लिए 91 अतिरिक्त एईआरओ पदस्थ कर दिए गए हैं। सात विधानसभा का SIR के दौरान सत्यापन किया गया था बता दें कि डिजिटाइज किए गए पत्रकों की तकनीकी रूप से जांच की जा रही है। इस दौरान तर्किक विसंगतियां मिलने के बाद सुनवाई वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ गई हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाताओं का एसआइआर के दौरान सत्यापन किया गया था। स्वजनों का 2003 की सूची में रिकॉर्ड नहीं मिला था जिनमें से कुल 16 लाख 87 हजार 33 मतदाताओं के पत्रक डिजिटाइज किए गए थे, जबकि चार लाख 38 हजार 317 मतदाताओं को एएसडीआर (अनुपस्थित, शिफ्टिंग, मृत्यु और दोहरी प्रवृष्टि) श्रेणी में रखते हुए विलोपित किया गया है। जिन मतदाताओं और उनके स्वजनों का 2003 की सूची में रिकॉर्ड नहीं मिला था, ऐसे एक लाख 16 हजार 925 मतदाता नो मैपिंग श्रेणी में रखे गए हैं। इनकी सुनवाई 85 हेल्प डेस्क पर 90 एईआरओ द्वारा की जा रही है। इनमें से अब तक 49 हजार 965 की सुनवाई हो चुकी है। दो लाख 17 हजार 317 को नोटिस जारी किए गए इसी बीच तकनीकी परीक्षण के दौरान दो लाख 96 हजार 317 पत्रकों में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। यानी किसी के नाम, उपनाम, पिता के नाम, माता के नाम आदि में अंतर होना शामिल हैं। इनमें से 79 हजार मतदाताओं के पत्रकों का बीएलओ ने अपने स्तर पर सुधार कर लिया है, जबकि दो लाख 17 हजार 317 को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी मतदाताओं को सुनवाई के दौरान विसंगतियों को दूर करने संबंधी दस्तावेज पेश करना होगा। 181 एईआरओ 14 फरवरी तक पूरी करेंगे सुनवाई एक लाख 16 हजार 925 नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई के लिए 85 हेल्पडेस्क बनाई गई हैं, जिन पर 90 एईआरओ सुनवाई के लिए नियुक्त किए गए थे। अब दो लाख 17 हजार तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की सुनवाई भी की जानी है, जिसके लिए अतिरिक्त 91 एईआरओ नियुक्त कर दिए गए हैं। इस तरह कुल 181 एईआरओ नो मैपिंग और विसंगति वाले मतदाताओं की 14 फरवरी तक सुनवाई पूरी करेंगे, जिससे कि अंतिम मतदाता सूची में किसका नाम रखना है और किसका विलोपित करना है, यह तय किया जा सके। ऐसे समझें तार्किक विसंगति उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि तकनीकी परीक्षण के दौरान तार्किक विसंगति वाले कुल दो लाख 96 हजार 317 मतदाताओं के पत्रक चिह्नित किए गए थे। तार्किक विसंगति का मतलब यह है कि किसी मतदाता का नाम मोहनलाल एक साथ लिखा था मतदाता सूची में, लेकिन पत्रक में उसका नाम मोहन और लाल अलग-अलग लिखा गया है। इसलिए अब इस अशुद्धि को दूर करने के लिए मतदाता को एक दस्तावेज सुनवाई के दौरान पेश करना होगा।

इंदौर में भाषण दे रही डॉक्टर को आया कॉर्डियक अरेस्ट

इंदौर. ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यूरोलॉजी कांफ्रेंस के दौरान एक गंभीर घटना घटित होने से बच गई। मैंगलोर से आई 40 वर्षीय डॉ. श्रीन भूटिया को भाषण देते समय अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। वे मंच पर बोलते-बोलते बेहोश होकर गिर पड़ीं। उस समय हाल में लगभग 200 विशेषज्ञ डॉक्टर उपस्थित थे। स्थिति को समझते हुए वहां मौजूद डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों में डॉक्टर की सांस और नब्ज में सुधार दिखने लगा। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण उनकी जान बच सकी। डॉक्टर को राजश्री अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां वे फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। कार्डियक अरेस्ट से बचाव के उपाय     नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।     ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्राल नियंत्रित रखें।     धूमपान और शराब से दूरी बनाएं।     रोजाना व्यायाम और योग करें।     तनाव कम करें व पर्याप्त नींद लें।     आमजन तक भी सीपीआर देने की प्रक्रिया के लिए शिविर लगाए जाना चाहिए।