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मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता, डकैती और लूट के मामलों का पर्दाफाश

भोपाल. लगभग 97 लाख 50हजार रूपए की चोरी गई संपत्ति जप्त, 10 आरोपी गिरफ्तार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, पुलिस ने खंडवा और मुरैना जिले में हुई गंभीर डकैती व लूट की घटनाओं का सफल एवं त्वरित खुलासा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 97लाख 50हजार रूपएमूल्य की सामग्री जप्त कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुरैना – हाईवे पर हुई लूट की घटना का 04 दिनों में खुलासा थाना सिविल लाइन पुलिस ने हाईवे पर हुई लूट की घटना का सफल खुलासा करते हुए 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिनांक 22 जनवरी को फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात्रि लगभग 03 बजे एसआरडी कॉलेज के पास ए.बी. रोड मुरैना पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनकी अर्टिका कार को ओवरटेक कर रोककर हथियार के बल पर लगभग 19 लाख रूपएनगद लूट लिए गए। घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक मुरैना द्वारा हाईवे पर हुई लूट की गंभीर घटना में शामिल आरोपियों की शीघ्र पतारसी, गिरफ्तारी एवं माल-मशरूका की बरामदगी हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया एवं घटना स्थल पर मिले भौतिक साक्ष्य एवं अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया गया। तदोपरांत घटनास्थल एवं आगे के रास्ते पर लगभग 300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज चैक किया गया, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। फरियादी के वाहन चालक की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई, वाहन चालक द्वारा फरियादी को अपने वाहन में बैठाते समय वाहन मालिक से मिलना एवं घटना के समय वाहन मालिक की उपस्थिति भी घटनास्थल पर पाई गई। उपरोक्त साक्ष्यों के आधार परवाहन चालक से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा अपने वाहन मालिक को पैसों की जानकारी देकर उक्त लूट अपने अन्‍य साथियों के साथकरना स्वीकार किया। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर घटना के मुख्य आरोपी सहित प्रकरण में शामिल 06 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 18लाख 50 हजार 200 रूपएनगद, घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार एवं एयर गन सहित लगभग 27 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। खंडवा – सराफा व्यापारी से हुई डकैती का पर्दाफाश जिले के पुनासा क्षेत्र में घटित सराफा व्यापारी के साथ हुई सनसनीखेज डकैती की घटना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पर्दाफाश किया है। घटना में अज्ञात बदमाशों द्वारा हथियारों के बल पर सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग लूटे गए थे तथा घटना के दौरान मारपीट एवं फायरिंग भी की गई थी। पुलिस द्वारा गठित विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी विश्लेषण, पारंपरिक पुलिसिंग, मुखबिर तंत्र एवं अंतर-जिला समन्वय के माध्यम से संगठित गिरोह की पहचान करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकद राशि, एक देशी पिस्टल एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 71 लाख 50 हजार रूपए की सामग्रीजप्तकी है । दोनों जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, डकैती एवं लूट जैसी गंभीर घटनाओं पर त्वरित, तकनीकी एवं प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

गणतंत्र दिवस की झांकियों में छाई ‘लखपति दीदी’, महिला आत्मनिर्भरता की झलक

भोपाल. गणतंत्र दिवस पर "लखपति दीदी" थीम पर जिलों में हुआ झांकी प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को पहली बार "लखपति दीदी" थीम पर मिशन अंतर्गत विभिन्न जिलों में झांकी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलों में आयोजित समारोहों में प्रदर्शित की गई इन झांकियों में अधिकांश जिलों को पुरस्कार मिले हैं। उज्जैन जिले मे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना विकास खण्ड के डबलाहरदू ग्राम की ड्रोन दीदी  मती रूपाली मोदी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए मंच से सम्मानित किया। इसी क्रम में जिलों द्वारा झांकी प्रदर्शन किया गया 38 जिलों द्वारा इसी विषय पर झांकी निकाली गई। इसमें से 10 जिलों ने प्रथम स्थान, 7 जिलों ने द्वितीय एवं 7 जिलों ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया है। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने बाले जिलों में खरगोन, सिंगरोली, पन्ना, ग्वालियर, कटनी, नीमच, सतना, मैहर, शहडोल एवं बालाघाट शामिल हैं। द्वितीय पुरस्कार रायसेन, उज्जैन, मुरैना, लीराजपुर, झाबुआ, देवास एवं रतलाम जिले ने हासिल किया है। तृतीय पुरस्कार सीहोर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, इंदौर एवं हरदा जिले ने प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन  मती हर्षिका सिंह ने जिलों में प्रदर्शित होने बाली झांकियों में मिशन अंतर्गत "लखपति दीदी" थीम को शामिल करते हुए झांकी प्रदर्शन के लिए निर्देशित किया था।  

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की तैयारी, राजेंद्र शुक्ला ने मांगी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की जल्द भर्ती

भोपाल मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों की समयबद्ध भर्ती की प्रक्रिया को अहम माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हुई है। मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए। समस्त औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति की जाए। बैठक में एएनएम के शेष रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए वर्तमान में उपलब्ध मॉडलों की विस्तृत समीक्षा कर शीघ्र आवश्यक भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समय पर पदस्थापना अनिवार्य है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी तथा मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा। बैठक में नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भर्ती से संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभागीय जानकारी और स्पष्टीकरण शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए ताकि मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो। मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला, सागर और रीवा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि पुनरीक्षित स्वीकृति से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो और शैक्षणिक और चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार निर्धारित समय में किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर सहित चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम हो। सीएम डे केयर योजना के क्रियान्वयन के लिए जारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए गए कि बजट की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय अधोसंरचना विकास कार्यों में विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज बुधनी, छतरपुर और दमोह में आगामी सत्र से संचालन प्रस्तावित है इसके लिए अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ति चरण में हैं। संचालन के लिए फर्नीचर, उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक और सहायक मैनपावर भर्ती का कार्य भी समय से पूर्ण किया जाए ताकि एनएमसी अनुमोदन की कार्यवाही पूर्ण की जा सके।

गणतंत्र दिवस पर लखपति दीदी थीम पर जिलों में हुआ झांकी प्रदर्शन

अधिकांश जिलों में आजीविका मिशन की झांकियों को मिले पुरस्कार उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ड्रोन दीदी रूपाली मोदी को सम्मानित भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को पहली बार "लखपति दीदी" थीम पर मिशन अंतर्गत विभिन्न जिलों में झांकी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलों में आयोजित समारोहों में प्रदर्शित की गई इन झांकियों में अधिकांश जिलों को पुरस्कार मिले हैं। उज्जैन जिले मे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना विकास खण्ड के डबलाहरदू ग्राम की ड्रोन दीदी श्रीमती रूपाली मोदी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए मंच से सम्मानित किया। इसी क्रम में जिलों द्वारा झांकी प्रदर्शन किया गया 38 जिलों द्वारा इसी विषय पर झांकी निकाली गई। इसमें से 10 जिलों ने प्रथम स्थान, 7 जिलों ने द्वितीय एवं 7 जिलों ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया है। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने बाले जिलों में खरगोन, सिंगरोली, पन्ना, ग्वालियर, कटनी, नीमच, सतना, मैहर, शहडोल एवं बालाघाट शामिल हैं। द्वितीय पुरस्कार रायसेन, उज्जैन, मुरैना, लीराजपुर, झाबुआ, देवास एवं रतलाम जिले ने हासिल किया है। तृतीय पुरस्कार सीहोर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, इंदौर एवं हरदा जिले ने प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन श्रीमती हर्षिका सिंह ने जिलों में प्रदर्शित होने बाली झांकियों में मिशन अंतर्गत "लखपति दीदी" थीम को शामिल करते हुए झांकी प्रदर्शन के लिए निर्देशित किया था।  

नीतिगत फैसलों पर मुहर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक

भोपाल. टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास लिए 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल क्षेत्र रकबा 395.931 हैक्टेयर भूमि को संशोधित कर रकबा 395.939 हैक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास करने के लिए आगामी 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस नवीन योजना अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किये जायेंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अुनसार जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रूपये और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़े वर्ग के “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” के स्थान पर संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपये व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।  

राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी 30 जनवरी को भोपाल में

भोपाल. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप दिया जाएगा। पुष्पों के उत्पादन के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये 30 जनवरी को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में किया जायेगा। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यलयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुडे हुए है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्यप्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनायी गई है। इसी कडी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बडे अवसर के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन के यादव पहल पर उज्जैन के आस पास लगभग 100 एकड में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुम्बई, बैंगलौर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोडा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठा कर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुडे़ हुए है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बहु-उद्देशीय है         • फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि करना।         • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना।         • कृषकों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उत्पादन विधियों से जोड़कर उन्हें प्रोत्साहित करना।         • पुष्प उत्पादन एवं शोभायमान पौधों का उत्पादन करने वाली नर्सरियों को बढ़ावा देना।         • शहरी क्षेत्रों में शोभायमान वाटिकाओं, उद्यानों एवं हरित परिवेश के प्रति नागरिकों की रुचि विकसित करना।         • आमजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं उद्यानिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।         पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण पुष्पों एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का भव्य प्रदर्शनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से-         • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़रबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।         • मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।         • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।         · विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।         उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।         थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजन स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ एवं रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित की जाएँगी, जो प्रकृति, उद्यानिकी, कृषि एवं नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगी। राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को उजागर करने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास का सशक्त संदेश देगा।  

ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में बिजली उत्पादन के बड़े करार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

भव्य विक्रमोत्सव-2026 को लेकर मंथन, मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में की अहम बैठक

भोपाल.  मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में विक्रमोत्सव- 2026 की तैयारियों के संबंध में ली बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य के साहस और सृजन ने शौर्य और संगठन के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित विक्रमोत्सव में उनके व्यक्तित्व के सभी आयामों का प्रभावी प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जाए। नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से परिचित कराना, भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक परंपरा की निरंतरता के लिए आवश्यक है। विक्रमोत्सव देश-प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि आयोजन पूर्ण भव्यता, सुव्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने उज्जैन में होने वाले विक्रमोत्सव-2026 की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन प्रदेश तथा अन्य राज्यों के प्रमुख नगरों में भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल-कालेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत हो रहे विक्रमोत्सव में कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, नरवाई के प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक स्वस्थ पशुओं की प्रतियोगिता और उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित गतिविधियों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सम्राट विक्रामादित्य के वैज्ञानिक पक्ष पर केंद्रित आयोजनों में विज्ञान महाविद्यालय, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी जोड़ा जाए। सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण में भारत सरकार की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उसे भव्य और राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाए। बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत उज्जैन में होने वाली गतिविधियों की निम्नानुसार जानकारी दी गई-     15 फरवरी,2026- अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, म.प्र. के सभी शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, कलश यात्रा, विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ, शिवोSहम- प्रीतम एवं बैंड की प्रस्तुति, शिवनाद।     प्रदर्शनियां- विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, अस्त्र-शस्त्र, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक के संयोजन पर प्रदर्शनी।     विक्रम व्यापार मेला।     16 फरवरी से 20 फरवरी – शिव पुराण।     16 से 25 फरवरी- विक्रम नाट्य समारोह के अंतर्गत राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रस्तुतियाँ।     26 से 28 फरवरी- अंतर्राष्ट्रीय इतिहास समागम, पुतुल समारोह, अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।     28 फरवरी से एक मार्च- विक्रमादित्य का न्याय पर वैचारिक समागम।     2 मार्च – अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।     7 मार्च – लोकरंजन- विभिन्न बोलियों में सम्राट विक्रमादित्य पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।     10 – 12 मार्च – संगीत के उद्भव और विकास पर अनहद वैचारिक समागम।     13 – 14 मार्च – अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।     13 – 17 मार्च – पौराणिक फिल्मों के अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में 20 से अधिक देशों की फिल्मों का प्रदर्शन।     17- 18 मार्च – भारतीय विज्ञान शोध संगोष्ठी।     18 मार्च – वेद अंताक्षरी।     19 मार्च – गुड़ी पड़वा पर रामघाट दत्त अखाड़ा पर सूर्योपासना।     इसके साथ ही 19 मार्च वर्ष प्रतिपदा, सृष्टि आरंभ दिवस को उज्जयिनी गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर होगा, जिसके अंतर्गत सम्राट विक्रमादितय अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 व आर्ष भारत द्वितीय संस्करण के लोकार्पण के साथ ही महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम सांगितिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। गुड़ी पड़वा पर प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन होगा। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय तथा प्रबंध संचालक म.प्र. पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क  दीपक कुमार सक्सेना तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उज्जैन के जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी भी शामिल हुए।  

रतलाम: हथियारों की दुकान में विस्फोट, तीन घायल—इंदौर रेफर

रतलाम, मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में गणतंत्र दिवस के दिन एक बड़े हादसे के तहत एक बंदूक की दुकान में धमाका होने से तीन लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें इंदौर रेफर किया गया है। शहर के चांदनी चौक क्षेत्र में कल शाम हुए इस हादसे से अफरातफरी हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंची। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार विस्फोट एक बंदूक की दुकान के अंदर हुआ, जिसमें दुकानदार सहित तीन लोग गंभीर तरह से झुलस गए। तीनों को पहले जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जहां तीनों की हालत गंभीर होने से उन्हें मेडिकल कॉलेज बाद में इंदौर रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक लेब के अधिकारी विस्फोट के कारणों का पता करने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि स्थानीय लक्कड़पीठा रोड स्थित इस दुकान में वेल्डिंग के दौरान विस्फोट हुआ। बंदूक की दुकान में बारूद होने से आग भभक उठी और तीन लोग गंभीर झुलस गए। हादसा इतना भयानक था कि झुलसे लोग रोड पर आ गए। गंभीर घायलों की पहचान दुकान मालिक यूसुफ अली, वेल्डिंग कारीगर शेख रफीउद्दीन, उसके साथी नाज़िर के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से खाली कारतूस और बारूद मिला है। पुलिस ने दुकान के अंदर से बड़ी मात्रा में रखी बंदूकें एवं सामग्री को जब्त कर लिया है। अधिकारी विस्फोट की विस्तृत जानकारी में जुटे हुए है।  

लाखों बैंक कर्मचारी ‘फाइव डे वीक’ के लिए सड़कों उतरे

भोपाल. मध्य प्रदेश में मंगलवार को करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर होने वाली इस हड़ताल से प्रदेशभर की 7 हजार से ज्यादा बैंक शाखाओं में ताले लटके हुए हैं। इससे चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं, वहीं एटीएम में भी नकदी की कमी की आशंका है। एक ही दिन में लाखों करोड़ रुपए के कारोबार पर असर है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर हो रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी। सरकारी के साथ-साथ निजी बैंकों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। इन बैंकों में लटके ताले यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, सरकारी क्षेत्र की 12 प्रमुख बैंकें बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सभी अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों में भी कामकाज प्रभावित हो सकता है। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह बैंककर्मियों की मुख्य मांग है कि बैंकिंग उद्योग में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू किए जाएं। वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि अन्य शनिवार कार्य दिवस होते हैं। यूनियन चाहती है कि सभी शनिवार अवकाश घोषित किए जाएं और सोमवार से शुक्रवार तक कार्य घंटे समायोजित किए जाएं। दो साल से लंबित है प्रस्ताव यूएफबीयू के मध्य प्रदेश को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि वर्ष 2015 में हुए समझौते में इस विषय पर विचार का आश्वासन दिया गया था। 2022 में केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ चर्चा हुई, जबकि 2023 में यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट कार्य घंटे बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो वर्षों से स्वीकृति लंबित है। पहले भी टली थी हड़ताल सरकार की ओर से ठोस प्रतिक्रिया न मिलने पर यूएफबीयू ने मार्च 2025 में दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था, जिसे ‘मामला विचाराधीन है’ के आश्वासन पर स्थगित कर दिया गया था। अब भी मांग पूरी न होने पर बैंककर्मियों ने फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाया है।