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इंदौर में महिला की हत्‍या कर कपड़े बदल कर भागे आरोपी

इंदौर. महिला की हत्या में शामिल बदमाश पुलिस को छका रहे है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों का पीछा कर रही है। आरोपित कपड़े बदल कर भागे है। आरोपित घटना स्थल के आसपास ही देखे गए है। बाणगंगा थाना क्षेत्र स्थित नंदबाग निवासी गायत्री धीमान की घर में ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी। बदमाश वारदात के बाद महिला के हाथ पैर बांध कर मुंह में कपड़ा ठूंस कर भागे थे। गायत्री सुपर कॉरिडोर स्थित आईटी कंपनी में हाऊस किपिंग का काम करती थी। पुलिस ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज निकाले तो दो बदमाश स्कूटर से भागते हुए नजर आए। पुलिस ने टिगरिया बादशाह क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जोड़ी तो पता चला बदमाशों ने चकमा देने के लिए कपड़े भी बदल लिए थे। करीब 20 किमी घुमने के बाद आरोपित पुन:घटना स्थल के आसपास आए हैं। जोन-3 के डीसीपी राजेश व्यास ने तीन टीमों का गठन किया है। आरोपितों की गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया है। पुलिस के अनुसार आरोपितों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल रहा है। महिला की सीडीआर में भी नंबर नहीं है। स्वजन ने भी पहचाने से इनकार किया है। युवक को अगवा करने वाले बदमाश बिहार भागे 28 वर्षीय युवक को अगवा कर पीटने वाले बदमाश बिहार भाग गए है। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है। बाणगंगा थाना क्षेत्र निवासी युवक को चाचा-चाची और उसके साथियों ने जमीन के लिए अगवा किया था। युवक को शाजापुर स्थित दोस्त के खेत पर पेड़ से बांधा और गरम सरिये से नाजुक स्थानों पर दागा। पीड़ित के खिलाफ ही नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखवा दी। चोट के कारण पुलिस ने पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चाचा चाची सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन अन्य फरार हो गए।

एम्स भोपाल में लिफ्ट का गेट खुलते ही महिला का मंगलसूत्र लेकर भागा चोर

भोपाल. भोपाल एम्स को हाई-सिक्योरिटी स्वास्थ्य संस्थान माना जाता है। रविवार शाम को स्त्री रोग विभाग में अटेंडर के साथ हुई वारदात से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर की लिफ्ट में उनके साथ चेन स्नेचिंग की वारदात हुई। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार को वायरल हो गया। पीड़िता का नाम वर्षा सोनी है। वह स्त्री रोग विभाग में अटेंडर हैं। ड्यूटी के दौरान ब्लड बैंक के पीछे स्थित लिफ्ट से अकेली आ रही थीं। इसी दौरान मास्क और टोपी पहने एक युवक लिफ्ट में घुसा। वह उनसे नेत्र रोग विभाग का फ्लोर पूछने लगा। लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची, तो युवक पहले बाहर निकला। फिर अचानक लौटकर महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया, लेकिन युवक ने धक्का देकर खुद को छुड़ा लिया। वह सीढ़ियों से नीच की ओर भाग निकला। वह महिलाका मंगलसूत्र लेकर फरार हो गया। मोतियों की माला टूटकर गिर गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। इस दौरान लिफ्ट एरिया में कोई भी सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। वारदात के बाद पीड़िता दस मिनट तक बैठी रोती रही। उसके बाद राउंड पर आए गार्ड ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। महिला ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। रविवार की छुट्टी की वजह से गार्ड थे कम रविवार को छुट्टी रहती है। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था भी ढीली कर दी गई थी। आरोपी आईपीडी गेट से निकलकर फरार हो गया। एम्स परिसर में पहले चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन लिफ्ट के अंदर महिला से चेन स्नेचिंग का यह पहला मामला है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

उमरिया में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में कपड़े बदल रही छात्राओं का वीडियो बनाकर शिक्षकों पर हमला

उमरिया. ग्राम पिपरिया स्थित हाईस्कूल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान 3 से 4 नशे में धुत युवकों ने छात्राओं के कपड़े बदलने के लिए निर्धारित कक्ष में घुसकर मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश की। रोकने पर उन्होंने शिक्षकों पर हमला किया। घटना के बाद पीड़ित शिक्षकों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला जिले के ग्राम पिपरिया स्थित हाईस्कूल का है। राष्ट्रीय महापर्व गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था, जहां स्कूली छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया था। बताया गया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए छात्राओं के कपड़े बदलने के लिए एक कमरा तय किया गया था, जहां पुरुषों का आना मना था। कार्यक्रम के दौरान ही कुछ 3 से 4 नशेड़ी विद्यालय के उस कमरे में जा घुसे। कपड़े बदल रही छात्राओं का मोबाइलों से फोटो वीडियो बनाने लगे। इस दौरान ऑपरेटर रजनीश तिवारी और पुरुषोत्तम तिवारी कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर आए शिक्षक दिलीप मिश्रा ने युवकों को ऐसी घिनौनी हरकत करने से मना किया। नशे में धुत युवकों ने तीनों शिक्षकों पर हमला कर दिया। जमकर मारपीट की। गनीमत रही कि कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने समय पर झगड़े में बीच बचाव कर शिक्षकों की जान बचाई। शिक्षकों ने कराया मामला दर्ज घटना की पुलिस में शिकायत के बाद मौके पर आए पुलिस वालों के साथ भी आरोपियों द्वारा जमकर गाली गलौज की गई। पीड़ित शिक्षकों द्वारा थाना कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। देखना होगा पुलिस इन अपराधियों पर क्या कार्रवाई करती है।

नरसिंहपुर में कार पलटने से चार दोस्त गंभीर घायल

नरसिंहपुर. शहर के बायपास रोड स्थित महर्षि स्कूल के पास सोमवार रात एक अनियंत्रित कार पलट गई। इस दुर्घटना में कार सवार चार किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान कृष्णा तिवारी, अंश दुबे, सहज राजपूत और अर्णव जाट के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद दो किशोरों की नाजुक हालत को देखते हुए उनका सीटी स्कैन कराया गया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें लक्ष्मी नारायण अस्पताल रेफर किया गया। बचे दो घायलों का इलाज वर्तमान में जिला अस्पताल में ही चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सभी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है कि आखिर कार अनियंत्रित होकर कैसे पलटी।

एम्स भोपाल के शोध में बड़ा अलर्ट: रात को जागना और मोबाइल की लत कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे

 भोपाल  अगर आप भी ऐसे लोगों में शुमार हैं जो रात में घंटों मोबाइल की स्क्रीन से चिपके रहते हैं या फिर आपकी नींद का कोई तय समय नहीं है, तो अपनी जीवन शैली बदल डालिए। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के शोध में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि नींद की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को न्योता दे रही है। शोध के मुताबिक, नींद प्रभावित होने से शरीर का सुरक्षा तंत्र इस कदर कमजोर हो जाता है कि कैंसर कोशिकाएं पैर पसारने लगती हैं। 'कुदरती अलार्म' की महत्ता बताई एम्स भोपाल में जैव रसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार और उनकी टीम ने इस शोध के जरिए शरीर में चलने वाले उस 'कुदरती अलार्म' की महत्ता बताई है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'सर्कैडियन रिद्म' यानी जैविक घड़ी कहते हैं। डॉ. अशोक ने बताया कि हमारा शरीर दिन और रात के एक चक्र में काम करने के लिए बना है। यही चक्र हमारी नींद, पाचन, हार्मोन और सबसे महत्वपूर्ण रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को कंट्रोल करता है। देर रात तक जागने, नाइट शिफ्ट में काम करने और अनियमित दिनचर्या से जैविक घड़ी पटरी से उतर जाती है। शरीर की रक्षा कोशिकाएं भी 'सुस्त' पड़ जाती हैं ऐसी स्थिति में शरीर की रक्षा कोशिकाएं भी 'सुस्त' पड़ जाती हैं और कैंसर कोशिकाएं हमारी ऊर्जा प्रणाली पर कब्जा कर लेती हैं। धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली हो जाती हैं कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें पहचान कर नष्ट ही नहीं कर पाती। इंटरनेशनल जर्नल में मिली पहचान, मिला सम्मान डॉ. अशोक कुमार ने यह शोध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (केजीएमयू लखनऊ), मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित के सहयोग से पूरा किया है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल 'स्लीप मेडिसिन रिव्यूज' में प्रकाशित किया गया है। साथ ही डॉ. अशोक कुमार को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से नवाजा गया। आमजन के लिए 'सुरक्षा मंत्र'     सोने का समय तय करें रोज एक तय समय पर सोएं और जागें ताकि जैविक घड़ी संतुलित रहे।     सोने से एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बना लें।     अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है। समय पर भोजन करें।     नींद और कैंसर के बीच छुपे संबंध पर यह शोध समाज के लिए एक वेक-अप कॉल है। यह वैज्ञानिक उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत के लिए मूल्यवान है, बल्कि आम लोगों को यह समझाने में भी कारगर होगी कि स्वस्थ जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।     -डॉ. माधवानन्द कर, कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, एम्स भोपाल।  

राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव वाइब्रेंट की थीम पर, प्रदेश में उगाए गए फूलों का होगा प्रदर्शन

भोपाल  "वाइब्रेंट" की थीम पर 30 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाला "राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव" बहुउदेशीय होगा। पुष्प महोत्सव के भव्य आयोजन के लिये तैयारियों की समीक्षा बैठक आयुक्त अरविंद दुबे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें राज्य स्तरीय रोज सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदानंद गर्दे सहित अन्य पदाधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त दुबे ने कहा कि प्रदेश में फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने और कृषकों की आय में वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिये पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। इसमें कृषि, एवं उद्यानिकी फसल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना सरकार का मूल लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश, देश का प्रमुख पुष्प उत्पादन राज्य है। मध्यप्रदेश में मुख्यत: गुलाब, जरबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, आर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुडहल, बोगनवेलिया आदि फूलों का उत्पादन होता है। पुष्प महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश वासियों को ध्यान इस ओर आकर्षित कराना भी है। इस पुष्प महोत्सव के सफल आयोजन के लिये उद्यानिकी विभाग द्वारा पुष्प उत्पादन कृषकों, नर्सरी संचालकों, फूलों का व्यवसाय करने वाले व्यपारियों, रोज सोसाइटी सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं, क्लबों को जोड़ा गया है। दुबे ने कहा कि महोत्सव में भाग लेने सभी प्रतिभगियों को विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग और समर्थन दिया जाएगा। पुष्प उत्पादकों के मध्य स्वस्थ्य प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, उत्कृष्ठ स्थान पाने वालों को पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।  

मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी में किया बदलाव, उच्च शिक्षा विभाग को मिली राहत

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव कर वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब तक नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड के दो साल पूरे करने के बाद ही स्थानांतरण के लिए पात्रता मिलती थी, लेकिन अब नियमों में संशोधन के बाद विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रबंधन जरूरत के हिसाब से उनका स्थान निर्धारण कर सकेंगे। इस फैसले से विशेष रूप से महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों, पारिवारिक कारणों से दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। इसलिए बदली पॉलिसी उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के अनुसार, कॉलेजों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कई बार नए नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को ऐसे कॉलेजों में पदस्थ किया जाता है, जहां जरूरत कम होती है, जबकि अन्य कॉलेजों में कमी बनी रहती है। नई व्यवस्था से इसमें असंतुलन दूर होगा। वहीं शिक्षाविदें का कहना है कि इससे कॉलेजों मे स्थायित्व प्रभावित हो सकता है।

सागर के विकास को नई गति देगा 16000 करोड़ का एक्सप्रेस-वे, 75 किमी दूरी कम होगी

 सागर  आने वाले कुछ सालों में मध्य प्रदेश के सागर से हाईवे का जाल गुजरेगा. करीब चार हाईवे की सुविधा जिले को मिलेगी. इसका फायदा व्यापार में तो मिलेगा ही, शहर में विकास भी तेजी से होगा. जहां से नेशनल हाईवे गुजरेंगे, वहां पर उद्योग की नई-नई यूनिट स्थापित होंगी. होटल, रिसोर्ट, मॉल और बड़ी-बड़ी कालोनियां विकसित होंगी. जमीन के दाम बढ़ेंगे. इसी क्रम में एक और खुशखबरी सामने आई है. सागर, विदिशा और कोटा के बीच ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है. इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी में 75 किलोमीटर की कमी आ जाएगी. एक्सप्रेस-वे पर वाहन फर्राटा भरेंगे. जिससे 8 घंटे 45 मिनट का सफर 6 घंटे में ही पूरा हो जाएगा. बुंदेलखंड के मुख्यालय सागर, विदिशा होते हुए यह फोरलेन हाईवे कोटा तक जाएगा, जिससे सैकड़ों गांव से भी कनेक्टिविटी होगी. 405 किलोमीटर लंबा यह रास्ता महज 320 किलोमीटर का रह जाएगा. एक्सप्रेसवे बनने से यहां वाहनों की रफ्तार भी बढ़ेगी, जिससे समय की काफी बचत होगी. केंद्र सरकार के द्वारा 16,000 करोड़ के बजट से यह एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है. बता दें, 17 जनवरी को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी विदिशा जिले में पहुंचे थे, जहां उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए एक लाख करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. साथ ही उन्होंने 16,000 करोड़ से बनने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की घोषणा की है. इस एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है. बीना-सिरोंज के बीच 52 km लंबी फोरलेन सड़क इसके अलावा ग्वालियर, भोपाल, नागपुर ग्रीन एक्सप्रेस-वे का भी निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना में 40 हजार करोड़ की लागत आएगी. यह दोनों एक्सप्रेस-वे बनने से एमपी और राजस्थान, एमपी और नागपुर के बीच में बेहतर सड़क संपर्क हो सकेगा. साथ ही 1200 करोड़ की लागत से बीना से सिरोंज 52 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण होगा. इसके बनने से दोनों एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. सड़कों के जाल से इतने फायदे  सागर की जनता को इन दोनों ही एक्सप्रेसवे का सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. क्योंकि, राजस्थान के कोटा जाने के लिए सीधा सागर से एक्सप्रेस-वे होगा तो वहीं सागर से 75 किलोमीटर दूर बीना से सिरोंज मार्ग का इस्तेमाल कर ग्वालियर, भोपाल, नागपुर हाईवे पर पहुंच सकेंगे. इससे यात्रा बेहद सुगम और आरामदायक होगी. इसके अलावा सागर से देश का सबसे लंबा नेशनल हाईवे 44 करीब 154 किलोमीटर का हिस्सा गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पहुंच सकते हैं. इसी के साथ सागर कानपुर 4+2 लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका करीब 40 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है. सागर दमोह के करीब 76 किलोमीटर हाईवे के लिए राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है. इधर भोपाल-सागर नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य भी जोरों पर है.

नौरादेही अभ्यारण्य में अफ्रीकी चीते के लिए काले हिरणों की खास डिश, शिकार की तैयारी शुरू

सागर   नौरादेही मध्यप्रदेश सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व के रूप में पहचान बना रहा है. यहां चीतों को भी शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है. इससे पहले नौरादेही से खबर ये आ रही है चीतों के आगमन से पहले उनके शानदार भोजन की व्यवस्था हो गई है. नौरादेही में बड़ी संख्या में काले हिरणों के झुंड विचरण करने लगे हैं. कई जिलों से रेस्क्यू कर इन काले हिरणों को यहां छोड़ा गया है. नौरादेही में साल 2017 में सिर्फ 5 काले हिरण थे, जो अब बढ़कर 153 हो गए हैं. नौरादेही में घास के खुले मैदान काले हिरणों को पसंद साल 1975 में जब नौरादेही के जंगलों को वन्यजीव अभ्यारण्य का दर्जा दिया गया था, उससे पहले ही ये इलाका भारतीय भेडिया और काले हिरणों के गढ़ के तौर पर जाना जाता था. यहां के विशाल घास के मैदानों के कारण काले हिरणों की संख्या काफी ज्यादा थी, लेकिन धीरे-धीरे यहां काले हिरण दिखना बंद हो गए. 2014 में जब यहां विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हुई तो अभ्यारण्य के भीतर के गांव खाली होने लगे और घास के मैदान विकसित किए गए. अब यहां से ऐसी तस्वीरें सामने आई है, जो नौरादेही का इतिहास दोहराती नजर आ रही हैं. यहां घास के मैदानों के बीच काले हिरणों के झुंड नजर आने लगे हैं. सबसे पहले एक बाघ और बाघिन को बसाया नौरादेही में जब 2010 में अफ्रीकन चीतों को बसाने के लिए सर्वे किया गया था. उसी समय तय कर लिया गया कि भविष्य में यहां अफ्रीकन चीते बसाए जाएंगे. इसी योजना के तहत 2014 में नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य में विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की गई. विस्थापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 2018 में पहले नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण परियोजना में शामिल किया गया. यहां पर एक बाघ और बाघिन को बसाया गया. विस्थापन के बाद नौरादेही में घास के बड़े मैदान विस्थापन की प्रक्रिया चालू होने से अभयारण्य के भीतर के गांव खाली होने लगे. इन गांवों के लोग यहां खेती करते थे. ये खेती की जमीन अभयारण्य प्रबंधन द्वारा घास के मैदानों में तब्दील की गई. सितंबर 2023 में वन्य जीव अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व का दर्जा दे दिया गया और विस्थापन की प्रक्रिया और तेज हो गयी. आज नौरादेही टाइगर रिजर्व के ज्यादातर गांव खाली हो चुके हैं और खेती की जमीन को बड़े-बड़े घास के मैदानों में तब्दील किया जाने लगा है. इससे यहां शाकाहारी जानवरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. नौरादेही के इतिहास को याद करते हुए यहां काले हिरणों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया और दूसरे टाइगर रिजर्व या संरक्षित वन जहां काले हिरणों की संख्या ज्यादा थी, वहां से यहां शिफ्ट किया गया. टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी खुश नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए.ए. अंसारी कहते हैं "काले हिरण का विशेष आवास खुले मैदान में होता है. हाल ही में यहां शाजापुर से रेस्क्यू किए गए हिरण यहां छोडे गए. इसके पहले भी यहां काले हिरण रहे हैं. यहां जो काले हिरण आए हैं, वो ब्रीडिंग कर रहे हैं. उनके लिए बड़ा खुला मैदान है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये यहां अच्छी तरह से रहेंगे और अपनी संख्या भी बढाएंगे और एक बेहतर आवास के रूप में नौरादेही जाना जाएगा." 

16 फरवरी से शुरू होगा मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र, 6 मार्च को होगा समापन

भोपाल मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का नौवां सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। यह सत्र भोपाल में सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इस सत्र में वार्षिक बजट, अनुपूरक मांगें और विधायी कार्यों पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्य रूप से विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सुधारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस 17 और 18 फरवरी को होगी। इससे संबंधित संशोधन 16 फरवरी शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। निजी सदस्यों के विधेयक और प्रस्तावों पर शुक्रवार को अंतिम ढाई घंटे चर्चा होगी। यह कार्य 20 फरवरी, 27 फरवरी और 6 मार्च को होगा। इसके लिए नोटिस 4 और 5 फरवरी तक देने होंगे। सत्र से पहले स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े नोटिस 10 फरवरी से स्वीकार किए जाएंगे। विधानसभा सत्र 6 मार्च तक चलेगा। बैठकें 16 से 20 फरवरी, 23 से 27 फरवरी और 5 व 6 मार्च को होंगी। हर दिन प्रश्नकाल होगा। मंगलवार से गुरुवार तक सरकारी कामकाज पर चर्चा होगी, जबकि शुक्रवार को निजी सदस्यों के विधेयक और प्रस्ताव लिए जाएंगे। शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। होली के कारण 3 मार्च को छुट्टी होगी, जबकि 2 और 4 मार्च को कोई बैठक नहीं होगी। विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों को आचरण नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। व्यक्तिगत आरोप लगाने और नोटिस की समय से पहले सार्वजनिकता पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया को लेकर भी सख्ती बरतने को कहा गया है। विधायकों से अपने पते अपडेट रखने और नोटिस जमा करने के नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है, ताकि सत्र सुचारू रूप से चल सके। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के तहत होने वाला यह सत्र राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश की बड़ी आदिवासी और ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए, इस सत्र में समावेशी विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कृषि सहायता योजनाओं जैसे पीएम-किसान और आयुष्मान भारत पर जोर रहने की उम्मीद है। पिछले विधानसभा सत्रों में महिला सशक्तीकरण और डिजिटल शासन से जुड़े महत्वपूर्ण कानून पारित हुए हैं और इस सत्र में भी उसी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। यह आदेश 13 जनवरी को जारी किया गया था और 15 जनवरी को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसे सभी 230 विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 का यह पहला बड़ा विधानसभा सत्र होगा। विधानसभा में भाजपा के 163 और कांग्रेस के 66 विधायक हैं। कांग्रेस से उम्मीद है कि वह महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।