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निर्माण कार्यों को तत्परता से पूरा कराएं : उप मुख्यमंत्री

हिनौती गौधाम का किया निरीक्षण भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के गंगेव विकासखण्ड में हिनौती गौधाम का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन रेस्टहाउस का शेष कार्य 15 फरवरी तक पूरा करें। हिनौती गौधाम के बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य स्वीकृत कर दिया गया है। ग्राम पंचायत इसका तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराए। एसडीएम सिरमौर निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक प्रशासकीय तथा तकनीकी स्वीकृति जारी कराएं। रेस्टहाउस के समीप बनाई जा रही नवीन गौशाला और दो पुरानी गौशालाओं में सुधार करके गौवंश रखने की व्यवस्था करें। अन्य गौशालाओं का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौशाला भ्रमण के दौरान गौमाता का पूजन किया तथा गुड़ और चना खिलाया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हिनौती गौधाम में गौवंश को रखने के लिए 34 गौशालाएं बनाई जानी हैं। इनमें से 47 हेक्टेयर क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश के माध्यम से गौशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए भूमि का चिन्हांकन करें। गौशाला के पूरे क्षेत्र का सीमांकन कराकर सीमा चिन्ह लगवाएं, जिससे निजी और शासकीय भूमि में किसी भी तरह का विवाद न रहे। हिनौती गौधाम को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें दो एकड़ जमीन प्राकृतिक खेती के लिए भी निर्धारित करें। गौशाला के विकास का मास्टर प्लान बनाकर उसे प्रदर्शित कराएं, जिससे विकास कार्यों की पूरी जानकारी मिल सके। एसडीएम सिरमौर सुश्री दृष्टि जायसवाल ने गौधाम में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष गंगेव श्री विकास तिवारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

दावोस में नजर आया मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की गति का सकारात्मक प्रभाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों से दावोस बैठक बनी महत्वपूर्ण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पिछले 2 वर्ष में जितनी तीव्र गति से औद्योगिक विकास हुआ है उसका सकारात्मक प्रभाव दावोस में दिखाई दिया है। दावोस में विभिन्न क्षेत्रों के बड़े उद्योगपतियों और व्यापार प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें और चर्चा हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में विभिन्न इंटरशेनल कम्पनियों के साथ हुई बैठकों के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त की। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का पावर हब बन चुका है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में भारत का सबसे बड़ा दल पहुंचा है। आज भारत सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द चौथी सबसे सशक्त आर्थिक ताकत से एक से डेढ़ वर्ष में विश्व में तीसरा स्थान हासिल कर लेगा। बदलाव के इस दौर में मध्यप्रदेश में सोलर एनर्जी, आईटी, टूरिज्म सहित सभी सेक्टर्स में विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का पावर हब बन चुका है। प्रदेश में पंप स्टोरेज, सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। ओंकारेश्वर में बांध के पानी पर सोलर प्लेट बिछाकर बिजली उत्पादन किया जा रहा है। राज्य में 32 लाख किसानों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पंप बांटे जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि देश में नवकरणीय ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। प्रदेश के इस मॉडल को समझने और अध्ययन करने के लिए लोग काफी उत्साहित हैं। मालदीव के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दावोस इकोनॉमिक फोरम में मालदीव के मंत्री और अर्थशास्त्री डॉ. मोहम्मद सईद के साथ अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई। उद्योग क्षेत्र में साझोदारी के लिए डॉ. सईद ने बताया कि उनके देश में टूरिज्म के अलावा मत्स्य पालन, आईटी, हेल्थ जैसे अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति ने पूर्व में काफी ठोस निर्णय लिए हैं। मध्यप्रदेश सरकार मालदीव के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी समय में वे स्वयं मालदीव की यात्रा करेंगे और वहां विकास के लिए परस्पर साझेदारी की संभावनाओं को तलाशेंगे। मालदीव भी भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने में रुचि रखता है। मालदीव के स्थानीय लोगों और वहां रहने वाले भारतवंशियों के परस्पर बेहतर सांस्कृतिक संबंध हैं। मध्यप्रदेश तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला सबसे युवा राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एग्रीकल्चर पॉल्ट्री के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं हैं। भविष्य में इस दिशा में भी अन्य राज्यों के साथ व्यापार को आगे बढ़ाएंगे। मध्यप्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक है, पर्याप्त बिजली है। ट्रांसपोर्टेशन के मामले में भी हमारा राज्य, भारत के मध्य में स्थित होने के कारण अनुकूल है। अब कई क्षेत्रों के निवेशक मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं। उद्योग एवं व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना है। देश के 3 प्रमुख राज्यों ने औद्योगिक गति को बढ़ाया है, उनमें मध्यप्रदेश सबसे युवा राज्य है। बीते 2 वर्ष में राज्य सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में बेरोजगारी दर एक प्रतिशत के आसपास आ गई है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हो रहे प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया 27 जनवरी को करेंगे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ

खेलो एमपी यूथ गेम्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया 27 जनवरी को करेंगे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक कैलाश खेर टीटी नगर स्टेडियम में देंगे प्रस्तुति भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को प्रेस से चर्चा में बताया कि 27 जनवरी 2026 को शाम 6:30 बजे भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इसका शुभारंभ करेंगे। मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएँ सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं, जबकि जिला एवं संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ प्रगति पर हैं और 25 जनवरी 2026 तक पूर्ण हो जाएँगी। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया जाएगा। भव्य शुभारंभ समारोह, खेलों की थीम पर आधारित होगा आयोजन मंत्री सारंग ने बताया कि टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित शुभारंभ समारोह को विशुद्ध रूप से खेलों की थीम पर आधारित रखा गया है। समारोह में कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति होगी, वहीं इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इसके अतिरिक्त खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका तथा भव्य आतिशबाजी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। मंत्री सारंग ने कहा कि यह समारोह खेल, ऊर्जा और युवा उत्साह का जीवंत प्रदर्शन होगा। खेल विभाग एवं खेल संघों के समन्वय से मिले सकारात्मक परिणाम मंत्री सारंग ने कहा कि देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक एवं उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण स्तर से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभा की पहचान संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि इस नवाचारी मॉडल का सफल क्रियान्वयन भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किए जाने के लिए मध्यप्रदेश का प्रयास रहेगा, ताकि देशभर में खेलों के विकास को नई दिशा मिल सके। ऑनलाइन पंजीयन एवं पारदर्शी व्यवस्था मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में सहभागिता के लिए खिलाड़ियों का ऑनलाइन पंजीयन डैशबोर्ड आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया गया है, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी, सरल एवं सुगम बनी है। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ हुई इस प्रक्रिया में अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि पंजीयन, खेलवार सहभागिता, परिणामों की प्रविष्टि एवं प्रगति की निगरानी रीयल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से की जा रही है। 31 जनवरी तक चलेंगी प्रतियोगिताएँ, 28 खेल होंगे शामिल मंत्री सारंग ने बताया कि चयन प्रक्रिया 313 विकासखंडों से प्रारंभ की गई, जिसके अंतर्गत 13 से 20 जनवरी 2026 तक जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ संपन्न की जा चुकी हैं तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 25 जनवरी तक पूर्ण होंगी। ब्लॉक एवं जिला स्तर पर 21 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी, जिससे यह आयोजन प्रदेशव्यापी सहभागिता का प्रतीक बनेगा। खेलों की परंपरा के अनुरूप आयोजन स्थल मंत्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस आधार पर किया गया है कि जिस क्षेत्र में जिस खेल को खेलने की परंपरा और लोकप्रियता है, उस खेल का आयोजन वहीं किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। भोपाल में एथलेटिक्स, फेंसिंग, पुरुष क्रिकेट, क्याकिंग-कैनोईंग, रोईंग, तैराकी, शूटिंग, पुरुष हॉकी, बॉक्सिंग, थ्रोबॉल, व्हॉलीबॉल एवं कबड्डी आयोजित होंगी। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस एवं टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में महिला हॉकी, पिट्टू एवं बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखम्ब, योगासन, रस्साकशी एवं कुश्ती, जबलपुर में खो-खो एवं आर्चरी, रीवा में फुटबॉल, नर्मदापुरम में ताईक्वांडो एवं शतरंज तथा सागर में जूडो प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसमें पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचलित खेलों को संस्थागत मंच प्रदान करना, अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना और छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाना है। मंत्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का सशक्त, पारदर्शी और व्यापक मंच प्रदान कर रहे हैं तथा यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया: 26 जनवरी को ग्राम सभा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का वाचन होगा

मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम 26 जनवरी को ग्राम सभा में होगा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी का वाचन : खाद्य मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों को राशन सामग्री के प्रति जागरूक करने तथा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरुकता कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया है। इसमें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारियों का वाचन उचित मूल्य दुकान के विक्रेता (पृथक विक्रेता विहीन उचित मूल्य दुकान की ग्राम पंचायतों में समिति प्रबंधक) द्वारा किया जायेगा। ग्राम सभा में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' अंतर्गत राशन प्राप्त करने वाले पात्र परिवार/हितग्राहियों के नाम, पात्र परिवारों को वितरित राशन सामग्री की मांग, ईकेवायसी से शेष प्रतीक्षारत हितग्राहियों के नाम और वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से ईकेवायसी न कराने वाले हितग्राहियों के नाम बताये जायेंगे। साथ ही वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से मृत एवं स्थाई रूप से पलायन करने वाले हितग्राहियों का चिन्हांकन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री अन्न सेवा आगरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों से जुड़े हुए पात्र हितग्राही एवं उनको वितरित खा‌द्यान्न मात्रा की जानकारी जनसमुदाय को देने के लिए 2 अक्टूबर एवं 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं ‌द्वारा पात्र हितग्राहियों एवं वितरित सामग्री का विवरण के वाचन का प्रावधान किया गया है। गणतंत्र दिवस पर आयोजित ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी के वाचन तथा सदस्यों ‌द्वारा उठाए गए बिन्दुओं का उल्लेख कार्यवाही विवरण में कर, जानकारी निर्धारित प्रपत्र में 10 फरवरी 2026 तक संचालनालय खा‌द्य को भेजने के निर्देश भी दिये गए हैं।  

पेंच जल विद्युत गृह ने मॉक ड्रिल में महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों को बैकअप प्रदान किया

पेंच जल विद्युत गृह ने मॉक ड्रिल में दिया महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों को बैकअप भोपाल  मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह के माध्यम से उच्च स्तरीय अभियान्त्रिकी दक्षता, समन्वय एवं परिचालन तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कम्पनी (MahaTransco) के साथ गत दिवस सफलतापूर्वक ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल की। यह अभ्यास विशिष्ट आपातकालीन परिस्थितियों या राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आंशिक अथवा पूर्ण विफल होने की स्थिति में विद्युत प्रणाली की त्वरित बहाली एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दृष्टि से किया जाता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के पेंच जल विद्युत गृह से महाराष्ट्र राज्य स्थित कोराडी ताप विद्युत गृह (महा-जेनको), खापरखेड़ा ताप विद्युत गृह (महा-जेनको) व विदर्भ औद्योगिक विद्युत गृह (अदाणी समूह), नागपुर तक एक आयलैंड का निर्माण कर महाराष्ट्र की लगभग 5 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता को बैकअप दिया गया। क्यों की जाती है मॉक ड्रिल भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता (इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड – IEGC) एवं MEGC 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत ग्रिड पुनर्बहाली प्रक्रियाओं का सामयिक परीक्षण व सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसमें पूर्ण या आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति में ब्लैक स्टार्ट प्रक्रिया, आयलैंड का निर्माण व उसके पुनः राष्ट्रीय ग्रिड के साथ समन्वय की व्यवस्था शामिल है। मॉक ड्रिल कैसे की गई पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह में यह ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल गत दिवस 21 जनवरी को सुबह 10:03 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित की गई। इस मॉक ड्रिल में आयलैंड के माध्यम से पेंच जल विद्युत गृह से लगभग 20 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों कोराडी ताप विद्युत गृह, खापरखेड़ा ताप विद्युत गृह व विदर्भ औद्योगिक विद्युत गृह को की गई। इस मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थिति में विद्युत गृह को प्रारंभ करने की तकनीकी क्षमता का परीक्षण किया गया। लगभग दो घंटे तक आयलैंड के सफल एवं स्थिर संचालन के बाद दोपहर 12:02 बजे पेंच जल विद्युत गृह को राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक पुनः समन्वित (री-सिंक्रोनाइज) किया गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण की गई, जो मध्यप्रदेश पावर कंपनी की उच्च स्तरीय अभियान्त्रिकी दक्षता, समन्वय व परिचालन तत्परता को प्रदर्शित करती है। ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल क्या है ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल एक विशेष तकनीकी अभ्यास है, जिसके अंतर्गत किसी भी पूर्ण या आंशिक ब्लैक आउट की स्थिति में विद्युत गृह को बाह्य ग्रिड सहायता के बिना, सेल्फ स्टार्ट जनरेटरों की सहायता से चालू किया जाता है। सामान्यतः यह प्रक्रिया जल अथवा गैस आधारित विद्युत गृहों द्वारा की जाती है, जहाँ स्थानीय स्टैंड-अलोन विद्युत स्रोतों जैसे डीजल जनरेटर सेट के माध्यम से सहायक प्रणालियों को विद्युत आपूर्ति देकर क्रमशः ताप विद्युत इकाइयों को प्रारंभ किया जाता है। यह अभ्यास त्वरित समाधान, प्रणाली की विश्वसनीयता तथा अभियंताओं की तकनीकी तत्परता एवं दक्षता का व्यावहारिक परीक्षण होता है। पेंच जल विद्युत गृह की विशिष्ट भूमिका पिछले वर्षों में ग्रिड संबंधी घटनाओं के परिपेक्ष्य में ब्लैक स्टार्ट सक्षम विद्युत गृहों की निरंतर तत्परता, परीक्षण एवं अभ्यास अत्यंत आवश्यक है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में विद्युत प्रणाली की शीघ्र बहाली कर आर्थिक एवं सामाजिक क्षति को न्यूनतम किया जा सके। उल्लेखनीय है कि सेंट्रल इंडिया व विदर्भ क्षेत्र के निकटस्थ उपलब्ध एकमात्र जल विद्युत स्रोत 160 मेगावाट क्षमता का पेंच जल विद्युत गृह है। इस दृष्ट‍ि से पेंच जल विद्युत गृह आपातकालीन तकनीकी अभ्यास के लिए अहम भूमिका रखता है। पेंच जल विद्युत गृह के माध्यम से आसपास स्थित महाराष्ट्र के विभिन्न ताप विद्युत गृहों को आपातकालीन परिदृश्य निर्मित कर इस अभ्यास को क्रियान्वित किया गया।  

एमपी नगर में खाद्य भवन के निर्माण के लिए 150 पुराने पेड़ काटे जाएंगे, करेंगे ‘चिपको आंदोलन’

भोपाल  राजधानी भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में प्रस्तावित खाद्य भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस परियोजना के तहत करीब 150 पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी है, जिनमें पीपल और बरगद जैसे बड़े और छायादार वृक्ष शामिल हैं। इन पेड़ों की उम्र 40 से 50 साल से अधिक बताई जा रही है। पेड़ों की कटाई के विरोध में अब कर्मचारी संगठनों के साथ पर्यावरणविद् भी मैदान में उतर आए हैं। जानकारी के मुताबिक, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से एक नया 6 मंजिला खाद्य भवन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस भवन में खाद्य संचालनालय, वेयर हाउसिंग और नाप-तौल विभाग के दफ्तरों को एक ही परिसर में शिफ्ट किया जाना है। सभी सुविधाओं को मिलाकर कुल खर्च 90 से 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की लगभग डेढ़ एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। इसी परिसर में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन और प्रयोगशालाओं के लिए भी बड़ा क्षेत्र आरक्षित है। पुराने भवन को तोड़कर नया निर्माण किया जाएगा, जिसके चलते परिसर में मौजूद सैकड़ों पेड़ों को हटाया जाना तय माना जा रहा है। नए भवन के लिए टेंडर हो चुके जारी हाल ही में वेयर हाउसिंग द्वारा नए ‎भवन के निर्माण के लिए एजेंसी‎ चुनने टेंडर जारी कर दिए हैं।‎ नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय एमपी‎ नगर में जिला उद्योग केंद्र के पास ‎लगभग डेढ़ एकड़ जमीन पर स्थित ‎है। मुख्य भवन के अलावा काफी‎ बड़ा क्षेत्र टैंक लारी कैलिब्रेशन और‎ दूसरी प्रयोगशाला के लिए छोड़ा गया‎ है। इसी जमीन पर पुराने भवन को‎ तोड़कर नया खाद्य भवन बनेगा। जिसके लिए पेड़ों को भी काटा‎ जाएगा। पीपल, बरगद सहित परिसर‎में 40 से 50 साल पुराने लगभग‎ 150 पेड़ हैं।‎ एक विभाग के लिए इतना खर्च ठीक नहीं तिवारी ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम को छोड़कर सभी विभागीय दफ्तरों के सरकारी भवन‎ हैं। सिर्फ नान के लिए 100 करोड़ रुपए का खर्च ठीक नहीं है। ‎परिसर के 150 पेड़ भी काटे जाएंगे। 3 साल में भवन बनने‎ पर मुख्यालय को लाखों रुपए किराए के देने होंगे। विभाग के‎ सभी स्टाफ गुरुवार से काली पट्टी लगाकर काम करेंगे। वहीं, भोजन‎ अवकाश में विरोध करेंगे। सात साल पहले अपने दफ्तर बाहर भेजे‎ जगह की कमी बताकर 7 साल पहले नाप तौल मुख्यालय से‎ उप नियंत्रक व निरीक्षक कार्यालय 50 लाख खर्च कर जेके ‎रोड क्षेत्र में 5 हजार वर्गफीट के दफ्तर में भेजे थे। कर्मचारियों‎ के मुताबिक यहां स्टाफ के बैठने और जब्त सामान रखने के‎लिए बमुश्किल जगह है। मुख्यालय में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन‎ सुविधा बनाने 5 करोड़ की स्वीकृति मांगी जा चुकी है।‎ इस फैसले के खिलाफ मप्र नाप-तौल अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि गुरुवार को भोजन अवकाश के समय कर्मचारी और पर्यावरण से जुड़े लोग पेड़ों से चिपककर ‘चिपको आंदोलन’ करेंगे। विरोध के प्रतीक स्वरूप कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि नागरिक आपूर्ति निगम (नान) को छोड़ दें तो बाकी सभी विभागों के पास पहले से अपने सरकारी भवन हैं। ऐसे में केवल एक विभाग के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करना और इसके बदले 150 पेड़ों की बलि देना पूरी तरह अनुचित है। साथ ही, नए भवन के निर्माण में करीब तीन साल लगेंगे, इस दौरान मुख्यालय को किराए के भवन में शिफ्ट करना पड़ेगा, जिससे लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि करीब सात साल पहले जगह की कमी का हवाला देकर नाप-तौल मुख्यालय से कुछ कार्यालयों को 50 लाख रुपये खर्च कर जेके रोड स्थित किराए के भवन में भेजा गया था, जहां आज भी स्टाफ और जब्त सामग्री के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहीं, मुख्यालय परिसर में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन सुविधा विकसित करने के लिए पहले ही 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति मांगी जा चुकी है। अब पेड़ों की कटाई और भारी खर्च को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। पर्यावरणविदों का कहना है कि शहर में पहले ही हरियाली लगातार कम हो रही है, ऐसे में पुराने और बड़े पेड़ों को बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। आंदोलन को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पेड़ काटने पर लगाई है रोक पत्रकार गौरव चतुर्वेदीने बताया कि "मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कुछ माह पहले ही आदेश जारी करते हुए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई थी. इसमें यह भी कहा गया था कि हाईकोर्ट के बगैर आदेश के राजधानी भोपाल में एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा. यह रोक हाईकोर्ट ने इसलिए लगाई थी कि भोपाल में ही हजारों पेड़ काटने का मामला सामने आया था. जिसमें कोर्ट ने कहा था कि मध्य प्रदेश में अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई बंद होनी चाहिए. कुछ रिपोर्टर्स के अनुसार मध्य प्रदेश में 408 वर्गफीट जंगल कम हुए हैं,जो कि चिंता विषय है."

राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड गठित

राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड गठित भोपाल  राज्य शासन ने राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड में विधायक श्रीमती प्रियंका मीणा, सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू और श्री गौरव सिंह पारधी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह बोर्ड दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के अनुरूप दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं संरक्षण के लिए सरकार का सर्वोच्च परामर्शी निकाय है। बोर्ड में दिव्यांगता एवं उनके कल्याण के लिए कार्यरत प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया। दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिये बोर्ड में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें रविन्द्र कोपरगांबकर, श्री राजेश शुक्ला, श्री विश्वजीत सरमंडल, श्रीमती प्रीति तांबे, श्री जगदीश अरोड़ा, श्री आशीष कट्टी, श्रीमती मिताली बनर्जी, श्रीमती गीता ढ़ीगरा, श्री दीपक गोयल, डॉ. आकाश सेठ, सुश्री पूजा गर्ग, डॉ. सचिन श्रीवास्वत, डॉ. मनीष कुमार, सुश्री मिनी अग्रवाल, श्री मुकुल गुप्ता, श्रीमती प्रीति सोनी, सुश्री सुषमा पटेल, सुश्री दुर्गा येवले, श्री दीपक शर्मा, श्री निरंजन गुजर, श्री अशोक परियानी, श्री अमित जैन और श्री प्रवीण कक्कड़ शामिल हैं। आयुक्त सामाजिक न्याय इस सलाहकार बोर्ड के सदस्य सचिव होंगे।  

नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के 11 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के सफलतम 11 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। देश-दुनिया की मुख्य धारा से बेटियों को जोड़ने वाले इस ऐतिहासिक अभियान के अंतर्गत महिलाओं के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर के लिए  हम सभी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर किया पूजन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर किया पूजन राष्ट्र की निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की माँ गंगा से की प्रार्थना माघ मेले के पुण्य अवसर पर किया गंगा स्नान भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने माघ मेले के पुण्य अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ माघ मास में संगम तट पर स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस काल में गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान से आत्मशुद्धि, पुण्य लाभ एवं लोक परलोक दोनों का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर संतों, श्रद्धालुओं और साधकों की उपस्थिति ने वातावरण को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और पूजन के मध्य किया गया स्नान अंतर्मन को शांति, संतुलन और सकारात्मक संकल्प से भरने वाला रहा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ गंगा से समस्त देशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने, समाज में सद्भाव, समरसता और नैतिक चेतना का विस्तार करने और राष्ट्र के निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रार्थना की है। संत जनों से लिया आशीर्वाद उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माघ मेला क्षेत्र, प्रयागराज में सतुआ बाबा के शिविर पहुंचकर संतोष दास (सतुआ बाबा) से आत्मीय भेंट कर उनका सान्निध्य प्राप्त किया। इस अवसर पर आध्यात्मिक विषयों, सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता से जुड़े विचारों पर संवाद किया। साथ ही श्रीमद् जगद्गुरु नृसिंह पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज (नरसिंह मंदिर – गीताधाम जबलपुर) से भेंट की और मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।  

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू भोपाल  केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के दिशा-निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश के ट्रांसमिशन सिस्टम की थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट कराई जा रही है। यह आडिट देश मे पावर क्षेत्र की प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें सेंट्रल बोर्ड आफ इरिगेशन एंड पावर, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन बडौदा जैसी प्रतिष्ठित एजेंसी शामिल हैं। इस स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट में ट्रांसमिशन ग्रिड एवं सबस्टेशनों में लगे प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले सेटिंग्स, ट्रिपिंग लॉजिक, कंट्रोल व कम्युनिकेशन सिस्टम का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। विद्युत पारेषण की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना उद्देश्य एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने जानकारी दी कि ऑडिट का उद्देश्य अनावश्यक ग्रिड ट्रिपिंग को रोकना, सिस्टम रेस्टोरेशन क्षमता बढ़ाना और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। बार-बार ट्रिपिंग वाले फीडरों के इवेंट लॉग व तकनीकी डेटा का विश्लेषण कर स्थायी समाधान तैयार किए जाएंगे। ऑडिट के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट व सुधारात्मक कार्ययोजना के आधार पर आवश्यक अपग्रेडेशन किए जाएंगे। यह प्रक्रिया ट्रांसमिशन नेटवर्क की एक समग्र “ग्रिड हेल्थ चेकअप” के रूप में भविष्य की मांगों और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए सिस्टम को सशक्त बनाएंगी।