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गूगल करेगा म.प्र. में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश

गूगल के एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट श्री गुप्ता ने दिखाई रूचि कृषि और शिक्षा में जेमिनी एआई के उपयोग पर हुआ संवाद भोपाल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता के साथ दावोस में मंगलवार को मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने बैठक कर राज्य में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। श्री गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश की रूचि दिखाई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित रहे। गूगल की ओर से राज्य में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि एवं शिक्षा क्षेत्रों में नवाचार और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। बैठक में राज्य शासन द्वारा आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरित ऊर्जा आधारित नीति तैयार करने की योजना से अवगत कराया गया। साथ ही, गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने की मध्यप्रदेश की क्षमता, अनुकूल नीतिगत ढांचा और सहयोगी दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया। गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग दिए जाने पर सहमति व्यक्त की।  

एवरस्टोन समूह ने मध्यप्रदेश में विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की दिखाई रूचि

भोपाल   वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 दावोस के दूसरे दिन विभिन्न उद्योगपतियों से चर्चाओं का दौर जारी रहा। इस कड़ी में मंगलवार को मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने एवरस्टोन समूह के प्रेसिडेंट एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जयंत सिन्हा के साथ बैठक कर राज्य में निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने मध्यप्रदेश ने ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) इकोसिस्टम में अपनी सशक्त उपस्थिति को रेखांकित किया। इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास विकसित हो रहे ईवी और ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स के साथ वस्त्र एवं परिधान उद्योग में राज्य की स्थापित क्षमताओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत आधार की जानकारी साझा की गई। चर्चा के दौरान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, श्री मनीष सिंह और प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने उद्योगपतियों के साथ सोलर पैनल, बैटरी, इंगट्स और वेफर्स सहित उपकरण एवं कंपोनेंट विनिर्माण में उपलब्ध निवेश अवसरों पर भी विचार किया गया। राज्य शासन ने निवेशकों के अनुकूल भूमि अधिग्रहण ढांचे की जानकारी देते हुए भोपाल और होशंगाबाद के समीप क्षेत्रों को विनिर्माण आधारित निवेश के लिए उपयुक्त बताया और राज्य में बढ़ती आंतरिक मांग को भी रेखांकित किया। प्रेसिडेंट एवरस्टोन समूह श्री जयंत सिन्हा ने समूह के पोर्टफोलियो और निवेश प्राथमिकताओं से अवगत कराते हुए स्केलेबल प्लेटफॉर्म, दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्रों में रुचि साझा की। बैठक में दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा एवं संबंधित क्षेत्रों में संभावित सहयोग और निवेश के लिए आगे भी विस्तृत चर्चा जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। यह संवाद मध्यप्रदेश की विनिर्माण आधारित विकास रणनीति और सतत आर्थिक प्रगति की दिशा में वैश्विक निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

मध्यप्रदेश: भाजपा विधायक को गांव में घेरा, भीड़ ने बरसाए पत्थर

धार मध्यप्रदेश के धार जिले में धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर पर हमला कर दिया गया। विधायक के गांव में ही कुछ लोगों ने उन पर पत्थर बरसा दिए। इस घटना में विधायक के सिर में चोट आई है। पुलिस ने बताया कि धार मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिरसोदिया गांव में विधायक ठाकुर अपने घर के पास खेत पर चल रहे काम देखने गए थे। इसी दौरान पड़ोसियों ने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर धामनोद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विधायक को धामनोद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने बताया जानलेवा हमला धामनोद थाने के उप निरीक्षक नारायण कटारे ने बताया कि विधायक की सिरसोदिया गांव में जमीन है, जहां काम चल रहा था। उसी समय पड़ोसियों ने पत्थरों से उन पर जानलेवा हमला किया। विधायक की शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। कटारे के अनुसार, इस मामले में प्रिन्स उर्फ पिंटू, गेंदाबाई और रंजु गिरवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विधायक ने क्या कहा? घटना के संबंध में विधायक कालूसिंह ठाकुर ने कहा कि वह अपने घर के पास खेत पर खड़े थे, तभी दो-तीन लोग आए और उन पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिनमें एक-दो महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि हमलावरों को वह शक्ल से पहचान सकते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते। विधायक ने यह भी कहा कि पहले भी उन पर गोली चलने की घटना हो चुकी है। हालांकि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।  

ललित गर्ग ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से अलंकृत होंगे

भोपाल वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं सामाजिक चिंतक ललित गर्ग को उनके चार दशकों से अधिक समय से जारी सृजनात्मक, मूल्यनिष्ठ और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकारिता योगदान के लिए ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान जैन दर्शन, साहित्य और सामाजिक चेतना को समर्पित एक प्रतिष्ठित संस्था ‘श्रुतसेवा निधि न्यास’ के द्वारा 8 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में फिरोजाबाद क्लब लिमिटेड के सुसज्जित आॅडिटोरियम में आयोजित अक्षराभिषेक उत्सव समारोह में प्रदान किया जाएगा। न्यास के महामंत्री श्री अमित कुमार जैन ने बताया कि न्यास का श्रीमती शांतिदेवी गुप्त श्रुतसेवा अलंकरण के अंतर्गत ‘पत्रकार शिरोमणि’ के रूप में श्री गर्ग को 25000/- रुपये की नगद राशि, सम्मान पत्र, शाॅल, माला, प्रशस्ति पत्र एवं साहित्य प्रदत्त किया जाएगा। इस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। समारोह का उद्देश्य सहात्यि एवं पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका को रेखांकित करना है। ललित गर्ग पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता, साहित्य एवं लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं और राजधानी दिल्ली के एक विशिष्ट एवं सम्मानित बौद्धिक व्यक्तित्व के रूप में प्रतिष्ठित रहे हैं। उन्होंने निर्भीक, विचारोत्तेजक और मूल्यपरक लेखन के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर जनचेतना को दिशा दी है। अब तक उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का संपादन किया है तथा उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। श्री गर्ग विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे सूर्यनगर एजुकेशनल सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष तथा सुखी परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। सुखी परिवार फाउंडेशन के माध्यम से गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी कल्याण, सामाजिक सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रवादी विचारधारा, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता को अपने लेखन और जीवन-कार्य के माध्यम से अभिव्यक्त करते आए हैं। आयोजक संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, ललित गर्ग को यह सम्मान उनकी सैद्धांतिक पत्रकारिता, साहित्यिक योगदान और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया जा रहा है। समारोह को लेकर पत्रकारिता जगत एवं साहित्यिक क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है

छिंदवाड़ा में आर्सेनिक जहर मिली काजू की मिठाई खाकर मरे थे 3 लोग

छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव के मिठाई कांड में खाद्य विभाग की पहली रिपोर्ट सामने आ चुकी है। लावारिस थैली में रखी मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है। जिसके कारण मिठाई जहरीली हो गई थी। गौरतलब है कि बीते दिन मिठाई के सेवन से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब खाद्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार है। अब उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल खाद विभाग की रिपोर्ट आने के बाद यह तो तय हो गया है की लावारिस मिठाई हत्या के उद्देश्य से ही रखी गई थी। पुलिस मामले में संदिग्ध से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक मिला होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों और स्वजनों से भी पूछताछ की जा रही है। जबलपुर फॉरेंसिक लैब से पोस्टमार्टम की बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है। मिठाई मामले में दसरू यदुवंशी (उम्र 53 वर्ष) एवं सुंदरलाल कथूरिया (उम्र 75 वर्ष) और 22 वर्षीय खुशबू की मौत हो चुकी है। मिठाई कांड में यह कथूरिया परिवार में मृत होने वाली खुशबू (नातिन) इस मामले में सुंदरलाल कथूरिया (दादा) के बाद मौत का शिकार होने वाली दूसरी सदस्य है। कथुरिया परिवार की दूसरी बेटी खुशबू का विवाह चांद क्षेत्र के थावड़ी ग्राम में हुआ था, जिससे उसे चार माह की दूधमुंही बच्ची भी है। मिठाई को लेकर रहस्य गहराया खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यह पंजाबी पिन्नी स्थानीय बाजारों में आम तौर पर नहीं मिलती।दुकानदारों का कहना है कि छिंदवाड़ा में इसकी मांग भी नहीं है। मिठाई की पैकेजिंग अच्छी क्वालिटी की थी, लेकिन डिब्बे पर किसी दुकान या निर्माता का नाम नहीं लिखा था। बाजार में इसकी कीमत करीब 700 से 800 रुपए बताई जा रही है। फिलहाल दो महिलाएं, संतोषी बाई (45) और पूजा (19), जुन्नारदेव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं।

नर्मदा नदी के घाटों पर तैयार होंगे पानी पर तैरते हुए अस्पताल

भोपाल. मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के घाटों पर फ्लोटिंग अस्पताल शुरू कर नदी एम्बुलेंस का विस्तार किया जाएगा। इससे घाट पर आने वाले तीर्थयात्रियों, परिक्रमावासियों, आगंतुकों और स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में सुगमता होगी। राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल आलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में नदी किनारे बसे लोगों को चिकित्सीय सुविधाएं देने के लिए नदी एम्बुलेंस शुरू की गई हैं, जो आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार व दवाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित होंगी। आदिवासी इलाकों के लिए महत्वपूर्ण कदम खासकर बाढ़ प्रभावित और दूरदराज के आदिवासी इलाकों के लिए यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा वेलनेस और योग टूरिज्म में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए घाटों पर योग, ध्यान केंद्र और पार्क निर्माण भी किए जाएंगे। नर्मदा के घाटों पर प्रतिदिन 2.5 लाख आते हैं श्रद्धालु नर्मदा नदी के 861 घाटों पर प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख से अधिक पर्यटक, श्रद्धालु, तीर्थयात्री आते हैं। 396 सूक्ष्म आकार के घाटों पर एक लाख आठ हजार से अधिक, 338 मध्यम आकार के घाटों पर 95 हजार और 116 वृहद आकार के घाटों पर 65 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं।

बीच सड़क पर शराब पीने से रोका तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी का फोड़ा सिर

इंदौर. कनाड़िया थाना क्षेत्र के बिचौली अंडरपास में ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी ने ड्राइवर और क्लीनर को शराब पीने से रोका तो उन्होंने पत्थर से सिर फोड़ दिया। वह लहूलुहान हालत में कनाड़िया थाने गया तो वहां भी उसकी मदद नहीं की गई। इसके बाद वह स्वयं इलाज करवाकर घर लौट गया। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपित ड्राइवर और मालिक के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। यातायात पुलिसकर्मी अनुराग शर्मा ने बताया कि बिचौली अंडर ब्रिज पर स्कीम 140 पर भारी वाहन प्रवेश रोकने के लिए बल लगाया था, वहां मेरी ड्यूटी थी। एक चार पहिया वाहन में दो लोग बैठकर शराब पी रहे थे। इस पर उन्हें रोका और आरक्षक विष्णु भदौरिया को बुलाया। जिसके पास वायरलेस सेट था, उसे कहा कि आगे सूचना दी जाए। इस पर ड्राइवर ने हाथ जोड़कर कहा कि मालिक पीछे ही रहते हैं, उन्हें बुला लेता हूं। मालिक ने आते ही ड्राइवर-क्लीनर को भगाया पुलिसकर्मी ने बताया कि मालिक आया और ड्राइवर-क्लीनर को मौके से भगा दिया। इसके बाद वह अपशब्द कहने लगा। इस पर उसे पकड़ लिया था, इसके बाद छोड़ा तो पीछे से आकर सिर पर पत्थर मार दिया। इसके बाद कनाड़िया थाने गया और वहां पांच मिनट बैठा रहा। मुझे उम्मीद थी कि कोई मदद करेगा। थाने में खून टपक रहा था फर्श पर लेकिन इसके बावजूद कोई पुलिसकर्मी मदद के लिए नहीं आया। इसके बाद गुस्से में घर चले गया। मामले में यातायात डीसीपी आनंद कलादगी का कहना है कि आरोपित शराब पी रहे थे, इस पर ट्रैफिक कर्मचारी वहां पहुंचा। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कनाड़िया पुलिस ने पुलिसकर्मी की मदद की और उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया।

राहुल गांधी के वीडियो से उठा भागीरथपुरा की मौतों और प्रशासन के डेथ ऑडिट पर सवाल

इंदौर. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भागीरथपुरा दौरे के वीडियो से दूषित पानी पीने से हुई मौतों की संख्या पर फिर सवाल खड़ा हो गया है। सवाल राहुल गांधी ने खुद नहीं उठाया है। इंदौर में राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा था कि लोगों को डराया जा रहा है। अब वीडियो में राहुल गांधी से बात करते हुए भागीरथपुरा के रहवासी कहते सुनाई दे रहे हैं कि 29 जनवरी को जब क्षेत्र में फैली बीमारी मीडिया की सुर्खी बनी, उससे पहले ही लोग बीमार हो रहे थे और मौतें भी हुईं। खुद लोगों ने राहुल के सामने कह दिया कि बीमार हुए और मरने वालों का आंकड़ा छुपाया गया है। इस वीडियो के बाद प्रशासन ने जो डेथ ऑडिट किया, उस पर भी सवाल खड़े हुए हैं। रहवासी कह रहे हैं कि जब 200 से 250 मरीज अस्पताल पहुंचे, तब प्रशासन ने संज्ञान लिया। 21 मौतों का ही विश्लेषण किया गया कोर्ट के दबाव में प्रशासन ने जो डेथ ऑडिट किया, उसमें 12 जनवरी तक हुई 21 मौतों का ही विश्लेषण किया गया। इसमें अलग-अलग श्रेणी में मौतों को रखा गया। छह मौतों को सीएमएचओ ने महामारी से हुई मौत बताया। इन मृतकों के नाम उर्मिला, तारा, नंदलाल, हीरालाल, अरविंद और पांच माह का अव्यान है। इसके अलावा चार मौतों को महामारी से जुड़ी संभावित मौत माना गया। इनमें गीता, उमा कोरी, गोमती व श्रवण के नाम हैं। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई चार मौत भी इसी से संभावित मानी गई। इनमें सीमा, जीवन, रामकली व हरकुबाई का नाम शामिल है। दो मौत महामारी से पहले हो चुकी थीं, यह भी डेथ ऑडिट में माना गया। इस श्रेणी के मृतकों में सुमित्रा व संतोष का नाम रखा गया। प्रशासन महामारी 24 दिसंबर से मानता है प्रशासन महामारी 24 दिसंबर से मानता है। कमला पत्नी तुलसीराम व सुनीता पत्नी सतीश इस तारीख से पहले मर चुकी थीं। इसलिए इन दो मौतों को भी भागीरथपुरा त्रासदी की सूची से बाहर रखा गया। इसके अलावा चार मौतों को तो महामारी से अलग कारणों से होना बताया गया। इनमें अशोक, शंकर लाल, कमला व सुनीता का नाम है। मंजुला नामक महिला की रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। जबकि क्षेत्रवासियों के अनुसार अन्य मृतक भी हैं, जिनमें सुमित्रा देवी, अशोकलाल पंवार, गोमती रावत, उर्मिला यादव, जीवनलाल बरेड़े, सीमा प्रजापत, संतोष बिगोलिया, अव्यान साहू, श्रवण खुपराव, रामकली, नंदलाल, उमा कोरी, मंजुला वाढ़े, ताराबाई, हीरालाल, अरविंद लिखर, गीताबाई, हरकुंवर बाई, शंकर भाया, ओमप्रकाश शर्मा, सुनीता वर्मा और भगवानदास का नाम शामिल है। एक अन्य सुभद्राबाई की मौत 15 जनवरी को हुई, जिसका प्रशासन ने खंडन किया और कहा कि डायरिया से इस मौत का कोई वास्ता नहीं है। इस तरह आम लोगों के आंकड़े में इन सभी मौतों को मिलाकर मरने वालों की संख्या 24 हो रही है।

गोमांस को भैंस का सर्टिफाइड कर डॉ. बीपी गौर की मिलीभगत से खाड़ी देशों में हो रहा सप्लाई

भोपाल. शहर के जिंसी स्थित स्लाटर हाउस से पकड़े गए 26 टन गोमांस के मामले में अब जांच ने चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। यह कोई स्थानीय अवैध कारोबार नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय निर्यात गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा, नगर निगम के कथित संरक्षण की आड़ में प्रतिबंधित गोमांस को बैंकाक, दुबई और अन्य खाड़ी देशों तक पहुंचा रहा था। इस नेटवर्क में फर्जी दस्तावेज, अत्याधुनिक पैकिंग तकनीक और समुद्री बंदरगाहों का इस्तेमाल कर सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया गया था। कैसे चलता था पूरा नेटवर्क जांच एजेंसियों के अनुसार, जिंसी स्लाटर हाउस में गोवंश के कटान के बाद मांस को वैज्ञानिक तरीके से पैक किया जाता था। इसके बाद फर्जी या साठगांठ वाले पशु चिकित्सक प्रमाण-पत्रों के आधार पर गोमांस को कागजों में भैंस का मांस घोषित कर दिया जाता था। आरोप है कि निगम के सरकारी पशु चिकित्सक डॉ. बीपी गौर इन प्रमाण-पत्रों में गोमांस को भैंस का मांस दिखाते थे, जिससे कस्टम और निर्यात एजेंसियों की जांच से बचा जा सके। अंतरराष्ट्रीय मानकों जैसी पैकेजिंग सूत्रों के मुताबिक, जब्त किए गए मांस की पैकेजिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाई गई है। प्रत्येक पैकेट पर क्यूआर कोड और टैग लगे थे, ताकि विदेशी खरीदार आसानी से माल की पहचान कर सकें। मांस को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक वैक्यूम सीलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जिससे उसकी गंध बाहर न आए और वह महीनों तक खराब न हो। बंदरगाहों तक भेजा जाता था माल तस्करी का माल सीधे मुंबई और चेन्नई के बंदरगाहों तक भेजा जाता था। कई बार रेलवे पार्सल सेवा का भी दुरुपयोग किया गया। सूत्रों का कहना है कि गिरोह ने पूरे कारोबार को कार्पोरेट मॉडल की तरह संचालित किया था, जिसमें लॉजिस्टिक्स, डॉक्यूमेंटेशन और सप्लाई चैन को व्यवस्थित ढंग से संभाला जाता था। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि इस मामले में बड़े लोग शामिल हैं और असलम के दुबई में भी संपर्क हैं। उन्होंने कहा कि असलम हर सप्ताह दुबई जुआ खेलने जाता था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब तक न तो मुख्यमंत्री ने इस पर बयान दिया है और न ही पुलिस ने असलम को रिमांड पर लिया है। प्रशासन और पुलिस का पक्ष निगमायुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि मामला फिलहाल पुलिस जांच में है और अभी किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, एडिशनल डीसीपी जोन-एक रश्मि अग्रवाल दुबे ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोमांस कहां भेजा जा रहा था। आरोपितों को जेल भेजा गया है और दोबारा रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है।

भोपाल में अवैध कब्जों पर कार्रवाई: 31 गांवों में 113 कब्जों को हटाएगा बुलडोजर

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का सिलसिला  शुरु होने जा रहा है। हुजूर तहसील ने इसके लिए तहसीलदार आलोक पारे के नेतृत्व में टीम गठित की है। आज टीएल बैठक के बाद कार्रवाई शुरू होगी। ईंटखेड़ी और कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों के निर्माण को हटाया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि इस दौरान संबंधित पर एफआइआर भी कराएंगे। ज्ञात हो कि प्रशासन पहले ही अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले 12 कॉलोनाइजर्स पर केस दर्ज कर चुका है। प्रशासन ने 31 गांवों में 113 अवैध कॉलोनियों चिह्नित की है। नामजद सूची तैयार की गई। अवैध कॉलोनियों की भरमार भोपाल में बीते कई दिनों से हुजूर और बैरसिया तहसील में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई तेज है, लेकिन कोलार, गोविंदपुरा, एमपी नगर और बैरागढ़ सर्किल के एसडीएम अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में गंभीर नजर नहीं आ रहे। जबकि, कलेक्टर इस मुद्दे पर पहले ही नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अफसर अब किस आदेश का इंतजार कर रहे हैं। लोगों से अपील- ‘इन्वेस्टमेंट नहीं करें’ जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट पर हुजूर क्षेत्र की सवा सौ ऐसी कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है, जिनमें बगैर किसी अनुमति के ही निर्माण कर लिया है। अवैध कब्जों को देखते हुए लोगों से अपील की है कि इन कॉलोनी में इन्वेस्टमेंट नहीं करें। जिन लोगों ने इन्वेस्टमेंट कर लिया है, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा। जिला प्रशासन अवैध तरीके से की गई प्लॉटिंग और कंस्ट्रक्शन पर मप्र सरकार के निर्देशानुसार बुलडोजर चलाएगा। 90% कॉलोनियां किसानों की भूमि पर बीते दिनों जांच करने पर ये जानकारी मिली है कि 90 प्रतिशत अवैध कॉलोनियां किसानों की जमीन पर हैं। हुजूर, कोलार, बैरसिया और गोविंदपुरा तहसील क्षेत्रों में बीते एक साल के भीतर भूमाफिया ने बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां विकसित की हैं। ये कॉलोनियां कृषि भूमि पर काटी गई हैं, जिनके लिए न तो ले-आउट स्वीकृत है और न ही किसी तरह की वैधानिक अनुमति ली गई।