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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. उत्तम यादव के निवास पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर प्रवास के दौरान नवलखा स्थित वसुधैव कुटुंबकम परिसर में चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के निवास पहुँचे। उन्होंने डॉ. उत्तम यादव की पत्नी स्व. श्रीमती संगीता यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान विधायक श्री रमेश मेंदोला और श्री गोलू शुक्ला सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी माघ बिहू एवं पोंगल की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकात्मता और कृषि संस्कृति के प्रतीक माघ बिहू, भोगी, उत्तरायण एवं पोंगल पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सभी पावन पर्व नागरिकों के जीवन में सुख-शांति, सद्भावना और धन-धान्य लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना करते हुए कहा कि हर घर-आंगन में खुशहाली हो तथा देश के किसान और हमारे सभी भाई-बहन समृद्ध बनें।

तीसरी पारी पर ब्रेक! दिग्विजय सिंह राज्यसभा से बाहर—राजनीतिक मोहभंग या कांग्रेस का मास्टरप्लान?

भोपाल 2 बार राज्यसभा के सांसद रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार अपर हाउस में जाने से मना कर दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म होने वाला है। एमपी में कांग्रेस विधायकों की संख्या को देखें तो वो आसानी से तीसरी बार राज्यसभा जा सकते हैं, लेकिन उन्होंने कहा है- 'मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं।' दिग्विजय सिंह के ऐलान के बाद कई सवाल बन रहे हैं, जिनमें से दो की चर्चा तेजी से हो रही है। पहला- अगर दिग्विजय सिंह नहीं तो कौन जा रहा है राज्यसभा? दूसरा- क्या उनका राज्यसभा से मोहभंग हो गया है या फिर कांग्रेस में कोई सीक्रेट प्लान बन रहा है?   उनकी जगह कौन जा रहा है राज्यसभा? उनकी जगह या फिर कौन राज्यसभा जा रहा है, इसका जवाब दिग्विजय सिंह ने गोल-मोल करते हुए दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान, जब उनसे पूछा गया- 'मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आपको पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राज्यसभा सीट से अनुसूचित जाति के किसी सदस्य को भेजा जाना चाहिए'- इस पर आपका क्या कहना है? इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा- “ये मेरे हाथ में नहीं है।” कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति की तरफ इशारा अब दूसरा सवाल उठ रहा है क्या दिग्विजय सिंह का मोहभंग हो गया है या कांग्रेस और राहुल गांधी कोई सीक्रेट प्लान पर काम कर रहे हैं? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिग्विजय सिंह द्वारा अपना नाम पीछे खींच लेना 'व्यक्तिगत निर्णय नहीं' है। ये 'कांग्रेस आलाकमान की सोची समझी रणनीति' है बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस केवल सदन में सरकार को घेरने की बजाय धरातल पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश में जुटी है। इसी क्रम में युवाओं को आगे लाने की तैयारी हो रही है। वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जा रही हैं। विधानसभा चुनाव की चल रही है तैयारी? साल 2017-18 में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में नर्मदा परिक्रमा का आयोजन किया गया था। ये परिक्रमा करीब 3300 किलोमीटर लंबी थी। इसे कांग्रेस के लिए मजबूती के तौर पर देखा गया था। जैसे राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के द्वारा कार्यकर्ताओं और लोगों पहुंच बनाई थी, ठीक ऐसा ही प्रभाव नर्मदा परिक्रमा का देखने को मिला था। इसका प्रभाव 2018 के एमपी विधानसभा चुनाव में देखने को मिला था। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार फिर दिग्विजय सिंह से कोई बड़ा जनसंपर्क अभियान कराया जा सकता है। ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में संगठन और नए नेताओं को मजबूत दिशा दे सके। दिग्विजय सिंह की हार-जीत का सफर आपको बताते चलें कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा नाम हैं। वो 1993 से 2003 तक लगातार 2 बार एमपी के सीएम रहे हैं। हालांकि 2003 में कांग्रेस की सत्ता गई तो उनकी राजनीति में विराम सा लग गया था। लेकिन एक दशक की शांति के बाद 2013 में उनकी फिर वापसी हुई और 2014 से राज्यसभा के सांसद हैं। इस बीच 2019 और 2024 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: संकल्प से समाधान अभियान से हर पात्र हितग्राही को मिले लाभ

प्रत्येक पात्र हितग्राही को संकल्प से समाधान अभियान का मिले लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान के संबंध में ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की बुधवार को समीक्षा के लिए आयोजित संभागायुक्तों की बैठक में दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संभागायुक्त बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।  

मंत्री सिलावट ने निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में करें पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट विभागीय कार्यों की समीक्षा की भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है की प्रदेश में विभिन्न निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं का कार्य समय से पूरा किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी परियोजनाओं के कार्य का निरंतर निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मंत्री सिलावट ने मंत्रालय स्थित अपने प्रतिकक्ष में बुधवार को विभाग के अंतर्गत धसान केन कछार सागर में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और प्रति 15 दिन में कार्य की समीक्षा करें। बैठक में बताया गया कि परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सागर, पन्ना, दमोह एवं छतरपुर जिले की लगभग 81 हजार हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री सिलावट द्वारा कछार के अंतर्गत आपचंद, मंझगाय, सतधारू, पवई, रूंज एवं काठन सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई सम्बन्धी व्यवस्थाओं के निर्देश दिये गये।  

कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण 15 जनवरी से 15 मार्च तक बंद, जानिए कारण

सीहोर  प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि भारी भीड़ के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुबेरेश्वर धाम में 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। आपात स्थिति के लिए मिनी आईसीयू और एम्बुलेंस की तैनाती भी की जाएगी। 15 जनवरी से 15 मार्च तक नहीं बांटे जाएंगे रुद्राक्ष बैठक में फैसला लिया गया कि कुबेरेश्वर धाम में अगले दो महीनों तक रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंहए आईजी अभय सिंह, कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के साथ कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लाखों लोगों के आने की संभावना अधिकारियों ने कहा कि रुद्राक्ष महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और समिति को मिलकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करनी होंगी। किसी भी तरह की लापरवाही भक्तों की सुरक्षा में बड़ी बाधा बन सकती है। अतः सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। बैठक में एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित सुविधाओं, सेवाओं और पूरी कार्ययोजना का खाका भी पेश किया गया। बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स तैनात करने के निर्देश बैठक में आयोजन समिति को निर्देश दिए गए कि वे पर्याप्त पार्किंग, रास्तों पर दिशा सूचक बोर्ड, भोजन का उचित प्रबंध और बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित करें। मुख्य सड़कों और हाईवे पर जाम से बचने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने, पार्किंग क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटने और वहां से कथा स्थल तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया ताकि अव्यवस्था न फैले। जगह-जगह बोर्ड लगाने के निर्देश प्रशासन ने भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पीने के पानी, साफ-सफाई और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के कड़े निर्देश दिए हैं। मोबाइल नेटवर्क, सूचना प्रसारण सिस्टम और एलईडी स्क्रीन को दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को कथा सुनने और जरूरी जानकारी पाने में कोई दिक्कत न हो। यही नहीं रुद्राक्ष वितरण बंद रहने की जानकारी प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाकर और मीडिया के जरिए पहुंचाई जाए ताकि लोग परेशान न हों। एम्बुलेंस, डॉक्टर और उपचार केंद्र लगाने के निर्देश आयोजन स्थल पर पर्याप्त एम्बुलेंस, डॉक्टर और जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार केंद्र लगाने के निर्देश दिए गए। इमरजेंसी से निपटने के लिए मिनी आईसीयू तैयार रखने और मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।अधिकारियों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ कथा स्थल, पंडाल प्रवेश और निकास द्वारों का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, भोजनशाला और कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया गया। जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए।

CBI ने सेंधवा में कई ठिकानों पर मारा छापा, नाबार्ड लोन घोटाले के राज खुलेंगे

बड़वानी  सेंधवा में बुधवार उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नाबार्ड भोपाल से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपए के कथित लोन धोखाधड़ी मामले में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान शहर के कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा. सीबीआई की टीम ने सेंधवा की जगन्नाथपुरी कॉलोनी स्थित उद्योगपति के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. कोलकाता सीबीआई में पहले से एफआईआर छापे के दौरान उद्योगपति के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. किसी को अंदर जाने और अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं मिली. सीबीआई छापे से पूरे शहर में हलचल तेज रही. रामकटोरा क्षेत्र में भी सीबीआई की एक अन्य टीम ने दबिश दी. छापे में क्या-क्या मिला, इस बारे में सीबीआई या स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी. इस मामले में कोलकाता स्थित सीबीआई पहले ही एफआईआर दर्ज कर चुकी है. कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना के लिए लिया लोन कोलकाता सीबीबीआई की एफआईआर में सेंधवा के उद्योगपतियों पर गंभीर आरोप हैं. एफआईआर के मुताबिक उद्योगपतियों ने सरकारी कर्मचारियों से मिलकर धोखाधड़ी की. आपराधिक साजिश और दस्तावेजों की जालसाजी के आरोप हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 में आरोपियों ने नाबार्ड की फूड प्रोसेसिंग फंड योजना के तहत सेंधवा के समीप जामली गांव में कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना स्थापित करने के लिए करीब 13 करोड़ रुपए का ऋण लिया था. बैंक की लोन राशि कंपनियों के खातों में जमा की इस परियोजना की कुल लागत 31 करोड़ रुपए से अधिक थी. परियोजना के लिए केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय द्वारा लगभग 10 करोड़ रुपए का अनुदान भी स्वीकृत किया गया था. आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी समझौतों और कागजी लेनदेन के जरिए ऋण राशि को अन्य कंपनियों और बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया. साथ ही, समय-समय पर परियोजना की समय-सीमा बढ़वाकर बैंक अधिकारियों को गुमराह किया गया. सितंबर 2024 में एनपीए घोषित हुआ खाता लगातार अनियमितताओं के चलते सितंबर 2024 में ये लोन खाता एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया. इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर नाबार्ड बैंक द्वारा सीबीआई को जांच के लिए पत्र भेजा गया. सीबीआई छापे के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल सीबीआई टीम दस्तावेजों की जांच और साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है. 

ग्वालियर और उज्जैन मेला में नई गाड़ी पर 50% टैक्स छूट, जानिए कैसे उठाएं फायदा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में  मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहित से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में नई गाड़ियां खरीदने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का रहा। इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक के बाद डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मीडिया को बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। ग्वालियर और उज्जैन में टैक्स पर छूट वहीं, एमपी कैबिनेट ने एक अन्य बड़ा फैसला किया है। ग्वालियर मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव से गाड़ी खरीदने पर 50 फीसदी टैक्स में छूट मिलेगी। इसे लेकर लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ग्वालियर मेला लग भी गया है। अब सरकार की घोषणा के बाद मेले से गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार बढ़ेगी।  19 दिन बाद मिली टैक्स छूट को हरी झंडी गौरतलब है कि ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हो चुका था। मेले की शुरुआत के साथ ही नई गाड़ियों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन टैक्स में 50% छूट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। करीब 19 दिनों बाद इस प्रस्ताव को 13 जनवरी की कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली, जिससे अब मेले में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। हाईटेक बनी मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट यह बैठक मोहन सरकार की पहली हाईटेक ई-कैबिनेट बैठक रही। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों के बजाय टैबलेट लेकर बैठक में पहुंचे। प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए गए। बता दें कि 6 जनवरी को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए थे और ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रेजेंटेशन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, पेपरलेस कार्यप्रणाली अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षकों के लिए बड़ी राहत कैबिनेट ने प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से लंबे समय से वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। जनता और व्यापार दोनों को लाभ कैबिनेट के इन फैसलों से जहां एक ओर व्यापार मेलों में वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक वेतन संरचना का लाभ मिलेगा। ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले वहीं, कैबिनेट ने स्पेस टेक पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। साथ ही दूसरे चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय के स्थापना को मंजूरी दी है। इस पर 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रायसेन और राजगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे 20 हजार किसानों को लाभ होगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आज ई-कैबिनेट हुई है। मीटिंग में सीएम से लेकर सभी मंत्री तक टैबलेट लेकर पहुंचे थे। अब फाइलों की जगह टैबलेट में ही सारे दस्तावेज होंगे। मीटिंग शुरू होने से पहले सभी लोगों ने सामूहिक रूप से तस्वीर भी खींचवाई।

अनामिका बैगा के डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार, मोहन सरकार ने दी नीट कोचिंग की सुविधा

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सीएम की सभा में रोने वाली आदिवासी छात्रा अनामिका बैगा के लिए अच्छी खबर है। सीएम मोहन यादव ने उसकी फरियाद सुन ली है। साथ ही उसके पढ़ने की व्यवस्था कर दी है। भोपाल के कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी के लिए उसका एडमिशन करवाया जा रहा है। सीएम से मिल नहीं पाई थी अनामिका दरअसल, अपनी फरियाद लेकर सुरक्षा कारणों से अनामिका सीएम से नहीं मिल पाई थी। मगर मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव तक उसकी आवाज पहुंच गई थी। वह अपनी बातें कहते हुए फफक-फफक कर रो रही थी। इसके बाद सीएम ने कहा था कि हम उसकी पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे। वह पढ़ लिखकर अच्छा डॉक्टर बनेगी। सीएम के पहल पर निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई मीडिया की खबरों रोते हुए नजर आई अनामिका बैगा की तस्वीरों को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक यह बात पहुंचाई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए अनामिका बैगा तक मदद पहुंचाने के लिए सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को मदद पहुंचाने के लिए निर्देश दिया, जिसके बाद अनामिका के निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई. अब सरकार अनामिका बैगा कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री का खर्च खुद उठाएगी. सीएम ने लिखा, अनामिका की हरसंभव मदद की जाएगी रिपोर्ट के मुताबिक अनामिका बैगा के बारे में मिली सूचना के आधार पर सीएम ने सीधी कलेक्टर को मेडिकल परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च में मदद के लिए गुहार कर रही अनामिका बैगा की मदद करने के लिए निर्देश दिया. सीएम मोहन ने एक्स हैंडल पर इसका जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से अनामिका को हर संभव सहायता की जाएगी. अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में निः शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, गरीबी का हवाला देकर ही अनामिका ने मुख्यमंत्री जी से मिलकर मदद मांगने पहुंची थी, लेकिन अब अनामिका काफी खुश है. मुख्यमंत्री से मिली मदद के बारे में सुनकर अनामिका का पूरा परिवार भी खुश है.  अनामिका की मदद के लिए सीएम ने कलेक्टर को निर्देश दिया अनामिका बैगा के बारे मिली सूचना के बाद सीधी कलेक्टर को निः शुल्क कोचिंग की सुविधा दिलाने के लिए निर्देशित करने के बाद सीएम मोहन ने एक्स पर लिखा, कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद के लिए अनुरोध किया. मेरे संज्ञान में आया कि अनामिका अभी NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग की पढ़ाई और छात्रावास के लिए मदद चाहती है. यह संज्ञान में आने के बाद बिटिया के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं. भोपाल के कोचिंग संस्थान में अनामिका का नि:शुल्क एडमिशन  उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में नि:शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अनामिका को वर्तमान में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए एकेडमी में निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री एवं छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. ज्ञान शिखर एकेडमी के डायरेक्टर अनिरुद्ध सिंह तोमर ने खुद अनामिका को सहयोगात्मक प्रस्ताव दिया गया. बकौल सीएम मोहन, बिटिया अनामिका बैगा को आगे भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने पर राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता की जाएगी. मुझे पूर्ण विश्वास है कि एक दिन बिटिया अनामिका एक विख्यात चिकित्सक के रूप में मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी. प्रशासन ने सुनिश्चित की अनामिका के भोपाल प्रवास की व्यवस्था मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि अनामिका के भोपाल जाने की समस्त व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा रही हैं. कलेक्टर के निर्देश पर सीधी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनामिका को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है. साथ ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि अनामिका की शिक्षा की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए. आदिवासी बेटी अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार मेडिकल की तैयारी के लिए निः शुल्क कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री की सुविधा दिलाने के लिए अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है. अनामिका ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सहयोग उसके सपनों को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा. यह एक संदेश भी है कि राज्य सरकार प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खड़ी है. भोपाल में होगा एडमिशन सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने छात्रा को कलेक्ट्रेट बुलाकर पूरी जानकारी ली थी। साथ ही हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री की पहल पर भोपाल ज्ञान शिखर एकेडमी में अनामिका बैगा प्रवेश कराया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह आदिवासी बच्ची अनामिका बैगा परिजनों के साथ बुलाकर नीट की तैयारी के लिए प्रवेश की जानकारी दी। इससे छात्रा के चेहरे पर मुस्कान दिखी है। साथ ही सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि अनामिका बैगा आदिवासी समाज से आती है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। वह गांव से बाहर पढ़ाई के लिए निकली है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिसकी वजह से आगे की पढ़ाई वह कर पाने में असमर्थ थी। इसी वजह से वह सीएम से मदद मांग रही थी। अब मदद मिल गई है।

एमपी में हिजाब वाली PM को लेकर सियासी घमासान, IAS नियाज खान ने ओवैसी के बयान पर दिया जोरदार जवाब

भोपाल  एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के 'हिजाब वाली प्रधानमंत्री' के बयान पर मध्य प्रदेश में भी सियासत शुरु हो गई है। एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी नियाज खान ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि, भारत सेकुलर देश है। यहां हिजाब वाली देशभक्त मुस्लिम प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकती ? आईएएस नियाज खान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा और सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। IAS नियाज खान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- 'भारत सेकुलर देश है। यहां हिजाब वाली देशभक्त मुस्लिम प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकती ? भारत ने हमेशा देशभक्त और काबिल मुस्लिम को सम्मान दिया है। मैं ओवैसी जी से सहमत हूं।' इतनी ही नहीं उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा- 'भारत ने हमेशा मुस्लिमों के प्रति सहिष्णुता दिखाई है। हिंदुओं ने ही अब्दुल कलाम साहब को आसमान में बैठाया है।' आईएएस अधिकारी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। उनके इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। नियाज खान मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वे 2015 बैच के आईएएस हैं। इससे पहले वो राज्य सेवा में प्रशासनिक अधिकारी थे। उन्हें प्रमोट कर आईएएस अफसर बनाया गया और मध्य प्रदेश कैडर दिया गया। नियाज खान 7 नॉवेल लिख चुके हैं। उन्हीं के एक नॉवेल पर 'आश्रम' वेब सीरीज भी बनी है, जिसका क्रेडिट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्माता के खिलाफ कोर्ट केस भी कर दिया था। वे अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने 'ब्राह्मण द ग्रेट' किताब लिखकर सनातन धर्म और ब्राह्मणों को महान बताया था, उसपर भी खासा सियासत हुई थी।