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ईरानी डेरा में अपराध का ‘कॉर्पोरेट’ ऑफिस, पंचायत तय करती है लूट का हिस्सा, सरदार राजू का दबदबा

भोपाल  भोपाल की अमन कॉलोनी में स्थित ईरानी डेरा केवल एक रिहायशी बस्ती नहीं, बल्कि संगठित अपराध से जुड़े लोगों का ठिकाना बन चुका है. यहां रहने वाले परिवारों के तार देश के कई राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस का दावा है कि डेरे में रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े जैसे मामलों में इनके नाम मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों की एफआईआर में भी दर्ज हैं. ईरानी डेरे से जुड़े गिरोहों की गतिविधियां महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक समेत करीब एक दर्जन राज्यों तक फैली हुई बताई जाती हैं. पुलिस के अनुसार, ये लोग अक्सर समूह बनाकर दूसरे राज्यों में जाते हैं और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं. पहचान बदलकर करते हैं ठगी गिरोह की सबसे खास रणनीति है फर्जी पहचान. जांच में सामने आया है कि आरोपी कभी खुद को CBI या पुलिस अधिकारी तो कभी सेल टैक्स, कस्टम अफसर कुछ मामलों में पत्रकार बताकर लोगों को डराते हैं और जांच या छापेमारी के नाम पर पैसे ऐंठ लेते हैं. पुलिस की कार्रवाई में उनके ठिकानों से नकली पहचान पत्र और दस्तावेज भी बरामद होने की बात कही गई है. पुलिस दबिश और विरोध हाल ही में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे में बड़ी कार्रवाई की. भारी पुलिस बल के साथ की गई इस दबिश के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए. शुरुआती विरोध के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी और 32 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई फरार आरोपियों की तलाश में की गई थी. ईरानी डेरे की दबिश में पुलिस ने 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक्स, नकली नोट और अवैध हथियार भी बरामद किए. कबीलाई ढांचे में चलता है गिरोह ईरानी डेरे की कार्यप्रणाली पारंपरिक अपराध गिरोहों से अलग बताई जाती है. यहां अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है. वही तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा. किसी सदस्य की गिरफ्तारी पर उसके परिवार की जिम्मेदारी भी कबीला संभालता है. सरदार का चयन कबीलाई पंचायत में होता है, जहां पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को अहम माना जाता है. ईरानी डेरे का सरदार राजू ईरानी फिलहाल ईरानी डेरे की अगुवाई राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर ईरानी कर रहे हैं. वैसे तो राजू ईरानी की उम्र करीब 47 वर्ष है. रहता तो वह भोपाल में है लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर संगीन वारदातों को अंजाम देता है. मध्य प्रदेश में ही 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. राजू इतना शातिर है कि वो कभी CBI अधिकारी तो कभी पत्रकार बनकर लोगो के साथ ठगी करता है. महाराष्ट्र और राजस्थान पुलिस को भी उसकी तलाश है. हाल ही में उस पर मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक व्यापारी से ठगी करने का मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने डेरे में दबिश दी थी, हालांकि वह फरार होने में कामयाब हो गया. राजू का भाई जाकिर ईरानी राजू का भाई जाकिर ईरानी भी खुद बड़े गिरोह का संचालन करता है. जाकिर पर प्रॉपर्टी पर कब्जा करना, विवादित मामलों को निपटाना, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज है. जाकिर लग्जरी गाड़ियों और महंगे वाहनों का शौक रखता है. अपराध के लिए सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी डेरे के कई युवक महीनों तक कबीले से दूर रहते है. वारदात के लिए लंबे समय तक बाहर रहते हैं, जिसे वे ‘सफर’ कहते हैं. इस दौरान कुछ सदस्य सीधे अपराध में शामिल होते हैं. कुछ केवल लूट का माल सुरक्षित वापस लाने की जिम्मेदारी निभाते हैं. कुछ युवक अपराध का पैसा लेकर कबीले तक पहुंचते हैं. तो कुछ चोरी या अपराध से हथियाया हुआ समाना बाजार में बेचते हैं. सबसे खास बात ये है कि कुछ कुछ दिनों में अपना हुलिया बदल लेते है. रिश्तों से मजबूत हुआ जाल गिरोह के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं. महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे रिश्तों के कारण वहां इनका नेटवर्क और मजबूत हुआ. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में इनके नाम लगातार सामने आते रहे हैं. 2014 की घटना से भोपाल में बढ़ी पहचान ईरानी डेरा वर्ष 2014 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब अमन कॉलोनी क्षेत्र में विवाद के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. इसके बाद से यह इलाका लगातार पुलिस निगरानी में रहा. अमन कॉलोनी में सिया सुन्नी विवाद के बाद कई घरों में आगजनी की घटनाएं हुई थी. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई इसी साल दिल्ली पुलिस ने ईरानी डेरे से जुड़े दो आरोपियों मुर्तुजा अली ओर शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था. जांच में उनके खिलाफ कई राज्यों में गंभीर लुट, चेनस्नेचिंग ओर ठगी के संगीन अपराध सामने आए थे. इनकी हुई गिरफ्तारी सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद , मिसम खान हैदर उर्फ मो. अली, रकीब कुबरा, नूरजहां, अफसरा, अली जिशान, खान रिजवान, हसन सब्बीर अली उर्फ जुबैर, यासिम फातिमा उर्फ सलमा, शादिक हुसैन उर्फ जफर अली, अली आबिद उर्फ अरबाज, मो. शादिक अली उर्फ इशान, हसीब अली उर्फ मरीना, साबिर खान, तोफिक हुसैन, जाफरी हजरत अली वनी, अली रजा उर्फ तालिब पुलिस गिरफ्त में है. पुलिस अन्यों की तलाश में जुटी है.

भोपाल: ईरानी डेरे पर चलेगा बुलडोजर, हिस्ट्रीशीटर सरदार राजू की संपत्ति होगी जब्त

भोपाल  राजधानी भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर पुलिस और प्रशासन के निशाने पर है। वर्षों से अवैध गतिविधियों और अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में पहचाने जाने वाले इस इलाके में बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। अवैध निर्माणों को जमींदोज करने के लिए बुलडोजर (Bulldozer Action) चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है, वहीं हिस्ट्रीशीटरों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अतिक्रमण हटाना है, बल्कि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश देना भी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था ईरानी डेरा लंबे समय से हिस्ट्रीशीटर और संगठित अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कुख्यात बदमाश राजू है, जिसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य राज्यों की पुलिस भी सतर्क भोपाल पुलिस द्वारा शुरू की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद देश के अन्य राज्यों की पुलिस भी सतर्क हो गई है और आपसी समन्वय के साथ जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान समय में अमरावती (महाराष्ट्र), श्रीगंगानगर (राजस्थान), झालावाड़ और बड़वानी से पुलिस की विशेष टीमें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इन राज्यों की पुलिस को भी ईरानी डेरे से जुड़े अपराधियों की कई संगीन मामलों में तलाश है, जिनमें संगठित अपराध, अवैध वसूली और हिंसक गतिविधियां शामिल हैं। कुख्यात बदमाशों का सेफ हाउस बना ईरानी डेरा पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक ईरानी डेरा लंबे समय से कुख्यात अपराधियों का सुरक्षित अड्डा रहा है। यहां रहने वाले गैंग के सदस्य मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में चोरी, लूट और ठगी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। वारदात के बाद आरोपी यहीं लौटकर छिप जाते थे, जिससे यह इलाका पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Inputs) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस काफी समय से इस डेरे पर नजर बनाए हुए थी। कॉम्बिंग गश्त में 32 आरोपी गिरफ्तार रविवार 28 दिसंबर को भोपाल पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त (Combing Operation) के तहत ईरानी डेरे को चारों ओर से घेरकर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में 10 महिलाओं सहित कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह वही डेरा है जिसे देशभर की चोरी और लूट की वारदातों का सेफ हाउस माना जाता रहा है। हिस्ट्रीशीटर राजू ईरानी मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हिस्ट्रीशीटर राजू ईरानी है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके और उसके सहयोगियों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। अवैध तरीके से खड़ी की गई संपत्ति को कुर्क (Property Seizure) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 21 चोरी की बाइक बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 21 महंगी बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों की कीमत 70 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक बताई जा रही है। बरामद मोटरसाइकिलों में स्पोर्ट्स और लग्जरी सेगमेंट की बाइक शामिल हैं। कई बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी, ताकि उनकी पहचान न हो सके। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई बाइक अन्य राज्यों से चोरी की गई थीं और उन्हें ईरानी डेरे में छिपाकर रखा गया था। बाहरी राज्यों की पुलिस टीमें भी सक्रिय ईरानी डेरे का नेटवर्क अन्य राज्यों से भी जुड़ा होने के चलते कार्रवाई के बाद बाहरी पुलिस टीमें भी भोपाल पहुंच गई हैं। अमरावती, श्रीगंगानगर, झालावाड़ और बड़वानी से आई पुलिस टीमें जांच में सहयोग कर रही हैं। अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें। अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासन ने ईरानी डेरे में बने अवैध निर्माणों को भी चिन्हित कर लिया है। संबंधित विभागों ने दस्तावेजों की जांच के बाद बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। प्रशासन का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए सभी अवैध ढांचों को हटाया जाएगा और क्षेत्र को अपराध मुक्त करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू प्रशासन की कार्रवाई केवल अवैध निर्माण गिराने तक सीमित नहीं है। मास्टरमाइंड राजू और उसके सहयोगियों की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के आर्थिक ढांचे को तोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के नेटवर्क दोबारा खड़े न हो सकें। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जल्द ही चिन्हित स्थानों पर अतिक्रमण हटाने और कानून व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी।

नए साल पर मध्य प्रदेश में करीब 200 अधिकारियों को प्रमोशन, मोहन यादव सरकार का तोहफा

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नए साल का गिफ्ट दिया है. इन सभी अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. देर रात राज्य सरकार ने प्रमोशन आदेश जारी कर दिए. प्रमोशन किए गए आईएएस अधिकारियों में उप सचिव, अपर सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं. इसी तरह 18 आईपीएस अफसरों का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों को एडीजी से स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नति दी गई है. इन IAS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक में सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेन्द्रन को प्रमोशन देकर उन्हें प्रमुख सचिव बनाया गया है. हालांकि उनका विभाग नहीं बदला गया है. उधर मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मेट्रिक-14) में प्रमोशन देकर उन्हें सचिव बनाया गया है. प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार हैं. उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभितीज अग्रवाल, पंचायत संचालक छोटे सिंह, स्वास्थ्य एवं नियंत्रण खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव, राजस्व मंडल ग्वालियर सचिव सपना निगम का भी प्रमोशन किया गया है. 2010 बैच के अधिकारी और आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरएस जादोन का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों का बदला विभाग उधर राज्य सरकार ने पदोन्नति के बाद राजस्व विभाग में अपर सचिव संजय कुमार को सचिव मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल एवं कल्याण आयुक्त बनाया है. श्रम विभाग में अपर सचिव बसंत कुर्रे को सह संचालक कौशल विकास बनाया गया है. सुरेश कुमार को संभाग आयुक्त चंबल संभाग मुरैना बनाया गया. चंद्रशेखर वालिबे को सचिव मुख्यमंत्री, शीलेंद्र सिंह को सचिव नगरीय विकास एवं अवास विभाग बनाए गए हैं. आईपीएस अधिकारियों का भी हुआ प्रमोशन उधर आईपीएस अधिकारियों का भी प्रमोशन किया गया है. 1994 बैच के अधिकारी एडीजी अजाक आशुतोष राय को प्रमोशन देकर विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) बनाया गया. 2001 बैच के आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा को प्रमोशन देकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन बनाया गया. 1999 और 2008 बैच के अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (वेतन मैट्रिक्स-14) के पद पर प्रमोशन किया गया है, जिसमें आईजी साइबर निरंजन बी. वायंगणकर, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर, पुलिस मुख्यालय सियाज ए, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत एवं मानव अधिकार ललित शाक्यवार को प्रमोट किया गया है. एसपी राकेश सगर, राघवेन्द्र सिंह बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, रियाज इकबाल, असित यादव, कुमार प्रतीक, शिवदयाल को प्रमोशन देकर आईजी बनाया गया है. डीआईजी के पद पर पदोन्नति एसपी खंडवा मनोज कुमार राय, रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा, रेल एसपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, धार एसपी मयंक अवस्थी और भोपाल डीसीपी विवेक सिंह को डीआईजी बनाया गया. इसी तरह प्रवर श्रेणी 2012 और 2013 बैच के 11 अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स-13 में स्वीकृत किया गया है. इसमें एसपी बड़वानी जगदीश डाबर और टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मण्डलोई शामिल हैं.

एमपी में कड़ाके की ठंड: कल्याणपुर, नौगांव और खजुराहो में टूटा 25 साल पुराना रिकॉर्ड

भोपाल  मध्य प्रदेश में 2026 का पहला दिन ही कड़ाके की ठंड वाला है, शीतलहर की वजह से लोग फिलहाल ठंड से परेशान नजर आ रहे हैं. क्योंकि तापमान में लगातार हो रही गिरावट की वजह से एमपी में माइनस वाली ठंड शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश का मौमस हिमाचल-कश्मीर जैसा ठंडा हो गया है. शहडोल का कल्याणपुर, छतरपुर का नौगांव और छतरपुर जिले का ही खजुराहो फिलहाल मध्य प्रदेश में सबसे ठंडा बने हुए हैं. यहां का तापमान 1 डिग्री से भी नीचे चला गया है. ऐसे में शीतलहर की वजह से फिलहाल लोग परेशान है. ऊपर से कोहरे ने राज्य में विजिविलिटी भी बिल्कुल खत्म कर दी है. एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश की ठंड फिलहाल माइनस वाली हो चुकी है और ठंड का असर आगे बढ़ेगा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी में तापमान और गिर सकता है और कई इलाकों में माइनस जैसी ठंड का असर महसूस होगा। नए साल की पूर्व संध्या पर भी प्रदेशभर में तेज सर्दी रही। कल्याणपुर, नौगांव और खजुराहो प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों में शामिल रहे, हालांकि इसके बावजूद नए साल का जश्न लोगों ने पूरे उत्साह के साथ मनाया। नए साल के पहले दिन भी ठंड और कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया और शहडोल के साथ-साथ इंदौर, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, मंडला और डिंडौरी सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। पहाड़ों की बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते प्रदेश में ठंड का असर और तेज हो गया है। सुबह के समय घने कोहरे के साथ शीतलहर और कोल्ड-डे की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 278 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे रात के तापमान में तेज गिरावट आई। गुरुवार को भी जेट स्ट्रीम के प्रभावी रहने की संभावना है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, पन्ना, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सतना, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, मैहर के साथ भोपाल, इंदौर, सीहोर, शाजापुर, रायसेन, मंडला, विदिशा, डिंडोरी समेत कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। मंगलवार-बुधवार की रात कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 3.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में 4.2 डिग्री, नौगांव में 4.4 डिग्री, अमरकंटक 5 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कोहरे से जनजीवन और यातायात प्रभावित तेज ठंड और कोहरे के कारण जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें बुधवार को देरी से पहुंचीं। दतिया और ग्वालियर में सुबह घना कोहरा रहा, जहां दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह गई। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में भी कोहरे का असर देखा गया। तापमान का हाल प्रदेश में सबसे ठंडा कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में 4.2 डिग्री, नौगांव में 4.4 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। भोपाल में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के करीब 25 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इससे पहले शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, इसलिए बढ़ी ठंड पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी से एमपी में सर्दी का असर बढ़ा है। सुबह घने कोहरे के अलावा कोल्ड वेव यानी, शीतलहर, कोल्ड डे और तेज ठंड भी है। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 278 kmph तक पहुंच गई। इस वजह से एमपी में भी रात के तापमान में गिरावट आई है। गुरुवार को भी जेट स्ट्रीम तेजी से बहेगी। जानिए क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12.6 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। कोहरे की वजह से ट्रेनों पर असर प्रदेश में तेज ठंड और कोहरे की वजह से जनजीवन पर भी असर पड़ने लगा है। बुधवार को दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें लेट रही। दतिया और ग्वालियर में सुबह के समय घना कोहरा रहा। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर तक रही। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में भी कोहरा रहा। कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 3.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 4.2 डिग्री, नौगांव में 4.4 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में 8.2 डिग्री रहा। करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले शहडोल के कल्याणपुर में पारा रिकॉर्ड 1.7 डिग्री रह चुका है।

ईडी की बड़ी कार्रवाई: बकिंघम पैलेस के पास 150 करोड़ की संपत्ति हुई कुर्क

इंदौर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित 150 करोड़ रुपये मूल्य की एक अचल संपत्ति कुर्क की है। ईडी की यह कार्रवाई कपड़ा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड और उसके पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) नितिन कासलीवाल से जुड़ी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इस संपत्ति को कुर्क करने के लिए मंगलवार को पीएमएलए के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि बकिंघम पैलेस के पास स्थित 150 करोड़ रुपये मूल्य की यह ‘उच्च मूल्य’ वाली संपत्ति नितिन शंभुकुमार कासलीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के ‘लाभकारी स्वामित्व’ में है। 1,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला नितिन कासलीवाल पर भारतीय बैंकों के एक कंसोर्टियम (समूह) के साथ लगभग 1,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के माध्यम से बैंकों से लिए गए ऋण को गलत तरीके से विदेशी निवेश के नाम पर भारत से बाहर भेजा गया। ईडी के बयान के अनुसार, "नितिन कासलीवाल ने बैंकों के फंड को डाइवर्ट किया और विदेशी न्यायक्षेत्रों में निजी ट्रस्टों और कंपनियों की एक जटिल संरचना के माध्यम से इन संपत्तियों को छुपाया।" विदेशी ट्रस्टों और शेल कंपनियों का जाल एजेंसी की ओर से 23 दिसंबर को की गई छापेमारी और जब्त किए गए दस्तावेजों के विश्लेषण से एक बेहद जटिल नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि कासलीवाल ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI), जर्सी और स्विट्जरलैंड जैसे टैक्स हेवन देशों में ट्रस्टों और कंपनियों का जाल बिछाया था। 23 दिसंबर को ईडी ने की थी सर्चिंग ईडी के अनुसार यह संपत्ति नितिन शंभू कुमार कासलीवाल और उनके परिवार के स्वामित्व में थी। नितिन कासलीवाल मेसर्स एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। उन पर भारतीय बैंकों के एक कंसोर्टियम के साथ करीब ₹1400 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिसे लेकर कई एफआईआर दर्ज हैं। जांच के दौरान ईडी ने 23 दिसंबर 2025 को पीएमएलए 2002 की धारा 17 के अंतर्गत सर्चिंग की थी। इस छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। स्विटजरलैंड, जर्सी, बीवीआई में ट्रस्ट और कम्पनियां खड़ी कीं ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि नितिन कासलीवाल ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI), जर्सी और स्विट्जरलैंड जैसे टैक्स हेवन देशों में ट्रस्ट और कंपनियों का एक नेटवर्क खड़ा किया था। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने ‘कैथरीन ट्रस्ट’ (पूर्व में सूर्य ट्रस्ट) की स्थापना की थी, जिसमें वे और उनके परिवार के सदस्य मुख्य लाभार्थी थे। यह ट्रस्ट जर्सी और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स स्थित कंपनी मेसर्स कैथरीन प्रॉपर्टी होल्डिंग लिमिटेड (सीपीएचएल) को कंट्रोल करता था, जिसके माध्यम से लंदन स्थित इस महंगी संपत्ति का स्वामित्व रखा गया था। भारत का पैसा विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने में लगाया ईडी का आरोप है कि नितिन कासलीवाल ने बैंक धोखाधड़ी से प्राप्त धन को विदेशी निवेश के रूप में भारत से बाहर भेजा और फिर विदेशों में अचल संपत्तियां खरीदीं, जिन्हें निजी ट्रस्टों और विदेशी कंपनियों के फ्रेम के जरिए छिपाया गया। अभी इस मामले में और खुलासे होने हैं, जिसकी जांच जारी है। ईडी के अनुसार, कासलीवाल पर भारतीय बैंकों के एक संघ ने लगभग 1,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि नितिन कासलीवाल ने एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के माध्यम से बैंकों के एक संघ के साथ धोखाधड़ी की और ‘विदेशी निवेश’ की आड़ में धनराशि को भारत से बाहर भेज दिया। इसके बाद उन्होंने विदेशों में कई अचल संपत्ति खरीदीं जिन्हें विदेशी क्षेत्रों में निजी ट्रस्ट और कंपनियों की जटिल संरचना के माध्यम से ‘छिपाया’ गया। ईडी ने इस मामले में 23 दिसंबर को छापेमारी की थी और कुछ दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।

एमपी में नए साल का जश्न: महिला क्रिकेट टीम ने महाकाल के दर्शन किए, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालु की भीड़

भोपाल  मध्यप्रदेश में 2025 की विदाई और 2026 का स्वागत धूमधाम से हुआ। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में लोग रातभर उत्सव मनाते रहे। पचमढ़ी और मांडू में भी खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। रात 12 बजे हैप्पी न्यू ईयर की आवाज सुनाई दी। नए साल के पहले दिन गुरुवार, 1 जनवरी को प्रदेशभर में धार्मिक माहौल बना हुआ है। पचमढ़ी में सूर्य को अर्ध्य देने के बाद योग किया गया। वहीं, उज्जैन में महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे हैं। उज्जैन का महाकाल मंदिर बना श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र नए साल पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। भस्मारती में श्रद्धालु सुबह से ही शामिल होने लगे थे। हजारों लोग मंदिर के बाहर खड़े होकर भस्मारती देख रहे थे। मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता बुधवार से ही लगना शुरू हो गया था। नए साल के पहले दिन सुबह 4 बजे से भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह 9 बजे तक करीब 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। सुरक्षा के लिए मंदिर में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के सभी होटल भी पूरी तरह से भरे हुए हैं। दिल्ली के मंदिरों में भक्तों की भीड़ दिल्ली में झंडेवालान मंदिर और कालकाजी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे। झंडेवालान मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए लोग लाइन में खड़े होकर इंतजार करते दिखे हैं। इसी तरह कालकाजी मंदिर में भी भक्तों ने देवी के सामने सिर झुकाकर नए साल की खुशियां मांगी है। लोधी रोड स्थित साई बाबा मंदिर में भी सुबह की आरती में काफी लोग शामिल हुए। मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर रहा केंद्र मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में नए साल के पहले दिन हजारों श्रद्धालु जुटे। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए लोग रात से ही लाइन लगाने लगे थे। मंदिर ट्रस्ट ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। सुबह की पहली आरती में शामिल होने वालों की संख्या बहुत ज्यादा थी। भक्तों ने प्रसाद चढ़ाया, घंटियां बजाईं और मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। उज्जैन में महाकालेश्वर की भस्म आरती मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती का नजारा अद्भुत दिखा। लाखों भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जुटे। भस्म आरती के दौरान मंदिर में पूरा वातावरण भक्ति से भर गया। लोग दूर से आए हैं, ताकि नए साल की शुरुआत महाकाल के चरणों में करें। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की थी। वाराणसी में काशी विश्वनाथ की मंगला आरती वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में भी सुबह की मंगला आरती में भक्तों की भारी भीड़ है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लोग घंटों इंतजार करते रहे। आसपास के घाटों पर भी गंगा आरती हुई, जहां लोग नए साल की शुभकामनाएं देते दिखे। महिला क्रिकेट टीम ने किए महाकाल के दर्शन मध्यप्रदेश में नए साल के पहले दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में सुबह 9 बजे तक करीब एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। विश्वकप विजेता महिला क्रिकेट टीम की सदस्य भी बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंची। इससे पहले 2025 की विदाई और 2026 के वेलकम के लिए रात में ग्रैंड सेलिब्रेशन हुआ। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर हो या उज्जैन, पचमढ़ी, मांडू। देर रात तक पूरा प्रदेश जश्न में डूबा रहा। रात ठीक 12 बजे हैप्पी न्यू ईयर गूंज उठा। ओंकारेश्वर, ओरछा और अन्य प्रमुख मंदिरों में उमड़ी भीड़ उज्जैन के अलावा, ओंकारेश्वर, ओरछा, मैहर, नलखेड़ा और देवास के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खासकर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का फूलों से सजा गर्भगृह श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है। ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू हुए। श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं। चिंतामन गणेश मंदिर में भी श्रद्धालुओं का उत्साह सीहोर के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में भी नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। यह मंदिर पेशवा कालीन श्री गणेश धाम है। इस बार विशेष व्यवस्था के तहत श्रद्धालु कतार में लगकर दर्शन कर रहे हैं। कोहरे और ठंड के बावजूद लोग बड़ी संख्या में भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचे हैं। दमोह में भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शन दमोह जिले के जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में नए साल पर श्रद्धालु पहुंचे हैं। यहां भगवान जागेश्वरनाथ को 13वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। खास बात यह है कि यहां दर्शन करने से यात्रा का फल मिलता है। इसी कारण श्रद्धालु सालभर इस पवित्र स्थल पर आते रहते हैं। गुना में हनुमान टेकरी मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ा हुजूम गुना के हनुमान टेकरी मंदिर में भी नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। यहां सुबह 7 बजे भगवान बजरंग बली की आरती हुई। इसके साथ ही, दिनभर यहां एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना जताई जा रही है। आनंद की नगरी मांडू में भी नए साल का जश्न एमपी की सिटी ऑफ जॉय मांडू में भी नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया जा रहा है। रात में नाच-गाना और कैंप फायर जैसी गतिविधियों के साथ आनंद की नगरी में उत्सव का माहौल था। मांडू के रानी रूपमती होटल पर आदिवासी संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिल रही है। इंदौर, भोपाल और अन्य मंदिरों में भी भीड़ इंदौर के खजराना और बड़ा गणपति मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं, भोपाल के भोजपुर मंदिर, बिड़ला मंदिर, सीहोर के चिंतामन गणेश मंदिर समेत ओरछा और नलखेड़ा के मंदिरों में भी श्रद्धालु बड़े धूमधाम से दर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इंदौर के अस्पतालों में पहुँचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का जाना हालचाल

घबराने की जरुरत नहीं है राज्य शासन आपके साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इंदौर के अस्पतालों में पहुँचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का जाना हालचाल मुख्यमंत्री इन्दौर के भागीरथपुरा के प्रभावितों और परिजनों से मिले मुख्यमत्री ने कलेक्टर वर्मा को नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने के दिये निर्देश इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से पीड़ित और प्रभावितों से मिलकर भरोसा दिलाते हुए कहा कि चिंता न करें, सब कुछ अब ठीक होगा। आप सभी पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर सकुशल पहुँचेंगे। यहाँ आपको बेहतर से बेहतर उपचार नि:शुल्क दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि सभी प्रभावितों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाये साथ ही इसकी निगरानी भी हो। यह सुनिश्चित किया जाये कि प्रभावितों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों और उनके परिजनों से कहा कि राज्य शासन आपके साथ है। उन्होंने प्रभावितों तथा परिजनों के जीवन निर्वाह, कामकाज आदि के बारे में भी जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञ और अस्पताल स्टॉफ से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकरियों और चिकित्सकों को निर्देश दिये कि वे अस्पताल में भर्ती प्रभावितों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखें। प्रभावितों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ, नि:शुल्क दवायें, इंजेक्शन, जाँच और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाये। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकारियों को कहा कि यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में भागीरथपुरा में हुई घटना के प्रभावितों से मिलने 31 दिसम्बर की शाम को परदेशीपुरा स्थित वर्मा अस्पताल, नंदानगर स्थित बीमा अस्पताल,एमआईजी चौराहा स्थित डीएनएस अस्पताल, रेसकोर्स रोड़ स्थित शैल्बी अस्पताल, एम.वाय.अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों से अस्पताल में उपलब्ध कराए जा रहे उपचार तथा अस्पताल में भर्ती होने के पूर्व निर्मित हुई स्थितियों के बारे में और उनके कामकाज आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन संजय दुबे, अतिरिक्त मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव,एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

बुरहानपुर जल आवर्धन योजना से बदल रही तस्वीर

भोपाल  ताप्ती नदी आधारित ‘‘जल आवर्धन योजना’’ से बुरहानपुर शहर को एक आधुनिक, सुरक्षित और भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली मिली है। परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और नगरपालिक निगम बुरहानपुर द्वारा किया गया है। बुरहानपुर शहर में बढ़ती जनसंख्या और बदलती जीवन शैली के बीच सुरक्षित पेयजल की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। बुरहानपुर शहर की जल वितरण अधोसंरचना पुरानी हो गई थी, जिससे जलापूर्ति ट्यूबवेलों लीकेज, गंदगी की मिलावट का खतरा था। गिरता भूजल स्तर जल की भविष्य की सुचारू उपलब्धता संकट था। 50 एमएलडी क्षमता का आत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र इन चुनौतियों को दूर करने के लिए ताप्ती नदी आधारित नई जलप्रदाय प्रणाली विकसित की गई है। इसके तहत एनीकट, इंटेकवेल और 50 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। जल शोधन संयंत्र में पानी को फिल्ट्रेशन क्लोरीनेशन और अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से शुद्ध किया जाता है। स्काडा प्रणाली से गुणवत्ता और आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जाती है। पानी की क्वालिटी की रोज़ाना मॉनिटरिंग के लिए डब्ल्यूटीपी में एक हाई-लेवल वॉटर टेस्टिंग लैब भी स्थापित की गई है। शुद्ध जल को 8 नए ओवरहेड टैंक और बेहतर पाइप नेटवर्क से शहर के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाया जा रहा है। 41 हजार घरों में मीटर युक्त नल कनेक्शन योजना के अंतर्गत पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को हटाकर नया वितरण नेटवर्क बिछाया गया है। बुरहानपुर में लगभग 41 हजार घरों में मीटरयुक्त नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, इससे लीकेज पर नियंत्रण हुआ है, जल के अपव्यय में कमी आई है और जल वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु हुई है। वर्तमान में नगरवासियों को प्रति व्यक्ति लगभग 135 लीटर शुद्ध पेयजल प्रतिदिन मिल रहा है। बुरहानपुर में 275 ट्यूबवेल से जलापूर्ति की जा रही थी, नई प्रणाली से टैंकरों और ट्यूबवेल पर निर्भरता लगभग समाप्त हुई है। क्षेत्र में निरंतर गिरते भूजल स्तर के की समस्या का भी निराकरण होगा। योजना के क्रियान्वयन से लगभग 8 करोड़ की बचत होगी। अब तक नगर निगम द्वारा भूजल आधारित योजना के संचालन संधारण पर वार्षिक व्यय लगभग रूपये 10 से 12 करोड़ था। अब यह व्यय लगभग रूपये 4 करोड़ होगा। सतत सम्पर्क से संभव हुआ योजना का क्रियान्वयन प्रत्येक घर में पंजीकृत नल कनेक्शन सुरक्षित जल उपयोग, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामुदायिक जिम्मेदारी के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन की सोच के साथ, एमपीयूडीसी द्वारा व्यापक स्तर पर संपर्क किया गया। नवीन जल तंत्र में विश्वास को जगाना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए घर-घर सर्वेक्षण, सामुदायिक परामर्श और फोकस समूह बैठकें और व्यापक सामाजिक आंकलन किया गया। परियोजना के पूर्ण होने के बाद जलजनित रोगों में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुरहानपुर जल आवर्धन योजना ने शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और सतत् जल आपूर्ति की मजबूत नींव दी है। यह पहल स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण को मजबूती भी दे रही है।  

हरदा बना अंतर्राष्ट्रीय शतरंज का केंद्र, रैपिड चेस टूर्नामेंट का भव्य आयोजन

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का भव्य आयोजन हरदा जिले में होने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हरदा जिला शतरंज संगठन के तत्वाधान में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुरूप संपन्न होगा, जिसमें देश-प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों के ख्याति प्राप्त और रेटेड खिलाड़ी अपने खेल का जौहर दिखाएंगे। इस टूर्नामेंट की तिथि शतरंज फेडरेशन द्वारा 24 जनवरी शनिवार निर्धारित की गई है। यह टूर्नामेंट कलेक्टर निवास के सामने, इंदौर रोड हरदा डिग्री कॉलेज में होगा, जिसमें देश-विदेश के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह इंटरनेशनल चेस टूर्नामेंट 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को समर्पित रहेगा। इसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले एवं आसपास के विद्यालयों और महाविद्यालयों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के खेल स्तर को बेहतर बनाने हेतु पूर्व में प्रशिक्षण-सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शतरंज के शौकीनों और खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है, जहां वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। टूर्नामेंट में कुल 1 लाख 51 हजार रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफियां रखी गई है। यह एक रेपिड टूर्नामेंट होगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 15 मिनट और प्रति चाल 5 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के लिये ओपन श्रेणी हेतु 750 रुपये तथा हरदा के स्थानीय खिलाड़ियों के लिये 500 रूपये एन्ट्री फीस निर्धारित की गई है। जीएम/डब्ल्यूजीएम/डब्ल्यूआईएम खिताब धारकों और 2300 से ऊपर रेटेड खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। इसके अलावा दिव्यांग खिलाड़ियों को एंट्री फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इच्छुक खिलाड़ी ब्रोशर लिंक https://circlechess.com/brochure?id=49722 व पंजीकरण लिंक https://circlechess.com/registration?id=49722 के माध्यम से टूर्नामेंट के आयोजन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भागीरथपुरा जलजनित घटना की पुनरावृत्ति रोकने के होंगे पूरे इंतजाम प्रभावित क्षेत्रों का नगरीय प्रशासन अपर मुख्य सचिव करेंगे भ्रमण, देंगे रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने इंदौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की संयुक्त बैठक इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज इंदौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम की आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त अमला और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घटना को दु:खद बताते हुए कहा कि इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सरकार पूरी दृढ़ता से कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जलापूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर कहीं भी लीकेज या प्रदूषण की आशंका पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति शुद्ध पाई गई है, जबकि शेष हिस्सों में पुरानी एवं क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण समस्या सामने आई है, जिन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शासकीय एवं निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस आपात स्थिति को नियंत्रित किया गया और प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है। बैठक में बताया गया कि शहर के भागीरथपुरा वार्ड क्रमांक में गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। बीते दो-तीन दिनों में लगभग 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 2 हजार 456 संदिग्ध मामलों में लक्षण पाए गए। इनमें से 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें 50 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 162 मरीजों का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न अस्पतालों में जाकर मरीजों से मिले हैं और अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर है। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। बैठक में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थिति के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट,सांसद शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अपर मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव,एमआईसी मेम्बर अभिषेक शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।