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समाज का सेवा भाव देखना अत्यंत आनंददायी : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल जांच शिविर में कहा भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक एक भी बच्चा आनुवंशिक सिकल सेल रोग के साथ जन्म नहीं ले, यह संकल्प लिया है। सिकल सेल को खत्म करने में जन और जन प्रतिनिधि को सरकार का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का सेवा भाव अत्यंत आनंददायी होता है। रोगियों के पोषण और अन्य जरूरतों में सहयोग मानवता की उत्तम सेवा है। राज्यपाल श्री पटेल खरगोन जिले के कसरावद के ग्राम पानवा में आयोजित सिकल सेल जांच शिविर को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग को खत्म करने के लिए जागरूकता का प्रसार जरूरी है। सिकल सेल के रोगियों को ठंडे पानी से नहाने और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, नियमित दवा के सेवन के साथ व्यायाम करना और अधिक पानी पीना चाहिए। डिजिटल कार्ड का मिलान करने के बाद ही विवाह तय किए जाएँ। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 89 पेसा समितियों द्वारा जन जागरुकता के कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में आम जन और जनप्रतिनिधियों को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खरगोन जिले में 10 लाख व्यक्तियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री श्री मोदी की निर्धन और जनजातीय वर्ग के लिए संवेदनशीलता का परिणाम पीएम आवास योजना, बिरसा मुंडा धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, पीएम जनमन योजना है। सरकार योजनाबद्ध रूप से योजनाओं पर कार्य कर रही है। नागरिकों को भी प्रयास करना होगा कि उनके आसपास के शासकीय योजनाओं के पात्रों को अनिवार्य रूप से लाभ मिले। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं सिकल सेल पेंशन प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, निक्षय मित्र आहार किट, जाति प्रमाण पत्र, नवनिर्मित पीएम आवास की चाबी, लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रमाण पत्र आदि के हितलाभ वितरित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी जांच, कुष्ठ जांच, बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन जांच और औषधि वितरण सहित आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा का अवलोकन किया और शिविर में किए गए पंजीयन और जांच की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा मैक्रम उत्पाद, महेश्वर हैंडलूम साड़ी, मिर्च मसाले, शहद, जैविक हल्दी और जैविक तुअर दाल, फूलबत्ती, चायपत्ती उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और समूह की दीदियों से उनके उत्पादों की विशिष्टता जानी। राज्यपाल के स्वागत में जनजातीय कार्य विभाग की छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सांसद खरगोन श्री गजेंद्र सिंह पटेल, डीएटीसीसी सदस्य श्रीमती नंदा ब्रह्मणे ने भी संबोधित किया। सीईओ जिला पंचायत श्री आकाश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रधानमंत्री आवास हितग्राही के घर किया भोजन राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम पंचायत खलबुजुर्ग के प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राही श्रीमती अन्नूबाई और अशोक मेवाड़े के नवनिर्मित आवास में पारंपरिक निमाड़ी भोजन ग्रहण किया। राज्यपाल के आगमन पर मेवाड़े दंपत्ति ने पुष्प-वर्षा और ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत किया। राज्यपाल को तिलक लगाकर, पारंपरिक धनुष-बाण भेंट किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल, निमाड़ रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, पुलिस अधीक्षक श्री रविंद्र वर्मा, पूर्व विधायक कसरावद श्री आत्माराम पटेल, खलबुजुर्ग सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मंत्री श्रीमती उइके ने कहा- हर घर नल से जल पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आया निर्णायक बदलाव

महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार और सशक्त हुई नई पीढ़ी पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मध्यप्रदेश ने द्वितीय स्थान किया हासिल भोपाल  प्रदेश सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पेयजल को नागरिकों का मूल अधिकार मानते हुए जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर तक सुरक्षित, सतत और गुणवत्तापूर्ण जल पहुंचाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कार्य किया है। बीते दो वर्षों में विभाग ने न केवल भौतिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, बल्कि ग्रामीण समाज के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 81 लाख 21 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कुल लक्षित परिवारों का लगभग 73 प्रतिशत है। प्रदेश के 10 हजार 440 ग्रामों को हर घर जल घोषित किया जा चुका है और भारत सरकार द्वारा बुरहानपुर जिले को देश का पहला प्रमाणित हर घर जल जिला घोषित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विगत दो वर्षों में 13 लाख 69 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नए नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। पायलट आधार पर 64 ग्रामों में 24×7 जल प्रदाय की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 15 हजार 238 नवीन हैंडपंप और नलकूप स्थापित किए गए हैं। उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में एकल नल जल योजनाओं का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है, जिससे सात लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया गया है। नल से जल आया तो महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि हर घर नल जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव लाया है। पहले महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाने में दिन का बड़ा हिस्सा व्यर्थ हो जाता था, जिसके बाद घर या आजीविका से जुड़े अन्य कार्य कर पाना संभव नहीं होता था। अब घर में नल से जल उपलब्ध होने के कारण समय की बचत हो रही है और महिलाएं उस समय का उपयोग आयवर्धक गतिविधियों में कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि समय की बचत से महिलाएं पार्लर, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, किराना दुकान जैसे छोटे स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। इससे उनके लिए आजीविका के नए साधन बने हैं और वे अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में सहयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति सशक्त हुई है। ग्रामीण जन के स्वास्थ्य स्तर में हुआ सुधार मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों के प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे उपचार पर होने वाला अनावश्यक खर्च घटा है और परिवारों का आर्थिक पक्ष मजबूत हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य के कारण कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है, बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित हुई है और महिलाओं को भी घरेलू एवं आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए अधिक समय और ऊर्जा मिल रही है। शुद्ध पेयजल की सतत उपलब्धता ने स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिरता तीनों स्तरों पर ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार किया है। बालिकाओं को पढ़ाई का अवसर, शिक्षा स्तर में सुधार मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि घर में पानी उपलब्ध होने से बालिकाओं को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है। विद्यालय उपस्थिति में वृद्धि हुई है और शिक्षा के स्तर में भी सुधार देखा जा रहा है। जल जीवन मिशन केवल जल आपूर्ति की योजना नहीं, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा और ग्रामीण समाज की समग्र प्रगति का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। गुणवत्ता, निगरानी और पारदर्शिता पर विशेष फोकस मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य की समस्त प्रयोगशालाओं का शत-प्रतिशत एनएबीएल प्रमाणीकरण कराया गया है, जिससे मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में देश में अग्रणी बना है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक जल नमूनों का परीक्षण किया गया है और महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है। योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता के लिए जल रेखा मोबाइल एप, जलदर्पण पोर्टल, शत-प्रतिशत जियो टैगिंग, इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, ट्यूबवेल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और ई-प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण में विभाग लगातार ग्रेड ‘ए’ में रहा है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर योजनाओं और पाइपलाइन नेटवर्क को रेखांकित करने में प्रदेश को देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। नवाचार और भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि समूह जल प्रदाय योजनाओं में बिजली की आवश्यकता की पूर्ति के लिए नवकरणीय ऊर्जा आधारित प्लांट स्थापित कर 60 मेगावॉट पवन ऊर्जा परियोजना की कार्ययोजना तैयार की गई है। आगामी तीन वर्षों में समस्त ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को क्रियाशील नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि प्रदेश सरकार जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार और योजनाएँ मध्यप्रदेश को जल सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर रही हैं। 

डिजिटल सिस्टम से धोखा: ‘सार्थक’ एप में चेहरे बदलकर हाजिरी, 600 किमी दूर बैठे डॉक्टरों पर कार्रवाई

भोपाल राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरीजों के इलाज के लिए तैनात धरती के भगवान ही अब तकनीक को चकमा देकर घर बैठे वेतन पाने की जुगत में लगे हैं। मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का है, जहां तैनात चिकित्सक 'सार्थक एप' के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। कारण बताओ नोटिस जारी सीएमएचओ कार्यालय द्वारा की गई एप की नियमित समीक्षा में यह गड़बड़ी पकड़ में आई। जांच में पाया गया कि डॉक्टर न केवल कार्यस्थल से नदारद थे, बल्कि तकनीक से छेड़छाड़ कर विभाग को गुमराह भी कर रहे थे। इस गंभीर लापरवाही पर सीएमएचओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।   लोकेशन 600 किमी दूर, फोटो में चेहरे बदले समीक्षा रिपोर्ट में दो बड़े मामले उजागर हुए हैं। पहला मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, गौतम नगर का है। जहां पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव सिंह ने कार्यस्थल से 500 से 600 किलोमीटर की दूरी से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इतना ही नहीं उनकी नियमित अटेंडेंस भी क्लीनिक से करीब 11 किलोमीटर दूर से लगाई जा रही थी। दूसरा मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, बाग मुगालिया का है जहां चिकित्सक डॉ. मिन्हाज के मामले में एप से छेड़छाड़ की बात सामने आई है। उनकी अटेंडेंस में अलग-अलग लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से 'प्राक्सी अटेंडेंस' या तकनीकी हेराफेरी को दर्शाता है।   मरीजों की जान से खिलवाड़ इन चिकित्सकों की अनुपस्थिति का सीधा असर क्लीनिक आने वाले मरीजों पर पड़ रहा था। डॉक्टर के न मिलने से इलाज की प्राथमिकता प्रभावित हो रही थी। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के विपरीत और अवैधानिक कृत्य माना है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो इन चिकित्सकों के खिलाफ निलंबन जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भगवान महाकाल का अभिषेक

भोपाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंगलवार को प्रात:काल महाकाल मंदिर पहुंचकर महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। महाकाल मंदिर समिति की ओर से श्री नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का शॉल, श्रीफल, प्रसाद भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल अन्न क्षेत्र में भक्तजनों को प्रसाद वितरण कर स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। 

सीएम हेल्पलाइन में ‘सेटिंग’ की कीमत 10 हजार! रिश्वत लेते पकड़ा गया छिंदवाड़ा बीएसी

छिंदवाड़ा जिले में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं ।मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अमरवाड़ा विकासखंड में पदस्थ ब्लाक एकेडमिक कोआर्डिनेटर(बीएसी) सत्येंद्र जैन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, यूनिक पब्लिक स्कूल के संचालक ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि सत्येंद्र जैन उनके स्कूल से जुड़ी एक सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को बंद कराने (नस्तीबद्ध करने) के बदले में पैसों की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि होने के बाद जबलपुर लोकायुक्त टीम ने मंगलवार शाम को जाल बिछाया। जैसे ही सत्येंद्र जैन ने छिंदवाड़ा के चक्कर रोड स्थित आई.सी.एच. के पास शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है ।

बुरहानपुर में हथियारों का जखीरा: पंजाब का युवक तीन देसी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार

बुरहानपुर पंंजाब के अमृतसर से अवैध हथियार खरीदने आए एक युवक को खकनार थाना पुलिस ने तीन देसी पिस्टलों व एक मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान नंगली मोहल्ला फरीत नगर अमृतसर पंजाब निवासी संदीप सिंह 19 वर्ष के रूप में की गई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक तुकईथड़ के झिरमिटी फाटे के पास अवैध हथियार लेकर खड़ा है। इसके बाद थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने टीम के साथ घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। बैग की तलाशी लेने पर तीन पिस्टल बरामद हुए। आरोपित के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपित मुख्य तस्कर के लिए पिस्टल खरीदने आया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।   फरार हथियार तस्कर को भी दबोचा खकनार थाना पुलिस ने एक अफरार हथियार तस्कर को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। थाना एसटीएफ भोपाल के एक मामले में फरार आरोपित शमशेर सिंह 30 वर्ष निवासी पाचोरी व वीरेंद्र सिंह 33 वर्ष निवासी पाचोरी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों ने भोपाल एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान पुलिस झूमाझटकी कर सरकारी काम में बाधा डाली थी। इसके बाद से फरार चल रहे थे। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें खंडवा जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार शमशेर सिंह पर पूर्व में भी दो प्रकरण दर्ज हैं, जबकि वीरेंद्र पर आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं।

अपनी ही सरकार को घेरना पड़ा भारी! प्रतिमा बागरी को CM यादव ने दिलाई मंत्री पद की याद

भोपाल भाई के गांजा रखने के मामले में पकड़े जाने से चर्चा में आईं मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। अपने क्षेत्र में खराब सड़क निर्माण की पोल सार्वजनिक रूप से खोल कर भले ही वह जनहित का हवाला दे रही हों लेकिन जो दिख रहा है, मामला वैसा नहीं है। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रतिमा बागरी की इस सक्रियता की वजह घटिया सड़क निर्माण नहीं बल्कि जिले में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाराजगी है। यह एक तरह से दबाव बनाने की राजनीति रही। दरअसल, प्रतिमा बागरी कुछ इंजीनियरों को सतना जिले से हटवाना चाहती हैं, उनकी मांग नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने इस घटिया सड़क का मुद्दा सार्वजनिक कर दिया जबकि इस मामले में सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पहले ही आरंभ की जा चुकी है।   सरकार को कठघरे में खड़ा करना मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर चेतावनी भी दी, तब प्रतिमा ने यह तक कहा कि मेरे कहने के बाद भी वहां के कार्यपालन अधिकारी को हटाया नहीं जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार में हो, यह भूलना नहीं चाहिए। यह पहला मामला नहीं है। विधायक और मंत्री जनहित के नाम पर उनकी न सुने जाने पर इस तरह सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहते हैं। पहले भी भिंड से विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सार्वजनिक रूप से कलेक्टर से भिड़ चुके हैं। पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नेता भले पार्टी को सर्वोपरि बताएं लेकिन खुद की अहमियत साबित करने के लिए वे व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। पार्टी कड़ी कार्रवाई नहीं करती इसलिए दोहराव भी होता रहता है। बता दें, कुछ दिन पहले प्रतिमा बागरी ने मझगवां के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने पैर से ही गिट्टी-डामर हटाकर निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बता दिया। 'आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं…' – सीएम मोहन यादव इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर मिल गया। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिमा बागरी को अपने कक्ष में बुला लिया। इसके पहले वे इस सड़क से संबंधित पूरी जानकारी ले चुके थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपने जिस सड़क की बात उठाई, उस पर तो विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है। आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं है। पहले भी कई विधायकों के साथ जुड़ा विवाद इसी साल अप्रैल माह में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने साथियों के साथ देवास की माता टेकरी पर हंगामा किया था। आधी रात को मंदिर के पट खुलवाने का पुजारी पर दबाव बनाया। कुछ माह पहले हाटपीपल्या से भाजपा विधायक मनोज चौधरी के भतीजे डॉ. निखिल चौधरी ने भोपाल रोड स्थित टोल नाके पर तोड़फोड़ की थी। देवास से भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र विक्रम सिंह पवार वाहनों के काफिले के साथ श्री महाकाल महालोक में घुस गए थे।

डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री लोधी

संपूर्ण भारत और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित करना हमारी प्राथमिकता मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश   पिछले साल 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन पर्यटन के उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा देश 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण   वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को क्रिएटिव सिटी के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को 'क्रिएटिव सिटी' के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। दो वर्षों की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना     मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।     मंदिरों का जीर्णोद्धार     विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।     शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।     शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।       पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।     शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण     प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है। नवाचार     धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. … Read more

प्रदेश के 65 हजार से अधि​क मतदान केंद्रों पर हुआ प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप प्रकाशन के संबंध में दी जानकारी भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने राजनीतिक दलों को प्रारूप सूची की सीडी भी प्रदान की. बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित भाजपा के श्री भगवान दास सबनानी, कांग्रेस के श्री जे.पी. धनोपिया एवं श्री ललित सेन और आप पार्टी के श्री सी.पी. सिंह चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य 4 नवंबर से शुरू हुआ था.इस अवधि में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया. गणना पत्रक भरे गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि राज्य में इस कार्य में मतदाताओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी. इस अवधि में वास्तविक मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं या आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। युवा मतदाता जुडवा सकते हैं नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री झा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे ऑफलाइन या ऑनलाइन अपना नाम जुडवा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा. इसके साथ ही ऑफलाइन के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान दिवस की बधाई दी

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी श्री चरण सिंह की जयंती पर किया पुण्य स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की लगन और अथक परिश्रम से ही देश के अन्न भंडार समृद्ध हैं। अन्नदाताओं का परिश्रम और प्रतिबद्धता वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर सादर नमन किया, उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उल्लेखनीय है पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने के लिए, उनकी जयंती किसान दिवस के रूप में मनाई जाती है।