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ग्वालियर में नए साल की शराब पार्टी महंगी, 500 लोगों के लिए 25 हजार शुल्क तय

ग्वालियर  नए साल के जश्न को मनाने के लिए शराब पार्टी करने वालों को इस बार अधिक फीस चुकानी होगी। अगर 500 लोगों की पार्टी कोई करता है, तो आयोजक को 25 हजार रुपये खर्च कर शराब परोसने का एक दिन का लाइसेंस लेना होगा। इसी तरह जितनी संख्या बढ़ती जाएगी उतनी फीस भी बढ़ जाएगी। एक हजार लोगों की शराब पार्टी के लिए एक लाख फीस एक हजार लोगों की शराब पार्टी के लिए एक लाख रुपये तक फीस है। इस बार की आबकारी नीति में यह प्रविधान किए गए हैं, जिसके बाद इनका उपयोग किया जा रहा है। वहीं इसको लेकर आबकारी विभाग की नौ सर्किल टीमों का गठन किया गया है। जो नए साल की पूर्व संध्या पर निगरानी करेंगी। शहर में ओपन एयर बार का ट्रेंड भी बढ़ा वहीं, पिछले दिनों शहर में ओपन एयर बार का ट्रेंड भी बढ़ा है। कई जगह ऐसी भी शिकायतें हैं जहां बिना लाइसेंस के शराब परोसी जाती है। बता दें कि नए साल को लेकर हर साल आबकारी विभाग के अधिकारी तैयारी करते हैं और अस्थायी लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया की जाती है। जिले में आबकारी विभाग के जो नौ सर्किल हैं, उनके प्रभारियों सहित टीमें बनी हैं। वहीं अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन का सिलसिला 25 दिसंबर से शुरू हो जाता है। सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि नए साल की पूर्व संध्या पर बिना लाइसेंस के पार्टी करवाने वालों की संख्या बहुत होती है। सिटी सेंटर क्षेत्र में सबसे ज्यादा शराबखोरी आबकारी विभाग की टीम मुख्य स्थानों पर तो निगरानी रखती है, लेकिन शहर में इन दिनों हाईवे से लेकर अंदर के कई मार्गों पर स्थित रेस्टोरेंट और ढाबों पर शराब परोसी जाती है। सिटी सेंटर सहित शहर के कई इलाकों में कारों में शराबखोरी का चलन बढ़ गया है। अहाते बंद होने के बाद सड़कों पर और कार में शराब पीने वालों की संख्या बढ़ी है, लेकिन पुलिस हो या आबकारी विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। एसपी ऑफिस के पीछे शाम ढलते ही शराबखोरी कारों में शराब पीने वाले लोग रात में पॉश कॉलोनियों के रहवासियों सहित व्यावसायिक इलाकों में निजी कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हैं और उत्पात मचाते हैं। खासकर सिटी सेंटर की एयरटेल रोड, एलेन कोचिंग के पास भूखंडों में लग्जरी गाड़ियों को पार्क करके शराबखोरी की जाती है। इसके अलावा एसपी ऑफिस रोड से लेकर एसपी ऑफिस के पीछे शाम ढलते ही शराबखोरी करने वाली कारों को आसानी से देखा जा सकता है। 

इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनने वाले द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की करेंगे सिद्धी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित किया है। म्याना स्टेशन को 9687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि म्याना रेलवे स्टेशन का बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होना, प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल जिले के शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि भरेवा धातु शिल्प को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है। गोंड जनजाति की एक उपजाति धातु ढलाई का यह कौशल, पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करती है। यह शिल्पकार प्रतीकात्मक देवी-देवताओं की मूर्ति, परंपरागत आभूषण, गोंड अनुष्ठान में प्रयुक्त धार्मिक सामान के साथ ही मोर लैंप, बैलगाड़ी, घंटियां, पायल, दर्पण के फ्रेम जैसी सजावटी वस्तुएं का निर्माण करते हैं। इस सामग्री की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रियता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाघमारे को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 773 करोड रुपए लागत से इंदौर में एम.वाय. हॉस्पिटल का नवनिर्माण किया जाएगा। नए 1450 बिस्तरीय एम.वाय हॉस्पिटल के निर्माण से पुरानी बिल्डिंग की कठिनाईयों से मुक्ति मिलेगी। अस्पताल के साथ ही नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम आदि का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया की विमेन टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल मैच जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी की व्यवस्था है। टीम के तीनों कोच सर्वश्री सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 12, 13 ,14 दिसंबर को मध्यप्रदेश उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद, माटी कला परिषद, पर्यटन आदि के स्टाल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक श्री मधु वर्मा ने अपने पुत्र का विवाह, आगर मालवा में हुए सामूहिक विवाह समारोह में कर, अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री वर्मा द्वारा सामाजिक समरसता और शादियों में अपव्यय को रोकने के लिए की गई इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल को प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धता से जोड़ने के संकल्प के अंतर्गत राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों को समर्पित द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था। गत वर्ष भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग पर राजा भोज द्वार के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई, इसी क्रम में भोपाल-इंदौर मार्ग पर हाल ही में विक्रमादित्य द्वार निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया गया। वास्तु शिल्प के अद्भुत उदाहरण इन द्वारों से राजधानी भोपाल का गौरव बढ़ेगा। यह द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की सिद्धी की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध होंगे।  

मध्य प्रदेश में MSME से लेकर स्टार्टअप्स तक, निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। आत्मनिर्भरता को मिला आधार राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 1,13,696 तक पहुँच गई  है। नीतिगत सुधारों का सीधा असर उद्योगों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही ‘जनविश्वास (संशोधन) विधेयक 2024’ के माध्यम से उद्योगों पर लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया गया है। इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट सिस्टम और सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाएँ पारदर्शी और समयबद्ध हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। एमएसएमई सेक्टर से एक करोड़ से अधिक को रोज़गार प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। वर्तमान में 20.43 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और एक करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करा रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि छोटे व्यापार, सेवाओं और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय संतुलन मजबूत हुआ है। लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला रास्ता औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी दृष्टि से राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों और निर्यात केंद्रों से जोड़ने में सहायता की है। इससे माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आई है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।  स्टार्टअप से भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास को समान रूप से महत्व दिया गया है। राज्य में 6000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स नवाचार को सहयोग दे रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया है। स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत सीड फंडिंग, कैपिटल फंड और एन्ट्रेप्रेन्योर इन रेजिडेंस प्रोग्राम जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाने से स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।

श्रमिक कल्याण को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री ने संबल के तहत 160 करोड़ रुपये किए सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत प्रदेश के 55 जिलों के 7227 संबल हितग्राहियों के बैंक खाते में सिंगल क्लिक से 160 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपये की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है।   इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी।   प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलाग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है।   मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना से भुगतान पाने वाले हितग्राही संचालित योजनाएं– सहायता राशि प्रति प्रकरण– हितग्राहियों की संख्या अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु पर)– 2 लाख — 6390 अनुग्रह सहायता (दुर्घटना मृत्यु पर)– 4 लाख — 790 अनुग्रह सहायता (आंशिक स्थायी अपंगता)– 1 लाख– 34 अनुग्रह सहायता (स्थायी अपंगता होने पर)– 2 लाख — 13 कुल –7,227  

कम लागत–ज्यादा लाभ का मॉडल है प्राकृतिक खेती : मंत्री चौहान

उमरिया में जैविक हाट बाजार का किया शुभारंभ भोपाल : अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं उमरिया जिला प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती एक रसायन-मुक्त कृषि प्रणाली है जो मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करती है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों की जगह गाय के गोबर, मूत्र, गुड़ और बेसन से बने जीवामृत, बीजामृत, और घन जीवामृत जैसे जैविक आदानों का उपयोग किया जाता है, जिससे लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। यह कृषि-पारिस्थितिकी पर आधारित है और फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है, जिससे टिकाऊ और लागत प्रभावी खेती संभव होती है।मंत्री श्री चौहान ने यह बात कृषि उपज मंडी में जैविक हाट बाजार के शुभारंभ कर कही। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है एवं भूमि के प्राकृतिक स्वरूप में भी बदलाव होता है। उन्होंने आहवान किया कि सभी किसान प्राकृतिक खेती को अपनाने का प्रयास करें। मंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विधायक बांधवगढ़ शिवनारायण सिंह, कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, आसुतोश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। 

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की समाधान योजना में रिकॉर्ड भागीदारी, 1 लाख 74 हजार उपभोक्ता जुड़े

 191 करोड़ 55 लाख मूल राशि हुई जमा, 101 करोड़ 02 लाख का सरचार्ज हुआ माफ भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ हजारों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 1 लाख 74 हजार 347 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 191 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 101 करोड़ 2 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है।  मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल: लाल किला बम विस्फोट की झूठी धमकी, बेटी की समझदारी बनी जीवनरक्षक

मुरैना दिल्ली के लाल किला बम विस्फोट में आतंकियों का साथी बताकर साइबर ठगों ने मध्य प्रदेश के मुरैना में एक जूता व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की कोशिश की। हालांकि व्यापारी की बेटी की समझदारी और सतर्कता से यह साजिश नाकाम हो गई। बेटी ने समय रहते हालात को भांप लिया और अपने पिता को मानसिक उत्पीड़न व आर्थिक नुकसान से बचा लिया। मुरैना शहर के ओवरब्रिज के नीचे स्थित मार्केट में जूता-चप्पल की दुकान चलाने वाले इस्लामपुर निवासी 55 वर्षीय रामसेवक शिवहरे के वाट्सएप पर सुबह करीब 11:30 बजे मोबाइल नंबर 9620122894 से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वर्दी में नजर आया। वह बड़ी मेज और कुर्सी पर बैठा था और पीछे तिरंगा झंडा लगा हुआ था।   वीडियो कॉल करने वाले ने अपना नाम अभिषेक वर्मा बताते हुए कहा कि वह दिल्ली के लाल किला थाने की क्राइम ब्रांच से बोल रहा है। उसने रामसेवक को बताया कि बीते महीने दिल्ली में लाल किले के पास हुए बम धमाके में उनका नाम सामने आया है। ठग ने दावा किया कि पकड़े गए आतंकी डॉक्टरों ने रामसेवक को अपना साथी बताया है। यह सुनते ही रामसेवक घबरा गए। डर का फायदा उठाते हुए ठग ने उन्हें दुकान छोड़कर तुरंत घर जाने और अकेले कमरे में बात करने को कहा। रामसेवक स्कूटी से घर पहुंचे और दूसरी मंजिल के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। इसके बाद करीब 15 से 20 मिनट तक ठग उनसे लगातार बातचीत करता रहा। इस दौरान उसने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर रामसेवक से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, सालभर की कमाई और परिवार से जुड़ी तमाम जानकारियां हासिल कर लीं। उधर, रामसेवक की बेटी प्रमिला को शक तब हुआ जब पापा सुबह 11 बजे दुकान से घर आ गए, जो आमतौर पर नहीं होता था। घर के बाहर स्कूटी खड़ी दिखी, लेकिन वे काफी देर तक बाहर नहीं आए। ऊपर जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। भीतर से मोबाइल पर घबराई हुई आवाज में बात करने की आवाज आ रही थी। वह कह रहे थे “साहब, मेरा किसी से कोई लेना-देना नहीं है।” बेटी ने तुरंत मां को बताया और दोनों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया। अंदर रामसेवक बेहद डरे हुए थे और वीडियो कॉल अभी भी चालू थी। जैसे ही ठग ने परिवार की आवाज सुनी, उसने तुरंत कॉल काट दी। इसके बाद उसने कई बार वीडियो कॉल करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने फोन नहीं उठाया। बेटी प्रमिला ने बताया कि जिस तरह से ठग ने उनके पिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, अगर समय रहते वे कमरे में नहीं पहुंचते तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। परिवार ने पूरे मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई है।

मंत्री वर्मा ने कहा- जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के विशिष्टजनों के अनुभव अहम

केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का किया जाएगा प्रभावी क्रियान्वयन मुरैना में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई भोपाल  राजस्व मंत्री एवं मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के विशिष्टजनों के अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन अनुभवों पर भी विचार किया जाएगा, जिससे केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।पिछले दो वर्षों में मुरैना जिले ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि मुरैना जिला निरंतर विकास की गति प्राप्त करे, जिसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। मंत्री श्री वर्मा मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक श्री समीर सौरभ, प्रभारी वनमंडलाधिकारी श्री अंकित, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि विगत दो वर्षों में विभिन्न नवाचारों के माध्यम से विकास की एक नई गाथा लिखी गई है। जिले के विकास को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से उनके-अपने क्षेत्र के बेहतर विकास के लिये सुझाव प्राप्त किए गए हैं। समिति में किसान, वकील, चिकित्सक, शिक्षाविद्, कानून विशेषज्ञ सहित 20 विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य सम्मिलित हैं। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष उद्योगों में क्रांति लाने के उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया तथा वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। इस समिट के माध्यम से निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सरकार को लगभग 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के फलस्वरूप युवाओं के लिए अनेक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बहनों के लिए, किसानों के लिए किसान कल्याण योजनाएँ, शिक्षा एवं उद्योग क्षेत्र में व्यापक सुधार, विदेश नीति को सशक्त बनाते हुए विश्व पटल पर भारत की पहचान को सुदृढ़ किया गया है। राजस्व महाअभियान चलाकर करोड़ों प्रकरणों का निराकरण किया गया। नामांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए व्हाट्सएप पर प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जा रही है। जल उपलब्धता के लिये नदी जोड़ो अभियान, फसल राहत, खाद की उपलब्धता, भावांतर योजना एवं प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। हमारे राज्य का सतत विकास हो रहा है और जिले के विकास के लिए हम सभी मिलकर निरंतर प्रयास करेंगे। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि मुरैना विकास कार्यो में प्रथम स्थान पर आए एवं मुरैना में कोई नामान्तरण, बटवारा का कोई प्रकरण लंबित न रहे, इस प्रकार के प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि सभी जनों को न्याय मिले एवं योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराना आवश्यक है। बैठक में मुरैना के विकास कार्यों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।  

स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के समावेश के साथ 49 पुस्तकों का प्रकाशन

प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। प्रदेश में इससे जुड़ी हुई समितियों की बैठकें भी नियमित रूप से की जा रही हैं। प्रदेश में राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा-बुनियादी स्तर (एससीएफ-एफएस) एवं राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा स्कूली शिक्षा (एससीएफ-एसई) का निर्माण पूरा किया जा चुका है। स्थानीय भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में पाठ्य-पुस्तकों को स्थानीय भाषा में प्रकाशित किये जाने की अनुशंसा की गई है। प्रदेश में 49 पुस्तकों को प्रदेश की 12 भाषाओं में अनुवाद कराते हुए हिन्दी, क्षेत्रीय भाषा एवं जनजाति भाषा में तैयार कर प्रदेश के 89 ट्राइबल विकासखण्डों के स्कूलों में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अंतर्गत अभ्यास पुस्तिका एवं शिक्षक मार्गदर्शिका का निर्माण और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा चुका है। इसके आधार पर बच्चों के लिये लर्निंग किट एवं फ्लोर गेम्स भी तैयार किये गये हैं। मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ट्रेकर को अपडेट किया जा रहा है। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने आयुक्त और संचालक स्तर की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की समितियाँ भी गठित की हैं। यह समितियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न ग्रुप एवं क्षेत्रों से संबंधित हैं।  

पेंशनर्स दिवस पर 17 दिसंबर को शक्ति भवन में शिविर का आयोजन

भोपाल  एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मानव संसाधन व प्रशासन कार्यालय के तत्वावधान में 17 दिसंबर को दोपहर 12 बजे पेंशनर्स दिवस पर एक विशेष शिविर का आयोजन शक्ति भवन जबलपुर के ब्लॉक नंबर 14 में किया जायेगा। इस शिविर में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा पेंशनरों को खातों में दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी। शिविर का संयोजन पावर मैनेजमेंट कंपनी के लेखाधिकारी वेतन व पेंशन द्वारा किया गया है। कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता ने सभी पेंशनर व परिवार पेंशनरों से इस शिविर में उपस्थि‍त होकर सुविधा का लाभ उठाने का अनुरोध किया है।