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नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव

परिवहन सचिव ने किया सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का निरीक्षण, नागरिकों को त्वरित और बेहतर सेवाएं देने के दिये निर्देश परिवहन कार्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ऑनलाइन सेवाओं की देखी कार्य प्रणाली भोपाल सचिव मध्यप्रदेश सड़क परिवहन मनीष सिंह ने सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम अन्तर्गत निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेख संधारण तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कक्षों और पूरे परिसर का निरीक्षण करते हुए परिवहन सेवाओं के संचालन की स्थिति देखी तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। सिंह ने कार्यालयीन स्टॉफ से चर्चा कर कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं और कार्य प्रणाली से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी रितेश तिवारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों के कार्यों को प्राथमिकता और गंभीरता से करें और सेवाओं की प्रदायगी में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये कहा। सचिव सड़क परिवहन सिंह ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संधारित किए जा रहे अभिलेखों का अवलोकन किया और दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण के निर्देश दिये। उन्होंने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान सिंह ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन कार्यालय पहुंचे नागरिकों से चर्चा करते हुए परिवहन सेवाओं की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधाओं तथा कार्यालय में मिलने वाली सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य प्रणाली को प्रभावी तथा नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए।  

बिलाश टांटी शर्मा के अंगदान से तीन लोगों को मिला नया जीवन, CM डॉ. यादव ने जताया सम्मान

श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा के अंगदान से तीन लोगों को मिला जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम जिले में बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द की निवासी स्व. श्रीमती शर्मा पैतृक गांव में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के एम्स, भोपाल में अंगदान से तीन लोगों को जीवन मिला है। नर्मदापुरम जिले में बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द निवासी श्रीमती शर्मा सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड हुईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि असहनीय दुःख की घड़ी में उनके परिजन ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की ऐसी मिसाल पेश की, जो सभी को प्रेरित करेगी। राज्य शासन के निर्णय अनुसार स्व. शिवानी के पैतृक गांव में पार्थिव देह को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही है अंगदान के प्रति जागरुकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस पहल से अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है, साथ ही इससे अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। समाज में जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। स्व. शिवानी का यह महादान तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। उनका योगदान मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।

एम.आई.सी.ई. पर्यटन से निवेश और रोजगार को मिलेगी गति, भोपाल में बनेगा विशाल कन्वेंशन सेंटर : डॉ. बेडेकर

भोपाल प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आधुनिक कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर और उन्नत अधोसंरचना पर जोर दिया जा रहा है। मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘IEIA MICE इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट–फोकस’ कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला शामिल हुए। इस दौरान मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्रदेश की संभावनाओं और निवेश के अवसरों का प्रस्तुतिकरण दिया। इंडियन एग्जीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन (IEIA) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘भारत में MICE आयोजनों के लिए इकोसिस्टम का निर्माण’ थी। सम्मेलन में पश्चिमी भारत को वैश्विक MICE पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के विषय पर गहन पैनल चर्चा हुई। भोपाल में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा MICE कन्वेंशन केंद्र अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने बताया कि भोपाल में प्रस्तावित सतगढ़ी कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर में 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों की बैठक क्षमता विकसित करने की योजना है। यह केंद्र 172 एकड़ में विकसित किए जा रहे सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का हिस्सा होगा। परियोजना के नियोजन में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। वर्तमान में भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर संचालित है। इसके अलावा, इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 5 हजार से अधिक प्रतिनिधियों की क्षमता और 15 ब्रेकआउट हॉल उपलब्ध हैं, जबकि खजुराहो स्थित महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। अपर प्रबंध संचालक डॉ. बेडेकर ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को व्यावसायिक आयोजनों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। आधुनिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों, संस्थागत सहयोग और प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से मध्यप्रदेश में MICE पर्यटन की संभावनाओं को नया विस्तार दिया जाएगा। पर्यटन नीति में निवेश एवं आयोजनों के लिए प्रोत्साहन मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत MICE पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 500 या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले पात्र आवासीय कन्वेंशन प्रोजेक्ट्स को पूंजीगत निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक) की सब्सिडी दी जा सकती है। इसके साथ ही पात्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों के लिए स्थान व स्टॉल की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा ‘ग्रीन इवेंट सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन’ के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये तक की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। प्रदेश में बड़े व्यावसायिक आयोजनों की क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ रहा। इसमें 34 देशों के 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों तथा 600 से अधिक हितधारकों ने सहभागिता की। इस आयोजन में 177 स्टॉलों के माध्यम से 10,263 बी2बी (B2B) बैठकें संपन्न हुईं। आयोजकों को मिलेगा समन्वय एवं मार्गदर्शन प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने के लिए ‘सिटी MICE प्रमोशन ब्यूरो’ की स्थापना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से आयोजकों को उपयुक्त स्थल एवं स्थानीय साझीदारों के चयन, संबंधित शासकीय विभागों व होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय, वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी तथा प्रतिनिधियों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने में एकल खिड़की (सिंगल विंडो) सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।  

CM यादव ने मुरैना दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान अंतर्गत मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में दिव्यांगजनों के उपचार, पुनर्वास एवं समग्र विकास के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में संचालित न्यूरोलॉजिकल पुनर्वास कक्ष, बाल पुनर्वास कक्ष, शिशु एवं बाल चिकित्सा उपचार कक्ष तथा विद्युत चिकित्सा कक्ष सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं, पुनर्वास की व्यवस्थाओं तथा उनकी प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद कर बढ़ाया उत्साह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में उपस्थित दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभवों एवं गतिविधियों के बारे में चर्चा की। मुख्यमंत्री को दिव्यांग बच्चों ने अपने हाथों से बनाई गई गौशाला की पेंटिंग भेंट की। एक बच्चे ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतीकों को सांकेतिक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए उनके बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीयता से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए। इनमें ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, छड़ी, घुटने के सहायक पट्टे, दृष्टिबाधितजनों के लिए विशेष छड़ी, कॉलर बेल्ट एवं श्रवण यंत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट विद्यालय मुरैना का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत मुरैना के उत्कृष्ट विद्यालय क्र.-1 में पहुँचकर विद्यालय का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण के संबंध में संवाद किया। इसके साथ ही विद्यालय में स्थापित प्रयोगशाला का निरीक्षण कर प्रयोगशाला के बारे में भी विद्यार्थियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की कक्षा में पहुँचकर बच्चों से विज्ञान विषय के संबंध में संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल पहुँचने पर विद्यार्थियों और अध्यापकों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. सुदाम खाड़े, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर मुरैना लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीणा सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में परीक्षा में नकल करने वालों पर सख्ती, 3 महीने में पूरा होगा ट्रायल

भोपाल  प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए एमपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद सीएम मोहन यादव ने स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन करने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश में चार स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य बन गया है। तीन महीने के भीतर मामले का होगा निपटारा विशेष फास्‍ट ट्रैक कोर्ट परीक्षाओं मे नकल रोकने के लिए बनाई गई त्‍वरित जांच/कानूनी प्रणाली या उडनदस्‍तों से संबंधित है। इन फास्‍ट-ट्रैक अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर मामले का निपटारा (ट्रायल पूरा) करने का लक्ष्‍य दिया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट मे पैरवी विशेष अभियोजक करेंगें। संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्‍व मे एसआईटी का गठन किया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, और जबलपुर महानगरों में बनाई जायेगी, जिनका कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है। किस कोर्ट में किन जिलों की होगी सुनवाई     भोपाल : भोपाल में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा जिलों के मामलों की सुनवाई करेगी।     इंदौर : इंदौर में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन, देवास और आसपास के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामलों को देखेगी।     ग्वालियर : ग्‍वालियर में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ जिलों का अधिकार क्षेत्र इसके पास है।     जबलपुर : जबलपुर में फास्‍ट-ट्रैक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल/बुंदेलखंड के अन्य जिलों के मामले यहां सुने जाएंगे।   विशेष अभियोजकों की भी नियुक्ति राज्‍य शासन ने फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की है। विशेष अभियोजक इन प्रकरणों में साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण, गवाहों के समुचित प्रबंधन और न्यायालयीन पैरवी पर विशेष ध्यान देंगे। इससे मामलों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। परीक्षा प्रणाली पर बना रहा विश्वास राज्य शासन का यह प्रयास मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा देने वाले युवाओं के हितों की रक्षा तथा परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े अन्य अपराधों के मामलों में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन बारिश के आसार, ग्वालियर-भिंड समेत 5 जिलों में येलो अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बादलों की आवाजाही थम नहीं रही है। दिन में धूप और रात में ठंडक के बीच अब अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में बारिश का अलर्ट है। इसके बाद शनिवार से बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है। ग्वालियर-चंबल के साथ उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी मौसम बिगड़ सकता है। मौसम में इस बदलाव की वजह प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश से एक ट्रफ गुजर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश हो सकती है। 18 और 19 अक्टूबर को भी कई इलाकों में इसका असर बना रहने का अनुमान है।प्रदेश के ऊपरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इस वजह से अगले 4 दिन तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग में मौसम बदला रहेगा मानसून लौट गया, फिर क्यों बरस रहे बादल? प्रदेश से मानसून तीन अक्टूबर को विदा हो गया था। वहीं, 15 अक्टूबर को देश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी पूरी हो गई। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश हो रही है। गुरुवार को भी नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में कहीं हल्की बारिश हुई तो कहीं बादल और आंधी वाला मौसम रहा। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों तरह के मौसम का असर देखने को मिलता है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में भी यह रुझान सामने आया है। इस बार भी महीने की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के बाद कई जिलों में बारिश हुई है। प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। अमरकंटक में सबसे कम तापमान, भोपाल में भी रात ठंडी बारिश के बीच प्रदेश में रात का तापमान भी गिर रहा है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। शाजापुर में 17.4, भोपाल में 17.6 और इंदौर व बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में यह 18 डिग्री रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तापमान में बदलाव भी महसूस होगा। अमरकंटक में पारा 15.8 डिग्री पहुंचा मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इससे पहले कई शहरों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे चल रहा है। अनूपपुर का अमरकंटक सबसे ठंडा है। बीती रात यहां न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री, शाजापुर में 17.4 डिग्री, भोपाल में 17.6 डिग्री, इंदौर और बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री, रायसेन और छिंदवाड़ा में 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश से लौट चुका मानसून, पर बारिश जारी प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को भी कहीं आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा। इस साल सामान्य से कम हुई बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।  अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में बारिश का कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं। सामान्य से 1.5 इंच कम हुई मानसूनी बारिश इस साल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। जून से सितंबर के बीच कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 1.5 इंच कम बारिश हुई।पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी रही। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण सीजन की शुरुआत में ही कमी बन गई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश से आंकड़ा सुधरा, लेकिन मानसून के बीच में दो बार लंबे अंतराल आने से बारिश की रफ्तार प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा … Read more

हलालपुरा पटाखा मार्केट की 15 दुकानों पर प्रशासन सख्त, 13 शर्तों का पालन जरूरी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हलालपुरा पटाखा बाजार की 15 आतिशबाजी दुकानों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैरागढ़ के एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने इन दुकानों को जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक न्यूसेंस घोषित किया है। आदेश के अनुसार, उच्च न्यायालय से स्थगन हटते ही बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी 13 शर्तों का पालन करना होगा। इस मामले में जबलपुर उच्च न्यायालय में 12 रिट याचिकाएं और आठ अवमानना प्रकरण लंबित हैं।  एसडीएम श्रीवास्तव ने हलालपुरा मार्केट स्थित 15 आतिशबाजी दुकानों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अंतर्गत धारा 152 के अंतर्गत जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए लोक नूसेंस घोषित किया है। बता दें कि वर्तमान में जबलपुर हाईकोर्ट में इस संबंध में 12 रिट पीटिशन और 8 अवमानना प्रकरण लंबित हैं। जिसमें आदेश कोर्ट ने सुरक्षित रखा है। हाईकोर्ट ने इन प्रकरणों में स्थगन भी दिया है। यह स्थगन हटते ही दुकानों को अन्य जगह स्थानांतरित करने की तैयारी है। आदेश का उल्लंघन करने पर 6 महीने की सजा एसडीएम ने हाईकोर्ट के आदेश आने तक पटाखा मार्केट के कारोबारियों पर 13 शर्तें लगाई है। जिसके उल्लंघन पर दुकान मालिक को 6 महीने के कारावास का दंड दिया जाएगा। तहसीलदार, निगम के उपायुक्त और थाना प्रभारी को नियमों का पालन कराने का आदेश दिया गया है। नियमों का पालन करना पड़ेगा एसडीएम के आदेश में साफ कहा गया है कि शर्तों के अनुसार दुकानदारों को विस्फोटक अधिनियम का पूर्णत: पालन करना होगा। यहां अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण के साथ ही राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। इसके अनुरूप तय डेसीबल सीमा से अधिक वाले पटाखे कार्बाइड गन आदि बेचने पर प्रतिबंध होगा। फायर, इलेक्ट्रिक एनजीओसी जरूरी इसके अलावा दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा की मॉक ड्रिल, विद्युत सुरक्षा एवं फायर एनओसी आदि एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी। आदेश में लिखा- बड़ी जनहानि से इनकार नहीं हो सकता एसडीएम श्रीवास्तव ने अपने आदेश में लिखा कि 12 जून 2026 की रात में सोनी पटाखा दुकान में भीषण आग लग चुकी है। उसके पास में पेट्रोल पंप भी है। जहां आग लगते-लगते बची। यदि दिन में आग लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस पटाखा मार्केट में आए दिन अग्निकांड होती है।। यही से भोपाल से इंदौर के बीच बसों का संचालन भी होता है। चार्टर बसों का टर्मिनल भी है। साल 2024 में भी एसडीएम ने बताया था खतरनाक साल 2024 में हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट होने के बाद भोपाल की पटाखा फैक्ट्री, गोडाउन और दुकानों की जांच भी की गई थी। ताबड़तोड़ हुई जांच में पता चला था कि कहीं स्टॉक से अधिक पटाखें मिले तो कहीं नियम-कायदे ताक में रख दिए गए। हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट तो जैसे 'बारूद के ढेर' पर है। जांच रिपोर्ट में भी बैरागढ़ के तत्कालीन एसडीएम आदित्य जैन ने हलालपुरा पटाखा मार्केट को खतरनाक बताया था। कुछ दुकानों को सील भी किया गया था। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि ‘हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट से लगकर रहवासी क्षेत्र है। वहीं, मैरिज गार्डन भी कुछ दूरी पर ही है। मार्केट में आवागमन के लिए एक ही रास्ता होने, दुकानों के बीच पर्याप्त अंतर नहीं होने, फायर फाइटर और फायर बिग्रेड की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में दुर्घटना के समय आपातकाल में बचाव किया जाना संभव नहीं है। मैरिज गार्डन में शादी के समय हमेशा आतिशबाजाी होती है। इससे दुर्घटना की प्रबल संभावना है।’ 'भोपाल-इंदौर मुख्य मार्ग से लगी अन्य दुकान जैसे सोनी पटाखा, कालू पटाखा, दीपक पटाखा दुकानें हैं। यही पर होटल, शादी हाल और पेट्रोल पंप है। इससे दुर्घटना की संभावना है। राज पटाखा और आरके पटाखा दुकानें समेत चार गोडाउन रिहायसी क्षेत्र में है। वहीं, इनसे मैरिज गार्डन भी जुड़े हैं। इसलिए हलालपुर स्थित सभी दुकान-गोडाउन को शहरी सीमा से बाहर गैर रिहायसी क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना ठीक रहेगा। साथ ही समय-समय पर फायर ऑडिट एवं फायर एक्सपर्ट दुकानों की जांच करें'। पहले कबाड़खाना में था बाजार शहर के कबाड़खाना में 1997 के पहले तक थोक पटाखा बाजार होता था। एक हादसे के बाद प्रशासन ने पटाखा वालों को हलालपुर में पटाखा बेचने के लिए जगह दी थी। तब हलालपुर के आसपास आबादी नहीं थी। अब यहां बड़ी आबादी के साथ कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप और रहवासी इलाका और कॉम्प्लेक्स हैं।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिसकर्मी के हाथ पर काटा, HIV संक्रमण की पुष्टि

छतरपुर  छतरपुर में बलात्कार के फरार आरोपी ने एक कांस्टेबल के हाथ पर काट लिया. कांस्टेबल ने आरोपी जब आरोपी पकड़ा तो वह भागने की कोशिश कर रहा था. जब आरोपी ने हाथ पर काटा, तो कांस्टेबल के हाथों से खून बहना लगा. इस खून को देखकर कांस्टेबल और सीनियर पुलिस ऑफिसर को असमंजस में पड़ गए. जैसे-तैसे आरोपी को पकड़ा और फिर उसका मेडिकल टेस्ट कराने पर पता चला कि वह HIV पॉजिटिव है. यह घटना बुधवार को छतरपुर के बक्सवाहा थाना क्षेत्र में हुई।   रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि जिस शख्स के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है और जो लगातार पुलिस से बच रहा है, वह इलाके में मौजूद है. गिरफ्तारी से बचने और भागने की कोशिश में, आरोपी ने कांस्टेबल के हाथ पर काट लिया. हालांकि, पुलिस ने उसे काबू कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि घायल कांस्टेबल को तुरंत सागर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी का रूटीन मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसमें वह HIV पॉजिटिव निकला।  पुलिसकर्मियों के बीच कांस्टेबल को लेकर बनी चिंता इस रिपोर्ट के बाद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया, क्योंकि उन्हें डर था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए हुई हाथापाई के दौरान आरोपी का वायरस कांस्टेबल में भी फैल सकता है. घायल कांस्टेबल को तुरंत सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेज दिया गया. SP रजत सकलेचा ने बताया कि अस्पताल भेजने से पहले कांस्टेबल के घाव पर प्राथमिक उपचार किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि आरोपी के ब्लड टेस्ट से पुष्टि हुई है कि वह HIV संक्रमित है।  कांस्टेबल को संक्रमण का खतरा एसपी ने बताया कि कांस्टेबल के हाथ पर आरोपी के दांतों के गहरे निशान हैं. एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. डॉक्टर्स की एक टीम कांस्टेबल का ट्रीटमेंट कर रही है. कांस्टेबल को भी एचआईवी इन्फेक्शन हुआ है या नहीं? यह रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। 

डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के जन्मदिन पर भव्य आयोजन, प्रतिभाशाली लोगों को किया सम्मानित

डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ का जन्मदिन धूम धाम से मनाया एवं प्रतिभाओं का किया सम्मान मुरैना  अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त आदरणीय डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ का जन्मदिन 14 अक्टूबर को मुरैना स्थित दया बैंक्वेट ए.वी. में बड़ी धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गंगा परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुरैना जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों समाजबंधुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों एवं शुभचिंतकों ने सहभागिता कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ मूलतः भिंड जिले के निवासी हैं। उनका जीवन समाजसेवा, सामाजिक एकजुटता एवं जनकल्याण के कार्यों के प्रति समर्पित रहा है। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएँ दी हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर समाजबंधुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह में वक्ताओं ने उनके सामाजिक योगदान, अनुभव और मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए समाज के विकास एवं एकजुटता के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के भिंड जिले से मुरैना आगमन के दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। मलानपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इसके पश्चात ग्राम बरेठा में स्वागत किया गया। बनमोर औद्योगिक क्षेत्र में भी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। शुभहिम होटल पर भी उनका भव्य अभिनंदन हुआ। यात्रा मार्ग में अनेक स्थानों पर समाजबंधुओं एवं शुभचिंतकों ने पुष्पमालाओं और आत्मीयता के साथ उनका स्वागत कर जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ मुरैना स्थित दया बैंक्वेट हाल कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, जहाँ विभिन्न गाँवों और क्षेत्रों से आए अतिथियों ने उनका भव्य स्वागत किया। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, भोपाल, गुना सहित अनेक स्थानों से कार्यकर्ता एवं शुभचिंतक भी इस अवसर पर शामिल होने पहुँचे। बाक्स – प्रतिभाओं का सम्मान, समाजबंधुओं ने बढ़ाया उत्साह जन्मदिन समारोह के दौरान समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर मनु चंद्रभान सिंह, राष्ट्रीय कवि रामावतार धाकड़, उदय राय धाकड़ एवं रमन धाकड़ का सम्मान किया गया। प्रतिभाओं का सम्मान कर उनके योगदान एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया। इस पहल को समाज की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और प्रतिभाओं को उचित पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने सामाजिक एकता, शिक्षा, प्रतिभाओं के प्रोत्साहन तथा समाज के सर्वांगीण विकास के महत्व पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाजबंधुओं से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ के दीर्घ सामाजिक अनुभव एवं मार्गदर्शन को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस भव्य समारोह में पूर्व सांसद अशोक अर्गल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष केदार सिंह ‘बाबूजी’, राकेश यादव, मनोज पाल यादव, दिलीप यादव, विक्रम सिंह, संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. योगेंद्र यादव, दीवान सिंह, अशोक यादव, सत्यभान, प्रोफेसर नागेंद्र, राजेंद्र सिंह, ऋषि यादव, मानसिंह, बदन सिंह, राजपाल यादव एवं सत्यभान यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और शुभचिंतक उपस्थित रहे। गंगा परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति ने सामाजिक एकजुटता, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समाजबंधुओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि आदरणीय डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ सदैव स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु रहें तथा अपने अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक योगदान से समाज को निरंतर नई दिशा प्रदान करते रहें। सभी ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा, जिला शाखा नर्मदापुरम की ओर से भी डॉ. गुलाब सिंह किरार ‘दद्दा’ को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की होगी प्रभावी भूमिका

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन का विशेष योगदान है। प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने, गौवंश के संवर्धन और संरक्षण तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समावेशी प्रयास और नवाचार किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित हो रहे मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना अन्य ग्रामों के लिए उदाहरण और प्रेरणा का स्त्रोत बनेंगे। यह नवाचार प्रदेश में गौपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंत्रालय में योजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 129 ग्रामों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका हैं। इनमें से 70 ग्रामों में दुग्ध संघ की गतिविधियां संचालित हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नस्ल सुधार, पशुओं के लिए पोषण, उपचार जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बैठक में वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं तथा उनके विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी हैं। MP में 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित होंगे वृंदावन ग्राम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात मंत्रालय में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना केवल गौवंश संरक्षण तक सीमित नहीं है। इसका सीधा उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय बढ़ाने से भी जुड़ा है। ऐसे में योजना से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी मौजूद रहे। 129 गांवों में बनीं दूध समितियां, 70 में शुरू हुई दुग्ध संघ की गतिविधियां बैठक में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश के 129 गांवों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें से 70 गांवों में दुग्ध संघ से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सरकार का फोकस गांव स्तर पर दूध उत्पादन और उसके व्यवस्थित संग्रहण से लेकर दुग्ध क्षेत्र से जुड़े कामों को मजबूत करने पर है। इससे पशुपालकों को संगठित तरीके से दुग्ध उत्पादन से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। क्षीर सागर योजना से जोड़े जाएंगे सभी वृंदावन ग्राम पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से बताया गया कि सभी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। इसके तहत पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और उपचार जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। नस्ल सुधार से बेहतर दुग्ध उत्पादन की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देकर पशुपालकों को अधिक उत्पादक पशुधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। गौशालाओं के विकास पर भी रहेगा फोकस बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं और उनके विकास के लिए चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। सरकार का प्रयास है कि गौशालाओं और पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने योजना से जुड़े सभी कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को नई दिशा दे और किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने में उपयोगी साबित हो।