samacharsecretary.com

अजब-गजब परंपरा: इस MP गांव में पीढ़ियों से अपने ही गांव में होते हैं विवाह

भोपाल  मध्य प्रदेश देश के दिल में बसता है। यह प्रदेश अपनी हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग संस्कृति और कल्चर देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक कल्चर यहां की अनोखी शादियों को लेकर भी देखने को मिलता है, जो पिछले 500 सालों से रिवाज के तौर पर फॉलो किया जा रहा है। यह अनोखी परंपरा शहडोल में देखने को मिलती है, जहां एक ही समुदाय के लोग गांव में एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। गांव में लड़के-लड़कियों की शादी गांव में ही हो जाती है। अनोखा है गांव प्रदेश के शहडोल जिले की खन्नाथ ग्राम पंचायत में कुर्मी-पटेल की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। इस गांव की कुल आबादी लगभग 4 हजार बताई जाती है, जिसमें अकेले करीब 60 प्रतिशत पटेल समुदाय के लोग रहते हैं। इसलिए इसे पटेलों का गांव भी कहा जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब भी यहां कोई कार्यक्रम होता है तो पकान जैसी पूड़ी को ट्रॉली में रखा जाता है और पूरे गांव के लोग भोज में शामिल होते हैं। यह गांव अपने भक्तिभाव के लिए भी जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजन होते हैं और लगभग हर घर में भागवत का आयोजन हो चुका है।   इन गांवों में सबसे ज्यादा रिश्तेदारी ग्राम पंचायत के जिन गांवों में सबसे अधिक रिश्तेदारी देखने को मिलती है, वे हैं बोडरी, पिपरिया, खैरहा, नौगांव, चौराडीह, कंचनपुर, बंडी और नदना। अगर शादी गांव के बाहर भी होती है, तो बारात इन्हीं गांवों से आती या इन्हीं गांवों में विदा होती है। लड़का–लड़की चुनते हैं रिश्ता गांव के पटेल समुदाय के लोग बताते हैं कि उनके समाज में लड़के और लड़कियों को अपने मन से शादी करने की आज़ादी है। वे अपनी पसंद का जोड़ा चुनकर परिवार को बताते हैं, जिसके बाद परिवार रिश्ता देखकर आगे की तैयारी शुरू कर देता है। इस गांव की खास बात यह है कि यहां पटेल समुदाय के लोग बिना दहेज के शादी करते हैं। वे किसी भी तरह के दहेज के खिलाफ हैं। जब रिश्ता पसंद आता है तो दोनों परिवार आपस में घर पर भोजन करवाते हैं और नेंग देकर रिश्ते को पक्का मान लिया जाता है। हालांकि अब कुछ शादियां बाहर भी होने लगी हैं, लेकिन संख्या अभी भी काफी कम है।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोजपाल उत्सव मेले में किया भ्रमण, विक्रेताओं से की चर्चा

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोजपाल उत्सव मेले का किया भ्रमण राज्यपाल ने मेले की स्टॉलों पर क्रेता विक्रेताओं से की चर्चा भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भेल दशहरा मैदान में भोजपाल उत्सव मेले का शुक्रवार शाम को भ्रमण किया। राज्यपाल पटेल ने भ्रमण के दौरान मेला परिसर में स्थापित दुकानों का अवलोकन किया। खाद्य पदार्थ, पुस्तक, सोलर उर्जा, हथकरघा और हस्तशिल्प की विभिन्न स्टॉलों पर जाकर क्रेता और विक्रेताओं से चर्चा की। उन्होंने भ्रमण के दौरान मेला क्षेत्र में जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों पर केन्द्रित प्रदर्शनी अभ्युदय मध्यप्रदेश का अवलोकन कर सराहना की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रारंभ में मेला परिसर में स्थापित मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन एवं पूजन किया। मेला व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए मेला कार्यालय का निरीक्षण किया। राज्यपाल का स्वागत फलों की टोकरी, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर मेला समिति अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास विरानी द्वारा किया गया। मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में तेजश द सूफी बैंड की प्रस्तुति के कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है की भेल जन सेवा समिति के द्वारा भोजपाल उत्सव मेले का आयोजन किया गया है। मेला 14 नवंबर से प्रारंभ होकर 1 जनवरी तक चलेगा।  

मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट: 4 नई सड़कों से 50 गांवों की बदलेगी तस्वीर

मुरैना  लंबे समय से विकास से अछूते सुमावली क्षेत्र में 37 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की 4 बड़ी सडके बनाई जाएंगी, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। इन पक्की सड़कों के जरिए 50 से अधिक गांवों के लोगों का सफर सुगम होगा बल्कि हादसों से भी निजात मिलेगी।  इन इलाकों से गुजरेगी रोड बता दें कि, मुरैना के सुमावली क्षेत्र में 9 करोड़ 95 लाख रुपए की कीमत से ग्राम बरवासिन के शासकीय प्राथमिक स्कूल से शिवलाल के पुरा तक 6.90 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई है। यह रोड कैथरी से होकर कंषाना का पुरा, कैथरी कैमरा की पुलिया से गोटिया की पुलिया तक और वहीं ग्राम कैथरी तोरखेड़ा की रोड पूरन के पुरा तक बनेगी।   इसी प्रकार 9 करोड़ 42 लाख की लागत से 10 किमी लंबी दूसरी सडक़ पिपरसा की पुलिया से विंडवा होते हुए पिढ़ावली जगन्नाथ के पुरा तक, नहर की पुलिया पिपरसा से निहाल सिंह का पुरा तक, ग्राम पंचायत पहावली में स्कूल से होते हुए रणवीर सिंह के पुरा तक, गड़ौरा रोड से बलवंत सिंह का पुरा तक, मृगपुरा रोड से परशुराम की चक्की होते हुए खासखेड़ा नहर की पुलिया से महेंद्र सिंह के पुरा तक बनेगी। सुमावली क्षेत्र में 37 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इन चार प्रमुख सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी (PWD) कराएगी। साथ ही इन सड़कों पर बीच में लगे बिजली के पोल को भी शिफ्ट किया जाएगा, ताकि दोनों ओर के वाहन निर्वाध निकल सकें।   बंबा पुलिया से रामबाड़ी सुल्तान पुरा होते हुए नहर तक 9.67 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद यह सड़क जनकपुर रोड से गंगाराम का पुरा होते हुए मातादीन के घर से तोरखेड़ा रोड से जुड़ेगी। आगे यह सड़क तोरखेड़ा, सराय का पुरा से घुरैया का पुरा, पचोखरा से लज्जा का पुरा पचोखरा तक फैलेगी, जिसकी कुल लंबाई 9 km होगी। टेंटरा रोड से सती माता मंदिर, जाफराबाद से सांवले सिंह का पुरा, अटा गांव से निरंजन सिंह का पुरा होते हुए सुमावली-दुल्हेनी रोड को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 2.857 करोड़ रुपये में होगा। यहां से यह बरेटा का पुरा होते हुए मड़ वाली माता तक पहुंचेगी। इस 9 km लंबी सड़क से एक दर्जन गांव भी जुड़ेंगे।

सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार के भूमि-पूजन समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमि-पूजन सांस्कृतिक विरासत और शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भी होगा भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश की गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति से जुड़ी पहल के तहत सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार एवं पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन करेंगे। कार्यक्रम 13 दिसंबर को प्रातः 11 बजे महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फंदा भोपाल में आयोजित होगा। सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक चेतना को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने वाला यह प्रवेश द्वार न केवल ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और नगरीय विकास को भी नई दिशा देगा। विकास के नए प्रतिमान होंगे स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। “विरासत के साथ विकास” की भावना को साकार करता यह प्रवेश द्वार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। यह कार्यक्रम विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भी विशेष महत्व रखता है, जो मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समग्र विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।  

सार्वजनिक वितरण में लापरवाही! गरीबों के नमक में निकले कंकड़-पत्थर

गोटेगांव नगर की राशन दुकानों पर मप्र शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को 1 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा नमक की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राशन कार्ड धारियों का आरोप है कि यह नमक पूरी तरह गुणवत्ताहीन है और इसमें कई महीनों से बारीक कंकड़-पत्थर निकल रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का क्या कहना शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नमक और पत्थर दोनों सफेद रंग के होने के कारण देखने में एक जैसे लगते हैं और अलग पहचान मुश्किल होती है, लेकिन भोजन करते वक्त हर बार मुंह में बारीक पत्थर का आना इसकी गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। कुछ महिलाओं ने बताया कि जब इस नमक को पानी में घोला जाता है तो नीचे सफेद नमक जैसे बारीक कंकड़ जमा हो जाते हैं। हितग्राहियों ने चिंता जताई है कि इस तरह के मिलावटी नमक के सेवन से प्रदेश में पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। हमारे गोटेगांव प्रतिनिधि ने भी नमक को पानी में घोलकर जांच की, जिसमें नमक के रंग जैसे सफेद पत्थर जैसी बारीक चचरी निकलने की पुष्टि हुई, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। जांच कराने की मांग राशन कार्ड धारियों का आरोप है कि वे 1 रुपये किलो के साथ नमक के साथ पत्थर भी खा रहे हैं। यह समस्या आज की नहीं है, बल्कि कई वर्षों से पात्र हितग्राहियों के साथ धांधली की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि शासन नमक की गुणवत्ता की गहन जांच कराए और राशन दुकानों पर आने वाले नमक की नियमित जांच सुनिश्चित करे। साथ ही सप्लाई करने वाली संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्यवाही की जाए।  

आज लगेगी वर्ष की आखिरी लोक अदालत, विवाद समाधान में बनेगा नया रिकॉर्ड?

इंदौर वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत आज आयोजित हो रही है। इंदौर जिला न्यायालय, श्रम न्यायालय, कुटुंब न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, मप्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, तहसील स्तर पर तहसील न्यायालय, डा. आंबेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर, हातोद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 85 खंडपीठ गठित की गई है। इन खंडपीठों के माध्यम से 96 हजार से ज्यादा प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिवराजसिंह गवली ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण राजीनामे के लिए रखे गए हैं। इसमें 2458 राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, 974 सिविल प्रकरण, 1174 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरण, 1303 विद्युत प्रकरण, 1949 चेक बाउंस प्रकरण, 413 वैवाहिक प्रकरण, 871 अन्य प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी के 84968 और विद्युत से संबंधित 2011 प्री-लिटिगेशन प्रकरण शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग-अलग श्रेणी में छूट भी दी जाएगी।   निगम ने राजवाड़ा पर लगाई बकायादारों की सूची इधर राष्ट्रीय लोक अदालत के एक दिन पहले नगर निगम ने शुक्रवार को राजवाड़ा पर जोन तीन के बड़े बकायादारों की सूची सार्वजनिक की। इस सूची में वार्ड 57, 58 और 59 के बकायादार शामिल हैं। सूची में 60 नाम शामिल हैं। इनमें पूर्व पार्षद जुलेखा अनवर कादरी का नाम भी शामिल है। जोन तीन के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल निकम ने बताया कि इस सूची में उन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जो पिछले पांच साल से संपत्तिकर ही जमा नहीं कर रहे। निगम ने इन लोगों को बार-बार नोटिस जारी किए, लेकिन जब राशि जमा नहीं हुई तो सूची सार्वजनिक कर दी। दो बकायादारों ने शुक्रवार को ही बकाया कर जमा कर दिया है।

मोहन सरकार के दो साल: 2025 में मध्य प्रदेश में ₹8 लाख करोड़ के उद्योग, जानें क्या रही खासियत

भोपाल  प्रदेश की मोहन यादव सरकार पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सबसे ज्यादा फोकस उद्योगों पर कर रही है। प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार तमाम कवायद कर रही है। साथ ही कुछ नई रवायतें भी शुरू की हैं। पहली बार प्रदेश के अलग-अलग संभागों में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए।  इंदौर से हटकर ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट पहली बार भोपाल में हुई। इसके जरिए मोहन सरकार पूरे प्रदेश के हर इलाके की तस्वीर उद्योगपतियों के सामने रख रही है। साथ ही उनकी खासियत बता कर मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया है। इसके नतीजे भी अब धरातल पर आने लगे हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पांच हजार 550 एकड़ जमीन अलॉट हो चुकी है। आठ लाख करोड़ के उद्योग लगे प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया। यही वजह है कि प्रदेश में करीब आठ लाख करोड़ रुपये के उद्योग लग चुके हैं और छह लाख लोगों को रोजगार मिलने का सरकार दावा भी कर रही है।  भोपाल सेंट्रल : मध्य प्रदेश के सेंट्रल एमपी के भोपाल से लगे रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड बीईएमएल की रेल हब निर्माण इकाई ब्रह्मा का शिलान्यास किया गया। यह कंपनी वंदे भारत और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। जमीन आवंटित होने के बाद प्रोजेक्ट का शिलान्यास हो गया है। काम शुरू होने पर प्रत्यक्ष तरीके से 1575 लोगों को रोजगार मिलेंगे और अप्रत्यक्ष तरीके से भी सैकड़ों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। यह मध्य एमपी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही सरकार भोपाल के अचारपुरा में नया इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप कर रही है। इसको टैक्सटाइल और फार्मा कंपनियों का हब बनाने की तैयारी है। कुछ कंपनियों को जमीन भी आवंटित हो गई है। मालवा निर्माण : मालवा निर्माण के क्षेत्र में भी बड़े इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट हुए हैं। वहां पीथमपुर में पहले से ही कई बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं। अब केंद्र की तरफ से धार जिले में ही इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए पीएम मित्र पार्क की सौगत मिली है। यह इसकी शुरुआत से एमपी में टेक्सटाइल के क्षेत्र में बूम आएगा। जिससे रोजगार के साथ-साथ वहां के किसानों को भी काफी फायदा होने वाले हैं। उस क्षेत्र में कपास की खेती बड़े पैमाने पर होती है और टेक्सटाइल पार्क नहीं होने की वजह से अभी बाहर के लोग उसे ले जाते हैं। 2158 एकड़ में फैले इस पार्क में 23 हजार करोड़ का निवेश होगा। कई बड़ी कंपनियों को जमीन भी अलॉट कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट से करीब तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार मिलेंगे। साथ ही ग्लोबल मार्केट में एमपी को एक नई पहचान मिलेगी। विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क इसके साथ ही उज्जैन से सटे विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया गया है। यह पार्क करीब एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह देश के चार बड़े मेडिकल डिवाइस पार्कों में से एक हैं। यहां पर बड़े पैमाने पर निवेश भी आ रहे हैं। करीब 2900 करोड़ के निवेश अब तक आ चुके हैं। अब पार्क पूरी तरह से फुल हो चुका है। इसके बाद फेज-2 का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 360 एकड़ जमीन विकसित की गई थी। इस प्रोजेक्ट से भी हजारों लोगों को रोजगार मिलेंगे। साथ ही एक्सपर्ट और इंम्पोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा।  बुंदेलखंड: पतंजलि समूह कर रहा निवेश सरकार बुंदेलखंड के विकास पर भी जोर दे रही है। बुंदेलखंड में पतंजलि ग्रुप बढ़ा निवेश करने जा रही है। इसके लिए रीवा जिले के मऊगंज तहसील में 175 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी गई है। इसमें पांच हजार करोड़ का निवेश आएगा और पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने रीवा में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया था। इसमें करीब बुंदेलखंड के अलग-अलग जिलों में 31 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए थे। सिंगरौली और कटनी में कंटेनर डिपो का निर्माण हो रहा है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज और मैहर में नए इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की योजना है। रामा प्लाई ग्रुप ने रीवा में नई प्लाइवुड यूनिट विस्तारित करने की घोषणा की थी कि इसमें 500 करोड़ निवेश का वादा किया था। सागर के मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी मिल गई है, जिससे बुंदेलखंड में उद्योगों को नई गति मिलेगी। इस पैकेज से 24,240 करोड़ रुपये का निवेश और 29 हजार से अधिक रोजगार अवसर बनने का मार्ग खुलेगा। ग्वालियर-चंबल: अदाणी समूह कर रहा बड़ा निवेश ग्वालियर चंबल में भी बड़ी कंपनियां निवेश के लिए तैयार हैं। अदाणी ग्रुप ने शिवपुरी में जैकेट बनाने के लिए 3500 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। इससे पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा गुना में अदाणी ग्रुप सीमेंट की बड़ी फैक्ट्री लगा रहा है। साथ ही उस क्षेत्र में अंबानी ग्रुप भी फर्टिलाइजर और बायोगैस के क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। साथ ही टूरिज्म और स्पोर्टस के क्षेत्र में भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में काफी बदलाव आ रहे हैं। ग्वालियर में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होने लगे हैं। इसके साथ ही पैकेजिंग एवं ऑटोमोटिव इंटीरियर के क्षेत्र में मार्बल विनाइल नाम की कंपनी ने 620 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे 2800 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर एसएसजी फर्नीसिंग सॉल्यूशन ने भी 750 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इससे 9 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, मुरैना में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम हो रहा है। यहां देश की पहली सौर ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित की गई हैं। इसमें तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश है, जो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है।

मध्य प्रदेश में नए साल पर प्रशासनिक फेरबदल, 71 IAS अधिकारी होंगे प्रमोट, 2 को प्रमुख सचिव का पद

भोपाल  मध्यप्रदेश में नए साल पर प्रशासनिक हलचल तेज होने वाली है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में 71 IAS अधिकारियों को प्रमोशन दिया जाएगा, जिसके बाद पूरा प्रशासनिक ढांचा नई शक्ल ले सकता है। सबसे अहम बात— 25 साल की सेवा पूरी करने वाले दो वरिष्ठ IAS अफसरों को प्रमुख सचिव (Principal Secretary) बनाया जाएगा। कौन-कौन होंगे प्रमोट? 2010 बैच के 17 IAS अधिकारी 1 जनवरी से सचिव (Secretary) पद पर प्रमोट होंगे। सूची में शामिल प्रमुख नाम कौशलेंद्र विक्रम सिंह (कलेक्टर, भोपाल) अभिजीत अग्रवाल (आबकारी आयुक्त) आशीष सिंह (कमिश्नर, उज्जैन संभाग) भास्कर लक्ष्यकर (कमिश्नर, ट्रेजरी) दीपक सक्सेना (CPR) 31 दिसंबर को जारी होंगे आदेश मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ने 71 अधिकारियों की पदोन्नति पर हरी झंडी दे दी है। प्रमोशन के आधिकारिक आदेश 31 दिसंबर को जारी होंगे। नए साल में प्रशासनिक तंत्र में यह बड़ा फेरबदल प्रदेश की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और नए समीकरण तय करेगा।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का गुस्सा: पुलिस के रवैये से नाराज होकर 6 पुलिसवालों को सस्पेंड किया, गृह सचिव को तलब

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस के काम करने के तरीके पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने अफीम तस्करी के मामले में बीएनएसएस के प्रावधानों का पुलिस द्वारा पालन नहीं किए जाने पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि लगता है कि राज्य के अधिकारियों ने इन प्रावधानों को भुला दिया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने तलाशी और जब्ती की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर बीएनएसएस के प्रावधानों का राज्य पुलिस द्वारा पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने यह टिप्पणी सूबे के मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाना क्षेत्र में 18 साल के युवक को 2.71 किलोग्राम अफीम की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के मामले में की। युवक ने हाई कोर्ट की शरण लेते हुए दावा किया है कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। अदालत द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद एक थाना प्रभारी समेत छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिस कर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने मामले की जांच के दौरान तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने बीएनएसएस की धारा 105 और धारा 185 का हवाला देते हुए कहा कि इन प्रावधानों से विधायिका ने ऑडियो-वीडियो माध्यम से तलाशी और जब्ती को रिकॉर्ड करने की जरूरत को ध्यान में रखा है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य के अधिकारियों द्वारा इन प्रावधानों को आसानी से भुला दिया गया है। हाई कोर्ट ने मामले में नौ दिसंबर को हुई सुनवाई के आधार पर पारित आदेश में कहा कि ऐसी परिस्थितियों में गृह विभाग के प्रमुख सचिव/ प्रतिवादी राज्य को उपरोक्त प्रावधानों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में इस अदालत को अवगत कराने का निर्देश दिया जाता है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 12 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। हाई कोर्ट ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को इस तारीख को अदालत के सामने हाजिर होने को कहा है। एकल पीठ ने राज्य सरकार को यह बताने का निर्देश भी दिया है कि क्या उसने पुलिस कर्मियों को शरीर पर पहने जाने वाले कैमरे उपलब्ध कराने पर कोई विचार किया है? हाई कोर्ट ने अफीम तस्करी के आरोप में एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार युवक को पांच दिसंबर को अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया था। राजस्थान के निवासी युवक की ओर से अदालत में अपने बचाव में दावा किया गया है कि उसे पुलिस कर्मियों ने एक अंतरराज्यीय यात्री बस में 29 अगस्त की सुबह 11:15 बजे के आस-पास अवैध तौर पर पकड़ा। जबकि दस्तावेजों में उसकी इस तारीख को शाम 5:15 बजे गिरफ्तारी दिखाई गई। आरोपी के वकील हिमांशु ठाकुर ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मेरा मुवक्किल इस बस से मध्य प्रदेश के मंदसौर से राजस्थान के प्रतापगढ़ जा रहा था। वह एक मेधावी छात्र है और उसने 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिविजन से पास की है। ठाकुर ने बताया कि हाई कोर्ट में उनके मुवक्किल की ओर से यात्री बस के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी पेश किया गया है, जिसका अदालत पहले ही संज्ञान ले चुकी है। इस फुटेज में सादे कपड़े पहने तीन लोग युवक को बस से बाहर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। राजस्थान से सटा मंदसौर जिला अफीम की खेती के लिए मशहूर है। जिले में मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भण्डारण, कारोबार और तस्करी के मामले लगातार सामने आते हैं।  

मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र की जनहित योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में की महत्वपूर्ण भूमिका: सुरेश पचौरी

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में देश में विकास की जो गंगा प्रवाहित हो रही है उससे मध्‍यप्रदेश भी अछूता नहीं है। श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में संचालित केन्‍द्रीय योजनाओं का मध्‍यप्रदेश को भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्‍द्र सरकार की महत्‍वपूर्ण जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्‍वयन से उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में मध्‍यप्रदेश देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है। जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) आयुष्‍मान भारत योजना आदि। विगत 2 वर्षों की महत्‍वपूर्ण उपलब्धियों की बात की जाए तो मध्‍यप्रदेश में भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 46 हजार आवास से मध्‍यप्रदेश देश में प्रथम रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 8 लाख 64 हजार आवासों का कार्य पूर्ण हो चुका है। गरीब बंदी सहायता योजना का क्रियान्‍वयन करने वाला प्रथम राज्‍य बना है। प्रदेश में 80 लाख 52 हजार घरों तक नल कनेक्‍शन दिए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश में लगभग 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को कुल 8 हजार 690 करोड़ से अधिक का लाभ प्रदान किया गया। प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्‍मान निधि की 1671.00 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। आयुष्‍मान निरामयम भारत योजनांतर्गत 3 लाख एक हजार 496 परिवारों के सदस्‍यों को चिकित्‍सा सहायता प्रदान की गई। राज्‍य में मातृ शक्ति को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाये गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं का 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता उपलब्‍ध कराई गई। मध्‍यप्रदेश में निवेश भोपाल में पिछले दिनों ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट की सफलता ने पूरे देश का ध्‍यान आकर्षित किया। इसके उद्धाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और समापन अवसर पर केन्‍द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मध्‍यप्रदेश को देश का अग्रणी विकसित राज्‍य बनाने के मुख्‍यमंत्री के अथक् परिश्रम और दृढ इच्‍छाशक्ति की प्रशंसा की। प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में राज्‍य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन अंतर्गत अब तक 8.57 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्‍ताव धरातल पर आ चुके हैं। इसके अलावा मुख्‍यमंत्री कन्‍या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत 1 लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को सहायता राशि रुपए 83844.39 लाख दी गई। सिंहस्‍थ – उज्‍जैन मध्‍यप्रदेश सरकार के सामने आने वाले दिनों में उज्‍जैन में होने वाले सिंहस्‍थ पर्व को सुसम्‍पन्‍न कराने की एक बड़ी चुनौती है। इस धार्मिक समागम में देश विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसे निर्विघ्‍न व गरिमापूर्ण तरीके से संपन्‍न कराने के लिए राज्‍य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभालते ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों को सिंहस्‍थ महापर्व की तैयारियां करने के निर्देश दे दिए थे, ताकि सारे काम समय पर पूरे हो जाएं। इसके लिए यथासमय बजट का आवंटन किया गया। वर्ष 2025-26 में सिंहस्‍थ 2028 के लिए 67 आवासीय भवन के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई। सिंहस्‍थ के अवसर पर दुनिया भर से उज्‍जैन आने वाले श्रद्धा‍लुओं तथा तीर्थयात्रियों को किसी तरह की तकलीफ न होने पाए, इसके लिए युद्ध स्‍तर पर तैयारियां चल रही है। प्रदेश की सांस्‍कृतिक, ऐतिहासिक तथा धार्मिक पहचान रखने वाले प्रमुख स्‍थानों के साथ ही पर्यटन स्‍थलों को विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के चित्रकूट, उज्‍जैन, ओंकारेश्‍वर, महेश्‍वर, ओरछा, मैहर आदि स्‍थानों को उनके प्राचीन गौरव, वैभव और गरिमा के अनुसार सजाया-संवारा जा रहा है। मध्‍यप्रदेश में द्रुत गति से विकास के काम जारी हैं। श्रीराम वन गमन पथ श्रीराम के कर्तव्‍य पालन और राष्‍ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। साथ ही राज्‍य शासन द्वारा उन सभी स्‍थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ श्रीकृष्‍ण के स्‍मृति चिन्‍ह विराजमान हैं। मध्‍यप्रदेश में नक्‍सल समस्‍या मध्‍यप्रदेश में नक्‍सल मोर्चे पर सबसे बड़ी कामयाबी दर्ज की गई है। मध्‍यप्रदेश में 2.36 करोड़ रुपए के इनामी 10 हार्डकोर नक्‍सलियों ने एके-47 समेत आई.एन.एस.ए.एस. राइफल, एस.एल.आर. और सिंगल शॉट गन जैसे घातक हथियारों के साथ मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने सरेंडर किया है। नि:संदेह, मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में मध्‍यप्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के हितों के मद्देनजर तमाम लोककल्‍याणकारी योजनाओं के माध्‍यम से निष्‍ठापूर्वक राजधर्म निभा रही है तथा एक लोकप्रिय सरकार बनने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ा रही है। भौगोलिक दृष्टि से देश के इस बड़े राज्‍य के सामने जहां तमाम चुनौतियां हैं, वहीं जनता की अनगिनत अपेक्षाएं भी हैं। सरकार चुनौतियों से भी निपट रही है और जनापेक्षाओं को भी पूरा कर रही है। विकास सतत् चलने वाली प्रक्रिया है और आशा की जानी चाहिए कि देश के यशस्‍वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में मध्‍यप्रदेश सरकार विकास के रथ को रुकने नहीं देगी। मध्‍यप्रदेश सरकार के उपलब्धियों भरे 2 वर्ष पूरे होने के अवसर यशस्‍वी मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल के ऊर्जावान सहयोगियों, राज्‍य की प्रशासनिक टीम तथा प्रदेश की जागरूक जनता को हार्दिक बधाई।