samacharsecretary.com

मोहन सरकार के दो वर्षों में छह लाख को मिली नौकरी, तीन साल में 20 लाख को मिलेगी रोजगार की सुविधा

भोपाल   मोहन सरकार अपने दो वर्ष पूरे कर चुकी है और अब शेष तीन वर्षों के लिए सरकार ने विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है। सरकार ने साफ किया है कि आने वाले वर्षों में उसका मुख्य फोकस रोजगार, शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर रहेगा। इन सेक्टरों को राज्य के विकास के लिए निर्णायक माना जा रहा है। रोजगार: सबसे बड़ा फोकस राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए रोजगार अवसरों का सृजन है- चाहे सरकारी क्षेत्र हो या निजी क्षेत्र। सरकार ने आगामी तीन वर्षों में 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है और कई विभागों में भर्ती संबंधी विज्ञप्तियां भी जारी हो चुकी हैं। सरकार का दावा है कि पिछले दो वर्षों में 6 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। स्वरोजगार योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा और 30,000 नए उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने की योजना है। 38 शहरों का नया जीआईएस मास्टर प्लान टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा प्रदेश के 38 शहरों के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे। साथ ही महानगर क्षेत्र कानून लागू किया जाएगा। टीडीआर पोर्टल का विस्तार, टीओडी नीति का क्रियान्वयन और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास किया जाएगा। डीपीडीपी कानून के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नक्शाविहीन गांवों का डिजिटलीकरण, भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन करने और नई आबादी की भूमि का चिन्हांकन भी योजना का हिस्सा है। विश्वास-आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया भी लागू की जाएगी। जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि स्कूल हर जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि स्कूल, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना की योजना है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। जल जीवन मिशन- लक्ष्य से पहले पूरा करने का दावा प्रदेश सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समयसीमा दिसंबर 2028 तय की है, लेकिन मध्य प्रदेश इसे मार्च 2027 तक पूरा कर देश में मिसाल पेश करेगा। मिशन के संचालन और संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि जल आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो। 

किसानों की सेवा को सम्मान, सहकारी बैंकों पर कराधान पर आयोजित कार्यशाला

भोपाल :  अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने सहकारी बैंकों पर लागू कराधान पर एक दिवसीय कार्यशाला कहा कि किसानों की सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। सेवा के लिए ज्ञान अर्जित करें और विशेषज्ञता प्राप्त करें। वे आज अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज, भोपाल में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। नाबार्ड के महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार साहू, उप महाप्रबंधक नन्दू नायक,अपेक्स बैंक के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी, वि.क.अ श्री अरुण मिश्र, उप महाप्रबंधक श्री के.टी.सज्जन, सहायक महाप्रबंधक श्री अरविंद बौद्ध, विषय विशेषज्ञ श्री अमूल राहंणेकर, चार्टड अकाउंटंट उपस्थित थे। श्री गुप्ता ने कहा कि हमारा प्रयास इस प्रशिक्षण संस्थान को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने का है। हमारा प्रयास बेहतर माहौल व आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण वातावरण में सभी को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसी कड़ी में आज इस कांफ्रेंस हाल का उद्घाटन हुआ है। नाबार्ड के महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार साहू ने प्रदेश में अल्पकालीन सहकारी संरचना को सुदृढ़ीकरण बनाने के प्रयास करने पर जोर दिया। आरंभ में अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी अतिथियों का स्वागत एवं आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के दूरदर्शी व सकारात्मक दृष्टिकोण व नाबार्ड के सहयोग से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर व संख्या दुगनी होने में सफलता प्राप्त हुई है। नाबार्ड के लखनऊ स्थित संस्थान "बर्ड" ने "ए" एक्रिडेशन प्रदान किया है । आभार प्रदर्शन संकाय सदस्य श्री आर.के.दुबे ने किया।  

भोपाल मेट्रो का पहला चरण: एम्स से सुभाष नगर तक सिर्फ 10 मिनट, पहले सप्ताह यात्रा निःशुल्क

 भोपाल  भोपाल मेट्रो पटरियों पर 70 से 80 की रफ्तार से दौड़ेगी। चूंकि स्टेशन एक-एक किलोमीटर की दूरी पर हैं, इसलिए मेट्रो अपनी निर्धारित 90 की रफ्तार से नहीं चल पाएगी। एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक की दूरी मेट्रो मात्र 10 मिनट पूरी करेगी। हर स्टेशन पर मेट्रो एक मिनट का हाल्ट लेगी। यही दूरी यदि दो पहिया वाहन से तय करने में कम से कम आधा घंटा लगाता है। वहीं चार पहिया वाहन से यह दूरी तय करने में 20 मिनट लगते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो मेट्रो से सफर करने में यात्री मात्र 10 मिनट में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंच जाएंगे। इससे यात्रियों को समय भी बचेगा और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। पहले सप्ताह जनता के लिए फ्री रहेगी मेट्रो शहर के नागरिकों को लोकार्पण के बाद पहले सप्ताह फ्री में यात्रा करने को मौका मिलेगा । इसके बाद यात्री मैन्युअली टिकट खरीदकर मेट्रो में यात्रा कर सकें। ज्ञात हो कि तुर्किए से हुआ अनुबंध के समाप्त होने के बाद से ऑन लाइन टिकट सिस्टम शुरू नहीं हुआ है। मंथली पास और स्कीम पर हो रहा मंथन मेट्रो का किराया 20 रुपये से शुरू होगा, जो अधिकतम 30 रुपये तक जाएगा। यात्री 30 रुपये में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंचेंगे। मंथली पास और स्कीम पर मंथन चल रहा है। इसकी जानकारी मेट्रो प्रबंधन सोमवार यानी 14 दिसंबर को आधिकारिक रूप से जारी करेगा। जानकारी के अनुसार महिलाएं, विद्यार्थी और सीनियर सिटीजन के लिए स्कीम लगा सकता है। पहले चरण में एम्स से सुभाष नगर तक चलेगी मेट्रो भोपाल मेट्रो प्रायोरिटी कारिडोर के पहले चरण में तैयार किए गए एम्स मेट्रो स्टेशन से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। यह रूट 7.5 किलोमीटर का है। इसमें आठ मेट्रो स्टेशन हैं, जो इस प्रकार हैं, एम्स, अलकापुरी, डीआरएम आफिस, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड आफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय, सुभाष नगर। दूसरे चरण में पुल बोगदा से करोंद तक चलेगी मेट्रो आरेंज लाइन कारिडाेर के दूसरे चरण में करीब 9.24 किलोमीटर का रूट तैयार किया जा रहा है। इस रूट पर भी आठ मेट्रो स्टेशन हैं। जब यह रूट तैयार हो जाएगा, तब मेट्रो पुल बोगदा, ऐशबाग, रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद चौराहा मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। इन दिनों रूट की कुल लंबाई 16.74 किलोमीटर है। ब्लू लाइन का भी शुरू हुआ काम आरेंज लाइन के साथ-साथ ब्लू लाइन पर भी मेट्रो का काम शुरू हो चुका है। भदभदा से रत्नागिरी तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर पर करीब 14 मेट्रो स्टेशन रहेंगे। मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए मिट्टी की टेस्टिंग हो चुकी है। पिलर बनाए जाने के लिए स्थान का चयन हो चुका है। कुछ स्थानों पर बेरिकेड्स कर खोदने का काम शुरू हो गया है। आरेंज और ब्लू लाइन कारिडोर की कुल लंबाई करीब 30.95 किलोमीटर है। इन दोनों कारिडोर को वर्ष 2030 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। एस कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो कारर्पोरेशन का कहना है मेट्रो के आपरेशन से जुड़ी समस्त जानकारी आधिकारिक रूप से 14 दिसंबर को जारी की जाएगी । फिलहाल सिर्फ लोकार्पण की तारीख और कार्यक्रम स्थल का तय हुआ है।

भोपाल में एसआइआर प्रक्रिया में 39 दिनों में 4.43 लाख मतदाताओं के नाम कटने का खतरा, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश

 भोपाल  राजधानी में पिछले 39 दिनों से जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान अब तक 4 लाख 43 हजार 633 मतदाताओं के नाम कटना तय हो गया है। ये नाम मृत, शिफ्टेड, अनुपस्थित, डबल एंट्री और अन्य श्रेणियों में पाए गए हैं। वहीं नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या घटकर 1 लाख 35 हजार 765 रह गई है। जिले में सीधे तौर पर नाम काटने के आंकड़े को लेकर शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग के आब्जर्वर और ज्वाइंट सेकेटरी ब्रजमोहन मिश्रा ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बात की। उन्होंने सभी प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि भोपाल में काटे जा रहे मतदाताओं के नामों को लेकर बीएलओ से वेरिफाई करा लिया जाए। जिसके बाद आब्जर्वर उत्तर के खानूगांव और दक्षिण पश्चिम के पालेटेक्निक मतदान केंद्र पर बीएलओ का काम देखने पहुंचे। हालांकि उन्हें नरेला, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर की विधानसभाओं में भी बीएलओ का काम देखने जाना था, लेकिन वह छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गए। 35 हजार से अधिक बढ़े नाम काटने के मामले 7 दिसंबर को राजधानी की 7 विधानसभा क्षेत्रों में एसआइआर का कार्य 100 प्रतिशत पूरा घोषित किया गया था। उस समय अनकलेक्टेबल श्रेणी में 4 लाख 8 हजार 106 मतदाताओं के नाम हटाने प्रस्तावित थे, लेकिन नो-मैपिंग के बाद यह संख्या बढ़कर 4 लाख 43 हजार 634 हो गई। इस प्रकार पांच दिनों में 35 हजार 528 नए नाम हटाने की सूची में जुड़ गए। 18 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे गणना पत्रक आब्जर्वर ने बताया कि चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब मतदाता अपने गणना पत्रक 18 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाम हटाने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और सही वेरिफिकेशन के साथ की जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो।

पुष्य मित्र भार्गव बने अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सूरत में पद ग्रहण

इंदौर  मध्य प्रदेश मेयर काउंसिल के प्रदेशाध्यक्ष इंदौर मेयर पुष्य मित्र भार्गव को राष्ट्रीय स्तर पर अखिल भारतीय महापौर परिषद में महत्पूर्ण पद मिला है। वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने है।उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सर्वानुमति से सौंपी गई है। वे शनिवार को गुजरात के सूरत में होने वाली राष्ट्रीय बैठक में इस पद की शपथ लेंगे।अखिल भारतीय महापौर परिषद की 116वीं कार्यकारिणी बैठक 13 व 14 दिसम्बर को सूरत में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में देशभर के महापौर हिस्सा लेने सूरत पहुंचे है।इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी इसमें शामिल के लिए सूरत पहुंचे है। भार्गव मध्य प्रदेश से अकेले मेयर है, जो राष्ट्रीय स्तर की कार्यकारिणी में शामिल हुए है। बैठक के दौरान राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय संगठन को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही परिषद के प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण और आगे महापौरों के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में देशभर के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।जिनमें पूर्व मंत्री एवं परिषद के पूर्व पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वर्ष 2003 में भारतीय महापौर परिषद के अध्यक्ष रह चुके है। इंदौर में दो बार राष्ट्रीय स्तर का मेयर सम्मेलन भी हो चुका है।  

हाईकोर्ट का सख्त रुख: सजा पूरी होने के बाद 17 दिन तक जेल में रखने पर सागर जेल अधीक्षक पर जुर्माना

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सजा पूरी होने के बावजूद एक युवक को जेल में अवैध रूप से रखे जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।  जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने यह आदेश टीकमगढ़ जिले के युवक अरविंद कुशवाहा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह 17 दिनों की अवैध हिरासत के लिए उचित मुआवजा पाने के लिए दावा कर सकता है। चोरी के मामले में हुई थी जेल टीकमगढ़ जिले के डीगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मड़वारा निवासी अरविंद कुशवाहा को डीजे वाहन से एम्प्लीफायर चोरी के आरोप में 5 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। ट्रायल के बाद कोर्ट ने उसे एक साल की सजा सुनाई थी। सजा की अवधि 4 नवंबर 2025 को पूरी हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद अरविंद को 20 नवंबर 2025 तक जेल में रखा गया। सजा के बाद हिरासत में रखने को दी थी चुनौती इस अवैध हिरासत को चुनौती देते हुए अरविंद कुशवाहा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजना यादव ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को अब रिहा कर दिया गया है, लेकिन उसे 17 दिनों तक गैरकानूनी रूप से जेल में रखा गया, जो गंभीर लापरवाही का मामला है।

सागर के थानों की अनियमितता पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दी राहत, पुलिस कार्रवाई पर रोक

जबलपुर  हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ के समक्ष शुक्रवार को सागर जिले के चार थानों की अनियमितता उजागर करने वाले याचिकाकर्ताओं के मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से आशंका जताई गई कि पुलिस दुर्भावनावश झूठे प्रकरण पंजीबद्ध कर सकती है। बताया गया कि स्टिंग ऑपरेशन के बाद से उनके कॉल रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इनको जारी किया गया नोटिश मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव विधि विभाग, प्रमुख सचिव गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक, आईजी, पुलिस अधीक्षक सागर एवं सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए आगामी आदेश तक याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं। राजधानी भोपाल निवासी राहुल शर्मा, दीपक शर्मा एवं सागर निवासी अतुल अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने सागर के चार थाना बहेरिया, मोतीनगर, मकरोनिया एवं गोपालगंज में पदस्थ पुलिस कर्मियों द्वारा अवैध शराब की बिक्री, छह हजार रुपये प्रति सप्ताह लेकर शहर में जुआ-सट्टा खिलाने की अनुमति, नाबालिगों के माध्यम से ड्रग्स, स्मैक व गांजा विक्रय तथा स्पा सेंटरों में देह व्यापार संचालित करवाने का स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से खुलासा किया था। कार्रवाई के बजाय परेशान इस संबंध में 30 नवंबर को खबर प्रकाशित की गई थी। दलील दी गई कि मामले उजागर होने के बाद पुलिस प्रशासन ने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जांच व कार्रवाई करने के बजाय याचिकाकर्ताओं के कॉल रिकॉर्डिंग और आईपीडीआर निकलवाने शुरू कर दिए। साथ ही याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध झूठे प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2 साल की उपलब्धियां गिनाईं, मध्य प्रदेश में सरकारी डॉक्टरों को मिलेगा ज्यादा वेतन

भोपाल  ''जिस प्रकार से समय बदला है और समय के साथ उर्जा के क्षेत्र में सबसे सस्ती बिजली मध्य प्रदेश दे रहा है. बिजली में ऐसे-ऐसे नए प्रयोग हुए हैं कि लोग भैंचक्के होकर देख रहे हैं कि ये मध्य प्रदेश में क्या हो रहा है. हमारा सबसे लोएस्ट रेट बिजली में गया.'' यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही है. शुक्रवार को राज्य सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर सीएम मोहन यादव ने राजधानी के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सरकार की उपलब्धियां गिनाई है. इस दौरान उन्होंने बीते दो सालों के साथ आने वाले भविष्य को लेकर भी खुलकर चर्चा की. 6-6 महीने एमपी और यूपी को मिलेगी बिजली सीएम ने कहा कि, ''बिजली में ऐसे-ऐसे नए प्रयोग हुए हैं कि लोग भौचक्के होकर देख रहे हैं कि ये मध्य प्रदेश में क्या हो रहा है. हमारा सबसे लोएस्ट रेट बिजली में गया. हमारे प्रदेश में ओंकारेश्वर, आगर और नीमच में सोलर पार्क की स्थापना की गई है. नीमच में 2 हजार मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट लगाया गया है. वो भी कंपोजिट प्रोजेक्ट है. यानि यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के सहयोग से स्थापित किया जा रहा है.'' पानी के बाद अब बिजली की अदला-बदली सीएम मोहन यादव ने कहा, ''इस सोलर प्रोजेक्ट से 6 महीने मध्य प्रदेश और 6 महीने उत्तर प्रदेश को बिजली मिलेगी. पानी की अदला-बदली के साथ हम दूसरे राज्यों के साथ बिजली की साझेदारी भी कर रहे हैं. मुरैना के बीहड़ वाले जंगलों का बेहतर इस्तेमाल उर्जा के क्षेत्र में कैसे किया जा सकता है, इस पर भी विचार किया जा रहा है. उज्जैन में शिप्रा नदी के पानी से होगा स्नान सीएम ने बताया कि "उज्जैन में शिप्रा नदी का पानी पहले उपलब्ध नहीं था. जिससे श्रद्धालुओं को स्नान करने में समस्या होती थी. पिछली बार भी सिंहस्थ के दौरान साधु-संतों ने मटमैले पानी से स्नान किया था. लेकिन इस बार सिंहस्थ की व्यवस्था जल संसाधन विभाग ने कर दी है. 800 करोड़ रुपये की योजना तैयार किया गया है. जिससे शिप्रा का पानी उज्जैन में लाने की तैयारी है. दो राज्यों के बीच आपसी सहमति से नदी जोड़ने का अभियान भी शुरु किया गया है. इसके तहत गंभीर और खान नदी को जोड़ते हुए जमीन के नीचे टनल बनाकर जोड़ने का काम किया गया है. जिसके ऊपर खेती होगी और नीचे जलधारा बहेगी." उन्होंने आगे बताया कि "कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की थी. इस दौरान डाक्टरों की कमी को लेकर भी चर्चा हुई थी. जिस रफ्तार से प्रदेश में मेडिकल कालेज बढ़ रहे हैं, उसी तेजी से हमको मैन पावर भी चाहिए. हेल्थ सेक्टर में एक्सपर्ट नहीं मिलने की चुनौती सरकार के सामने है, लेकिन अब हमने तय किया है कि प्राइवेट सेक्टर से अधिक वेतन देकर विशेषज्ञ डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में लिया जाएगा. कार्यकाल के दो साल के भीतर भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन शहर बनाने की घोषणा करने के साथ काम भी शुरू कर दिया है."

मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, पचमढ़ी जैसी ठंड, इंदौर-भोपाल में पारा 7° तक गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़क ठंड की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार गिर रहा है और सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इंदौर में बीती रात न्यूनतम तापमान 5.2°C दर्ज हुआ, जो पिछले दस साल की सबसे ठंडी रात थी। खास बात यह है कि इंदौर का तापमान इस बार पचमढ़ी के बराबर ठंडा रहा। राजधानी भोपाल में भी पारा 7°C से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी और जेट स्ट्रीम की सक्रियता इस बार ठंड बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। जेट स्ट्रीम लगभग 12.6 KM की ऊंचाई पर 200+ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ी राज्यों से आने वाली बर्फीली हवाओं और इस ऊंची हवा के मिलने से MP में तापमान काफी कम हो गया। भोपाल में लगातार छह दिन तक कोल्ड वेव (शीतलहर) चलने के बाद गुरुवार को थोड़ी राहत मिली, लेकिन शुक्रवार को दिन फिर सर्द रहा। भोपाल, राजगढ़, इंदौर, सीहोर और शाजापुर में सर्द हवाएं चली। इस वजह से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए। दिन में धूप तो खिली, लेकिन शाम को ठंड का असर बढ़ा रहा। हालांकि, अगले 3 दिन तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड का असर बरकरार रहेगा। दूसरी ओर, गुरुवार-शुक्रवार की रात कई शहरों में पारा 5 डिग्री के आसपास रहा। इंदौर शहर में 5.2 डिग्री रहा। इतना ही तापमान पचमढ़ी में भी दर्ज किया गया। रात में भोपाल और ग्वालियर में पारे में गिरावट हुई। भोपाल में 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले तीन दिनों तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारा 5 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1, उज्जैन में 9, जबलपुर में 8.4 डिग्री रहा। वहीं राजगढ़ में 5.2, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6, रीवा में 7, मलाजखंड में 7.2 और मंडला में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। पहाड़ी राज्यों में कई जगह तापमान शून्य से नीचे चला गया है। इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी मौसम को प्रभावित कर रही है। करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही यह जेट स्ट्रीम मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ाने का कारण बन रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन रातें फिलहाल बेहद सर्द बनी रहेंगी। तापमान में गिरावट जारी  प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। इंदौर और पचमढ़ी दोनों में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। राजगढ़ में 5.2, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6, रीवा में 7, मलाजखंड में 7.2, मंडला में 7.6, रायसेन, शिवपुरी और नरसिंहपुर में 8, बैतूल में 8.5, छिंदवाड़ा और खजुराहो में 9, सतना में 9.1, टीकमगढ़ और रतलाम में 9.5, दमोह में 9.8 और दतिया में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसलिए मध्य प्रदेश में बढ़ी ठिठुरन मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। उत्तराखंड के कई इलाकों में नदी-नाले और झरने तक जम गए हैं। इसके साथ ही उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह जेट स्ट्रीम जमीन से करीब 12 से 13 किलोमीटर की ऊंचाई पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बह रही है, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी साफ नजर आ रहा है। लगातार टूट रहे ठंड के रिकॉर्ड मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाओं के साथ जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने से इस बार ठंड का असर दोगुना हो गया है। यही वजह है कि दिसंबर में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। भोपाल में नवंबर की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी दर्ज की गई है। दिसंबर में भी इंदौर की ठंड ने बीते 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।  बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी हुई है। उत्तराखंड में तो नदी-नाले और झरने तक जम गए हैं। कई शहरों में पारा माइनस है। दूसरी ओर, जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण शुक्रवार को भी शीतलहर का असर देखा गया। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ … Read more

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों के खिलाफ कड़ा अभियान, 10 आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों पर कड़ा प्रहार विगत दस दिनों में 15 हथियार बरामद, 10 आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पिछले दस दिनों में प्रदेश में उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की गई हैं। इस दौरान बड़वानी, सागर, इंदौर, शिवपुरी, छतरपुर और मुरैना जिलों में की गई कार्रवाईयों में कुल 15 अवैध हथियार (देशी पिस्टल, अधिया, कट्टे) बरामद किए गए हैं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रमुख कार्यवाही बड़वानी (जुलवानिया पुलिस) मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सीताराम सिकलीगर को तीन देशी पिस्टल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के विरूद्ध आर्म्‍स एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। सागर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में अवैध हथियार ले जा रहे आरोपी को दबोचा। पुलिस ने मौके से 02 पिस्टल, 04 जिंदा राउंड, 02 चाकू और एक मारुति वैन जप्त की। इंदौर (राऊ पुलिस की बड़ी सफलता) थाना राऊ पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली के तीन अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार कर चार देशी पिस्टल व दो मैगजीन बरामद कीं। शिवपुरी (थाना करैरा एवं गोवर्धन) थाना करैरा पुलिस ने एक आरोपी से 315 बोर देशी अधिया और एक कारतूस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया। वहीं थाना गोवर्धन पुलिस ने भी अवैध हथियार रखने वाले आरोपी पर कार्रवाई करते हुए 315 बोर देशी कट्टा, दो जिंदा राउंड तथा एक मोटरसाइकिल जप्त की। छतरपुर (बड़ामलहरा, सटई, गौरिहार पुलिस) जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बड़ामलहरा पुलिस ने देशी पिस्टल एवं कारतूस के साथ एक आरोपी, थाना सटई पुलिस ने 315 बोर देशी कट्टा और कारतूस के साथ एक आरोपी वहीं थाना गौरिहार पुलिस ने आदतन अपराधी उदयभान से हथियार बरामद किए। उदयभान हत्या के प्रयास, लूट व अवैध हथियार के 17 अपराधों में लिप्त पाया गया है। मुरैना (थाना अंबाह) सोशल मीडिया पर अवैध हथियार प्रदर्शित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन और 18 राउंड बरामद किए गए। यह कार्रवाई डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सक्रिय, सक्षम और अपराध विरोधी रणनीति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।