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ड्यूटी पर तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल को बस ने कुचला, शहडोल में सड़क हादसे से हड़कंप

शहडोल रविवार की दोपहर 2 बजे के आसपास एक बस जो ब्यौहारी की ओर से आ रही थी उसने शहडोल बस स्टैंड में ड्यूटी कर रहे पुलिस आरक्षक को टक्कर मार दी जिसमें आरक्षक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। अपनी ड्यूटी पर तैनात था आरक्षक महेश पाठक घटना की जानकारी लगते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना में स्थल से बस को जब्त कर थाने पहुंचाया। आरक्षक को टक्कर मारने के बाद बस चालक मौके पर बस को छोड़कर भाग गया । जानकारी के मुताबिक कोतवाली में पदस्थ आरक्षक महेश पाठक बस स्टैंड में अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इसी बीच दोपहर 2:00 बजे के आसपास दादू एंड संस कंपनी की एक तेज रफ्तार बस स्टैंड परिसर में आ रही थी इसी बीच बस चालक ने आरक्षक को टक्कर मार दी ,जिसमें आरक्षक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई ।   बस को जब्त कर थाने भिजवाया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से बस को जप्त कर थाने भिजवाया तथा मृतक आरक्षक के शव को वहां से उठाकर ले गए। इस घटना को देखकर पुलिस के अधिकारियों और वहां पर मौजूद आरक्षकों की आंखों में आंसू नजर आए। अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं चालक बस स्टैंड में जहां पर यह दुर्घटना हुई है वहां अक्सर तेज गति में बस चलाते हुए ड्राइवर अंदर आते हैं और इस तरह की स्थिति निर्मित होती है। यहां नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण हटाया नहीं जाता है जिसके कारण इस तरह की स्थितियां बनती हैं और बस चालक भी अनियंत्रित रूप से बस चलाते हैं।  

सिवनी में खुशियों की दहाड़: पांच शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई ‘जुगनी’ बाघिन, पर्यटक रोमांचित

सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व में नन्हें शावकों के साथ बाघिन को देखने का रोमांच पर्यटकों को प्रफुल्लित कर रहा है। एक माह से कम समय में 7 दिसंबर रविवार सुबह अपने पांच शावकों के साथ खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन को कच्ची सड़क में चहल कदमी देखकर पर्यटक प्रफुल्लित हो गए। पांच शावकों के साथ कच्ची सड़क पर आई बाघिन रविवार की सुबह खवासा-तेलिया गेट में सफारी कर रहे पर्यटकों के जिप्सी वाहनों के सामने बाघिन अपने पांच शावकों के साथ कच्ची सड़क पर आ गई। कच्ची सड़क से जंगल में दूसरी ओर जाती बाघिन काफी देर तक पर्यटकों को दिखाई दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि 12 नवंबर को नाइट सफारी के दौरान खवासा बफर क्षेत्र में चार नन्हें शावकों के साथ जुगनी बाघिन के कच्ची सड़क में पर्यटकों के जिप्सी वाहन के सामने से गुजरने का वीडियो सामने आया था। सिवनी में पांच शावकों के साथ दिखी खवासा बफर की ’जुगनी’ बाघिन, पर्यटक प्रफुल्लित, 12 नवंबर को नाइट सफारी के बाद दूसरी बार कच्ची सड़क में चहल-कदमी करते दिखे नन्हें शावक। वन्यजीव प्रेमी हुए रोमांचित शावकों को सुरक्षित स्थान पर मुंह में दबाकर ले जाती बाघिन का वीडियो देखकर वन्यजीव प्रेमियों को रोमांचित हो गए थे। इसके बाद पेंच प्रबंधन ने सुरक्षा को देखते हुए कुछ दिन के लिए नाइट सफारी पर रोक लगा दी है। हालाकि एक दिसंबर से नाइट सफारी को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

शिक्षा भर्ती में बड़ा घोटाला: STF की जांच में 80 फर्जी शिक्षक निकले, मुकदमा कायम

इंदौर  डिप्लोमा इन एजुकेशन (डीएड) की फर्जी अंकसूची से नौकरी हासिल करने वालों में जिले के भी 80 शिक्षक हैं। इनमें से 20 के नाम एसटीएफ की जांच में सामने आ चुके हैं। लगभग 20 साल से चल रहे इस घोटाले में फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाले ये लोग इंदौर और सांवेर की स्कूलों में नौकरी कर रहे हैं। ग्वालियर निवासी गौरीशंकर राजपूत ने कुछ शिक्षकों की जानकारी सूचना का अधिकार के तहत निकाली थी। उन्हें लगभग 130 लोग ऐसे मिले, जिनके रोल नंबर एक ही थे। इन रोल नंबर के आधार पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल से जानकारी ली तो पता चला कि मार्कशीट किसी और के नाम पर थी। उन्होंने फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों की शिकायत ग्वालियर पुलिस की एसटीएफ से की थी। एसटीएफ ने जांच के बाद एफआइआर दर्ज की है, जिसमें 34 शिक्षकों के फर्जी मार्कशीट से भर्ती होने की बात सामने आई है। इन 34 में से 20 इंदौर जिले के हैं। ये 20 शिक्षक इंदौर और सांवेर में पदस्थ बताए जा रहे हैं। गिरोह के रूप में होता है काम बताया जा रहा है कि फर्जी शिक्षकों की भर्ती के लिए दो दशक से गिरोह सक्रिय है। फर्जी अंकसूची से संविदा शिक्षक के रूप में पंचायतों के जरिए इन शिक्षकों की नियुक्ति की गई। तीन साल बाद इन फर्जी शिक्षकों का संविलयन शिक्षा विभाग में किया जाता रहा है। जिससे वे स्थायी शिक्षक बन जाते हैं। अफसरों की अनदेखी पंचायतों द्वारा संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकों का शिक्षा विभाग में संविलयन जनपद सीईओ और जिला पंचायत सीईओ के जरिए होता है। संविलयन के दौरान पंचायत से प्रस्ताव के आधार पर शिक्षकों के संपूर्ण दस्तावेज बुलाए जाते हैं। जनपद पंचायत द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद ही संविलयन किया जाता है। अफसरों ने फर्जी दस्तावेजों की जांच नहीं की और सीधे संविलयन कर दिया। इससे ये शिक्षक वर्षों से नौकरी कर रहे हैं।   ’75 मीटर’ तक चौड़ी होंगी ’19’ सड़कें, जल्द शुरु होगा काम 130 फर्जी शिक्षकों में से इंदौर और सांवेर में पदस्थ 80 नाम थे। 20 की जानकारी दे दी थी। बचे हुए 60 के दस्तावेज जुटाने के बाद जल्द ही इनकी भी जानकारी एसटीएफ को सौंप देंगे। 6 माह से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। अब हम इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। गौरीशंकर राजपूत, व्हिसल ब्लोअर और शिकायतकर्ता हमारे पास जो नाम और जानकारी आई थी, उनकी अंकसूचियों की जानकारी हमने माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांगी है। अब तक जानकारी नहीं आई है। जानकारी मिलने के बाद ही जांच या अन्य कार्रवाई कर पाएंगे। अभी हम इंतजार कर रहे हैं।- शांता सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी, इंदौर

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने बताया- बच्चों में सीखने की ललक बढ़ाने के लिये शिक्षक प्राप्त करते रहें नई-नई जानकारी

बच्चों को पोषण आहार मिलें इसके लिये जनभागीदारी को दें बढ़ावा बच्चों को मातृभाषा में पढ़ने के लिये करें प्रेरित भोपाल  केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि बच्चों के व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास हो, इसके लिये जरूरी है कि उन्हें मातृभाषा में पढ़ने के लिये प्रेरित किया जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई गई बातें समझने में मातृभाषा ज्यादा कारगर होती है। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में अध्ययन को प्राथमिकता दी गई है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान रविवार को भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय टी.टी. नगर के निरीक्षण के बाद शिक्षकों से चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार और विधायक श्री भगवानदास सबनानी भी उनके साथ थे। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान ने सांदीपनि विद्यालय की कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पाठ्यपुस्तकों को देखा और बच्चों से पढ़ाई के संबंध में बात की। मंत्री श्री प्रधान के विद्यालय पहुँचने पर छात्राओं ने बैंड की धुनों पर उनका स्वागत किया। उन्होंने आर्ट गैलरी, पुस्तकालय, बच्चों की मार्शल आर्ट 'वुशु' के अभ्यास को देखा और विद्यालय के म्यूजिक रूम का भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर प्रस्तुत धुनों को सुना और उसकी प्रशंसा की। मंत्री श्री प्रधान विद्यालय की अटल टिकरिंग लैब में भी गए। वहां उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए साइंस मॉडल के बारे में जानकारी प्राप्त की। साइंस मॉडल और रोबोटिक्स लैब के उपकरणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री प्रधान ने विद्यालय के ऑडिटोरियम को भी देखा और उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न खेलकूद, संगीत और साहित्यिक गतिविधियों के प्रति भी प्रेरित करें। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान ने कहा कि बच्चों को पोषण आहार मिले, इसके लिये जन-भागीदारी के प्रयास किये जायें। पालकों से संवाद मंत्री श्री प्रधान ने पालकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि पालक निरंतर स्कूल पहुँचकर बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें। पालकों और शिक्षकों के समन्वय से ही बच्चों का सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। उन्होंने शिक्षकों को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन पर गहन निगरानी रखने की समझाइश दी। मंत्री श्री प्रधान ने विद्यालय की विजिटर्स बुक पर लिखा कि अगले सत्र में इस विद्यालय की छात्राएं जेईई एवं नीट परीक्षा में चयनित हों इसके लिये शिक्षक सामूहिक रूप से प्रयास करें। ई-अटेंडेंस के मिल रहे हैं बेहतर परिणाम आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिये प्रदेश में हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-अटेंडेंस प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 799 स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदला जा रहा है। उन्होंने पीएमश्री स्कूल और सांदीपनि विद्यलाय के बारे में भी जानकारी दी। आयुक्त श्रीमती गुप्ता ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को विद्यालय तक लाने के लिये नि:शुल्क परिवहन सेवा उपलब्ध कराई गई है। स्कूलों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था की गई है। प्राचार्य कमला नेहरू श्रीमती संगीता सक्सेना ने बताया किविद्यालय की स्थापना 1958 में हुई थी। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा अरूण (के.जी.-1) से लेकर कक्षा 12 तक करीब 1500 छात्राओं को उच्च स्तर की शिक्षा दी जा रही है। निरीक्षण के दौरान श्री राहुल कोठारी, पार्षद श्रीमती आरती अनेजा भी साथ थी।  

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 10 हार्डकोर नक्सलियों का हथियारों सहित ऐतिहासिक आत्मसमर्पण

शांति और विकास की राह पर लौटे नक्सली नक्सलियों पर विभिन्न राज्यों में कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति पर अमल के उत्साहजनक परिणाम लगातार सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगातार नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने या कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी जा रही थी। इसी के परिणामस्वरूप आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में दस हार्डकोर, सशस्त्र और वर्दीधारी नक्सलियों ने भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष आधुनिक हथियारों जैसे AK- 47, इंसास राइफल, SLR, वाकी टॉकी सेट आदि सहित आत्मसमर्पण किया। इन सभी नक्सलियों पर विभिन्न राज्यों में कुल दो करोड़ छत्तीस लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे नक्सलवाद के अंत की दिशा में एक निर्णायक कदम बताते हुए सुरक्षा बलों की दृढ़ता, निरंतरता और जनता के सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा शासन स्तर से निरंतर प्राप्त त्वरित सहयोग, सटीक इंटेलिजेंस, रणनीतिक सर्चिंग एवं लगातार जारी नक्सल विरोधी अभियानों और स्थानीय समुदाय के बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप नक्सली गतिविधियाँ लगातार सिमट रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश को नक्सलवाद-मुक्त बनाने का लक्ष्य तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने इस उपलब्धि को हॉक फोर्स, जिला पुलिस, CRPF, कोबरा और स्थानीय प्रशासन के सुव्यवस्थित संयुक्त अभियानों का परिणाम बताया, जिसने मंडला–बालाघाट के सीमावर्ती क्षेत्र और कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के इलाकों को लगभग सशस्त्र नक्सली गतिविधियों से मुक्त कर दिया है। उल्लेखनीय है कि विगत 1 नवंबर 2025 को भी महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एम.एम.सी.) जोन की एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली—सुनीता पिता बिसरू ओयाम, निवासी गोमवेटा (छत्तीसगढ़)—ने शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति पर विश्वास जताते हुए बालाघाट जिले में इंसास राइफल तथा हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। वह मलाजखंड–दर्रेकसा दलम में एसीएम थी और मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव डिविजन में सक्रिय थी। सुनीता पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति-2023 के अंतर्गत पहला ऐसा आत्मसमर्पण था। इस प्रकरण ने प्रदेश में नक्सली ढांचे के कमजोर होने के संकेत पहले ही स्पष्ट कर दिए थे। हाल के महीनों में मध्यप्रदेश में सुरक्षा बलों का दबाव लगातार प्रभावी रहा है। महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन के प्रवक्ता अनंत उर्फ विकास नगपुरे पहले ही अपने दस सशस्त्र साथियों के साथ समर्पण कर चुके हैं, जिससे इस क्षेत्र में नक्सलियों का आधार और भी कमजोर हुआ है। वर्ष 2025 में अब तक बालाघाट जोन में सुरक्षा बलों ने सर्वाधिक दस हार्डकोर नक्सलियों को मुठभेड़ों में ढेर किया है, जिन पर रुपए 1 करोड़ 86 लाख का इनाम घोषित* था। प्रदेश पुलिस के बढ़ते दबाव के परिणामस्वरूप हाल ही में MMC जोन के लगभग 17 नक्सली सीमावर्ती राज्यों महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए 46 एकल सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से 2,046 वनाधिकार पट्टा दावे अग्रेषित किए गए, 1,232 जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 748 आधार कार्ड अपडेट/वितरित किए गए। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को निजी कंपनियों में चयनित कर सिंगल क्लिक से नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर तेज़ी से बढ़े हैं। इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण 1. सुरेन्द्र उर्फ कबीर उर्फ सोमा सोडी पिता: उंगा सोढी , जाति गोंड, उम्र: 50 वर्ष निवासी पुलमपाढ, थाना गुल्लापल्ली, जिला सुकमा (छग) पद: MMC सचिव इनाम राशि: 62 लाख रुपये 2. राकेश ओडी उर्फ मनीष पिता: समरत ओडी,जाति गोंड, उम्र: 42 वर्ष निवासी ग्राम झंडेपार (बोटेकसा), थाना कोरची, जिला गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) पद: स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) इनाम राशि: 62 लाख रुपये 3. समर उर्फ समारू उर्फ राजू अतरम पिता सन्नु, माता सुमरी, जाति गोंड, उम्र: 32 वर्ष निवासी इंड्री, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छग) पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) इनाम राशि: 14 लाख रुपये 4. सलीता उर्फ सावित्री अलावा पिता: लकमु | माता: चिको | जाति: गोंड | उम्र: 26 वर्ष निवासी: सीनागेलोर, थाना बासागुडा, तहसील हवापल्ली, जिला बीजापुर (छग) पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) इनाम राशि: 14 लाख रुपये 5. विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी पिता: तकमा | माता: पीसे | जाति: गोंड | उम्र: 30 वर्ष निवासी: मडपे दुल्लोड, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा (छग) पद: PM/ACM इनाम राशि: —14 लाख रुपए 6. लालसिंह मरावी उर्फ सींगा उर्फ प्रवीण पिता: भीमा | माता: उंगी | जाति: गोंड | उम्र: 30 वर्ष निवासी: छोटे गुडरा, थाना कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा (छग) पद: सदस्य इनाम राशि: 14 लाख रुपये 7. शिल्पा नुप्पो पिता: जोगा | माता: भीमे | जाति: गोंड | उम्र: 26 वर्ष निवासी: बुडिया बड्डुम, थाना बासागुडा, तहसील हवापल्ली, जिला बीजापुर (छग) पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) इनाम राशि: 14 लाख रुपये 8. जरीना उर्फ जोगी मुसाक पिता: अंदल | माता: कोशी | जाति: गोंड (मुडिया) निवासी: मुरंगा, थाना गंगलुर, जिला बीजापुर (छग) पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) इनाम राशि: 14 लाख रुपये 9. जयशीला उर्फ ललिता ओयम पिता: समलु | माता: देवे | जाति: गोंड | उम्र: 26 वर्ष निवासी: तरैम, थाना बासागुडा, तहसील हवापल्ली, जिला बीजापुर (छग) पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) इनाम राशि: 14 लाख रुपये 10. नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा पिता: नंगा | माता: बीमे | जाति: गोंड | उम्र: 30 वर्ष निवासी: बोडकेल, तहसील कोंटा (जगरगुंडा), जिला सुकमा (छग) पद: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) एवं राकेश का गार्ड इनाम राशि: 14 लाख रुपये आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली भोरमदेव एरिया कमेटी से सम्बद्ध हैं। कुल मिलाकर आज समर्पित नक्सलियों पर 2 करोड़ 36 लाख रुपए का इनाम घोषित था। डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा के कुशल निर्देशन, विशेष पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) श्री पंकज श्रीवास्तव, IG बालाघाट जोन श्री संजय सिंह, SP बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में निरंतर चल रहे पुलिस अभियानों एवं आउटरीच प्रोग्राम का परिणाम है कि इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शूटर ऐश्वर्य प्रताप को वर्ल्ड कप-2025 में रजत पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन निवासी अंतर्राष्ट्रीय शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को दोहा (कतर) में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल -2025 में रजत पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के गौरव ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने 50 मीटर रायफल 3 पोजिशन -पुरूष इवेंट में पदक जीत कर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री तोमर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।  

एमपी ट्रांसको के पिंटू यादव ने अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस मुख्यालय, जबलपुर में पदस्थ पहलवान पिंटू यादव ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अंतरक्षेत्रीय विद्युत कुश्ती प्रतियोगिता में 70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर एम पी ट्रांसको का गौरव बढ़ाया है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में हुई विद्युत क्षेत्र की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पिंटू यादव ने खंडवा के अनुभवी पहलवान विनोद तिवारी को पराजित करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। मुकाबले के दौरान उनके दांवपेंच, संतुलन और फुर्ती ने दर्शकों को प्रभावित किया और लगातार तालियां बटोरीं। हालाँकि पिछले दो वर्षों से स्वर्ण पदक जीतते आ रहे पिंटू यादव इस बार शीर्ष स्थान नहीं पा सके, लेकिन उनके सशक्त प्रदर्शन और जुझारू खेल भावना की प्रतियोगिता भर में सराहना होती रही। प्रबंध संचालक ने दी बधाई पिंटू यादव की इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए गौरव की बात है, बल्कि अन्य कर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है। अति उच्च दाब मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता श्री डी. के. अग्रवाल ने भी पिंटू यादव को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें विभागीय स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बाघा जतीन की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ मुखर्जी 'बाघा जतीन' की जयंती पर नमन किया है। उन्होंने कहा है कि क्रांतिकारी बाघा जतीन स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे। उनके चिंतन और दार्शनिक विचारों से स्वतंत्रता सेनानियों को सतत् प्रेरणा मिली। क्रांतिकारी बाघा जतीन ने अनुशीलन समिति और युगांतर पार्टी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को आजीवन ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी बाघा जतीन का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर दी बधाई

मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण के लिए क्यूआर कोड से 11 हजार रुपये किए भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह दिन सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ सेना कल्याण कोष में योगदान के लिए हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने क्यूआर कोड से सैनिक कल्याण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया से 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आह्वान किया कि शहीद सैनिकों के परिवारों और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों के कल्याण के लिए अपना सहयोग दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यंमत्री निवास में ब्रिगेडियर अरुण नायर सेना मेडल (से.नि) और संचालक, सैनिक कल्याण बोर्ड ने झंडा लगाकर स्मृति चिन्ह (मोमेन्टो) भेंट किया। सैनिक कल्याण बोर्ड के श्री आर.एन. सिंह तोमर, श्री ग्रीश चंद्र यादव, श्री शैलेश कुमार चौकसे, श्री संजय भील और श्री जसवीर सिंह भी उपस्थित रहे।  

800 CCTV फुटेज की मदद से 8 साल की बालिका को पीथमपुर से सुरक्षित निकाला गया

धार धार पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे मुस्कान विशेष अभियान के तहत सेक्टर नंबर-1 पीथमपुर पुलिस को एक 8 वर्षीय अपहृत बालिका को मुंबई से सुरक्षित खोजने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस सराहनीय कार्रवाई पर धार पुलिस टीम को माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा सराहा गया है और पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को 10 हजार के इनाम की घोषणा की गई है। घटना के तुरंत बाद, फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सेक्टर नम्बर-01 पीथमपुर में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर रवि सोनेर के मार्गदर्शन में अपहृत बालिका की तलाश के लिए एक एसआईटी का गठन किया था। सीसीटीवी फुटेज और मुंबई तक पीछा थाना प्रभारी ओपी अहीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुख्य मार्गों और आसपास की फैक्ट्रियों के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जाँच शुरू की। त्रिवेणी कम्पनी के कैमरों की फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति बालिका को बहला फुसलाकर ले जाते हुए दिखा, जिसकी पहचान बालिका के पिता ने की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही की पहचान कर पुलिस टीम ने उसका लगातार पीछा किया। टीम को जानकारी मिली कि संदेही अपहृता को लेकर इंदौर रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गया है। 800 CCTV फुटेज खंगाले गए अपहृत बालिका का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने अथक प्रयास किए। इंदौर रेलवे स्टेशन से लेकर मुंबई सेंट्रल, दादर, कुर्ला, पनवेल, और नवी मुंबई तक रास्ते में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन और नजदीक के बस स्टेशनों के लगभग 800 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही, अपहृता और संदेही की तस्वीरें नेशनल और लोकल न्यूज़ चैनलों तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्हाट्सएप पर वायरल की गईं। पनवेल के चिल्ड्र्न होम से मिली सफलता लगातार प्रयासों के बाद, संदेही अपहृत बालिका के साथ मुंबई पनवेल रेलवे स्टेशन के बाहर सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया। थाना प्रभारी खांडेश्वर पनवेल, नवी मुंबई के सहयोग से, टीम ने पनवेल और मुंबई के आसपास के सभी अनाथाश्रमों में बालिका की फोटो और मेसेज सर्कुलेट किए। अथक प्रयासों के बाद, मानखुर्द पनवेल न्यू नवी मुंबई के चिल्ड्रन होम से सूचना मिली कि भेजे गए हुलिए की बच्ची उनके होम में सुरक्षित है। पुलिस टीम ने तुरंत चिल्ड्रन होम पहुंचकर 8 साल की बालिका को सुरक्षित पाया। पुलिस टीम द्वारा महिला बल के साथ बालिका को वापस धार लाया गया और माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेशानुसार उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। सराहनीय कार्य और इनाम इस पूरी कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर रवि सोनेर और थाना प्रभारी ओपी अहीर लगातार टीम के संपर्क में रहे और मार्गदर्शन देते रहे। धार पुलिस की इस सफलता की माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने सराहना की है। पुलिस अधीक्षक धार मयंक अवस्थी ने पूरी टीम को 10 हजार के नकद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।