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भोपाल में 3 दिन से शीतलहर, इंदौर में कड़ाके की ठंड ने बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और कोहरे के चलते कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। भोपाल में लगातार तीसरे दिन शीतलहर चली, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C पारा, लगातार तीसरे दिन शीतलहर राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से ठंड और तेज महसूस हो रही है। इंदौर समेत 4 शहरों में कोल्ड डे आज इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और शहडोल संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति रही। इंदौर का तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा। इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। राज्य के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान     शहडोल (कल्याणपुर) – 4.3°C (MP का सबसे ठंडा स्थान)     पचमढ़ी – 5.4°C     उमरिया – 6.1°C     राजगढ़ – 6.6°C     रीवा – 6.8°C     मलाजखंड – 7.1°C     मंडला – 7.4°C     खजुराहो – 7.8°C     नरसिंहपुर, शिवपुरी, नौगांव – 8°C     छिंदवाड़ा – 8.4°C     रायसेन – 8.6°C     बैतूल – 8.7°C     सतना – 9.3°C     सीधी, दमोह, श्योपुर – 9.4°C  

खजुराहो से दो दिन की सरकार, बैठकें और समीक्षा के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को खजुराहो में अपने मंत्रिमंडल के साथ रहेंगे। वे यहां कैबिनेट बैठक करेंगे और महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के काम की समीक्षा करेंगे। सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा से शुरुआत होगी। इसके बाद औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, राजस्व, शहरी विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज संसाधन विभागों की समीक्षा की जाएगी। कैबिनेट की अहम बैठक भी होगी मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी दिन CCIP बैठक भी होगी। मुख्यमंत्री पिछले दो सालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के राजनगर में 'लाडली बहना सम्मेलन' में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक 'लाडली बहनों' के खातों में दिसंबर की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वे कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। ट्रेन में भजन गाकर हुए रवाना खजुराहो रवाना होते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने ट्रेन में भजन गाया। आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी। 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू होगा। सीएम डॉ. यादव आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरुआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। कल इन विभागों की मीटिंग और कैबिनेट बैठक     नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।     इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में होंगे शामिल, फॉल विजिट भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। इन मंत्रियों के विभाग भी होंगे रिव्यू 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग की समीक्षा की जाएगी। दोपहर बाद 4 बजे से 4:45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा। दोपहर बाद 4:45 बजे से 5:30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा। 12:45 बजे से 1:30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

मध्य प्रदेश को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत, 235 करोड़ की लागत से बनेंगे 7 फ्लाईओवर

ग्वालियर  मध्यप्रदेश में नेशनल हाइवे पर मौजूद 7 जानलेवा ब्लैक स्पॉट अब जल्द ही खत्म हो जाएंगे। इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को समाप्त करने के लिए 235 करोड़ रुपए की लागत से सात फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्वालियर और शिवपुरी जिले में ये सात फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं जिनमें से दो का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से जारी है, जबकि बाकी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है। फ्लाईओवर बनने के बाद आसान और सुरक्षित होगा सफर इन 7 फ्लाईओवर के निर्माण के बाद ग्वालियर और शिवपुरी के करैरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पर मौजूद सभी ब्लैक स्पॉट समाप्त हो जाएंगे। इससे न केवल यातायात सुरक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि माल व यात्रियों के परिवहन की गति बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी। इन सात फ्लाईओवर में से चार ग्वालियर जिले में हैं, जबकि तीन शिवपुरी के करैरा विधानसभा में मंजूर हुए हैं।   सभी 7 फ्लाईओवर का विस्तृत विवरण     सिकरोड़ा तिराहा (ग्वालियर बाईपास): एनएच-44 पर 1873 मीटर लंबाई वाले इस सेक्शन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, इसकी कुल लागत 32.98 करोड़ रुपये है।     तीला रोड कॉलेज तिराहा (करैरा, शिवपुरी-झांसी सेक्शन): एनएच-27 पर 3085 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत 29.88 करोड़ रुपए है।     बिलाऔ तिराहा (ग्वालियर-झांसी सेक्शन): 900 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 33.54 करोड़ प्रस्तावित हैं, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।     कल्याणी चौराहा: यहां 940 मीटर लंबाई की सर्विस रोड 33.76 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।     अर्रू तिराहा: 940 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 39.28 करोड़ रुपए की लागत निर्धारित है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही काम शुरू होगा।     सिलरपुर तिराहा (एनएच-27): 1600 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 40.03 करोड़ रुपए में किया जाना है, जिसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।     मुंगवाली तिराहा (करैरा, एनएच-27): 760 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 25.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर 8 दिसंबर तक आमंत्रित किए गए हैं।

सीएम डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी एक साथ 19 पर्यटक ले सकेंगे अब जंगल सफारी का आनंद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक और सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा 10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी जंगल सफारी के आनंद और अनुभव से वंचित नहीं होंगे। ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटकों को नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित होने जैसी असुविधा अब नहीं होगी । नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।  

सरकार का बड़ा ऐलान: लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोतरी, तय हुई 1750 रुपये ट्रांसफर की तारीख

दमोह  मध्यप्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द मोहन सरकार लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी होने जा रही है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद सिंह लोधी ने दमोह जिले के मनगढ़ में तालाब निर्माण के भूमि पूजन के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए की जाएगी। जल्द लाड़ली बहनों को मिलेंगे 3 हजार मंत्री धर्मेंद लोधी ने कहा कि 'रघुकुल रीत सदा चली, आई प्राण जाए पर वचन न जाई। आप लोग कहते हैं कि सरकार कहती थी की लाड़ली बहनों को 3 हजार दिए जाएंगे, लेकिन कब देंगे? तो मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा सरकार झूठ नहीं बोलती है। हम जल्द ही राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपए करेंगे। जानें कब मिलेंगे 1750 रुपए आगे मंत्री ने कहा कि अभी सहायता राशि 1500 रुपए है, अगली दीपावली में 1750 रुपए करेंगे। उसके बाद 2027 वाली दिवाली में 2000 रुपए और साल 2028 की दिवाली पर सीधा 1000 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। इस तरह से महिलाओं को कुल 3 हजार रुपए की राशि का जो वादा है पूरा किया जाएगा। हमारी सरकार अपने वादों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गलतियां माफ करें जनता धर्मेंद लोधी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि काम करते हैं तो गलतियां भी हो जाती हैं, लेकिन क्षमा बड़न को चाहिए को चाहिए छोटन के उत्पात, आप जनता जनार्दन आप छोटी गलती को क्षमा कर दें, लेकिन एक गलती के कारण हमारी सारी अच्छाइयों को न भुला दें। आपके आठ काम हो जाते हैं दो काम नहीं होते तो आप उन आठ कामों की चर्चा नहीं करते। जो दो काम नहीं होते उनकी चर्चा ज्यादा होती है। 

रील देखते पकड़ा गया सिपाही, भोपाल कमिश्नर की सख्ती—मौके पर ही लगा 500 रुपये का जुर्माना

भोपाल भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और रात्रि गश्त व्यवस्था को परखने के लिए पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र शुक्रवार देर रात अचानक निरीक्षण पर निकले। टीटी नगर क्षेत्र में उन्होंने ड्यूटी प्वाइंट से नदारद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जबकि रील देख रहे एक जवान पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस कमिश्नर रोशनपुरा नोडल प्वाइंट पहुंचे, तो यहां तैनात कार्यवाहक उप निरीक्षक शशि चौबे और कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविंद्र सिंह नदारद मिले। दोनों के अनुपस्थित मिलने पर इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें मौके पर ही तत्काल निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया कि निर्धारित प्वाइंट पर अनुपस्थित रहना ड्यूटी की मूल भावना के खिलाफ है और किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।   इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद सहायक उप निरीक्षक राजकुमार दुबे भी मोबाइल पर सोशल मीडिया में रील देखते हुए पाए गए। कमिश्नर ने कड़े स्वर में फटकार लगाते हुए उन पर 500 रुपये का दंड लगाया और स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है और इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण ने विभाग में एक सख्त संदेश भेजा है कि रात की ड्यूटी में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा को मजबूत रखने के लिए पुलिसकर्मियों को बेहतर अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन करना होगा। इधर… पार्किंग के बाहर खड़ी बाइक चुराते थे, चेकिंग में पकड़े गए गोविंदपुरा पुलिस ने बाइक चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपित बाजारों की पार्किंग के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। वे चोरी की बाइकों की नंबर प्लेट निकालकर उनका उपयोग करते थे। साथ ही सस्ते दामों पर दूसरे शहरों में बेच देते थे। आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी की 13 बाइकें जब्त की हैं। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि 10 नवंबर को शक्ति नगर निवासी रितिक जैन ने बाइक चोरी की शिकायत की थी, जिस पर केस दर्ज किया गया था। पिछले दिनों पुलिस को चेकिंग प्वाइंट के पास एक संदिग्ध बाइक चालक वसीम खान दिखा तो पूछताछ की और दस्तावेज मांगे। वह नहीं दिखा पाया, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार की। उसने गिरोह में आसिफ अली व सुलेमान खान का शामिल होना बताया।

वीडियो कॉल पर 5 दिन का ‘डिजिटल अरेस्ट’, जबलपुर में रिटायर्ड अधिकारी से उड़े 31 लाख रुपये

जबलपुर बिजली विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को साइबर ठग ने एटीएस अधिकारी बनकर फोन किया। उन्हें पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उनका आतंकियों के साथ संबंध एवं टेरर फंडिंग में लिप्त होने का बोलकर डराया। संपत्ति सीज करने की धमकी देकर 31 लाख रुपये ऐंठ लिए। नेपियर टाउन निवासी अविनाश चंद्र दीवान बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वह कुछ दिन से परेशान थे। इस पर जब बेटे ने पूछा तो उन्होंने अपने पास आए फोन और संपत्ति सीज किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी। जब यह बात बाहर रहने वाले पुत्र को पता चली तो वह समझ गया कि पिता के साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। उसके बाद पिता को शुक्रवार को मदन महल थाने भेजकर शिकायत कराया। पुलिस ने आरोपितों के धोखाधड़ी के लिए उपयोग किए गए फोन एवं बैंक खाता नंबर के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।   सेवानिवृत्त अधिकारी के पास एक दिसंबर को सोशल मीडिया से फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को महाराष्ट्र के पुणे एटीएस का अधिकारी बताया। देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ संदिग्धों को पकड़ने और उनसे पूछताछ में दीवान का आतंकी संपर्क मिलने की बात कही। आरबीआई के कुछ जाली अभिलेख भेजकर बताया कि उनके बैंक खाते में टेरर फंडिंग के सात करोड़ रुपये आए थे। उसमें 70 लाख रुपये का कमीशन उन्हें मिला। मामले में उन्हें और पुत्र की गिरफ्तारी फिर उनकी संपत्ति सीज करने का भय दिखाया। फिर धमकाया कि जो पूछा जाए उसकी सही-सही जानकारी दे। गलत जानकारी देने पर पांच लाख रुपये जुर्माना और 18 वर्ष की सजा हो जाएगी। देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताकर उन्हें इसके बारे में किसी से कुछ नहीं बताने बोला। उन्हें घर पर ही रहने और किसी ने मिलने-जुलने से मना किया। उनके बैंक बैलेंस एवं अन्य जानकारी पूछ ली। अगले दिन शुरू किया रुपये ट्रांसफर कराना आरोपितों ने दो दिसंबर को फिर वीडियो कॉल किया। इस पर आरोपित पुलिस की तरह गणवेश पहनकर फोन में सामने आया। जांच के नाम पर उन्हें बैंक खाते के रुपये उनके बताए अकाउंट में जमा करने कहा। रुपयों के स्रोत एवं अन्य जांच पूरी होने के बाद यह राशि उनके खाते में जमा कर दी जाएगी। इसके बाद फिर एक इंटरनेट मीडिया काल आया। इस बार बात करने वाले ने स्वयं को एनआईए के अधिकारी बताया और एक बैंक खाता का विवरण देते हुए उसे आरबीआई का होना बताया। उस खाते में जांच के नाम पर रुपये ट्रांसफर करने बोला। दो से पांच दिसंबर के बीच लगातार डिजिटल अरेस्ट रखते हुए उनसे अलग-अलग किस्त में कुल 31 लाख रुपये अपने बताए खाते में ट्रांसफर करा लिए। रुपये कम पड़ने पर अपनी एफडी तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे। तब भी आरोपित उन पर नजर बनाए रखे। जब दीवान पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे थे तब भी आरोपित ने फोन किया।

ओरछा का आर्थिक, सामाजिक विकास देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश

भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने ओरछा में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा में विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। श्री जैन ने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करने, पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके, के निर्देश दिये। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचकर बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्य सचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।  

निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा और सोमनाथ एक्सप्रेस के लिए हॉल्ट, भोपाल में सुविधा बढ़ेगी

भोपाल भोपाल में जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने वाली है, जिससे भोपाल में चार स्टेशन हो जाएंगे और यात्रियों को आने जाने में और आसानी होगी. बताया जा रहा है कि जनवरी 2026 से भोपाल में निशातपुरा स्टेशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन, संत हिरदाराम नगर स्टेशन के बाद निशातपुरा भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन होगा, बताया जा रहा है कि जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस दो बड़ी ट्रेनों को शुरुआत में निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रोका जाएगा, बाद में यहां और भी कई बड़ी ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हो सकता है.  भोपाल में कम होगा दवाब  निशातपुरा रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने से भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर बढ़ता दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा, क्योंकि अभी इन तीनों स्टेशनों पर ही सबसे ज्यादा दवाब रहता है. निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने से पुराने भोपाल और इसके आसपास के इलाकों, करोंद, लालघाटी, अयोध्या नगर, गांधी नगर, आनंद नगर, भीमनगर सहित लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा, यहां से यात्रियों को मुख्य स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी और समय खर्च नहीं करना पड़ेगा और आसानी से उन्हें आने जाने की सुविधा मिलेगी. स्टेशन पर पार्किंग, टिकटिंग, वेटिंग एरिया और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाओं का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. जिससे जनवरी 2026 में इसके शुरू होने की संभावना है.  वर्तमान समय में भोपाल शहर में चार रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल रेलवे स्टेशन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर और मिसरोद शामिल हैं. निशातपुरा और भोपाल रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी बेहतर करने का भी एक प्रोजेक्ट है. वहीं, संत हिरदाराम नगर स्टेशन का भी विकास कार्य चल रहा है. इसका विकास कार्य पूरा होने पर यहां अधिक ट्रेनों को हॉल्ट दिया जाएगा. इसके साथ ही शहर के दक्षिण दिशा में अधिक डेवलपमेंट होने से मिसरोद स्टेशन पर भी सुविधाएं विकसित करने की मांग उठ रही है. इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा निशातपुरा स्टेशन की दूरी भोपाल स्टेशन से दो किलोमीटर की है. हालांकि, शहर के अलग-अलग इलाकों से यहां जाने वाले लोगों को ट्रैफिक के चलते थोड़ा ज्यादा समय लग जाएगा. वहीं अयोध्या बायपास, भानपुर, करोंद और जेके रोड के निवासियों को यह स्टेशन पास पड़ेगा. जिन दो ट्रेनों से स्टेशन शुरू हो रहा है, उनसे भोपाल से रोजाना औसत 650 यात्री यात्रा करते हैं. इस स्टेशन के शुरू होने का एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुख्य स्टेशन पर जगह नहीं मिलने पर ट्रेनों को आउटर की बजाय निशातपुरा स्टेशन पर रोका जा सकेगा. यहां भी ट्रेनों को मिलेगा हॉल्ट रानी कमलापति स्टेशन पर गोवा, आंध्र प्रदेश और गोंडवाना एक्सप्रेस सहित 6 प्रमुख ट्रेनों के हाल्ट की मांग एक बार फिर उठ रही है. इससे पहले भोपाल मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में रेल अधिकारियों ने तकनीकी कारण बताते हुए इन ट्रेनों का हाल्ट देने से इंकार कर दिया था. अब सांसदों से उम्मीद है कि वे यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस मांग पर फिर जोर देंगे. 2023 से चल रहा काम  भोपाल रेल मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक निशातपुरा स्टेशन का निर्माण 2023 से जारी है और अब ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, अंतिम परीक्षणों के बाद इसे नए साल में शुरू करने की तैयारी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर–वरावल एक्सप्रेस का हॉल्ट अधिकृत रूप से जारी कर दिया गया है, भोपाल स्टेशन परिचालन के लिहाज से अत्यधिक कंजस्टेड है, कई ट्रेनों को यहां रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा में देरी होती है. निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से यह समस्या काफी कम हो जाएगी. मालवा और ओवरनाइट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को भोपाल में इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, जिसमें 30 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है. लेकिन यदि उनका हॉल्ट निशातपुरा में शिफ्ट किया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत नहीं होगी और ट्रेनें सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी.  भोपाल में वर्तमान में तीन बड़े स्टेशन हैं, जिनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन शामिल है. निशातपुरा इनसे बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए अलग से कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी विकसित किया जा रहा है. साथ ही संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर भी विस्तार कार्य तेजी से जारी है. 

चुनावी झटका: भोपाल में 4 लाख मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, 2 लाख वोटरों पर खतरा

भोपाल राजधानी में लगभग चार लाख मतदाताओं का काम होना तय माना जा रहा है तो वहीं दो लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पर तलवार लटक रही है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में चार नवंबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शुरू हुआ था, जिसके तहत अब तक चार विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं बचे हुए तीन विधानसभा क्षेत्र में कुल 23 हजार पत्रक जमा करना शेष रह गए हैं। इस तरह भोपाल ने तय समय सीमा से पहले ही गणना पत्रक वितिरित व जमा करने का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को हुजूर विधानसभा क्षेत्र की टीम काे सम्मान कर प्रत्सोहित किया।   बता दें कि जिले में कुल 21 लाख 24 हजार 773 गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से अब तक 21 लाख एक हजार 697 पत्रक जमा करते हुए 98.86 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र हुजूर, उत्तर और मध्य में शनिवार को 100 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस तरह उत्तर में 2 लाख 49 हजार 710,हुजूर में 3 लाख 87 हजार 135 और मध्य में दो लाख 44 हजार 245 मतदाताओं के गणना पत्रक जमा किए जा चुके हैं। भोपाल जिले में मदताओं के आंकड़ें विवरण     संख्या कुल मतदाता     21,25,908 गणना पत्रक वितरित     21,24,773 डिजिटाइज गणना पत्रक     17,02,349 अनकलेक्टेबल गणना पत्रक     3,99,348 कुल जमा गणना पत्रक     21,01,697 नो मैपिंग वाले पत्रक     2,17,548 वहीं दक्षिण-पश्चिम में दो लाख 34 हजार 104 में से दो लाख 33 हजार 722, नरेला में तीन लाख 54 हजार 530 में से तीन लाख 40 हजार 806 और गोविंदपुरा में चार लाख एक हजार 142 में से तीन लाख 92 हजार 155 पत्रक जमा किए गए हैं। इन तीनों विधानसभा क्षेत्र में रविवार को काम खत्म होने के साथ ही एसआइआर की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। 17 लाख मतदाताओं के पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में एसआईआर के दौरान 21 लाख 24 हजार 773 मतदाताओं के गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से कुल 17 लाख दो हजार 349 गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। जबकि 3 लाख 99 हजार 348 पत्रक अनकलेक्टेबल हैं, जिनका नाम मदताता सूची से कम होना तय माना जा रहा है। इस तरह जिले में 21 लाख में से 17 लाख ही मतदाता शेष रहने की उम्मीद जताई जा रही है। 2.17 लाख मतदाताओं को मिलेगा नोटिस सात विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 17 हजार 548 मतदाता ऐसे हैं, जिनको निर्वाचन शाखा द्वारा नोटिस भेजा जाएगा।यह वह मतदाता हैं, जिनके मात-पिता, दादा-दादी और स्वयं का मतदाता सूची 2003 में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में अब इनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिनके आधार पर ही इनके नाम सूची से कम करने और जोड़े रखने पर निर्णय लिया जाएगा। यह होते हैं अनकलेक्टेबल मतदाता जिन 3 लाख 99 हजार 348 अनकलेक्टेबल मतदाताओं के नाम सूची से कम किए जाने की संभावना है, उनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने जिला छोड़ दिया है, मृत्यु हो गई है, दो जगह नाम है या फिर मिले ही नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले इनके नामों पर गहन परीक्षण किया जाएगा, जिससे किसी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से कम न हो।