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घरेलू LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, मगर बिना 4 अंकों के डिलीवरी नहीं होगी; नए नियम जारी

भोपाल  . दिसंबर के पहले दिन की सुबह-सुबह एमपी सहित देशवासियों के लिए गुड न्यूज़ आ गई है। तेल कंपनियों ने आज से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर यानी कुकिंग गैस की कीमत कम हो रही है। 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 10 रुपए तक कम कर दिए गए है। वहीँ, एमपी के ग्वालियर में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था में किए गए बदलाव अब उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। तेल कंपनियों ने सभी गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब सिलेंडर तभी दिया जाएगा, जब उपभोक्ता डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DSC) या ओटीपी बताएंगे। यह कोड बुकिंग के समय उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। नई व्यवस्था के तहत बिना डीएससी कोड के किसी भी स्थिति में सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।  बढ़ रहे थे गलत डिलीवरी के मामले अब तक उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद हॉकर को डीएससी कोड बताता था। कई बार उपभोक्ता घर पर नहीं मिलता था या उसके पास कोड मौजूद नहीं होता था, तब भी एजेंसी सिलेंडर की डिलीवरी कर देती थी। इससे गलत डिलीवरी के मामले बढ़ रहे थे और कई बार उपभोक्ता को सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आती थीं। इसी को देखते हुए कंपनियों ने इसे अनिवार्य किया है और इसके लिए अपने सॉटवेयर में भी बड़े पैमाने पर बदलाव कर दिए हैं। उपभोक्ताओं को आ रही दिक्कतें नई व्यवस्था से उन उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है जो कामकाज के कारण घर पर नहीं रहते। इसके अलावा कई बार बुकिंग जिस मोबाइल नंबर से होती है, वह उपभोक्ता के पास मौजूद नहीं होता या वह नंबर किसी अन्य सदस्य का होता है, ऐसे में हॉकर डिलीवरी नहीं कर पा रहे हैं। ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के कॉर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला ने बताया कि कंपनियां अब किसी भी हालत में डीएससी कोड के बिना सिलेंडर देने को तैयार नहीं हैं। यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों के लिए जरूरी माना जा रहा है। धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम… नई प्रक्रिया से गलत डिलीवरी और धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगने लगी है। पहले कई हॉकर अपने लाभ के लिए किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर दे देते थे, जिससे वास्तविक उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब ओटीपी आधारित सिस्टम से सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिलेंडर सिर्फ असली उपभोक्ता को ही मिले। शहर में गैस आपूर्ति     शहर में 5.44 लाख उपभोक्ता     40 गैस एजेंसियां संचालित     रोजाना 12 हजार सिलेंडरों की डोर स्टेप सप्लाई     इंडेन, एचपी और बीपीसीएल की एजेंसियों से वितरण

बरेली-पिपरिया रोड का पुल टूट गया, रायसेन में दो बाइक पर सवार चार लोग घायल

रायसेन  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बरेली-पिपरिया रोड पर बना नयागांव पुल गिर गया। इस हादसे में पुल पर से गुजर रही दो बाइक भी नीचे जा गिरीं, जिसमें उस पर सवार चार लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक एक बाइक पर जैत जिला सीहोर के निवासी सवार थे और दूसरी बाइक पर बेरली धोखेड़ा के दो निवासी सवार थे। सूचना मिलने पर एसडीओपी, तहसीलदार मौके पर पहुंच गए है। पुल के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई है। रायसेन जिले के बरेली-पिपरिया मार्ग पर स्थित नयागांव पुल अचानक ढह गया। इस हादसे में पुल के ऊपर से गुजर रहीं दो मोटरसाइकिलें नीचे जा गिरीं, जिससे उन पर सवार चार लोग घायल हो गए। सोमवार को सभी घायलों को इलाज के लिए बरेली सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. जानकारी के अनुसार, घायलों में एक मोटरसाइकिल पर जैत (सीहोर) के निवासी सवार थे, जबकि दूसरी मोटरसाइकिल पर बरेली के धोखेड़ा निवासी थे। हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी, एसडीओपी और तहसीलदार सहित स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। नीचे काम कर रहे मजदूरों ने भागकर बचाई जान बताया जा रहा है कि पुल के नीचे निर्माण कार्य चल रहा था, जहां कई मजदूर काम कर रहे थे। पुल को ढहते देख मजदूरों ने तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि मजदूर समय रहते हट गए, वरना जनहानि अधिक हो सकती थी। MPRDC की लापरवाही पर उठे सवाल इस घटना को एमपीआरडीसी (MPRDC) की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। पुल के अचानक गिरने से ग्रामीणों में रोष है। पुलिस और ग्रामीण मौके पर मौजूद हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। फिलहाल रूट बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आज से बाघों की गणना, STR सफारी का नया समय 7:30 बजे; 450 स्टाफ और 8 राज्यों के वॉलिंटियर्स जुटे

भोपाल  अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 आज 1 दिसंबर से शुरू हो गई है। यह गणना सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) समेत पूरे प्रदेश और देश में 7 दिसंबर तक चलेगी। चार साल में एक बार होने वाली इस गणना में पहली बार टाइगर रिजर्व के साथ-साथ सामान्य वन मंडल के जंगलों में भी टाइगर की गणना की जाएगी।  पहले 3 दिन मांसाहारी, अगले 3 दिन शाकाहारी जीवों की गिनती सात दिवसीय वन्यप्राणी गणना के तहत पहले तीन दिन मांसाहारी और बाद के 3 दिन शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की जाएगी।     मांसाहारी: इनमें बाघ, पैंथर, जंगली डॉग सहित अन्य जानवर शामिल होंगे।     शाकाहारी: इनमें बारहसिंघा, सांभर, चीतल, नीलगाय, बायसन, जंगली सूअर सहित अन्य वन्यजीव शामिल होंगे। सफारी का समय बदला, अब 7:30 बजे खुलेंगे गेट वन्यप्राणी गणना के कारण मढ़ई और चूरना में पहली शिफ्ट में शुरू होने वाली सुबह की जंगल सफारी का समय एक घंटे बढ़ा दिया गया है।     नया समय: सफारी सुबह 6:30 बजे के बजाय 7:30 बजे से शुरू होगी। यह 11:30 के बजाय दोपहर 12 बजे तक चलेगी।     शाम की शिफ्ट: दूसरी शिफ्ट की सफारी का समय यथावत रहेगा। 450 कर्मचारी और 8 राज्यों के 35 वॉलिंटियर्स तैनात डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम ने बताया कि एसटीआर में गिनती के लिए करीब 450 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 35 वॉलिंटियर को भी बुलाया गया है, जो गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, कर्नाटक समेत 8 राज्यों से आए हैं। जिन बीट में स्टाफ कम है, वहां इन वॉलिंटियर्स का उपयोग होगा। वॉलिंटियर्स को दी गई है स्पेशल ट्रेनिंग रेंजर राहुल उपाध्याय ने बताया कि वन विभाग की विशेषज्ञ टीम ने वॉलिंटियर्स को ट्रांसेक्ट वॉक, कैमरा ट्रैपिंग, पगमार्क रिकॉर्डिंग और आधुनिक डेटा संग्रह तकनीकों का प्रशिक्षण दिया है। 1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक रिजर्व के विभिन्न रेंजों में वैज्ञानिक पद्धति से गणना की जाएगी। प्रशिक्षित वॉलिंटियर वनकर्मियों के साथ मिलकर क्षेत्रीय सर्वेक्षण में भाग लेंगे। संख्या 75 के पार जाने की उम्मीद फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि अखिल भारतीय बाघ गणना चार साल में एक बार होती है। साल 2022 की गणना के अनुसार एसटीआर में बाघों की संख्या 62 थी। अब 2025-26 में गणना हो रही है, इस बार यह संख्या 75 के पार जाने की उम्मीद है। जो शावक 1 साल के हो गए हैं, उन्हें भी गणना में शामिल किया जाएगा। बाघों की पहचान उनके शरीर के पट्टे (स्ट्राइप्स) और पगमार्क के आधार पर की जाती है। 800 कैमरों से हो रही निगरानी अखिल भारतीय बाघ गणना से पहले साक्ष्य जुटाने के लिए 'फेस थ्री कैमरा ट्रैपिंग' गणना 15 नवंबर से जारी है। इसके लिए सतपुड़ा की पांच बीट- चूरना, बोरी, बागड़ा बफर, तवा बफर और मढ़ई रेंज में 800 कैमरे लगाए गए हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि कैमरा ट्रैपिंग का दूसरा चरण 20 दिसंबर से शुरू होगा, जिसमें पिपरिया, मटकुली, देलाखारी, पूर्व और पश्चिम पचमढ़ी में कैमरे लगेंगे।

MP में तापमान गिरावट जारी, दिसंबर में 5 डिग्री से नीचे; नवंबर में टूटे 84 साल पुराने रिकॉर्ड की छाया

भोपाल  इस बार मध्य प्रदेश में नवंबर माह के भीतर ही कड़ाके की ठंड के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विभाग की मानें तो नवंबर की विदाई तेज सर्दी के साथ हुई है, जिसने राजधानी भोपाल में बीते 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। हालांकि, ये तो सिर्फ ठंड की शुरुआत है। आज से शुरु हुए दिसंबर महीने में और कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार नवंबर से ज्यादा ठंड दिसंबर में पड़ने की अधिक संभावना है। इसका कारण ये है कि, इस बार शहर में उत्तरी के साथ-साथ राजस्थान की ओर से पश्चिमी हवा का प्रभाव भी बना हुआ है, जिससे अधिक रफ्तार से सर्द हवा एमपी में एंटर हो रही है। ऐसे में दिसंबर में भी तेज सर्दी का दौर दिखाई दे सकता है। पहले सप्ताह में सर्दी का असर मिलाजुला रहेगा, लेकिन दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरु होगा। बता दें कि प्रदेश में 20 दिसंबर से कड़ाके की ठंड का दौर आता है, जो जनवरी तक बना रहता है। पिछले 10 साल में ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव का असर रहेगा। सबसे ज्यादा सर्दी उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह यहां बर्फीली हवाओं का सीधे आना है। नवंबर में सर्दी ने ऐसे तोड़ा रिकॉर्ड नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। दूसरे हफ्ते से बढ़ेगी ठंड मौसम विशेषज्ञ ए.के शुक्ला का कहना है कि, इस बार भोपाल में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। इसी तरह का ट्रेंड दिसंबर में भी रहने के आसार है। इसका कारण ये है कि, अबतक जो हवा आ रही है, वह उत्तर और पश्चिम से आ रही है। सर्द हवा को राजस्थान की ओर से भी गति मिल रही है, जो मध्य क्षेत्र तक बनी है। साथ ही, इस बार लानीना का भी प्रभाव है। इसके कारण भोपाल में अपेक्षाकृत नवंबर में ज्यादा सर्दी रही है और रिकांर्ड टूटा है। इसी तरह का ट्रेंड दिसंबर में भी रहने की उम्मीद है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसा रहेगी ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी। 20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा में कफ सिरप कांड का विरोध, विपक्षी विधायक बच्चों के पुतले लेकर पहुंचे

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और 'पूतना' को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। बता दें सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 4 दिन ही विधानसभा की बैठकें होंगी। 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर स्थानीय अवकाश के कारण विधानसभा की भी छुट्‌टी रहेगी। सत्र में विपक्षी विधायक सीहोर की वीआईटी यूनिवर्सिटी में छात्रों को खराब भोजन-पानी मिलने के कारण हुए विवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे। अतिवृष्टि से नुकसान और मुआवजे का मुद्दा भी गूंजेगा। दिसंबर में सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक विधानसभा सचिवालय में 751 तारांकित और 746 अतारांकित प्रश्नों को मिलाकर 1497 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। ध्यानाकर्षण की 194, स्थगन प्रस्ताव की 06, अशासकीय संकल्प की 14, शून्यकाल की 52, नियम-139 की 02 सूचनाएं जबकि 15 याचिकाएं मिली हैं। 2 शासकीय विधेयक भी प्राप्त हुए हैं। विधानसभा सत्र में पेश होंगे ये दो विधेयक मध्य प्रदेश सरकार नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब तक पार्षद ही अध्यक्ष चुनते थे, लेकिन संशोधन के बाद अध्यक्ष को जनता सीधे चुनेगी। इसके साथ ही राइट टू रिकॉल की व्यवस्था भी लागू होगी। यानी जनता यदि अध्यक्ष के काम से नाखुश है तो वोट देकर उन्हें हटा भी सकेगी। मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापार और दुकानों से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट की बैठक में दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 को स्वीकृति दी गई थी। अब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। साथ ही, दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन के तहत दुकानदारों और कामगारों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश देना जरूरी होगा। दुकान खोलने और संचालन के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाएगी। सरकार का तर्क है कि यह व्यवस्था कामगारों के स्वास्थ्य, बेहतर कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। नई व्यवस्था में ये होगा     20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में बिना श्रम आयुक्त की अनुमति के निरीक्षण नहीं हो सकेगा।     इससे सूक्ष्म और लघु व्यापारियों को अनावश्यक कार्रवाई और दबाव से राहत मिलेगी।     सभी प्रक्रियाएं पोर्टल पर ही होंगी। रजिस्ट्रेशन, रिनुअल, संशोधन और बंद होने की सूचना भी डिजिटल हो जाएगी। बदलाव 7 दिन में अपडेट करना अनिवार्य दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 के मुताबिक, अब रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹2,500 होगा। कर्मचारियों की संख्या या अन्य प्रमुख बदलाव होने पर 7 दिन के भीतर पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी होगा। प्रतिष्ठान बंद होने पर 10 दिन के भीतर पोर्टल पर सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना दर्ज होते ही रजिस्ट्रेशन खुद ही हट जाएगा। श्रम विभाग के अनुसार संशोधन का उद्देश्य     प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाना।     व्यापार-मित्र वातावरण तैयार करना।     छोटे व्यापारियों तक स्व-प्रमाणन की सुविधा पहुंचाना।     निरीक्षण का अनावश्यक दबाव कम करना।     राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करना।  

CM मोहन यादव ने किया अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज, महोत्सव का पूरा शेड्यूल और खास संदेश

उज्जैन   मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित दशहरा मैदान में सोमवार सुबह अंतरराष्‍ट्रीय गीता महोत्सव शुरू हुआ. 1 से 3 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम डॉ मोहन यादव ने किया. इस खास मौके पर सीएम ने कहा कि गीता से प्रेक्टिकल ज्ञान मिलता है. यह किताब हर बच्चे के पास होना चाहिए. गीता महोत्सव का शुभारंभ दशहरे मैदान पर आयोजित गीता महोत्सव के कार्यक्रम में सुबह करीब 9 बजे सीएम यादव मंच पर पहुंचे. उन्होंने पंडितो द्वारा किए गए गीता श्लोक का पाठ के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया है. इस दौरान संत रंगनाथाचार्य महाराज का स्वागत किया गया. इस मौके पर सीएम ने गीता और श्रीकृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री कृष्ण और सुदामा ने एक साथ शिक्षा ग्रहण की…इससे पता चलता है कि आमिर गरीब का कोई भेद भाव नहीं था. ये विद्यार्धियों के लिए सबक है. गीता महोत्सव पर क्या बोले सीएम मोहन 1 दिसंबर को सुबह करीब 9 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव कृष्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम के स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने संत रंगनाथाचार्य महाराज का स्वागत किया। इसके बाद पंडितों द्वारा गीता श्लोकों का पाठ किया गया, जिससे एक दिव्य माहौल बना।  मुख्यमंत्री यादव ने अपने संबोधन में गीता और श्री कृष्ण के आदर्शों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गीता न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह जीवन जीने की कला भी सिखाती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गीता को हर बच्चे की पढ़ाई में शामिल करना चाहिए, क्योंकि गीता से प्राप्त ज्ञान वास्तविक और प्रैक्टिकल होता है। उन्होंने कृष्ण और सुदामा के साझा शिक्षा अनुभव का उल्लेख किया। साथ ही यह संदेश दिया कि गीता में अमीर-गरीब का कोई भेदभाव नहीं है। तीन दिनों तक चलने वाले आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव के आयोजन में संस्कृति विभाग, जनसंपर्क विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन का संयुक्त रूप से योगदान रहेगा। इस दौरान गीता प्रेमी श्रीमद भगवद गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ करेंगे। इसके अलावा श्री कृष्ण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। हर बस्ते में हो गीता सीएम मोहन ने आगे कहा कि गीता एक पवित्र ग्रंथ है, जिसको हमने पाठ्यक्रम में महत्ता दी है. गीता वो किताब है जिससे प्रेक्टिकल ज्ञान मिलता है. यह हर बच्चे के बस्ते में होना चाहिए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु संत, स्कूली बच्चे और बटुक शामिल हुए. सीएम ने कहा दोपहर में भोपाल में गीता महोत्सव में शामिल होना है और शाम को इंदौर में गीता भवन की सौगात मिलेगी. शाम को जय श्री कृष्ण नाट्य  तीन दिवसीय गीता महोत्सव के चलते सोमवार आज शाम दशहरा मैदान पर बॉलीवुड एक्टर पुनीत इस्‍सर के निर्देशन में जय श्री कृष्‍ण-गीता सार नृत्‍य-नाट्य होगा. मंगलवार शाम नई दिल्‍ली की कलाकार वैष्‍ण्‍वी शर्मा प्रस्तुति देगी और मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्‍णायन नाट्य का मंचन होगा. बुधवार शाम विश्‍ववंदनीय नाट्य के साथ सलाउद्दीन पाशा द्वारा गीता ऑन व्‍हील्‍स नाट्य का मंचन किया जाएगा. महोत्‍सव में माधव दर्शनम-लघु चित्र शैलियों में चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी. गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती आज से मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है. यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा. पहले दिन – 1 दिसंबर 2025 महोत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध कलाकार पुणीत इस्सर के निर्देशन में 'जय श्री कृष्ण – गीता सार' नृत्य-नाट्य के मंचन से हुई। दूसरे दिन – 2 दिसंबर 2025 दूसरे दिन, नई दिल्ली की कलाकार वैष्णवी शर्मा द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद, मोहित शेवानी के निर्देशन में 'कृष्णायन नाट्य' का मंचन होगा। तीसरे दिन – 3 दिसंबर 2025 अंतिम दिन, सलाउद्दीन पाशा द्वारा 'गीता ऑन व्हील्स' नाट्य का मंचन होगा, और साथ ही 'माधव दर्शनम' नामक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। गीता: केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य समाज में ज्ञान, अनुशासन, कर्तव्य और सकारात्मकता का वातावरण बनाना है। इंदौर में गीता भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इंदौर में गीता भवन-गोपाल मंदिर का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी। इन विजेताओं को 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पर पुरस्कार दिए जाएंगे।

मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा एक्शन: अवैध शराब तस्करी पर कसा शिकंजा

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई पांच जिलों से कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब जब्त भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा विगत दिनों की गई समीक्षा बैठक में जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होने, पेट्रोलिंग को पूर्णतः प्रभावी और सतत रखने, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पुलिस की निरंतर और सटीक कार्यवाहियों के परिणामस्वरूप राज्य के भोपाल, देवास, मंदसौर, छतरपुर और अनूपपुर जिलों से लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं। *जिलों द्वारा की गई प्रमुख कार्रवाई-* *भोपाल-* थाना खजूरी सड़क पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 1200 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक सहित कुल 1 करोड़ 60 लाख 42 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर महत्वपूर्ण प्रहार मानी जा रही है *देवास-* पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। सोनकच्छ प्रगति नगर बायपास पर वाहन चैकिंग के दौरान ट्रक को रोककर उसमें भरी 85 लाख 35 हजार 440 रूपए की 675 पेटी, कुल 5936.4 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा करीब 20 लाख रूपए का ट्रक जप्त किया है। आरोपी ट्रक में बाहर की ओर भूसे की बोरियां रखकर भीतर शराब की पेटियाँ छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक रावत पिता सज्जन रावत तथा लालु रावत पिता मुकाम रावत दोनों निवासी ग्राम आम्बुआ, जिला अलीराजपुर शामिल हैं। *मंदसौर-* थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक ट्रक कंटेनर में भरी 120 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की। ट्रक में शराब को भरकर लोहे के पलंग की फर्जी बिल्टी के माध्यम से ले जाया जा रहा था। जब्‍त की गई संपत्ति  की कीमत लगभग 20 लाख रूपए है।  *छतरपुर-* थाना बमनौरा पुलिस ने ग्राम डोंगरपुर में अवैध शराब के संग्रह स्थल पर छापा मारकर 20 पेटी (180 लीटर) अवैध शराब लगभग 90 हजार रूपए,  बरामद की है। *अनूपपुर*- जिले की कोतवाली पुलिस ने 62.55 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बिना नंबर की स्कूटी सहित 54 हजार 210 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार इन जिलों की कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 87 लाख रूपए से अधिक की अवैध शराब एवं वाहन जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने तस्करों को भी गिरफ्तार किया है तथा आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या विक्रय में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के अवैध व्यापार एवं संबद्ध आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अपने सतत, दृढ़ एवं निर्णायक अभियान को जारी रखेगी, ताकि राज्य में शांति, सुरक्षा एवं सामाजिक स्वास्थ्य को और अधिक सशक्त किया जा सके।                  

हरियाणा के मुख्यमंत्री करेंगे इंदौर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण

गीता जयंती पर 3 लाख गीता पाठी एक साथ करेंगे श्रीमद्भगवद्गीता का सस्वर पाठ श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की होगी घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आज गीता जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय और 10 संभागों में आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख से अधिक गीताभक्तों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया जायेगा। गीता जयंती पर उज्जैन, भोपाल एवं इंदौर में विशेष आयोजन किये गये है। इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा भी की जायेगी। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती 1 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा। उज्जैन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन, पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर की प्रस्तुति  उज्जैन के दशहरा मैदान पर 1 से 3 दिसंबर तक विविध सांस्कृतिक आयोजन किये जा रहे है। इसमें पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका जय श्रीकृष्णा का मंचन होगा। दूसरे दिन नई दिल्ली की वैष्णवी शर्मा का काव्य पाठ विराटजयी तथा मुंबई के मोहित शेवानी एवं दल द्वारा कृष्णायन की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन उमेश तरकसवार द्वारा निर्देशित विश्ववंदनीय एवं बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा द्वारा निर्देशित गीता ऑन व्हील्स की प्रस्तुति होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर लघु चित्र शैली में माधव दर्शनम् प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जा रहा है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में दिव्यांग कलाकारों द्वारा गीता ऑन व्हील्स का मंचन मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में दोपहर 1 बजे रविन्द्र भवन में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ एवं प्रदर्शनी का लोकार्पण होगा। रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। यह प्रस्तुति भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश की कहानी पर केंद्रित है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए इस प्रस्तुति को आकर्षक एवं रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। इसके पूर्व बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा के निर्देशन में गीता ऑन व्हील्स जिसमें दिव्यांग कलाकार गीता के प्रसंगों को मंचित करेंगे तथा विश्व गीता प्रतिष्ठानम् की ओर से श्रीमद्भगवद्गीता नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। प्रस्तुतियाँ शाम 6 बजे शुरू होंगी। इंदौर के गोपाल मंदिर में होंगे आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री सैनी इंदौर के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन-गोपाल मंदिर का लोकार्पण किया जायेगा। साथ ही प्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जायेगी। पुरस्कारों का वितरण गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के मौके पर होगा। इस अवसर पर श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका कृष्णायन की प्रस्तुति होगी।  

एमपी में कड़ाके की ठंड की दस्तक: दिसंबर से तापमान तेज़ी से गिरने के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। दिसंबर के पहले हफ्ते में राज्य के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी। बात करे राजधानी भोपाल की तो यहां बीते दो दिनों से ही शीतलहर चल रही है। वहीं, 14 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है। एमपी में इस बार ठंड के सख्त तेवर जनवरी के पूरे महीने देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, भारत के उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जिससे उत्तरी राज्यों में बर्फबारी होगी। अगले कुछ दिनों बाद मध्य प्रदेश के तापमान में और भी गिरावट होगी। दिसंबर के पहले हफ्ते से कड़ाके की ठंड बढ़ेगी। इस बार ठंड का तेवर जनवरी तक जारी रहेगा। ठंड ने पकड़ी रफ्तार प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर ठंड ने रफ्तार पकड़नी शुरु कर दी है। 14 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। सबसे कम तापमान छतरपुर के नौगांव में दर्ज हुआ। यहांन्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं, हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया-अमरकंटक में 7.6 डिग्री, रीवा में 7.8 डिग्री, भोपाल में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 8.7 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 9 डिग्री, मंडला-छिंदवाड़ा में 9.4 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री और बैतूल में 9.7 डिग्री तापमान रहा। वहीं जबलपुर में 10.2 डिग्री, इंदौर में 10.4 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री और उज्जैन में 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।

श्रद्धालुओं ध्यान दें! भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद—अब ऐसे मिल सकेगी एंट्री

उज्जैन  उज्जैन के राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में बीते साल को अलविदा और आने वाले साल का वेलकम करने देशभर से श्रद्धालु आएंगे। मंदिर प्रशासन का अनुमान है, इन दिनों करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकाल की नगरी में पहुंचेंगे। सभी को सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं। साथ ही भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिसंबर से बंद रहेगी। इस दौरान ऑफलाइन व्यवस्था के तहत एंट्री मिलेगी। एक दिन पहले आकर फॉर्म भरने होंगे, अनुमति दर्शनार्थियों की संख्या के आधार पर ही मिल सकेगी। कोई भक्त निराश न लौटे, इसके लिए भस्म आरती में चलायमान दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे 10 लाख भक्त सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महाकाल मंदिर में नए साल को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अनुमान है कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक करीब 10 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भस्म आरती की आनलाइन बुकिंग सुविधा को ब्लाक करने के साथ हो गई है। भस्म आरती दर्शन व्यवस्था प्रभारी व सहायक प्रशासक फलवाडिया ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी नए साल में भस्म आरती दर्शन को लेकर काफी देखा जा रहा है।   चारधाम से लगेगी कतार पिछले कुछ सालों से नए साल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन चारधाम मंदिर के सामने से कतार लगाने का कार्य करता आ रहा है। संभवत: इस बार भी नए साल में वही दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्रीमहाकाल महालोक होते हुए मंदिर(Mahakal Temple Ujjain) में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु गणेश व कार्तिकेय मंडप से दर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं को दी जाने वाली अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी।