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भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4239 रुपए जारी

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए  1 दिसंबर को 4239 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

CM डॉ. मोहन का संदेश—गीता से सीखें लाइफ बैलेंस, हर बच्चे तक पहुंचे धर्मग्रंथ की सीख

भोपाल/उज्जैन 'भक्ति योग-ज्ञान योग-कर्म योग, इन सबका सार गीता में मिलता है। हर स्कूल के बस्ते में-हर बच्चे के साथ गीता होनी चाहिए। लाइफ बैलेंस करने के लिए गीता की शिक्षा महत्वपूर्ण है। जितना प्रैक्टिकल ज्ञान गीता देती है, उतना कोई नहीं देता। गीता बताती है कि हमारे कर्म हमारे साथ होते हैं। गीता हमें अपने कर्मों और आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करने का रास्ता दिखाती है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 1 दिसंबर को उज्जैन में कही। सीएम डॉ. यादव दशहरा मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (Bhagavad Gita at International Geeta Mahotsav) में सहभागिता कर रहे थे। इस कार्यक्रम में साधु-संतों के साथ-साथ बच्चे और बूढ़े भी शामिल थे। सभी ने एक साथ गीता पाठ भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश को गीता भवन की सौगात भी मिलेगी।   गीता हमारा पवित्र ग्रंथ- CM मोहन यादव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गीता हमारा पवित्र ग्रंथ है। इसमें सबकुछ है। इससे बड़ा कोई ग्रंथ नहीं। मध्यप्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मना रही है, इसके लिए सभी को शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2020 में शिक्षा नीति का संशोधन किया गया। इस संशोधन के बाद हमें गर्व है कि हमने गीता को पाठ्यक्रम में महत्ता दी है। हमारी सरकार ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को भी महत्ता दी है। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों से सीखने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हमें धर्म के माध्यम से जीवन के मर्म को समझने का मौका मिलता है। हम किसी की बुराई नहीं कर रहे, किसी के प्रति हमारा गलत भाव नहीं है, लेकिन सच्चाई का पता लगाने का तो भाव होना चाहिए। एकता-प्रेम की प्रेरणा सीएम डॉ. यादव ने कहा कि 5 हजार साल पहले कंस को मारने के बाद भगवान श्री कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैयनी की तरफ कदम बढ़ाए। वे उस सांदीपनि आश्रम आए, जहां अमीर-गरीब सबके लिए दरवाजे खुले थे। सबको समान रूप से शिक्षा मिलती थी। इस आश्रम में एक ओर भगवान कृष्ण-शिक्षा पा रहे थे, तो दूसरी ओर सुदामा भी पढ़ाई कर रहे थे। इस तरह भगवान कृष्ण ने हमें एकता और प्रेम की प्रेरणा दी। भगवान कृष्ण के माता-पिता ने कई प्रकार के कष्ट सहे, उसी तरह भगवान ने भी संकट झेले। लेकिन, इन कष्टों में भी उन्होंने संघर्ष किया और हर जगह विजय पताका फहराई। कष्टों में मुस्कुराना और कालिया नाग के ऊपर नृत्य भगवान श्री कृष्ण ही कर सकते हैं। कुर्सी के बजाए शिक्षा को महत्व प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने कहा कि कंस को मारने के बाद कुर्सी के बजाए शिक्षा को महत्व देना, यह हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ सबके लिए सबक है। सांदीपनि आश्रम ने भगवान श्री कृष्ण को सिखाया कि चुनौतियों के बीच मुस्कुराना कैसे है, कर्तव्य के पथ से कर्म की तरफ कैसे जाते हैं। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु भी होगी। इंसान को सदैव धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के माध्यम से दुनिया ने भारत का पराक्रम देखा है।  

गीता अद्भुत और पवित्र ग्रंथ है, जीवन की सारी जिज्ञासाओं का समाधान गीता में है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता हमें कर्मवाद की शिक्षा देती है, यह मोह माया को तजकर कर्तव्य पथ को चुनना सिखाती है भगवान श्रीकृष्ण के जहाँ जहाँ चरण पड़े, उन्हें तीर्थ बनाएगी सरकार प्रदेश में गीता भवन भी बनाएंगे प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में बनकर हुआ तैयार भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ 11000 कृष्ण-मार्गियों एवं कृष्ण भक्तों ने किया एक स्वर में गीता के 15वें अध्याय का पाठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भगवद्गीता एक अद्भुत, अनुपम और पवित्र ग्रंथ है। गीता के अध्ययन मात्र से ही मनुष्य के जीवन के सभी प्रश्नों और सभी जिज्ञासाओं का शमन (समाधान) हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान ही सम्पूर्ण सृष्टि के समग्र ज्ञान और चेतना का मूल आधार है। योगीराज भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन को धर्म, कर्म और मर्म का वास्तविक मार्ग दिखाया है। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, निष्काम कर्म और धर्म पालन को ही मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च मार्ग इंगित किया है। उन्होंने वीर अर्जुन को सिखाया कि लौकिक जगत में रहते हुए भी मनुष्य को अपने कर्तव्य (स्वधर्म) का पालन करना चाहिए। कर्म करते हुए भी फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। यही अलौकिक धर्म का मार्ग है, जिससे मनुष्य मोक्ष और परम शांति की ओर बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व समुदाय को कर्मयोग के जरिए ही अपने धर्म का पालन करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को गीता जंयती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान हम सबको सिखाता है कि मनुष्य के आत्मा रूपी पिंड को एक दिन अंतत: परमात्मा में ही समाहित हो जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण कर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत् शुभारंभ किया। गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण आराधना एवं आचार्यों/संतों की सन्निधि में 11000 कृष्णमार्गियों/ कृष्ण भक्तों/बटुकों/स्कूली विद्यार्थियों द्वारा एक स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सुमधुर पाठ किया गया। गीता के इस पुरूषोत्तम अध्याय के सस्वर पाठ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत प्रोत कर दिया। धर्म, संस्कृति और तकनीक के इस अनूठे आयोजन ने गीता की शिक्षाओं को नए आयामों में प्रस्तुत किया। साथ ही समाज में गीता के मूल्यों के प्रति नई चेतना का जागरण भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी गीता पाठियों के साथ समूह चित्र खिंचवाए और उनके आह्लाद में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गीता जयंती के पावन पर्व पर ऐसा लग रहा है कि गोपाल कृष्ण हमारे आसपास ही विद्यमान हैं। बीते वर्ष लाल परेड ग्राउंड पर 3500 विद्यार्थियों ने एक साथ गीता पाठ कर अद्भुत रिकॉर्ड बनाया था। इस गीता जयंती पर प्रदेश के सभी 55 जिलों, 10 संभागों और 313 विकासखंडों में करीब 3 लाख से अधिक गीता पाठियों के 15वें अध्याय के सस्वर पाठ से अद्वितीय रिकार्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारने के बाद अपने जीवन में शिक्षा को सर्वोपरि रखा। भारत में 5 हजार वर्ष पहले से विद्यार्थियों के लिए गुरुकुल जाकर शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था थी। भगवान श्रीकृष्ण भी उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए और यहां पर चारों वेद, सभी उपनिषद्, 64 कलाएं और 14 विद्याएं सीखीं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता की नींव मध्यप्रदेश की धरा में स्थित इसी आश्रम में पड़ी थी। इन दोनों की मित्रता से हमें यह सीख मिलती है कि कोई कहीं भी पहुंच जाए, अपने बचपन के मित्रों को नहीं भूलना चाहिए। मित्र यदि गरीब हो, तो बिना बताए ही उसकी भरपूर सहायता कर देनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन संघर्ष और कर्मवादी रहा है। उन्होंने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा दी। मनुष्य को कर्तव्यों के निर्वहन के लिए मोहमाया और कर्म में से किसी एक मार्ग को चुनना पड़ता है। यह कर्तव्य मार्ग होता है। उन्होंने कहा कि हर प्राणी के जन्म के साथ ही उसकी मृत्यु निश्चित है। भगवान श्रीकृष्ण ने 15वें अध्याय में आत्मा और परमात्मा के माध्यम से पुरुषोत्तम ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन के हर पल से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। कर्मवाद के आधार पर भगवान को भी पृथ्वी पर मनुष्य रूप में जन्म लेना पड़ा। उन्होंने भी जीवन में सुख-दु:ख का अनुभव किया। मनुष्य को जन्म के साथ ही अपने सभी संचित, अकिंचन और अर्जित कर्मों का फल भोगना पड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रत्येक स्थान को तीर्थस्थल के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े उसे रेखांकित करते हुए 'श्रीकृष्ण पाथेय' का रूप दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सामुदायिक भवनों की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर के राजवाड़ा में बनकर तैयार है। इसका लोकार्पण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव गृह, संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांस्कृतिक आयोजनों को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे अर्थों में मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति के संरक्षक हैं। गीता जयंती के अवसर पर आज उज्जैन में 11 हजार भक्तों ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ किया।  

MP दौरे पर उमाभारती का बड़ा आरोप: भारी भ्रष्टाचार… लोगों में आक्रोश चरम पर

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर यात्रा पर निकलीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का कहना है कि 'भारी भ्रष्टाचार' और 'सुविधाओं की असमानत' ने लोगों के अंदर आग जला दी है। टीकमगढ़ जिले में मां के मायके से अपनी मायके तक की यात्रा कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उनकी यह यात्रा अराजनैतिक है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन मुद्दों पर बात करेंगी। हाल ही में भाजपा की फायर ब्रांड नेता ने मुख्यमंत्री की कई चुनौतियां गिनाईं थीं, लेकिन भरोसा जताया था कि वह इनसे निपटने में सक्षम हैं।   पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता ने सोमवार को एक्स पर अपनी यात्रा के बारे में कुछ जानकारियां देते हुए कहा कि वह मां के मायके से उनकी सुसराल के बीच तीन दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने लिखा, 'मेरी मां की जन्म भूमि जिला टीकमगढ़ के गरोली ग्राम से 30 नवंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की यात्रा है जो कल मेरे ग्राम डूंडा में समाप्त होगी जहां मेरी मां ब्याह के आई थीं। मेरे मां के नाम की यह यात्रा पूर्णतया अराजनैतिक, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद है। यह यात्रा वाहन से है जब कोई गांव आता है तब मैं वाहन से उतरकर थोड़ा पैदल चलती हूं।' झांसी से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं उमा भारती ने कहा, 'यह यात्रा तो मुझे फिर से जन्म दे रही है।' पूर्व सीएम ने लगे हाथ राज्य में भ्रष्टाचार और असमानत की बात कहकर कई अटकलों को हवा दे दी है। उमा भारती ने कहा, 'भारी भ्रष्टाचार एवं सुविधाओं की असमानता ने लोगों के अंदर आग जला दी है, मैं इस विषय पर भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी बात करूंगी।' एक पखवाड़े पहले उमा भारती ने मौजूदा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा था कि मोहन यादव जी के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं जैसे, 'मध्य प्रदेश का आधुनिकीकरण, मध्य प्रदेश में हुए निवेशों का धरातल पर आना, उनसे रोजगारों का सृजन होना, किसानों के द्वारा गौ पालन और गौ वंश आधारित कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश का अव्वल राज्य बनना, शराब नीति का ठीक से निरीक्षण करते रहना, सरकारी शिक्षा, सरकारी स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था।' उन्होंने कहा था कि मोहन यादव जी इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम भी हैं। इसीलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इनका भरोसा किया है। हम सबको विश्वास है कि वह इसमें खरे उतरेंगे।

HIV स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश की धीमी प्रगति, गर्भवती महिलाओं का केवल 46% हुआ टेस्ट; आम जनता का आंकड़ा बेहतर

भोपाल  मध्यप्रदेश में HIV नियंत्रण को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। सामान्य आबादी की HIV जांच रिकॉर्ड तेजी से लक्ष्य के करीब पहुंच रही है, लेकिन गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग लगातार पिछड़ रही है, जो मां से बच्चे में वायरस के संक्रमण रोकने के लक्ष्य को सीधे चुनौती देती है। जबकि ICTC और PPP-ICTC मिलाकर राज्य में हुई HIV जांचों ने इस साल कमाल कर दिया है। अक्टूबर 2025 तक ही 12.23 लाख के लक्ष्य में 12.13 लाख जांच हो चुकी हैं। कई जिलों में आंकड़े लक्ष्य को पार कर चुके हैं। यह दर्शाता है कि आमजन के बीच टेस्टिंग नेटवर्क मजबूत और सक्रिय है। दूसरी ओर, वही अवधि में गर्भवती महिलाओं की HIV जांच जो सबसे संवेदनशील श्रेणी मानी जाती है। 22.85 लाख के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 10.54 लाख तक ही पहुंच पाई। यह आंकड़ा सिर्फ 46% उपलब्धि को दर्शाता है। मतलब आधी महिलाएं अभी भी HIV टेस्ट से बाहर हैं, जबकि यही टेस्ट भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों को HIV के खतरे से बचाता है। गर्भवती महिलाओं की HIV जांच,   2023-24: लक्ष्य 22.25 लाख – उपलब्धि 20.98 लाख 2024-25: लक्ष्य 22.58 लाख – उपलब्धि 18 लाख  2025-26: (अक्टूबर तक) लक्ष्य 22.85 लाख- उपलब्धि 10.54 लाख लगातार तीन साल से लक्ष्य अधूरा यानी तीन साल लगातार MP गर्भवती महिलाओं की HIV जांच का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह मां से बच्चे में HIV संक्रमण रोकथाम कार्यक्रम (PPTCT) की सबसे कमजोर कड़ी है। कम जांच से घटते संक्रमण के आंकड़ों की असल तस्वीर भी धुंधली संक्रमित गर्भवती महिलाओं की संख्या सन                  संक्रमित की  संख्या – 2023-24         754 – 2024-25         671 – 2025-26        492 (अक्टूबर तक) जांच कम होने के प्रमुख कारण  संक्रमितों की संख्या कम दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जांच कम होगी तो संक्रमण वास्तविकता से कम दिखाई देगा। अधूरी स्क्रीनिंग का मतलब है कि कई महिलाएं और उनके नवजात जोखिम में बने रह सकते हैं। जांच कम होने का मुख्य कारण ग्रामीण इलाकों में समय पर ANC विजिट नहीं हो रही है। ICTC केंद्रों तक पहुंच की दूरी होने के कारण लोग जांच नहीं करवा पाते हैं। जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जांच करने में अभी भी शर्मिंदगी महसूस होती है। कुछ जिलों में ट्रेनिंग की कमी है। सब मिलकर गर्भवती महिलाओं की टेस्टिंग के आंकड़े नीचे खींच रहे हैं।  मां-बच्चे की सुरक्षा के लिए टेस्टिंग की रफ्तार बढ़ाना जरूरी जहां आम नागरिकों की HIV जांच में प्रदेश अच्छी प्रगति दिखा रहा है, वहीं गर्भवती महिलाओं की धीमी टेस्टिंग राज्य के स्वास्थ्य मॉडल पर बड़ा सवाल छोड़ती है। यदि गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग पर फोकस तेज़ नहीं किया गया, तो मां से शिशु में संक्रमण रोकने का राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। 

गेमिंग की सनक बनी जानलेवा: पत्नी की हत्या कर पति फरार, छह माह पहले हुई थी शादी

रीवा  मध्य प्रदेश में एक खौफनाक वारदात सामने आई है। मोबाइल पर पबजी गेम खेलने से मना करने पर पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पति के दिनभर पबजी गेम खेलने से परेशान होकर पत्नी ने उसे गेम खेलना छोड़कर काम करने की सलाह दी। इससे नाराज होकर उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ कस्बे के वार्ड संख्या 15 में नव विवाहिता का शव उसके घर में मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान नेहा पटेल के रूप में हुई है। उसके पति पर ही उसकी हत्या करने का आरोप लगा है। आरोप है कि लगातार दहेज की मांग और पबजी गेम खेलने पर मना करने से विवाद बढ़ा, जिसके बाद पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पति के दिनभर पबजी गेम खेलने से परेशान होकर पत्नी ने उसे काम करने की सलाह दी, जिससे नाराज होकर उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद अपने साढू को घटना की जानकारी देकर और पत्नी की लाश को कमरे में बंद कर वह फरार हो गया। बताया जा रहा है कि 5 मई 2025 को नेहा की शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार, गुढ़वा निवासी रंजीत से हुई थी। छह माह पहले अग्नि के सात फेरे लेकर जिसके साथ सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं, उसी पति पर अब अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा है। मोबाइल पर पबजी गेम खेलने की लत पति रंजीत पटेल को ऐसी लगी कि पत्नी की हर बात उसे नागवार गुजर रही थी। वो लगातार पत्नी से दहेज की मांग कर रहा था जिसे उसके ससुराल वाले पूरा नहीं कर पा रहे थे। इस बात को लेकर भी वो अपनी पत्नी से अक्सर विवाद करता था। पति दिनभर पबजी गेम खेलता था और कोई काम भी नहीं करता था। इसे लेकर अक्सर पत्नी उसे कुछ काम करने की सलाह देती थी, और इसी बात पर दोनों में झगड़ा भी होता था। घटना के दिन भी देर रात पत्नी ने पति को पबजी खेलने की बजाय रोजी रोजगार करने की सलाह दी तो वह भड़क उठा। उसने गमछे से नेहा का गला घोंट दिया। घटना के वक्त परिजन दूसरे कमरे में थे। उन्हें इस घटना की भनक तक नहीं लगी। इसके बाद रंजीत घर का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गया। बाद में उसने अपने साढ़ू को मैसेज भेज कर नेहा को जान से मारने की जानकारी दी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि रंजीत और उसके परिवार वाले लगातार दहेज को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। मायके वालों के भी बयान लिए गए हैं। पुलिस हर पहलुओं को लेकर जांच कर रही है और मृतिका के पति की तलाश कर रही है।  

मध्य प्रदेश की ऋषिका का दमदार प्रदर्शन, करनाल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 65 किग्रा उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम

नर्मदापुरम  हरियाणा के करनाल के कल्पना चावला ऑडिटोरियम में 28 से 30 नवंबर तक वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में इटारसी की रहने वाली ऋषिका पटेल ने पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता. रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन रजिस्टर्ड इंडिया, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग यूनियन और ब्रिटिश पावरलिफ्टिंग फेडरेशन ने संयुक्त रूप से इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन किया. इसमें भारत, इंग्लैंड और ब्रिटेन सहित कई देशों की टीमों ने हिस्सा लिया. ऋषिका पटेल ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का मान चैंपियनशिप में फुल पावरलिफ्टिंग, स्ट्रिक्ट कर्ल, बेंच प्रेस, डेडलिफ्ट, इक्विप्ड और अनइक्विप्ड रॉ जैसी विभिन्न कैटेगरी शामिल थीं. खिलाड़ियों ने युवा, टीन्स, जूनियर, सीनियर, मास्टर और फिजिकली डिसेबल्ड वर्गों में प्रतिस्पर्धा की. इसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रविवार को इटारसी की ऋषिका पटेल ने देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया. 48 किग्रा वेट कैटेगरी में 65 किग्रा उठाया वजन ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका ने मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है. ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका इटारसी पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्रा है. उनके पिता राकेश पटेल इटारसी के वरिष्ठ पत्रकार हैं. ऋषिका की इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और खेलप्रेमियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं ऋषिका ऋषिका के कोच ने बताया कि, ''वह एक मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य पर केंद्रित खिलाड़ी है. उनके नियमित अभ्यास और फिटनेस रूटीन ने उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह सफलता दिलाई है. भविष्य में उसे राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर भी एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है.'' ऋषिका ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और कॉलेज प्रबंधन को दिया. उन्होंने कहा कि, ''अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का पल है.''

अक्तूबर-नवंबर में बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में पर्यटन बढ़ा, सैलानियों की संख्या 13% ऊपर

उमरिया  बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में इस साल का पर्यटन सत्र पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक उत्साहजनक साबित हो रहा है। अक्तूबर और नवंबर 2025 में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उद्यान प्रबंधन के अनुसार इस अवधि में सैलानियों की संख्या में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो कि संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। बीटीआर क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि वर्ष 2024 के अक्तूबर में कोर क्षेत्र में 13,323 भारतीय और 1,331 विदेशी तथा बफर क्षेत्र में 928 देशी और 44 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। उसी महीने कुल 15,626 सैलानियों ने भ्रमण किया। नवंबर 2024 में आंकड़ों में और वृद्धि दिखी। कोर क्षेत्र में 14,666 भारतीय और 3,013 विदेशी पर्यटक आए, जबकि बफर क्षेत्र में 2,964 देशी और 99 विदेशी सैलानी शामिल हुए। इस प्रकार, अक्तूबर और नवंबर 2024 में कुल 36,368 पर्यटक उद्यान पहुंचे थे, जिनमें 31,881 देशी और 4,487 विदेशी शामिल थे। इस वर्ष पर्यटन ने नया अध्याय लिखा। 2025 के अक्तूबर में कोर क्षेत्र में 14,999 भारतीय और 1,697 विदेशी सैलानी आए, जबकि बफर क्षेत्र में 3,985 देशी और 143 विदेशी पर्यटक पहुंचे। वहीं नवंबर में कोर क्षेत्र में 15,425 भारतीय और 3,366 विदेशी तथा बफर क्षेत्र में 1,553 देशी और 151 विदेशी पर्यटक शामिल हुए। इस वर्ष इसी अवधि में कुल 41,319 पर्यटक बांधवगढ़ आए, जिनमें 36,962 भारतीय और 5,357 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2024 की तुलना में 2025 में 4,951 अधिक पर्यटक पहुंचे। इनमें 4,081 भारतीय और 870 विदेशी नागरिक थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बांधवगढ़ न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता, बाघों की सक्रिय मौजूदगी और बेहतर प्रबंधन ने पर्यटकों को आकर्षित किया है। डॉ. सहाय ने कहा कि यह वृद्धि वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन संवर्धन मॉडल की सफलता को दिखाती है। बांधवगढ़ के जंगलों ने इस वर्ष फिर साबित किया है कि प्रकृति जब संजोई जाती है, तो दुनिया खुद उसे देखने चली आती है।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का पुनर्गठन

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति पुनर्गठित मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का पुनर्गठन राज्य स्तरीय समन्वय समिति को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में किया गया पुनर्गठित मुख्य सचिव की देखरेख में पुनर्गठित हुई राज्य स्तरीय समन्वय समिति भोपाल सिंचाई के लिए सोलर पम्प स्थापना की "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" के क्रियान्वयन के लिए मंत्रि-परिषद की 18 नवम्बर 2025 को हुई बैठक के निर्णय अनुसार राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित "राज्य स्तरीय समन्वय समिति" का पुनर्गठन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में सचिव ऊर्जा, वित्त, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सदस्य होंगे। सचिव नवीन नवकरणीय ऊर्जा को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति द्वारा योजना के सभी घटकों अंतर्गत प्रगति की नियमित समीक्षा की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच आवश्यक समन्वय बनाना, योजना की प्रगति नियमित (अधिकतम 3 माह) में समीक्षा करना जिससे समय-सीमा में लक्ष्य की प्राप्ति हो सके। योजना को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करना तथा योजना क्रियान्वयन के संबंध में भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ समन्वय करना और राज्य में योजना क्रियान्वयन में सुधार के उपाय सुझाना जैसे समिति द्वारा कार्य किये जायेंगे।  

उज्जैन बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप: विदिशा के खिलाड़ी 4 राज्यों के बीच चमके, गोल्ड-सिल्वर मेडल जीते

विदिशा   36 वीं वेस्टर्न जोन बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में विदिशा के पहलवानों ने धूम मचाई. उज्जैन में आयोजित विदिशा की टीम के उदय सिंह ने स्वर्ण पदक जीता. चैंपियनशिप में विदिशा के अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर जिले का नाम मध्य प्रदेश में गौरवान्वित किया. इंडियन बॉडी बिल्डिंग फेडरेशन के तत्वावधान में राज्य शरीर सौष्ठव संस्था और नगर निगम उज्जैन द्वारा ये चैंपियनशिप आयोजित की गई. विदिशा की 9 सदस्यीय टीम ने दिखाया जलवा चैंपियनशिप में विदिशा के 9 सदस्यीय दल ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता में चार राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लगभग ढाई सौ खिलाड़ी शामिल हुए. विभिन्न भार वर्गों में बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. प्रतियोगिता शाम 5 से शुरू होकर देर रात 2 बजे तक चली. विदिशा के उदय सिंह चौहान ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में प्रथम स्थान पाया. इस प्रकार उदय ने स्वर्ण पदक जीता. उदय चौहान की मसल्स देख दर्शक हैरान उदय सिंह चौहान ने अपनी शानदार बॉडी स्ट्रक्चर, आकर्षक पोजिंग और मजबूत मसल डिफिनेशन के दम पर निर्णायकों और दर्शकों को अचंभित कर दिया. उदय को फर्स्ट प्राइज के रूप में कैश प्राइज, मोमेंटो, मेडल और प्रशस्ति पत्र (प्रमाण पत्र) प्रदान किया गया. मंच पर सम्मानित किए जाने के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया. इसके साथ ही प्रियेश शर्मा ने 80 किलोग्राम भार वर्ग में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया. रजत पदक विजेता प्रियेश शर्मा ने बताया टारगेट रजत पदक जीतने वाले प्रियेश शर्मा ने कहा "यह उपलब्धि उनके लिए बहुत खास है. उनका टारगेट आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है." इसके अलावा सुनील गोस्वामी ने 75 किलोग्राम भार वर्ग में दमदार संघर्ष करते हुए 5वां स्थान हासिल किया, जिसे आयोजन स्थल पर मौजूद खेल प्रेमियों द्वारा सराहा गया. विदिशा टीम की इस शानदार सफलता के लिए जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन विदिशा के अध्यक्ष अंशुल चौरसिया और सचिव पंकज भार्गव को भी सम्मानित किया गया. शानदार प्रदर्शन से जिले के युवाओं में जोश विदिशा जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुल चौरसिया और सचिव पंकज भार्गव ने बताया "विदिशा में बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, निरंतर मार्गदर्शन और मानसिक प्रेरणा ने टीम को ये कामयाबी दिलाई. वहीं, इस शानदार उपलब्धि के बाद विदिशा में युवाओं के बीच खेल और फिटनेस को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है."