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हेलिकॉप्टर सेवा के नए नियम: 80 किलो से ऊपर वजन वालों को देना होगा अतिरिक्त शुल्क

उज्जैन मध्यप्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू कर दी गई है। सेवा शुरू होते ही यह चर्चा में आ गई है क्योंकि इसे संचालित करने वाली एविएशन कंपनी ने यात्रियों के वजन के अनुसार अतिरिक्त शुल्क देने का नियम लागू किया है। कंपनी के अनुसार 80 किलो तक के यात्रियों को टिकट शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा, जबकि 80 से 100 किलो तक वजन वाले यात्रियों को प्रति किलो 150 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। वहीं 100 किलो से अधिक वजन वाले यात्रियों को दो सीटों का किराया देना होगा। गुरुवार को पर्यटन विभाग द्वारा इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। पहली उड़ान को मंत्री तुलसी सिलावट और अन्य जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्री सिलावट और विधायकगण इंदौर से हेलिकॉप्टर द्वारा उज्जैन पहुंचे, जहां साधु-संतों को भी हवाई सैर कराई गई। अब यह सेवा आम यात्रियों के लिए भी शुरू हो चुकी है। इंदौर से उज्जैन तक किराया 5,000 और इंदौर से ओंकारेश्वर तक 6,500 रुपये किराया देय होगा। हेलिपैड पर हर यात्री का वजन अनिवार्य होगा। कंपनी की वेबसाइटों www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola और https://transbharat.in/ पर यात्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। कंपनी ने यात्रियों के साथ ले जाने वाले सामान पर भी सीमा तय की है। प्रत्येक यात्री को अधिकतम 4 किलो सामान ले जाने की अनुमति होगी। अतिरिक्त सामान के लिए कंपनी ने कोई स्पष्ट नीति नहीं बताई है। हालांकि यह सेवा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है लेकिन इसका किराया सामान्य यात्रियों की पहुंच से बाहर है। इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर रूट की एक दिन की यात्रा का अनुमानित खर्च प्रति व्यक्ति 17,000 तक होगा। दो या अधिक सदस्यों वाले परिवार के लिए यह राशि और भी अधिक हो जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि यह सेवा मुख्य रूप से अमीर तबके के यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।  

15 दिसंबर से शुरू होगा तानसेन समारोह 2025, इन कलाकारों को मिला प्रतिष्ठित तानसेन सम्मान

ग्वालियर  राष्ट्रीय तानसेन सम्मान और राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान की घोषणा शुक्रवार को संस्कृति विभाग ने की। ये सम्मान 15-19 दिसंबर तक ग्वालियर में तानसेन समारोह में दिए जाएंगे। संस्कृति संचालक एनपी नामदेव ने बताया, 2024 के लिए तानसेन सम्मान पं. राजा काले मुंबई, 2025 के लिए पं. तरुण भट्टाचार्य, कोलकाता को दिया जाएगा। तोमर सम्मान 2024 के लिए साधना परमार्थिक संस्थान समिति, खरगोन व 2025 के लिए रागायन, ग्वालियर को दिया जाएगा। सम्मानित कलाकार एवं संस्था को 5 लाख की सम्मान राशि एवं सम्मान पट्टिका भेंट की जाती है। संतूर वादक पं. भट्टाचार्य से पत्रिका की विशेष बातचीत पत्रिका से विशेष बातचीत में संतूर वादक पं. भट्टाचार्य ने कहा, यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा, ग्वालियर के तानसेन समारोह (Tansen Samaroh) वह मंच है, जहां से हम अपने संगीत को पूरी दुनिया तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा, वे समारोह में अब तक चार बार प्रस्तुति दे चुके हैं। मप्र के श्रोता बेहद सटीक और हार्डकोर हैं, वे हर स्वर व ताल समझते हैं। शांति और अमन का संदेश फैला सकते हैं शास्त्रीय संगीत की महत्ता पर पं. भट्टाचार्य ने कहा, इसके जरिए हम दुनिया में शांति का संदेश फैला सकते हैं। 10 साल तक शास्त्रीय संगीत सिखाने से बच्चों का मन पूरी तरह से बदल सकता है। संतूर के बारे में कहा, यह वीणा की तरह सततंरी वाद्य है। उल्लेख वेद-पुराणों में भी मिलता है। संतूर में मैंने कई प्रयोग किए हैं। शास्त्रीय संगीत (Tansen Samaroh) का आकर्षण कायम है। स्कूल-कॉलेज के बच्चों में रुचि बढ़ी है।

GRP ने शुरू की सराहनीय सेवा, अब ऑटो चालक की जानकारी पाएं बस एक कोड स्कैन से

उज्जैन  धार्मिक नगरी उज्जैन आने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे पुलिस ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। अब उज्जैन में महिलाएं और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री निश्चिंत होकर ऑटो में यात्रा कर सकेंगे। इंदौर में सफल शुरुआत के बाद अब उज्जैन में भी भरोसे वाली सवारी नाम से सुरक्षित ऑटो सेवा शुरू की जा रही है। इसके तहत करीब 350 ऑटो चालकों का पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन पूरा किया जा रहा है और सत्यापन के बाद उनके ऑटो पर विशेष क्यूआर कोड लगाया जाएगा। यात्री इस कोड को स्कैन कर ऑटो चालक की पहचान, वाहन विवरण और रूट जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य अपराधों पर रोक लगाना, यात्रियों में विश्वास बढ़ाना और ऑटो सेवा को पारदर्शी बनाना है। विशेष रूप से देर रात स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों, महिलाओं और अकेले सफर करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह कदम अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है। आज  पुलिस अधीक्षक इंदौर रेल पद्म विलोचन शुक्ल ने ऑटो चालकों को हमारी भरोसे की सवारी योजना की विस्तृत जानकारी दी और सुरक्षित व जिम्मेदार परिवहन के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। जल्द ही उज्जैन रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड वाले ऑटो दिखाई देने लगेंगे।  उन्होंने बताया कि ऑटो में QR कोड लगाने की शुरूआत दिसंबर के पहले हफ्ते से हो सकती है। एसपी ने बताया कि यात्री अपनी यात्रा पूर्ण होने के बाद इसी क्यूआर कोड से फीडबैक भी दे सकेंगे। वहीं क्यूआर कोड लगाने वाले ऑटो चालकों में से बेस्ट को सम्मानित भी किया जाएगा। एसपी ने ऑटो चालकों से कहा कि सभी ऑटो चालकों को QR कोड लगवाना अनिवार्य नहीं है, जिसकी मर्जी होगी उसके ऑटो पर QR कोड लगाया जाएगा। एसपी शुक्ल ने बताया कि शासकीय रेलवे पुलिस द्वारा हमारी सवारी, भरोसे वाली टैग के साथ वाहन चालकों को सत्यापित वाहन चालक का QR कोड मिलेगा। इस QR कोड में ऑटो चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, कोई केस तो दर्ज नहीं के साथ ही ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर का भी पता चल सकेगा।    

निमाड़ उत्सव का शुभारंभ, महेश्वर में अहिल्या घाट पर होगी भव्य लाइट शो और भजन संध्या

महेश्वर  मां अहिल्या की नगरी महेश्वर में 22 से 24 नवंबर तक निमाड़ उत्सव 2025 आयोजित किया जा रहा है। इसमें तीन दिनों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अहिल्या घाट पर लाइट एंड साउंड शो होगा। पहले दिन 22 नवंबर की शाम 7 बजे उत्सव का शुभारंभ होगा। उद्घाटन के बाद सुप्रसिद्ध गायक लखविंदर लख्खा और साथी भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगे। इसी दिन अत्याधुनिक तकनीक से तैयार लाइट एंड साउंड शो का लोकार्पण किया जाएगा। महेश्वर के अहिल्या घाट पर लाइट एंड साउंड शो तकनीक और परंपरा का अद्वितीय संयोजन साबित होने जा रहा है। महेश्वर का यह शो अत्याधुनिक तकनीक नवाचार, सटीक इंजीनियरिंग कौशल और विरासत धरोहर संवर्द्धन  संरक्षण को एक साथ समाहित करने वाला देश के चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में शुमार हो गया है। यह प्रोजेक्ट कई अभूतपूर्व चुनौतियों को पार कर तैयार किया गया है, जो इसे देश का सबसे अनोखा और जटिल शो बनाता है। नदी के बदलते जलस्तर के बीच हाइड्रॉलिक सिस्टम का विकास घाट के किनारे प्रोजेक्टर इंस्टॉल करने में सबसे बड़ी बाधा नर्मदा का लगातार बदलता जलस्तर रहा। प्रोजेक्टर की ऊंचाई अधिक रखने से नाविकों और पर्यटकों को किले का स्पष्ट दृश्य प्रभावित होता, ऐसे में पहली बार नदी की स्थिति के अनुरूप कस्टम हाइड्रॉलिक सिस्टम तैयार किया गया। यह सिस्टम पानी के दबाव, लहरों और जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के बावजूद प्रोजेक्टर को स्थिर रखने में सक्षम है। वॉटर-कोरोजन रेजिस्टेंट डिजाइन, प्रेशर कंट्रोल तकनीक और प्रोजेक्शन की सटीकता बनाए रखना इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। महेश्वर किले की ऐतिहासिक संरचना को देखते हुए टीम ने बिना कील या ड्रिलिंग के लाइटिंग, लेजर, साउंड और वायरिंग का पूरा सेटअप तैयार किया। कमिश्नर दीपक सिंह की रही अहम भूमिका नर्मदा तट पर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने में इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनकी निरंतर मॉनिटरिंग, समयबद्ध समीक्षा और फील्ड स्तर पर की गई मार्गदर्शन ने टीम को कठिन परिस्थितियों में भी योजना को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद की। पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी किले की भव्यता, नर्मदा की लहरों और तकनीक का यह अनूठा संगम महेश्वर पर्यटन को नए आयाम देने जा रहा है। शो के शुरू होने के साथ ही महेश्वर का इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि तकनीक के माध्यम से दर्शकों के सामने नए रूप में प्रस्तुत होगी। महेश्वर के लिए यह आयोजन एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। 23 नवंबर के कार्यक्रम 23 नवंबर को लोकनृत्यों और निमाड़ी काव्य का दौर चलेगा। पुरी का प्रसिद्ध गोटिपुआ नृत्य चंद्रमणि प्रधान एवं साथी, बड़ौदा का राठ नृत्य विजय भाई राठवा एवं साथी, तथा निमाड़ी कवि— मोहन परमार खरगोन, दिलीप काले महेश्वर, राम शर्मा परिंदा मनावर,जितेंद्र यादव कसरावद, धनसिंह सेन जलकोटा और बिहारी पाटीदार करौंदिया—अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री जगदीश जोशीला गोगांव करेंगे। 24 नवंबर को लोकनृत्य श्रृंखला में कथक नृत्य गौरी शर्मा एवं साथी खरगोन, खंडवा का गणगौर अनुजा जोशी एवं साथी और काठी नृत्य रामदास साकल्ले एवं साथी खंडवा प्रस्तुत किया जाएगा। इस दिन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन भी आयोजित होगा, जिसमें सुदीप भोला, डॉ. शंभूसिंह सिंह मनहर, डॉ भुवन मोहिनी, नरेंद्र श्रीवास्तव ‘अटल’ महेश्वर और राम भदावर ‘ओज’ काव्य पाठ करेंगे। कार्यक्रम के सूत्रधार बुद्धि प्रकाश दाधीच रहेंगे। 

डॉ. रोहिणी ने लगाया सांसद चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप, बुजुर्ग माता-पिता को जेल की धमकी देने का मामला

इंदौर  उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर और इंदौर की रहने वाली उनकी कथित पूर्व प्रेमिका डॉ. रोहिणी घावरी के बीच का विवाद अब और उग्र हो गया है। डॉ. रोहिणी ने सांसद पर अपने बुजुर्ग माता-पिता को जेल भिजवाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए रोहिणी ने चंद्रशेखर को खुला चैलेंज दिया है। माता-पिता को लेकर दी चेतावनी स्विट्जरलैंड में रह रहीं डॉ. रोहिणी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मेरे मम्मी-पापा मेरे लिए भगवान समान हैं। उन्हें थोड़ी भी तकलीफ पहुंचाने की कोशिश मत करना, वरना मैं इंडिया आकर अपनी ताकत दिखाऊंगी। उन्होंने अपने गुस्से का इजहार करते हुए लिखा कि फिर अमित शाह भी तुम्हें बचा नहीं पाएंगे। रोहिणी ने साफ कहा कि लड़ाई मुझसे है तो मुझसे लड़ो, पूरे देश में मेरे खिलाफ एफआईआर करवाओ या मेरी हत्या करवा दो, लेकिन परिवार को बीच में मत लाओ। जानी दुश्मन बनने का ऐलान एक अन्य पोस्ट में रोहिणी ने तल्ख तेवर दिखाते हुए लिखा कि मैं तुम्हारी दुश्मन नहीं थी, लेकिन अब जानी दुश्मन बन गई हूं। अब तुझे पूरी तरह से खत्म करूंगी। उन्होंने लिखा कि जब बात माता-पिता पर आती है तो बच्चे हर मर्यादा लांघ देते हैं। रोहिणी ने भारत वापस आने का संकेत देते हुए चंद्रशेखर को इंतजार करने की चेतावनी दी है। इंदौर के साधारण परिवार से हैं रोहिणी डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाली एक सफाईकर्मी की बेटी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से मुकाम हासिल किया और 2019 में उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड गईं। वहां पढ़ाई के दौरान ही वह चंद्रशेखर के संपर्क में आईं और दोनों कथित तौर पर तीन साल तक रिलेशनशिप में रहे। बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। वर्तमान में वह स्विट्जरलैंड में नौकरी करने के साथ एनजीओ भी चलाती हैं। पहले भी दे चुकी हैं सुसाइड की धमकी यह विवाद नया नहीं है। करीब दो महीने पहले भी डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया पर सुसाइड करने की धमकी दी थी। उन्होंने चार घंटे के भीतर तीन पोस्ट किए थे, जिनमें से एक में चंद्रशेखर, उनकी पत्नी और बच्चे की तस्वीर साझा की थी। उन्होंने लिखा था कि मेरा जीवन बर्बाद करके खुशियां मना रहे हो, आज ही तेरे नाम पर जहर खाऊंगी। उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए अपनी लाश भी भारत न लाने की बात कही थी। 

भोपाल में SMD और BLO के लिए खास योजना, टारगेट पूरा करने पर ट्रॉफी-सर्टिफिकेट और हर दिन सम्मान

भोपाल  भोपाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में अब टारगेट पूरा करने पर इनाम भी मिलेंगे। एसडीएम, तहसीलदार और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) हर दिन 'स्टार ऑफ द डे' भी बनेंगे। बकायदा, उनकी उपलब्धि की जानकारी ऑफिस के सूचना पटल पर लगाई जाएगी।  4 नवंबर से एसआईआर सर्वे शुरू हुआ है। अब तक की स्थिति में भोपाल जिले की स्थिति काफी खराब है। सात विधानसभा सीटों में 21 लाख 25 हजार 908 वोटर हैं। इनमें से 20.87 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन, वापस 4.15 लाख फॉर्म ही आए हैं। यह 20% से भी कम हैं, जबकि सर्वे को आधा महीना से ज्यादा बीत चुका है। इसलिए अब वोटर्स की सुविधा के लिए नए पोर्टल की लॉन्चिंग हो या सख्ती करना, सब कुछ हो रहा है। अब ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसकी शुरुआत शनिवार से ही हो जाएगी। हर रोज का टारगेट तय किया भोपाल में 7 विधानसभा- बैरसिया, भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर है। इनमें कार्य करने वाले 2029 बीएलओ, सभी ईआरओ यानी एसडीएम, एईआरओ यानी तहसीलदारों को प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह पहल की है। इसके तहत 22 से 28 नवंबर तक हर रोज का टारगेट फिक्स किया गया है। जैसे- 22 नवंबर को बीएलओ को 50% फॉर्म डिजिटाइजेशन करना है तो एसडीएम-तहसीलदारों को प्रति बीएलओ से औसत 75 गणना पत्र डिजिटाइजेशन करवाना होगा। दूसरे-तीसरे दिन यह टारगेट बढ़ेगा। इसके पीछे मकसद यह है कि फॉर्म लेने और फिर उनका डिजिटाइजेशन करने के काम में तेजी आए। हर रोज 10 बजे के आंकड़ों के हिसाब से प्रोत्साहन मिलेगा उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया, हर रोज सुबह 10 बजे की स्थिति में लक्ष्य प्राप्त करने वालों को ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र और प्रतीक चिह्न दिया जाएगा। इसके साथ स्टार ऑफ द डे का नाम संबंधित एसडीएम और तहसीलदार के ऑफिस में चस्पा किया जाएगा। ताकि, अन्य कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन मिले और वे भी अच्छा काम करें। भोपाल में डाटा खोजने के लिए पोर्टल भी बना भोपाल में 2003 के डाटा को खोजने के लिए पोर्टल बनाया गया है। इसमें सभी विधानसभा की वोटर लिस्ट अपडेट है। वोटर पोर्टल पर जाकर सूची देख सकेंगे। इससे उन्हें एसआईआर फॉर्म भरने में आसानी होगी। इस पोर्टल के जरिए मतदाता मोहल्ले के नाम के आधार पर भी 2003 की मतदाता सूची खोज सकते हैं। कलेक्टर सिंह ने बताया कि भोपाल के मतदाताओं के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को सरल एवं सुगम बनाने की सुविधा दी गई है। https://sirbhopal.com पोर्टल के माध्यम से मतदाता साल 2003 की वोटर लिस्ट में अपना नाम खोज सकते हैं। वहीं, मध्यप्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी विधानसभा की सूची डाउनलोड कर सकते हैं। मतदान केंद्र BLO की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

जगदीप धनखड़ का पहला सार्वजनिक मंच, RSS की तारीफ के साथ बोले- नैरेटिव के चक्रव्यूह से निकलना मुश्किल

भोपाल जगदीप धनखड़, जो चार महीने पहले स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे चुके हैं,  पहली बार सार्वजनिक रूप से एक पुस्तक विमोचन समारोह में भाषण दिया. इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दर्शन और भारत को मजबूत बनाने के उनके दृष्टिकोण की भरपूर तारीफ की.  धनखड़ ने यह भाषण "हम और ये विश्व" नामक पुस्तक के लॉन्च पर दिया, जो कि आरएसएस के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य ने लिखी है. इस कार्यक्रम में धर्मगुरु, मीडिया के जाने-माने लोग मौजूद थे. धनखड़ ने भाषण की शुरुआत हिंदी में की और कहा कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां लोग अपनी सोच से ही सच को तय कर लेते हैं, भले ही आप उसे नकारते रहें. फिर उन्होंने अंग्रेजी में भाषण जारी रखा ताकि जो लोग उनकी बात को पूरी तरह से समझना चाहते हैं, वे उनकी मंशा को सही ढंग से पकड़ सकें.  उन्होंने कहा कि आरएसएस को लेकर गलतफहमियां और झूठे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन ये किताब इन सब मिथकों को तोड़ती है और दिखाती है कि आरएसएस वास्तव में भारत को सशक्त बनाने वाली ताकत है. भारत का सांस्कृतिक और नैतिक आधार धनखड़ ने कहा कि भारत 6000 साल से अधिक की सभ्यताओं का घर है, जो दुनिया को रास्ता दिखाने की ताकत रखता है. वर्तमान विश्व की चुनौतियां जैसे सुरक्षा, आर्थिक दिक्कतें, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और सामाजिक विवादों के बीच भारत को अपनी गहरी विरासत से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा. उन्होंने बताया कि राष्ट्र का मतलब है सांस्कृतिक एकता, धर्म का मतलब है नैतिक व्यवस्था, न्याय का मतलब है सही प्रशासन और मानव गरिमा हमारे देश की नींव है. ये सभी बातें भारत को दुनिया में एक प्रभावी भूमिका निभाने वाला देश बनाती हैं.  लोकतंत्र और संविधान की अहमियत उन्होंने संस्थागत अखंडता की महत्ता पर बल देते हुए बताया कि यह किसी भी समाज की आधारशिला होती है. साथ ही उन्होंने पांच मुख्य आरएसएस पहलों का जिक्र किया: सामाजिक समरसता, परिवार का विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्य. धनखड़ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करते हुए कहा कि इसके विरोध के लिए जो तर्क हैं, वे गलत और बिना सोचे समझे हैं क्योंकि यह कानून उन धार्मिक अल्पसंख्यकों को राहत देने के लिए बनाया गया है जो उत्पीड़ित हैं, और यह किसी भी मौजूदा नागरिक के अधिकारों को प्रभावित नहीं करता. व्यक्तिगत समर्पण और देशभक्ति धनखड़ ने कहा कि जनता के हाथों में भारत का भविष्य है. देश को मजबूत आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक आधार बनाने का काम आम लोगों का है. उन्होंने अपने जीवन और कर्म का उद्देश्य बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा देश की सेवा करना है.  व्यक्तिगत अनुभव और उल्लेखनीय बातें धनखड़ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय की 2018 में हुई उस यात्रा का जिक्र किया, जब उस पर विवाद हुआ था. लेकिन प्रणब दा ने उस विवाद को समाप्त करते हुए कहा था कि वह यहां माँ भारत के एक महान पुत्र को सम्मान देने आए हैं. धनखड़ का इस कार्यक्रम में आना राजनीतिक रूप से यह संकेत माना जा रहा है कि वे अब भी सत्ता पक्ष की विचारधारा के साथ जुड़े हुए हैं. कार्यक्रम में आरएसएस के कुछ अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद थे, लेकिन धनखड़ ने मीडिया के सवालों के जवाब नहीं दिए और कार्यक्रम खत्म होते ही चले गए. जगदीप धनखड़ के इशारों भरे सवाल: नैरेटिव के चक्रव्यूह से निकलना मुश्किल जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज सबसे बड़ी दिक्कत ‘नैरेटिव’ का चक्रव्यूह है. “भगवान करे कोई इस चक्रव्यूह में न फंसे… और अगर फंस जाए, तो समझाना मुश्किल है. मैं अपना उदाहरण नहीं दे रहा हूं,” उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा. उन्होंने यह भी कहा कि आजकल लोग नैतिकता से दूर होते जा रहे हैं. इसके उदाहरण में उन्होंने पूर्व उप-राष्ट्रपति का एक वाकया साझा किया, जब यात्रा के लिए मैसेज आया, पर उन्होंने कहा कि “मैं फ्लाइट की चिंता में अपना कर्तव्य नहीं छोड़ सकता.”

महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन के लिए RFID बैंड व्यवस्था समाप्त

 उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन में लागू रेडिया फ्रीक्वेंसी आइडी (आरएफआइडी) बैंड के माध्यम से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। 15 नवंबर 2024 को मंदिर में नई पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत हुई थी, मंदिर समिति इसे एक साल भी नहीं चला पाई। यह भस्म आरती में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हुई थी। अफसर प्रोटोकाल दर्शन में भी इसका उपयोग शुरू करने वाले थे, लेकिन बीते करीब एक माह से योजना बंद है। महाकाल मंदिर में  श्री महाकाल महालोक के त्रिनेत्र कंट्रोल रूप में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें मुख्य निर्णय भक्तों के लिए डिजिटल सुविधाओं के विस्तार का था। मंदिर प्रबंध समिति ने जब आम भक्तों की सुविधा के लिए इतना महत्वपूर्ण कदम उठाया तो प्रचलित आधुनिक सुविधाओं की ओर ध्यान जाना लाजिमी था। संध्या आरती और शयन आरती में भी लागू होना था  भस्म आरती दर्शन व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की तो पता चला भस्म आरती में लागू आरएफआईडी बैंड से प्रवेश की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। इस व्यवस्था से काफी हद तक भस्म आरती में भ्रष्टाचार रुका था। जब तक यह व्यवस्था चली, भस्म आरती में अनाधिकृत प्रवेश पर काफी हद तक अंकुश लग गया था। भ्रष्टाचार रोकने में कारगर सिद्ध साबित हुई तकनीक को प्रोटोकाल दर्शन तथा संध्या व शयन आरती में भी लागू करने की योजना थी। मामले में मंदिर प्रशासक, उप प्रशासक, सहायक प्रशासक कोई भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

धर्म परिवर्तन मामला: हिंदू युवक को गौ मांस खाने और जमात में शामिल होने पर मजबूर किया, 3 पर FIR दर्ज

भोपाल  भोपाल के जहांगीराबाद में एक युवक का बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। फरियादी 27 वर्षीय ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक पीड़ित युवक ने बताया कि जहांगीराबाद में रहने वाली मुस्लिम युवती से उसका प्रेम प्रसंग था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। लिहाजा वर्ष 2022 में परिजनों की मर्जी के खिलाफ घर से बिना बताए एक साथ रहने चले गए। मामले में युवती के परिजनों ने थाना जहांगीराबाद में बहला फुसलाकर अपहरण और रेप करने की एफआईआर दर्ज करा दी। युवक के खिलाफ रेप का केस कोर्ट में विचाराधीन है। पेशी के दौरान की शादी की बात रेप केस के मामले में युवक की पिछले दिनों पेशी थी, जबकि रेप पीड़िता के पिता और माता की गवाही कोर्ट में होना थी। तभी युवक ने प्रेमिका से शादी के लिए बात की। युवती के कहने पर ही उसके पिता से शादी की बात की। पिता ने स्वयं के मुस्लिम होने का हवाला देते हुए बेटी से शादी करने के ऐवज में युवक को मुस्लिम धर्म अपनाने की पेशकश की। मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद उसके खिलाफ चल रहे रेप के केस को खत्म करने और बेटी से शादी करने का वादा किया। शादी की लालच में अपनाया मुस्लिम धर्म युवक ने पूर्व प्रेमिका से शादी की लालच में मुस्लिम धर्म को अपना लिया। तब युवती के भाई ने उसे जमातों में भेजना शुरू कर दिया। युवक ने FIR में बताया कि उसे तीन दिन से लेकर 4 महीने तक की जमातों में विभिन्न प्रदेशों और जिलों में भेजा गया। इसके बाद भी लड़की के परिजनों ने बेटी से उसकी शादी नहीं कराई। कर्नाटक में खिलाया गौ मांस युवक ने पुलिस को यह भी बताया कि एक जमात में उसे कर्नाटक भेजा गया था जहां उसे गौ मांस खाने के लिए मजबूर किया गया। वहां से लौटने के बाद भी लड़की के पिता ने बेटी से उसकी शादी नहीं कराई। लिहाजा युवक हिंदू धर्म में वापस लौट आया है। इसकी शिकायत के आधार पर जहांगीराबाद थाना पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लड़की के पिता मां और भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस विभाग में बड़ा खुलासा: 900 चयनित कैंडिडेट नदारद, 50 अभ्यर्थी FIR की जद में

भोपाल सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर मारामारी के बीच मामला चौंकाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की भर्ती में चयन होने के बावजूद भी 900 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। अब पुलिस विभाग इसकी वजह पता कर रहा है। यह भी गौरतलब है कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है, जिसमें अब तक 50 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस महकमे के अधिकारी भी हैरत में बता दें कि वर्ष 2023 में 7500 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मामला अदालत में होने के कारण 13 प्रतिशत पद रोके जाने के बाद 6400 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसमें 900 चयनितों का ज्वॉइन न करना चौंकाता है। पुलिस महकमे के अधिकारी हैरत में हैं। इन अभ्यर्थियों के ज्वॉइन न करने को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। हालांकि यह भी कहा जा रह है कि इन चयनित अभ्यर्थियों को और कहीं अच्छी नौकरी मिल गई हो, इसलिए उन्होंने ज्वाइन न किया हो, लेकिन एक पहलू यह भी है कि ज्वॉइनिंग न लेने वालों में वे 50 चयनित अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास की और सत्यापन के दौरान पकड़े गए।   पकड़े गए अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फर्जी तौर पर बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट और फोटो) अपडेट कराकर सॉल्वर को लिखित परीक्षा में बैठाया था। ऐसे में, यह आशंका भी है कि फर्जीवाड़ा में कई अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद 900 में से बहुत सारे अभ्यर्थी ज्वॉइनिंग लेने नहीं आए हैं। इनमें फर्जीवाड़ा करने वाले शामिल हैं या नहीं, यह तभी पता लगेगा, जब ज्वॉइनिंग के बाद इनका सत्यापन होगा। बता दें कि इसी वर्ष ज्वाइनिंग के दौरान नौ जिलों में अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। सभी जगह अभ्यर्थी, साल्वर और कुछ जगह कियोस्क संचालकों (कंप्यूटर केंद्र) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में 50 लोगों के नाम आए सामने इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को राज्य साइबर मुख्यालय को जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पचास लोगों के नाम सामने आए। अभी तक 200 से अधिक एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं। साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी ज्वॉइन करने नहीं आए हैं, वे भी जांच की परिधि में हैं। सहमति लेकर उनके आधार अद्यतन कराए जाने की भी जानकारी निकाली जा रही है। भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से बार-बार आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट कराने वाले संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी। वहीं, सॉल्वरों से पूछताछ में अन्य राज्यों में दूसरी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का भी राजफाश संभव है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्गों में विभिन्न श्रेणियों में अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची से भी नहीं मिल पाए हैं। इस कारण 325 पद ही भरे जा सके हैं।