samacharsecretary.com

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन

एक भारत, श्रेष्ठ भारत की अवधारणा पर मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की झांकियां बनीं आकर्षण 21 नवंबर को मध्यप्रदेश दिवस समारोह भोपाल  अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन प्रगति मैदान दिल्ली में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में किए जा सकते हैं। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले मेला में मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की अद्भुत झांकी, एक जिला-एक उत्पाद और परम्परागत कलाकृतियों ने आगंतुकों को आकृषित किया है। मंडप में आगामी 21 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश दिवस भी मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश मण्डप 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में मध्यप्रदेश मण्डप ग्वालियर किला के रूप में तैयार किया गया है तथा मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर मुरैना के दर्शन होते है। मण्डप को मेले की थीम एक भारत, श्रेष्ठ भारत के अनुरूप सजाया गया है। गौरतलब है कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होने भारत वर्ष की नामी गिरामी इमारतों के डिजायन बुलवाये थे जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही उन्होने भारतीय संसद के भवन का निर्माण कराया था। इस स्थान पर सभी देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण करने के लिए आते हैं। जिससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत होती है। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहार खजुराहों, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक माहोत्सव, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया है। इन उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री भी हो रही है। राज्य शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी है। मण्डप में सिंहस्थ 2028 की तैयारी को भी स्थान दिया गया है। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा का संजीव प्रदर्शन हो रहा है। स्टार्ट-अप भी अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ विकय भी कर रहे हैं। मध्यप्रदेश मण्डप, निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित करता है। मण्डप जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित कर रहा है वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संदेश भी दे रहा है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक साफ देखी जा सकती है। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि एतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है। एक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने विगत वर्ष मध्यप्रदेश को दुनिया के टॉप 10 टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल किया जो गौरव का विषय है। इस सन्दर्भ का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 25 दिसम्बर को खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती कार्यक्रम में किया गया था। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विगत 43 वर्षों से इस मेले में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य किया जा रहा है। इस मेले में विगत दो वर्षों से निरन्तर मध्यप्रदेश राज्य को विषयांतर्गत प्रस्तुति के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। मेला में राज्य दिवस समारोह 21 नवम्बर को मनाया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं विशेष अतिथि के रूप में मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम श्री चेतन्य कुमार काश्यप के शामिल होना प्रस्तावित है। इस समारोह के अंत में मध्यप्रदेश राज्य के सांस्कृतिक कार्यकम बघेली लोक गायन, मटकी एवं पनिहारी लोक नृत्य होगा। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला प्रत्येक वर्ष प्रगति मैदान, नई दिल्ली में दिनांक 14-27 नवम्बर के मध्य भारत व्यापार संवर्धन सगंठन (ITPO) के द्वारा आयोजित किया जाता है। इस वर्ष मेले का यह 44 वों संस्करण है। इस मेले में विभिन्न राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अलावा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा भाग लिया जाता है। आम नागरिकों के लाभ के लिए राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा व्यापार, उद्योग एवं सेवाओं को बढावा देने का यह मेला एक मंच है। इससे "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की थीम के अनुरूप भारत के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में रहने वाले विविध संस्कृति के लोगों के बीच सक्रिय रूप से सम्पर्क, आपसी समझ और जुड़ाव को बढावा मिलेगा तथा भारत की एकता एवं अखण्डता मजबूत होगी। इससे स्वदेशीय वस्तुओं के निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन, निवेश को बढावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होगी तथा उसे वैश्विक रूप प्राप्त होगा।  

मध्यप्रदेश: SIR सर्वे करने गई टीम पर हिंसक हमला, पत्थरबाज़ी में नायब तहसीलदार घायल, दो गिरफ्तार

रतलाम सैलाना विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) कार्य का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासनिक टीम पर अज्ञात बदमाशों ने पत्थरों से हमला कर दिया। घटना रावटी थाना क्षेत्र के जुलवानिया पंचायत के अधरशिला गांव हुई। हमले में नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत और बीएलओ विक्रम सिंह राठौड़ घायल हुए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सूचना के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों की पहचान कर दो आरोपितों ग्राम उमर निवासी 28 वर्षीय सायसिंह पुत्र रायसिंह गामड और ढोल फंटा ग्राम उमर निवासी 55 वर्षीय बापू ताड़ पुत्र बज्या ताड़ को गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपित 31 वर्षीय शोकसिंह पुत्र रायसिंह गामड़ की तलाश पुलिस के रही है।   नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत के साथ गए पटवारी बाबूलाल मुनिया ने बताया कि वे अधरशिला गांव की नहर पुलिया के पास बीएलओ विक्रमसिंह और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से एसआईआर कार्य की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन लोग, जो नशे की हालत में थे, मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने टीम से पूछा कि रोड पर क्यों खड़े हो और पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण, आरोपितों की जारी है तलाश सूचना मिलते ही रावटी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को पहले रावटी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें मेडिकल कालेज भेजा गया। सैलाना एसडीएम तरुण कुमार जैन ने बताया कि नायब तहसीलदार और बीएलओ निर्वाचन संबंधी एसआईआर कार्य के निरीक्षण पर गए थे। वहीं तीन शरारती तत्वों ने बिना किसी कारण हमला कर दिया। दोनों अधिकारियों को चोटें आई हैं। पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया होटल द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस का शुभारंभ

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश को दी वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की सौगात भारत में चिन्हित की गई 17 आइकोनिक सिटीज में खजुराहो भी शामिल राजगढ़ पैलेस होटल के जरिए स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। खजुराहो में एयरपोर्ट तो पहले से है ही, अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से खजुराहो नई वंदे भारत ट्रेन की सौगात दे दी है, जिससे बुंदेलखंड की शान मतंगेश्वर महादेव सीधे काशी विश्वनाथ से जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटकों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए नई पीएमश्री हेली टूरिस्ट सर्विस शुरू की है। इसके अलावा प्रदेशवासियों को इंटर स्टेट हवाई सेवा और एयर एंबुलेंस की सुविधा भी मिल रही है। पर्यटक इन सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में 526 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। बीते साल 13 करोड़ 41 लाख से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश की धरती पर आए। हमारी पर्यटन प्रोत्साहन योजनाओं के कारण भविष्य में यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को खजुराहो में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने खजुराहो में 'होटल द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस' का दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर ओबेरॉय ग्रुप के स्वामी श्री अर्जुन ओबेरॉय ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो का ईश्वर का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। ओबेरॉय ग्रुप के राजगढ़ पैलेस होटल के माध्यम से आज खजुराहो समृद्धि के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार बुंदेलखंड के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। खजुराहो की प्राचीनतम स्थापत्य कला को देखने के लिए पूरी दुनिया खिंची चली आती है। खजुराहो महाराजा छत्रसाल की राजधानी रही है। बुंदेलखंड में आल्हा-ऊदल की वीरता की कहानियां जोश से भर देती हैं। यहां 70 एकड़ में यह भव्य होटल बनकर तैयार हुआ है, जिससे पर्यटकों को तो लग्जरियस फेसिलिटी मिलेगी ही, स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। क्षेत्रीय सांसद श्री वीडी शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। खजुराहो एक विश्व धरोहर है, यहां रोजाना दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में 17 आइकोनिक सिटी चिह्नित की हैं, इनमें खजुराहो भी शामिल है। यहां नजदीक ही पन्ना टाइगर रिजर्व को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने खजुराहो को हवाई सेवा के साथ सुपरफॉस्ट ट्रेन वंदे भारत की रेगुलर कनेक्टिविटी भी दे दी है। पन्ना में हीरे तो मिलते ही हैं, भविष्य में राजगढ़ पैलेस 'होटल इंडस्ट्री का डायमंड' बनकर उभरेगा। राजगढ़ पैलेस की भव्यता की जानकारी देते हुए श्री अर्जुन ओबेरॉय ने बताया कि मध्यप्रदेश अतुलनीय पर्यटन संभावनाओं और संस्कृति का केंद्र है। राजगढ़ पैलेस के डिजाइन और रूप आगंतुकों को मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने का मौका देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजगढ़ पैलेस पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश का गेट-वे बनेगा। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, विधायक श्री अरविंद पटेरिया, विधायक श्रीमती ललिता यादव, विधायक श्री राजेश शुक्ला, विधायक श्री कामाख्या प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विद्या अग्निहोत्री, अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, डी आईजी विजय खत्री, कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ओबेरॉय ग्रुप के स्टॉफ मेंबर्स उपस्थित रहे।  

राज्यपाल ने आसियान समिति से कहा मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं

मध्यप्रदेश में स्थिर, सुरक्षित और उद्योग अनुकूल वातावरण: राज्यपाल मंगुभाई पटेल आसियान समिति का प्रतिनिधि मंडल राजभवन में मिला भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आसियान समिति से कहा है कि मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं हैं। भारत और आसियान देश साझी सभ्यता वाले क्षेत्र हैं। मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता, व्यापारिक समानता और सहयोग की संभावनाएँ अत्यंत मजबूत हैं। दोनों क्षेत्रों के पास युवा जनसंख्या की ऊर्जा, नवाचार की क्षमता, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति तथा विकास के प्रति समान संवेदनशील दृष्टिकोण मौजूद है। प्रदेश के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में असाधारण और दीर्घकालिक साझेदारियाँ करने की अनंत संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थिर, सुरक्षित और उद्योग अनुकूल वातावरण इस यात्रा को और अधिक अर्थपूर्ण बनाएगा। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में आमंत्रित आसियान समिति के प्रतिनिधि मंडल के साथ बुधवार को चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। यह नीति भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, सांस्कृतिक जड़ों और भविष्य की समृद्ध साझेदारी को मजबूत करने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ व्यापारिक, निवेश, तकनीकी, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों में निरंतर वृद्धि से पारस्परिक रिश्ते मजबूत होंगे। नए अवसर उत्पन्न होंगे। हमारी सहभागिता आने वाले वर्षों में एक नए अधिक विकसित युग का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पारदर्शी नीतियों के साथ निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करती है। इसी वर्ष प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा 18 नवीन इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियाँ लॉन्च की गईं। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में मध्यप्रदेश देश के उत्कृष्ट सुधारक राज्यों में शामिल है। मध्यप्रदेश की जनता सरलता, परिश्रम, सहिष्णुता और सौहार्द की मिसाल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को भारत का हृदय कहा जाता है, क्योंकि इस राज्य की धड़कनें भारत की संस्कृति, परंपराएँ, प्रकृति, अध्यात्म, सामाजिक विविधता, आर्थिक क्षमता और आधुनिक विकास को समेटे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश के नगरों, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के विकास और पर्यावरणीय संतुलन को रेखांकित किया। बताया कि राज्य में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन होने के कारण इसे देश की “फूड बास्केट” कहते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने आसियान समिति नई दिल्ली के प्रतिनिधियों को सांची की प्रतिकृति, स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की। आसियान नई दिल्ली समिति के अध्यक्ष भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त श्री दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा ने मध्यप्रदेश में प्रतिनिधि मंडल के गरिमामय स्वागत सत्कार के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आसियान समूह के सभी देश शांति, समृद्धि के लिए मैत्री भाव के साथ सहकार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि, आधारभूत अवसंरचना, उत्पादन, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। फार्मास्यूटिकल, शिक्षा और कौशल उन्नयन के क्षेत्र में पारस्परिक सहकार के द्वारा मध्यप्रदेश और आसियान राष्ट्रों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाया जा सकता है। स्वागत उद्बोधन प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दिया। मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आसियान समिति नई दिल्ली के सदस्यों का परिचय कराया। उन्होंने बताया कि आसियान समिति पहली बार मध्यप्रदेश भ्रमण पर आई है। समिति ने गत दिवस मुख्यमंत्री से भेंट की है। आभार अतिरिक्त सचिव विदेश मंत्रालय भारत सरकार श्री प्रशांत अग्रवाल ने व्यक्त किया। आसियान समिति प्रतिनिधि मंडल भारत में वियतनाम के राजदूत श्री गुयेन थान्ह हाई, भारत में फिलीपींस के राजदूत श्री जोसेफ एफ. इग्नासियों, भारत और श्रीलंका में कंबोडिया की राजदूत सुश्री रथ मनी, भारत में तिमोर लेस्ते के राजदूत श्री कार्लितो नुनेस, भारत में थाईलैंड की राजदूत सुश्री छवनार्ट थांगसुमफंट, भारत और भूटान में इंडोनेशिया की राजदूत सुश्री इना एच कृष्णमूर्ति और मिशन प्रमुख द्वितीय सचिव ब्रुनेई दारुस्सलाम गणराज्य श्री पेंगिरन मोहम्मद शफी अलवाली बिन पेंगिरन अबू बकर शामिल है। आसियान समिति प्रतिनिधि मंडल के राजभवन आगमन पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव ने चंदेरी वस्त्र से बना अंगवस्त्र एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया।  

इंदौर में स्टूडेंट वीज़ा का दुरुपयोग! अफ्रीकी युवती कोकीन सप्लाई करते पकड़ी गई, मोबाइल से मिले कोडवर्ड नंबर

इंदौर इंदौर नारकोटिक्स पुलिस ने रेसिडेंसी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अफ्रीकी युवती लिंडा अनाबा को कोकीन के साथ गिरफ्तार किया है। 25 वर्षीय लिंडा जून में स्टूडेंट वीजा पर भारत आई थी। तलाशी के दौरान उसके फोन में कोडवर्ड में सेव किए गए संदिग्ध नंबर मिले, साथ ही उसने अवैध धंधे में शामिल होने और ड्रग्स सप्लाई करने की बात भी स्वीकार की है। DIG (नारकोटिक्स) महेशचंद्र जैन ने बताया कि लिंडा मूल रूप से अफ्रीकी देश कोटे दी आईवोर के एक शहर की रहने वाली है और इन दिनों मुंबई के नालासोपारा क्षेत्र में रह रही थी। मंगलवार रात पुलिस ने उसे उस वक्त पकड़ा जब वह कोकीन लेकर पहुंची थी। महिला अधिकारियों ने उसकी तलाशी लेकर 31 ग्राम कोकीन बरामद की।   निरीक्षक हरीश सोलंकी के अनुसार, पूछताछ में लिंडा ने बताया कि भारत आने के बाद उसकी मुलाकात अनैतिक गतिविधियों में शामिल एक एजेंट से हुई, जिसके साथ वह मुंबई सहित कई शहरों में जाने लगी। एजेंट उसे इंदौर भी लेकर आए थे और ड्रग डिलीवरी करवाते थे। इंदौर आने से पहले उसे मुंबई में ही कोकीन का पैकेट सौंपा गया था। पुलिस लिंडा के वीजा संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रही है और संबंधित जानकारी दूतावास को भेज दी गई है। वह इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करती है और उसके फोन की चैट 24 घंटे में डिलीट हो जाती है। कई नंबर कोडवर्ड में दर्ज होने के कारण पूछताछ में कठिनाई आ रही है। साइबर एक्सपर्ट की मदद से डिलीट डेटा रिकवर करवाया जा रहा है।  

पुलिस छापे में खुला रैकेट: पॉश एरिया से मिली महंगी अंग्रेजी शराब, तस्कर मौके से भागा

भोपाल शाहपुरा क्षेत्र की पॉश कॉलोनी से बुधवार को आबकारी टीम ने साढ़े तीन लाख की अंग्रेजी शराब बरामद की है। आबकारी टीम को सूचना मिली थी कि बावड़िया कलां क्षेत्र की एक कॉलोनी में तस्कर कार से महंगे ब्रांड की शराब अवैध रूप से लेकर जा रहा है। इससे टीम मौके पर पहुंची तो तस्कर कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। विभाग ने अज्ञात तस्कर के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जिला आबकारी कंट्रोलर आरजी भदौरिया ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी थी कि बावड़िया कलां स्थित आकृति रिट्रीट कॉलोनी परिसर में एक कार से अज्ञात व्यक्ति महंगी अंग्रेजी शराब लेकर जा रहा है। इससे मौके पर टीम को भेजा गया, जहां घेराबंदी कर दबिश दी तो कार चालक भाग खड़ा हुआ। टीम ने वाहन को जब्त कर तलाशी ली तो उसमें से विभिन्न महंगे ब्रांडेड अंग्रेजी शराब के 34 कार्टनों में करीब 306 लीटर शराब बरामद हुई है।   शराब की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये इसकी कीमत करीब तीन लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है। टीम ने अज्ञात आरोपित की तलाश शुरू कर दी है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि टीम को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए।

सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री सारंग ने ग्रामीण विकास योजनाओं पर की चर्चा

पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय मंत्री  सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके। मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ)  ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ)  महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक)  मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

MSP के तहत ज्वार और बाजरा का उपार्जन शुरू 24 नवंबर से, धान 1 दिसंबर से, कलेक्टर्स को निर्देश

भोपाल  ज्वार, बाजरा और धान की फसल की पैदावार करने वाले किसानों के लिए ये जरूरी खबर है सरकार MSP पर उनकी  उपज का उपार्जन शुरू करने वाली है, इसके लिए राज्य सरकार ने उपार्जन नीति घोषित कर दी है, शासन ने उपार्जन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को दिए हैं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश हैं कि उपार्जन केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसान को कोई परेशानी ना हो। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 24 नवम्बर से 24 दिसम्बर तक और धान की खरीदी एक दिसम्बर से 20 जनवरी, 2026 तक की जायेगी। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक की जायेगी। सख्त निर्देश, किसानों को ना हो कोई परेशानी  खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी खाद्य मंत्री ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा। ये है फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य धान कॉमन MSP 2369 रुपये प्रति क्विंटल। धान ग्रेड-ए MSP 2389 रुपये  प्रति क्विंटल। ज्वार मालदण्डी MSP 3749 हजार रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हाइब्रिड MSP 3699 रुपये प्रति क्विंटल। बाजरा MSP 2775 रुपये प्रति क्विंटल । किसानों की सुविधा अनुसार होंगे उपार्जन केन्द्र मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। ऐसी रहेगी बारदाना व्यवस्था खाद्य मंत्री ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। इन निर्देशों का पालन करना जरूरी      केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा।     गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा।     कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा।     किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा।     कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये स्लॉट बुकिंग करानी होगी।     उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा।  

छतरपुर में बागेश्वर धाम पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पदयात्रा के अनुभव भक्तों के साथ साझा किए

छतरपुर   दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालने के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम पहुंच गए. उन्होंने धाम में बालाजी के दर्शन करते हुए पूजा अर्चना की. पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए सबको आशीर्वाद दिया. इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी के प्रभाव से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई. सभी लोग हनुमान जी पर भरोसा रखें, सब संकट दूर हो जाएंगे.इतनी बड़ी यात्रा के बीच कई झंझट आए, आतंकवादी पीछे लगे, फरीदाबाद में भारी विस्फोटक मिला, हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी. आतंकियों की तो ठठरी बर गई." पदयात्रा में हिंदुओं का चलता समुद्र दिखा बाबा बागेश्वर ने कहा "यात्रा के दौरान सड़कों पर हिंदुओं का चलता समुद्र दिखाई दिया. दुनिया ने देखा हिंदुओं का ज्वार भाटा, अंगूर की कीमत गुच्छे में है अलग होने में नहीं. जिस तरह से सिर्फ कठपुतली दिखाई देती है लेकिन कठपुतली को चलाने वाला कोई और होता है, ठीक उसी तरह से हम सब पदयात्री के रूप में दिखाई देते रहे लेकिन चलाते बालाजी रहे." 7 नवंबर से दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई. पूरे देश में समरसता का संदेश गया बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी की पूंछ पर आग लगाने की कोशिश वालों के घर जल गए, पूंछ सुरक्षित है. पदयात्रा से 03 सफलताएं मिली. पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक गया. पहली सफलता यह कि हिंदू एकता को इससे ताकत मिली है. दूसरी सफलता समरसता का संदेश सबको मिला. रास्ते में संत समाज ने उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया, जिन्हें लोग अछूत कहते हैं. वहां उन गांवों में समरसता की चर्चा हुई. सभी ने छुआछूत मिटाकर सबके साथ एक भाव रखने का काम शुरू किया. तीसरी सफलता वृंदावन में मदिरा की खुली दुकानें बंद करने की कार्रवाई शुरू हुई." यात्रा में विघ्न डालने वाले हुए नाकाम धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "पदयात्रा में विघ्न डालने के मंसूबे पाले बैठे आतंकियों की ठठरी बर गई. इतनी बड़ी यात्रा में इतने झंझट आये, विरोध हुआ, आतंकवादी पीछे लग गए, बम विस्फोट हुआ, फरीदाबाद में जहां हम रुके थे वही पास में कट्टा, बंदूक, AK 47, RDX पकड़ा गया. खूब तैयारी में थी डराने की लेकिन देशविरोधी ताकतों को नाकामी मिली." 

बिजली बिल जमा करना हुआ आसान, पोस्ट ऑफिस और IPPB में मिलेगी सुविधा बिना अतिरिक्त चार्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अपने उपभोक्ताओं के लिए कई तरह की फायदेमंद स्कीम और सुविधाएँ उपलब्ध कराती है, इसी क्रम में अब बिजली बिल भुगतान को लेकर कंपनी ने एक नई सुविधा उपलब्ध कराई है, विशेष बात ये है कि इसमें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को डाकघरों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के अधिकृत प्रतिनिधि (डाकिये) के माध्‍यम से बिना किसी अतिरिक्‍त शुल्‍क के बिजली बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराई गयी है। पोस्ट ऑफिस में भी होगा बिजली बिल भुगतान  कंपनी ने कहा अब बिजली उपभोक्‍ताओं को यह सरल और सुलभ भुगतान की सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नजदीकी डाकघर में मिलना शुरू हो गई है। डिजिटल और सुरक्षित तरीके से डाकघर के माध्‍यम से बिल भुगतान की सुविधा शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी उपलब्‍ध है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं का विस्तार करते हुए बिल भुगतान की व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्‍यम से बिजली बिल भुगतान की विशेष सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षरित किया गया है। नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त चार्ज  इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सहायता प्राप्त चैनलों के माध्यम से बिजली बिल संग्रहण को सक्षम बनाते हुए बिजली उपभोक्‍ताओं को बिना अतिरिक्‍त प्‍लेटफॉर्म चार्ज के बिल भुगतान की सुविधा उपलब्‍ध कराना है। अब बिजली उपभोक्ता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के विस्तृत नेटवर्क और डाकिया/ग्रामीण डाक सेवक की सहायता से भी अपने घर के पास या घर बैठे ही आसानी से बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे।