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एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0: मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का पसंदीदा गंतव्य बनाने की पहल एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में हुआ जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट इंदौर मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के अंतर्गत “एमपी जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट राउंडटेबल” का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर 25 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) शामिल हुए और राज्य की दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति को दिशा देने के लिए सार्थक चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश को जीसीसी के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। टियर-2 शहरों में उपलब्ध सुविधाएं जीसीसी के लिए सशक्त बिजनेस इको सिस्टम बनाने में सक्षम हैं।  दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां समर्पित जीसीसी नीति बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य में ड्रोन नीति के तहत ड्रोन डाटा रिपॉजिटरी विकसित की जा रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश एवं विकास को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर नीति के तहत व्यवसायों को सब्सिडी दी जा रही है और स्पेस टेक्नोलॉजी नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी इंदौर देश का एकमात्र संस्थान है जहाँ स्पेस टेक्नोलॉजी में बीटेक एवं एमटेक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने वाला अग्रणी राज्य है। देश के 10 प्रतिशत से अधिक गेमिंग आईपी क्रिएशन मध्यप्रदेश से हुए हैं, जो राज्य की तकनीकी क्षमता और टैलेंट की उपलब्धता को दर्शाते हैं। नीतिगत और प्रशासनिक सहयोग मध्यप्रदेश सरकार ने जीसीसी की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत एवं प्रशासनिक कदम उठाए हैं। संपदा पोर्टल के माध्यम से आसान रजिस्ट्री, लेबर लॉ में सरलीकरण, साइबर तहसील के माध्यम से विवाद निपटान, पेरोल सब्सिडी और पेटेंट असिस्टेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता और कार्बन क्रेडिट व्यवस्था जैसे पर्यावरणीय उपाय सकारात्मक बिजनेस इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने साझा किये विचार वेना इंडिया सेंटर हेड  गौतम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईआईटी इंदौर, MANIT भोपाल, और GSITS इंदौर जैसे संस्थानों की मौजूदगी से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाला टैलेंट पूल उपलब्ध है। उन्होंने जीसीसी के सशक्त विकास के लिए सीनियर लीडरशिप को आकर्षित करने का सुझाव दिया। वेना इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट  पार्थ सेन गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में वित्तीय क्षेत्र की विशेषता और संभावनाएं जीसीसी की स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। केपीएमजी के पार्टनर  गौरव कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश के टियर-2 शहरों में उत्कृष्ट टैलेंट पूल उपलब्ध है और यहां के युवा राज्य में ही रहकर काम करना पसंद करते हैं, जिससे टैलेंट की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित रहती है। एनटीटी डाटा के साइबर हेड  क्षितिज बंथिया ने कहा कि राज्य में कई जीसीसी पहले से सक्रिय हैं और यहां स्टार्टअप कल्चर को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है। जीसीसी में स्थानीय भर्ती को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ई एंड वाई एलएलपी के पार्टनर  आदित्य क्षेत्रपा ने कहा कि जीसीसी की स्थापना के साथ उसकी निरंतरता पर भी ध्यान देना आवश्यक है, जिससे कार्य त्वरित गति और कम लागत से हो सके। प्रदेश में सस्टेनेबिलिटी, प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। इन केंद्रों का उद्देश्य न केवल तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को सशक्त बनाना है, बल्कि रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर भी सृजित करना है।  

गीतांजलि कन्या कॉलेज की छात्राओं ने ज्ञान पर्यटन में जाना ग्रामीण जीवन का अनुभव

ज्ञान पर्यटन में छात्राओं ने जाना ग्रामीण जीवन का सार गीतांजलि सरकारी कन्या महाविद्यालय की केकड़िया (भोपाल) में शैक्षणिक यात्रा भोपाल अपर मुख्य सचिव पर्यटन संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित “ज्ञान पर्यटन” श्रृंखला के अंतर्गत गीतांजलि सरकारी कन्या महाविद्यालय, भोपाल की छात्राओं ने केकड़िया (भोपाल) में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला के मार्गदर्शन में कराए जा रहे इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं में सांस्कृतिक जागरूकता, ग्रामीण परंपराओं से जुड़ाव, तथा सतत कृषि पद्धतियों (Sustainable Agricultural Practices) की समझ विकसित करना था। यह भ्रमण “ज्ञान पर्यटन” श्रृंखला का चौथा कार्यक्रम था।  जनजातीय संस्कृति से आत्मीय परिचय भ्रमण की शुरुआत पारंपरिक विधि से हुई, जहां छात्राओं का स्वागत स्थानीय जनजातीय समुदाय की महिलाओं ने गीत और नृत्य के साथ किया। इसके बाद छात्राओं ने स्थानीय हाट बाजार का भ्रमण किया, जहां उन्होंने जनजातीय जीवनशैली की गहराइयों को नजदीक से समझा। उन्होंने पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों (चोमड़ी), जनजातीय चिकित्सा पद्धतियों, स्थानीय कृषि उत्पादों, जैविक वस्तुओं, अनाज, गृह उपयोगी सामग्री और पारंपरिक हथियारों जैसे धनुष-बाणों का भी अवलोकन किया। इस अनुभव ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परंपरागत कौशल और हस्तकला किस प्रकार आज भी जीवंत हैं। इस यात्रा में कुल 49 छात्राएं सम्मिलित हुईं, उनके साथ डॉ. अनीता देभरतार और डॉ. मधु त्रिवेदी मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहीं। सीख और सहभागिता से भरी सक्रिय दिनचर्या यह भ्रमण सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन वुमन (STDW) परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षित सु वाणी राजपूत के निर्देशन में हुआ। छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने ट्रैकिंग, कुंभारकला (पॉटरी), बैलगाड़ी सवारी और स्थानीय खेलों व तीरंदाजी जैसी पारंपरिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण जीवन की सरलता और आत्मनिर्भरता का अनुभव किया। साथ ही उन्होंने फार्म टू प्लेट की अवधारणा को समझते हुए यह देखा कि किस प्रकार खेत से लेकर थाली तक भोजन की यात्रा होती है। छात्राओं ने सतत कृषि संबंधी प्रक्रियाओं जैसे फसल चक्र (Crop Rotation), ड्रिप सिंचाई तकनीक और पोषण खेती (Nutritional Farming) का व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त किया। दोपहर के भोजन में उन्हें ग्रामीण स्वाद का अनुभव कराते हुए मक्के की रोटी, कढ़ी, भाजी, टमाटर की चटनी, दाल और चावल जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिन्हें स्थानीय महिलाओं ने तैयार किया था। संस्कृति और आस्था का संगम भ्रमण के अंतिम चरण में छात्राओं ने सामासगढ़ जैन मंदिर का दर्शन दिये, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, छात्राओं ने लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से जनजातीय कलाकारों के साथ सहभागिता की और चाय-नाश्ते के दौरान अपने अनुभव साझा किए। साझे प्रयासों से सफल हुआ “ज्ञान पर्यटन” यात्रा के सफल आयोजन में विलेज वॉयस के राजेश साहू, केकड़िया के स्थानीय समन्वयक  फतेह सिंह, तथा टूरिज्म बोर्ड की कौशल शाखा टीम का विशेष योगदान रहा। इस शैक्षणिक भ्रमण ने छात्राओं में स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कृषि ज्ञान और जनजातीय जीवनशैली के प्रति गहरी समझ और संवेदनशीलता विकसित की, जिससे वे न केवल पर्यटन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के स्तर पर भी अधिक सशक्त बनीं। संचालन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की कौशल शाखा के अंतर्गत संचालक (कौशल) डॉ. डी.पी. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इससे पूर्व इसी श्रृंखला में बीएसएस कॉलेज का खारी (सीहोर) भ्रमण, बीएसएस कॉलेज का कोटरा (राजगढ़) भ्रमण, और नर्मदा पी.एम.सी.ओ.ई. कॉलेज का छेड़का (नर्मदापुरम) भ्रमण सफलतापूर्वक हो चुके हैं।  

जल संरक्षण में उत्कृष्ट पहल के लिए गुना नगरीय निकाय को राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

जल संचय के क्षेत्र में श्रेष्ठ पहल पर गुना नगरीय निकाय को मिला पुरस्कार राष्ट्रपति करेंगी 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में गुना को पुरस्कृत भोपाल गुना नगरीय निकाय को जल संचय के क्षेत्र में जन भागीदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने पर देश की चयनित 50 नगरीय निकाय में स्थान मिला है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवम्बर को नई दिल्ली में गुना नगरीय निकाय को पुरस्कृत करेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोडवें ने गुना नगर पालिका परिषद एवं उनकी टीम को श्रेष्ठ नगरीय निकायों की श्रेणी में चयन होने पर बधाई दी है। लक्ष्य से अधिक तैयार की गई पुनर्भरण जल संरचनाएँ केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने देश में जनभागीदारी से जल संचय की बेहतर पहल के लिये प्रशासन तंत्र में हर स्तर पर पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की थी। गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिये कार्ययोजना बनाकर नगरीय क्षेत्र में 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जिया टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किये। यह तय लक्ष्य से अधिक है। इसी के साथ गुना शहरी क्षेत्र में उपलब्ध कुंओं का भी जीर्णोद्वार कर उनका पुनर्जीवन का कार्य किया गया। दल का गठन गुना नगर पालिका ने जल संचय के कार्य को करने के लिये दल का गठन किया था। गठित दल ने इस वर्ष मई माह के दौरान शासकीय और निजी परिसर, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और मल्टी स्टोरी बिल्डिंगस, निजी कॉलोनियाँ, कुंआ और बावड़ी का सर्वे कराया। सर्वे रिपोर्ट के बाद जनभागीदारी से 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को तैयार किये गये और पहले से उपलब्ध सिस्टम की मरम्मत सुनिश्चित की गई।  

प्रेग्नेंसी में मॉडल की हत्या: कस्टडी में कासिम ने बार-बार क्या कहा? आधार कार्ड और पहचान में था बड़ा खेल

भोपाल    भोपाल में मॉडल खुशबू अहिरवार की मौत के बाद परिवार सदमे में है. खुशबू की मौत के बाद सामने आई पुलिस जांच, परिजनों के गंभीर आरोप और आरोपी कासिम अहमद की गिरफ्तारी के बाद कई बातें सामने आई हैं. कासिम जब खुशबू से मिला था, तो राहुल बनकर मिला था. खुशबू को जब असलियत पता चली तो वह दूर रहने लगी. कासिम जेल गया और जब बाहर आया तो फिर खुशबू के संपर्क में आ गया. उसने खुशबू पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला था. खुशबू के आधार कार्ड पर बुर्के वाली तस्वीर भी सामने आई है. दरअसल, 9 नवंबर की रात खुशबू अहिरवार की अचानक मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वह प्रेग्नेंट थी और उसकी फैलोपियन ट्यूब फटने से इंटर्नल ब्लीडिंग हुई, जिससे उसकी मौत हुई. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि खुशबू की ट्यूब फटने की वजह मेडिकल थी या किसी मारपीट का नतीजा. पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है और मृतका का विसरा जांच के लिए भेजा गया है.  आधार कार्ड में अपडेट करवाई 'बुर्के वाली' फोटो, 'राहुल' बन कासिम ने खुशबू को फंसाया मॉडल खुशबू अहिरवार की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को पुलिस ने उसके बॉयफ्रेंड कासिम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि यह गिरफ्तारी मौत के मामले में नहीं, बल्कि खुशबू के साथ मारपीट करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर आरोपों के तहत की गई है. इस मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कासिम ने खुशबू पर धर्म परिवर्तन का इतना दबाव बनाया कि उसने उसका आधार कार्ड भी अपडेट करवा दिया और उसमें खुशबू की बुर्के वाली फोटो लगवा दी थी.   झूठा नाम, मारपीट और धर्म परिवर्तन का दबाव खुशबू का अंतिम संस्कार करने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में कासिम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि कासिम ने खुशबू से दोस्ती करते समय अपना नाम 'राहुल' बताया था. जब खुशबू को उसके मुस्लिम होने का पता चला तो वह उससे अलग होना चाहती थी. खुशबू की बहन तारा बाई के मुताबिक, साल 2022 में खुशबू कॉलेज की पढ़ाई के लिए भोपाल आई थी और भानपुर मल्टी में किराए के मकान में रहती थी. पढ़ाई के साथ वह मॉडलिंग करने लगी थी, ताकि अपने खर्च निकाल सके. इसी दौरान उसकी मुलाकात राहुल नाम के युवक से हुई, जो बाद में असल में कासिम अहमद निकला. जब खुशबू को उसकी असली पहचान पता चली, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करना चाहा, लेकिन कासिम ने उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. खुशबू के परिवार का दावा है कि जब उसने इनकार किया, तो कासिम ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी. खुशबू के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं. कासिम ने खुशबू का आधार कार्ड फोटो बदलवा दिया, जिसमें उसे बुर्का पहने दिखाया गया है. परिजनों का आरोप है कि यह कदम कासिम ने जानबूझकर उठाया. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसमें किसने और कब बदलाव किया. खुशबू की बहन तारा ने पुलिस को बताया कि 8 नवंबर की रात 11 बजे खुशबू ने उसे फोन किया था. फोन पर उसने कहा कि कासिम मुझे जबरदस्ती उज्जैन ले जा रहा है अपनी मां से मिलाने, मैं नहीं जाना चाहती. इसके कुछ ही देर बाद फोन कट गया. अगले दिन रात 10 बजे खुशबू की बड़ी बहन प्रीति अहिरवार का फोन आया कि खुशबू की बस में मौत हो गई है. प्रीति के मुताबिक, उज्जैन से लौटते वक्त बस में ही खुशबू दम तोड़ चुकी थी. परिवार जब भोपाल पहुंचा तो खुशबू का शव हमीदिया अस्पताल में था. परिजनों की शिकायत के आधार पर भोपाल पुलिस ने कासिम को गिरफ्तार कर लियाहै. पुलिस ने उस पर कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. इनमें धारा 296, 115(2), 351(2) (भारतीय न्याय संहिता – BNS), मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3/5, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(5)(क) शामिल है. कासिम की गिरफ्तारी खुशबू की मौत के मामले में नहीं, बल्कि मारपीट, धोखा और धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोपों में की गई है. कासिम ने आरोपों से किया इनकार पुलिस हिरासत में कासिम खुद को निर्दोष बता रहा है. वह पुलिस की कस्टडी में बोल रहा था कि मैंने खुशबू से मारपीट नहीं की, न दबाव बनाया. पुलिस हिरासत में कासिम ने मृतका खुशबू के परिजनों के सभी आरोपों से इनकार किया है. वहीं खुशबू के परिवार का कहना है कि कासिम ने उसे पीटा, था धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. परिवार अब इस मामले में हत्या की जांच की मांग कर रहा है और इसे 'लव जिहाद' का मामला बता रहा है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारण का पता विसरा रिपोर्ट आने के बाद चलेगा. क्या खुशबू की मौत वाकई एक मेडिकल कॉम्प्लिकेशन थी या फिर उसके साथ कुछ और हुआ? क्या आधार कार्ड में फोटो बदलवाने की कहानी धर्म परिवर्तन की बड़ी साजिश का हिस्सा थी? इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं. कासिम गिरफ्तार, आरोपों से इनकार पुलिस हिरासत में कासिम बार-बार यही बोल रहा है कि उसने खुशबू के साथ कभी मारपीट नहीं की. हालांकि, परिजनों के गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने कासिम के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (धोखाधड़ी), 115(2), 351 (2), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)5(क) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चुना नया अध्यक्ष: रघुराज किशोर तिवारी को मिली कमान

 रीवा  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष एजी कॉलेज रीवा के प्रोफसर रघुराज किशोर तिवारी को चुना गया है। यह पहला अवसर है जब विंध्य क्षेत्र से किसी को इस संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जैसे ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा हुई, उनके आवास पर बधाई देने वाले बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कृषि विज्ञान में पीएचडी हासिल जिले के सेमरिया क्षेत्र के कपसा के रहने वाले रघुराज किशोर बीते कई वर्षों से विद्यार्थी परिषद सहित अन्य कई संगठनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। शहर के माडल स्कूल से पढ़ाई करने के दौरान ही वे वर्ष 1987 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े। एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में वे कृषि महाविद्यालय रीवा के छात्र संघ के निर्वाचित अध्यक्ष और महाकौशल प्रांत के प्रदेश सचिव भी रहे। कृषि महाविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद यहीं अध्यापन कार्य भी वह कई वर्षों से करा रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से कृषि विज्ञान में पीएचडी भी हासिल की। रघुराज किशोर को मिले कई पुरस्कार एक शिक्षक के रूप में रघुराज किशोर को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार (2014) से सम्मानित किया गया था। प्रतिष्ठित त्रिभुवन विश्वविद्यालय नेपाल द्वारा विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार (2016) में प्राप्त हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 125 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, कृषि विज्ञान पर तीन पुस्तकें लिखी हैं, 50 से अधिक लघु शोध परियोजनाओं का मार्गदर्शन किया है और तीन डॉक्टरेट शोध प्रबंधों का पर्यवेक्षण किया है। प्रधान अन्वेषक के रूप में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान फिलीपींस में आयोजित एक संयुक्त अनुसंधान परियोजना में अपने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहल विद्यार्थी परिषद में वे महाकौशल प्रांत अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (2006-09) के रूप में कार्यरत रहे हैं। शिक्षा नीति समिति के सदस्य भी रहे डॉ. रघुराज किशोर तिवारी मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्यान्वयन समिति के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय करने में उनका बड़ा योगदान रहा है। देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति मध्यप्रदेश में लागू हुई, इसमें शिक्षा विशेषज्ञों की मेहनत अहम रही है। इस टीम में रघुराज किशोर तिवारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान में वे कृषि छात्र गतिविधियों के प्रमुख सलाहकार और राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।

लोकायुक्त जबलपुर ने पकड़ा भ्रष्ट सचिव, ग्राम पंचायत उकवा में रिश्वत लेते रंगे हाथ

बालाघाट  लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत परसवाड़ा की ग्राम पंचायत खरपड़िया सचिव और ग्राम पंचायत उकवा के प्रभारी सचिव योगेश हिरवाने को ग्राम पंचायत उकवा के सामने में रोड पर अंकुश पिता संतोष चौकसे से 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया। लोकायुक्त टीम ने सचिव को गिरफ्तार कर बैहर ले जाया गया है। शिकायतकर्ता अंकुर चौकसे की माने तो शासन के द्वारा एक डिसमिल का पट्टा दिया गया है, जो आबादी जमीन का है। मेरे द्वारा भवन निर्माण किया जाना था जिसके लिए मैं ग्राम पंचायत उकवा से एनओसी मांगना चाह तो ग्राम पंचायत उकवा के प्रभारी सचिव योगेश हिरवाने के द्वारा मुझे 200000 लाख रुपये की मांग की गई थीं।  

चलान की बजाय ट्रैफिक टेस्ट! रतलाम में पुलिस दे रही अनोखी सजा, हो रही तारीफ

रतलाम   यातायात पुलिस रतलाम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का चालान नहीं काट रही बल्कि सजा के तौर पर उनसे परीक्षा ले रही है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन शरू किया गया है. यहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को 20 प्रश्नों का एक प्रश्न पत्र थमा दिया जाता है. इस प्रश्न पत्र में ट्रैफिक अवेयरनेस को लेकर प्रश्न प्रतिभागियों से पूछे जाते हैं. पुलिस के सामने होती है परीक्षा प्रश्न पत्र हल करने के बाद इसका मूल्यांकन भी प्रतिभागी के सामने ही किया जाता है. प्रश्न का उत्तर गलत होता है तो उस बारे में प्रतिभागी को समझाइश और सही जानकारी भी दी जाती है. ट्रैफिक पुलिस की इस पहल को आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है. वहीं, इस बात की भी जानकारी मिल रही है कि लोग ट्रैफिक नियमों के बारे में कितने अवेयर हैं. चालान काटने की बजाए ज्ञान किया जा रहा चेक रतलाम में ट्रैफिक पुलिस ने रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर ये पहल शुरू की है. ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने बताया, '' इस पहल का उद्देश्य लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना है. इसके लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों जिसमें तीन सवारी वाले, रॉन्ग साइड चलने वाले, लाइसेंस नहीं बनवाने वाले और हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों का चालान नहीं काटते हुए यातायात नियमों के प्रति उनका ज्ञान चेक किया जाता है.'' आसान सवालों का भी जवाब नहीं दे पाते लोग डीएसपी ट्रैफिक ने आगे कहा, '' आम लोगों को यातायात के नियमों की कितनी जानकारी है. यह जानना इस पहल का उद्देश्य है. 20 प्रश्नों के प्रश्न पत्र के मूल्यांकन से इसकी जानकारी मिलती है कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में कितनी जगरुकता है.'' डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि 20 सरल प्रश्नों के जवाब भी लोग नहीं दे पाते हैं. खासकर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने, सड़क पर लगे संकेत का मतलब समझने और दुर्घटना होने के समय क्या करना चाहिए इसकी सही जानकारी भी लोगों को नहीं है. यह मुहिम चलाकर रतलाम ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों को यह मैसेज दिया जा रहा है कि ट्रैफिक नियमों की जानकारी रखना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. बहानेबाजी करने के बजाय देश का जिम्मेदार नागरिक बनना अधिक आवश्यक है.

भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत, 233 करोड़ रुपये सीधे खाते में डाले गए

 देवास  सीएम डॉ. मोहन यादव ने भावांतर योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपये राशि भेजी। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भावांतर योजना लागू की गई। उन्होंने कहा- किसान को फसलों का सही दाम दिलवाना सरकार का लक्ष्य। किसानों का भला करेंगे। दूध उत्पादन को प्रोत्साहन किया जाएगा, उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 1 दिसंबर को गीता जयंती मनाएंगे। नगर पालिका, नगर परिषद स्तर पर गीता भवन खोलने वाले हैं। आने वाला साल कृषि आधारित उद्योग के लिए जाना जाएगा। गेहूं धीरे धीरे 2700 किया जाएगा। कांग्रेसी रोते रहेंगे… हम योजनाओं का लाभ देते रहेंगे। सीमा पर जवान, खेत पर किसान दोनों बराबर। किसानों की मेहनत से मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन स्टेट बना। हर साल केंद्र सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है। कांग्रेस अगले 50 साल सत्ता से बाहर रहेगी। बिहार में चुनाव हो रहा था राहुल गांधी पचमढ़ी में छुट्टी मना रहे थे। देवास को 188 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजना चला रहे हैं। घर आंगन में गाय, बछड़े होने से आनंद आता है। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों में रोटावेटर, ड्रोन, सुपर सीडर, ब्रोड बेड फरो प्लांटर, मल्चर, फर्टीलाइजर ब्राड कास्टर, भूसा लोडर, लेजर एंड लेवलर, स्वचलित टूलबार, राउंड बेलर, स्लेशर, स्टॉरीपर, रीपर कम बाइंडर, स्प्रे पंप, सीड ग्रेडर विथ कन्वेयर, डिस्क प्लाउ सहित अन्य यंत्रों का अवलोकन किया। इस साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगाई गई जैविक खेती प्रदर्शनी, प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा की।

किसानों के लिए राहत: भावांतर योजना का नया मॉडल रेट आज से 4,130 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 13 नवंबर को 4130 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए तथा 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।

भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को सीएम देंगे मदद, 233 करोड़ का भुगतान जल्द

भोपाल  मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी। आज 13 नवम्‍बर गुरुवार को सीएम डॉ. मोहन यादव भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक 1.33 लाख किसानों के खातों में राशि भेजेंगे। बता दें कि देवास में भावांतर योजना का राज्य स्तरीय उत्सव कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएम मोहन यादव 233 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का अंतरण करेंगे। इसके अलावा देवास जिले के 183 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी सीएम करेंगे। थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे सीएम सीएम मोहन यादव थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे। इससे पहले वे सीएम हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंस लेंगे। फिर 11.50 बजे देवास पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 01.35 बजे देवास से इंदौर के लिए रवाना हो जाएंगे। यहां वे टेक्नो ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल होंगे। यहां जानें भावांतर योजना का मॉडल रेट, कितने मिलेंगे पैसे भावांतर योजना 2025 (bhavantar yojana) के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने सोयाबीन को उपज मंडियों में विक्रय किया है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को जारी किया गया था, यह 4020 रुपए प्रतिक्विंटल था। फिर 8 नवंबर को यह 4033 रुपए किया गया, 9 और 10 नवंबर को यह 3 रुपए बढ़कर 4036 रुपए प्रतिक्विंटल हो गया। वहीं 11 नवंबर को मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया। अब तक 9.36 किसानों का रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान प्रदेश के 9.36 पात्र किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। प्रदेश के उज्जैन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, देवास, सागर समेत 7 जिलों से 50-50 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। ऐसे समझें क्या है भावांतर योजना का गणित प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय करने की अवधि तय की गई है। यदि किसानों की सोयाबीन एमएसपी से कम कीमत पर बिकती है, तो किसानों को होने वाले घाटे की भरपाई मध्य प्रदेश सरकार भावांतर योजना के माध्यम से करेगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अंतर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी। हेल्प लाइन नंबर जारी, परेशानी या समस्या हो तो यहां कर सकेंगे बात भावांतर योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए किसानों, व्यापारी संगठनों, मंडी बोर्ड, मंडी समितियों के अधिकारियों की सुविधा के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है। यह सेंटर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक निरंतर कार्य करेगा। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी लेने या समस्या पर बात इस नंबर 0755-2704555 पर की जा सकेगी।