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IPS प्रमोशन पर लगी ब्रेक: MP में पहली बार डीपीसी निरस्त, पांच अधिकारियों को निराशा

भोपाल राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति के लिए 12 सितंबर को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की कार्रवाई निरस्त कर दी गई है। प्रदेश में पहली बार है जब इसे निरस्त किया गया है। इसमें पांच अधिकारियों को पदोन्नत किया जाना था। बताया जा रहा है कि 1997 बैच के अधिकारी अमृत मीणा के जाति प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेजों में कुछ उलझन के चलते छानबीन की जा रही है। साथ ही एक अन्य दावेदार की विभागीय जांच भी चल रही है। मामले पर कोई भी बोलने के लिए तैयार नहीं डीपीसी की कार्रवाई रद होने की इन्हें ही मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, कोई भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों की उपस्थिति में भोपाल में ही डीपीसी हुई थी, जिसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाणा और अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला सम्मिलित हुए थे। सामान्यत: 15 से 20 दिन में पदोन्नति की अधिसूचना जारी कर दी जाती है, पर डेढ़ माह बाद इसे रद कर दिया गया है।   डीपीसी में 15 लोगों के नामों पर विचार किया गया डीपीसी में 1997 और 1998 बैच के 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। इसमें सीताराम सस्त्या, अमृत मीणा, विक्रांत मुराब, सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे, राजेश रघुवंशी, निमिषा पांडेय, राजेश कुमार मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सव्यसाची सर्राफ और समर वर्मा का नाम शामिल था। अगले वर्ष यानी 2025 में सात अधिकारियों की पदोन्नति राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस में होनी है, पर वर्ष 2024 की डीपीसी में देरी के चलते वर्ष 2025 में भी देरी होगी। 

मध्यप्रदेश पुलिस एक्शन मोड में: 80% बाइक सवार बिना हेलमेट, शुरू हुआ बड़ा अभियान

भोपाल प्रदेश में प्रतिवर्ष छह से सात हजार दोपहिया वाहन चालक और सवारी की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही है। इसका बड़ा कारण यह है कि लगभग 80 प्रतिशत वाहन चालक हेलमेट नहीं पहन रहे हैं। इस कारण अब पुलिस प्रदेश भर में अभियान चलाकर हेलमेट नहीं लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी। छह नवंबर (गुरुवार) से इसके लिए विशेष अभियान की शुरुआत हो रही है जो लगातार चलेगा। दोपहिया वाहन पर सवार दूसरी सवारी के लिए भी हेलमेट लगाना अनिवार्य होगा। मौतों के आंकड़े इस अभियान में सबसे अधिक सख्ती भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में की जाएगी। कारण, इन जिलों में सड़क हादसे और मौतों की संख्या अधिक है। वर्ष 2024 में प्रदेश में 14,791 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई। जिसमें इंदौर शहर में 2425, ग्रामीण में 290, भोपाल शहर में 945 और ग्रामीण में 235, उज्जैन में 1536, जबलपुर में 2035 और ग्वालियर में 1049 लोगों की मौत हुई। यानी इन पांच जिलों में 8,515 लोगों की मौत हुई जो कुल मौतों का 58 प्रतिशत है।   यही कारण है कि इन जिलों में अभियान के अंतर्गत बहुत अधिक सख्ती की जानी है। DIG, पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (PTRI) टीके विद्यार्थी ने बताया कि हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीछे बैठी सवारी को भी हेलमेट पहनने के लिए समझाइश देंगे। सभी जिलों में हर दिन की कार्रवाई की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह अभियान लगातार चलेगा।

इंदौर-जबलपुर में गणना पत्रक नहीं पहुंचे, MP में प्रशासन हुआ परेशान

भोपाल मतदाता सूची के जिस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पूरे देश में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं, वह मध्य प्रदेश में बिना तैयारी के शुरू करा दिया गया। इंदौर, जबलपुर, सागर, विदिशा, राजगढ़ सहित अधिकतर जिलों में अब तक एसआईआर के फॉर्म (गणना पत्रक) ही नहीं पहुंच पाए हैं। कलेक्टर परेशान हैं क्योंकि आयोग का दबाव है कि बीएलओ को जल्दी फॉर्म बांटे जाएं। इधर, जिन प्रिंटरों (प्रकाशकों) को फॉर्म छापने का काम दिया गया है, वह इसे कर ही नहीं पाएं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इसका कारण प्रिटिंग न होने और कहीं तकनीकी गलतियों को बता रहे हैं। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का कोई भी अधिकारी इस गंभीर मामले पर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं और गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाता हैं। इन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को घर-घर जाकर गणना पत्रक देना है और भरवाकर वापस लेना है। यह काम चार नवंबर से चार दिसंबर तक पूरा किया जाना है।   नहीं हुआ है छपाई का काम पूरा इसके लिए आवश्यक है कि समय से बीएलओ को गणना पत्रक मिल जाएं लेकिन अभी छपाई ही पूरी नहीं हुई है। इंदौर जिले में 2,625 बूथों में से छह सौ से अधिक बूथों पर ही प्रपत्र मिल सके। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि दो-तीन दिन में प्रपत्र की छपाई पूरी होगी। मंदसौर जिले में दूसरे दिन भी काम प्रभावित हुआ। करीब 100 मतदान केंद्रों पर ही प्रपत्र पहुंचे। उज्जैन में साढ़े तीन लाख फॉर्म बांटे हैं और जब बाकी आ जाएंगे तो उन्हें बांटा जाएगा। खंडवा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश सावले का कहना है कि प्रपत्र प्रिंट होने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे-जैसे उपलब्ध होते जा रहे हैं, बीएलओ तक पहुंचाए जा रहे हैं। धार जिले में कुछ स्थानों पर तकनीकी गलतियों के कारण प्रपत्र पहुंचने में दिक्कत आई है। नीमच जिले में महज 25 प्रतिशत प्रपत्र की आपूर्ति हो सकी। रतलाम जिले में 1,297 में से 150 बूथ के ही प्रपत्र आए हैं। महाकोशल क्षेत्र की बात करें तो डिंडौरी जिले में 6,55 मतदान केंद्रों में केवल 21 बीएलओ के लिए फॉर्म आए हैं। जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह में भी यही स्थिति रही। दमोह में 20 लाख फॉर्म की आवश्यकता के विरुद्ध मात्र एक लाख फॉर्म उपलब्ध हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि फॉर्म भोपाल से आने के कारण काफी परेशानी हो रही है। मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा का कहना है कि अभी पूरे फॉर्म नहीं आएं हैं, जैसे-जैसे आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे बीएलओ को वितरित किए जा रहे हैं। यही स्थिति मध्य क्षेत्र के जिलों की भी है। राजगढ़ जिले के किसी भी बीएलओ को बुधवार शाम तक गणना पत्रक ही नहीं मिल सका। जिसके कारण वे घर-घर भी नहीं पहुंचे। जिला निर्वाचन अधिकारी डा. गिरीश कुमार मिश्रा का कहना है कि फॉर्म राज्य स्तर से प्रिंट हो रहे हैं। आज 250 से ज्यादा बूथों के फॉर्म आए हैं। विदिशा जिले में मंगलवार को 1,347 मतदान केंद्रों से केवल 184 केंद्रों में ही गणना पत्रक पहुंचे थे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने माना कि गणना पत्रक की कमी के कारण मतदाता गहन पुनरीक्षण के लिए पहले दिन बीएलओ घर-घर नहीं जा पाए। हरदा और सागर में भी गणना पत्रक की कमी बनी हुई है। कांग्रेस का आरोप, बिना तैयारी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की कांग्रेस की एसआईआर के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि बिना किसी तैयारी के चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिना आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराए बीएलओ को दबाव में काम करने को कहा जा रहा है। हम इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और चुनाव आयोग से पत्राचार कर पूछेंगे कि बिना पर्याप्त तैयारी के एसआईआर की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई है।

राज्यपाल पटेल से अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति के सदस्यों ने की सौजन्य मुलाकात

राज्यपाल  पटेल से अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण संबंधी संसदीय समिति ने की सौजन्य भेंट राज्यपाल  मंगुभाई पटेल के साथ विभिन्न विषयों पर किया विचार-विमर्श भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण संबंधी संसदीय समिति के सदस्यों ने बुधवार को राजभवन के बैंक्वेट हॉल में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने समिति के सदस्यों के राजभवन आगमन पर उनका स्वागत किया। पारस्परिक परिचयात्मक चर्चा की। संसद के दोनों सदनों में अनुसूचित जातिऔर जनजाति के प्रतिनिधित्व के संबंध में जानकारी ली। समिति के मध्यप्रदेश प्रवास और कार्यों के संबंध में विचार-विमर्श किया। राज्यपाल  पटेल को अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष  फग्गन सिंह कुलस्ते ने बताया कि समिति अनुसूचित जाति जनजातियों के प्रतिनिधित्व की स्थिति के अध्ययन के लिए 03 नवंबर से 07 नवंबर तक मध्यप्रदेश और गोवा राज्य के भ्रमण पर है। समिति मध्यप्रदेश में पचमढ़ी प्रवास उपरांत भोपाल आई है। प्रवास के दौरान समिति द्वारा शासन के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, संगठनों और स्वशासी संस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। इस अवसर पर समिति के सदस्य मती प्रतिमा मंडल,  जगन्नाथ सरकार,  हरीशचन्द्र मीणा,  गोविंद एम. करजोल,  डी. प्रसादराव, मती सुमित्रा बाल्मीक,  मिथलेश कुमार,  आर. नारज़ारी, मती फूलोदेवी नेताम,  देवेन्द्रप्रताप सिंह, प्रतिनिधि मण्डल के सचिव  डी.आर. शेखर और उपसचिव  मोहन अरूमला उपस्थित थे।  

टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर में 9 नवंबर को देशभर के नामचीन वक्ता साझा करेंगे अपने विचार

टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर का टेड एक्स आयोजन 9 नवंबर को, देशभर के प्रतिष्ठित वक्ता होंगे शामिल आईसेक्ट के सहयोग से मिंटो हॉल में होगा नवाचार और प्रेरणा का संगम भोपाल  राजधानी भोपाल एक बार फिर नई सोच, नवाचार और प्रेरक विचारों का केंद्र बनने जा रही है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर, आईसेक्ट (AISECT) के सहयोग से 9 नवंबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में टेड एक्स का विशेष आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं, उद्यमियों, नवोन्मेषकों और सृजनशील लोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है। टेडएक्स शाहपुरा लेक चैप्टर के इस आयोजन में प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को सीखने, समझने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इनमें म.प्र. क्रिकेट संघ (MPCA) एवं MPL के चेयरमैन और Kuberha AI व Ethara AI के को-फाउंडर महानार्यमान सिंधिया, गूगल में स्टार्टअप्स पार्टनरशिप लीड नूपुर वर्मा, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की लीड – कंटेंट प्रोग्रामिंग दिव्या मूरजानी, मैनेजमेंट गुरु, लेखक एवं स्तंभकार एन. रघुरमन, स्टैंडअप कॉमेडियन और ‘ऑल वूमन इंक’ की फाउंडर आंचल अग्रवाल, तथा कवयित्री, गीतकार और अभिनेत्री गुंजन सैनी शामिल हैं। ये सभी वक्ता अपने अनुभवों और जीवन-यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण और प्रेरणा से परिचित कराएँगे। आईसेक्ट के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने इस पहल पर बात करते हुए कहा,“TEDx शाहपुरा लेक चैप्टर जैसे मंच युवाओं को वैश्विक दृष्टि, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रेरित करते हैं। आईसेक्ट का सदैव प्रयास रहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम न रहे, बल्कि यह विचार, संवाद और प्रयोग का मंच बने। इस आयोजन से हम चाहते हैं कि युवा अपने भीतर की क्षमता को पहचानें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।” टेडएक्स शाहपुरा लेक के मुख्य क्यूरेटर डॉ. दीपक मोटवानी ने कहा, “मैंने हमेशा देखा है कि मेट्रो शहर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि उनके पास टेडएक्स जैसे वैश्विक मंचों तक पहुँच है। इसी सोच से हमने तय किया कि भोपाल और यहाँ के युवाओं के लिए भी ऐसा ही एक मंच लाया जाए, जहाँ वे अपने विचारों और क्षमताओं को दुनिया के सामने रख सकें।”

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी: 1500 रुपये की 30वीं किस्त कब आएगी, देखें अपडेट

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए नवंबर का महीना बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इसी महीने से उन्हें बढ़ी हुई किस्त का फायदा मिलने जा रहा है. राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा साल 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की राशि मिलेगी. यह दूसरी बार होगा जब लाड़ली बहनों को बढ़ी हुई किस्त का लाभ नवंबर 2025 और भविष्य में जारी रहेगी जबकि मध्य प्रदेश सरकार तीसरी बार किस्त की राशि बढ़ाने का फैसला नहीं कर देती. शुरुआत में लाड़ली बहनों को योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे थे. योजना की पहली किस्त 10 जून 2023 को जारी की गई थी. इसके बाद अक्टूबर 2023 से राशि बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई थी, जो लगातार अक्टूबर 2025 तक महिलाओं के खातों में भेजी गई. अब नवंबर 2025 से फिर एक बार किस्त में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, यानी अब हर लाभार्थी महिला को मंथली 1500 रुपये मिलेंगे. लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे 1500 रुपये नवंबर महीने में प्रदेश की मोहन सरकार लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर करेगी। बता दें कि, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में महिलाओं के खाते में हर महीने 1000 रुपये भेजे जाते थें। इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाया गया। प्रदेश सरकार ने 1000 से बढ़ाकर 1250 और फिर 1500 रुपये कर दिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार योजना की 30वीं किस्त(Ladli Behna Yojana 30th installment) 5 नवंबर से 10 नवंबर 2025 के बीच महिलाओं के खातों में भेज सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है। 12 अक्टूबर को मिली थी 29वीं किस्त जानकारी के मुताबिक, लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त 12 अक्टूबर को जारी की गई थी। मोहन सरकार ने 1.26 लाख लाड़ली बहनों के खाते में 1,541 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थें। इसी महीने भाई दूज पर और 250 रुपये सरकार ने ट्रांसफर किए। अब जल्द ही योजना की 30वीं किस्त लाड़ली बहनों को मिलेगी। लाड़ली बहनों को मिलेंगे 3 हजार रुपये? सरकार की घोषणा के मुताबिक, लाड़ली बहनों को 2028 तक 3000 हजार रुपये मिलेंगे। योजना की राशि में साल-दर-साल बढ़ोत्तरी की जाएगी। जिस तरह सरकार ने राशि 1000 से बढ़ाकर 1250 और फिर 1500 रुपये कर दिए। उसी तरह साल 2028 तक ये राशि 3 हजार कर दी जाएगी। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने     1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

सड़क पर चीख-पुकार: ट्राले से टकराई बाइक, दंपति और दो अन्य ने मौके पर ही दम तोड़ा

डिंडौरी शहपुरा जबलपुर से अमरकंटक मुख्य मार्ग में ग्राम कोहानी देवरी के पास बुधवार की दोपहर ट्राला के पीछे तेज रफ्तार बाइक घुस गई। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी सहित एक 12 वर्षीय भतीजी और एक महिला की भी मौत होना सामने आया है। ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। साढे तीन घंटे बाद पुलिस मृतकों की पहचान कर पाई। जिले के थाना शहपुरा क्षेत्र अंतर्गत जबलपुर मार्ग पर ग्राम कोहानी देवरी से आगे बम बम नाला के पास यह दुर्घटना हुई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पति पत्नी सहित एक महिला ने मौके पर ही दम तोड दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल बालिका को उपचारके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शहपुरा लाया गया, जहां डॉक्टर द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया।   मृतकों की पहचान नान सिंह पिता बलदेव सिंह परस्ते उम्र 28 वर्ष उनकी पत्नी सरोज पति नान सिंह परस्ते उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम धनौली चौकी बिछिया जिला डिंडौरी के तौर पर हुई है। मृतकों में चंपा बाई पिता जेठू सिंह वरकड़े उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम शाहदरा थाना कुंडम जिला जबलपुर का नाम भी शामिल है। अस्पताल में जिस बालिका की मौत हुई उसकी पहचान प्रिया परस्ते पिता अनूप परस्ते उम्र लगभग 12 वर्ष के तौर पर की गई है। दुर्घटना करने वाले ट्राला वाहन क्रमांक एमपी 04 जीबी 2944 को पुलिस द्वारा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। वाहन चालक घटना के बाद से मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। बताया गया कि बाइक में चार लोग सवार होकर बिछिया की ओर से कुंडम की ओर जा रहे थे। ट्राला भी कुंडम की ओर ही जा रहा था।  

चिकित्सकीय मानव संसाधन की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल में स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और विभागीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत मांग-आधारित प्रस्ताव की समीक्षा की और निर्देश दिए कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप भेजे गए प्रस्तावों का प्राथमिकता से परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों की फिजिबिलिटी स्टडी कर व्यवहार्यता के अनुसार इन्हें अनुमोदन के लिए शीघ्र अग्रेषित किया जाए, जिससे नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएँ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन नए स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किया जाए। कार्यों में अनावश्यक विलंब को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।बैठक में रीवा में ऑनकोसर्जरी विभाग के लिए जारी युक्तियुक्तिकरण प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर जाँच और उपचार सेवाओं के विस्तार के लिये यह विभाग अत्यंत महत्वपूर्ण है। संबंधित चरणों को प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए जिससे क्षेत्रीय मरीजों को लाभ मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अत्याधुनिक उपकरणों (जिसमें लिनैक मशीन, एमआरआई, सीटी स्कैन, पेट स्कैन आदि शामिल हैं) की खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थापना में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपकरण उपलब्ध होने के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे सेवाएँ तुरंत प्रारंभ हो सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चिकित्सकीय मानव संसाधन (डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ) की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि योग्य और प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की मूल आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में उपलब्ध सफल मॉडल का अध्ययन कर भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक संशोधन का मसौदा तैयार किया जाए। बैठक में प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री विशेष गढ़पाले, संचालक चिकित्सा शिक्षा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

चेन व मोबाइल स्नैचिंग पर प्रभावी अंकुश, शांति व्यवस्था बनाए रखने में मध्यप्रदेश पुलिस की सक्रिय भूमिका

भोपाल प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों, खासकर चेन व मोबाइल स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। हाल ही में कटनी, इंदौर, नीमच एवं गुना पुलिस की त्वरित कार्यवाहियों में कई शातिर अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं, जिन्होंने महिलाओं और आम नागरिकों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दिया था। इंदौर में दो शातिर चैन स्नैचर गिरफ़्तार — ₹5 लाख का माल बरामद शहर में स्नैचिंग पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कनाडिया पुलिस ने दो युवकों को पकड़ा है, जो खुद को छात्र बताकर सुनसान इलाकों में अकेली महिलाओं से चेन झपटते थे। पुलिस ने उनके पास से तीन थानों की वारदातों में लूटी गई सोने की चेन व आभूषण लगभग ₹5 लाख मूल्य के बरामद किए हैं। थाना प्रभारी डॉ. सहर्ष यादव के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही। नीमच में स्नैचर और सुनार गिरफ्तार — तीन सोने की चेन बरामद नीमच पुलिस ने लगातार हो रही चेन स्नैचिंग घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जयेश उर्फ जीतू मालवीय और चोरी का माल खरीदने वाले सुनार राजेश सोनी को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन सोने की चेन और वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई ने महिलाओं से संबंधित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। गुना में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश — 20 से अधिक घटनाओं का खुलासा गुना पुलिस ने दो शातिर मोबाइल स्नैचरों को गिरफ्तार कर 20 से अधिक घटनाओं का खुलासा किया है। आरोपियों से छीने गए मोबाइल फोन एवं मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस की प्रभावी सूचना तंत्र, गश्त और तकनीकी विश्लेषण से यह सफलता मिली, जिससे लंबे समय से सक्रिय गिरोह निष्प्रभावी हुआ। कटनी में झपटमार गिरफ़्तार — सोने के लॉकेट बरामद बरही थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग की घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे सोने के पाँच लॉकेट, कुल लगभग ₹50,000 मूल्य के, बरामद किए हैं। यह कार्रवाई थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में की गई, जिसमें एएसआई दिनेश गौतम और एएसआई राजेश कोरी का योगदान महत्वपूर्ण रहा। ऐसे अपराध समाज की सुरक्षा भावना को प्रभावित करते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को आश्वस्त करती है कि महिलाओं एवं आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य में इस प्रकार के अपराधों पर पूर्ण अंकुश के लिए निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपराधियों के विरुद्ध सघन सर्चिंग, पेट्रोलिंग और तकनीकी निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें। पुलिस और जनता के सहयोग से ही अपराध मुक्त समाज की स्थापना संभव है।  

एम.एस.एम.ई. के फार्मा उद्योग प्रतिनिधियों का दल हैदराबाद फार्मा सेज के अध्ययन दौरे पर हुआ रवाना

भोपाल मध्यप्रदेश के एमएसएमई प्रतिनिधियों के 18 सदस्यीय अध्ययन दल बुधवार को इन्दौर विमानतल से सांसद श्री शंकर लालवानी ने हैदराबाद के लिए रवाना किया। यह दल रैम्प योजना के अंतर्गत हैदराबाद के फार्मा सेज क्लस्टर का अवलोकन करेगा। इस अध्ययन दल को एमएसएमई विभाग के सीखने एवं सहयोग और विकास (Learn-Collaborate-Grow) के तहत भेजा गया है। इसका समन्वय मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा किया जा रहा है। यह अध्ययन दल 07 नवंबर तक अवलोकन यात्रा पर रहेगा। इस दल में इन्दौर, पीथमपुर, मालनपुर, भोपाल, भिंड और देवास के लघु उद्यमी शामिल हैं। ये सभी प्रतिनिधि फार्मा निर्माण] पैकेजिंग, R&D और सप्लाई चेन से जुड़े उद्योगों से है। प्रतिनिधि हैदराबाद के फार्मा सेज में स्थित देश की अग्रणी कम्पनियों जैसे आWरबिंदो फार्मा लि., हेटेरो लैब्स लि. और यूजिया फार्मा तथा अन्य प्रमुख फार्मास्यूटिकल इकाइयों का भ्रमण करेंगे। उन्हें उद्योग विशेषज्ञों] उत्पादन प्रबंधकों और गुणवत्ता प्रमुखों से संवाद का अवसर मिलेगा जिससे वे तकनीकी हस्तांतरण]नवाचार सहयोग और विक्रेता विकास के नए अवसरों की जानकारी प्राप्त करेंगे।