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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिजुरी में शिकार की कोशिश नाकाम, पांच आरोपी गिरफ्तार

अनूपपुर अनूपपुर जिले के बिजुरी वन परिक्षेत्र के वनविभाग द्वारा थानगांव में जंगल के मध्य वन्यजीवों के अवैध शिकार के उद्देश्य से जीआई तार के माध्यम से फैलाए गए जाल की सूचना मिलने पर पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर सामग्री जब्त की है। पांचों आरोपित न्यायालय के आदेश पर जेल भेजे गए। इस संबंध में वन परिक्षेत्राधिकारी बिजुरी पवन कुमार ताम्रकार ने बताया कि वन परिक्षेत्र बिजुरी अंतर्गत थानगांव बीट के ग्राम थानगांव अंतर्गत डोंगरीटोला में गांव के किनारे स्थित ट्रांसफार्मर से लेकर वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-54 के मुनारा क्रमांक 74 से होकर गुप्ता प्रसाद कोल के खेत तक अज्ञात आरोपितों द्वारा जीआई तार में लकड़ी की खूंटी एवं कांच की बोतलें बांधकर अवैध रूप से वन प्राणियों के शिकार के उद्देश्य जाल फैलाया रहा है।   कई वन्य प्राणी यहां विचरण करते हैं यह सूचना मिलने पर वन कर्मियों ने आकस्मिक स्थल निरीक्षण दौरान पांच आरोपितों को डॉग स्क्वायड शहडोल एवं स्थानीय सूत्रों की मदद से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बताया गया अवैध शिकार के प्रयास में पड़ोस के छत्तीसगढ़ राज्य के भी आरोपित सम्मिलित रहे हैं। इस क्षेत्र में तेंदुआ, भालू, जंगली सूअर के साथ कई वन्यप्राणी विचरण करते हैं। सामग्री को भी जब्त किया गया है कुछ लोगों का कहना है कि पूर्व में भी आरोपियों द्वारा जीआई तार का जाल बिछा कर बिजली करंट के माध्यम से वन्यप्राणियों के शिकार की कोशिश की गई। पकड़े गए आरोपियों में शुभ सिंह उर्फ लल्ला पिता राम सिंह 25 वर्ष, बुद्धसेन सिंह और भोलू पिता नवल सिंह 23 वर्ष दोनों निवासी डोंगरीटोला थाना बिजुरी, विजेंद्र पिता हरमंगल सिंह 45 वर्ष,महादेव उर्फ बिट्टू पिता बिरझू 21 वर्ष एवं संतोष पिता मोहरशाय सिंह 36 वर्ष सभी निवासी खोचापारा थाना पोंडी (छत्तीसगढ़) हैं को गिरफ्तार कर इनके पास से अवैध शिकार के प्रयास के लिए लगाए गए सामग्री को भी जब्त किया गया।  

शिक्षा विभाग की सख्ती! जबलपुर के वक्फ बोर्ड स्कूल में खत्म हुई शुक्रवार की छुट्टी

जबलपुर अंजुमन इस्लामिया वक्फ बोर्ड के स्कूलों में शुक्रवार के दिन अवकाश रहता है। कुछ दिन पहले शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए छुट्टी का आदेश जारी किया गया था। रविवार को स्कूल खोलने का आदेश था। यह आदेश इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित होने पर प्रशासन व शिक्षा विभाग हरकत में आया। गेट का ताल तोड़वाया शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने शुक्रवार को स्कूल पहुंचकर गेट का ताल तोड़वाया और स्कूल प्रबंधन को संबंधित आदेश वापस लेने के निर्देश दिए। अंजुमन स्कूल में लगभग 700 बच्चे हैं। प्रबंधन का दावा है कि जुमे की नमाज के कारण छात्रों की संख्या उंगलियों पर होती है।   संस्कारधानी में वक्फ बोर्ड की चार शिक्षण संस्थाएं हैं। बताया जा रहा है कि सभी में शुक्रवार को ऐसे ही हालात हैं। इन स्कूलों में शुक्रवार को जुमे के कारण छुट्टी रहती है, जबकि रविवार को हाफ टाइम तक स्कूल लगता है। अंजुमन इस्लामिया बोर्ड का एक कॉलेज भी है। बताया जाता है कि इन संस्थाओं में शुक्रवार को छुट्टी कई वर्षों से दी जा रही है। यह निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष अन्नू अनवर और अन्य शिक्षकों की सहमति से लिया गया था। हालांकि, इस मामले में हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों का क्या कहना अंजुमन इस्लामिया स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी दिए जाने की जानकारी मिलते ही, स्कूल में रविवार को ही अवकाश दिए जाने और शुक्रवार को स्कूल खोले जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कहीं प्रविधान नहीं है कि शुक्रवार को छुट्टी रखकर रविवार को स्कूल लगाया जाए।  

इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ प्यार, पहुंचा जेल तक – प्रेमी ने की लूट की योजना!

भोपाल राजभवन के पास रोशनपुरा चौराहा पर कियोस्क संचालक को लूटकर उस पर फायर करने वाले तीस हजार के इनामी बदमाश दीपेंद्र गुर्जर को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसके साथ आश्रय देने वाले तीन अन्य आरोपित भी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं जिस गुर्जर समाज के नेता लोकेंद्र की लाइसेंसी राइफल से उसने वारदात को अंजाम दिया था, पुलिस ने उन्हें भी आरोपित बनाया है। भोपाल के हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में शामिल राजभवन के पास लूट और हत्या के प्रयास की इस घटना के पीछे की वजह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बदमाश दीपेंद्र ने पूछताछ में बताया कि लूट की यह वारदात उसने अपनी शादीशुदा प्रेमिका के पति के इलाज के लिए की थी। जबकि दीपेंद्र भी पहले से शादीशुदा है और बच्चों का पिता है।   दोनों मिले भी थे जोन-2 के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी ने बताया कि दीपेंद्र की दोस्ती उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित ग्राम असोडा में रहने वाली 25 वर्षीय गुलफशां से एक साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्रेम में बदली, दोनों के बीच अक्सर वीडियो कॉल पर लंबी बात होती थी। दोनों ने एक बार मिलने की बात भी बताई है। गुलफशां का पति फुरकान मामूली नौकरी करता है, जिससे जरुरत पड़ने पर गुलफशां दीपेंद्र से रुपयों की डिमांड करती थी, जिसे दीपेंद्र पूरा भी करता था। अकाउंट में 30 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए दीपेंद्र ने पुलिस को बताया कि गुलफशां के पति फुरकान की तबीयत कई दिनों से बिगड़ी हुई थी और उसके इलाज के लिए रुपयों की जरुरत थी। इसके चलते गुलफशां रुपये भेजने का दबाव दीपेंद्र पर बना रही थी। दीपेंद्र अपने मालिक लोकेंद्र से रुपयों की डिमांड करने लगा, वहीं जब उसे रुपये नहीं मिले तो उसने 24 अक्टूबर को करीब चार बजे रोशनपुरा चौराहा पर श्याम विजयवर्गीय के कियोस्क पर जाकर खाते में 30 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। राइफल सौंपकर फरार हो गया जब श्याम ने मनी ट्रांसफर के बदले में रुपये मांगे तो दीपेंद्र ने लोकेंद्र की 315 बोर की लाइसेंसी राइफल से उस पर फायरिंग कर दी, गनीमत रही की गोली उसके बाजू से निकल गई। इसके बाद दुकान के बाहर दो राउंड हवाई फायरिंग की। घटना के बाद बदमाश दीपेंद्र कार से भोपाल स्टेशन पहुंचा। वहां से मुरैना के ग्राम सिकरौदा निवासी अपने दोस्त 23 वर्षीय रणवीर गुर्जर और सुमावली मुरैना में रहने वाले 33 वर्षीय देशराज गुर्जर के पास पहुंचा। दीपेंद्र ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और उन्हें उपयोग की गई राइफल सौंपकर फरार हो गया। इसके अलावा वह अपनी प्रेमिका गुलफशां के संपर्क में भी लगातार बना रहा। गुर्जर समाज के नेता पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी सोलंकी के अनुसार दीपेंद्र के खाते में भेजी गई राशि उसने आनलाइन माध्यम से गुलफशां के खाते में भेजी थी। पुलिस की एक टीम गुलफशां के घर पहुंची। इसके बाद उसकी काल डिटेल के आधार पर दोनों दोस्तों के पास टीमें गईं और उन्हें हिरासत में लिया गया। आरोपित लगातार मुरैना स्थित दिमनी ग्राम और ग्वालियर में रहा। पुलिस की टीम ने दिमनी में डेरा डाल रखा था। आखिरकार आरोपित दीपेंद्र को वहां से ही हिरासत में लिया गया था। उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी भोपाल में हुई है। वहीं लोकेंद्र गुर्जर को लाइसेंसी हथियार के रखरखाव में लापरवाही मानते हुए आर्म्स एक्ट के तहत आरोपित बनाया गया है। अन्य सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।  

अब और कम होगा सफर का वक्त: दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर 135 किमी ट्रैक अपग्रेड, ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की तैयारी

रतलाम दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा करने की योजना में अब रेलवे सिग्नलिंग तकनीक को बेहतर किया जा रहा है। रतलाम रेलमंडल के ‘ई’ केबिन से नागदा जंक्शन के बीच 38 किलोमीटर और कांसुधी–पिपलोद सेक्शन में 28 किमी में आटोमैटिक ब्लाक सिग्नलिंग (एबीएस) कमीशन करने के बाद 30 अक्टूबर को रतलाम ‘ई’ केबिन से बजरंगगढ़ के मध्य लगभग 68.7 किलोमीटर लंबे खंड में एक साथ एबीएस प्रणाली में कमीशनिंग कार्य पूरा किया गया। इसके साथ ही रतलाम मंडल ने भारतीय रेल के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा ऑटोमैटिक ब्लाक सिग्नलिंग सेक्शन कमीशन किया है। मंडल में एबीएस की कवरेज अब 66 किमी से बढ़कर 135 किमी हो गई है। दरअसल, दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा करने के लिए मिशन रफ्तार में ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाने के साथ ही कवच सुरक्षा प्रणाली भी लागू की जा रही है। कवच 4.0 का ट्रायल मंडल के सेक्शन में हो चुका है।   303 किमी का वड़ोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन गैर ऑटोमैटिक था, जिसे अब ऑटोमैटिक किया जा रहा है। आठ-आठ घंटों की दो शिफ्ट में एबीएस कमिशनिंग का कार्य मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के नेतृत्व में, वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (समन्वय) आरएस मीना और दूरसंचार इंजीनियर स्पेशल कार्य दिव्या पारीक व टीम के समन्वय से पूरा किया गया। रतलाम रेल मंडल की सफलता संचालन और सुरक्षा बेहतर होगी नई सिग्नलिंग प्रणाली में इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग, विजुअल डिस्प्ले यूनिट्स, मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है। यह प्रणाली न केवल मानवीय त्रुटि की संभावना को कम करती है, बल्कि अधिक ट्रेनों के तेज और सुरक्षित परिचालन को भी संभव बनाती है। इसके साथ ही, रीयल-टाइम डेटा मानीटरिंग और ऊर्जा दक्षता जैसे फीचर्स रेलवे को भविष्य के उच्च गति वाले परिचालन के लिए तैयार करते हैं।  

सामान्य मौसम में भी भोपाल-Delhi रेल यात्री परेशान, ज्यादातर ट्रेनें चल रहीं देरी से

भोपाल रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने व आने वाली ट्रेनों की समयबद्धता लगातार बिगड़ती जा रही है। हालत यह है कि जिन ट्रेनों को कभी स्पेशल ट्रेन की श्रेणी में रखा गया था, वे अब सामान्य मौसम में भी देर से पहुंच रही हैं। कई ट्रेनों की औसत देरी एक से डेढ़ घंटे तक दर्ज की जा रही है, जिससे यात्री खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। साथ ही रेलवे पर उनका भरोसा भी खत्म हो रहा है। वहीं, इन सबके बीच, वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर पहुंच रही है। इससे कुछ यात्री खुश भी हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब वंदे भारत जैसी ज्यादा किराये वाली ट्रेन समय पर आ रही है तो अन्य ट्रेनों को लेट क्यों किया जा रहा है। अभी तो सामान्य मौसम है, तब यह हाल है, सर्दियों में कोहरे के दौरान देरी का अंतर और बढ़ेगा। ऐसे में रानी कमलापति से दिल्ली मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से ही अपने कार्यक्रमों की योजना बनानी पड़ेगी।   वहीं, रेलवे के बहानों की लिस्ट लंबी है, उनके अनुसार, ट्रेनों के देर से आने की प्रमुख वजहों में ट्रैक पर बढ़ता ट्रैफिक, मेंटेनेंस कार्यों के कारण ब्लाक लेना, और कुछ रूटों पर पुराने सिग्नलिंग सिस्टम का उपयोग शामिल है। इसके अलावा, समयपालन की निगरानी में कमी और संचालन के समन्वय में ढिलाई भी स्थिति को और बिगाड़ रही है। सुधार की जरूरत रेल विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाकी ट्रेनों में भी वंदे भारत जैसी तकनीकी दक्षता और मानिटरिंग व्यवस्था लागू की जाए, तो समयपालन में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। रेलवे को अब ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ऑपरेशनल जवाबदेही को प्राथमिकता देने की जरूरत है।   ट्रेनों के लेट होने की वजह तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण या मेंटेनेंस कार्य के चलते। सिग्नलिंग या ट्रैक खराबी होना। यात्रियों द्वारा अनावश्यक चेन पुलिंग करना। प्लेटफार्म की कमी और भीड़भाड़ होना। इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी संसाधनों की कमी। ऐसे हो सकता है सुधार भोपाल-दिल्ली रूट पर तीसरी रेल लाइन का कार्य जल्द पूरा किया जाए। सिग्नल सिस्टम को आधुनिक और स्वचालित बनाया जाए। चेन पुलिंग की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो। प्लेटफार्म की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए। रियल-टाइम मानिटरिंग और बेहतर ट्रैफिक समन्वय किया जाए। आउटर पर ट्रेनों के अनावश्यक ठहराव को कम किया जाए।  

मजाक में जान पर खेल! MP की 108 एंबुलेंस सेवा को मिले 5 लाख से ज्यादा फर्जी कॉल

भोपाल भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में 108 एबुंलेंस सेवा फर्जी फोन कॉल्स से परेशान है। पिछले छह महीनों में करीब 5.72 लाख कॉल ऐसे आए जो सिर्फ मजाक, टाइमपास या शरारत के लिए किए गए थे। इससे न सिर्फ कॉल सेंटर का स्टाफ उलझा रहा, बल्कि एंबुलेंस के 1500 घंटे भी बर्बाद हो गए। कुछ लोग गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप का दुख एंबुलेंस कॉल सेंटर को सुनाते हैं, तो कुछ सिर्फ मजे के लिए बार-बार फोन करते हैं। सेवा संचालित करने वाली एजेंसी जय अंबे हेल्थकेयर के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि अब ऐसे कालर्स के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी, क्योंकि इनकी हरकतें कई बार गंभीर मरीजों की मदद में देरी कर देती हैं।   एंबुलेंस बुलाकर गायब हो जाते हैं कोलार रोड का एक मामला इसका ताजा उदाहरण है। एक व्यक्ति ने कॉल कर कहा कि हालत खराब है। 15 मिनट में एंबुलेंस उसके घर पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। जब टीम ने काल किया तो उसने कहा कि अब जरूरत नहीं है। ऐसे झूठे कॉल हर दिन आते हैं और एंबुलेंस का कीमती समय खराब होता है। कॉलर्स की पहचान के लिए स्टडी शुरू कॉल सेंटर के मुताबिक कई नंबर ऐसे हैं, जो 150 से 200 बार फर्जी काल करते हैं। इनमें बच्चे, नशेड़ी युवक शामिल हैं। ये काल सेंटर में बैठी महिला स्टाफ को परेशान करते हैं। कंपनी अब ऐसे नंबर ट्रैक कर रही है, ताकि आगे सीधे कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके लिए एक विशेष स्टडी शुरू की गई है। कैसे प्रभावित हो रही है सेवा झूठे फोन कॉल के कारण काल सेंटर की लाइनें कुछ सेकंड के लिए ब्लाक हो जाती हैं। इसी दौरान किसी असली मरीज की कॉल मिस हो जाती है। कई बार एंबुलेंस को 50 से 60 किलोमीटर तक बेकार दौड़ना पड़ता है। तरुण सिंह परिहार के मुताबिक एक फर्जी कॉल किसी जरूरतमंद की जान पर भारी पड़ सकता है। जब तक एंबुलेंस वापस लौटती हैं, तब तक किसी और को तुरंत मदद की जरूरत पड़ जाती है।  

मध्यप्रदेश में 3 रूटों पर उड़ी हेली सेवा, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान!

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 70वें स्थापना दिवस के मौके पर शनिवार को राज्य की पहली ‘पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ की शुरुआत की। इसका मकसद बड़े शहरों और धार्मिक स्थलों को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देना है। अधिकारियों के मुताबिक, यह देश में किसी राज्य द्वारा शुरू की गई अपनी तरह की पहली सेवा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ‘पीएम श्री टूरिज्म हेलीकॉप्टर सर्विस’ को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि सरकार का मकसद हवाई यात्रा को सिर्फ परिवहन का एक जरिया नहीं बल्कि एक मजेदार अनुभव बनाना है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ जगहों को ही नहीं, बल्कि दिलों और अनुभवों को भी जोड़ रहे हैं। यह परियोजना राज्य के 70वें स्थापना दिवस समारोह के साथ शुरू की गई। नई ‘पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ की 3 रूटों पर शुरुआत मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ‘पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा’ शुरुआती चरण में तीन क्षेत्रों – भोपाल-पचमढ़ी-मढ़ई, इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर और जबलपुर-कान्हा-बांधवगढ़ – सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ेगी। यह सेवा पर्यटकों का समय बचाएगी और उन्हें एक दिन में कई जगहों को घूमने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण रोजगार, ‘होम-स्टे’ कारोबार और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा और राज्य के अंदर हवाई संपर्क शुरू कर दिया है, जिसमें उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद तीन हवाई अड्डे – रीवा, सतना और दतिया – चालू हो गए हैं। 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने में मिलेगी मदद यादव ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा देगी और 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि महाकालेश्वर मंदिर के लिए मशहूर शहर उज्जैन में एक नया एयरपोर्ट बनाया जाएगा। हफ्ते में पांच दिन मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का टूरिज्म सेक्टर नई ऊंचाइयां छू रहा है। यह हेलीकॉप्टर सेवा ट्रांस भारत एविएशन और जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत हफ्ते में पांच दिन चलेगी। चॉपर सर्विस के तहत रेगुलर ऑपरेशन 20 नवंबर से शुरू होंगे और इसमें ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह और गाइडेड विजिट सहित एंड-टू-एंड यात्रा का अनुभव मिलेगा।  

मोहन भागवत ने आदेश दिया: RSS के स्वयंसेवक एसआइआर में करेंगे सक्रिय योगदान

RSS स्वयंसेवक एसआइआर में देंगे सहयोग, मोहन भागवत ने जारी किया निर्देश मोहन भागवत ने आदेश दिया: RSS के स्वयंसेवक एसआइआर में करेंगे सक्रिय योगदान एसआइआर में RSS का हाथ: स्वयंसेवक करेंगे सहयोग, मोहन भागवत ने लिया निर्णय जबलपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में दूसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों में शुरू हुए विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में सहयोग करने पर चर्चा हुई। राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे पर स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा गया ताकि घुसपैठियों की पहचान उजागर हो सके। खासतौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर संघ चिंतित है। शुक्रवार को बैठक तीन सत्रों में हुई, जिसमें पंच परिवर्तन के विषयों समेत जनसंख्या असंतुलन, गो हत्या जैसे मामलों पर बात की गई। बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में प्रस्तावों पर चर्चा हुई। संघ ने साफ किया कि पंच परिवर्तन का विषय व्यापक है, जिसका कार्य होना है। इसके जरिए मजबूत राष्ट्र और समाज का निर्माण संभव है। पंच परिवर्तन के पांच आयाम के बल पर समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव है। बैठक में सरकार्यवाह द्वारा श्री गुरुतेगबहादुर के 350वें बलिदान दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर वक्तव्य जारी किए गए।स्वदेशी पर दें जोरराष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए संघ ने पंच परिवर्तन के चौथे मूल स्व-भाव जागरण के तहत विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। प्रस्ताव में तय हुआ कि स्वदेशी उत्पादों को गौरव से जोड़कर लोगों को भी प्रेरित किया जाए ताकि देश का पैसा देश में रहे। ये हैं पंच परिवर्तन के मूल सामाजिक समरसता: मंदिर, श्मशान और जलस्त्रोत जैसे सार्वजनिक स्थान सभी के लिए समान हों। जाति और भेदभाव की दीवारों को मिटाकर, समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ना ही इसका मुख्य लक्ष्य है। कुटुंब प्रबोधन: व्यस्त जिंदगी में परिवार टूट रहे हैं। संघ चाहता है कि परिवारों में मूल्य आधारित जीवन, आपसी सम्मान और संवाद कायम रहे, ताकि अगली पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलें। पर्यावरण संरक्षण: पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसी पहल को बढ़ावा देना। लक्ष्य है हर व्यक्ति में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना। स्व-भाव जागरण: लोग आत्मनिर्भर बनें और भारतीय संस्कृति पर गर्व करें। विदेशी प्रभाव से हटकर देशी उत्पादों को अपनाना और अपनी परंपराओं को सम्मान देना ही सच्चा राष्ट्र गौरव है। नागरिक कर्तव्य: कर भुगतान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और स्वच्छता जैसे कर्तव्यों पर जोर दिया गया है। संघ का मानना है कि देश तब आगे बढ़ता है जब हर नागरिक अपने कर्तव्य को समझकर निभाता है।  

सगाई से पहले उठा बवाल! दुल्हन के पिता भागे दूल्हे की मां के साथ, दोनों परिवारों में मचा हंगामा

उज्जैन  उज्जैन जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक अधेड़ व्यक्ति और उसकी होने वाली समधन के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने अपने परिवारों को छोड़कर साथ रहने का फैसला किया है। यह मामला तब सामने आया जब सगाई की तैयारियां चल रही थीं और दुल्हन का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा 8 दिन बाद हुआ जब पुलिस ने महिला को खोज निकाला और फिर अधेड़ को भी पकड़ा गया। अब दोनों परिवार को छोड़कर साथ रहने पर अड़ गए हैं। अधेड़ उम्र में प्यार यह मामला युवाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि अधेड़ उम्र के लोगों के बीच पनपा है। एक व्यक्ति अपनी बेटी के लिए दामाद देखने गया था, लेकिन इस दौरान उसकी मुलाकात दूल्हे की मां से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। जो लोग कभी रिश्ते में समधी-समधन बनने वाले थे, वे अब खुद को पति-पत्नी बता रहे हैं। सगाई तय होने के बाद भागे दोनों दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा भी काफी नाटकीय ढंग से हुआ। लड़का और लड़की देखने के बाद जब शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी और सगाई तय हो गई थी, उसी बीच लड़की का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। इस घटना के आठ दिन बाद दोनों के बारे में पता चला। पुलिस ने गुरुवार को महिला को खोज निकाला, जिसके बाद अधेड़ व्यक्ति को भी पकड़ा गया। 8 दिन पहले लापता हुई महिला जानकारी के अनुसार, बड़नगर रोड स्थित ऊंटवासा गांव की 45 वर्षीय महिला आठ दिन पहले बड़नगर से लापता हो गई थी। महिला के बेटे ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। खोजबीन के दौरान गुरुवार को महिला चिकली गांव में मिली। महिला को थाने लाकर पूछताछ की गई, जहां यह पता चला कि महिला के बड़े बेटे की शादी चिकली गांव के 50 वर्षीय किसान की बेटी से तय हुई थी। घर में चल रही थीं तैयारियां दोनों परिवारों में सगाई की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान दूल्हे की मां और दुल्हन के पिता के बीच प्रेम संबंध हो गए। इस वजह से बच्चों की सगाई से पहले ही एक-दूसरे के होने वाले समधी-समधन एक साथ भाग गए। वहीं, अधेड़ किसान अपनी महिला के मिलने के बाद परिवार ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह अपने प्रेमी किसान के साथ जाने पर अड़ गई।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव का संकल्प: विजन-2047 के साथ मध्य प्रदेश को बनाएंगे विकास का टीम लीडर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रवींद्र भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “विजन-2047 को लेकर हमारा लक्ष्य आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश देश के विकास का टीम लीडर बन सके। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 69 वर्ष पूरे कर चुका है और अब 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 1956 में मध्यभारत, मालवा-चंबल, सेंट्रल प्रोविंस-बरार, महाकौशल और विंध्य को मिलाकर मध्यप्रदेश का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि “देश के दिल” के रूप में मध्यप्रदेश का हृदय मजबूत और संपन्न होगा तो पूरा देश स्वस्थ रहेगा। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से 8 एयरपोर्ट हैं और 9वें एयरपोर्ट का शिलान्यास एयरपोर्ट अथॉरिटी के विपिन कुमार ने किया है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने सभी सेक्टरों में एक साथ हवाई सेवा शुरू करने के लिए एमओयू किए हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टाइगर और लेपर्ड हैं। विकास के क्षेत्र में प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ और ‘इन्वेस्ट एमपी-3 पोर्टल’ का लोकार्पण किया। साथ ही सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 किलोमीटर के घाट क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से 6 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भोपाल में हुई जीआईएस के दौरान 24 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 8.44 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे 6 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र में 23,853 करोड़ के निवेश से लगभग 8 लाख लोगों को रोजगार मिला है। दो साल में 60 हजार सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। डॉ. यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, थोड़ा पानी दूसरे राज्यों में भी चला जाए तो कोई आपत्ति नहीं। जल का बंटवारा सिर्फ राज्यों के बीच नहीं, बल्कि हमारे करोड़ों किसानों के लिए है।” उन्होंने बताया कि आदिवासी अंचलों में कपास किसानों के उत्थान के लिए पीएम मित्रा पार्क का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का हर एक रुपया जनता के हित में उपयोग होना चाहिए। अंत में उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक स्टेडियम और एक हेलीपैड का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे खेल और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिल सके।