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महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को प्रदेश सरकार से 1 करोड़ का इनाम, विश्व कप में अहम योगदान

 छतरपुर भारतीय महिला क्रिकेट ने रविवार को आखिकार 47 साल के इंतजार के बाद इतिहास रच दिया। इंडिया विमेंस क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। भारतीय टीम की जीत में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने वाले क्रांति गौड़ भी हैं। जिनके लिए एमपी सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है। क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए देगी सरकार सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की बेटियों और देश की बेटियों ने जिस तरह से भारत और दक्षिण अफ्रीका के फाइनल में धूम मचाई है, उसके लिए वे सबको बधाई देते हैं। छतरपुर की बेटी ने मान बढ़ाया है। सभी खेलों में एमपी के युवा खिलाड़ियों की भूमिका इसी तरह से रहेगी, इसके वे उम्मीद करते हैं और भविष्य में भी राज्य सरकार प्रोत्साहित करती रहेगी। छतरपुर की रहने वाली हैं क्रांति 23 वर्षीय क्रांति गौड़ छतरपुर के घुवारा की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप के 6 मैचों में 9 विकेट चटकाए हैं। क्रांति के पिता मुन्ना गौड़ पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उनकी माता गृहिणी हैं। इधर, महिला भारतीय टीम की जीत के बाद बीसीसीआई ने टीम को 51 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है।  पिता की नौकरी गई…परिवार ने की मजदूरी, अब ताबड़तोड़ विकेट लेकर रच दिया इतिहास 2 नवंबर 2025 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों ने वह कर दिखाया जो लंबे अरसे तक सिर्फ़ एक सपना लगता था। मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में महिला आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय महिला टीम पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनी। बता दें कि भारत अब ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली चौथी टीम बन गई। इस खेल में मध्यप्रदेश के छतरपुर की क्रांति गौड़ ने नाम रोशन कर दिया है। पाकिस्तान के साथ हुए मैच के बाद से क्रांति गौड़ सुर्खियों में छा गई। क्रिकेट वर्ल्ड कप में 9 विकेट लेने वाली क्रांति का जीवन संघर्षों में बीता है। परिवार पर टूटा था मुश्किलों का पहाड़ छतरपुर जिले के छोटे से कस्बे घुवारा की रहने वाली 22 साल की क्रांति गौड़ का बचपन आसान नहीं था। क्रांति के पिता मुन्ना सिंह गौड़ आरक्षक थे। किसी कारणवश उनकी नौकरी चली गई। जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। क्रांति को बचपन से क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। वे अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करती थीं। उनके दोस्त बताते है कि वो हम सबमें बहुत छोटी थी लेकिन उसकी बॉलिंग स्पीड बहुत तेज थी। जिसके कारण सारे खिलाड़ी उससे डरते थे। घर के सामने ही एक छोटा सा मैदान है जहां क्रांति दोस्तों के साथ प्रैक्टिस करती रहती थी। अब वे देश के लिए खेल रही हैं। हम सबको इस बात का गर्व है। ले चुकी हैं 9 विकेट बता दें कि क्रांति गौड़ अब तक क्रिकेट वर्ल्ड कप में 9 विकेट ले चुकी हैं। हालही में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान का महत्वपूर्ण विकेट लेकर उन्होंने भारतीय टीम को बड़ी जीत दिलाई थी। पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच में भी क्रांति ने तीन विकेट जड़े थे। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' से नवाजा गया। मिलेगा 1 करोड़ का पुरस्कार क्रांति के शानदार प्रदर्शन से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अत्यंत प्रसन्न नजर आए और उन्होंने क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की है। सीएम मोहन यादव ने भारत की महिला क्रिकेट टीम को शानदार जीत के लिए बधाई दी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस बल को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना 14 लाख रूपये की इनामी नक्सली सुनीता ने लांजी में किया आत्मसमर्पण प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में महिला नक्सली के आत्म समर्पण पर पुलिस बल को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सली गतिविधियों के नियंत्रण के संबंध में पूर्व में भी मध्यप्रदेश पुलिस को काफी सफलता मिली है। बालाघाट में एक नवम्बर को लांजी थाने के अंतर्गत चोरिया कैंप में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों सहित समर्पण किया गया है। सुनीता पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मध्यप्रदेश द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह पहला आत्मसमर्पण हुआ है। प्रदेश में इसके पूर्व भी नक्सलियों ने समर्पण किया है। इसके साथ ही नक्सलियों को मारने में भी राज्य के पुलिस बल को निरंतर सफलता मिली है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में नक्सल नियंत्रण का प्राप्त करेंगे लक्ष्य। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी वर्ष तक नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश सजग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को इस सफलता पर बधाई देते हुए आशा करता हूं नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा और हमारे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की नक्सल गतिविधियों के संदर्भ में प्रदेश में होने वाली किसी भी छोटी सी गतिविधि को भी नियंत्रित करने में हम पूरी तरह सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत 10 महीने में लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने सॉफ्ट टच अप्रोच के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोले हैं। वर्ष 1992 के बाद पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने मध्यप्रदेश शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में 1 नवम्बर को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू ओयाम निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार INSAS राइफल मय 3 मैगजीन्स, 30 जिंदा राउंड्स एवं UBGL शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। सशस्त्र नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इंसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संघटन में मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है और 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने म.प्र. शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले 10 महीनों में मध्यप्रदेश में 1.46 करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को न केवल निष्क्रिय किया गया है, बल्कि राज्य सरकार सॉफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। पिछले समय से लगातार चल रहे पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के परिणामस्वरूप, सशस्त्र नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण के लिए यह पहला कदम उठाया है। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पण कर सशस्त्र आंदोलन को छोड़ कर मुख्य धारा में आने वालों को सभी लाभ दिलाने के लिए कटिबद्ध है।  

सम्राट विक्रमादित्य आदर्श शासन के प्रतीक — वीरता, न्याय और दानशीलता से दी प्रेरणा : CM डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का प्रस्तुत किया उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाल परेड ग्राउंड पर पहली बार हुआ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग, सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच हो उठा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया था। लगभग दो हजार साल पहले उनके शासनकाल की विशेषताओं पर महान नाट्य का मंचन पहली बार भोपाल में हो रहा है। आज का दिन ऐतिहासिक भी है क्योंकि कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच साकार हो उठा। वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों का चित्रण राजधानी के दर्शकों के लिए मंचित किया गया। नाटक में सम्राट विक्रमादित्य के राज्यारोहण के दृश्य और अन्य प्रसंग अद्भुत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाल परेड ग्राउंड में म.प्र. स्थापना दिवस के दूसरे दिन आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास की बात कही है। मध्य प्रदेश इस मंत्र को अपना कर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा किकभी ये परिस्थिति बनी कि राष्ट्र की स्वतंत्रता बाहरी आक्रामकों के कारण खतरे में पड़ी। राष्ट्र की गरिमा धूल धूसरित हो गई। गुलामी की काली छाया थी। हमारी धर्म में विश्वास रखने वाली शांति प्रिय जनता धर्म ध्वजा उठाए सुख वैभव से रहती थी। आक्रामकों ने गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिया। मथुरा, कंधार, उज्जयिनी जैसे केंद्र नष्ट भ्रष्ट किए जाने लगे। हाहाकार मच गया। उस दौर में अन्तत: पुनः समय बदला सम्राट विक्रमादित्य का युग प्रारंभ हुआ। वे बाल्य अवस्था में ही जन कल्याण को उन्मुख थे। आचार्य चन्द्रगुप्त से दीक्षा लेकर शासन के सूत्र अपने हाथ में लिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासन के संपूर्ण भू भाग के नागरिकों को ऋण मुक्त करते हुए उन्हें अपने सामर्थ्य का लाभ दिया और विक्रम संवत प्रारंभ करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया। शौर्य, दानशीलता, न्याय का परिचय देकर सुशासन की व्यवस्था लागू की। वे सम्पूर्ण राष्ट्र को ऋण मुक्त करने में सफल हुए। पुनः संवत का प्रवर्तन हो चुका था। सम्राट विक्रमादित्य ने नवरत्नों को जुटाया। विनम्रता से राज्य के छोटे से छोटे व्यक्ति के कल्याण की चिंता करते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की इस कथा को अनूठी कल्पना के साथ प्रस्तुत किया गया। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में रात्रि गश्त का प्रसंग भी महत्वपूर्ण है। सम्राट विक्रमादित्य राज्य के अपराध से जुड़े लोगों के गुणों को भी जानते थे और उन गुणों का उपयोग राष्ट्र कल्याण में करने और देश हित में उन्हें उन्मुख करते थे। राज्य रोहण पूरी शान के साथ होता है। महाकाल महाराज की कृपा से वे अद्वितीय शासक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाटक के सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। यहां फिल्मांकन की तरह नाट्य मंचन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त कलाकारों को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर,विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संस्कृति और पर्यटन शिवशेखर शुक्ला मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस समारोह “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के दूसरे दिवस लाल परेड ग्राउंड, भोपाल का वातावरण सृजन, संस्कृति और कला के रंगों से सराबोर रहा। दिनभर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक-कलाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश न केवल विकास की राह पर अग्रसर है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नए उत्साह और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संजोए हुए है। परंपरा और नवाचार के इस संगम ने राजधानी को रचनात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया, जहाँ मंचों पर लोकधुनों, नृत्यनाट्य, संगीत और कलात्मक प्रदर्शनियों की श्रृंखला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थापना दिवस के दूसरे दिन की संध्या सर्वप्रथम अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महानाट्य प्रस्तुति सम्राट विक्रमादित्य का मंचन हुआ। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। नाटक की भव्यता जहां कलाकारों के अभिनय, परिधान, संवाद और सेट कर रहा था, वहीं ऊंट, घोड़े, हाथी, पालकी, बग्गी इत्यादि ने भी इसकी आकर्षकता को बढ़ाया। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को इस बात से परिचित कराना था कि हमारा मध्यप्रदेश प्राचीन काल से ही कितना महान रहा है। आज जब हम जनकल्याण, सुशासन और विकास की बात कर रहे हैं, तो यह प्रेरणा हमें सम्राट विक्रमादित्य जैसे महान इतिहास पुरुषों से ही प्राप्त हुई है, जो हमारे वैभवशाली अतीत के महानायक हैं। ऐसे विक्रमादित्य जो काल गणना, विवेकपूर्ण न्याय, शौर्य और महानता के लिए जाने जाते हैं। महानाट्य के बारे में राम और कृष्ण जैसे अवतार नायकों के बाद भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय नायक विक्रमादित्य ही हैं। भारत वर्ष के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध पुरातन पुरुषों में विक्रमादित्य अग्रणी है। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा राजनीतिक उपलब्धियों सैनिक अभियान और विजय यात्राएँ शासन की आदर्श अनोखी विवेकपूर्ण न्यायपद्धति, कला एवं साहित्य की उन्नति में उदार सहयोग तथा सहभागिता जैसे उदात्त गुणों ने भारत ही नहीं आस-पास और सुदूर देशों में भी उन्हें सदा के लिये प्रतिष्ठित कर दिया। शकों तथा यवनों ने भारत पर आक्रमण कर आंतक मचा रखा था। शक राजा महाबली, अर्थलोभी, पापी और दुष्ट थे, क्रूर हिंसक देश विरोधी शकों की उस दुर्दान्त, प्रलयंकारी काली छाया से विक्रमादित्य ने भारत को मुक्त कराया और 96 शक सामन्तों को पराजित कर उन्हें भारत से भागने पर विवश कर दिया था। शकों को खदेड़ कर ही शकारि और साहसांक की उपाधियाँ धारण की। आज भी विकमादित्य द्वारा 2082 वर्ष पूर्व प्रारम्भ विक्रम संवत् भारत वर्ष ही नहीं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ काल गणना … Read more

56 विभागों की 1700 सेवाएँ अब एमपी ई-सेवा पोर्टल पर मिलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ कर डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई क्रांति का आगाज किया। यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच अब 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करायेगा। ‘एमपी ई-सेवा’ के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश को देश के डिजिटल गवर्नेंस एनेबल्ड राज्यों में अग्रणी बनाने वाले इस पोर्ट्ल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ने विकसित किया है। इससे नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एक ही डिजिटल ईको-सिस्टम में जोड़कर मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है। नागरिकों के लिए एक पोर्टल, सभी सेवाएँ एकीकृत एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब इन सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट पर लॉगइन करने और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व iOS) के माध्यम से सभी सेवाओं के लिए पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस चैक करने के साथ ही अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। एमपी ई-सेवा पोर्टल पर सभी चरण आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र से सुरक्षित हैं। इससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस बन गई है। ‘एमपी ई-सेवा’ और ‘समग्र पोर्टल’ का एकीकरण ‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। यह एकीकरण नागरिकों की ऑटो-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जिससे पात्रता की पहचान स्वतः ही हो जाती है और दोहराव अथवा देरी नहीं होती है। ‘एमपी ई-सेवा’ की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं करने पड़ते। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज़ आगे की सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं। सुगम, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित ‘ऐप डिज़ाइन’ ‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल का इंटरफ़ेस मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बहुभाषीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुप्रयोग को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग आसान होगा। प्रारंभिक मूल्यांकन तौर पर इससे गवर्नेंस लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी साथ ही वर्ष भर में नागरिकों के 50 मिलियन घंटों की भी बचत होगी। मध्यप्रदेश में डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड सितम्बर 2025 में आई राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा – वितरण आकलन (एनईएसडीए वे फॉरवर्ड ) रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप किया है और सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को एमपी ई-सेवा’ पोर्टल में 100% इंटीग्रेट कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य को ‘सायबर तहसील’ के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिये राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुके हैं।  

PM मोदी से खजुराहो को तोहफा: वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन जल्द पटरी पर दौड़ेगी

खजुराहो पूर्वोत्तर रेलवे के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बहुप्रतीक्षित वाराणसी-खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस अब पूर्वोत्तर रेल के बेड़े में शामिल हो गई है। इस नई अत्याधुनिक ट्रेन की पहचान ट्रेन संख्या 26422 (वाराणसी-खजुराहो) और 26421 (खजुराहो-वाराणसी) के रूप में होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 7 नवंबर को बनारस रेलवे स्टेशन से ट्रेन संख्या 26422 को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उद्घाटन के बाद इसके नियमित परिचालन की तिथि की औपचारिक घोषणा रेलवे द्वारा शीघ्र की जाएगी। इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस की आठ कोचों वाली रैक शनिवार रात नई दिल्ली की सकूर बस्ती से रवाना होकर बनारस पहुंच गई। ट्रेन में सात चेयरकार और एक एक्जीक्यूटिव क्लास कोच शामिल है। इन कोचों में कुल 594 यात्री एक साथ यात्रा कर सकेंगे।   समय सारिणी और ठहराव रेलवे बोर्ड के निदेशक (कोचिंग) संजय आर. नीलम के अनुसार, ट्रेन संख्या 26422 (वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस) वाराणसी से प्रस्थान – सुबह 5:25 बजे विंध्याचल – 6:55 बजे (1 मिनट ठहराव) प्रयागराज छिवकी – 8:00 बजे (5 मिनट ठहराव) चित्रकूट धाम – 10:05 बजे (2 मिनट ठहराव) बांदा – 11:08 बजे (2 मिनट ठहराव) महोबा – 12:08 बजे (2 मिनट ठहराव) खजुराहो आगमन – 1:10 बजे दोपहर वापसी में ट्रेन संख्या 26421 (खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस) खजुराहो से प्रस्थान – 3:20 बजे दोपहर महोबा – 4:18 बजे (2 मिनट ठहराव) बांदा – 5:13 बजे (2 मिनट ठहराव) चित्रकूट धाम – 6:13 बजे (2 मिनट ठहराव) प्रयागराज छिवकी – 8:20 बजे (2 मिनट ठहराव) विंध्याचल – 9:10 बजे (2 मिनट ठहराव) वाराणसी आगमन – 11:00 बजे रात पर्यटन को मिलेगा नया आयाम वाराणसी से खजुराहो तक इस तेज, आरामदायक और अत्याधुनिक ट्रेन के परिचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों में इस नई सेवा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बनारस रेल मंडल के पास अब आठ वंदे भारत इस नई ट्रेन के शामिल होने के साथ ही बनारस रेल मंडल के पास अब कुल आठ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें हो जाएंगी। ये हैं: 1. वाराणसी–नई दिल्ली–वाराणसी (22415/22416) 2. वाराणसी–देवघर–वाराणसी (22500/22499) 3. वाराणसी–मेरठ–वाराणसी (22489/22490) 4. गोमतीनगर–वाराणसी–पटना (22345/22346) 5. वाराणसी–रांची–वाराणसी (20997/20888) 6. वाराणसी–नई दिल्ली–वाराणसी (22435/22436) 7. वाराणसी–आगरा कैंट–वाराणसी (20175/20176) 8. वाराणसी–खजुराहो–वाराणसी (26422/26421) इस नई ट्रेन के संचालन से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क भी और मजबूत होगा।

Adnan Sami पर Fraud का साया! ग्वालियर पहुंचते ही बढ़ी पुलिस की हलचल

ग्वालियर  मशहूर गायक अदनान सामी ग्वालियर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ग्वालियर आते ही उन्हें संगीत सम्राट तानसेन बाबा की याद आ जाती है। हालांकि, जब उनसे एडवांस रकम लेकर कार्यक्रम न करने के मामले में दायर परिवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी साधे रखी। अदनान सामी ग्वालियर एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।   गायक अदनान सामी पर ग्वालियर जिला अदालत में एक परिवाद दायर किया गया है। आरोप है कि उन्होंने 27 सितंबर 2022 को ग्वालियर में होने वाले कार्यक्रम के लिए तय 33 लाख रुपये में से 17 लाख 62 हजार रुपये एडवांस लिए थे, लेकिन बाद में शो रद्द कर दिया। सामी की टीम ने कार्यक्रम बाद की तारीख में करने का आश्वासन दिया, पर तय तिथि नहीं बताई। कार्यक्रम आयोजक कंपनी की संचालक लावन्या ने जब एडवांस राशि वापस मांगी, तो सामी की टीम ने रकम लौटाने से इंकार कर दिया। इसके बाद लावन्या ने पहले इंदरगंज थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई।फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता से परेशान आयोजक ने अंततः न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले में पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल केस न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं ग्वालियर पहुंचने पर अदनान सामी ने कानूनी विवाद पर कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ संगीत व तानसेन की भूमि की प्रशंसा की। मामला क्या है जानकारी के अनुसार ग्वालियर निवासी लावण्या सक्सेना ने बताया कि उन्होंने एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अदनान सामी और उनकी टीम से संपर्क किया था। तय अनुबंध के अनुसार टीम को कार्यक्रम के लिए 17 लाख 62 हजार रुपए एडवांस के रूप में दिए गए। एडवांस राशि मिलते ही कार्यक्रम की तिथि तय की गई, लेकिन अंतिम समय में अदनान सामी ने कार्यक्रम निरस्त कर दिया। टीम की ओर से कहा गया कि शो को आगे की किसी तारीख में आयोजित किया जाएगा। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान इस मामले को गंभीर मानते हुए इंदरगंज थाना पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अब पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। गौरतलब है कि अदनान सामी बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक और संगीतकार हैं, जिन्होंने कई हिट गाने दिए हैं। उनके खिलाफ इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप पहली बार सामने आए हैं। फिलहाल अदनान सामी या उनकी टीम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। वहीं, ग्वालियर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय आयोजक इसे कलाकारों के साथ अनुबंध में पारदर्शिता की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं।  

नकली नोटों का गढ़ बेनकाब: मालेगांव कनेक्शन के साथ इमाम के घर से 12 लाख रुपये के फर्जी नोट जब्त

खंडवा  मध्यप्रदेश में नकली नोट के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने मदरसे के इमाम के घर से बड़ी मात्रा में नकली नोट, ब्लैंक पेपर समेत नोट छापने की मशीन जब्त की है। इससे साबित हो रहा कि इमाम मदरसे की आड़ में नकली नोट की छपाई कर रहा था। समाचार के लिखे जाने तक पुलिस की जांच पड़ताल जारी थी। दरअसल खंडवा के जावर थाना क्षेत्र के ग्राम पैठियां (मछौड़ी रैय्यत) के एक मदरसे के इमाम के घर से बड़ी मात्रा में नकली नोट मिले। मस्जिद में इमाम के रूप में तैनात जुबेर अंसारी के कमरे से नकली नोटों के बंडल बरामद हुआ है। 12 लाख से ज्यादा के नकली नोट मिले शुरूआती जांच में 12 लाख रुपए से ज्यादा के नकली नोट आए सामने। नकली नोट बनाने के पेपर और प्रिंट मशीन भी बरामद। हेडक्वार्टर डीएसपी जावर थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद। बताया जा रहा है कि नकली नोट के तार महाराष्ट्र के मालेगांव से जुड़े है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई और नोटों की गिनती जारी थी।

राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दीं शुभकामनाएं

भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारत की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मध्यप्रदेश अपनी विकास यात्रा में निरंतर नए आयाम स्थापित करता रहे। राष्ट्रपति ने सभी प्रदेशवासियों की निरंतर समृद्धि और कल्याण के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने संदेश में कहा है कि गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर संजोने वाले प्रदेशवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि देश के हृदय में बसे मध्यप्रदेश जन-जन की आकांक्षाओं को आगे रखकर आज हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली और परिश्रमी लोगों की अमूल्य भूमिका होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी सांस्कृतिक विरासत की भूमि मध्यप्रदेश वासियों को प्रदेश को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध इतिहास को समेटे मध्यप्रदेश आज जन कल्याण, स्वच्छता और संपन्नता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्री शाह ने ईश्वर से प्रदेश वासियों की निरंतर प्रगति की कामना की है।  

कांग्रेस में मचा घमासान: जीतू पटवारी पर विधायक का तीखा वार, बोले—सनातनी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़ देंगे

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महाकाल दर्शन और राज्योत्सव पर की गई टिप्पणी पर राजनीति गरमा गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को महाकाल के दर्शन पर आपत्ति है। यही हेलीकॉप्टर हज पर जाता तो उस पर फूल बरसाते। विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी पर जुबानी प्रहार करते हुए कहा, ‘जीतू पटवारी को यह सताने लगा है कि मध्यप्रदेश उत्सव क्यों मना रहा है? प्रदेश के हर जिले में उत्सव क्यों मन रहें है ड्रोन क्यों उड़ रहे है लाखो लोग उत्सव में क्यों शामिल हो रहे है। यही हेलीकॉप्टर हज जाते तो जीतू पटवारी पुष्प वर्षा कर रहे होते। मरती हुई कांग्रेस अभी भी महाकाल की महिमा नहीं समझ पा रही। महाकाल की यात्रा पर तुम्हें खर्च दिखता है हज यात्रा जाने में आनंद दिखता है। कांग्रेस की यही दृष्टि गलत है। उनकी इसी कुदृष्टि की वजह से सनातनी और हिंदुस्तानी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़कर आएंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल, सोनिया या प्रियंका समेत चाहे कोई भी हों, उनसे कहना चाहूंगा कि संघ का विरोध करने वाले इनके पूर्वज जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी से पूछ लो, तुम्हारे पुरखों ने 3-3 प्रतिबंध लगाया। तो भी संघ का बाल भी बांका नहीं कर पाए। आज संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। हिन्दुस्तान का जयघोष कर रहा है, कह रहा है कि हिन्दुस्तान दुनिया का विश्वगुरु बनने जा रहा है। खड़गे फालतू के सपने देखना बंद करें। आरएसएस की भावना का सम्मान करना सीखो। अपने नेताओं से आतंकवादियों की जय बोलने की प्रेरणा मत लो। संघ जैसे राष्ट्रवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात करो।’

दीये से लगी साड़ी में आग, थिनर गोदाम में मचा हड़कंप — दो महिलाओं की मौत

इंदौर आरआर कैट रोड स्थित एक थिनर गोदाम में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। हादसे में दो महिलाएं जिंदा जल गईं। बचाव अभियान में पुलिस, फायर और एसडीआरएफ की टीम लगानी पड़ी। झुलसने के कारण गोदाम मालिक की हालत गंभीर है। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के अनुसार गोदाम भैयालाल मुकाती (राऊ) का है, जो सिंधी कालोनी निवासी सूरज वाधवानी को किराए पर दिया था। वाधवानी आइल पेंट बनाने वाली कंपनियों को थिनर की सप्लाई करता है। देवउठनी ग्यारस पर महिलाओं ने यहां दीये लगाए थे। अचानक दीये से महिला की साड़ी में आग लग गई और पूरा गोदाम भभक उठा। जलने वाली महिलाओं की पहचान रामकली अहिरवार निवासी सागर और ज्योति मनोज नीम द्वारकापुरी के रूप में हुई है।   महिलाओं की साड़ी में लगी आग धमाके के साथ फटे थिनर के ड्रम राऊ थाना अंतर्गत आरआर कैट रोड पर लगी आग से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की लपटें और धुआं 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। फायरकर्मियों को आग बुझाने में तीन घंटे लग गए। लपटें बुझने पर तलाशी ली तो दो महिलाओं के शव मिले। उनकी साड़ी में लगी आग से ही गोदाम में आग लगी थी। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक आग शाम करीब छह बजे लगी है। शनिवार को देव उठनी ग्यारस होने से महिलाओं ने पूजा की और दीये लगाए। इसी दौरान महिलाओं की साड़ी में आग लग गई। पहले आग बुझाने की कोशिश की। जब आग से कपड़े जलने लगे तो महिलाएं बचने के लिए इधर-उधर भागी। इस दौरान एक महिला ज्योति के बच्चे भी मौजूद थे। बच्चे व कुछ बुजुर्ग बाहर निकल गए और थिनर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते थिनर के ड्रम बम की तरह फटने लगे। पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की। राजेंद्र नगर और राऊ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। डीसीपी के मुताबिक गोदाम में केमिकल के ड्रम भी बताए गए हैं। राजस्व अफसरों ने बताया कि करीब पांच हजार वर्गफीट पर बने इस गोदाम की जमीन का उपयोग व्यावसायिक है। अपनों की तलाश में रोते हुए भटक रहे थे स्वजन जैसे ही आग की सूचना मिली, कर्मचारियों के स्वजन पहुंच गए। रोते हुए पुलिस अफसर को बताया कि उनके स्वजन नहीं मिल रहे हैं। आग बुझने तक लोग इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू किया तो ज्योति और रामकली के शव मिले। डीसीपी के मुताबिक रामकली मूलत: सागर की रहने वाली है। वह दो महीने पूर्व ही रंगवासा में रहने आई थी। फायर ब्रिगेड के अनुसार करीब ढाई लाख लीटर पानी लगा है।