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उप मुख्यमंत्री देवड़ा बोले – अभिलेखागार से रिकॉर्ड रहेंगे व्यवस्थित, कार्य की गति में आएगी तेजी

अभिलेखागार बनने से रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेंगे एवं कार्य की गति बढ़ेगी : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा मंदसौर में एक करोड़ 66 लाख से निर्मित राजस्व एवं सामान्य अभिलेखागार भवन का किया भूमि-पूजन भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि अभिलेखागार भवन के निर्माण से मंदसौर जिले के समस्त राजस्व एवं सामान्य अभिलेख व्यवस्थित रूप से संधारित किए जा सकेंगे। सभी रिकॉर्ड एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेंगे। इससे कार्य प्रणाली में पारदर्शिता एवं गति आएगी। रिकॉर्ड के व्यवस्थित नहीं रहने से कई बार कार्यों में विलंब या कठिनाई आती है, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव से यह समस्या नहीं होगी। यह बात उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने शुक्रवार को सुशासन भवन परिसर मंदसौर में राजस्व अभिलेखागार एवं सामान्य अभिलेखागार भवन का भूमि-पूजन कार्यक्रम में कही। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभिलेखागार प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा। भवन लगभग 1 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से निर्माण एजेंसी पीआईयू विभाग द्वारा निर्मित किया जाएगा। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद  सुधीर गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष मती दुर्गा विजय पाटीदार, मंदसौर विधायक  विपिन जैन, पूर्व विधायक  यशपाल सिंह सिसोदिया, योजना समिति सदस्य  राजेश दीक्षित, नगर पालिका अध्यक्ष मती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मती मनुप्रिया विनीत यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर मती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक  विनोद कुमार मीना, अपर कलेक्टर मती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत  अनुकूल जैन, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

बेंगलुरू में आयोजित इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो में मध्यप्रदेश के 16 उद्यमियों की भागीदारी

इंडिया मैन्युफैक्चरिंग-शो बेंगलुरू में मध्यप्रदेश के 16 उद्यमी शामिल भोपाल रैम्प योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 16 चयनित एमएसएमई उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग-शो (IMS) 2025), बेंगलुरु में सहभागिता करेगा। तीन दिवसीय एक्सपोज़र विजिट और शो का उद्देश्य उद्यमियों को नवीनतम तकनीक, औद्योगिक नवाचार, बाज़ार एवं सप्लाई चेन अवसरों से अवगत कराना है। मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को भोपाल एयरपोर्ट से गुरूवार को रवाना करते समय जिला उद्योग केंद्र भोपाल के जीएम  सतेंद्र कुमार , प्रबंधक  निकेश भिड़े एवं सहायक प्रबंधक  भूपेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे। एमपीएलयूएन की ओर से  संतोष सिंह दल प्रभारी के रूप में उद्यमियों के साथ बेंगलुरु गए हैं। शो के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, एआई, इंडस्ट्री 4.0, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं एमएसएमई सप्लाई चेन इंटीग्रेशन शामिल हैं। यह पहल मध्यप्रदेश के एमएसएमई उद्यमों की ज्ञान क्षमता, प्रतिस्पर्धात्मकता और औद्योगिक नेटवर्किंग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह शो 8 नवम्बर तक चलेगा।

SC का बड़ा फैसला, उज्जैन में मस्जिद तोड़ने के खिलाफ दायर याचिका खारिज

उज्जैन  सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने उज्जैन स्थित तकिया मस्जिद के विध्वंस को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। यह याचिका इस मस्जिद में नमाज अदा करने वाले 13 स्थानीय नागरिकों ने दायर की थी, और इसके जरिए उन्होंने आरोप लगाया गया था कि मध्य प्रदेश सरकार ने महाकाल मंदिर के पार्किंग क्षेत्र को बढ़ाने के लिए उनकी 200 साल पुरानी मस्जिद को तोड़ दिया है। इस याचिका के जरिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत की मांग करते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाने की अपील की थी, ताकि उस जगह पर कोई निर्माण कार्य ना हो सके। साथ ही इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि विध्वंस और अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया था और इसके लिए मुआवजा भी दिया गया था। अदालत ने कहा कि 'वैधानिक योजना के अंतर्गत यह जरूरी है कि प्रभावितों को मुआवजा दिया जाए।' अदालत ने इस बात का उल्लेख भी किया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा पहले उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका वापस ले ली गई थी। न्यायालय ने कहा, 'आपने उसी… मांग को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी, जिसे वापस लेते हुए खारिज कर दिया गया था।' याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष रखा और उच्च न्यायालय के तर्क को कानून की दृष्टि से गलत बताया। उन्होंने कहा 'जिस तरह से यह किया गया है। इस पर विचार करने की जरूरत है। विवादित आदेश को पारित करते हुए यह तर्क दिया गया है कि याचिकाकर्ता अपने घर में या कहीं और भी नमाज अदा कर सकते हैं। यह तर्क दिया गया है।' हालांकि सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'उच्च न्यायालय ने बहुत अच्छा तर्क दिया है कि याचिका खारिज कर दी गई और वापस ले ली गई, और मुआवजा दिया गया।' इसके बाद जब शमशाद ने कहा कि, 'मुआवजा अनधिकृत व्यक्तियों को दिया गया था।' तो अदालत ने याद दिलाया, 'इसके लिए आपके पास कानून के अंतर्गत उपाय मौजूद हैं।' आगे अपनी बात को मजबूती से रखते हुए शमशाद ने कहा, 'यह बहुत गंभीर मामला है। क्योंकि आपको किसी अन्य धार्मिक स्थल के लिए पार्किंग की जरूरत है और आप हमारी मस्जिद को गिरा देते हैं और कहते हैं कि आपके पास इसका अधिकार नहीं है?' हालांकि, इसके बाद भी पीठ ने उनकी अपील खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, मस्जिद को 1985 में वक्फ के रूप में अधिसूचित किया गया था और इस साल जनवरी में 'अवैध घोषित किए जाने और मनमाने तरीके से ध्वस्तीकरण' से पहले 200 सालों तक इसका जीवित मस्जिद के रूप में इस्तेमाल होता रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह यह विध्वंस पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991, वक्फ अधिनियम 1995 (अब एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995) और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में निष्पक्ष मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 का उल्लंघन था। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि ध्वस्तीकरण से पहले सरकार की ओर से की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितता है। याचिकाकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राज्य सरकार ने अधिग्रहण की झूठी कहानी गढ़ने के लिए क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियों और अतिक्रमणकारियों को मुआवजा दे दिया। याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद को दोबारा बनवाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच ने याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

क्रांति गौड़ को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान — पिता की होगी पुलिस विभाग में वापसी

भोपाल  भारत को विश्व विजेता बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी क्रांति गौड़ को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मानित किया। सीएम हाउस में समारोह का आयोजन हुआ है। इस आयोजन में क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह, मां नीलम गौड़ और कोच राजीव बिल्थरे भी मौजूद थें। सीएम मोहन यादव ने क्रांति को मोमेंटो दिया और शॉल ओढ़ाई। समारोह में सीएम मोहन ने की बड़ी घोषणा समारोह में सीएम मोहन यादव ने दो घोणणाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, सस्पेंड चल रहे क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की पुलिस में बहाली होगी। इसके साथ ही क्रांति के गृह निवास छतरपुर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तरिय स्टेडियम बनाया जाएगा। इस दौरान सीएम के साथ खेल मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद थें। उन्होंने क्रांति के माता-पिता और कोच का सम्मान किया। जनजातिय गौरव दिवस पर बड़ा कार्यक्रम सीएम मोहन यादव ने समारोह में जानकारी देते हुए कहा कि, 15 नवंबर को जनजातिय गौरव दिवस पर क्रांति के सम्मान में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। क्रांति कुछ देर में भोपाल से छतरपुर के गुलगंज जाएंगी। यहां वे चौपरिया सरकार मंदिर में दर्शन करेंगी। वहीं शाम 4 बजे क्रांति अपने गृह ग्राम घुवारा पहुंचेंगी, जहां तुलादान के बाद स्वागत जुलूस निकाला जाएगा।

उपमुख्यमंत्री देवड़ा: जीएसटी सुधारों से म.प्र. में आजीविका के नए मौके और राजस्व वृद्धि

आजीविका के नये मौके और राजस्व संग्रहण बढ़ा : उप मुख्यमंत्री देवड़ा जीएसटी सुधारों का म.प्र. में हुआ व्यापक प्रभाव उत्पादों की कीमतें 6 से 10 प्रतिशत तक कम हुई भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू किए गए नए जीएसटी सुधारों का मध्यप्रदेश के व्यापार, उद्योग और एमएसएमई सेक्टर पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव नजर आने लगा है। इन सुधारों से राज्य के विभिन्न उत्पादों में 6 से 10 प्रतिशत तक कीमतों की कमी दर्ज की गई है। इससे न केवल उद्योगों की लागत घटी है, बल्कि रोजगार, विकास और आजीविका के नए अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितम्बर माह तक निर्धारित लक्ष्य ₹8,212 करोड़ के विरुद्ध ₹8,293.01 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य से 0.99 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान वर्ष में सितम्बर 2025 तक प्राप्त राजस्व, गत वर्ष की तुलना में 16.88 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत है कि जीएसटी सुधारों ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि- “प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किए गए जीएसटी सुधारों ने व्यापार जगत, उद्योगों और कारीगरों के लिए नई ऊर्जा दी है। कर दरों में की गई कमी से उत्पाद सस्ते हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत और व्यापारियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। इन सुधारों से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रसर हो रहा है।” उद्योग, हस्तशिल्प और कारीगरी पर जीएसटी सुधारों का प्रभाव इंदौर नमकीन उद्योग इंदौर सेंव, लौंग सेंव, मिक्सचर और चिवड़ा जैसे उत्पादों का जीआई टैग प्राप्त केंद्र इंदौर, लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और 2.5 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। इसका निर्यात मध्य पूर्व, ब्रिटेन और अमेरिका तक होता है। नमकीन पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से उत्पादों में 6-7% तक सस्ती होने की प्रवृत्ति देखी गई है। इससे घरेलू बिक्री में वृद्धि और निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ है। कृषि मशीनरी मध्यप्रदेश, भारत का दूसरा सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य होने के साथ कृषि-मशीनीकरण का प्रमुख केंद्र भी है। इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, उज्जैन और विदिशा में एमएसएमई क्लस्टर द्वारा सीड ड्रिल, थ्रेशर, हार्वेस्टर और सिंचाई पंप बनाए जाते हैं। यहां लगभग 25,000 श्रमिक प्रत्यक्ष और 60,000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ट्रैक्टर, पंप और उपकरणों पर जीएसटी 12/18% से घटाकर 5% करने से उपकरणों की लागत में 7-13% तक की गिरावट आने की उम्मीद है। माहेश्वरी साड़ियां खरगोन जिले का महेश्वरी हथकरघा क्षेत्र 2,600 करघों पर लगभग 8,000 बुनकरों को रोजगार देता है, जिनमें महिलाएं मुख्य भूमिका निभाती हैं। विशिष्ट उलटी किनारी (बुगड़ी) वाली माहेश्वरी साड़ियां 2010 से जीआई टैग प्राप्त हैं और यूरोप व अमेरिका तक निर्यात होती हैं। वस्त्र उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से ये साड़ियां लगभग 6% सस्ती होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मांग बढ़ेगी। गोंड चित्रकलाएं मंडला, डिंडोरी, उमरिया और सिवनी में बनने वाली गोंड चित्रकलाएं 2015 से जीआई टैग प्राप्त हैं। ये लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित होती हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से इन कलाकृतियों में लगभग 6% कीमत कमी आई है, जिससे कलाकारों को ई-कॉमर्स और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। लकड़ी के लाख के खिलौने मुख्य रूप से बुधनी (सीहोर), उज्जैन और ग्वालियर में तैयार यह पारंपरिक शिल्प 2,000-2,500 कारीगरों को रोजगार देता है। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में 6% तक कमी आई है, जिससे ये पर्यावरण-अनुकूल खिलौने प्लास्टिक के विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो रहे हैं। जापान और यूरोप जैसे निर्यात बाजारों में इनकी मांग बढ़ी है। टेराकोटा और मिट्टी के शिल्प मंडला, बैतूल, उज्जैन और टीकमगढ़ में 5,000-6,000 ग्रामीण कारीगर, ज्यादातर महिलाएं, टेराकोटा खिलौनों और सजावटी वस्तुओं का निर्माण करती हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से ये उत्पाद लगभग 6% सस्ते हुए हैं, जिससे त्योहारी सीजन में बिक्री में वृद्धि हुई है। बेल मेटल और डोकरा शिल्प बैतूल और बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में 5,000 कारीगर डोकरा कला में कार्यरत हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से उत्पादों की कीमत में 6% की कमी आई है, जिससे मशीन निर्मित मूर्तियों के मुकाबले यह शिल्प फिर से लोकप्रिय हुआ है। लाख के बर्तन और बेल धातु शिल्प टीकमगढ़, झाबुआ और अलीराजपुर में 5,000-6,000 कारीगर लाख के बर्तन और बेल धातु की वस्तुएं बनाते हैं। बेल धातु पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% और लाख के बर्तनों पर 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में 6-10% की कमी आई है, जिससे घरेलू मेलों में बिक्री और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है। बांस और बेंत के हस्तशिल्प बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में हजारों जनजातीय परिवार बांस-बेंत के शिल्प में लगे हैं। लगभग 12,000 प्रत्यक्ष और 25,000 अप्रत्यक्ष महिला कारीगरों को काम मिला है। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से इन उत्पादों में 6% की कीमत कमी आई है, जिससे इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिला है। पीतल के बर्तन टीकमगढ़, छतरपुर और बैतूल के पीतल उद्योगों में वंशानुगत कारीगर पारंपरिक बर्तन और दीपक बनाते हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में लगभग 6% की कमी आई है, जिससे कारीगरों को स्टील और एल्यूमिनियम से प्रतिस्पर्धा में राहत मिली है। सीमेंट उद्योग सतना, कटनी, दमोह और रीवा जैसे केंद्रों के कारण मध्यप्रदेश भारत का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक है। यहां लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से प्रति 50 किलो बैग में ₹25-30 की कीमत कमी हुई है। इससे निर्माण और आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। बलुआ पत्थर उद्योग ग्वालियर, शिवपुरी और टीकमगढ़ के केंद्रों में 25,000-30,000 श्रमिक कार्यरत हैं। जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से स्लैब और टाइल्स 8% सस्ती हुई हैं, जिससे निर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिला है। चमड़े के जूते उद्योग देवास, इंदौर और ग्वालियर के क्लस्टर में 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। ₹2,500 तक के जूतों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% करने से 11% कीमत कमी हुई है, जिससे कारीगरों की आमदनी बढ़ी है और जूता उद्योग को नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है। जीएसटी सुव्यवस्थीकरण से मध्यप्रदेश को घरेलू स्नैक्स, साड़ियां, आदिवासी शिल्प, सीमेंट, बलुआ पत्थर और … Read more

ट्रेनिंग के दौरान जवानों को मिलेगी गीता से जीवन की सीख, नेक जीवन जीने में मदद मिलेगी

भोपाल  रामचरितमानस के बाद, मध्य प्रदेश पुलिस की ट्रेनिंग विंग ने अपने सभी सेंटरों को अपने रंगरूटों के लिए भगवद गीता पाठ सेशन आयोजित करने का निर्देश दिया है, क्योंकि इससे उन्हें "नेक" जीवन जीने में मदद मिलेगी। यह निर्देश एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रेनिंग) राजा बाबू सिंह ने राज्य के सभी आठ ट्रेनिंग स्कूलों के सुपरिटेंडेंट को जारी किया है। इन सेंटरों में जुलाई से लगभग 4,000 युवा लड़के और लड़कियां नौ महीने की कांस्टेबल ट्रेनिंग ले रहे हैं। सिंह ने जुलाई में ट्रेनिंग सेशन का उद्घाटन करते समय इन संस्थानों में रामचरितमानस का पाठ करने का निर्देश दिया था, और कहा था कि इससे उनमें अनुशासन आएगा। रामचरितमानस में भगवान राम के गुणों और जंगल में उनके 14 साल के वनवास का वर्णन है। 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सिंह ने ट्रेनिंग स्कूल के डायरेक्टरों से कहा कि अगर संभव हो तो भगवान कृष्ण के चल रहे पवित्र महीने (अगहन कृष्ण) के दौरान भगवद गीता का कम से कम एक अध्याय पढ़ना शुरू करें। उन्होंने निर्देश दिया कि यह ट्रेनी के रोज़ाना के मेडिटेशन सेशन से ठीक पहले किया जा सकता है। ADG ने ट्रेनिंग स्कूलों को अपने संदेश में कहा, "भगवद गीता हमारा शाश्वत ग्रंथ है। इसका नियमित पाठ निश्चित रूप से हमारे ट्रेनी को एक नेक जीवन जीने में मार्गदर्शन करेगा, और उनका जीवन बेहतर होगा।" यह अधिकारी, लगभग 2019 में ग्वालियर रेंज के पुलिस प्रमुख के रूप में काम करते हुए, इसी तरह का एक अभियान शुरू किया था और कई स्थानीय जेल कैदियों और अन्य लोगों को भगवद गीता की प्रतियां बांटी थीं।

नक्सली के मारे जाने की आशंका, बालाघाट में सर्च अभियान हुआ तेज

बालाघाट  मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया। इस ताजा मुठभेड़ ने एक बार फिर इस इलाके में नक्सली गतिविधियों की मौजूदगी को साबित कर दिया है। एनकाउंटर के बाद सर्चिंग में सुरक्षाबलों को जंगल में खून से सने जूते और नक्सलियों के रोजाना इस्तेमाल वाला पिट्ठू बैग मिला है। इससे संभावना जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। जंगल में लगातार सर्च ऑपरेशन बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की दरमियानी रात नक्सलियों की सूचना पर सुरक्षाबल की टीम तलाशी अभियान चला रही थी। तभी हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम पर माओवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे नक्सली अंधेरा और घना जंगल होने का फायदा उठाकर नक्सली फायरिंग करते हुए सुरक्षाबलों की पकड़ से भाग निकले। इसके बाद से सुरक्षाबलों की टीम पानी भरे इलाकों, खड़ी पहाड़ियों और घने जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। जहां खून से सना जूता बरामद हुआ है। उसके पास से राइफल और बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्रियां जब्त की गई। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की गतिविधि की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। लगातार जारी है नक्सल विरोधी अभियान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर नक्सल मुक्त मिशन के तहत पूरे देश में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। इसके चलते कई नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। कुछ दिन पहले 3 राज्यों में वांटेड दुर्दांत नक्सली ने सरेंडर किया था। उस पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

MP में ठंड का कहर, इंदौर में 10 साल का तापमान रिकॉर्ड टूटा; अगले 5 दिन बारिश की संभावना नहीं

भोपाल  मध्यप्रदेश में बारिश का दौर थामने के बाद ठंड का असर बढ़ने लगा है। बुधवार रात कई शहरों में पारा काफी लुढ़क गया। इंदौर में सीजन की सबसे ठंडी रात रही। यहां पर न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 13 डिग्री, ग्वालियर में 16.3 डिग्री, उज्जैन में 14.5 डिग्री और जबलपुर में 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 11 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली पार तापमान में इतनी गिरावट देखने को मिली है। सभी शहरों में तापमान 20 डिग्री से कम ही रहा। पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होना भी इसकी एक वजह है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार रात प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां पारा एक ही रात में दो डिग्री गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इंदौर में भी मौसम ने रिकॉर्ड तोड़ ठंड दिखाई। मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात शहर का न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह पिछले 10 वर्षों में नवंबर माह का सबसे कम तापमान है। साल 2017, 2020 और 2022 में पारा 11 डिग्री तक जरूर पहुंचा था, लेकिन इतना नीचे नहीं गया था। भोपाल में भी ठंड ने अपने तेवर दिखाए। राजधानी में तापमान 2 डिग्री तक गिरा और रात में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 10 साल में नवंबर में यह स्थिति केवल पांच बार देखने को मिली है, जबकि पचमढ़ी में रात का तापमान 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि आने वाले पांच दिन तक प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। उत्तरी हवाओं के चलते ठंड और बढ़ेगी तथा रात के तापमान में गिरावट बनी रहेगी। नमी की वजह से नहीं लुढ़का पारा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में बने सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से नमी आई। जिससे बादल छाए रहे। इस वजह से दिन का तापमान नहीं बढ़ सका।वर्तमान में हरियाणा के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) बना हुआ है। इस वजह से यह प्रदेश में ठंडी हवा आने से रोक रहा है।अगले 24 में यह चक्रवात उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस में समाहित हो जाएगा। इसके बाद ही हमारे यहां ठंड का असर शुरू होगा। रात में 20 डिग्री के नीचे पारा बता दें कि पिछले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, अशोकनगर, गुना, बैतूल, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर और छिंदवाड़ा जिलों में हल्की बारिश हुई। इसके साथ दिन के तापमान में भी गिरावट हुई। नरसिंहपुर में एक ही रात में पारा 5.4 डिग्री लुढ़ककर 17.2 डिग्री पर आ गया। छिंदवाड़ा-मंडला में 17.6 डिग्री, नौगांव में 15 डिग्री, रीवा में 15.8 डिग्री, सिवनी में 17.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 16.8 डिग्री, उमरिया में 17.3 डिग्री, मलाजखंड में 16.7 डिग्री, भोपाल में 18.8 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री, उज्जैन में 18.3 डिग्री, ग्वालियर में 20.1 डिग्री, खंडवा-शिवपुरी में 17 डिग्री, खरगोन में 17.8 डिग्री, पचमढ़ी में 17.2 डिग्री रहा।इधर, बुधवार को दिन में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री रहा। रायसेन में 27 डिग्री, बैतूल में 26.7 डिग्री, श्योपुर में 29.6 डिग्री, छिंदवाड़ा-दमोह में 29.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 29.6 डिग्री, सिवनी में 28 डिग्री, सीधी में 28.8 डिग्री, उमरिया में 29.9 डिग्री और मलाजखंड में पारा 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात के साथ दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। गुरुवार को भोपाल में तापमान 28.4 डिग्री, इंदौर में 28.3 डिग्री, ग्वालियर में 28.6 डिग्री, उज्जैन में 29.5 डिग्री और जबलपुर में 30.7 डिग्री सेल्सियस रहा। दमोह, खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, सतना, उमरिया, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन को छोड़ दें तो बाकी शहरों में पारा 30 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। इसलिए बढ़ा ठंड का असर बता दें कि हिमालय के तीन राज्य जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी शुरू हो गई है। जम्मू-कश्मीर के बारामूला में गुलमर्ग व्हाइट वंडरलैंड में बदल गया है। उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम भी बर्फ से ढंक गए हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों लाहौल और स्पीति और किन्नौर, कुल्लू में ताजा बर्फबारी हुई। इन पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों में नजर आने लगा है। मध्य प्रदेश में पारे में 6.1° तक की गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर से लगातार हवा आने से पारे में और भी गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि नवंबर में पहले ही दौर में तेज ठंड शुरू हो गई है, जो अब लगातार रहेगी। उत्तरी हिस्से में दो सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इनका असर तो प्रदेश में देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन चक्रवात जब वेस्टर्न डिस्टरबेंस में समाहित हो जाएगा तो ठंड का असर भी तेज होगा। बता दें कि इस बार अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में बने मौसमी सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से नमी आई। जिससे बादल छाए रहे। इस वजह से दिन का तापमान नहीं बढ़ सका। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। कोहरे का असर भी बढ़ेगा मौसम विभाग की मानें तो अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल, देर रात और अलसुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं सुबह हलका कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा। अभी मंडला में सबसे कम 1-2 किलोमीटर विजिबिलिटी मंडला में देखने को मिली है। जबलपुर, रीवा और सतना में यह 2 से 4 किलोमीटर रही। नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 … Read more

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाया वंदे मातरम्

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाया वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत की 150वी वर्षगांठ पर राजभवन में हुआ आयोजन भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल शुक्रवार को राजभवन के बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन किया। राज्यपाल  पटेल ने आज़ादी के संघर्ष, बलिदान और प्रेरणा के प्रतीक  बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्र गीत वंदे मातरम् की वर्षगांठ की सभी को शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मती मीनाक्षी सिंह सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी ने राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया।  

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव समारोह का किया शुभारम्भ

प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव समारोह का किया शुभारम्भ राज्यपाल  मंगुभाई पटेल कार्यक्रम में भोपाल से वर्चुअली हुए शामिल भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वें वर्ष स्मरणोत्सव समारोह का शुभारंभ शुक्रवार को किया। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल  मंगुभाई पटेल भोपाल राजभवन से वर्चुअली शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मती मीनाक्षी सिंह सहित राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।