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उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन का एयरपोर्ट बनेगा राज्य का गौरव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनेगा बाबा महाकाल का अपना एयरपोर्ट  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया की आरंभ सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के आसमान में विकास की उड़ान अब और ऊंची होने जा रही है। बाबा महाकाल की नगरी में बनने वाला एयरपोर्ट उज्जैन को वैश्विक हवाई मानचित्र पर एक नई पहचान देगा। यह एयरपोर्ट राज्य के अंतर्राष्ट्रीय गौरव को और बढ़ाएगा। राज्य सरकार विमानन क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास को योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ा रही है। एयर कनेक्टिविटी के इस विस्तार से न केवल पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश का हर नागरिक “आसमान से जुड़ने” के सपने को साकार होता हुआ देखेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब सच्चे अर्थों में सभी क्षेत्रों में विकास की नई उड़ान भरने वाला भारत का दिल बन रहा है। हमारी सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई यात्रा का सुखद अनुभव कराने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 2 इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित इंटर स्टेट एवं इन्ट्रा स्टेट एयर सर्विसेज वाले एयरपोर्ट्स भी होंगे। उज्जैन में बनने वाला एयरपोर्ट वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पहले पूरी तरह तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि देश-विदेश से सिंहस्थ स्नान के लिए आने वाले लाखों-करोड़ों धर्मप्रेमी श्रद्धालु बड़ी सुगमता और न्यूनतम समय में बाबा महाकाल की नगरी पहुंच सकें। राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों मे एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना फलीभूत होने से छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को भी राजधानी और प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से ही मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उज्जैन में एयरपोर्ट का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह प्रदेश की श्रद्धा, सेवा और स्वाभिमान का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वैमानिकी सुविधाओं के विस्तार के तहत सभी जिलों में एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना बनाई गई है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा, पीएम हवाई पर्यटन एयरप्लेन सर्विस और पीएम हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन से मध्यप्रदेश, देश का पहला इंट्रा-स्टेट एयर सर्विसेज प्रारंभ करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन का यह एयरपोर्ट न केवल बाबा महाकाल की नगरी को आकाश से जोड़ेगा, बल्कि श्रद्धा, समृद्धि और सुशासन की उड़ान का साक्षी भी बनेगा। अपर मुख्य सचिव, विमानन  संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी और एविएशन फैसिलिटी बढ़ाने के लिए अगले चरण में कुछ और जिलों में भी एयरपोर्ट बनाने के लिए शासन स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पुरानी अवंतिका, नई उज्जयिनी— देश की आध्यात्मिक राजधानी उज्जयिनी जो युगों से धर्म, ज्ञान और शक्ति की धुरी रही है, अब आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने कालों के काल, भूत-भावन भगवान, अवंतिकानाथ बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण का निर्णय लिया है। यह एयरपोर्ट न केवल एक हवाई विकास परियोजना है, बल्कि आस्था और सेवा का प्रतीक भी है। सरकार द्वारा एयरपोर्ट निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। राज्य के स्थापना दिवस अवसर पर एक नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू की मौजूदगी में एक बड़ा काम पूरा हुआ। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और तय निर्माण एजेंसी के मध्य उज्जैन जिले की वर्तमान दताना-मताना हवाई पट्टी पर एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए तैयार विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। उज्जैन में बनने वाला हवाई अड्डा प्रदेश का नौंवा एयरपोर्ट होगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 तक मध्यप्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो में ही एयरपोर्ट थे। वर्ष 2024-25 के दौरान रीवा, दतिया और सतना में नए एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए। अब उज्जैन के एयरपोर्ट की घोषणा के साथ ही राज्य में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर कुल 9 हो जाएगी। उज्जैन का एयरपोर्ट वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पूर्व तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को हवाई मार्ग से सीधे बाबा महाकाल की नगरी में उतरने की विशेष सुविधा मिल जाएगी। राज्य सरकार का यह निर्णय उज्जैन को विमानन और पर्यटन के वैश्विक गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगा।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जे.पी. अस्पताल के विकास कार्यों की प्रगति जानी, अधोसंरचना मजबूत करने दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जे.पी. अस्पताल के अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की प्राथमिकता से कार्य पूर्ण कर सेवाओं के संचालन के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में जे.पी. अस्पताल भोपाल के अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में अधूरी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का कार्य जनसेवा से जुड़ा है, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए तथा अस्पताल परिसर को पूर्ण रूप से क्रियाशील स्थिति में लाया जाए। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल में फायर टैंक, डी.जी./यू.पी.एस. यूनिट, वैक्यूम एवं मेडिकल एयर पंप जैसी आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं में कमी है। इसके अतिरिक्त फायर, एमजीपीसी एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित अनापत्तियों (एनओसी) की प्रक्रिया प्रगतिरत है। बताया गया कि अस्पताल में प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) का अभाव है, एक्स-रे एवं सी.टी. स्कैन कक्ष की स्थिति असंतोषजनक है तथा मेडिकल रूम की व्यवस्था अपर्याप्त है। इसके साथ ही चौथी एवं पाँचवीं मंज़िल पर शौचालयों और फर्नीचर की व्यवस्था अधूरी है तथा ब्लड बैंक से संबंधित तकनीकी समस्याएँ भी बनी हुई हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आवश्यक औपचारिकताओं और अनुमतियों की पूर्ति कर नवीन आधुनिक ऑपरेशन थिएटर को कार्यशील करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधोसंरचना संबंधी कार्यों की दैनिक समीक्षा की जाए और जिम्मेदार एजेंसियाँ तय समय सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जे.पी. अस्पताल राजधानी का प्रमुख जिला चिकित्सालय है। यहाँ की चिकित्सा सुविधाएँ सर्वोत्तम और पूर्ण रूप से कार्यशील होनी चाहिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, पीआईयू के वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सर्जन जे.पी. अस्पताल और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की, पदस्थापना कार्य में तेजी लाने के निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में नर्सिंग भर्ती, काउंसलिंग और पदस्थापना प्रक्रिया की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने निर्देश दिए की प्राथमिकता से औपचारिकताओं की पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण की जाये। बताया गया कि वर्ष 2023 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 515 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना पूर्ण की गई, जबकि वर्ष 2025 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 972 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना की प्रक्रिया जारी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नर्सिंग के लगभग 1260 पदों पर भर्ती के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन संबंधी प्रस्ताव को शीघ्र अनुमोदन के लिए अग्रेषित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग के लगभग 1557 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन है और इसका मांग पत्र शीघ्र ही कर्मचारी चयन मंडल (ई.एस.बी.) को भेजा जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 328 पदों पर भर्ती प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और ई.एस.बी. को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 383 पदों पर भर्ती प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजकर भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल सहायकों के लगभग 1200 पदों पर भर्ती के लिये नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी प्रस्तावों की प्रगति की सतत समीक्षा की जाएगी। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, संचालक लोक स्वास्थ्य सेवाएं  दिनेश वास्तव, उप सचिव लोक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मती शुचिस्मिता सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: जनता की सेवा हमारा धर्म, जनसुविधा बढ़ाने में नहीं होगी कोई कमी

सेवा ही हमारा संकल्प, जनसुविधा बढ़ाने कोई कसर नहीं रखेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित ईंटखेड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ईंटखेड़ी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की सुविधा बढ़ाने में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज मध्य प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है। राज्य में लगातार आर्थिक गतिविधियां जारी हैं, नए-नए उद्योग और विकास की संभावनाओं पर बल दिया जा रहा है। साथ ही किसानों हितैषी नीतियों के अंतगर्त किसान सम्मान निधि, सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए राशि पहुंचा जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर बहनें रेडीमेड गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योगों में कार्य करेंगी तो उन्हें सरकार की ओर से प्रतिमाह वेतन के साथ 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैरसिया विधायक  विष्णु खत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। विधायक  खत्री की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईंटखेड़ी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी बड़ा रोग हो या कोई जटिल ऑपरेशन, हमारी सरकार हर ज़रूरतमंद को उपचार के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसेवा हमारा मूल लक्ष्य है, और हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निरंतर प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग में निरंतर नई भर्ती की जा रही है और अस्पतालों की सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री  चेतन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष  मोहन जाट,  तीरथ सिंह मीणा,  गोपाल सिंह मीणा,  पर्वत सिंह पटेल, सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। बताया गया कि इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में दोपहर तक 1500 से अधिक लोगों ने अपनी जांच और इलाज कराया। शिविर से लाभ पाकर क्षेत्र के लोगों ने भारी उत्साह और प्रसन्नता व्यक्त की।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा की, गुणवत्ता पर दिया जोर

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की अनुमोदन एवं निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के विकास, उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाएँ, विशेषज्ञ विभाग और उच्च स्तरीय चिकित्सा उपकरण समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुमोदन एवं निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जिससे इन विभागों का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर चिकित्सा महाविद्यालय में यू.जी. अपग्रेडेशन, बुधनी चिकित्सा महाविद्यालय के अनुबंध पुनरीक्षण, ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी.वी.एस. (हार्ट बायपास) विभाग की स्थापना, तथा इंदौर चिकित्सा महाविद्यालय में पीडियाट्रिक्स मेडिसिन/नियोनेटलॉजी विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यवाहियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि निर्माण एजेंसियाँ तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करें और कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अधोसंरचना, उपकरणों की आपूर्ति और मानव संसाधन की नियुक्तियों का कार्य समानांतर रूप से संचालित किया जाए, जिससे निर्माण पूर्ण होते ही चिकित्सा सेवाएँ आरंभ की जा सकें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, एम.डी. एमपी बी.डी.सी.  सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

नगरीय विकास मंत्री बोले – अवैध कॉलोनी निर्माण पर जवाबदेही तय होगी, किसी को नहीं मिलेगी छूट

अवैध कॉलोनी का निर्माण होने पर संबंधित अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी : नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय राजस्व में वृद्धि और खर्चों में कमी लाने के लिये तैयार करें कार्य-योजना प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्माणाधीन कार्य जल्द हों पूरे भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि नगरीय क्षेत्र में अवैध कॉलोनी का निर्माण होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिये जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने अवैध कॉलोनी के निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिये व्यापक स्तर पर अभियान चलाये जाने के भी निर्देश दिये हैं। नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को इंदौर में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर प्रदेश का पहला आत्मनिर्भर शहर है, जो अपने नवाचारों के माध्यम से निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने इंदौर नगर निगम को राजस्व आय में वृद्धि और खर्च में कमी लाने के लिये ठोस कार्य-योजना बनाने के भी निर्देश दिये। मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर महापौर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में वर्ष 2040 तक की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए नर्मदा नदी के चौथे चरण की योजना पर कार्य किया जा रहा है। बैठक में इंदौर मेट्रो के खजराना से पलासिया होते हुए बड़ा गणपति तक अंडरग्राउण्ड रूट के प्रस्ताव को सर्व-सम्मति से स्वीकृति दी गयी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इंदौर शहर का ट्रेफिक और ट्रांसपोर्ट प्लान इस तरह से तैयार किया जाये कि इंदौर की आर्थिक तरक्की को इससे और अधिक रफ्तार मिले। बैठक में अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, फ्यूल एफीशिएंशी, इंदौर स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत योजना की बिन्दुवार समीक्षा की गयी। बैठक में नगरीय सीमा में शामिल 29 गाँव में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सड़कों की चौड़ाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गयी। बैठक में निर्देश दिये गये कि शहर में अवैध नल कनेक्शन को सख्ती से काटा जाये। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिये टेण्डर प्रक्रिया की समय-सीमा निश्चित की जाये। शहर में रिक्त भूमि को आकर्षक डिजाइन के साथ विकसित करने से नगर निगम की आय में वृद्धि होगी। बैठक में सांसद मती कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक सर्व मधु वर्मा, महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला और अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग संजय दुबे मुख्य रूप से उपस्थित थे।  

‘सबके लिए रोशनी, सबके लिए प्रगति’ – डॉ. यादव ने बताया राज्य सरकार का विज़न

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल पर सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे। वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है। शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु https://www.mpez.co.in/ एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु https://www.mpez.co.in/ पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र … Read more

मध्यप्रदेश में परंपरा और प्रगति का संगम, डॉ. यादव बोले – ‘विरासत के साथ तेज़ी से हो रहा विकास’

मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ किए जा रहे हैं विकास के तीव्र प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के तीसरे व अंतिम दिन ड्रोन शो, महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य और सुप्रसिद्ध गायिका स्नेहा शंकर की सुगम संगीत प्रस्तुति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के तीव्र प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश विरासत के संरक्षण में आगे है। विकास के अनूठे कदम उठाए गए हैं। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक नगरी है, जहां भगवान कृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। बाबा महाकाल की कृपा उज्जैन पर है। सम्राट विक्रमादित्य ने कलयुग में भी सतयुग जैसा और भगवान राम की तरह शासन किया। ज्ञान, न्याय, दानशीलता, शौर्य के गुणों से उन्हें महान शासक की संज्ञा मिली। उन्होंने विक्रम संवत को प्रारंभ किया। प्रदेश के विकास के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 वर्ष में प्रदेश के विकास के लिए अनूठे कदम उठाए गए हैं। मात्र डेढ़ वर्ष की अवधि में राज्य में 18 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज खोलने में मध्यप्रदेश में सबसे आगे है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज सभी जिलों में हैं। राज्य के सभी जिलों में पुलिस बैंड के दल गठित किए गए। इसके लिए रिक्त पदों की पूर्ति की गई। आयोजनों को गरिमा मेय बनाने के लिए पुलिस बैंड का उपयोग व्यापक स्तर पर सराहा गया है। पुलिस बैंड के सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिलवाया गया। हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर केवड़िया (गुजरात) में हुए कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पुलिस बैंड दल का उपयोग किया गया। निश्चित ही यह मध्य प्रदेश के लिए गर्व और गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज भी प्रदेश के एक प्रतापी शासक थे। उनका शासन काल सम्राट विक्रमादित्य से लगभग 1000 साल बाद का रहा। भोपाल में स्थित विशाल सरोवर भोजताल कहलाता है। भारतीय संस्कृति के ऐसे पुरोधा और सुशासन देने वाले शासको की स्मृति में आयोजनों का सिलसिला चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम "अभ्युदय मध्यप्रदेश" के समापन पर बधाई और शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य मंचन से जुड़े रहे हैं। संस्कृति में उनकी विशेष रूचि है। सम्राट विक्रमादित्य की खूबियों को नाटक के माध्यम से मंच पर लाने का कार्य करीब दो दशक से चल रहा है। भोपाल के निवासियों को पहली बार यह प्रस्तुति देखने को मिली है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक जगत में दिए जा रहे निर्देशन की सराहना की। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उईके, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महिला बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री नारायण सिंह पवार और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल प्रवास पर आए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। देश के हृदय – मध्यप्रदेश ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के रूप में संस्कृति, परंपरा और प्रगति का ऐसा संगम हुआ, जिससे हर दिल गर्व और उत्साह से भर गया। तीन दिनों तक चले इस भव्य समारोह में प्रदेश की लोक कलाओं, विविधताओं और विकास गाथा के मंचन ने बीते 70 वर्षों की यात्रा को सजीव कर दिया। सोमवार की शाम समारोह के समापन पर हर चेहरा मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीदों से झिलमिला रहा था। स्थापना दिवस के उत्सव के तीसरे एवं अंतिम दिवस भी भव्य ड्रोन शो का प्रदर्शन किया गया। इस शो में 2000 ड्रोन ने एक साथ "विरासत से विकास'' पर केन्द्रित आसमान में आकृतियां बनाईं। इन आकृतियों में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत के साथ सशक्त वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य की आकृतियां आसमान को रोशन कर रही थीं। इसमें उद्योग और आधुनिकरण, रोजगार, विज्ञान, नीलकंठ आलोक, संस्कृति और विकास का संगम इत्यादि देखने को मिला। सोमवार की शाम सर्वप्रथम महानाट्य "सम्राट विक्रमादित्य" का भव्य मंचन हुआ। दर्शकों के उत्साह और उमंग को देखते हुए इसका पुनः प्रदर्शन किया गया। यह महानाट्य मध्यप्रदेश के वैभवशाली अतीत के उस प्रेरणा–पुरुष की गाथा प्रस्तुत करता है, जिन्होंने न्याय, नीति और पराक्रम के बल पर उज्जयिनी एवं मध्यप्रदेश की भूमि को स्वर्ण युग में पहुँचाया। मंचन में सम्राट विक्रमादित्य के अदम्य साहस, उनकी प्रजावत्सलता और विद्या-संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को सजीव रूप में प्रदर्शित किया गया। भव्य संगीत, आकर्षक सेट, ऊंट, हाथी, घोड़े, पालकियों ने दर्शकों को उसी युग में पहुंचा दिया। कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। विक्रमादित्य केवल योद्धा नहीं, बल्कि न्यायप्रिय और प्रजावत्सल शासक थे। “बेताल पच्चीसी” और “सिंहासन बत्तीसी” उनकी विवेकपूर्ण न्याय कथाओं से परिपूर्ण हैं। उनके दरबार में कालिदास, वराहमिहिर, धन्वंतरि जैसे नवरत्न विद्या और संस्कृति के प्रतीक बने। यह युग भारत के विज्ञान, साहित्य और खगोल की प्राचीन समृद्धि का प्रमाण है। स्वर की कोमलता ने हृदय को छुआ महानाट्य “सम्राट विक्रमादित्य” की यादगार और भव्य प्रस्तुति के बाद सुप्रसिद्ध गायिका सु स्नेहा शंकर एवं साथी, मुंबई द्वारा सुगम संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। उनकी गायकी में ऐसा सुरीलापन और … Read more

13-15 दिसंबर: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में रामलीला का मंचन, MP कलाकार लाएंगे भक्ति का माहौल

अयोध्या के राम मंदिर में मध्य प्रदेश के कलाकारों द्वारा रामलीला, दीपावली मिलन समारोह में भक्ति का रंग 13-15 दिसंबर: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में रामलीला का मंचन, MP कलाकार लाएंगे भक्ति का माहौल अयोध्या में दीपावली मिलन समारोह में रामलीला, मध्य प्रदेश के कलाकार करेंगे दर्शकों का मन मोह लेने वाला प्रदर्शन  छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा के छोटी बाजार का विश्वप्रसिद्ध श्रीरामलीला मंडल (Shri Ramlila Mandal) आगामी दिसंबर माह की 13,14 और 15 तारीख को अयोध्या के श्रीराम मंदिर में लीला का मंचन करेंगे। इस आयोजन को लेकर मंडल के कलाकारों एवं पदाधिकारियों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां के कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। छिंदवाड़ा सांसद ने विमोचन किया जारी उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक न होकर, सांस्कृतिक एकता और लोक परंपरा का भी प्रतीक होगा। इसी तारतम्य मैं बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित दीपावली मिलन समारोह (Diwali Milan ceremony) के अवसर पर रामलीला मंचन की पटकथा का विमोचन सांसद बंटी विवेक साहू ने किया। सांसद की ओर से मंडल के सदस्यों को अयोध्या जाने एवं आने के लिए दो सुविधाजनक बसों की व्यवस्था की घोषणा की। जिसमें कलाकार जाएंगे। ये होंगे शामिल 213 दिसंबर को अयोध्या में प्रथम दिवस धनुष यज में माता सीता के पिता राजा जनक का अभिनय करने के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। पटकथा का संकलन शशांक दुबे की ओर से किया गया है। इस अवसर पर मंडल के संरक्षक कस्तूरचंद जैन, राजू चरणागर एवं सतीश दुबे लाला सहित रामलीला मंडल के सभी पदाधिकारी, कलाकार एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दीपावली मिलन समारोह में मंडल के सदस्यों ने आगामी यात्रा एवं मंचन की तैयारियों पर भी चर्चा की।  

रात की ठिठुरन के साथ कड़ाके की ठंड, मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव

मध्य प्रदेश में बारिश के बाद ठंड लौट आई, अगले 48 घंटे में मौसम फिर बदलेगा रात की ठिठुरन के साथ कड़ाके की ठंड, मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव बारिश के बाद ठंड का असर, अगले दो दिन में तापमान में आएगा फेरबदल भोपाल . मध्य प्रदेश में बारिश का दौर खत्म होने के बाद अब एक बार फिर ठंड का असर दिखेगा. ऐसे में दिन के समय अधिकतम तापमान में हल्का उछाल देखा जाएगा. हालांकि तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. खास तौर पर मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिरने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे के बाद ठंड का दौर मैं एक बार फिर से शुरू हो सकता है. रविवार को राजधानी भोपाल सहित कई छोटे बड़े शहरों की अधिकतम तापमान में उछाल देखा गया. सबसे अधिक तापमान नर्मदा पुरम जिले में 33.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो खरगोन, खंडवा, राजगढ़ और शिवपुरी जैसे जिलों का तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया जा रहा है. धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में लो प्रेशर सिस्टम अरब सागर की ओर बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश में इसका असर खत्म हो गया है. हालांकि एक अन्य को प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा है. इसके अलावा एक आर्डर वेस्टर्न डिस्टरबेंस 4 नवंबर से हिमालय संभाग में चकरी होने की संभावना है. 48 घंटे बाद मौसम साफ होने के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी. इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अलग-अलग संभागों के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में हल्की बारिश का दौर देखा जा सकता है. तापमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम – 33.2°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 32°C, दतिया – 31.4°C, भोपाल – 31.1°C, नौगांव (छतरपुर) – 31°C न्यूनतम तापमान: खरगोन – 17°C (सबसे कम), रीवा – 17.1°C, राजगढ़/खंडवा – 17.4°C, अमरकंटक (अनूपपुर) – 17.5°C, नौगांव (छतरपुर) – 17.8°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा भोपाल – 31.1°C ग्वालियर – 31°C इंदौर – 30.1°C उज्जैन – 30°C जबलपुर – 29.8°C