samacharsecretary.com

आम जनता तक पहुंचे विभाग की उपलब्धियां और नवाचार की जानकारी : मंत्री सिंह

मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की 2 साल की उपलब्धियों की हुई समीक्षा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने करीब पिछले 2 सालों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के साथ अनेक नचावार भी किये हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता तक पहुंचाये जाने की जरूरत है। मंत्री श्री सिंह मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने विभाग की योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि सरकारी स्कूलों के विकास में जनता का अधिक से अधिक सहयोग मिले, इसके लिये और प्रभावी तरीके से प्रयास किये जायेंगे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने विभाग में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मौलिक चिंतन और कल्पनाशीलता से स्थापना दिवस समारोह को मिला अभिनव स्वरूप

अभ्युदय मध्यप्रदेश आयोजन के तीन दिन जनता के लिए रहे आनंददायी मुख्यमंत्री की पहल पर पहली बार हुआ तीन दिवसीय समारोह मध्यप्रदेश स्थापना की 70वीं वर्षगांठ बनी यादगार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर स्थापना दिवस पर एक दिन के स्थान पर तीन दिवसीय समारोह हुआ, जिसकी सभी जगह सराहना की जा रही है। भोपाल का लाल परेड ग्राउंड तीन दिन तक अनेक सांस्कृतिक आयोजनों का केन्द्र बना, जिसमें राजधानी के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, राज्य मंत्रि-मंडल मंडल के सदस्य, सांसद और विधायक भी 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में शामिल हुए। मध्यप्रदेश के गठन 01 नवम्बर 1956 से अब तक राज्य स्थापना के समारोह भिन्न-भिन्न स्वरूप में होते रहे हैं। समारोह की गतिविधियां राज्य मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल उद्यान और पुराने रवीन्द्र भवन तक सीमित रहती थीं। गत दशक में लाल परेड में सांस्कृतिक आयोजन की शुरूआत जरूर हुई, लेकिन एक दिवसीय कार्यक्रम होने से राजधानी के बहुत से नागरिक इसका आनंद लेने से वंचित रह जाते थे। वर्ष 2025 प्रदेश स्थापना दिवस के यादगार कार्यक्रमों के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय समारोह को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया। समारोह का स्वरूप निर्धारित करते समय प्रदेश की गौरवशाली विभूतियों की जानकारी नागरिकों को देने का विचार महत्वपूर्ण था। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, शौर्य, न्याय और दानशीलता के गुणों ने इतिहास में स्थान बनाया है। उन्होंने विक्रम संवत्सर प्रारंभ किया। सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से प्रदेश के नागरिक मंचीय प्रस्तुति और मीडिया के सभी माध्यमों द्वारा परिचित भी हुए। गायन, अभिनय और नृत्य की सभी ने की सराहना एक नवम्बर को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत जहां प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने गीत-संगीत के सुर बिखेरे, वहीं ऐतिहासिक ड्रोन शो भी हुआ। इसी दिन विश्ववंद कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की संगीतमय जीवन यात्रा को सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया। दो और तीन नवम्बर को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य ने दर्शकों को सम्मोहित किया। पहली बार निरंतर दो दिन लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य की प्रस्तुति ने प्रदेश के सांस्कृतिक जगत में नया इतिहास बनाया है। ड्रोन-शो में आकाश पर आकर्षक आकृतियों ने दर्शकों का मोह लिया मन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका ड्रोन-शो के माध्यम से पहली बार उभरकर आयी। यह विज्ञान और संस्कृति का संगम था। विरासत से विकास पर केन्द्रित यह ड्रोन-शो दर्शकों को महाकाल मंदिर, सिंहस्थ की झलकियों और आकाश पर अंकित की गई अन्य स्मारकों, श्रद्धा स्थलों की आकृतियों से अद्भुत आनंद की अनुभूति करवाने वाला शो बन गया। ड्रोन-शो ने नागरिकों का मन मोहने का कार्य किया। कलाकारों का परिश्रम और हुनर दिखा मंच पर अभ्युदय मध्यप्रदेश में लगभग एक हजार कलाकारों की सहभागिता रही। 'विश्ववंद' की प्रस्तुति, सुगम संगीत, समूह नृत्य और महानाट्य में मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का परिश्रम और हुनर उनके दीर्घ अभ्यास के प्रमाण प्रस्तुत करने वाला रहा मंच के परे योगदान देने वाले, रूप सज्जा करने वाले सहयोगियों, मंच सज्जा करने वाले तकनीकी सहयोगियों और ध्वनि और प्रकाश से जुड़े कार्यों का संयोजन करने वाले कलाकारों का सृजन सभी प्रस्तुतियों में जान डालने वाला सिद्ध हुआ। निर्देशन से जुड़े कलाधर्मी पूरे कार्यक्रम को यादगार बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति में सहयोगी विशाला, सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के श्री संजीव मालवीय, श्री राजेश कुशवाह और अन्य कलाकारों की भूमिका की प्रशंसा की। मेरा भोला है भंडारी पर झूमा भोपाल का जन-जन, आंचलिक संस्कृति के दिखे रंग अभ्युदय मध्यप्रदेश के समारोह में न सिर्फ मुम्बई के जुबिन नौटियाल बल्कि चंडीगढ़ से आये हंसराज रघुवंशी ने भी समा बांधा। हंसराज हंस के गाये भजन मेरा भोला है भंडारी पर भोपाल का जन-जन झूम उठा। प्रदेश की बहुआयामी आंचलिक संस्कृति मटकी नृत्य, निमाड़ी जनजीवन के काव्य प्रसंग-गणगौर और विंध्याचल के अहिराई लाठी नृत्य के माध्यम से सामने आयी। बुंदेलखंड अंचल में मांगलिक अवसरों और तीज-त्यौहारों पर होने वाले बधाई नृत्य के साथ ही महाकौशल अंचल से आये गोण्ड जनजातीय कलाकारों ने नृत्य के कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अभ्युदय मध्यप्रदेश के तीसरे दिन युवा गायिका स्नेहा शंकर ने भी सुमधुर गायन प्रस्तुत किया। विजन डॉक्यूमेंट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का बनेगा रोडमैप 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत प्रदेश को 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर बनाए गए विजन डॉक्यूमेंट मध्यप्रदेश@2047 एक महत्वपूर्ण कदम रहा। विजन डॉक्यूमेंट के विमोचन ने अभ्युदय मध्यप्रदेश का महत्व बढ़ा दिया। यह विजन डॉक्यूमेंट प्रदेश की अब तक की सबसे वृहद जनभागीदारी का प्रमाण भी है। प्रदेश के लगभग 4 लाख नागरिकों जिनमें विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने उपयोगी सुझाव देकर इस डॉक्यूमेंट की रचना में अहम योगदान दिया है। यह डॉक्यूमेंट प्रदेश की सामूहिक दृष्टि का प्रतिबिंब बनेगा। जनआकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और उनकी पूर्ति की दिशा में विजन डॉक्यूमेंट आर्थि‍क विकास, प्रदेश के विभिन्न अंचलों की विशेषताओं के अनुरूप रणनीति तैयार कर विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेगा। 

मंडी शुल्क की चोरी करने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश

उड़नदस्ते करेंगे आकस्मिक जाँच भोपाल फर्जी दस्तावेज के आधार पर कृषि उपज का क्रय-विक्रय कर मंडी शुल्क की चोरी करने वाले के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड श्री कुमार पुरुषोत्तम ने सभी आंचलिक अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों की जाँच कर दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। प्रबंध संचालक श्री पुरुषोत्तम ने निर्देश दिये कि कुछ व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं द्वारा मंडी शुल्क की चोरी कर मूंगफली का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। इसके लिये उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज बिल, बिल्टी, अनुज्ञा-पत्र तैयार कर मंडी शुल्क की चोरी की गयी है। मंडी बोर्ड द्वारा इस तरह के क्रय-विक्रय पर नजर रखने के लिये उड़नदस्ते गठित किये गये थे, जिन्होंने गवालियर, चम्बल, सागर और जबलपुर संभाग में कर चोरी पकड़ी गयी है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि कृषि उपज के परिवहन के दौरान अनुज्ञा-पत्र पर दर्ज क्यूआर कोड का स्केन कर माल की प्राथमिकता चेकिंग की जाये। कर चोरी या गड़बड़ी प्राप्त होने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर मंडी शुल्क की वसूली सुनिश्चित की जाये। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर की बातचीत, दीं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को वीडियो कॉल कर दीं शुभकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईसीसी महिला क्रिकेट-2025 विश्व विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी और मध्यप्रदेश की गौरव सु क्रांति गौड़ से वीडियो कॉल पर चर्चा की और अभूतपूर्व जीत की बधाई दी। वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ ने 4 विकेट लेकर जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की बेटियों ने वन-डे विश्व कप जीत कर इतिहास रचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल के मैदान में नई क्रांति का सूत्रपात किया है। पूरे देश और प्रदेशवासियों को विश्व विजेता बनीं बेटियों पर गर्व है। इस उपलब्धि में प्रदेश की बेटी की महत्वपूर्ण भूमिका से इस जीत का आनंद और बढ़ जाता है। क्रिकेट में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाली क्रांति गौड़ को जल्द ही एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की उभरती क्रिकेट स्टार क्रांति गौड़ के खेल की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी लगन और परिश्रम से बेटिया निरंतर आगे बढ़ती रहें और प्रदेश का नाम रोशन करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं और खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।  

रिंग रोड-एबी रोड के बीच 100 फीट चौड़ी सड़क, एमआर-9 लिंक रोड के लिए तोड़े गए 140 बाधक निर्माण

इंदौर  इंदौर में पहले मास्टर प्लान में शामिल एमआर-9 लिंक रोड को बनाने का काम नगर निगम ने शुरू किया है। इसके लिए मालवीय नगर से रिंंग रोड तक 100 फीट चौड़ी सड़क की जद में आ रहे 140 मकानों को तोड़ा गया। रहवासियों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन अफसरों ने कहा कि तय मोहलत के बाद अब बाधक हिस्से तोड़ना होंगे। पिछले दिनों रहवासियों ने विधायक रमेश मेंदोला के घर के सामने धरना भी दिया था। इंदौर विकास प्राधिकरण पंद्रह साल पहले चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहा से अनोप टाॅकिज चौराहा तक सड़क बना चुका है, लेकिन उसके आगे सड़क नहीं बन पाई है। अब एबी रोड से रिंग रोड के बीच सड़क बनाई जा रही है। भविष्य में यह सड़क खजराना से होते हुए बायपास तक बनेगी। चौड़ाई की जद में आ रहे 140 मकानों को पिछले माह नोटिस दिए गए थे और स्वेच्छा से मकान हटाने को कहा गया था। कुछ रहवासियों ने मकान हटा लिए थे। जिन लोगों ने निर्माण नहीं तोड़े, उन्हें नगर निगम के अमले ने जमींदोज कर दिया। पाचं जेसीबी व पोकलेन की मदद से चौड़ाई की जद में आ रहे सभी निर्माण को तोड़ दिया गया। अब नगर निगम अगले माह सड़क बनाने का काम शुरू करेगा। बीच का हिस्सा भी अधूरा एबी रोड से संजय गांधी नगर तक सड़क चौड़ी हो चुकी है, लेकिन 300 मीटर में घनी बस्ती है। जो हट नहीं पाई। इस कारण सड़क पूरी तरह नहीं जुड़ पाई। 300 मीटर में दो सौ से ज्यादा बाधक निर्माण है। रहवासी जमीन के बदले प्लाॅट देने की मांग कर रहे थे। इस कारण अभी तक सड़क अधूरी है।  

हिंदू संगठन भड़के, तब्लीगी इज्तिमा कमेटी ने बताया दुकान इंकार की खबर गलत

भोपाल  राजधानी भोपाल में होने वाले विश्व स्तरीय मुस्लिमों के आलमी तब्लीगी इज्तिमा से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर हिंदू व्यापारियों को दुकानें नहीं देने की बात सामने आई है। इस पर हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हर बार शुरुआत इनकी ओर से होती है, और जब हम प्रतिक्रिया देते हैं तो उसे साम्प्रदायिक करार दे दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया  “अब कहां गया सद्भाव और भाईचारा? अगर इज्तिमा में हिंदू दुकानदारों को जगह नहीं दी जा रही है तो यह भेदभाव नहीं तो क्या है?” तिवारी ने कहा कि पिछली बार भी इसी तरह की शिकायतें आई थीं और इस बार फिर से वही स्थिति दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जब कहते हैं अपनों से व्यवहार, अपनों से त्योहार, अपनों से व्यापार, तो कुछ लोगों को बुरा लगता है। लेकिन अब हालात उनके अपने बनाए हैं। जैसा करोगे, वैसा पाओगे।” उन्होंने आगे कहा कि अगर मुस्लिम संगठन सच में सांप्रदायिक सौहार्द की बात करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले हिंदू व्यापारियों को दुकानें देकर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा, “सकल संपदा रघुनाथ की है। सब कुछ भगवान का बनाया हुआ है। धर्म सिर्फ सनातन है, बाकी सब पंथ हैं।” चंद्रशेखर तिवारी ने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि “जहां अपमान मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। प्रभु ने जीव दिया है तो रोटी भी देगा। देश में इतने धार्मिक आयोजन हैं- मठ, मंदिर, कुंभ, नर्मदा तट और कल्पवास जैसे मेलों में भी व्यापार के अनेकों अवसर हैं।”  वहीं इस मामले में तबलीगी इज्तिमा के मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमर हफ़ीज़ का कहना है कि ये सरासर ग़लत है ।इज्तिमा में किसी धर्म जाति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने पिछले सालों में भी हिंदू भाइयों को दुकानें दी है और इस साल भी हिंदू भाइयों को दुकानें देंगे।

डॉक्टर की पत्नी गिरफ्तार, बच्चों की मौत मामले में स्टॉक हेराफेरी का खुलासा

भोपाल  22 मासूमों की जान लेने वाले जहरीले कफ सिरप कांड में लंबे समय से फरार चल रही सहआरोपी ज्योति सोनी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गई। आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति पर साक्ष्य छिपाने और अपराध में सहयोग करने का आरोप है। वह परासिया में अपना मेडिकल स्टोर संचालित करती थी। सोमवार को एसआईटी टीम ने परासिया से उसे गिरफ्तार किया। बैंगलौर और बनारस में काटी फरारी डीएसपी जितेंद्र जाट ने बताया कि फरारी के दौरान ज्योति सोनी बैंगलौर और बनारस में छिपी रही। इसी दौरान उसने जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत के प्रयास भी किए थे। सूचना मिलने पर एसआईटी ने परासिया में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने की कोशिश ड्रग विभाग की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ज्योति सोनी ने फॉर्मासिस्ट सौरभ जैन और न्यू अपना फार्मा संचालक राजेश सोनी के साथ मिलकर जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के स्टॉक में हेराफेरी की और जानकारी छिपाई। तीनों ने डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने की नीयत से साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सौरभ और राजेश पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि ज्योति अब पकड़ी गई है। गिरफ्तारी या सरेंडर? शहर में चर्चा ज्योति की गिरफ्तारी को लेकर परासिया में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उसने स्वेच्छा से सरेंडर किया, जबकि पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी है, समर्पण नहीं। एसआईटी अब उससे यह जानने की कोशिश करेगी कि फरारी के दौरान उसने किनसे संपर्क किया और मामले से जुड़े साक्ष्यों को कैसे नष्ट किया गया। 

पूरी दुनिया आज संकट में, भारत से समाधान की उम्मीद: मोहन भागवत

जबलपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि आज पूरी दुनिया संकट में है. दुनिया अपनी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए बहुत उम्मीद से भारत की तरफ देख रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को भारत से ऐसी अपेक्षाएं इसलिए हैं क्योंकि देश धर्म और संस्कृति के मार्ग पर चलता है. मोहन भागवत ने यह बात  कही. उन्होंने जबलपुर में 'जीवन उत्कर्ष महोत्सव' नाम के एक धार्मिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए यह बयान दिया.  उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत से अपेक्षाएं हैं क्योंकि भारत धर्म और संस्कृति के रास्ते पर चलता है. उन्होंने संस्कृति का अर्थ नैतिक, सद्गुणी आचरण बताया. विश्व के संकट और भारत की भूमिका… आरएसएस प्रमुख ने कहा कि दुनिया की समस्याओं का समाधान भारत के पास है. उन्होंने बताया कि दुनिया भारत की ओर इसलिए देख रही है क्योंकि भारत अपनी संस्कृति और धर्म के मार्ग पर अडिग रहता है. मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि संस्कृति का सामान्य अर्थ नैतिक और सद्गुणी आचरण है. उनका मानना है कि जब लोगों में सद्भावना और एक-दूसरे के प्रति गहरा जुड़ाव होता है, तभी वे शालीनता से व्यवहार करते हैं. 'संस्कृति का अर्थ सद्गुणी आचरण…' मोहन भागवत ने इस दौरान संस्कृति के महत्व को भी समझाया. उन्होंने साफ किया कि संस्कृति का मतलब साधारण शब्दों में नैतिक और गुणी व्यवहार होता है. उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा व्यवहार तभी संभव है, जब लोगों के बीच सद्भावना की भावना हो और वे एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हों.

ठंड की शुरुआत: मध्यप्रदेश में रातें ठंडी, दिन में 30 डिग्री पार, बारिश की संभावना

 भोपाल  मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से भोपाल और जबलपुर संभाग में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। 6 नवंबर से ठंडी उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे रातें ठंडी हो जाएंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। इसका असर भोपाल, गुना, विदिशा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बादल छाए रहेंगे। इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के अंदर भोपाल, गुना, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी। दो दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा और दिन में तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, टीकमगढ़ में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह रविवार-सोमवार की रात में शिवपुरी में 15 डिग्री, राजगढ़ में 15.4 डिग्री, गुना में 16.6 डिग्री, खरगोन में 16.8 डिग्री, खंडवा में 16 डिग्री, श्योपुर में 17.4 डिग्री, नौगांव में 17.5 डिग्री, रीवा में 17.2 डिग्री रहा। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस बार मानसून भी बेहतर रहा इस बार प्रदेश में मानसून की भी 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

कटेझिरिया जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, नक्सली अभी भी फरार, सर्च ऑपरेशन जारी

बालाघाट:  देश के गृह मंत्री अमित शाह के एलान के बाद लगातार नक्सलियों पर एक्शन जारी है. छत्तीसगढ़ में आए दिन नक्सलियों को या तो खत्म किया जा रहा है, या फिर वे खुद सरेंडर कर रहे हैं. अमित शाह ने नक्सलवाद को मार्च 2026 तक जड़ से खत्म करने की डेडलाइन फिक्स की है. जिसके बाद नक्सलवाद वाले राज्यों में जवानों द्वारा नक्सलियों पर नकेल कसने का काम जारी है. वहीं बालाघाट में एक बार फिर सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आई है. बताया जा रहा है कि रूपझर थाना क्षेत्र के पचामा जंगल में सोमवार देर रात से ये यह मुठभेड़ जारी है. देर रात हुई फायरिंग एएसपी आदर्शकांत शुक्ला के अनुसार, देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच सर्चिंग टीम को पांच नक्सली दिखे। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की तलाश के लिए पुलिस ने जंगल में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को उतारकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। 14 जून को चार नक्सलियों को मारा था उल्लेखनीय है कि कटेझिरिया का यह वही जंगल है जहां बीते 14 जून को सुरक्षाबलों ने 14-14 लाख रुपए के चार इनामी नक्सलियों – रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी (पति चंदू उर्फ देवचंद), रवि, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला और सुमन को मार गिराया था। एक ने किया था सरेंडर हाल ही में, 1 नवंबर को तीन राज्यों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश) की मोस्ट वांटेड, 14 लाख रुपए की इनामी नक्सली सुनीता आयाम ने बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में जवानों और नक्सलियों के बीच फायरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्श कांत शुक्ला ने ईटीवी भारत को बताया कि "पचामा जंगल में देर रात से जवानों और नक्सलियों के बीच एक्सचेंज ऑफ फायर जारी है. जंगल में 800 से अधिक जवान तैनात हैं. जवानों ने सर्च ऑपरेशन को और भी तेज कर दिया है. हालांकि उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी नक्सली के हताहत होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है." महिला नक्सली के सरेंडर के बाद मुठभेड़ जानकारी के लिए बताते चलें कि दो दिन पहले यानि रविवार को ही छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली महिला नक्सली ने बालाघाट में आत्मसमर्पण किया है. उसके दूसरे ही दिन नक्सलियों ने गोलाबारी शुरू कर दी. जिसमें सुरक्षा बल के जवानों की तरफ से देर रात से लगातार जवाबी कार्रवाई जारी है. अपने महिला साथी के आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों की यह बौखलाहट दूसरे ही दिन सामने आई है. लगातार अपनी पकड़ बालाघाट में कमजोर होते देख नक्सलियों में अब निराशा और हताशा है. 12 साल बाद 2 नवंबर को नक्सली ने किया आत्मसमर्पण हालांकि रविवार को महिला नक्सली ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला लिया. मध्य प्रदेश नक्सली पुर्नवास सह रात नीति 2023 के तहत महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया था. जिस महिला नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण किया है, वह नक्सली गार्ड के रूप में काम करती थी. उस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बालाघाट में 12 साल बाद किसी नक्सली ने सरेंडर किया है. इससे पहले साल 2013 में एक नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. ज्ञात हो कि इसी पचामा के जंगल में सुरक्षा बल के जवानों ने इसी साल जून में 4 नक्सलियों को मार गिराया था. जिनमे तीन महिलाएं शामिल थीं. जिनके पास से विस्फोटक और हथियार भी बरामद किये गए थे.