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ऊर्जा मंत्री तोमर ने जिस स्कूल में की पढ़ाई वहीं के वार्षिकोत्सव में बने मुख्य अतिथि

भोपाल  शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (स्मार्ट स्कूल) शिक्षा नगर में वार्षिकोत्सव और सम्मान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में इस विद्यालय के छात्र रहे ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मैं, इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर चुका हूँ। आज ग्वालियर बदल रहा है, ग्वालियर में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। इसका प्रमाण आपका और हमारा यह स्मार्ट स्कूल है जहां आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट कक्षाओं के साथ ही शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं लोक विधाओं से परिपूर्ण कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने समस्त दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, लोकगीत, बालिका गीत और विभिन्न नृत्य कार्यक्रमों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। साथ ही प्रतिभागी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (स्मार्ट स्कूल) का वार्षिकोत्सव एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थीयों द्वारा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक माध्यम है जिसके जरिए विद्यालय के विद्यार्थी पूरे साल की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण समारोह होते हैं जो छात्रों को प्रेरित करते हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।  

बिजली कंपनी के वॉट्सएप चैटबॉट से बिल डाउनलोड और बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध

उपभोक्ता सुविधा का लाभ उठाएं भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि वॉट्सएप चैटबॉट से बिल डाउनलोड एवं बिल भुगतान सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके लिए उपभोक्ता को कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे अपने मोबाइल के माध्यम से बिजली बिल डाउनलोड एवं भुगतान सहित अन्य 10 सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि चैटबॉट नंबर 0755 2551222 पर ‘Hi‘ (हाय) लिखते हैं तो तुरंत आपके सामने क्रमशः 10 अलग-अलग सुविधाओं की सूची आ जाएगी। यदि आपको अपने घर का बिजली बिल भरना है तो इसमें 2 नंबर पर ‘फॉर बिल’ का ऑप्शन दिखता है। मैसेज बॉक्स में जैसे ही आप 2 लिखते ही आपको 1 नंबर ‘फॉर व्यू एंड पे एलटी बिल’ का ऑप्शन सहित तीन अन्य ऑप्शन भी दिखेंगें। जब आप अपने बिल के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो दो ऑप्शन आएंगे। इसमें 1 नंबर पर ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ और 2 नंबर पर ‘फॉर इंटर कस्टूमर आईडी। इसमें आप अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के लिए जैसे ही ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो आपके कनेक्शन नंबर दिखेंगे। इसमें जिस नंबर का बिल आपको चाहिए वह नंबर जैसे ही लिखेंगे तो तुरंत आपके मोबाइल पर बिल की पीडीएफ राशि सहित आ जाएगी। इसी में ‘व्यू एंड पे’ तथा ‘पे नाऊ’ का ऑप्शन दिखेगा। यदि आप पहले बिल देखना चाहते हैं तो ‘व्यू एंड पे’ को टच करेंगे। यदि आपको राशि देखकर उसे जमा करना है तो ‘पे नाऊ’ को टच करना होगा। जैसे ही आप ‘पे नाऊ’ को टच करेंगे तो आपसे भुगतान के विकल्प पूछे जाएंगे। इसमें आपको पे ऑन वाट्सएप, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम सहित अन्य यूपीआई एप्स के ऑप्शन दिखेंगे। यहां पर जिस विकल्प से आपको पेमेंट करना है उसे चयन कर ‘कांटीन्यू’ कर देंगे तो आपके वैलेट से पैमेंट की प्रक्रिया पूरी होगी और तत्पश्चात मोबाइल पर ही रसीद प्राप्त हो जाएगी। इस रसीद को आपके मोबाइल में सेव करने का ऑप्शन भी रहेगा। इसके अलावा आप चाहें तो उसका स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं। इस तरह से उपभोक्ता घर बैठे अपने मोबाइल से बिजली कंपनी की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। वॉट्सएप व चैटबॉट पर इन 10 सुविधाओं का ऑप्शन उपलब्ध फॉर कंप्लेंट, फॉर बिल (एलटी/एचटी), फॉर व्यू अदर एप्लीकेशंस, फॉर लिंक युअर मोबाइल टू कनेक्शन नंबर, फॉर सैल्फ रीडिंग, टू एप्लाई फॉर न्यू सर्विस कनेक्शन/नेट मीटरिंग, टू एप्लाई फॉर चैंज इन एक्जिस्टिंग कनेक्शन, टू एप्लाई फॉर फिजिकल बिल, फॉर सोलर रूफटॉप (नेट मीटरिंग), एड ऑर रिमूव मोबाइल नंबर पर है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मंत्री डॉ. चौधरी की माताजी श्रीमती सुमित्रा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया

 एम्स पहुंचकर किए अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को एम्स भोपाल पहुंचकर पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी की माताजी स्व. श्रीमती सुमित्रा देवी के अंतिम दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजन से भेंट कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पूज्यनीय माताजी की पुण्य आत्मा को शांति प्रदान कर अपने श्री चरणों में स्थान देने और परिजन को गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

एमएसएमई के लिये समूह बीमा उत्पाद पर हितधारकों की कार्यशाला संपन्न

भोपाल  रैम्प यानि राइजिंग एंड एक्सीलीरेटिंग एमएसएमई परफार्रेमेंस के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के सहयोग से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए समूह बीमा उत्पाद पर कार्यशाला पंचानन भवन भोपाल में हुई। इस कार्यशाला में शासकीय विभागों के प्रतिनिधियों, उद्योग संघों, व्यापारी संघों तथा प्रमुख बीमा कंपनियों की सहभागिता रही। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म खुदरा विक्रेताओं एवं एमएसएमई के लिए एक व्यापक समूह बीमा उत्पाद विकसित करना और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। चर्चा में बीमा कवरेज के महत्व, दावा निपटान की चुनौतियों, किफायती एवं अनुकूलित बीमा उत्पादों की आवश्यकता तथा शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। प्रतिभागियों ने एमएसएमई के लिए विशेष रूप से तैयार नीतियाँ विकसित करने, बीमा साक्षरता को प्रोत्साहित करने (विशेषकर महिला उद्यमियों और जनजातीय क्षेत्रों में) तथा “इंश्योरेंस फॉर ऑल – विकसित भारत 2047” की दिशा में कार्य करने के सुझाव दिए। कार्यशाला का समापन सामूहिक सहयोग से मध्यप्रदेश में एमएसएमई के लिए सशक्त बीमा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।  

डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में नई उड़ान भरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

“अभ्युदय मध्यप्रदेश” – एक नवंबर को 70वां स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को मिलेंगी सौगातें रवीन्द्र भवन में होगा राज्य स्तरीय समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के गौरवशाली 70वें स्थापना दिवस पर राज्य सरकार डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी नई उड़ान भरने जा रही है। नागरिकों और निवेशकों को सशक्त बनाने के लिए तीन नई डिजिटल पहल शुरू होंगी। इनमें “MP ई-सेवा पोर्टल” के माध्यम से नागरिकों को एक ही मंच पर सभी सरकारी सेवाएँ सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होंगी। “Invest MP 3.0” पोर्टल निवेशकों के लिए एक उन्नत सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में कार्य करेगा, जिससे निवेश की प्रक्रिया और अधिक सहज व समयबद्ध बनेगी। वहीं “Wash on Wheels” मोबाइल ऐप युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ते हुए शहरी स्वच्छता सेवाओं में नई तकनीकी ऊर्जा जोड़ेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश निवेश उपलब्धियों, औद्योगिक प्रगति और रोजगार सृजन के विजन पर अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर “द टू-ईयर जर्नी” शीर्षक से एक विशेष ऑडियो-विजुअल का प्रदर्शन किया जायेगा जिसमें विगत दो वर्षों की राज्य की निवेश प्रोत्साहन यात्रा और उपलब्धियों का जीवंत चित्रण होगा। अभ्युदय मध्यप्रदेश का यह राज्य स्तरीय समारोह 1 नवम्बर 2025 को भोपाल के रवींद्र भवन में सुबह 11:30 बजे से होगा। यह केवल उत्सव नहीं बल्कि प्रदेश की सशक्त विकास यात्रा उपलब्धियों और आने वाले वर्षों के संकल्पों का प्रतीक बनेगा। कार्यक्रम में प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देने के लिए विमानन क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। इनमें उज्जैन हवाई अड्डे के विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर, रीवा–नई दिल्ली और रीवा–इंदौर फ्लाइट के लिए अनुबंध तथा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के अनुबंध शामिल हैं। इन पहलों से राज्य के औद्योगिक, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई उड़ान मिलेगी। “अभ्युदय मध्यप्रदेश” राज्य सरकार की नीति, दृष्टि और प्रतिबद्धता का ऐसा संगम होगा, जिसमें प्रदेश के विकास के साथ भविष्य की दिशा का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विजन से प्रेरित होकर “समृद्ध मध्यप्रदेश 2047” के संकल्प को नई गति दे रही है। यह आयोजन उसी दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है जो यह संदेश देगा कि मध्यप्रदेश दृढ़-संकल्प शक्ति के साथ लगातार बढ़ रहा है। समारोह में केंद्रीय मंत्रियों, नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के उच्च पदाधिकारियों की उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू, उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी, मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप तथा अदानी ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री प्रणव अदानी सहित आंध्रप्रदेश से आने वाले गणमान्य अतिथि और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन राज्य की विकास यात्रा एवं भविष्य की रूपरेखा पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” दृष्टि-पत्र का विमोचन किया जाएगा जो प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप प्रस्तुत करेगा। यह दस्तावेज़ एक ऐसे मध्यप्रदेश की परिकल्पना करता है जो नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता पर केंद्रित, निवेश और रोजगार सृजन के अवसरों से सम्पन्न तथा परंपरा और आधुनिकता के संतुलन से सशक्त सांस्कृतिक राज्य के रूप में आगे बढ़े। “अभ्युदय मध्यप्रदेश” स्थापना दिवस आत्मविश्वास, नवाचार और प्रगति की नई उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह आयोजन उस भावना का उत्सव है जो कहती है, मध्यप्रदेश न केवल अपनी विरासत पर गर्व करता है, बल्कि भविष्य को और उज्ज्वल बनाने के लिए पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।  

मध्यप्रदेश में हैरान करने वाला खुलासा! संचालक बेच रहा था फर्जी डेथ सर्टिफिकेट ऑनलाइन

बुरहानपुर खकनार तहसील में चाौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। तहसील मुख्यालय में फोटोकापी और एमपी ऑनलाइन सेंटर चलाने वाला युवक अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र बांट रहा था। नायब तहसीलदार कविता सोलंकी की शिकायत पर खकनार थाना पुलिस ने आरोपित संचालक विनोद पवार निवासी पांगरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि शुक्रवार शाम तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दरअसल बिजौरी निवासी गोवर्धन पुत्र ताराचंद ने पंचायत सचिव दीपक आम्बेकर को अपने काका गोकुल पुत्र हीरा का मृत्यु प्रमाण पत्र दिया था। सचिव ने जांच करने के लिए जब प्रमाण पत्र का आरएस नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर डाला तो पता चला कि उसी नंबर का एक प्रमाण पत्र एक अक्टूबर को तहसीलदार जितेंद्र अलावा के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो चुका है। गोवर्धन द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र तीन अक्टूबर का था और उसमें नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर व सील लगी हुई थी। फर्जीवाड़े का पता चलने पर सचिव ने नायब तहसीलदार को सूचना दी। जांच में मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।   आरोपित ने ढाई हजार रुपये लिए गोवर्धन ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि 29 सितंबर को वह काका गोकुल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने लोकसेवा केंद्र खकनार गया था। वहां उससे शपथ पत्र बनवा कर लाने के लिए कहा गया। इसके बाद वह रोहन फोटोकापी और आनलाइन सेंटर पहुंचा। जहां संचालक विनोद पवार ने ढाई हजार रुपये में प्रमाण पत्र बनवा कर देने की बात कही। गोवर्धन ने 600 रुपये अग्रिम दिए। तीन दिन बाद उसने 19 सौ रुपये लिए और गोवर्धन को प्रमाण पत्र दे दिया। उसे इस बात की जानकारी ही नहीं हुई कि जो प्रमाण पत्र दिया गया है, वह फर्जी है। इस फर्जीवाड़े में तहसील का भी कोई कर्मचारी शामिल है य नहीं और अब तक ऐसे कितने प्रमाण पत्र बना कर बांटे जा चुके हैं इसकी जांच की जा रही है।

महिलाओं के विकास की नई गाथा लिख रहा देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं की उन्नति के बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। महिलाओं की कठिनाइयों को दूर करने के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार के प्रयास निरंतर जारी रहना बेहद जरूरी है। महिलाओं के स्वास्थ्य, उपचार, पोषण और कल्याण की दिशा में मध्यप्रदेश में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की हर बेटी, हर महिला पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, हर बहन सशक्त बने, यही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में हमने देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन प्रारंभ किया है। यह मिशन प्रदेश की बहनों को हर स्तर पर नई ताकत और नये अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए भी हमारी सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं। इनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल, सुरक्षा सहित कायिक शुचिता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा ‘सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना’ चलाई जा रही है। योजना के अंतर्गत छात्राओं को सेनेटरी पैड्स क्रय के लिए सहायता राशि सीधे इनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश की 20 लाख से अधिक बेटियों को 118 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि इनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के हित में ऐसा कदम उठाने वाला हमारा मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। हमारी बहनें है समाज की शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बहनें समाज की शक्ति हैं। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन उनके जीवन में नई ऊर्जा और अवसर लेकर आया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर बहन को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान मिले। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में यह हमारा संकल्प है और महिलाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए ही यह मिशन प्रारंभ किया गया है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता, शासकीय योजनाओं का लाभ, नेतृत्व प्रशिक्षण और सुरक्षा व अधिकार संरक्षण जैसी सेवाएं और सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमारी सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने शासकीय नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दी है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर इन्हें समुचित सम्मान और प्रोत्साहन दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र उद्योग में कार्यरत महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। हमने रेडिमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री में कार्यरत हर महिला श्रमिक को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इससे महिलाएं और अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रक्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए आश्रय गृह (वर्किंग वुमन हॉस्टल्स) की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इनका कुशल नेतृत्व यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की अनवरत विकास यात्रा में हमारी बहनें अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने के लिए हमारी सरकार कोई कमी नहीं रखेगी। महिलाएं ही प्रदेश के चहुंमुखी विकास का नया अध्याय लिखेंगी, यह निश्चित है। 

सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री परमार

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक : मंत्री  परमार सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री  परमार मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी को झंडी दिखाकर किया रवाना राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हर निर्णय ऐसे हो रहे हैं जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ही फिर से भारत का नेतृत्व करने के लिए खड़े हों। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व का सबसे समृद्ध एवं विकसित देश बनने का संकल्प लिया है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' के अपने दृष्टिकोण के साथ विश्वमंच पर पुनः आगे बढ़ रहा है। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा और हर विधा-हर क्षेत्र में विश्वभर में सिरमौर देश बनेगा। स्वाभिमान के साथ देश को वैश्विक मंच पर सिरमौर बनाने की संकल्पना में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने शुक्रवार को 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित माँ शारदा सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'रन फॉर यूनिटी' (एकता दौड़) को झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रेरक संबोधन दिया। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता-अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौध-रोपण भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कार्यक्रम में सहभागी बनने को गौरवपूर्ण बताते हुए प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का स्मरण करना और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। मंत्री  परमार ने सभी को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके पुरुषार्थ पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने बताया कि स्वतंत्रता के उपरांत सभी रियासतों के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया और सभी रियासतों का भारत में विलीनीकरण कर देश को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम में  अशोक नायक,  विजय बैस, शुजालपुर महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष  आलोक खन्ना सहित नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।  

उमा भारती ने दी चेतावनी, 2029 के लोकसभा चुनाव में हिस्सेदारी पक्की

जबलपुर   मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ने का ऐलान किया है। जबलपुर में गोपाष्टमी पर्व के मौके पर गोसंवर्धन संकल्प सभा में पहुंची थीं और इसी दौरान उन्होंने मंच से ये ऐलान किया। उमा भारती ने कहा कि वो साल 2029 में लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगी। क्योंकि सांसद और मंत्री बनने से आम जनता का भला करने का मौका मिलता है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने से उनने कभी इंकार नहीं किया था, बस उसे टाला था। 'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय' गोसंवर्धन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उमा भारती ने गाय का जिक्र करते हुए कहा कि गाय सेक्युलेरिज्म के चक्कर में फंस गई है। कई नेता डर के मारे गाय पर बोलने से बचते हैं। क्योंकि उन्हें यह लगता है कि धर्म विशेष का वोटर नाराज हो जाएगा। उमा भारती ने आगे कहा कि लाड़ली बहनों को जो राशि मिल रही है वो तो मिलनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ ही लाड़ली बहनों को एक-एक दुधारू गाय भी देनी चाहिए। इससे उनकी आमदनी 3 हजार से बढ़कर 10 हजार तक हो जाएगी। वहीं उन्होंने कहा राम के नाम पर पूरा भारत एक हुआ। लेकिन भगवान के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। ललितपुर से चुनाव लड़ने की जता चुकी हैं इच्छा बता दें कि उमा भारती बीते दिनों यूपी के ललितपुर के दौरे पर थीं और तब उन्होंने वहां पर भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। तब उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे 'अगला लोकसभा चुनाव झांसी लोकसभा सीट' से लड़ेंगी। उमा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी । सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि 'अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगी, लेकिन मैं सिर्फ झांसी से ही चुनाव लड़ूंगी।' तब उन्होंने ये भी कहा था कि उनका बुंदेलखंड क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और वे चाहेंगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की जनता एक बार फिर उन्हें लोकसभा तक पहुंचाए।

जबलपुर में 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, 16 करोड़ की संपत्ति जब्त, धान खरीदी में 43 करोड़ का घोटाला

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में करोड़ों के घोटाले में सरकारी खजाने का जो नुकसान हुआ है उसको पूरा करने के लिए अब अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम किया जाएगा. जबलपुर कलेक्टर ने 12 कर्मचारियों की संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए हैं. आरोप है कि, इन लोगों की मिली भगत से जबलपुर में एक धान खरीदी में घोटाला हुआ था. जिसमें सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. फिलहाल अधिकारी-कर्मचारियों से 16 करोड़ रुपए की वसूली की जा रही है. 43 करोड़ के धान घोटाले का पर्दाफाश जबलपुर में पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला किया गया था. आरोप है कि, इसमें कई मिल मालिकों ने जबलपुर के सरकारी गोदाम से धान मिलिंग के लिए ली थी, लेकिन उतना चावल वापस नहीं किया. कई स्थानों पर तो अच्छी धान को गोदाम से उठाया गया था, लेकिन उसे मिलिंग के लिए ना भेज कर सीधे बाजार में बेच दिया गया. उसके बदले बाजार से खराब किस्म का चावल खरीद कर नागरिक आपूर्ति में जमा करवा दिया गया. सरकार से ट्रांसपोर्टेशन और मिलिंग का पैसा ले लिया गया. इस दौरान जिन गाड़ियों से ट्रांसपोर्टेशन दिखाया गया था, उस गाड़ियों का नंबर स्कूटर और कहीं कार का पाया गया था. 16 मिल मालिक और 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ केस जब इस मामले में जांच शुरू की गई तो 43 राइस मिलर्स के अकाउंट में गड़बड़ी पाई गई. जिसमें करीब 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला हुआ. सरकार को चूना लगाने के साथ ही कई किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की गई और उन्हें पैसा नहीं दिया गया. तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जब इस मामले की बारीकी से जांच करवाई तो 16 मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. वहीं 12 अधिकारी कर्मचारियों को भी दोषी पाया गया. इन लोगों के खिलाफ भी गबन का मुकदमा दर्ज किया गया. क्योंकि इन अधिकारी कर्मचारियों की भी इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत थी. सहकारी समिति के 4 कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज इस मामले में सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. जिसमें से 16 करोड़ रुपए की वसूली अधिकारी कर्मचारी से किया जाना है. जबलपुर के वर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और उनकी चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है. इसी को बेचकर सरकार अपना नुकसान पूरा करेगी और किसानों को भुगतान करेगी. इस मामले में चार सहकारी समिति के कर्मचारियों को और अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारी और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी धान खरीदी जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि "पूर्व के अनुभव अच्छे नहीं हैं. इसलिए इस बार खरीदी में ज्यादातर स्वयं सहायता समूह को आगे लाया जा रहा है, उनकी ट्रेनिंग की जा रही है. खरीदी का पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा. पहले स्तर पर सर्वेयर, नोडल ऑफिसर और सीसीटीवी कैमरे के बावजूद भी दूसरे अधिकारियों की भी ड्यूटी लगा रहे हैं. जो इस पूरी धान खरीदी को अपने निगरानी में करवाएंगे. धान खरीदी की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार की जाएगी." सरकारी घाटे या नुकसान को इसी तरीके से अधिकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत चल अचल संपत्ति के माध्यम से बेचकर वसूला जाएगा. तो दूसरे अधिकारी कर्मचारियों में भी इस बात की दहशत होगी कि यदि वे गड़बड़ करते हैं तो कल इसी तरह की कार्यवाही उनके खिलाफ भी हो सकती है.