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अब एडवांस पेमेंट जरूरी! MP में सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के आवासों की बिजली कट सकती है

भोपाल मंत्रियों के बंगले हों या सरकारी कार्यालय, यदि बिजली चाहिए तो अग्रिम भुगतान करना होगा। प्रदेश के सरकारी भवनों में अब प्री पेड मीटर लगाने पर बिजली तभी मिलेगी जब अग्रिम भुगतान कर रिचार्ज करवाया जाएगा। इसके लिए वल्लभ भवन मंत्रालय से लेकर तहसील स्तरीय सरकारी कार्यालयों तक में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय से मिले दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह कार्य किया जा रहा है। पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए केंद्र सरकार की आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य किए जा रहे हैं।   वितरण कंपनियों द्वारा संभाग, जिला व ब्लाक मुख्यालयों के शासकीय कार्यालयों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। योजनांतर्गत प्रदेश में 45,191 शासकीय कार्यालयों के विद्युत कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसमें से 18,177 कनेक्शनों पर प्रीपेड बिलिंग की सुविधा शुरू हो गई है। वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अलावा प्रीपेड स्मार्ट मीटर मंत्रियों के बंगलों में भी लगेंगे। 10 हजार रुपये का एक प्रीपेड स्मार्ट मीटर है। प्रदेश में कुल 55 लाख मीटर लगाए जाएंगे। इनमें घरेलू उपभोक्ता भी शामिल हैं। इस कार्य पर मप्र में 15 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे। इन प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बिजली लेने के लिए मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज करना होगा उसके बाद ही विद्युत सप्लाई मिलेगी।        मप्र में कुल 413 नगर निकाय हैं। यहां छह -छह माह से विद्युत बिल भुगतान लंबित रहता है।     कई बार तो साल भर का विद्युत बिल भुगतान न होने पर विद्युत वितरण कंपनियों को निकायों को नोटिस जारी करना पड़ता है।     निकायों को विद्युत बिल भुगतान के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी जाती है, लेकिन समय पर राशि न मिलने से कई बार बिल भुगतान लंबित रहता है।     निकायों के अलावा पंचायतों की भी यही स्थिति हैं। अब अगर समय पर बिल भुगतान नहीं किया तो विद्युत प्रवाह रोक दिया जाएगा।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग, महिला बाल विकास विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का लगभग 800 करोड़ रुपये का बकाया है।     अन्य विभागों को मिलाकर कुल शासकीय विभाग का 1300 करोड़ रुपये का बिल भुगतान बकाया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्थापना दिवस पर जनता को दी हार्दिक शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी राज्य के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं विकास की 70 साल की लंबी यात्रा आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनता मध्यप्रदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब 70 साल का हो गया है। अपनी गौरवशाली विकास यात्रा का 70वां स्थापना दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को गठित यह राज्य न केवल भारत के हृदय में स्थित है, बल्कि देश के विकास मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह 70 वर्षीय यात्रा समर्पण, संकल्प और सतत् विकास की सुखद यात्रा रही है। यह दिन हमें हमारे पूर्वजों की मेहनत, उनके जज्‍बे, जनभागीदारी से विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी एवं हम सभी की आस्था और निष्ठा की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सात दशकों में मध्यप्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कभी “बीमारू” कहे जाने वाले इस राज्य ने आज कृषि, सिंचाई, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हमारा मध्यप्रदेश आज देश का “फूड बास्केट” कहलाता है, जहां अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन” और “लाड़ली लक्ष्मी योजना” जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। युवाओं के लिए “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” और “स्टार्टअप मध्यप्रदेश” जैसे कार्यक्रम रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोल रहे हैं। वहीं प्रदेश में सुशासन एवं नवाचारों ने शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश अब “विकसित भारत @ 2047” के विज़न और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट शहरों, हरित ऊर्जा, जल संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तेज गति से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश आज एक आत्मनिर्भर प्रदेश के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन राज्य के रूप में भी देश के हृदय और धमनियों के रूप में धड़क रहा है। विकास को लेकर हमारी दिशा और लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश के हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचे, हर हाथ को काम मिले, हर घर में खुशहाली हो और हर मन में मध्यप्रदेशवासी होने के गर्व का भाव जागे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का यह 70वां स्थापना दिवस एक अवसर है अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने और भविष्य के स्वर्णिम लक्ष्य तय करने का। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब एकजुट होकर “विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। सामूहिक सहभागिता से अपनी मिट्टी को, अपनी मातृभूमि को, अपने प्रदेश को हर क्षेत्र में सबसे आगे रखकर अग्रणी बनाने का यही सही अवसर है‌।

एम्स भोपाल में शुरू हुई एडवांस्ड स्ट्रोक ट्रीटमेंट यूनिट, 24 घंटे उपलब्ध रहेगा इलाज

 भोपाल  एम्स भोपाल में अब एडवांस्ड स्टोक टीटमेंट यूनिट शुरू की गई है। जहां बिना ओपन सर्जरी ब्रेन की बंद धमनी से थक्का (क्लॉट) निकालकर रक्त प्रवाह सामान्य किया जाएगा। इस तकनीक से मरीज की जान बचाना संभव होगा। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो 60 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचे। यह मध्य भारत में अपनी तरह की पहला केन्द्र होगा। यहां न्यूरोलॉजिस्ट, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी। एम्स के कार्यपालक निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने कहा कि स्ट्रोक के लक्षणों की तुरंत पहचान और अस्पताल पहुंचकर जीवन को बचाया जा सकता है। इसके लिए थिंक एफएएसटी अभियान चलाया गया है। एम्स की यह यूनिट मध्य भारत में स्ट्रोक मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण है। क्या है मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी यह एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है जिसमें पैर या कलाई की धमनी के जरिए पतली ट्यूब (कैथेटर) से ब्रेन की बंद धमनी तक पहुंचकर थक्का निकाला जाता है। इसमें ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। इससे लकवा जैसी बीमारी से बचा जा सकता हैं। एडवांस्ड स्ट्रोक की विशेषताएं     इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से तुरंत इलाज     सीटी और एमआरआइ परफ्यूजन इमेजिंग से सटीक निदान     यह पहचानना कि मरीज को थ्रोम्बेक्टोमी का लाभ मिलेगा या नहीं     पारंपरिक समय के बाद भी नई तकनीक कारगर स्ट्रोक के शुरुआती 5 संकेत     चेहरे पर झुकाव     हाथ-पैर में अचानक कमजोरी     बोलने में दिक्कत     दृष्टि धुंधली या दोहरी     तेज सिरदर्द और चक्कर

राजधानी भोपाल को मिलेगी 70 नई CNG बसें, परिषद की 14वीं बैठक में मंजूरी

भोपाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समस्या से जूझ रही राजधानी भोपाल में जल्द ही इनक्यूबेट कंपनी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ मिलकर 70 सीएनजी लो फ्लोर बसें चलाएगी। जबकि, शहर के 85 वार्ड और 81 जोन में डिग्री के हिसाब से इंजीनियर को अब काम दिया जाएगा। बड़ा तालाब का पानी बैरसिया तक पहुंचाया जाएगा ताकि यहां इंडस्ट्रियल क्लस्टर डेवलप किया जा सके। इसके अलावा नगर निगम में पिछले 10 साल से सेवा देने वाले एक हजार अस्थाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।  नगर परिषद की 14वीं बैठक में इन निर्णयों को बहुमत से पारित किया गया। कांग्रेस एवं भाजपा पार्षदों ने बगैर नगर परिषद एवं महापौर परिषद की मंजूरी भेजे गए प्रस्ताव पर तमाम आरोप लगाए हैं। शहर में अभी केवल 30 बसें बीसीएलएल अभी शहर(Bhopal) में 30 बसों का ही संचालन करवा रहा है। एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान के सवाल पर कहा कि कंपनियों को 60 बसों को चलाने के निर्देश है। निगमायुक्त ने संस्कृति जैन ने इस पर सदन को जानकारी दी कि निजी कंपनी से एग्रीमेंट के आधार पर इनकी संख्या जल्द 70 की जाएगी। यह हुए बड़े फैसले     बैरसिया तक पहुंचेगा बड़ा तालाब का पानी     तबादले के बाद भी जमे अफसर हटाए जाएंगे     एक हजार कर्मचारी नियमित होंगे     अपर आयुक्त 5 की बजाए 50 लाख बजट खर्च कर सकेंगे     हरियाली के लिए उद्यान विभाग के खर्च बजट की होगी जांच इंजीनियरों का कैडर सुधारेंगे सिविल इंजीनियरों से बिजली और बिजली के इंजीनियरों से सीवेज, स्वच्छत्ता का काम कराने का मुद्दा उठा। कांग्रेस भाजपा पार्षदों ने एक सुर में कहा कि इससे काम होने बंद हो चुके हैं। निगमायुक्त ने कहा कि जल्द सभी शाखाओं में डिग्री और डिप्लोमा के हिसाब से पदस्थापना की जाएगी। बैरसिया तक जाएगा बड़ा तालाब का पानी, इंडस्ट्रियल क्लस्टर का होगा विकास बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों में से एक था — बैरसिया तक बड़ा तालाब का पानी पहुंचाने का प्रस्ताव। नगर निगम अब बांदीखेड़ी इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर को पानी की आपूर्ति करेगा, जिसके लिए लगभग 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य बैरसिया क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर का विकास करना है। हालांकि, कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध किया और कहा कि “शहर अपनी पानी की जरूरतें ही पूरी नहीं कर पा रहा है, तो दूसरे क्षेत्र में सप्लाई क्यों?” इसके बावजूद यह प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। एक हजार अस्थायी कर्मचारियों को मिलेगी स्थायी नौकरी नगर परिषद बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि नगर निगम में पिछले 10 सालों से कार्यरत एक हजार अस्थायी कर्मचारियों को अब नियमित (Permanent) किया जाएगा। इससे कर्मचारियों में स्थिरता आएगी और प्रशासनिक कामकाज भी बेहतर होगा। साथ ही, यह भी तय किया गया कि जिन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप पाए जाएंगे, उनकी जांच निगमायुक्त स्तर पर की जाएगी। इंजीनियरों का काम अब डिग्री और विशेषज्ञता के अनुसार तय होगा बैठक में इंजीनियरों की कार्य विभाजन व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। अभी तक सिविल इंजीनियरों से बिजली और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों से सीवेज-सफाई का काम कराया जा रहा था, जिससे परियोजनाएं अटक रही थीं। अब जल्द ही सभी इंजीनियरों को डिग्री और डिप्लोमा के अनुसार संबंधित शाखाओं में पदस्थ किया जाएगा ताकि कामकाज प्रभावी और सुचारू रूप से हो सके। तबादले के बाद भी जमे अफसर हटाए जाएंगे, बढ़ी अधिकारियों की वित्तीय शक्ति नगर निगम प्रशासन ने कई प्रशासनिक निर्णय भी लिए हैं। तबादले के बाद भी अपने पदों पर जमे अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान और उपायुक्त एकता अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अब अपर आयुक्त 5 लाख की जगह 50 लाख रुपये तक का बजट खर्च कर सकेंगे ताकि विकास परियोजनाओं में देरी न हो। उद्यान विभाग के खर्च की होगी जांच पिछले एक वर्ष के दौरान उद्यान विभाग द्वारा शहर को हरा-भरा बनाने के नाम पर किए गए खर्च पर भी सवाल उठे। परिषद ने खर्चों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों ने विभाग के कामकाज पर गंभीर आपत्तियां जताईं। अफसरों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की एकजुटता बैठक में एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षद एक सुर में अफसरों के खिलाफ खड़े हो गए। दोनों ने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त और उपायुक्त न तो जनप्रतिनिधियों के फोन उठाते हैं और न ही बैठकों में शामिल होते हैं। महापौर मालती राय को कांग्रेस पार्षदों ने शहर की टूटी सड़कों और अधूरे वादों की याद दिलाते हुए सदन में तख्तियां दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। जीआईएस घोटाले पर भी गूंजा विरोध बैठक में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS 2025) से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी हंगामा हुआ। कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का इस विषय पर सवाल एजेंडे से हटा दिया गया, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। हालांकि, भाजपा पार्षद जगदीश यादव ने खुद सदन में बताया कि पुराने फाउंटेन मोटर को नया बताकर बिल पास किए गए, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। परिषद अध्यक्ष का बयान परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि “तबादले के बाद भी पद पर बने अफसरों को तुरंत हटाया जाएगा। कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं, जिन कर्मचारियों या अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

भोपाल में कलियासोत नदी पर नया ब्रिज, जर्जर पुल को तोड़ा जाएगा

भोपाल भोपाल शहर में कलियासोत नदी पर भोपाल विकास प्राधिकरण सलैया प्रोजेक्ट में एक और ब्रिज बनाएगा। इसके लिए कलियासोत नदी व मौजूदा ब्रिज तक जमीन ली जा रही है। ताकि जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बन सके। इससे नर्मदापुरम रोड से बावड़िया कला, सलैया की ओर बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी। दानिशकुंज ब्रिज होगा चौड़ा कलियासोत के दानिशकुंज ब्रिज को चार लेन किया जाएगा। इसके तहत करीब 70 मीटर लंबाई में दो लेन का हिस्सा बनेगा। अहिल्यादेवी चौराहा, मनीषा मार्केट से लेकर दानिशकुंज ब्रिज, चौराहा से सीआई स्क्वायर तक का हिस्सा चौड़ा होगा। सात किमी लंबाई का हिस्सा चार लेन में बन गया है, अब ब्रिज का चौड़ीकरण होना है। इस तरह मिलेगा लाभ भदभदा से कलियासोत डेम का रास्ता है। अमरनाथ के आगे सीपीए का अधूरा ब्रिज है। इसके बाद सर्वधर्म का ब्रिज चार लेन है। इससे आगे जेके अस्पताल के पास सहस्त्रबाहु ब्रिज है। बावड़िया से दानिशकुंज की ओर से कोलार को जोड़ने कलियासोत पर दो लेन ब्रिज हैं। ये चार लेन का होगा। इसके बाद सलैया का ब्रिज है। ये जर्जर है, इसे बीडीए नए सिरे से बनाएगा। कोलार से मिसरोद सीधे जुड़ेंगे बीडीए की तीन योजनाओं में कोलार को सलैया, बावड़िया के रास्ते मिसरोद व आसपास का क्षेत्र जुड़ेगा। इसके लिए संबंधित भू स्वामियों से बात कर जमीन निकाली जा रही है। ब्रिज बनने से आकृति से बावड़िया, कोलार सीधे जुड़ेगा। कोलार, मिसरोद को जोड़ने के लिए बीडीए की नए योजनाएं आ रही हैं। इसमें कई सड़क, पुल के निर्माण होंगे। नए ब्रिज का काम जल्द ही शुरू होगा। संजीव सिंह, प्रशासक, बीडीए

न्यायिक सेवा के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों को भी महंगाई भत्ता, सीएम की घोषणा संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने न्यायिक सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों के बाद अब अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी महंगाई भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह वृद्धि एक जुलाई 2025 से प्रभावी होगी, जिसमें अधिकारियों को तीन प्रतिशत अधिक महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जो इस सेवा के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार द्वारा 6 अक्टूबर को जारी आदेश में एक जुलाई 2025 से पुनरीक्षित दर पर महंगाई भत्ता मंजूर किया है। इसके बाद यह आदेश प्रदेश में काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा के अफसरों आईएएस, आईपीएस और आईएफएस समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रभावी है। इसे देखते हुए राज्य शासन ने अब तक सातवें वेतनमान पर मिल रहे 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते की दरों में तीन प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इस सेवा के अफसरों, कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से भत्ता देने का आदेश जारी किया है। वेतन भत्ते की यह राशि पे मैट्रिक्स के आधार पर दी जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश के न्यायिक सेवा के अधिकारियों कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का आदेश इसके पहले ही जारी हो गया था। अब जीएडी ने अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के लिए यह आदेश जारी किया है। नवंबर महीने के वेतन में होगा भुगतान     जानकारी के अनुसार, नई महंगाई भत्ते की यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी, जबकि इसका भुगतान नवंबर के महीने के वेतन में किया जाएगा।     इस फैसले के तहत कर्मचारियों को नवंबर और दिसंबर के वेतन में बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। चार महीने का एरियर भी मिल सकता है सिर्फ महंगाई भत्ता ही नहीं, सरकार जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का एरियर (Arrears) भी कर्मचारियों को देने की तैयारी कर रही है। इससे सरकार पर हर महीने करीब 125 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। बताया जा रहा है कि सरकार ने एरियर की राशि एकमुश्त देने की बजाय इसे चार किश्तों में देने का फैसला किया है। इस निर्णय से सरकार का खजाना अचानक से दबाव में नहीं आएगा। साथ ही, कर्मचारियों को भी समय-समय पर राहत मिलती रहेगी। डीए में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को मिलेगी खुशियां प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को फिलहाल 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो पहले 52 प्रतिशत था। इस साल मई में सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की थी, जो 1 जनवरी 2025 से लागू हुआ था। उस समय बढ़े हुए डीए का भुगतान जून से शुरू किया गया था और बकाया राशि पांच किश्तों में दी गई थी। अब एक बार फिर महंगाई भत्ता बढ़ने से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थापना दिवस पर सीएम कर सकते हैं ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों राज्य कर्मचारी संघ के दिवाली मिलन कार्यक्रम में संकेत दिए थे कि प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान भत्ता देने में उनकी सरकार पीछे नहीं रहेगी लेकिन मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा नहीं की थी। अब प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवंबर को कर्मचारी जगत यह उम्मीद लगाए है कि मुख्यमंत्री तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा कर सकते हैं। पिछले दिनों सरकार द्वारा लिए गए 5200 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद भी यह संभावना जताई जा रही है कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और लाड़ली बहना योजना समेत प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के लिए ही यह कर्ज लिया गया है।

कांग्रेस का पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर: 9-10 नवंबर को राहुल और खरगे तय करेंगे रणनीति

पचमढ़ी  नर्मदापुरम स्थित हिल स्टेशन पचमढ़ी मे 2 नवंबर से कांग्रेस का जिला अध्यक्षों (Congress district presidents) का प्रशिक्षण शिवर शुरू हो रहा है। 11 नवम्बर तक चलने वाले इस शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे। बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) के प्रथम चरण के बाद इनके आने की संभावना है। बिहार चुनाव का प्रथम चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा। राहुल और खरगे के 9 या 10 नवंबर को शिविर में आने की संभावना है। वे यहां जिलाध्यक्षों से संवाद करने के साथ टिप्स भी देंगे। होटल हाईलैंड में होगी ट्रेनिंग पचमढ़ी के होटल हाईलैंड में कांग्रेस जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। 2 नवंबर से 11 नवंबर तक होटल हाईलैंड में जिला अध्यक्षों से लेकर अंदर एंट्री करने वालों को बिना पास प्रवेश नहीं मिलेगा। जिला अध्यक्षों के ड्राइवर, पीए, पीएसओ को भी होटल में एंट्री नहीं मिलेगी। 70 रूम बुक कराए एमपी कांग्रेस की ओर से प्रशिक्षण के लिए तीन होटलों में करीब 70 रूम बुक कराए गए हैं। होटल हाईलैंड में 40 रुम रिजर्व कराए गए हैं। एक कमरे में दो जिलों के अध्यक्ष रुकेंगे। तीन अलग-अलग होटलों में 30 और रूम बुक कराए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में राहुल के लिए रूम कराएंगे रिजर्व राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जिला अध्यक्षों के अलावा दूसरे नेताओं से मुलाकात के लिए पचमढ़ी के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कुछ देर विश्राम कर सकते हैं। बीते सोमवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचकर कमरे देखे थे। तीन हैलीपेड तैयार पचमढ़ी में प्रशासन ने तीन हैलीपैड तैयार कर रखे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी सहित दिग्गज नेता भोपाल एयरपोर्ट पर उतरकर हेलीकॉप्टर के जरिए पचमढ़ी हैलीपैड पर पहुंचेंगे। बता दें कि बीजेपी विधायकों के प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशासन ने एयरपोर्ट तैयार कराए थे। योगा, व्यायाम से होगी दिन की शुरुआत जिला अध्यक्षों को दस दिनों की ट्रेनिंग के दौरान रोज सुबह योगा और व्यायाम कराया जाएगा। होटल हाईलैंड में अलग से योगा हॉल, ओपन जिम में जिला अध्यक्षों के लिए व्यवस्था की गई है।   प्रदेशाध्यक्ष ने लिया तैयारियों का जायजा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने सोमवार को पचमढ़ी पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। यहां उन्होंने आयोजन स्थल होटल हाईलैंड और हेलीपेड का निरीक्षण किया। 10 दिनों तक जिलाध्यक्षों को बूथ, कैडर मैनेजमेंट, आईटी, सोशल मीडिया, जनता से जुड़े मुद्दे उठाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्टी प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिव राव, संगठन सूजन के राष्ट्रीय प्रभारी रहे शशिकांत सेंथिल, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सुप्रिया श्रीनेत, जयराम रमेश, पवन खेड़ा आदि प्रशिक्षण देंगे। जिला अध्यक्षों से संवाद करेंगे राहुल गांधी पचमढ़ी कैंप में आने वाले जिला, ब्लॉक अध्यक्षों को दिन में प्रशिक्षण देने के दौरान राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। रात में भी सभी से संवाद करेंगे। शिविर में कांग्रेसियों से चुनाव लडने के लिए फिट कर दिया जाएगा। कॉफ्रेंस हॉल, आवास व्यवस्था का निरीक्षण किया प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एमपीटी के होटल हाईलैंड का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल का कॉफ्रेंस हॉल, जिला, ब्लॉक अध्यक्ष सहित नेताओं के ठहरने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद राजभवन, हेलीपैड देखने भी पहुंचे। खाद गोदाम पहुंचे पटवारी, किसानों से भी मिले पचमढ़ी से लौटते समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पिपरिया में खाद के लिए चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान वे डबल लॉक गोदाम पर किसानों से मिले। पटवारी ने कहा यह किसानों की वास्तविक स्थिति है। किसानों को सुविधा देने के सरकारी दावे झूठे हैं। भाजपा का डबल इंजन बेपटरी हो चुका है। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। एक एक बोरी खाद के लिए परेशान हो रहा है। अलग-अलग सत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने बताया कि सभी जिला अध्यक्षों के पास प्रदेश अध्यक्ष की तरह पावर होता है। इसलिए शिविर में सभी को जनता के बीच किन मुददे को लेकर जाना है। नई नीति बनाना, जनता से बात करने के तरीके बताए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, किसानों की समस्या पर बात करने के गुर सिखाएं जाएंगे। पटवारी ने कहा कि जब भी कांग्रेस ने पचमढ़ी से शुरूआत की है। प्रदेश में बदलाव की लहर आई है। 1998 के बाद भी बदलाव हुआ। इस बार फिर नए बदलाव की तैयारी हो गई है। पचमढ़ी में हुई भाजपा की पाठशाला को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता मंत्री, जनता, किसानों पर अत्याचार, गुडागर्दी करते दिख रहे है। उन्हें शायद यही प्रशिक्षण दिया गया होगा। उन्होंने कहा कि शिविर में अलग अलग सत्र में जिला अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में नेताओं को धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में संयम बरतना, राहुल गांधी के डरो मत कॉन्सेप्ट के बारे मैं समझाया जाएगा। बिहार में पहले चरण की वोटिंग के बाद आएंगे राहुल गांधी बिहार में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। पहले चरण की वोटिंग के बाद राहुल गांधी पचमढ़ी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। पीसीसी की मानें तो 8 से 11 नवंबर के बीच राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम बन सकते हैं। जिला अध्यक्षों के काम का हो सकता है रिव्यू पचमढ़ी ट्रेनिंग कैम्प में एमपी के 71 जिला अध्यक्षों की तीन बिन्दुओं पर समीक्षा की जा सकती है। सोशल ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट परफॉरमेंस रैंकिंग बीते 23 सितंबर को गुजरात के कांग्रेस जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा था…

आज एक नवंबर से नगर निगम में चेहरा दिखाकर उपस्थिति ही मान्य होगी

भोपाल  एक नवंबर से मध्यप्रदेश के सभी नगर निगम दफ्तरों में फेस अटेंडेंस (चेहरा दिखाकर उपस्थिति) ही मान्य होगी। इस प्रक्रिया से आउटसोर्स कर्मचारियों को मुक्त रखा था। गुरुवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आउटसोर्स कर्मचारियों को भी चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता कर दी है। नई व्यवस्था में इंदौर नगर निगम सबसे पीछे है। उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निगम के सभी ऑफिसों में एक-एक मशीन होने से कम अटेंडेंस लगी हैं। ऐसे में वे एक ऐप के जरिए मोबाइल से भी उपस्थिति दर्ज कराई जा सकेगी। नगरीय प्रशासन और नगर निगम इंदौर ने चेतावनी दी है कि फेस अटेंडेंस के बिना उपस्थिति दर्ज नहीं होगी तो वेतन जारी नहीं होगा। अब तक इससे आउटसोर्स कर्मचारियों को दूर रखा गया था। मोबाइल से भी लगा सकेंगे हाजिरी निगम के सभी दफ्तरों में एक-एक मशीन लगाई गई है। ट्रायल के दौरान देखा कि कर्मचारियों के आने-जाने का समय एक ही है। इस कारण अब उन्हें राहत दी गई है कि वे मोबाइल से भी चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे, लेकिन यह ऐप उसी स्थान पर चलेगा जिस लोकेशन पर रजिस्टर्ड है यानी दतर या तय स्थान से दूर होने पर उपस्थिति दर्ज नहीं होगी। मस्टर कर्मचारी संघ के संयोजक संवाद प्रमुख प्रवीण तिवारी ने कहा, शासन का आदेश सभी के लिए एक होना चाहिए। इससे कर्मचारी में हो रहे मतभेद खत्म होंगे। पंजीयन का दिया आखिरी अवसर  इंदौर निगम की स्थापना शाखा के अपर आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश में कहा है कि सभी विभाग प्रमुख, जोनल अधिकारी और कार्यालय अधीक्षक तय करें कि अब नई पद्धति से ही स्टाफ की उपस्थिति दर्ज होगी। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की आधार आधारित केन्द्रीकृत उपस्थिति ही दर्ज की जाएगी। कार्यालय आने-जाने के समय रोज उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, नहीं तो वेतन नहीं दिया जाएगा। कर्मचारी को खुद का पंजीयन करना होगा, जिसके लिए 30 अक्टूबर आखिरी तारीख थी। इंदौर सबसे पीछे, भोपाल रहा अव्वल नई व्यवस्था की प्रादेशिक स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग हो रही है। इंदौर सबसे पीछे और अव्वल भोपाल है। इंदौर में 22582 कर्मचारी-अधिकारी में से सिर्फ 3828 करीब १७त्न ने ही उपस्थिति दर्ज कराई। भोपाल में 19739 रजिस्टर्ड में से 12577 ने फेस अटेंडेंस के जरिए उपस्थिति दी। चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराने में मशीन के जरिए मुसीबत हो रही थी। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को इससे दूर रखने पर भी कुछ खास संगठनों में नाराजगी थी। आउटसोर्स कर्मचारियों, जो कि नेताओं के खास समर्थक आदि हैं, उन्हें राहत दी जा रही है। तकनीकी खामी से विभिन्न संगठनों ने मांग की थी कि मोबाइल ऐप के जरिए भी उपस्थिति दर्ज कराने की सुविधा हो और एक समान व्यवस्था हो।

सुरक्षा के मद्देनज़र सिवनी हवाला कांड के 10 पुलिसकर्मी आरोपियों को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर भेजा गया

नरसिंहपुर पड़ोसी जिले सिवनी के बहुचर्चित हवाला-डकैती कांड में आरोपी बनाए गए 10 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा कारणों से शुक्रवार को केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इन सभी आरोपियों को जेल विभाग के विशेष निर्देश पर एक पुलिस वाहन के माध्यम से सिवनी से नरसिंहपुर लाया गया। सभी आरोपित 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों को नरसिंहपुर जेल में शिफ्ट करने का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि यदि उन्हें सिवनी की स्थानीय जेल में रखा जाता, तो वहां पहले से बंद इसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ किसी तरह के विवाद या अप्रिय घटना की आशंका थी।  आरोपियों के आने की सूचना नरसिंहपुर जेल प्रशासन को पहले ही मिल चुकी थी, जिसके चलते जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया था। दोपहर के समय पुलिस वाहन के नरसिंहपुर पहुँचने पर, सभी आरोपियों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल में दाखिल किया गया। 10 पुलिसकर्मी किए गए शिफ्ट केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में शिफ्ट किए गए 10 पुलिसकर्मियों में ये शामिल हैं: बंडोल थाना प्रभारी एसआई अर्पित भैरम लखनादौन एसडीओपी कार्यालय के प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रविन्द्र सिंह उइके, माखन सिंह इनवाती आरक्षक: जगदीश यादव, योगेन्द्र चौरसिया, रीतेश वर्मा (एसडीओपी के वाहन चालक), नीरज राजपूत एसएएफ आरक्षक: सुभाष सदाफल और केदार सिंह। वहीं, इस मामले की मुख्य आरोपी निलंबित एसडीओपी पूजा पांडेय को नरसिंहपुर न भेजकर रीवा जेल में स्थानांतरित किया गया है। दो करोड़ से अधिक की हवाला राशि लूटने का आरोप गौरतलब है कि घटना 8-9 अक्टूबर की रात की है। सिवनी जिले में यह सनसनीखेज हवाला-डकैती कांड सामने आया था। इस घटना में कुल 11 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने कटनी और सतना से नागपुर व जालना ले जाए जा रहे 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की भारी हवाला राशि को लूट लिया था। इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी थी।

राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 3 नवम्बर को

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री काश्यप होंगे शामिल भोपाल  मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र -गीत "वन्देमातरम" एवं राष्ट्र -गान "जन गण मन" का गायन 3 नवम्बर को प्रात: 10:15 बजे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप के आतिथ्य में होगा। वर्षा होने की स्थिति में उक्त गायन मंत्रालय क्रमांक-1 स्थित पांचवी मंजिल कक्ष क्रमांक 506 में होगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र गीत एवं राष्ट्र गान का आयोजन पटेल पार्क में किया जाता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं।