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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व और संकल्प शक्ति से प्रदेश लिख रहा है निवेश की नई इबारत

भोपाल मध्यप्रदेश में अब विकास कोई वादा नहीं, बल्कि अनुभव है। ऐसा अनुभव, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदृष्टि और निर्णायक नेतृत्व से संभव हुआ है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए भरोसा, पारदर्शिता और नीति-सुधार का ऐसा वातावरण बनाया है, जहाँ हर निवेश अवसर में बदल रहा है और हर विचार उद्योग में। यही परिवर्तन आज ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ के रूप में पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय केवल औपचारिक घोषणा नहीं रहा, बल्कि राज्य की औद्योगिक नीति का सक्रिय अध्याय बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन एवं सस्टेनेबिलिटी को औद्योगिक विकास के मुख्य आधार बने हैं। राज्य सरकार द्वारा 18 नई औद्योगिक नीतियाँ तैयार की गईं, जो निवेश, नवाचार, रोजगार और सतत विकास को नई ऊर्जा देती हैं। राज्य ने इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़ते हुए कॉन्फिडेंस ऑफ डूइंग बिजनेस का नया दौर शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से निवेश प्रक्रिया को न केवल सरल और तेज़ बनाया गया, बल्कि उसे भरोसेमंद और पारदर्शी भी किया गया है। अब हर निवेशक यह अनुभव कर रहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करना सुविधा से आगे बढ़कर एक सुरक्षित निर्णय है। इंडस्ट्री प्रमोशन पॉलिसी 2025 इसी दृष्टि का प्रतिबिंब है — पूंजीगत निवेश पर 40 प्रतिशत तक सहायता, रोजगार और निर्यात-आधारित प्रोत्साहन, और एफडीआई को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति को निवेशकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाते हैं। गार्मेंट्स, फुटवियर और टॉय उद्योगों में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर खुले हैं। वहीं फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में अनुसंधान और गुणवत्ता-विकास के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। राज्य सरकार ने औद्योगिक बुनियादी ढाँचे को भी नई दिशा दी है। स्मार्ट औद्योगिक पार्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और क्लस्टर-आधारित औद्योगिक क्षेत्रों के विकास ने निवेशकों को सुविधा और गति प्रदान की है। नई औद्योगिक टाउनशिप्स, इंटरकनेक्टेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और बिजली की निर्बाध आपूर्ति जैसी पहलों से उद्योगों के लिए समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक निवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छोटे और मध्यम नगरों तक पहुँचकर क्षेत्रीय संतुलन स्थापित कर रहा है। जनविश्वास अधिनियम, स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज योजना, GIS आधारित भूमि आवंटन प्रणाली और एमपी इन्वेस्ट पोर्टल ने औद्योगिक प्रक्रियाओं को गति दी है। अब अनुमतियाँ और सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच उद्योग को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे रोजगार, नवाचार और सामाजिक उत्थान का माध्यम बनाती है। भूमि, ऊर्जा, जल और कच्चे माल की सुलभता के साथ अनुसंधान एवं तकनीकी प्रोत्साहन ने राज्य की औद्योगिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री कनेक्ट को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने की प्रक्रिया और सशक्त बनी है। उज्जैन, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आज इस औद्योगिक परिवर्तन के जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और निवेश का वह केंद्र बन रहा है, जहाँ विकास स्थायी है और अवसर अनंत। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ अब केवल नारा नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास का नाम जिसने राज्य को उद्योग है। रोजगार और निवेश की नई परिभाषा दी है। यह वही यात्रा है जहाँ नीति संकल्प में बदलती है और संकल्प परिणामों में। 

तीन दिवसीय कार्यशाला में शिक्षण ,संवाद और नेतृत्व कौशल को मिला नया आयाम

भोपाल  संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में क्वेस्ट अलायंस के तकनीकी सहयोग से इंदौर, बालाघाट, उज्जैन एवं सागर संभागों के मास्टर ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों के बीच रोजगार कौशल (Employability Skills) पाठ्यक्रम को समेकित और प्रभावी रूप से लागू करना था। कार्यशाला में चार संभागों के 17 जिलों से आए मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा शिक्षण की आधुनिक पद्धतियों, विद्यार्थियों की लर्निंग जर्नी, डिजिटल एवं तकनीकी टूल्स के प्रयोग, टीम नेतृत्व, संचार कौशल, समस्या समाधान और सकारात्मक कार्यस्थल संस्कृति के निर्माण जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला मास्टर ट्रेनर्स के लिए शिक्षण के नवीन तरीकों से अवगत होने और आईटीआई विद्यार्थियों की करियर तैयारी एवं जीवन कौशल विकास के लिए प्रेरक भूमिका निभाने का अवसर बनी। अनुभव-साझा सत्रों, समूह गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने सीखने की प्रक्रिया के विविध पहलुओं को गहराई से समझा। कौशल विकास संचालनालय, अतिरिक्त संचालक श्री डी.एस. ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। कौशल विकास संचालनालय द्वारा संचालित यह पहल राज्य के युवाओं में रोजगार योग्यता, संवाद कौशल और आत्म-प्रेरणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।  

मध्यप्रदेश ने किया बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य : सचिव खनन मंत्रालय गोयल

प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक में हुआ उत्कृष्ट कार्य प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों की हुई सफल नीलामी : प्रमुख सचिव उमराव भोपाल सचिव खान मंत्रालय भारत सरकार श्री पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश में बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉकों में भी मध्यप्रदेश राज्य ने उत्कृष्ट कार्य किया है। सचिव श्री गोयल ने होटल ताज लेंक फ्रंट भोपाल में मुख्य खनिज ब्लॉक के संचालन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने खदान संचालन के लिये वैधानिक कठिनाई दूर करने के लिये नीलाम किये जाने के पहले जिला स्तर पर नीलाम ब्लॉक में शामिल भूमि के परीक्षण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में वन, राजस्व एवं खनिज साधन विभाग की कमेटी गठित किये जाने के निर्देश दिये। सचिव श्री गोयल ने ब्लॉक के सफल बोलीदारों के साथ खनन संचालन प्रारंभ करने के लिये चर्चा की। चर्चा में बोलीदारों को वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये सुझाव दिये। श्री गोयल ने भारत सरकार द्वारा किये जा रहे नीतिगत प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि खनन संचालन के लिये वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय को न्यूनतम किये जाने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है, लेकिन इसमें सफल बोलीदार को भी अपने स्तर पर प्रयास करना होंगे। श्री गोयल ने कहा कि वन मंत्रालय से भी वन अनुमति प्राप्त करने के लिये शीघ्र बैठक आयोजित की जायेगी। बैठक में वन अनुमति प्राप्त करने में वैधानिक कठिनाइयों को दूर करने के लिये चर्चा होगी। इसका लाभ सभी सफल बोलीदारों को प्राप्त होगा। प्रमुख सचिव खनिज श्री उमाकांत उमराव ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों का खान एवं खनिज अधिनियम एवं प्रावधान के अंतर्गत सफल नीलामी की गयी है। खनि पट्टा के 6 ब्लॉक तथा समेकित अनुज्ञप्ति के 12 ब्लॉक में कार्य प्रारंभ हो गया है। शेष ब्लॉकों में खनन संक्रियाएं प्रारंभ करने के लिये राज्य शासन द्वारा सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा खनन संचालन में वैधानिक अनुमति प्राप्त करने के लिये नियमानुसार आवेदन करने तथा आवेदन की पूर्ति करने में नियमों की स्पष्ट जानकारी दिये जाने के लिये कार्यशाला भी आयोजित की गयी। कार्यशाला में सफल बोलीदार, आरक्यूपी, पर्यावरण सलाहकार, वन विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय खान ब्यूरो और एसबीआई केप के प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया। खनिज साधन द्वारा किये जा रहे प्रयासों से खनन संचालन के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हुई है। इनमें आशय पत्र जारी करना, खनन योजना प्रस्तुत करना, पर्यावरण अनुमति के लिये आवेदन प्रस्तुत करना और पर्यावरण अनुमति के लिये टीओआर जारी करने में लगने वाले दिवसों में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से सफल बोलीदारों से चर्चा की जा रही है तथा उन्हें समक्ष में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये प्रशासकीय स्तर पर चर्चा भी की जा रही है। समीक्षा बैठक में संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल, पीसीसीएफ श्री मनोज अग्रवाल, सचिव पर्यावरण श्री अतुल मिश्रा, मेंबर सेक्रेटरी सिया श्री दीपक आर्य तथा भारत सरकार खान मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, सफल बोलीदारों, उनके प्रतिनिधि और खनिज साधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकारी मकान में रहना पड़ा भारी, 6 महीने बाद देना होगा जुर्माना और तगड़ा किराया

भोपाल मध्‍य प्रदेश कैबिनेट ने सरकारी आवास को लेकर नया नियम लागू किया है। अब रिटायरमेंट के 6 महीने बाद तक यदि अधिकारी ने आवास रिक्‍त नहीं किया तो उससे तगड़ा किराया वसूला जाएगा। कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 में संशोधन की स्वीकृति के साथ ही तय किया गया है। भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने या सेवानिवृत्त होने की स्थिति में अधिकतम छह माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास में रहता है तो प्रथम तीन माह की अवधि के लिए आवंटित आवास का किराया भुगतान सामान्य दर पर लगेगा। इस अवधि के बाद पुनः आगामी तीन माह के लिए किराया सामान्य दर से 10 गुना दर पर लगेगा। इसके बाद 30 प्रतिशत पेनाल्टी लगाकर किराया वसूला जाएगा एवं बेदखली की कार्रवाई होगी। पहले केवल तीन माह तक ही शासकीय आवास धारण करने की अनुमति थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सख्त निर्देश, दोनों आरोपी हुए गिरफ्तार

 टीआई और आरक्षक को किया लाइन अटैच डीआईजी, कलेक्टर एवं एसपी हैं मौके पर मौजूद विजयराघवगढ़ एवं कैमोर में स्थिति शांतिपूर्ण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कटनी जिले के कैमोर में हुई घटना पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कटनी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने बुधवार की सुबह दोनों आरोपियों को कजरवारा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। डीआईजी श्री अतुल सिंह, कलेक्टर कटनी श्री आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा पूरे समय विजयराघवगढ़ में मौजूद रहकर कानून व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था कायम की। मंगलवार को दो पक्षों के विवाद में कैमोर निवासी श्री नीलेश रजक की दो आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। टीआई एवं आरक्षक लाइन अटैच पूरे मामले के बाद टीआई कैमोर अरविंद चौबे और पुलिस आरक्षक प्रेमशंकर पटेल को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की। दोनों आरोपियों अकरम और प्रिंस जोसेफ को पुलिस ने कजरवारा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया, आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रवाना किया गया है। प्रभारी मंत्री श्री सिंह पहुँचे कैमोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को कैमोर पहुँच कर मृतक स्व. श्री नीलेश रजक के परिवार से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट कर ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश है कि मध्यप्रदेश में किसी भी आपराधिक गतिविधि को सरकार बर्दाश्त नहीं करेंगी। अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों को दण्डित किया जायेगा। पुलिस अपना कार्य कर रही है, गुनहगारों का जीवन सलाखों के पीछे बीतेगा। कैमोर में हुई हत्या की वजह से जनहानि और लोकपरिशांति भंग होने की संभावना के मद्देनजर थाना विजयराघवगढ़ एवं थाना कैमोर के संपूर्ण क्षेत्र में शांति व्यवस्था की दृष्टि से निषेधात्मक आदेश लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने विजयराघवगढ़ व कैमोर दोनों स्थानों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी की।  

रिवॉल्वर की नोक पर भाजपा नेता से दुष्कर्म की कबूलनामे की साजिश, 8 आरोपी गिरफ्तार

रीवा विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को युवती सहित अन्य आरोपितों ने भाजपा नेता का अपहरण कर लिया और जंगल ले गए। यहां उसकी कनपटी पर रिवाल्वर रखकर दुष्कर्म की बात कबूल कराई। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करने लगे। भाजपा नेता ने जब बुधवार को इसकी शिकायत की तो पुलिस ने युवती सहित आठ आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवती सहित तीन को हिरासत में लिया है। अलग-अलग वीडियो बनाए सेमरिया विधानसभा के भाजयुमो के पूर्व जिला मंत्री नेता दिवाकर द्विवेदी का कहना है कि आरोपित संदीप मिश्रा और प्रतीक सिंह जमीन दिखाने के नाम पर अपने साथ ले गए थे। इस दौरान रास्ते में तीन अन्य लोग मिले। जब वे जंगल के रास्ते पहुंचे तो रिवाल्वर दिखाकर उन्हें डराते-धमकाते हुए वीडियो बनाए गए। एक वीडियो में कार के भीतर दिवाकर द्विवेदी और युवती नजर आ रही है। युवती कपड़े उतारकर दुष्कर्म के आरोप लगा रही है। दूसरे वीडियो में जंगल के अंदर लड़की दुष्कर्म के आरोप लगा रही है, जबकि अन्य वीडियो में दिवाकर से कहा जा रहा है कि तुमने गलत काम क्यों किया। युवती को एक करोड़ रुपये दो। भाजपा नेता भी कह रहे हैं कि हमें जाने दो, हम पैसा दे देंगे। भाजपा नेता ने भी जारी किया वीडियो इस मामले का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित हुआ है, जिसमें भाजपा नेता दुष्कर्म की बात कबूल रहे हैं। बुधवार को दिवाकर द्विवेदी ने सफाई देते हुए वीडियो जारी कर कहा कि उनसे फिरौती के तौर पर एक करोड़ रुपये मांगे गए थे। इस घटना को योजनाबद्ध तरीके से किसी वेबसीरीज की तरह अंजाम दिया गया है। सेमरिया पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर आठ आरोपितों के विरुद्ध अपहरण, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की बारीकी से की गई तो पता चला कि यह पूरा मामला अपहरण और ब्लैकमेलिंग का है। आरोपित फिरौती के लिए भाजपा नेता को जमीन दिखाने के नाम पर अपने साथ जंगल ले गए और रिवाल्वर अड़ाकर उनका तथाकथित वीडियो बनाया। पुलिस ने सभी आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है- संदीप मिश्रा, एडिशनल एसपी, ग्रामीण। 

यात्रियों के लिए जरूरी खबर: इंदौर-असारवा, वीरभूमि और अवंतिका एक्सप्रेस का समय बदला

इंदौर पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने ट्रेनों की औसत गति एवं समयपालनता में सुधार लाने के उद्देश्य से इंदौर स्टेशन से संचालित तीन ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान समय में आंशिक परिवर्तन किए हैं। इंदौर-असारवा वीरभूमि एक्सप्रेस ट्रेन के इंदौर से जावरा के बीच के आगमन-प्रस्थान समय में संशोधन किया गया है। गुरुवार से यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से शाम 05.55 की जगह 25 मिनट देरी से रोजाना शाम 06.20 बजे प्रस्थान करेगी। फिर यह देवास (06.46/06.48), उज्जैन (07.28/07.33), नागदा (08.23/08.28), खाचरोद (08.39/08.41), रतलाम (09.50/10.05) एवं जावरा (10.35/10.37) पर निर्धारित आगमन-प्रस्थान करेगी। जावरा से असारवा तक अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है।   अवंतिका एक्सप्रेस के टाइम में समायोजन अवंतिका एक्सप्रेस के समय में भी समायोजन हुआ है। मुंबई सेंट्रल-इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस के इंदौर आगमन समय को बुधवार से 09.10 बजे के स्थान पर 09.05 बजे कर दिया गया तथा ट्रेन वहीं से बदलते हुए समय पर रवाना हुई। इंदौर-मुंबई सेंट्रल अवंतिका एक्सप्रेस गुरुवार से इंदौर स्टेशन से 05.40 बजे के स्थान पर 05.45 बजे प्रस्थान करेगी।

पड़ोस में गुप्त धंधे का खुलासा! किराए के मकान से पकड़ा गया सेक्स रैकेट, तीन गिरफ्तार

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। गोहलपुर थाना पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ लोग मौके से फरार हो गए।   जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार महिला लंबे समय से किराए के मकान में यह अनैतिक कारोबार चला रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि घर में हर दिन अलग-अलग लोग आते-जाते थे, और जब भी किसी ने विरोध किया, तो महिला गालियां देने लगती और धमकाती थी। मोहल्ले की महिलाओं ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार आज सभी महिलाएं एकजुट होकर गोहलपुर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत छापा मारा और मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया।   स्थानीय निवासियों का कहना है कि महिला कभी किसी को अपना पति तो कभी रिश्तेदार बताकर धोखा देती थी। जब लोगों ने मकान मालिक को इस अनैतिक गतिविधि के बारे में बताया, तो उसने कार्रवाई करने के बजाय चुप रहने की सलाह दी। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है। 

साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

साइबर अपराध से लड़ाई पुलिस के साथ पूरे समाज की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रन फॉर साइबर अवेयरनेस ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को दिया जनआंदोलन का रूप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन फॉर साइबर अवेयरनेस को झंडी दिखाकर किया रवाना अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा पर हुआ कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' जागरूकता अभियान के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस सहित सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की है। तकनीक और कानून अपने स्थान पर हैं, पर सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब नागरिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को जन-आंदोलन का रूप दिया है। हम जिस रफ्तार से डिजिटल रूप से मजबूत हुए हैं उसी रफ्तार से नई परेशानियां और खतरे सिर उठाने लगे हैं। जिस तकनीक ने हमें जोड़ा है उसी तकनीक ने अपराधियों को नए हथियार भी दिए हैं और आज ठगी के नए-नए तरीके आ गए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फॉड, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी और फेक इन्वेस्टमेंट लिंक जैसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं। ये हमारे समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहे हैं। 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' डिजिटल युग में नागरिक सुरक्षा का कर्तव्य निभा रही है। साइबर सिपाही, जिम्मेदारी, सुरक्षा और जागरूकता की दौड़ के लिए एकजुट हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा और जागरूकता के लिए आयोजित रन फॉर साइबर अवेयरनेस के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन के लिए एकत्र प्रतिभागियों को अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रन अटल पथ से एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर पूर्ण हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर पुलिस बैंड की धुन के साथ सलामी दी गई। पुलिस महानिदेशक तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब डिजिटल इंडिया का सपना देखा था तब उन्होंने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल क्रांति का अग्रदूत बना है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाएं, ई-गवर्नेंस ये सब आज सबके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। मध्यप्रदेश ने भी पंचायत से लेकर सचिवालय तक हर स्तर पर डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का काम किया है। बैंकिंग से लेकर शिक्षा तक और रोजगार से लेकर शासन तक हर प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। आज के समय में साइबर अपराधी कभी स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर, कभी बैंक मैनेजर बनकर, तो कभी किसी सरकारी एजेंसी का नाम लेकर लोगों को ठग रहे हैं। जब किसी परिवार की मेहनत की कमाई पलभर में लुट जाती है, जब किसी विद्यार्थी का भविष्य ठगी में फंस जाता है, तो यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय बन जाता है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। देरी करने से पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है इसलिए त्वरित कार्रवाई ही बचाव है। जैसे हमने स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाया है, वैसे ही हमें साइबर स्वच्छता को भी अपनी संस्कृति बनाना होगा। डिजिटल युग का संविधान और सुरक्षित नागरिक का संस्कार है, स्टॉप थिंक एंड देन टेक एक्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराध की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने हमें एक बहुत सार्थक मंत्र दिया है, स्टॉप थिंक, एंड देन टेक एक्शन। यानी रूको, सोचो और फिर कोई कदम उठाओ। जब कोई अनजान कॉल आए तो रूकिए। कोई आकर्षक लिंक दिखे तो सोचिए और जब निश्चित हो जाए कि यह सही है तभी क्लिक कीजिए। यही डिजिटल युग का संविधान है, यही सुरक्षित नागरिक का संस्कार है। साइबर अपराध पैसों के साथ विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज साइबर अपराध हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध बन चुका है। आने वाले वर्षों में साइबर क्राइम अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़कर सबसे अधिक संख्या में उभर कर आने वाला अपराध है। यह केवल पैसों की हानि नहीं, बल्कि विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति है। कई बार मेहनत और ज्ञान की चोरी भी डिजिटल माध्यमों से हो रही है। किसी की रिसर्च, डिजाइन, विचार या फोटो को बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जाना भी साइबर अपराध है। सुरक्षित रहना अब दरवाजा बंद करने के साथ स्क्रीन लॉक करना भी पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि आज की इस दौड़ का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं बल्कि सोचना और जागरूक होना भी है कि कैसे हम अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखें, कैसे हम अपने पासवर्ड-ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और कैसे हम डिजिटल सुरक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार साइबर जागरूकता के लिए अभियान चला रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं पंचायत व शहरों तक हर नागरिक यह समझ सके कि हमें यह याद रखना होगा कि एक जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार है। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने उपस्थित प्रतिभागियों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने, लोगों को जागरूक करने और समाज को साइबर अपराध से बचाने में योगदान देने का संकल्प लेने का आहवान किया। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। संपूर्ण प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान कैंपेन चलाए गए। अभियान के अंतर्गत ही साइबर जागरूकता रन 2025 का आयोजन किया गया। रन में पुलिस अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। … Read more

मध्य प्रदेश: सागर के दो मोहल्लों में हिंदू परिवार मजबूरी में अन्य जगहों पर पलायन

सागर  मध्य प्रदेश के सागर में शनिचरी और शुक्रवारी इलाकों से पिछले 10 सालों में हिंदू परिवारों का पलायन चिंता का विषय बन गया है। पिछले दशक में यहां हिंदू आबादी में 4.88 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक खास वर्ग की बढ़ती आबादी कैसे अपने पड़ोस के दूसरे वर्ग को परेशान कर देती है, सागर में इसकी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां के दो पुराने मोहल्लों शुक्रवारी और शनीचरी में हिंदू परिवार अपनी संपत्ति बेचकर दूसरे मोहल्लों और कॉलोनियों में रहने को मजबूर हो गए। दोनों मोहल्लों में कभी मिश्रित आबादी थी। पिछले कुछ समय में यहां मुस्लिम आबादी इतनी तेजी से बढ़ी कि दोनों क्षेत्र अब मुस्लिम बहुल हो चुके हैं। यहां हिंदुओं का पलायन इतनी तेजी से हो रहा है कि जिला प्रशासन ने दोनों मोहल्लों में संपत्ति की खरीद-बिक्री यानी पंजीयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। 41 परिवारों ने संपत्ति मुस्लिम परिवारों को बेची विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे का कहना है कि इन क्षेत्रों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हिंदू घरों के बाहर मांस फेंका जाना, महिलाओं का उत्पीड़न और लव जिहाद के प्रयासों के कारण हिंदू समुदाय के लिए यहां घुटन वाली स्थिति पैदा की गई। जिन लोगों से बन पड़ा वे औने-पौने दाम में संपत्ति बेचकर अन्य क्षेत्रों में जाकर बस गए। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020-21 से अब तक 68 हिंदू परिवारों के 288 लोग दोनों मोहल्ले छोड़ चुके हैं। उनमें से 41 परिवारों ने अपनी संपत्तियां मुसलमानों को बेची, क्योंकि वहां दूसरा कोई खरीदने को तैयार भी नहीं है। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंची थी। बता दें, दोनों मोहल्लों में करीब सात हजार मतदाता हैं। पंजीयन से पहले एसडीएम करेंगे सौदे की जांच कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला पंजीयक को पत्र जारी कर शनिचरी और शुक्रवारी क्षेत्र के हिंदू समाज के लोगों की संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। आदेश है कि यहां के लोग मकानों के क्रय-विक्रय के लिए पंजीयन कार्यालय में स्लाट बुक कराएं तो उसकी जानकारी एसडीएम को दी जाए। एसडीएम दोनों पक्षों का बयान लेकर यह जांच करेंगे कि इस सौदे में उनकी सहमति है या मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है। एसडीएम के संतुष्ट हो जाने के बाद ही संबंधित संपत्ति का पंजीयन होगा। पिछले पांच सालों में 41 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेचकर ये इलाके छोड़ दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी मकान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीदे हैं। पिछले एक दशक में 63 हिंदू परिवारों के 228 लोग यहां से जा चुके हैं, और अभी भी कई घरों पर बिकाऊ के बैनर लगे हुए हैं। रहवासी ने बताया कि उनके 150 साल पुराने पुश्तैनी मकान को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घेर लिया और परेशान करने लगे। घर पर केवल महिलाएँ थीं। मजबूरी में उन्हें अपना 18 लाख रुपये का मकान मात्र 5.30 लाख रुपये में बेचना पड़ा। रहवासी ने बताया कि उनके घर के बाहर मीट के टुकड़े और अंडे के छिलके फेंके जाते थे। जिससे वहां रहना मुश्किल हो गया था। उनका 625 वर्गफीट का मकान दो साल तक नहीं बिका, आखिर में उन्हें कम कीमत में बेचना पड़ा। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उनकी बेटी को एक मुस्लिम युवक ने प्रेम-प्रसंग में फँसाया, जिससे मजबूरन उसे अपनी बेटी की शादी उस युवक से करानी पड़ी। बाद में बेटी को प्रताड़ित किया गया और मकान बेचने पर मजबूर किया गया। संतोष कुमार साहू ने बताया कि उनके आसपास सिर्फ 1-2 हिंदू परिवार बचे थे। मुस्लिम लोगों के मकान अधिक होने से उनके बच्चों की शादियाँ नहीं हो रही थीं। वहां के माहौल के चलते रिश्ते नहीं आ रहे थे। उन्हें अपने 30 लाख रुपये के मकान को 22 लाख रुपये में बेचना पड़ा। शनिचरी चौगना इलाके की एक हिंदू महिला ने बताया कि पति के न होने पर उन्हें अपनी दो बेटियों की सुरक्षा का डर रहता था। मुस्लिम समुदाय के लोगों से विवाद के बाद उन्होंने अपने 22 लाख रुपये के मकान को 14 लाख रुपये में बेचा। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे ने कहा कि क्षेत्र में माहौल खराब होने के कारण हिंदू परिवार अपने मकान बेचकर जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है और यह भी कहा कि उनका संगठन परेशान परिवारों की मदद के लिए तैयार है। यह मुद्दा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। हिंदू संगठनों ने बढ़ाई सक्रियता पलायन की बात सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इन मोहल्लों में सक्रियता बढ़ा दी है। शिव सेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने बताया कि हम उनसे बाहरी दबाव और परेशान करने वाली हरकतों की जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि समय रहते उनकी सहायता की जा सके। पता लगाया जाएगा कोई दबाव तो नहीं     कलेक्टर का आदेश आया है, जिसमें शुक्रवारी और शनिचरी मोहल्लों में संपत्ति के क्रय-विक्रय के पंजीयन को लेकर कहा गया है कि ऐसे मामलों की पहले एसडीएम जांच करेंगे। ऐसा इसलिए ताकि पता लगाया जा सके कि कोई किसी के दबाव में तो अपनी संपत्ति नहीं बेच रहा है। – निधि जैन, जिला पंजीयक, सागर