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शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की कला से समृद्ध शिक्षा है अनुगूंज: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 सीटर बालक छात्रावास का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं को स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुगूंज के माध्यम से सशक्त मंच दिया है, जो सराहनीय है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए निरंतर नवाचार किए जाते रहेंगे। हमारे कई सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में आयोजित अनुगूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, विधायक  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम  किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  जाट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सुपर -100 योजना में अध्ययन करने वाले 200 सीटर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय शिक्षकों का योगदान वास्तव में अद्भुत है। जिस कर्मठता और दिल से शिक्षक काम करते हैं। निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के बाद सम्राट विक्रमादित्य नाट्य का मंचल अब भोपाल में 2 और 3 नवम्बर को होने वाला है। उन्होंने बड़ी संख्या में नागरिकों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया। सांदीपनि विद्यालय की हो रही है प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी इच्छुक रहते हैं। यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। प्रदेश में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश में अब बच्चे प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अनुगूंज कार्यक्रम के लिए मंच सज्जा और आकल्पन की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्र को स्वतंत्र करवाने से लेकर सुशासन, वीरता और दानशीलता के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाला शासक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारे बीच मानो आज भी सम्राट विक्रमादित्य शासन कर रहे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुगूंज में शामिल मेंटर्स को सम्मानित किया। जनजाति कल्याण मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 विद्यार्थी के सर्वागींण विकास पर जोर देते हुए कला और संस्कृति के समावेश की दिशा को प्रशस्त करती है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अनुगूंज है। सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज के सातवें संस्करण में स्कूल के विद्यार्थियों ने वाद्य संगीत, ओडिसी विधा में आम और चमेली का विवाह, भरतनाट्यम विधा में दशावतारम, कथक नृत्य वाटिका विधा में आमंत्रण सिंहस्थ का और मणिपुरी नृत्य विधा में कृष्ण वन्दना की प्रस्तुति दी। नाटक में बच्चों ने ताना बना टूट ना जाए की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रण सिंहस्थ का सहित सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने आभार माना। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों ने किया। इसके साथ मंच संचालन में  विनय उपाध्याय ने बच्चों का सहयोग किया।  

मध्यप्रदेश में बढ़ेंगे मतदान केंद्र, इलेक्शन कमीशन को भेजा गया प्रस्ताव

भोपाल मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के साथ ही मध्य प्रदेश में करीब 8001 नए पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) भी बनाए जाएंगे। इसका प्रस्ताव तैयार करके मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है। प्रदेश में वर्तमान में 65 हजार 14 मतदाता बूथ हैं। वर्तमान में औसतन 1500 मतदाताओं पर एक बूथ है। चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब किसी भी पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जा सकेंगे। इस लिहाज से एमपी में कुल बूथों की संख्या 73 हजार 15 हो जाएगी। राजनीतिक दलों को भी बढ़ानी होगी बीएलए की संख्या राजनीतिक दलों की ओर से 1,18,500 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए हैं। भाजपा के निर्वाचन आयोग समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक एसएस उप्पल ने बताया कि भाजपा के प्रदेश में 64 हजार 500 बीएलए है और कांग्रेस के 54 हजार बीएलए हैं। बूथों की संख्या बढ़ने से राजनीतिक दलों को भी अपने बीएलए बढ़ाने होंगे। उनका प्रशिक्षण से लेकर उनकी जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को देनी होगी। इसी आधार पर वे आगामी चुनाव में पार्टी के लिए कार्य कर पाएंगे।   इसलिए पड़ी जरूरत 1500 मतदाताओं पर एक बूथ की व्यवस्था है लेकिन इतनी संख्या होने पर समय से मतदान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है। कई बार देर रात तक मतदान की स्थिति देखी गई है। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने इसकी नई गाइडलाइन तय कर किसी भी पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जाने का निर्णय लिया। राजनीतिक पार्टियों ने क्या कहा? भाजपा प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग की तैयारियों के साथ हमारी भी तैयारी है। हमारे अभी करीब 64 हजार 500 बीएलए है। इनकी चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति की गई है। जैसे ही निर्वाचन आयोग बूथों की संख्या बढ़ाएगा, हम अपने बीएलए भी उसी अनुरूप बनाएंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के सलाहकार केके मिश्रा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के हर पारदर्शी निर्णय का कांग्रेस पार्टी पालन करने को तैयार है। हमारी पूरी तैयारियां भी है, किंतु निर्वाचन आयोग को अपनी ईमानदार और निष्पक्षता वाली शैली को देश के सामने प्रस्तुत करना होगा।

10 नवंबर को राहुल गांधी पहुंचेंगे पचमढ़ी, जिला अध्यक्षों से करेंगे चर्चा — MP में पहली बार करेंगे नाइट स्टे

भोपाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 10 नवंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। वे पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों और पदाधिकारी से चर्चा करेंगे। राहुल गांधी पहली बार प्रदेश में रात बिताएंगे। राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस दफ्तर में बैठक जारी है। बैठक में राहुल गांधी के दौरे को लेकर रोड मैप बन रहा है। बता दें कि 2 नवंबर से 11 नवंबर तक पचमढ़ी में ट्रेनिंग होनी है। प्रदेश के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। राहुल गांधी पचमढ़ी जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग में शामिल होंगे।   30- 32 साल से कांग्रेस को निपटा रहे मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- राहुल गांधी अपनी जिंदगी में पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर रात बिताने आ रहे हैं। 60 – 65 साल के राहुल गांधी 30- 32 साल से कांग्रेस को निपटा रहे हैं। 30-32 साल में मध्यप्रदेश में कभी नहीं रुके, पचमढ़ी है इसलिए रुक रहे हैं और कहीं होता तो रुकते भी नहीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका यह फुरफुर वाले नेता है। यही बोलने आते हैं लंगड़ा है यह घोड़ा है, कौन से कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका है। नियुक्ति से लेकर दायित्वों में कांग्रेसी ठगे गए। ना राजनीतिक भविष्य है ना व्यक्तिगत उद्धार हो रहा है, न ही पद मिल रही ना ही प्रतिष्ठा, ऐसे में राहुल गांधी का आना व्यर्थ है।

गुजरात में चमकेगा मध्य प्रदेश पुलिस का जलवा, राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में 334 जवान होंगे शामिल

भोपाल गुजरात में मध्य प्रदेश पुलिस का तराना गूंज रहा है। दरअसल, गुजरात के गांधीनगर एवं केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड-2025 में एमपी पुलिस के कुल 334 जवान भाग लेंगे। यह दल अदम्य उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। मध्यप्रदेश पुलिस का कॉन्टिजेंट गांधीनगर और केवड़िया में रहकर प्रशिक्षण, रिहर्सल और परेड अभ्यास में संलग्न है। जवानों ने प्रतिकूल परिस्थितियां एवं गहन अभ्यास कार्यक्रमों के बावजूद अथक परिश्रम और एकजुटता के साथ अपने प्रदर्शन की तैयारी की है। दल गुजरात पहुंच गया है। 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित एकता दिवस परेड के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के कॉन्टिजेंट अपनी अनुशासित चाल, सटीक कमांड तथा उत्कृष्ट तालमेल से सभी को प्रभावित करेगा। परेड दल का नेतृत्व परेड कमाण्डर उपुअ अन्नपूर्णा सिरसाम, सहायक कमाण्डर के रूप में उपनिरीक्षक संजय चौहान एवं उपनिरीक्षक चंचल रोमड़े दायित्व संभालेंगे। सहयोगार्थ उपुअ निति दण्डोत्या, उपनिरीक्षक राजवीर विक्रम और उपनिरीक्षक रितेश सिसौदिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कॉन्टिजेंट में प्लाटून संख्या 144 एवं बैण्ड बल 72 का संयोजन रहेगा।

देश-समाज पर चिंतन: जबलपुर में RSS का अभियान और शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन

जबलपुर   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के पहले संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में देश की सामाजिक हालातों पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर प्रारंभ होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरसंघचालक समेत सरकार्यवाह, सहकार्यवाह के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारी और प्रांत के पदाधिकारियों समेत 407 लोग इस बैठक में शामिल होंगे। 30 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच तीन दिवीसीय यह बैठक होगी। पत्रकारवार्ता संघ की बैठक स्थल कचनार क्लब में हुई। सुनील आंबेकर ने कहा कि गृह संपर्क अभियान में विशिष्टजनों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा हिंदू धर्म के लिए त्याग बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहीदी वर्ष पर विशेष साहित्य और कार्यक्रम तय होंगे। इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा की भी 15 नवंबर को 150वीं जयंती है इन पर भी विशेष साहित्य और कार्यक्रम पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को संघ से विशेषरूप से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन होंगे। पंच परिवर्तन के कार्यक्रम से प्रेरित संस्था,व्यक्तियों, मठ, मंदिरों, सामाजिक शैक्षणिक संस्था से शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क किया जाएगा। यह व्यापक अभियान होगा इसके लिए स्तर पर संपर्क किया जाएगा। इसमें ऐसी महिला,माताओं से भी संपर्क होगा। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में समाज जीवन पर होने वाली बातों के अलावा देश की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चिंतन किया जाएगा। इसके अलावा शताब्दी वर्ष को लेकर देश में जहां-जहां भी जो कार्यक्रम हुए उस पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष पर देशभर में सरसंघचालक डा.भागवत और सरकार्यवाह, सह सरकार्यवाह का प्रवास है। इस दौरान कई कार्यक्रम बन रहे हैं जिसमें वे सार्वजनिक रूप से भी कई स्थानो पर संवाद करेंगे।

इंदौर के अंदाज में देपालपुर में बनेगा नया स्वच्छता पार्क, 39 लाख की परियोजना

देपालपुर  देपालपुर को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक नई पहल की है। जिस तरह इंदौर के देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर उद्यान तैयार किया गया है, उसी तर्ज पर अब देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भी 39 लाख रुपए की लागत से “स्वच्छता पार्क” विकसित किया जाएगा। इस पार्क में एमआरएफ प्लांट, कम्पोस्ट यूनिट, एफएसटीपी प्लांट स्थापित किए जाएंगे और पुराने कचरे का निपटान बायोरेमीडिएशन तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा ताकि यह क्षेत्र स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन सके। निरीक्षण में मिली कई खामियां, आयुक्त ने दिए सुधार के निर्देश हाल ही में निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ई-बस से देपालपुर पहुंची और वहां की सफाई व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे, मनीष पांडे, सौरभ माहेश्वरी, श्रद्धा तोमर, अंकुश जैन, अमित दुबे और एनजीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे। टीम ने पाया कि देपालपुर में 300 से अधिक आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बाजार और घरों से कचरे का सही से पृथक्करण नहीं किया जा रहा है। इस पर आयुक्त यादव ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को कचरा सेग्रीगेशन और शुल्क वसूली बढ़ाने की दिशा में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वॉटर प्लस और थ्री स्टार रेटिंग के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है। स्वच्छता पार्क का लेआउट हुआ फाइनल, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बनने वाले स्वच्छता पार्क के लिए लेआउट भी फाइनल कर दिया गया है। आयुक्त ने बताया कि कचरा संग्रहण वाहनों में विभाजन (पार्टिशन) करवाया जाएगा ताकि गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग निपटान किया जा सके। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और देपालपुर की स्वच्छता व्यवस्था को इंदौर की तरह सुदृढ़ किया जाएगा। इस पहल से न केवल सफाई व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि क्षेत्र का पर्यावरण भी बेहतर बनेगा। जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार, सीवरेज प्लांट होगा पुनः संचालित देपालपुर के जनप्रतिनिधियों ने इंदौर नगर निगम का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इंदौर की तर्ज पर अब देपालपुर को भी नंबर वन बनाने का जो संकल्प लिया गया है, वह सराहनीय कदम है। देपालपुर में कुल 15 वार्ड और चार जोन हैं। निरीक्षण के दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिला, जिसे शीघ्र चालू कराया जाएगा। अगले तीन सप्ताह के भीतर इंदौर निगम की टीम यहां मैदानी कार्य शुरू कर देगी। इसके अलावा स्वच्छता पार्क के विकास के लिए सीएसआर फंड से भी आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। टीम ने गलियों में कचरा, जाम नालियां और डस्टबिनों में मिक्स कचरा मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।  

29 अक्टूबर को सरकारी स्कूलों के 6 लाख विद्यार्थियों का क्षमता-आधारित मूल्यांकन

सरकारी स्कूलों के 6 लाख विद्यार्थियों का 29 अक्टूबर को होगा क्षमता-आधारित बेसलाइन आकलन परीक्षण होगा शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार में उपयोगी भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 29 अक्टूबर बुधवार को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के छह लाख से अधिक विद्यार्थियों का बेसलाइन आकलन (बेंचमार्क परीक्षण) किया जा रहा है। यह आकलन कोई सामान्य परीक्षा नहीं, बल्कि एक क्षमता-आधारित (कॉम्पिटेंसी बेस्ड) मूल्यांकन है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का रटे हुए तथ्यों के आधार पर नहीं, बल्कि विषयों की मूल अवधारणाओं की समझ और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग करने की क्षमता के आधार पर आकलन करना है। इस पूरी प्रक्रिया को एक तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) द्वारा संपन्न कराया जा रहा है, जिससे मूल्यांकन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सकेगी। इस आकलन के लिए लोक शिक्षण संचालनालय को केन्द्र सरकार की कंपनी 'EdCIL India का सहयोग प्राप्त होगा। इस बेसलाइन आकलन का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति और उनकी सीखने की कमजोरियों या अंतरालों (लर्निंग गैप) का पता लगाना है। इस आकलन से यह जानने का प्रयास होगा कि विद्यार्थी वास्तव में कितना सीख और समझ पाया है। इस आकलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आकलन के परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों को उनकी कमजोरियों को दूर करने के लिए विशेष उपचारात्मक (रेमेडी) शिक्षण सामग्री और सहायता भी प्रदान की जाएगी। इससे शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में सुधार होगा और हर बच्चे को उसकी जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सहायता मिल सकेगी। लोक शिक्षण संचालनालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह आकलन हमारे लिए एक डाटा-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारे शिक्षण कार्यक्रमों में कहाँ सुधार की आवश्यकता है ताकि हमारे सभी विद्यार्थी न केवल परीक्षाओं में बल्कि जीवन में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह आकलन ईक्विप-लेप योजना के अंतर्गत किया जा रहा है इससे प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।  

पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन

बहुआयामी होगा प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्टूबर माह में 4 बार कर चुके हैं समारोह के स्वरूप की समीक्षा भोपाल प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह बहुआयामी होगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भव्य और दिव्य रूप में मनाया जाएगा। आगामी एक से तीन नवम्बर तक भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस दौरान बहुरंगी शिल्प मेला, सुगम संगीत, नाटक, जनजातीय लोक नृत्य, ड्रोन शो आदि होंगे। समारोह में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) पहलीबार तकनीकी मार्गदर्शन देकर विशेष भूमिका में सामने आ रहा है। भोपाल के आकाश पर सबसे विशाल विजुअल सेलेब्रेशन पहलीबार दिखाई देगा। मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, स्थापत्य कला, पयर्टन महत्व और जनजातीय सभ्यता को इस ड्रोन-शो में देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थापना दिवस समारोह के स्वरूप पर इस माह चार बार बैठकों में समीक्षा की है। गहन मंथन और चिंतन के बाद समारोह को मनोरंजन के साथ सार्थक संदेश देने का आयोजन बनाने के उद्देश्य से रचना की गई है। समारोह की थीम 'उद्योग और रोज़गार वर्ष 2025' के अनुरूप प्रदेश में हुए नवाचारों और विकास के विशेष प्रयासों पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया गया है। जिलों में हो रहे कार्यक्रम भी उद्योग और रोज़गार की थीम के अनुरूप होंगे। प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। जिलों की प्रगति और उपलब्धियों को जिला स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाओं द्वारा युवाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों, कृषक संगठनों द्वारा किसान कल्याण के लिए संचालित गतिविधियों के प्रदर्शन भी समारोह का हिस्सा होंगे। विरासत से विकास प्रदशर्नी स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही 'एक जिला-एक उत्पाद', सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य तथा भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में एक से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जाएगा। पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल एक नवम्बर को देंगे प्रस्तुति मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम अभ्युदय मध्यप्रदेश के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक नवम्बर को भोपाल में प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल प्रस्तुति देंगे। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में कृष्ण के भक्ति पदों की प्रस्तुति के साथ ही विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो होगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी। दो और तीन नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महानाट्य-सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति होगी। दो एवं तीन नवम्बर को सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। औद्योगिक विकास की उपलब्धियां होगी प्रदर्शित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत और आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के लिए हुए नवाचारों, विकास के विशेष प्रयासों और जनकल्याणकारी गतिविधियों के प्रस्तुतिकरण के निर्देश दिए हैं। इसके परिपालन में "रोज़गार के मंदिर हैं उद्योग'' थीम पर स्थापना दिवस समारोह में विविधगतिविधियाँ हो रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा जिलों में प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जाएगा। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाएँ युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेंगी। कृषक संगठन भी किसान कल्याण की गतिविधियों का प्रदर्शन समारोह का हिस्सा बना रहे हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को नया स्वरूप प्रदान किया गया है।

नई योजना: मध्यप्रदेश के 5 जिलों को जोड़कर बनेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन

भोपाल  मेट्रोपॉलिटन रीजन का खाता 200 करोड़ रुपए से खुलेगा। भोपाल और आसपास के पांच जिलों को मिलाकर प्राधिकरण तय किया जा रहा है। रीजन के तहत करीब 10 हजार करोड़ रुपए के काम प्रस्तावित है। इसमें संबंधित जिलों के मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल क्षेत्रों तक एप्रोच तैयार करने से लेकर पब्लिक यूटिलिटी विकसित करने सहित अन्य काम पूरे किए जाएंगे। गौरतलब है कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग भोपाल विकास योजना से तैयार कराई जा रही है। शासन स्तर से इस पर प्राधिकरण को मार्ग दर्शन दिया जा रहा है। बीएमआर के लिए शासन से नियम सितंबर 2025 तक ही जारी हो गए थे। अब बजट समेत डिटेल प्लान तय किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में काम शुरू हो पाएगा। अभी बीडीए प्लान के लिए एजेंसी तय करने में लगा है। इससे पहले बीएमआर का सेटअप तय होगा। बीएमआर में मौजूदा मास्टर प्लान -बीएमआर के लिए तय नियमों में स्पष्ट किया है कि भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर जिलों के मौजूदा मास्टर प्लान बीएमआर में मर्ज हो जाएंगे। यानी इनके प्रावधानों को ही लागू किया जाएगा। बीएमआर का प्लान बनेगा तो ये रहेंगे। -पांच जिलों को मिलाकर एक महानगर पालिका पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित होगा। यानी पूरी बस सेवाएं एक कंपनी, एक एजेंसी में आ जाएगी। भोपाल की बीसीएलएल जैसी कंपनी इसमें मिला दी जाएगी। -भोपाल नगर निगम, जिला पंचायत समेत संबंधित जिलों के नगरीय निकायों को भी बीएमआर में मिला दिया जाएगा। मौजूदा पार्षदों के बहुमत के आधार पर सदन जैसी कार्रवाई तय होगी। बीएमआर के लिए बजट समेत तमाम बातें तय हो रही है। शासन की एसओपी में ही शुरुआती बजट 200 करोड़ रुपए तय है। स्थापना के लिए इसका उपयोग होगा। तय नियमों के अनुसार प्लान बनवाया जा रहा है। तय समय में ये तैयार होगा। – संजीव सिंह, संभागायुक्त व अध्यक्ष बीडीए

रायसेन जिले में लगाए जाएंगे 78 हजार से अधिक स्‍मार्ट मीटर

रायसेन में 808 स्मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर माह में मिली एक लाख 97 हजार से अधिक की रियायत भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर अभियान के तहत रायसेन जिले में 78 हजार 854 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जाएंगे। इसमें से अब तक एक हजार 919 से अधिक स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जा चुके हैं। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए फायदेमंद है इसलिए सभी को स्‍मार्ट मीटर लगाने में कंपनी का सहयोग करना चाहिए। स्‍मार्ट मीटर से अनेक फायदे हैं, जैसे रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं होती है, मीटर रीडर भी घर पर रीडिंग लेने नहीं आता है, ऑटो‍मैटिक सटीक व पारदर्शी रीडिंग होती है। उपभोक्‍ता रियल टाइम खपत का डाटा भी देख सकते हैं।अगले महीने कितना बिल आ सकता है, यह फॉरकास्‍ट भी उपाय एप के माध्‍यम से देख सकते हैं। यह बात मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निदेशक (पीडीटीसी) श्री अनिल कुमार खत्री ने स्‍मार्ट मीटर से होने वाले लाभ तथा मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ता हित में चलाई जा रही शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय सभागार रायसेन में आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही। महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार ने बताया कि रायसेन वृत्‍त में 808 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर 2025 माह में एक लाख 97 हजार 200 रूपए की छूट प्रदान की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को नए टैरिफ आर्डर के अनुसार अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट मिल रही है। इसके तहत इनमें से स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। यह उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी।