samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं

प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं कर्मचारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर वेतन विसंगति, ग्रेड पे और पदनाम परिवर्तन के लिए नया आयोग बनाया जाएगा यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दीपावली मिलन समारोह में कर्मचारियों को संबोधन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश के विकास में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शासकीय कर्मचारियों के चेहरे की खुशी ही हमारे विकास का आधार है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। कर्मचारियों के कल्याण के कार्यों के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। राज्य शासन ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के कार्यो का त्वरित रूप से निराकरण और अपने कर्त्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों का दायित्व है। शासन-प्रशासन परस्पर सहयोग से प्रदेश को तेज गति से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली मिलन समारोह के अयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद सृजित किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने 9 साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है। सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी, जिससे अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न कराना पड़े। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। कर्मचारियों के हित में  जल्द ही  निर्णय लेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी 5 समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है। जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छठ पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं भी दीं।     कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत श्रीवास्तव,प्रदेश महामंत्री श्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न कर्मचारियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मिशन वात्सल्य’—हर बच्चे के सुरक्षित और उज्जवल भविष्य की दिशा में ठोस कदम

मंत्री सुश्री भूरिया ने की ‘मिशन वात्सल्य’ की समीक्षा बाल संरक्षण, दत्तक ग्रहण और आफ्टर केयर योजनाओं पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को ‘मिशन वात्सल्य’ योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि मिशन वात्सल्य केवल एक योजना नहीं, बल्कि हर बच्चे के उज्जवल भविष्य की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या असहाय न रहे, और हर बच्चे को शिक्षा, संरक्षण और सम्मान का अधिकार मिले। दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाएं मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि बच्चों के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को और आसान, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि होम विजिट की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर ली जाए ताकि बच्चे शीघ्र सुरक्षित परिवारों से जुड़ सकें। मंत्री ने बताया कि दत्तक ग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया अब ‘CARA पोर्टल’ के माध्यम से की जा रही है और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत ही सभी कार्यवाहियां संपादित की जा रही हैं इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। ऑफ्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और बालिकाओं के भविष्य निर्माण पर विशेष निर्देश मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ऑफ्टर केयर योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में लिप्त किशोरों के लिए ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ की व्यवस्था हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपोजिट भवन निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिससे बाल देखरेख, ऑफ्टर केयर और दत्तक ग्रहण जैसी सेवाओं को एक ही परिसर में एकीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि यह मॉडल भवन तैयार होता है तो मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जो इस प्रकार का आदर्श भवन (Ideal Building) बनाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अनाथ बच्चों के लिए विशेष इंटरैक्शन प्रोग्राम और जॉब फेयर आयोजित किए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार की तरह मध्यप्रदेश में भी अनाथ बच्चों को सरकारी सेवाओं में 1% आरक्षण देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता ने कहा कि दत्तक ग्रहण की टाइमलाइन एक माह में निर्धारित की जाए तथा होम विजिट और लीगल प्रोसेस को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।उन्होंने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता माताओं के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए फील्ड अधिकारियों को लक्ष्य आधारित मैपिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीमती निधि ने कहा कि ऑफ्टर केयर योजना के बच्चों को अभी से कैरियर गाइडेंस और ट्रेनिंग दी जाए तथा बालिकाओं को शिक्षा और पुलिस भर्ती में 33% आरक्षण का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने सभी सीडीपीओ, डीपीओ, सुपरवाइजर और एडी को नियमित मैदानी निरीक्षण (Field Visit) करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। 08 बाल देखरेख संस्थाओं को बंद करने के प्रस्ताव बैठक में बताया गया कि वर्तमान में इंदौर जिले के 2 बालिका गृह तथा खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों के 1-1 बालक गृह, साथ ही नर्मदापुरम जिले के 2 खुले आश्रय गृह इस प्रकार कुल 08 बाल देखरेख संस्थाओं को बंद करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन संस्थाओं में फिलहाल कोई बालक या बालिका निवासरत नहीं है। संबंधित जिलों से संस्थाओं को बंद करने की कार्यवाही के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बंद की जा रही संस्थाओं के अंतर्गत कोई भी बच्चा असुरक्षित स्थिति में न रहे तथा प्रत्येक बच्चे के पुनर्वास की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण हो। बैठक में बाल संरक्षण, दत्तक ग्रहण, ऑफ्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और संस्थागत देखरेख से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।  

‘AI से बनाए जा रहे मेरे फेक वीडियो’ — बागेश्वर धाम सरकार का सनसनीखेज आरोप!

छतरपुर  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि उन्हें बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें लगी हैं । फेक AI वीडियो बनाकर बदनामी करने का काम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर षड्यंत्र AI से रचे जा रहे हैं।   हमें बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें साजिशें रच रही-धीरेंद्र बागेश्वर धाम पर आयोजित दिव्य दरबार के मध्य बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराज ने भक्तों से कहा कि हमें बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें साजिशें रच रही हैं।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर AI का सहारा लेकर  हमारे कई तरह की गलत फेक वीडियो बनाकर बदनाम करने में लगी हुई हैं। इसके लिए IT की  कई सदस्यीय स्पॉन्सर्ड टीमें लगाई गई,  जिनका कार्य हमारे AI वीडियो जनरेट कर गलत तरीके से बनाकर उन्हें वायरल करना है , जिससे हमारी बदनामी हो सके।   हम आप सभी भक्तों से यही कहना चाहते हैं कि आप सभी लोग हमारे चक्कर में न पड़कर हमारे बालाजी के चक्कर में पड़ें। उनके चरणों में आप सभी लोग जाए। हम खुले मंचों से हली उल्लाह वालों की ठठरी बांधते हैं, तो वे क्या चुप बैठे होंगे? उनका जितना बस होगा, उतना ही वह हमारे बुरा करते होगे, बड़ी-बड़ी विदेशी ताकतें हमे गिराने के लिए प्रतिदिन लगी हुई है। IT की 22 सदस्यीय टीम हमें बदनाम करने में लगी है बागेश्वर धाम सरकार ने आगे कहा कि हमारे ही किसी बहुत बड़े पद पर बैठे पदाधिकारी ने बताया है कि हमारे लिए पूरी IT की 22 सदस्यीय टीम पीछे लगी हुई है।  AI जनरेटिव फेक वीडियो बनाकर सिर्फ़ वायरल के लिए । जिसमें पैसे लगाए जाते हैं वायरल करने के लिए लिए लेकिन हम जैसे कमरे में रहते हैं, वैसे ही हम बाहर रहते हैं। जो भगवान करेंगे, वो होगा, उन्हीं के भरोसे हैं। कई तांत्रिकों की दुकान बंद हो गई, क्या वे चुप बैठे होंगे उनके पास जितनी शक्तियां होगी,सब छोड़ते होंगे। हमारी रक्षा बालाजी सन्यासी बाबा करते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पूरी पृथ्वी तुम्हारे विरोध में लग जाए, अगर हनुमान जी तुम्हारे साथ हों तो कोई भी कुछ नहीं कर सकता। इसलिए आप सभी हमारे चक्कर में नहीं, हनुमान जी के चक्कर में पड़ो।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पुलिस वेलफेयर सोसाइटी के पेट्रोल पंप का लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन पुलिस लाइन में नवनिर्मित उज्जैन पुलिस वेलफेयर सोसाइटी के पेट्रोल पंप का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेट्रोल पंप का शुभारंभ करते हुए सांकेतिक रूप से कुछ गाड़ियों में पेट्रोल भी भरा और पुलिस परिवार के साथ ही पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप से होने वाली आमदनी पुलिस के जरूरतमंद परिवारों का संबल बनेगी। वाटिका का लोकार्पण और पौधारोपण किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में "एक बगिया मां के नाम" अभियान अंतर्गत पुलिस लाइन स्थित नवनिर्मित वाटिका में आम के पौधे का रोपण कर वाटिका का  लोकार्पण किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा,  श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।

प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है। भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई है। दुनिया के कई देश प्रकृति का दोहन कर रहे हैं पर भारत ने सदियों से प्रकृति का पोषण किया है। उपभोग प्रधान जीवन शैली वर्तमान के जलवायु संकट को बढ़ाती है जबकि उपयोग से पहले संरक्षण की समझ और भोग से पहले योग का संतुलन ही भारतीय संस्कृति का सार है। भोपाल प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम है। प्राकृतिक सुंदरता और जैव-विविधता सहेजे इस सुंदर शहर में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्यशाला का आयोजन शहर की विशेषता के अनुरूप है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण और जीवन शैली-जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य नीति आयोग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और ऐप्‍को के संयुक्त तत्वावधान में मानव संग्रहालय में आयोजित संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, कार्यक्रम के सह आयोजक हैं। जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विचार विमर्श और व्यक्ति-समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है। उल्लेखनीय है कि जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के पहलुओं को प्रभावित कर रहे जलवायु संकट पर ब्राजील में नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन होगा। वैचारिक संगोष्ठी में प्राप्त सुझाव और विचार, ब्राजील के सम्मेलन में साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश, इस चर्चा को आरंभ करने वाला भारत का पहला राज्य है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित संगोष्ठी में पर्यावरण और जीवन शैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका जैसे विषयों पर विचार विमर्श हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए। राज्य सरकार प्रदेश में ग्रीन कव्हरेज बढ़ाने, वेटलैंड संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और हरित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की यह संगोष्ठी मानवता के अस्तित्व, धरती के संतुलन और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा है। हमें स्थानीय सोच को वैश्विक समाधान से जोड़ने और विकास तथा पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी और संचार माध्यमों से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। 

भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए 78 करोड़ 94 लाख रुपये का अनुमोदन

132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत प्रदेश में PVTG समूहों यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की अतिरिक्त कार्ययोजना द्वितीय चरण का अनुमोदन प्रदान किया गया है। स्वीकृति अनुसार प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत अतिरिक्त 18 हजार 338 अविद्‌युतीकृत PVTG घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्‌युत अधोसंरचना विस्तार के लिए लगभग 78 करोड़ 94 लाख रुपये की ‌द्वितीय चरण की कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस के लिए 60 प्रतिशत राशि 47 करोड़ 36 लाख रूपये केन्द्र शासन से अनुदान प्राप्त होगा व शेष 40 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 58 लाख रुपये राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम जनमन अन्तर्गत प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के लिये बसाहट वार पूर्व स्वीकृत सीमा एक लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड को बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड किये जाने की स्वीकृति दी गई। विद्युत कंपनियों द्वारा 2 लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड तक आकलित लागत से विद्युतीकरण किया जायेगा। लागत अधिक होने की स्थिति में ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवाट क्षमता का आफ ग्रिड सोलर पैनल और बैटरी लगाकर विद्युतीकरण किया जायेगा। 211 घरों का विद्युतीकरण आफ ग्रिड प्रणाली से किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत प्रदेश में 3 PVTG जनजाति, यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समूहों के अविद्‌युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। 11 मार्च, 2024 को संपन्न मंत्रि-परिषद बैठक में योजनांतर्गत प्रथम चरण में 10 हजार 952 घरों के विद्युतीकरण के लिए लगभग 65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से 8 हजार 752 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जा चुके हैं। 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के कारण क्षतिपूर्ति राशि और क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल में वृद्धि की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा अति उच्च दाब पारेषण 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा/क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार टॉवर लगाने पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है साथ ही लाइन ट्रान्समिशन लाइन के ROW (Right of way) में आने वाली भूमि की क्षतिपूर्ति राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है। क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल में टॉवर के चार पाए के अलावा सब तरफ 1-1 मीटर की अतिरिक्त वृद्धि की गयी है। भूमि का स्वामित्व किसान का ही रहेगा। टॉवर के बीच में और लाइन के नीचे की फसल किसान ले सकेगा। केवल तार के नीचे की जमीन 132 K.V. लाईन में 7 मीटर क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल को बढाकर कारिडोर अनुसार 28 मीटर किया गया है। उसी तरह 220 K.V. लाईन 14 मीटर में वृद्धि कर कॉरीडोर अनुसार 35 मीटर किया गया है। इसके अतिरिक्त 400 K.V. लाईन के नीचे की जमीन का क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल 52 मीटर निर्धारित किया गया है। बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के लिए कुल 7 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर का एक नवीन पद व उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 06 पद, इस प्रकार कुल 07 नवीन पदों का सृजन के लिए 52 लाख 46 हजार रूपये प्रति वर्ष की स्वीकृति प्रदान की गयी है। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में अधिकतम 06 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास धारित कर सकेगा। सेवानिवृत्त होने की स्थिति में शासकीय सेवक 06 माह तक आवास धारण कर सकेगा। सेवानिवृत्त शासकीय सेवक प्रथम 03 माह की अवधि के लिए आवंटित आवास सामान्य दर पर धारण कर सकेगा। उक्त अवधि के अवसान उपरांत पुनः आगामी 03 माह की अवधि के लिए किराया सामान्य दर से 10 गुना दर पर आवास धारण कर सकेगा। इसके उपरांत दाण्डिक दर से किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। पहले केवल 3 माह तक ही शासकीय आवास धारण करने की अनुमति थी। इसी तरह त्यागपत्र देने, सेवा से पृथक होने अथवा अन्य किन्ही कारणों से आवास रखने के लिए अनधिकृत होने पर 03 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक द्वारा सामान्य दर पर आवास धारित किया जा सकेगा। 03 माह की अवधि के अवसान पर नियमानुसार दाण्डिक किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। अनधिकृत आधिपत्य के लिये नियम 37 के तहत वेतनमान के आधार पर आवास की पात्रता और लायसेंस शुल्क की दरों का निर्धारण भी संशोधित किया गया है। दाण्डिक मासिक किराया 10 गुना से बढ़कर 30 गुना किया गया है। प्रति माह 10 प्रतिशत की उत्तरोत्तर वृद्धि की जायेगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: कर्मचारियों के सहयोग के बिना सरकार की सफलता अधूरी

सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं कर्मचारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर वेतन विसंगति, ग्रेड पे और पदनाम परिवर्तन के लिए नया आयोग बनाया जाएगा यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दीपावली मिलन समारोह में कर्मचारियों को संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश के विकास में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शासकीय कर्मचारियों के चेहरे की खुशी ही हमारे विकास का आधार है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। कर्मचारियों के कल्याण के कार्यों के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। राज्य शासन ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के कार्यो का त्वरित रूप से निराकरण और अपने कर्त्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों का दायित्व है। शासन-प्रशासन परस्पर सहयोग से प्रदेश को तेज गति से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली मिलन समारोह के अयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद सृजित किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने 9 साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है। सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी, जिससे अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न कराना पड़े। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। कर्मचारियों के हित में जल्द ही निर्णय लेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी 5 समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है। जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छठ पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वास्तव,प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न कर्मचारियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए मोहन सरकार ने लिया कर्ज, चालू वित्त वर्ष का ऋण 42600 करोड़ तक

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज ₹5200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, जिसका भुगतान 29 अक्टूबर को सरकार को होगा। भाईदूज पर प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में ₹250 जमा करने से चूकने के बाद, सरकार यह कर्ज 1 नवंबर को होने वाले मध्य प्रदेश स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सरकारी परियोजनाओं के भुगतान के लिए ले रही है। चालू वित्त वर्ष का कुल कर्ज ₹42600 करोड़ हुआ आज लिए जा रहे कर्ज की पहली राशि ₹2700 करोड़ और दूसरी ₹2500 करोड़ की होगी। ये चालू वित्त वर्ष के क्रमशः बीसवें और इक्कीसवें कर्ज हैं। इस नए लोन के बाद, चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज बढ़कर ₹42600 करोड़ हो जाएगा। इसके साथ ही, एमपी सरकार पर मौजूदा कुल कर्ज ₹4,64,340 करोड़ तक पहुंच जाएगा। लंबी अवधि के लिए लिया जा रहा है कर्ज पहला कर्ज ₹2700 करोड़ का है, जो 21 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है और इसका ब्याज भुगतान अक्टूबर 2046 तक होगा। दूसरा कर्ज ₹2500 करोड़ का है, जो 22 साल की अवधि के लिए होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2047 तक ब्याज के रूप में किया जाएगा। एमपी का चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर पहुंच जाएगा 42,600 करोड़ गौरतलब है ताजा 5200 करोड़ रुपए लोन के बाद एमपी सरकार का कुल चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर 42,600 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा. इससे पहले, मोहन सरकार ने दशहरे से पहले 3000 करोड़ रुपए का लोन लिया था. नए 5200 करोड़ रुपए के लोन से एमपी सरकार का कुल सरकारी कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा.  कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए केंद्र की मंजूरी सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार ने आरबीआई के माध्यम से लिए जाने वाले कर्ज की यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर ऑन प्रोडक्टिव स्कीम के लिए मंजूर की है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाएं, सिंचाई और पावर प्रोजेक्ट्स, और कम्युनिटी डेवलपमेंट्स प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। सरकार देव उठनी एकादशी (1 नवंबर) से पहले यह कर्ज ले रही है। पिछले कर्जों का ब्यौरा इससे पहले मोहन सरकार ने दशहरा पर्व के ठीक पहले 1 अक्टूबर को ₹3000 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसके लिए 30 सितंबर को ऑक्सन किया गया था। सितंबर माह में 9 सितंबर को ₹4000 करोड़ के तीन कर्ज और 23 सितंबर को ₹1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे। सरकार ने अपनी राजस्व स्थिति को संतोषजनक बताया है और कहा है कि लिया जा रहा यह कर्ज लोन की लिमिट के भीतर है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) में थी, जबकि 2024-25 में यह आय ₹1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। क्यों ले रही कर्ज? सूत्रों के मुताबिक यह राशि कई प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट स्कीम्स के लिए ली जा रही है। वहीं, आगामी 1 नवंबर को स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सामाजिक योजनाओं के भुगतान के लिए भी इस धनराशि का उपयोग किया जाएगा। पहले लिया था 3 हजार करोड़ का कर्ज  आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने 1 अक्टूबर को दशहरा से पहले 3000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। और अब 5200 करोड़ कर्ज के साथ मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा।  लोन लेने की लिमिट बरकरार सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। जो भी लोन लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ। यह कर्ज 20 साल और 23 साल की अवधि के लिए हैं।     23 सितंबर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए हैं जो 18 साल और 21 साल की अवधि के हैं।     नौ सितंबर को तीन कर्ज लिए गए थे जो 1500-1500 करोड़ तथा एक हजार करोड़ रुपए के थे। यह कर्ज 17 साल, 19 साल और 20 साल की अवधि के लिए हैं।     26 अगस्त को मोहन सरकार ने 2500 करोड़ और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। यह लोन 20 साल और 18 साल की अवधि के लिए हैं।     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं। अप्रैल के बाद ये कर्ज भी लिए     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए … Read more

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : गौरवशाली अतीत के नायक सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : अभ्युदय का उत्सव मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : गौरवशाली अतीत के नायक सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन भोपाल  अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश "मध्यप्रदेश" अपना 70वाँ स्थापना दिवस 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के रूप में मनाने जा रहा है। यह भव्य समारोह 1 से 3 नवंबर, 2025 तक भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित होगा। 'विरासत से विकास' की यात्रा को दर्शाने वाला यह आयोजन 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' की थीम पर आधारित है। इस तीन दिवसीय समारोह का मुख्य आकर्षण होगा महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य'। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध गायकों की सुगम संगीत प्रस्तुतियाँ, प्रदर्शनियाँ, शिल्प मेला और व्यंजन मेले जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएँगी। यह समारोह केवल सांस्कृतिक रंगों से ही नहीं सजेगा, बल्कि महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' के मंचन से नागरिकों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि मध्यप्रदेश का अतीत कितना गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य, जिनके राज्य की पहचान जनकल्याण, सुशासन और शौर्य थी, वे हमारे लिए आज भी प्रेरणास्रोत हैं। विकसित राज्य और राष्ट्र की अवधारणा की प्रेरणा हमें ऐसे ही अतीत के महानायकों से मिली है। महानाट्य का भव्य मंचन सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और उनके महान योगदान से जनता को परिचित कराने के लिए यह महानाट्य 2 और 3 नवंबर, 2025 को सायं 6:30 बजे से लाल परेड मैदान भोपाल में दो दिनों तक मंचित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के वैभवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुँचाना है। सम्राट विक्रमादित्य का वैश्विक सम्मान विक्रमादित्य भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय सम्राट नायक माने जाते हैं। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा, राजनीतिक उपलब्धियाँ, न्याय की अनोखी पद्धति और कला-साहित्य को दिए गए उदार संरक्षण ने उन्हें केवल भारत में ही नहीं बल्कि सुदूर देशों में भी प्रतिष्ठित किया है। विक्रम संवत काल गणना का सर्वश्रेष्ठ आधार विक्रमादित्य ने शकों और यवनों के आतंक से भारत को मुक्त कराया था। उन्होंने 96 शक सामंतों को पराजित कर उन्हें देश छोड़ने पर विवश किया जिसके बाद उन्हें 'शकारि' और 'साहसांक' जैसी उपाधियाँ मिलीं। आज 2082 वर्ष पूर्व उनके द्वारा प्रारंभ किया गया 'विक्रम संवत' न केवल भारत में बल्कि दुनिया में भी काल गणना का सर्वश्रेष्ठ आधार है। ज्ञान और कला का प्रतीक दरबार 'बेताल पच्चीसी' और 'सिंहासन बत्तीसी' में उनके अद्भुत न्याय, वीरता और महानता की कथाएँ प्रचलित हैं। उनके दरबार में कालिदास, वराहमिहिर, धन्वंतरि जैसे नवरत्न थे, जो जनकल्याणकारी कार्यों में संलग्न रहते थे। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत प्राचीन काल से ही विज्ञान, खगोल शास्त्र, ज्योतिष और साहित्य-कला के क्षेत्रों में कितना समृद्ध और सशक्त रहा है। महानाट्य की भव्यता विक्रमादित्य की गाथा को जन-जन तक पहुँचाने का यह चुनौतीपूर्ण संकल्प उज्जैन की संस्था 'विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति' ने लिया है। लगभग 150 कलाकारों और 50 सहयोगियों द्वारा मंचित इस विराट प्रस्तुति में दृश्यों को सजीव बनाने के लिए अश्व (घोड़े), रथ, पालकी और ऊँट का भी प्रयोग किया गया है। तीन मंचों और एलईडी ग्राफिक्स के स्पेशल इफेक्ट्स से इसे अत्यंत प्रभावी बनाया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसित महानाट्य इस महानाट्य की प्रस्तुति को दिल्ली के लाल किला, हैदराबाद, आगरा सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों में भरपूर सराहना मिली है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी स्वयं इस महानाट्य की प्रशंसा कर चुके हैं। अब यह भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में मंचित होने जा रहा है। विविध सांस्कृतिक गतिविधियाँ 2 और 3 नवंबर को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत लाल परेड ग्राउंड में दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक अनेक गतिविधियाँ आयोजित होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिक प्रदेश की शिल्प कला, हस्त कला, पारंपरिक कला, व्यंजन, विरासत और वैभव से परिचित हो सकेंगे। प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं:         12 प्रदर्शनियाँ, जिनमें 'विक्रमादित्य और अयोध्या', 'विक्रमादित्य की मुद्राएं और सिक्के', 'राजा भोज का भोपाल', 'मध्यप्रदेश की बावड़ियाँ', और 'मध्यप्रदेश के मंदिर देवलोक' प्रमुख हैं।         वनौषधि और वैद्य पर केंद्रित 'वन मेला'।         'एक जिला-एक उत्पाद' के अंतर्गत 'शिल्प मेला' (प्रदर्शन सह विक्रय)।         देशज व्यंजनों का 'स्वाद' व्यंजन मेला।  

विश्व पक्षाघात दिवस: बुधवार को आयोजित होगा विशेष जागरूकता कार्यक्रम

भोपाल भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में स्थापित पक्षाघात विशेषज्ञ इकाई में बुधवार 29 अक्टूबर को विश्व पक्षाघात दिवस के उपलक्ष्य में दोपहर 2 बजे से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पक्षाघात से पीड़ित लोगों को इस रोग से होने वाली समस्याओं और सीमाओं से उबरने में मदद करना है। वर्तमान समय में कम आयु में पक्षाघात के बड़ी संख्या में प्रकरण देखने को मिल रहे हैं, जिनके कारण विक्षिप्त जीवन शैली, भोजन में अनियमिताएं एवं विभिन्न प्रकार के व्यसन आदि हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सहयोग से शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित इस विशेषज्ञ इकाई में पक्षाघात से पीड़ित समस्त रोगियों का उपचार उपलब्ध है, जो होम्योपैथी एवं फिजियोथेरेपी के माध्यम से प्रदान किया जाता है। दोनों विषयों के विशेषज्ञ दल यहां पर प्रतिदिन प्रात 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। लाभार्थी अधिक जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0755 2992970 पर शासकीय कार्य दिवस एवं समय पर संपर्क कर सकते हैं।।