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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. मुरुगन ने की सौजन्य भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर केंद्रीय मंत्री श्री मुरुगन का स्वागत किया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरुगन ने पुष्प-गुच्छ, तिरूपति बालाजी मंदिर का प्रसाद देकर और शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ मुरुगन ने मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल बघेल परिवार को ढांढस बंधाया, शोक संवेदना व्यक्त की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को विदिशा जिले के ग्राम बल्लाखेड़ी पहुँचे और शोकाकुल बघेल परिवार से भेंटकर स्व. श्री विशाल सिंह बघेल के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री राजमोहन के पिता स्व. श्री विशाल सिंह बघेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए ढांढस बंधाया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, शमशाबाद विधायक श्री सूर्य प्रकाश मीणा, कुरवाई विधायक श्री हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक श्री हरि सिंह रघुवंशी ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- श्रीकृष्ण और सुभद्रा के स्नेह में झलकता है भाई-बहन के प्यार का अटूट बंधन

प्रेम, सुरक्षा और विश्वास का पर्व है भाईदूज प्रदेश की लाड़ली बहने होंगी शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। हमारी सरकार इसी दृष्टि से सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिये बहनों की खुशी, उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले भाईदूज कार्यक्रम में सम्मलित होने वाली लाड़ली बहनों को यह संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का पर्व भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख-दुख, सुरक्षा और सम्मान का वचन निभाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही समाज की समृद्धि का आधार है और हर भाई का यह कर्तव्य है कि वह अपने आचरण और कर्म से इस भावना को मजबूत बनाए। शासन में संवेदना, त्यौहारों में अपनापन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह परंपरा बनाई है कि प्रदेश का हर पर्व जनता के जीवन में नई उमंग और नई आशा लेकर आए। दीपावली, रक्षाबंधन, गोवर्धन पूजा और अब भाईदूज जैसे पर्व शासन के मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुके हैं। लाड़ली बहनें : सशक्त समाज की आधारशिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आत्मा हैं। लाड़ली बहना योजना ने बहनों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि सीधे बहनों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जो प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के प्रति स्नेह और सम्मान का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री निवास पर आने वाली लाड़ली बहनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहेंगे।

लापता मां-बेटी की खुशखबरी: केरल से मिली बेटियों ने दीपावली पर परिवार को किया खुशहाल!

नरसिंहपुर नरसिंहपुर पुलिस ने अपनी अथक मेहनत और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक परिवार को दीपावली से ठीक पहले खुशियों का अनमोल उपहार दिया है। पुलिस ने लगभग डेढ़ वर्ष से लापता एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला और उसकी अबोध बच्ची को सुदूर केरल राज्य से सकुशल दस्तयाब कर लिया और उन्हें उनके परिजनों से मिला दिया। यह मामला गाडरवारा थाना की चौकी सालीचौका से शुरू हुआ था, जहाँ प्रार्थी ने पत्नी (जो मानसिक रूप से विक्षिप्त थी) और बच्ची के गुमशुदा होने की सूचना दी थी। प्रार्थी की हर संभव तलाश नाकाम रहने पर 05 जुलाई 2024 को गुम इंसान का मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक डा. ऋषिकेश मीना ने अति. पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन और एसडीओपी गाडरवारा रत्नेश मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने गुमशुदा की तलाश के लिए इश्तेहार जारी किए और अंतरराज्यीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। अथक तकनीकी प्रयासों के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि गुमशुदा महिला और बच्ची त्रिसुर, केरल में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल केरल रवाना हुई और 16 अक्टूबर 2025 को शासकीय महिला मंदिरम, रामावरमपुरम से मां-बेटी को दस्तयाब करने में सफलता हासिल की। विधिवत प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को परिजनों को सौंप दिया गया। निरीक्षक विक्रम रजक, उप निरीक्षक वर्षा धाकड़, प्रधान आरक्षक मनोज भारद्वाज और आरक्षक जमना प्रसाद रजक की टीम की अहम भूमिका रही।

भाई-भाई पर खौफनाक हमला: शहडोल में जमीन विवाद में हुई हत्या, विरोध में जनता ने किया चक्का जाम

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जमीनी विवाद के चलते दो भाइयों की तलवार से हमला कर हत्या कर दी गई, जबकि तीसरा भाई गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, इस हत्याकांड के विरोध में बुधवार को लोग सड़कों पर उतर आए हैं और चक्का जाम किया है। मिली जानकारी के अनुसार, बलबेहरा गांव में दो परिवारों के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया और मंगलवार की देर रात को इस मामले ने खूनी रूप ले लिया। राकेश तिवारी अपने भाई राहुल के साथ दीया रखने के लिए दुकान पर गया था, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले की जानकारी मिलने पर उनका बड़ा भाई सतीश भी मौके पर पहुंचा, तो उस पर भी आरोपियों ने हमला बोल दिया। तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां दो की मौत हो गई, जबकि सतीश की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका उपचार जारी है। मरने से पहले राहुल ने मोबाइल पर अपना बयान भी रिकॉर्ड किया है, जो पुलिस के हाथ लग गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने हाईवे क्रमांक 43 पर बुधवार की दोपहर से चक्का जाम कर दिया है। पीड़ित पक्ष के लोगों की मांग है कि आरोपियों को जल्दी गिरफ्तार किया जाए और सख्त कार्रवाई हो। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तिवारी और शर्मा परिवारों के बीच जमीन को लेकर पिछले कुछ वर्षों से विवाद चल रहा था। समझौते के लिए चार दिन पहले भी बातचीत हुई, मगर कोई हल नहीं निकला। दीपावली पर्व के मौके पर आरोपियों ने तिवारी परिवार पर हमला बोल दिया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है। लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मध्य प्रदेश को बड़ा तोहफा: खजुराहो में बनेगा भारत का सबसे बड़ा एयरबेस

खजुराहो  मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल खजुराहो को जल्द ही देश के सबसे बड़े एयरबेस की सौगात मिलने वाली है. यह एयरबेस भारतीय वायु सेना (IAF) के फाइटर जेट और सैन्य विमानों के लिए अहम भूमिका निभाएगा. रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है. एयरबेस के लिए खजुराहो एयरपोर्ट के पास करीब 1000 एकड़ जमीन चुनी गई है. सहमति बनी तो अगले साल से जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू हो सकती है. यह एयरबेस न केवल फाइटर जेट के लिए बल्कि सैन्य विमानों के लिए भी एक रणनीतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा. सांसद वीडी शर्मा ने दी जानकारी इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व  अध्यक्ष और खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के सांसद विष्णु दत्त शर्मा (वी डी शर्मा) का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि खजुराहो एयरपोर्ट के बेहतर उपयोग के लिए उन्होंने लगातार रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी. उनकी कोशिशों के चलते हाल ही में देश में चार एयरपोर्ट (प्रयागराज, झांसी और ग्वालियर) का सर्वे किया गया था, जिसमें खजुराहो एयरपोर्ट को सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक एयरबेस बनाने के लिए सबसे उपयुक्त पाया गया है. सांसद वीडी शर्मा का कहना है कि एयरबेस बनाने के लिए प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. यह परियोजना न केवल खजुराहो बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी. खजुराहो में एयरबेस बनने से क्षेत्र की रणनीतिक और आर्थिक दोनों तरह की महत्ता में ज़बरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है. 

यात्रा सुविधा बढ़ाने के लिए रानी कमलापति स्टेशन से सात विशेष ट्रेन सेवा शुरू

भोपाल दीपावली के पावन त्योहार के बाद घर लौटने वाले यात्रियों और छठ पूजा के अवसर पर यात्रा करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या रेलवे के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने सात जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। डीआरएम पंकज त्यागी और सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने यात्रियों से व्यवस्थाओं पर चर्चा की। यात्री सुविधाओं में सुधार हेतु कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीआरएम ने बताया कि भोपाल और आरकेएमपी स्टेशन पर क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक भीड़ देखी जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी अव्यवस्था की घटना नहीं हुई है। इस प्रकार होगा ट्रेनों का संचालन     गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल प्रत्येक शनिवार और मंगलवार दिनांक 27.09.2025 से 01.11.2025 तक (छठ महापर्व स्पेशल) चलेगी।     गाड़ी संख्या 01665 रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।     गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति हजरत निजामुद्दीन स्पेशल 17.10.2025 और 18.10.2025 को (दीपवाली स्पेशल) चलेगी।     गाड़ी संख्या 01289 रानी कमलापति रीवा एक्सप्रेस 17.10.2025 को संचालित होगी।     गाड़ी संख्या 02191 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस 27.09.2025 से 18.10.2025 तक चलेगी।     गाड़ी संख्या 22187 रानी कमलापति-जबलपुर एक्सप्रेस और 12061 रानी कमलापति-जबलपुर एक्सप्रेस भी उपलब्ध रहेंगी। क्राउड मैनेजमेंट योजना के तहत     रस्सियों और बैरिकेड्स का उपयोग करके यात्रियों के लिए लाइन का प्रबंधन किया जाएगा।     होल्डिंग और सर्कुलेटिंग क्षेत्रों में लाउड स्पीकर के माध्यम से नियमित घोषणाएं की जाएंगी, जिसमें आने वाली ट्रेनों की जानकारी दी जाएगी।     यात्रियों को प्लेटफार्म की क्षमता के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा।     आरक्षित और अनारक्षित यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी।     24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम में एक वार रूम स्थापित किया गया है।     सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्टेशनों की लाइव निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है।     मंडल पर बुकिंग काउंटर के अतिरिक्त 16 स्टेशनों पर 38 एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) की सुविधा है, जिससे अनारक्षित टिकटों का वितरण किया जा रहा है।  

बुंदेलखंड की परंपरा में रंगे अरविंद पटेरिया, दिवारी नृत्य में मौनिया के संग लगाए ठुमके

छतरपुर   बुंदेलखंड का छतरपुर लोकनृत्य और लोक संगीत कलाओं को संजोए हुए है. इन्हीं में से एक बुंदेली मौनिया नृत्य है, जो दीपावली के बाद आयोजित होता है. यह नृत्य बुंदेलखंड के ग्रामीण इलाकों में दीपावली के दूसरे दिन मौन परमा को पुरुषों द्वारा किया जाता है. इसे मौनी परमा भी कहा जाता है. ये बुंदेलखंड की सबसे प्राचीन नृत्य शैली है. इसे सेहरा और दिवारी नृत्य भी कहते हैं. इसमें किशोरों व युवकों द्वारा घेरा बनाकर मोर के पंखों को लेकर मनमोहक अंदाज में नृत्य किया जाता है. दिवारी नृत्य में लाठीबाजी के करतब दिवारी नृत्य लाठियां लड़ाकर भी किया जाता है. छतरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों के लोगों की प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है. छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित आदिवर्त संग्रहालय में पारंपरिक उल्लास के साथ मौनिया उत्सव का आयोजन किया गया. यह आयोजन संग्रहालय के सामने पार्किंग स्थल पर हुआ. उत्सव में पारंपरिक संगीत, ढोलक और नगाड़ों की गूंज के बीच विभिन्न क्षेत्रों से आए मौनिया दलों ने दीवारी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियां दी. तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा खजुराहो दिवारी नृत्य में रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों ने लोक संस्कृति के अनोखे रंगों से सराबोर कर दिया. खजुराहो, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए मोनिया दलों ने जब मंच पर पारंपरिक दीवारी नृत्य प्रस्तुत किया तो लोग देखते रह गए. कलाकारों ने अपने तेज़ लयबद्ध कदमों, चटख रंगों के परिधानों और उत्साहपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. दीवारी या मोनिया नृत्य बुंदेलखंड की कृषक, चरवाहा संस्कृति का प्रतीक लोकनृत्य है, जो दीपावली से लेकर पूर्णिमा तक निरंतर किया जाता है. इस नृत्य में युवा कलाकार बुंदेली दिवारी लोकगीतों की ताल पर समूह में नाचते हैं. सामाजिक एकता का प्रतीक भी है मौनिया गीतों में श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा, धर्म, नीति, परिश्रम और जीवन के उल्लास का वर्णन होता है. यह नृत्य अहीर समाज की प्राचीन परंपरा को आज भी जीवंत बनाए हुए है. बुंदेलखंड में बरेदी नृत्य के रूप में प्रसिद्ध यह कला दीपावली के 15 दिन तक गांवों में गूंजती रहती है. इसमें नर्तक अत्यंत तीव्र गति से गोल घेरा बनाकर नृत्य करते हैं, जबकि एक कलाकार गीत की शुरुआत करता है और बाकी दल सामूहिक स्वर में उसे आगे बढ़ाते हैं. यह केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, कृतज्ञता और धार्मिक आस्था का लोक उत्सव भी है, जिसे लोग आज भी जीवित रखे हुए हैं. मौनिया नृत्य कैसे शुरू हुआ खजुराहो में आयोजित हुए मोनिया नृत्य के दौरान राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया भी मौनिया को देखकर अपने आपको नृत्य करने से नहीं रोक पाए. पहले विधायक ने नगड़िया बजाई, फिर बुंदेली परंपरा के अनुसार मौनिया कलाकरों के साथ नृत्य किया. इस परंपरा के बारे में छतरपुर के पंडित अनंत शास्त्री महाराज बताते हैं "मोनिया नृत्य में बुंदेली लोक संस्कृति की झलक मिलती है. ऐसी मान्यता है जब भगवान श्री कृष्ण की सारी गायें कहीं चली गई तो भगवान श्रीकृष्ण दु:खी होकर मौन हो गए तो उनके दोस्तों ग्वालों ने उनकी गायें खोजी ओर गायें लेकर आये तब भगवान ने मौन तोड़ा." मौनिया उत्सव लोक संस्कृति की आत्मा मौनिया को लेकर दूसरी मान्यता यह भी है कि इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों को बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपनी उंगली पर उठा लिया. तब गोकुलवासी खुशी के मारे झूम उठे, तभी से यहां आयोजन मनाया जाता है. इस मौके पर विधायक अरविंद पटेरिया ने कहा "मौनिया उत्सव हमारी लोक संस्कृति की आत्मा है. इस आयोजन के माध्यम से न केवल परंपराएं संरक्षित होती हैं बल्कि नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से परिचय भी मिलता है." 

हाईकोर्ट सख्त: अपीलीय प्राधिकरण पर जुर्माना, दोषियों से वसूली का आदेश

जबलपुर  अपीलीय प्राधिकरण द्वारा निर्धारित अवधि में दायर अपील को समय अवधि के आधार पर खारिज कर दिया गया था। जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए. के. सिंह की युगलपीठ ने अपीलीय प्राधिकारी की गलती को स्वीकार करते हुए 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि कॉस्ट की राशि सरकारी खजाने से नहीं वसूली जाए। सरकार कॉस्ट की राशि दोषियों से वसूल कर सकती है। लक्ष्मी मोटर्स सतना की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अपीलीय प्राधिकारी और संयुक्त आयुक्त स्टेट टैक्स सतना के समक्ष उनकी तरफ से 26 नवंबर को खारिज कर दिया गया था। अपील 26 जुलाई 2024 को पारित आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। अपीलीय प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि अपील निर्धारित समय अवधि गुजरने के बाद दायर की गई है। एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई याचिकाकर्ता ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि सामान्य धारणा अधिनियम 1897 की धारा 9 में निहित प्रावधानों के अनुसार आदेश पारित करने की तिथि को छोड़कर सीमा अवधि की गणना की जाए। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में तीन महीनों की सीमा अवधि का प्रावधान है। धारा 107 की उपधारा (4) के अंतर्गत, अपीलीय प्राधिकारी को अपील पर विचार करने के लिए एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई है। आदेश जारी किए युगलपीठ ने माना कि अपील दायर करने की अवधि 27 जुलाई से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 2024 को समाप्त हो रही थी। अपीलीय प्राधिकरण 25 नवंबर 2024 को दायर अपील को समय सीमा द्वारा वर्जित नहीं कर सकते थे। युगलपीठ ने कॉस्ट लगाते हुए उक्त आदेश जारी किए।

गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन पर मिला नेताओँ का प्यार, MP के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

भोपाल  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आज जन्मदिन है। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्में अमित शाह आज 61 वर्ष के हो गए हैं। उनके जन्मदिन पर जहां देश-विदेश से बधाईयां दी जी रही हैं तो वहीं, मध्य प्रदेश के भाजपा नेता भी उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्ट के कई दिग्गज नेताओं द्वारा उन्हें बधाई दी गई है। सीएम मोहन ने दी शुभकामनाएं सबसे पहले बात करें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए शाह को बधाई देते हुए लिखा- 'राष्ट्र की सुरक्षा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति आपका अटूट समर्पण प्रेरणादायक है। उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि, 'कुशल संगठक, श्रेष्ठ रणनीतिकार, भारत के यशस्वी गृह व सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके आरोग्यपूर्ण, सुयशपूर्ण एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।' ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी बधाई केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन पर बधाई दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा- 'कर्मठ, निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व के धनी, देश के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।' उन्होंने आगे लिखा- 'राष्ट्रनिर्माण, सुरक्षा और सुशासन के प्रति आपका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भगवान स्वामीनारायण से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुदीर्घ सार्वजनिक सेवा जीवन की कामना करता हूं।' शिवराज सिंह ने दी शुभकामनाएं केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अमित शाह को शुभकामनाएं देते हुए लिखा- 'जनप्रिय राजनेता, कुशल संगठक, श्रेष्ठ रणनीतिकार, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की आत्मीय बधाई! ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं!'