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हर घर जले स्वदेशी का दीप : सारंगपुर में राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश

राजगढ़ (सारंगपुर). दीपावली पर्व पर सारंगपुर नगर से प्रदेशवासियों के लिए एक प्रेरक संदेश दिया गया है। प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने शुक्रवार को स्थानीय बाजार में पहुंचकर मिट्टी के दीये, सजावटी सामग्री और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भी दीपावली पर स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें और स्थानीय दुकानदारों से ही खरीदारी करें, ताकि (हर दीप जले स्वदेशी का) का संकल्प साकार हो सके। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया (वोकल फॉर लोकल) अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि वह स्वदेशी उत्पादों को अपनाए और देश के स्थानीय उद्योगों से सशक्त बनाए। इस दौरान श्री टेटवाल ने कहा कि दीपावली हमारी खुशियों का पर्व है और इस खुशियों में हमें स्थानीय दुकानदारों की शामिल करना ये भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे स्थानीय व्यापारी सिर्फ व्यवसायी नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हर त्यौहार, हर संकट और हर खुशी में हमारे साथ खड़े रहते हैं। अब समय है कि हम भी उनकी दीपावली को उजियारा में परिवर्तित करें। मंत्री ने सारंगपुर के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आसपास के बाजारों से दीये, सजावट सामग्री और उपहार जैसी वस्तुएँ खरीदें। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सारंगपुर जैसे नगरों में भी स्वदेशी उत्पादों की पहचान बननी चाहिए, ताकि हर घर स्वदेशी, हर मन स्वदेशी का संदेश पूरे प्रदेश में फैल सके। इस अवसर पर नगर के प्रमुख नागरिकों और व्यापारियों ने मंत्री श्री टेटवाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, कमल राठौर, दिनेश शर्मा, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

सुरक्षित दीपावली मनाएं: अस्‍थाई कनेक्‍शन लेकर ही बिजली का उपयोग करने की सलाह

सुरक्षित दीपावली मनाएं: बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे या आसपास पटाखा दुकान न लगाएं सुरक्षित दीपावली मनाएं: अस्‍थाई कनेक्‍शन लेकर ही बिजली का उपयोग करने की सलाह भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दीप पर्व पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियां रखकर सुरक्षित दीपावली मनाएं। कंपनी ने सभी पटाका व्यवसायियों से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे या उससे सटाकर दुकान न लगाएं क्योंकि इससे दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है और छोटी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। कंपनी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे पटाखे व आतिशबाजी का प्रदर्शन बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें। कंपनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर प्रकाशीय साज-सज्जा के लिए उपभोक्ता अपने परिसर में विद्यमान बिजली कनेक्शन से स्वीकृत भार के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त भार की वृद्धि एवं सीधे तार डालकर अनधिकृत विद्युत उपयोग नहीं करें। बिजली चोरी अथवा बिना स्वीकृति के संयोजित भार में वृद्धि अवैधानिक है और इसके लिए बिजली अधिनियम 2003 में जुर्माने का प्रावधान है। कंपनी ने मिठाई, मूर्तियां, साज-सज्जा, बर्तन व्यापारी, पटाखों की दुकाने एवं दीपावली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिए लगाए जाने वाली अस्थाई दुकानों में प्रकाश व्यवस्था के लिए व्यापारी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। कंपनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर अस्थाई दुकानों की स्थापना, बिजली ट्रांसफार्मरों एवं बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाकर ही स्थापित करें ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से बचा जा सके। कंपनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से कहा है कि वैधानिक कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। कंपनी ने मैदानी अमले और सतर्कता विंग को सघन जांच अभियान चलाकर बिजली चोरी मामले पकड़ने तथा भार वृद्धि अथवा स्वीकृत प्रयोजन के स्थान पर अन्य किसी प्रयोजन के लिए विद्युत उपभोग पकड़े जाने पर विद्युत अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही करने कहा है।  

एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग में भोपाल के मॉडल स्कूल को शीर्ष स्थान

एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग में भोपाल के मॉडल स्कूल को पहला स्थान मिला हैट्रिक बनाने वाला मध्यप्रदेश का सरकारी क्षेत्र का पहला स्कूल भोपाल  भोपाल के मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, टी.टी. नगर ने एजुकेशन वर्ल्ड संस्था की ओर से जारी सरकारी स्कूलों के रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में पहला स्थान प्राप्त किया है। मॉडल स्कूल को यह सम्मान स्टूडियो क्लास, इन्फ्रास्ट्रक्चर और साइकोलॉजी और अन्य विशेषताओं के कारण मिला है एजुकेशन वर्ल्ड शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए पोर्टल है, जो हर साल विश्व स्तरीय स्कूलों की रैंकिंग जारी करता है। इस रैंकिंग में मॉडल स्कूल ने पिछले परीक्षा परिणाम, सांस्कृतिक गतिविधियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की उपलब्धता उनका आउटपुट, मेंटल और इमोशनल वैलबीइंग सेवाओं, खेल, अकादमिक गतिविधियों एवं अन्य आधारों पर की गई है। इन सभी क्षेत्रों में पूरे भारत से विद्यालय चयनित किए जाते हैं एवं उनके आधार पर निर्धारित मानकों में से अंक दिए जाते हैं स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर मार्किंग की जाती है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल टी.टी. नगर ने लगातार 3 वर्ष शासकीय क्षेत्र के विद्यालयों की कैटेगरी में अपना स्थान बनाया है। यह स्कूल प्रदेश का एकमात्र स्कूल बन गया है, जिसने शिक्षा की गुणवत्ता के आधारपर अपना स्थान बनाया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केन्द्र सरकार के वित्तीय सलाहकार  विनय प्रताप सिंह ने मॉडल स्कूल की प्राचार्य रेखा शर्मा को गुरूवार को पुरस्कृत किया गया। मॉडल स्कूल में स्टूडियो क्लास शुरू की गई। इससे अन्य स्कूल वर्चुअली जुड़कर मॉडल स्कूल में जो लैक्चर होते हैं, उनका वे लाभ उठा रहे हैं। स्कूल में बनाई गई साइकालॉजी लैब में बच्चों का समय-समय पर टेस्ट होता है, इससे पता चलता है कि बच्चा पढ़ाई के बोझ के कारण किसी प्रकार के तनाव में तो नहीं है। मॉडल स्कूल की प्राचार्य मती रेखा शर्मा ने बताया कि यह गौरव सभी सरकारी स्कूलों के लिये है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के अधिकारियों और विद्यालय के संपूर्ण स्टाफ का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की भलाई के लिये और भी नवाचार किये जाते रहेंगे।  

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 18 नवंबर से भोपाल में, 700 छात्र दिखाएंगे अपनी खोजों का कमाल

भोपाल राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का 52वां आयोजन श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान में 18 नवम्बर से भोपाल में होगा। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के 700 बाल वैज्ञानिक सहभागिता करेंगे। प्रदर्शनी में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक विद्यार्थी और नागरिकों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। प्रदर्शनी का समापन 23 नवम्बर को होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के आयोजन एवं व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक ली। मंत्री  सिंह ने कहा कि आयोजन के दौरान ऐसी व्यवस्था की जाये जिससे देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले विभिन्न प्रतिभागी मध्यप्रदेश की संस्कृति और परम्पराओं से परिचित हो सके। बैठक में आवास एवं परिवहन व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आयोजन के संबंध में उपयोगी सुझाव दिये। कार्यक्रम के आयोजन में एनसीईआरटी का सहयोग रहेगा। प्रतिभागी विद्यार्थी समाज तथा पर्यावरण की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिये वैज्ञानिक विचारों को सृजन कर इसके लिये आयोजन के दौरान शाम को होने वाले सत्र में प्रतिभागी विद्यार्थियो को देश की ख्याती प्राप्त वैज्ञानिक विचारों को साझा करने के लिये मैनिट, आयशर महाविद्यालय एवं अन्य ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक संस्थाओं के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किये जाने पर चर्चा की गई।  

श्रीसन फार्मा पर बढ़ी मुश्किलें, प्रोपिलीन ग्लायकॉल की खरीद का कोई बिल नहीं मिला

भोपाल  मध्य प्रदेश के तीन जिलों में 24 बच्चों की जान लेने वाले 'कोल्ड्रिफ' कफ सीरप को बनाने में उद्योगों में उपयोग होने वाला प्रोपेलीन ग्लायकाल मिलाए जाने की जांच की जा रही है। दरअसल, इसी आरोप में श्रीसन फार्मा कंपनी की केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को गिरफ्तार किया गया है। इसी बीच मध्य प्रदेश एसआइटी की जांच में सामने आया है कि कफ सीरप बनाने में उपयोग होने वाले प्रोपेलीन ग्लायकाल का बिल ही कंपनी से गायब है, जबकि एसआईटी की पूरी जांच इसी पर टिकी है कि इस केमिकल के आपूर्तिकर्ता को औषधीय उपयोग वाले प्रोपेलीन ग्लायकाल का आर्डर दिया गया था या औद्योगिक उपयोग वाले का। यदि आपूर्तिकर्ता ने औषधीय की जगह औद्योगिक उपयोग वाला प्रोपेलीन ग्लायकाल दिया होगा, तो उसे भी आरोपित बनाया जा सकता है। एनालिस्ट को तीन दिन के लिए रिमांड पर सौंपा एसआईटी की एक टीम केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को लेकर बुधवार को छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंची। यहां उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से तीन दिन के लिए रिमांड पर सौंप दिया गया। पुलिस यहां माहेश्वरी से यह जानने की कोशिश करेगी कि कंपनी में गुणवत्ता जांच में क्या लापरवाही हुई। असली जिम्मेदार कौन है। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के नियमों की कहां अनदेखी की गई है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने माहेश्वरी से कोल्ड्रिफ कप सीरप की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन वह रिपोर्ट नहीं दी गई। इस बात पर संदेह है कि सीरप की टेस्टिंग कराई गई थी या नहीं। उल्लेखनीय है कि कफ सीरप में डायथिलीन ग्लायकाल (डीइजी) की मात्रा 48.6 प्रतिशत मिली थी, जिसकी मान्य सीमा 0.1 प्रतिशत है। डीइजी के कारण ही बच्चों की जान चली गई। इस मामले में अब तक कफ सीरप लिखने वाले डॉ. प्रवीण सोनी, कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन और के माहेश्वरी सहित पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। केमिकल एनालिस्ट को कोर्ट में गुपचुप प्रस्तुत किया विषाक्त कफ सीरप से मृत 24 बच्चों में से 15 परासिया ब्लाक के थे। इस कारण क्षेत्र के लोगों में श्रीसन फार्मा के अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध बेहद गुस्सा है। सुरक्षा की दृष्टि से एसआईटी ने बुधवार रात में केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बता दें कि इसके पहले एसआईटी कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को तमिल नाडु से गिरफ्तार कर छिंदवाड़ा लेकर आई थी। कोर्ट में प्रस्तुत करने के दौरान भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिसमें पीड़ित परिवारों के लोग भी थे। लोग 'फांसी दो' के नारे भी लगाए थे। यही कारण है माहेश्वरी के मामले में पुलिस कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रही थी। श्रीसन फार्मा के विरुद्ध अब तक ये की गईं कार्रवाई     एक अक्टूबर- मप्र के औषधि नियंत्रक ने तमिल नाडु के औषधि नियंत्रक को पत्र लिखकर श्रीसन फार्मा के कांचीपुरम स्थित प्लांट का निरीक्षण करने की मांग की।     दो से तीन अक्टूबर- तमिल नाड़ु औषधि प्रशासन विभाग ने प्लांट का निरीक्षण किया, जिसमें 364 कमियां मिलीं। प्लांट में उत्पादन बंद कराया गया।     पांच अक्टूबर- परासिया थान में कंपनी के संचालक व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई।     आठ अक्टूबर- मध्य प्रदेश पुलिस ने कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को फरार घोषित कर 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया।     नौ अक्टूबर- एसआईटी ने रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया।     10 अक्टूबर- रंगनाथन को छिंदवाड़ा के परासिया कोर्ट में प्रस्तुत कर 10 दिन (20 अक्टूबर) पुलिस रिमांड पर लिया गया।     13 अक्टूबर- कंपनी का उत्पादन लाइसेंस स्थायी तौर पर तमिल नाडु औषधि प्रशासन विभाग ने रद कर दिया।  

MP कैडर के IAS अरुण पिथोड़े को सीएक्यूएम में अहम भूमिका, केंद्र सरकार में पहले से कार्यरत

भोपाल  मध्यप्रदेश कैडर के ईमानदार और सरल स्वभाव के आईएएस अधिकारी तरुण पिथोड़े को केंद्र में नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) में मेंबर सेक्रेट्री बनाया गया है। पिथोड़े अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में अभी मिनिस्ट्री ऑफ एनवायर्नमेंट फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज में जॉइंट सेक्रेटरी हैं। बता दें कि वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी तरुण पिथोड़े की नियुक्ति को एप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट ने अप्रूवल दे दिया। पिथोड़े अगले पांच साल तक इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। यह जिम्मेदारी उनकी लीडरशिप केपेसिटी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए रणनीतियां बनाने के लिए की गई है। इससे पहले वह राजगढ़, सीहोर, बैतूल और भोपाल के कलेक्टर के रूप में भी जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं। कौन हैं तरुण पिथोड़े तरुण कुमार पिथोड़े मध्य प्रदेश कैडर के 2009 बैच के आईएएस हैं। वर्तमान में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। पिथोड़े एमपी के छिंदवाड़ा जिले के छोटे इलाके पसरिया से आते हैं। उनकी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से हुई। इसके बाद भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलेक्ट्रॉनिक एवं संचार इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से कलेक्टर तक का सफर पिथोड़े ने अपने करियर की शुरूआत जीई इंडिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया। आईएएस बनने से पहले उन्होंने कुछ समय तक मध्य रेलवे में सहायक सिग्नलिंग और दूरसंचार इंजीनियर के रूप में काम किया। वह बचपन से कलेक्टर बनने का सपना देखा करते थे। इसके लिए उन्होंने 2008 की यूपीएससी की परीक्षा में आल इंडिया लेवल पर सातवीं और महाराष्ट्र में प्रथम रैंक हासिल करने के बाद कलेक्टर बने। एमपी कैडर के अधिकारी का बढ़ता कद गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही प्रीति मैथिल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किए जाने के आदेश जारी किए गए थे। प्रीति को ट्राइबल को-आपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (ट्राइफेड) में डिप्टी जनरल मैनेजर बनाया गया। 2009 बैच की आईएएस अधिकारी प्रीति मैथिल की ट्राइफेड में प्रतिनियुक्ति पर पांच साल के लिए पदस्थापना की गई है। प्रीति मैथिल मंडला, सागर और रीवा की कलेक्टर रह चुकी हैं। वे मुख्यमंत्री सचिवालय, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग में भी संचालक और अपर सचिव के पद पर काम कर चुकी हैं। वहीं, 10 दिन पहले 2009 बैच की ही आईएएस अधिकारी सूफिया फारुकी वली को भारतीय खाद्य निगम में एमपी रीजन में जनरल मैनेजर के रूप में पदस्थ किया जा चुका है। यह अफसर भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में हैं मार्च 2025 में प्रियंका दास, पंकज जैन, प्रवीण सिंह अढायच, अगस्त में तन्वी सुंद्रियाल, सितंबर में नीरज कुमार सिंह की पदस्थापना केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर की जा चुकी हैं। एमपी कैडर के 6 अधिकारी केंद्रीय मंत्रियों के यहां विशेष सहायक के रूप में काम कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश की पदस्थापना 2024 में हुई है।  

अस्पताल ने सरोगेसी के नाम पर किया छल, उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना और लौटाई पूरी रकम

भोपाल  मरीज और डॉक्टर के बीच रिश्ता भरोसे का होता है। अगर कोई डॉक्टर या अस्पताल मरीज को धोखा देता है तो वह वित्तीय नुकसान ही नहीं, भरोसे को भी ठेस पहुंचाता है। भोपाल उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही एक मामले में ऐतिहासिक फैसला देते हुए एक अस्पताल को मरीज से ली गई पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उसे क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है। अस्पताल ने मरीज को सरोगेसी के नाम पर धोखा दिया था। दरअसल, चूनाभट्ठी निवासी एक दंपती को 15 वर्षों के वैवाहिक जीवन में कोई संतान नहीं थी। बावड़िया कला स्थित पुष्पांजलि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और डॉ. वर्षा जैन के यहां सरोगेसी से संतानसुख का विज्ञापन देखकर वे वहां पहुंचे। उनका परीक्षण करने के बाद डॉक्टर ने सरोगेसी की सलाह दी। बताया गया कि इस प्रक्रिया पर नौ लाख रुपये का खर्च आएगा। एक बार सफल नहीं हुआ तो यह प्रक्रिया तीन बार की जाएगी। उसके बाद एक अनुबंध कराया गया। दूसरी महिला मिलने पर बताने की बात कही बताया गया कि गर्भधारण के लिए उदयपुर से एक महिला को बुलाकर अस्पताल के पहले तल पर रखा गया है। उस महिला से दंपती को कभी मिलने नहीं दिया गया। बाद में कहा गया कि सरोगेसी के लिए आई महिला का गर्भपात हो गया है। वह कभी मां नहीं बन पाएगी। दंपती से कहा गया कि दूसरी महिला मिलने पर उन्हें बताया जाएगा, लेकिन फिर ऐसा हुआ ही नहीं। कई महीनों बाद भी जब अस्पताल से सूचना नहीं आई तो दंपती ने अपने पैसे वापस मांगे। अस्पताल ने अपना पता बदल दिया। शाहपुरा थाने में शिकायत हुई तो अस्पताल संचालक ने कह दिया कि उसने सरोगेसी का काम छोड़ दिया है। दो साल परेशान होने के बाद 2022 में पीड़ित महिला ने आयोग में याचिका लगाई। चिकित्सकीय उपेक्षा से इन्कार सुनवाई के दौरान अस्पताल संचालक का कहना था कि उनके द्वारा कोई चिकित्सकीय उपेक्षा या लापरवाही नहीं की गई है। उनके द्वारा सभी कार्य बीमित हैं। इस कारण बीमा कंपनी उत्तरदायी होगा। बीमा कंपनी ने कहा कि ये सभी प्रक्रियाएं बीमा के अंतर्गत नहीं आती हैं। 3.75 लाख देने का आदेश सुनवाई के बाद आयोग की अध्यक्ष गिरीबाला सिंह व सदस्य अंजुम फिरोज ने अस्पताल को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार का दोषी माना। उन्होंने अस्पताल को आदेश दिया कि वह दो महीने के भीतर दंपती को तीन लाख 75 हजार रुपये अदा करे। इसमें ढाई लाख रुपये इलाज पर हुआ खर्च और एक लाख 25 हजार रुपया मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए तय हुआ।

फिर एक्टिव हुआ भोपाल प्रशासन, भीख मांगने वालों को SDM-DSP ने क्या समझाया?

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भीख मांगना और देना दोनों अपराध हैं। 3 फरवरी 2025 को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसके आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के बाद एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। पहले तो कुछ दिनों तक प्रशासन खूब मुस्तैद दिखा था, लेकिन बाद में कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। अब कुछ महीने बाद फिर जिला प्रशासन भीख मांगने वालों पर कड़ाई करते दिख रहा है। भिक्षा मांगने वालो पर एक्शन लेने के लिए अफसर भोपाल की सड़कों पर उतरे। अफसरों ने व्यापमं चौराहे पर कार्रवाई की। यहां कई लोगों को भिक्षावृत्ति करने से रोका। वहीं, गुटखा-पाउच बेचते हुए महिला को रोका। कलेक्टोरेट में बैठक होने के बाद एमपी नगर एसडीएम एलके खरे और एसीपी मनीष भारद्वाज पुलिस बल के साथ अलग-अलग इलाकों में सख्ती बरतते दिखाई दिए। यह है आदेश आपको बता दें कि कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया था। साथ ही भिखारियों के लिए कोलार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रहने-खाने की व्यवस्था की गई है। भोपाल में एक भिखारी पर 26 जनवरी की रात एफआईआर दर्ज हुई थी। एमपी नगर थाने में यह मामला दर्ज हुआ था। इससे पहले इंदौर में भी ऐसा ही आदेश लागू किया गया था। भीख न देने पर बदतमीजी दरअसल, एक नागरिक ने भीख न देने पर भिखारी द्वारा की गई बदतमीजी की शिकायत की थी। पुलिस ने भिखारी को पकड़ा और पूछताछ की। जमानती धारा होने के कारण उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए भीख मांगने और देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। भिक्षावृत्ति करने वालों के लिए पुनर्वास भिखारियों के पुनर्वास के लिए भी व्यवस्था की गई है। कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भिक्षुक गृह बनाया गया है। यहां भिखारियों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था होगी। उन्हें यहां आश्रय दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भिखारियों को भीख मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। यह कदम शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है। इससे नागरिकों को भीख मांगने वालों से होने वाली परेशानी से भी निजात मिलेगी।

CM मोहन यादव की बिहार में रैली, कांग्रेस पर साधा निशाना – कहा युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़

भोपाल/पटना  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार किया। उन्होंने पटना की कुम्हरार निर्वाचन क्षेत्र के कदमकुआं और बिक्रम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पार्वती स्कूल स्पोर्ट्स ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभा कुम्हरार में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय गुप्ता और बिक्रम नर्वाचन क्षेत्र में सिद्धार्थ सौरव के पक्ष में जनता से वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का आर्थिक तंत्र बदल रहा है। सीएम डॉ. यादव की रैलियों में हुजूम उमड़ पड़ा। वे जैसे ही मंच पर आए, लोगों ने एनडीए और बीजेपी के समर्थन में नारे लगाना शुरू कर दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं विक्रमादित्य की नगरी से आता हूं और विक्रम विधानसभा में आने का अलग ही आनंद है। विक्रम नाम से ही सुशासन, दान, वीरता का भाव प्रकट होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार मध्यप्रदेश में विकास के कई काम कर रही है। बिहार में नीतीश कुमार एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री है। उन्होंने सुशासन के सिद्धांतों से बिहार को विकास की नई गति प्रदान की है। बिहार हर काल में अच्छा ही करता है। अवंतिका उज्जैनी और पाटिलपुत्र का 2 हजार साल पुराना रिश्ता है। जब सम्राट अशोक को गद्दी संभालने का अवसर मिला तो वे उज्जैन में थे और वहीं से बिहार लौटे थे। बिहार ने झेला है जंगलराज सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बिहार महात्मा गौतम बुद्ध की धरती है। इस चुनाव में हमारे प्रत्याशी सिद्धार्थ ने निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की है। बिहार की जनता ने कभी जंगलराज भी झेला है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकारों में लाइसेंस, कोटा और परमिट राज चलता था। कांग्रेस के राज में देश की हालत दयनीय हो गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं की योग्यता का गला घोंटा और बिहार को बर्बाद किया। उसके बाद हाथ में लालटेन पकड़ा दी। बिहार की ऐसी दुर्दशा तब है, जब देश में सबसे ज्यादा आईएएस यहीं से निकलते हैं। एनडीए में मौजूद है लोकतंत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोकतंत्र की रक्षा की। हमारी पार्टी और एनडीए में एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है, क्योंकि यहां लोकतंत्र है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी इतिहास यही है। आज लोकतंत्र को बचाने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, लाल किताब वाले की बुद्धि को अजीरण हो गया। भाषा और भाव कैसा हो, पता ही नहीं। सुप्रीम कोर्ट में बार-बार माफी मांगते हैं, लेकिन सुधरने को तैयार ही नहीं हैं। कांग्रेस परिवारवादी पार्टी है। अयोध्या के बाद अब बारी मथुरा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के आर्थिक तंत्र में बदलाव आया है। आज गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। दुनिया में भारत की साख बढ़ रही है। कांग्रेसी तो भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने रामजी के लिए फैसला दे दिया है, अब बारी मथुरा की है। जमुना किनारे भी कन्हैया मुस्कुराएंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी।  

पिपलानी इलाके में युवती सुकन्या साहू पर बाइक सवार युवकों ने किया एसिड से हमला

भोपाल  भोपाल के पिपलानी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर में सनसनी मचा दी. बीती शाम, बाइक सवार कुछ अज्ञात युवकों ने चलती गाड़ी में एक युवती, सुकन्या साहू, पर एसिड अटैक का प्रयास किया. इस हमले के दौरान एसिड के कुछ छींटे सुकन्या के चेहरे पर पड़ गए, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई की और घायल युवती को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, सुकन्या की हालत गंभीर है, और उनका इलाज जारी है. पिपलानी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि हमलावर बाइक पर सवार थे और उन्होंने जानबूझकर सुकन्या को निशाना बनाया. पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो विभिन्न सुरागों पर काम कर रही है. जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे का मकसद क्या था और क्या यह किसी पुरानी रंजिश या अन्य कारणों से किया गया. यह घटना पिपलानी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. स्थानीय लोगों में इस हमले को लेकर गुस्सा और डर का माहौल है. कई लोग इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है, जिसमें हमलावरों की पृष्ठभूमि, उनके मकसद और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज शामिल हैं. इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर दबाव है कि वे जल्द से जल्द दोषियों को पकड़कर कड़ी सजा दिलवाएं. पिपलानी पुलिस ने कहा कि वे इस मामले में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के सामने लाया जाएगा. फिलहाल, सुकन्या के परिवार और स्थानीय लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.