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ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश

मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले के विकासखंड निवास अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहपानी में 3 सितंबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित ग्राम सभा की पूर्व संध्या पर पंचायत पदाधिकारियों के निर्देशानुसार ग्राम कोटवार द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों को सूचना दी गई थी। निर्धारित तिथि पर ग्रामवासी अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम सभा स्थल पर पहुँचे, परंतु नोडल अधिकारी मुकेश पटेल, पटवारी की अनुपस्थिति से ग्राम सभा में असंतोष का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने काफी देर तक संबंधित अधिकारियों के आने का इंतजार किया, पर कोई उपस्थित नहीं हुआ। अंततः ग्राम सभा की कार्यवाही ग्राम सभा अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सचिव की उपस्थिति में संपन्न कराई गई। ग्रामीणों में असंतोष- ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं का आयोजन जनता की समस्याओं के समाधान एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से किया जाता है। इन सभाओं के माध्यम से विभागीय अधिकारी सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण करते हैं और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय होती है। परंतु नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण न तो अपनी शिकायत रख पाए और न ही योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके। ग्रामीणों के आरोप- ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब आम हो गया है। पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, एवं राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेजों में सुधार जैसे मुद्दों के समाधान के लिए अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लिया जाए और अनुपस्थित नोडल अधिकारी मुकेश पटेल (पटवारी) पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्राम सभा की महत्ता बनी रहे। ग्राम सभा में सचिव, सरपंच, विभिन्न एनजीओ पदाधिकारी एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। इनका कहना है- “ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी में शासन के निर्देशानुसार ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें नोडल अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य थी। परंतु पटवारी मुकेश पटेल अनुपस्थित रहे। ग्रामीणों की अनेकों राजस्व संबंधी समस्याएँ लंबित हैं, साथ ही ग्राम पंचायत मोहपानी में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में भी उनका समय पर उपस्थित न होना आम बात है। हम चाहते हैं कि क्षेत्र के अनुरूप किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए।”    

देर रात राजवाड़ा में प्रशासन-व्यापारी बैठक, इंदौर के लिए तय हुए 5 बड़े बदलाव

इंदौर  इंदौर शहर के हृदय स्थल राजवाड़ा में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आनंद कलादगी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सराफा एसोसिएशन, शीतलामाता बाजार, बर्तन बाजार, और कपड़ा बाजार सहित अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के सुझावों को सुनकर यातायात व्यवस्था में सुधार करना था। इस बैठक में एडिशनल डीसीपी संतोष कौल, एसीपी रेखा परिहार, एसीपी हेमंत चौहान और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राजवाड़ा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यापारियों के सहयोग से संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाए जाएंगे। व्यापारियों ने उठाईं ये समस्याएं बैठक के दौरान व्यापारियों ने डीसीपी के समक्ष कई प्रमुख समस्याएं रखीं। इनमें सवारी रिक्शा में माल ढुलाई, शीतलामाता बाजार और अन्य बाजारों में ठेलों और रिक्शाओं के कारण होने वाले यातायात अवरोध, और सराफा बाजार में चौपाटी के ठेलों का शाम 7 बजे से लगना प्रमुख था, जिससे यातायात बाधित होता है। डीसीपी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए, डीसीपी आनंद कलादगी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए: अवैध लोडिंग पर कार्रवाई: सवारी रिक्शा में माल ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग का सही उपयोग: बालाजी टावर के पीछे, गोराकुंड, सुभाष चौक और फ्रूट मार्केट की स्मार्ट पार्किंग का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। व्यापारियों ने भी अपने वाहन व्यवस्थित रूप से पार्किंग में रखने पर सहमति जताई। अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम, यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर यातायात में बाधक बन रहे अतिक्रमण और ठेलों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएगी। नो-पार्किंग जोन में सख्ती: सड़कों पर बेतरतीब ढंग से और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर क्रेन के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को भी सफेद मार्किंग के बाहर वाहन न खड़े करने की चेतावनी दी गई है। वन-वे और नो-एंट्री: गोराकुंड से नरसिंह बाजार की ओर का मार्ग नो-एंट्री रहेगा, जबकि नरसिंह बाजार से गोराकुंड की ओर का मार्ग वन-वे के रूप में संचालित होगा। 

दवा घोटाला: बच्चों की 5 मेडिसिन फेल, MPMCCL ने 19 दवाओं पर लगाई रोक

भोपाल  मध्यप्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMCCL) ने घटिया गुणवत्ता के कारण इस साल अब तक 19 दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। इनमें से 5 दवाएं ऐसी हैं जो बच्चों को दी जाती थीं, जिससे सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। इन ब्लैकलिस्ट दवाओं में पेरासिटामोल ड्रॉप्स, जेंटामाइसिन इंजेक्शन, थायमिन टैबलेट्स, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग आमतौर पर बुखार, दर्द, पोषण की कमी और संक्रमण जैसी समस्याओं में बच्चों को दिया जाता है।  मार्च 2025 में पेरासिटामोल ड्रॉप्स को गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए जाने के बाद प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, जेंटामाइसिन इंजेक्शन (40 mg/ml), जो आंखों और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त होती थी, को अक्टूबर 2025 में ब्लैकलिस्ट किया गया। थायमिन टैबलेट्स IP 100 mg, जो बच्चों में विटामिन B1 की कमी दूर करने के लिए दी जाती थीं, जनवरी 2025 में बाजार से हटाई गईं। मल्टीविटामिन टैबलेट्स, जिनमें बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C शामिल हैं, मई माह में गुणवत्ता जांच में फेल पाई गईं। वहीं एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C 100 mg), जो बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दी जाती थी, को मई 2025 में ही ब्लैकलिस्ट किया गया। एमपी खाद्य एवं औषधि प्रशासन  ने भी बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाल ही में बच्चों में प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की रिपोर्टों के बाद यह कार्रवाई की गई है।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं, उन्हें तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति दवा नियंत्रण प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है। साथ ही सवाल उठाया है कि सरकार को प्रतिबंधित दवाओं वाली कंपनियों की भी जांच करने की पहल करनी चाहिए। इससे गड़बड़ियां पर रोक लगेगी। बता दें  छिंदवाड़ा की घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।  

रिटायर्ड इंजीनियर के साम्राज्य पर छापेमारी, आलीशान फार्महाउस से निकला सोना, कैश और टनों शहद

भोपाल मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ जीपी मेहरा (गोविंद प्रसाद मेहरा) के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ा छापा मारा है. फरवरी 2024 में रिटायर हुए मेहरा पर अपने पूरे सेवाकाल के दौरान भ्रष्टाचार से वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.  लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख की अगुवाई में पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के भोपाल, गोविंदपुरा और नर्मदापुरम में चार ठिकानों पर छापा मारा गया. देखिए कहां से क्या मिला?  सोहागपुर (नर्मदापुरम): सैनी गांव में छापेमारी के दौरान मिनी मालदीव की तर्ज पर एक रिसॉर्ट बनाने की तैयारी का खुलासा हुआ. यहां  – 32 निर्माणाधीन कॉटेज और 7 निर्मित कॉटेज मिले. – 17 टन शहद और 2 बड़े तालाब (संभवतः रिसॉर्ट के लिए) मिले. – कृषि भूमि, महंगे 6 ट्रैक्टर सहित कृषि उपकरण, 2 गौशाला और 2 मछली पालन केंद्र की जानकारी मिली. तालाब किनारे बना रहे थे कॉटेज. ओपल रेजेंसी (भोपाल): इस फ्लैट में बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी मिला. – करीब ₹26 लाख नकद बरामद. – 2 किलो 649 ग्राम सोना (अनुमानित कीमत लगभग ₹3 करोड़ 5 लाख)  – 5 किलो 523 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत लगभग ₹5 लाख 93 हजार)  इंजीनियर की 10 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली. मणीपुरम कॉलोनी (भोपाल): पॉश कॉलोनी स्थित निवास से कुल ₹8 लाख 79 हजार नकद, लगभग ₹50 लाख के सोने-चांदी के जेवर, ₹56 लाख की फिक्स डिपॉजिट (FD) और लगभग ₹60 लाख का अन्य सामान मिला. फैक्ट्री और लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं केटी इंडस्ट्रीज (गोविंदपुरा): पीवीसी पाइप बनाने वाली इस फैक्ट्री में कच्चा और तैयार माल मिला. इसमें रोहित मेहरा के साथ कैलाश नायक की पार्टनरशिप की जानकारी मिली. फैक्ट्री से लगभग ₹1.25 लाख नकद मिले. भोपाल गोविंदपुरा एरिया में फैक्ट्री मिली. गाड़ियां: जीपी मेहरा के परिवार के सदस्यों के नाम पर 4 फोर-व्हीलर वाहन (फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज) होने की जानकारी भी मिली है.  लोकायुक्त पुलिस ने जीपी मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. संपत्ति संबंधी दस्तावेज, एफडी, शेयर और बीमा संबंधी दस्तावेजों की जांच जारी है और छापे की कार्यवाही अभी भी जारी है. 

Cough Syrup Case: SIT ने कंपनी मालिक को किया गिरफ्तार, परासिया थाने में पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश करेगी

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के मालिक रंगनाथन को एमपी पुलिस SIT टीम छिंदवाड़ा पहुंच गई है। जानकारी मिल रही है कि SIT उसे थोड़ी देर में परासिया कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले सकती है। बता दें कि रंगनाथन को एमपी पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश रही थी। तमिलनाडु और चेन्नई में छापामारी कर रही थी। आखिरकार गुरुवार को SIT ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर एमपी लाया गया है। बता दें कि उसे नागपुर एयरपोर्ट से एसआईटी की आधी टीम एमपी लेकर पहुंची है। जबकि आधी टीम वहीं रह गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा जानकारी मिल रही है कि आरोपी रंगनाथन को लेकर एमपी पुलिस की एसआईटी टीम परासिया थाने पहुंच चुकी है। यहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उसका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। टीम ने साइबर सेल के जरिए लोकेशन ट्रेस कर चेन्नई से ही गिरफ्तार कर लिया। एसआइटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और उत्पादन रिकार्ड भी जब्त किया है। प्रदेश में जहरीली कफ सीरप पीने के बाद हुए संक्रमण से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिलों के 21 और बैतूल के दो बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन बच्चों का अभी नागपुर में उपचार चल रहा है। रंगनाथन गोविंदन को छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई SIT टीम गुरुवार की रात फ्लाइट से एसआईटी की टीम रंगनाथन को लेकर रवाना हुई और सुबह करीब 6 बजे नागपुर पहुंची. यहां पहुंचते ही एसआईटी रंगनाथन को दौड़ाते हुए कार की तरफ ले गई. इसके बाद टीम कार से छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई है. ऐसे गिरफ्तार हुआ था रंगनाथन बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बुधवार तड़के लगभग 1:30 बजे चेन्नई से श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक और जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार किया गया था. दरअसल, रंगनाथन घटना के बाद से अपनी पत्नी के साथ फरार था. पुलिस ने सटीक इनपुट्स के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की थी. श्रीसन फार्मा फैक्ट्री से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त एसडीओपी परासिया के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम 5 अक्टूबर को चेन्नई पहुंची थी. हालांकि इससे एक दिन पहले सिरप कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं गिरफ्तारी के बाद रंगनाथन को कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा फैक्ट्री ले जाया गया, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. इसके बाद पुलिस अब चेन्नई की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद आरोपी को छिंदवाड़ा लाया जाएगा.

अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव पारित, इंदौर मेयर का तीखा हमला – कांग्रेस की मंशा पर उठे सवाल

इंदौर नगर निगम परिषद में गुरुवार को हुए सम्मेलन में माहौल बेहद गरम रहा। परिषद की बैठक में पार्षद अनवर कादरी उर्फ ‘डकैत’ को पार्षदी पद से निष्कासित करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हुआ, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कादरी के खिलाफ गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्यों से न केवल नगर निगम की प्रतिष्ठा, बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि भी धूमिल हुई है। महापौर ने सदन में कहा कि वर्ष 2003 में नगर निगम कानून में संशोधन कर यह प्रावधान जोड़ा गया था कि परिषद के दो-तिहाई सदस्य को यदि लगता है कि किसी पार्षद का आचरण या उसके खिलाफ आरोप इतने गंभीर हैं कि उसका पद पर बने रहना निगम या शहर के हित में नहीं है, तो परिषद उसे पद से हटा सकती है। उन्होंने कहा कि आज वह समय आ गया है। जब इस प्रावधान का सदुपयोग होना चाहिए। हमने संभागायुक्त को इस संबंध में सूचित किया था। उन्होंने भी पार्षद अनवर कादरी को निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि संभागायुक्त न केवल उनकी पार्षदी समाप्त करेंगे, बल्कि उन्हें आगामी वर्षों में चुनाव लड़ने से भी रोकने का आदेश देंगे। लव जिहाद और देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों का जिक्र महापौर ने कादरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर जैसे शहर का चुना हुआ जनप्रतिनिधि यदि लव जिहाद जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करे, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लव जिहाद के मामलों पर केरल हाईकोर्ट के निर्णय भी हैं और इससे जुड़े तथ्य सबके सामने हैं। इसके अलावा, जहां भी देशविरोधी गतिविधियों की बात आती है, वहां अनवर कादरी का नाम जुड़ता है। उन पर कई मामलों में आरोप सिद्ध हुए हैं, कई बार राज्य सुरक्षा कानून भी लगाया गया है। महापौर ने आगे कहा कि कादरी के खिलाफ कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि कादरी के पास जम्मू-कश्मीर से जारी बंदूक का लाइसेंस मिला था, जो खुद में सवाल खड़े करता है। ऐसे कृत्य नगर निगम और इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की साख को नुकसान पहुंचाते हैं। जब उनके खिलाफ आरोप लगे और वह फरार हुए, तब पूरे शहर में चर्चा रही। उनके वार्ड के लोग महीनों तक अपने पार्षद को ढूंढते रहे। जेल में रहना और फरार रहना, दोनों ही स्थितियां यह साबित करती हैं कि उनका पार्षद बने रहना अनुचित है। कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई महापौर ने सदन में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि लव जिहाद के आरोप लगने के बावजूद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आज भी विपक्षी पार्षद इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन छोड़कर चले गए। यह सवाल कांग्रेस नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए कि क्या पार्टी लव जिहाद जैसे मामलों का समर्थन करती है? महापौर ने मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी से पूछा की क्या कांग्रेस ऐसे पार्षदों का बचाव कर रही है? आखिर क्यों पार्टी ने अब तक उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया? सदन में प्रस्ताव पारित लंबी बहस और हंगामे के बीच सभापति ने प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम परिषद ने पार्षद अनवर कादरी को परिषद से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास कर दिया। सदन के भीतर भाजपा पार्षदों ने तालियां बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया

मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है। विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं। संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि। कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। वन–टू–वन मीटिंग कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, … Read more

मध्यप्रदेश: प्रकृति और पर्यटन का संगम, क्रिएटर्स बनें ब्रांड एंबेसडर – अपर मुख्य सचिव शुक्ला

मध्यप्रदेश में है पर्यावरण और पर्यटन के बीच अद्भुत संतुलन, क्रिएटर्स दुनिया को दिखाए यहां का सौंदर्य : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने किया एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन भोपाल  मध्यप्रदेश के अनछुए और दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने तथा पर्यटन को डिजिटल माध्यम से देश–दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां पर्यावरण और पर्यटन के बीच अद्भुत संतुलन है, कॉन्टेंट क्रिएटर्स इस सौंदर्य को दुनिया के सामने लाएं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने कहा कि टूरिज्म से अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। क्रिएटर्स इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर दिल से घूमें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से इन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाएं। अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड सु बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मध्यप्रदेश में संस्कृति, विरासत और प्रकृति का अद्वितीय संगम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में संस्कृति को संजोया गया है। चाहे प्राणपुर में चंदेरी, महेश्वर में माहेश्वरी, धार का बाग प्रिंट हो आज देश–दुनिया का फैशन मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहा है। अपर प्रबंध संचालक सु मुखर्जी ने कहा कि इन्फ्लुएंसर्स केवल कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के असली ब्रांड एम्बेसडर हैं। प्रसिद्ध अभिनेता  अशोक पाठक ने कहा कि मध्यप्रदेश खासतौर पर भोपाल और सीहोर अब मुझे अपना दूसरा घर लगता है। पंचायत सीरीज की शूटिंग के दौरान हमने सोचा नहीं था कि इसे देश–दुनिया के दर्शकों से इतना प्यार मिलेगा। मध्यप्रदेश के लोग सिनेमा फ्रेंडली हैं, हमें शूटिंग में कभी दिक्कतों का सामना नहीं हुआ। उज्जैन में बाबा महाकाल में आत्मीय शांति मिलती है, मैं बार–बार मध्यप्रदेश आना चाहता हूं।  पैनल डिस्कशन में इन्फ्लुएंसर्स ने रखे विचार प्रसिद्ध इंफ्लुएंसर सु स्वाति मुकुंद ने कहा कि मध्यप्रदेश वाकई बहुत खूबसूरत है। यहां के पारंपरिक परिधानों की बात ही अलग है। अपने संस्मरण को साझा करते हुए स्वाति ने कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से वर्ष 2023 में पहली बार मैं चंदेरी गई, यहां प्राणपुर क्राफ्ट विलेज में मैंने इन परिधानों को बनते हुए देखा। कुछ वर्षों पहले तक यहां केवल 5-6 वाहनों से टूरिस्ट पहुंचते थे, आज वो संख्या 80-100 पहुंच गई है। मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग का यह नवाचार सराहनीय है।  वाइल्ड लाइफ और नेचर फोटोग्राफर एवं इंफ्लुएंसर  आयुष सिंह ने कहा कि हम सभी प्रकृति से प्यार करते हैं और जंगल और जंगली जानवरों को भी करीब से देखना चाहते हैं। मध्यप्रदेश एक ऐसी जगह है, जहां यह चाहत पूरी होती है। अपने संस्मरण को साझा करते हुए  आयुष ने कहा कि जब मैंने कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट में पहली बार चीता देखा तो लगा जैसे मेरा सपना पूरा हो गया। जिन चीतों को पहले हम आफ्रीका जैसे देशों में जाकर देखने का सपना देखते थे, वो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल से हमें भारत में देखने को मिल रहे हैं।  फन गेम्स का लिया आनंद इस दौरान “कैप्शन दिस” फन क्विज का आयोजन हुआ, जिसके विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही नर्मदा परिक्रमा रील एंड फोटोग्राफी कॉन्टेस्ट की घोषणा भी की गई। सभी प्रतिभागियों को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए। सभी ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के वर्चुअल रियलिटी अनुभव केंद्र “आंखों देखा” का आनंद भी लिया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संदेश: असफलता से न डरें, प्रयास लगातार करें

कोशिश पूरी करें, लेकिन असफलता से घबराएं नहीं : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एडुमाइंड एक्सीलेंस अवार्ड का आयोजन संपन्न भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को असफलता से घबराना नहीं चाहिए, सफलता प्राप्त करने के लिए पूरे मनोयोग से कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों व शिक्षकों का दायित्व है कि वह बच्चों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाएं तथा उन पर अनावश्यक दबाव न डालें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप अपना रास्ता चुनने का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए, उनमें आत्मविश्वास पैदा करने का कार्य प्राथमिक स्तर पर ही होता है, जो जीवन में काम आता है। उन्होंने कहा कि दूसरों की सफलता को देखकर अनावश्यक बोझ नहीं डालना चाहिए क्योंकि यह भविष्य में घातक हो सकता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बच्चों को नशे की बुराई से दूर रहने का संकल्प लेना होगा, इन बच्चों का भविष्य उज्जवल है। हमारा देश आर्थिक महाशक्ति बनने की और अग्रसर है और हमारा वर्षों का सपना पूरा हो रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में रीवा में आयोजित एडुमाइंड एक्सीलेंस अवार्ड समारोह में शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया। जिला पंचायत अध्यक्ष सहित शिक्षाविद, मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक और विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

अखिल भारतीय कालिदास समारोह 2025: मंत्री लोधी ने समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में आगामी 67वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक ली। यह प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन आगामी 01 से 07 नवम्बर 2025 तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। राज्य मंत्री  लोधी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष के समारोह में देशभर के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख साहित्यकारों, कलाकारों एवं संस्कृत विद्वानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में हिन्दी और संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे पाश्चात्य विद्वानों को भी समारोह में आमंत्रित किया जाए, जिससे कार्यक्रम का स्तर और अधिक व्यापक और अंतर्राष्ट्रीय हो। राज्य मंत्री  लोधी ने कार्यक्रम के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनसामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समारोह के आयोजन में सांस्कृतिक गौरव, साहित्यिक गरिमा और परंपरा की गहराई को समाहित किया जाए। बैठक में संचालक संस्कृति  एन.पी. नामदेव और निदेशक, कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन डॉ. गोविन्द गन्धे, सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहें।