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राज्यपाल ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा है कि विजयादशमी हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है। यह अन्याय पर न्याय, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक और शौर्य की उपासक है। विजयादशमी त्यौहार भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और त्याग से हम सबको जीवन में धैर्य, संयम और सदाचार का पालन कर चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की है।  

टू-व्हीलर चलाते समय पुलिस को भी हेलमेट पहनना होगा जरूरी, नियम न माने तो लाइसेंस होगा कैंसिल

भोपाल   मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, नियम ना मानने वालों पर बड़ी सख्ती की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने हेलमेट लगाने का नियम सभी के लिए कड़ाई से पालन करना होगा। फिर भले ही वो आमजन हो या पुलिस, सभी को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। पुलिस विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश में अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी या निजी काम के दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने वालों पर न केवल चालानी कार्रवाई होगी बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्ती भी की जाएगी।  पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कई बार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों में गंभीर चोटें आने के साथ कई मौतें भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर पुलिसकर्मी को हेलमेट लगाना जरूरी होगा। नियम की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई को की ही जाएगी। साथ ही साथ, ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. हेलमेट पर सख्ती  कार्रवाई के बावजूद भी अगर कोई पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए बिना टू-व्हीलर वाहन चलाते पाए जाते हैं तो ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आपको बता दें कि, नियम का कड़ाई से पालन इसलिए भी नहीं हो पा रहा है क्योकि, कई बार देखा गया है कि, कुद पुलिसकर्मी ही वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं लगाए होते। ऐसे में आमजन के बीच ये भावना उत्पन्न होती है अगर हम हेलमेट नहीं लगाते तो चालानी कार्रवाई होती है और अगर पुलिस हेलमेट न लगाए तो कोई कारर्वाई नहीं। लोगों में बन रही ऐसी भावना से ना सिर्फ लोगों में नियम के प्रति गंभीरता नहीं दिख रही थी तो वहीं पुलिस विभाग की किरकिरी तक हो रही थी। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

पन्ना में मजदूर को सड़क किनारे मिला 4 कैरेट का बेशकीमती हीरा, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

पन्ना  पन्ना जिले में एक बार फिर यह कहावत सच साबित हुई कि यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना सकती है। पन्ना शहर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेरा माता के दर्शन कर लौट रहे एक मजदूर को सड़क किनारे जैम्स क्वालिटी का 4.04 कैरेट का हीरा पड़ा हुआ मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। ​रहूंनिया गुर्जर निवासी गोविंद सिंह आदिवासी (59 वर्ष) रोज की तरह सुबह खेरा माता के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय उन्हें सड़क किनारे एक चमचमाता पत्थर दिखा, जिसे जिज्ञासावश उठाकर वह घर ले आए। परिवार को दिखाने पर उन्हें यह हीरे जैसा लगा, जिसके बाद वे इसे लेकर हीरा कार्यालय पहुंचे। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने जब पत्थर की जांच की, तो वह 4.04 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का हीरा निकला। ​गोविंद सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। नीलामी के पैसों से घर बनवाएंगे गोविंद गोविंद सिंह ने बताया कि वे सब्जी की खेती करते हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे माता रानी से प्रार्थना कर रहे थे कि वे ट्रैक्टर खरीद सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों से वे पहले अपना अधूरा मकान बनवाएंगे और अगर अच्छी रकम मिली तो ट्रैक्टर भी खरीदेंगे। हीरो पार्क की अनुपम सिंह ने बताया कि यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड होती है इस हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा।  

फेसलेस सर्विस प्रोजेक्ट के तहत परिवहन विभाग ने सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 51 की, लाइसेंस बनाना हुआ आसान

भोपाल  अब ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, ट्रांसफर सर्टिफिकेट या बैंक कर्ज अदा होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने फेसलेस सर्विस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट के तहत सेवाओं की संख्या 51 कर दी है।इसकी शुरुआत परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, सचिव मनीष सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा मौजूद रहे। परिवहन मंत्री सिंह ने कार्यक्रम के दौरान राहवीर योजना के तहत घायलों की मदद करने वालों को सम्मानित किया गया। ऐसे ले सकेंगे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ     आवेदन और स्वीकृति अब ‘वाहन’ और ’सारथी’ पोर्टल से।     आवेदक के मोबाइल पर ओटीपी और आपत्तियों की सूचना मिलेगी।     शादी, पार्टी या सीजनल बिजनेस के लिए बसों के अस्थाई परमिट ऑटो-अप्रूवल सिस्टम से मिलेंगे।     वाहन कर जमा करना हो या अन्य राज्यों के वाहनों का टैक्स सब कुछ ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल से होगा।     प्रदूषण जांच को पारदर्शी बनाने के लिए पीयूसी 2.0 सिस्टम लागू किया गया है।     जल्द ही प्रदेश में ई-डिटेक्शन चालान प्रणाली लागू होगी। नियम उल्लंघन पर स्वत: चालान कटेगा। 51 सेवाएं हुईं फेसलेस नई व्यवस्था में लर्निंग लाइसेंस, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पता-नाम बदलवाना, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, कंडक्टर लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट, कमर्शियल परमिट, अस्थाई परमिट जैसे काम ऑनलाइन होंगे। आवेदकों को सभी प्रमाणपत्र व दस्तावेज कोरियर के माध्यम से घर भेजे जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फेसलेस सेवा की शुरुआत भोपाल से हुई है। विभाग जल्द ही इसे पहले प्रदेश के बड़े शहर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में लागू करेगा, इसके बाद पूरे प्रदेश में विस्तार होगा। मंत्री बोले- विभाग के कई पद खाली पड़े उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में कई पद खाली पद खाली पड़े हुए हैं। इन हालात में काम करना आसान नहीं है। यह विभाग प्रदेश के उन विभागों में गिना जाता है, जहां कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। आज भी केवल 1100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा पद पदोन्नति, रिटायरमेंट और अन्य कारणों से खाली पड़े हुए हैं। पहले लाइसेंस या वाहन पंजीयन जैसी साधारण सेवाओं के लिए लोगों को दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों और बिचौलियों का बोलबाला था। आने वाले समय में विभाग में 175 कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन

वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी हों संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी प्रदेशवासियों से संकल्पित होने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतुल्य वृद्धजन को नमन करते हुए कहा कि वृद्धजन किसी भी संस्कृति, राष्ट्र, समाज और परिवार के सशक्त आधार होते हैं, उनके विराट अनुभव, ज्ञान और संस्कार से युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा लेते रहना चाहिए। 15 लाख 75 हजार वृद्धजन को प्रतिमाह उपलब्ध कराई जा रही है पेंशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजन के मान-सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से राज्य के 15 लाख 75 हजार से अधिक वृद्धजन नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये राशि पेंशन के रूप में अंतरित की गई।  

भोपाल में मतदाता सूची सुधार कार्य में चूक, चार बीएलओ निलंबित

भोपाल  मतदाता सूची अपग्रेड करने के काम में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निलंबित कर दिया है। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। बीएलओ को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन सही जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। अब अन्य बीएलओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने 77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस दिए थे। बीएलओ पर कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण-2025) के तहत भोपाल में भी पुनरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत मतदाता सूची का अपडेशन नए तरीके से किया जा रहा है। जिसमें साल 2003 की मतदाता सूची से 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जो मतदाता 2003 की मतदाता सूची में थे। वह और उनके परिवार स्वतः ही 2025 की मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे। अन्य मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ डोर टू-डोर सर्वे के जरिए करेंगे। इस संबंध में समस्त मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज दिखाने के बाद ही उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसी काम में बीएलओ पर कार्रवाई की गई है। इन्हें किया निलंबित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत बीएलओ शेरसिंह सिकरवार, विवेकानंद मुखर्जी, शंभू सिंह रघुवंशी और रोशनी प्रजापति पर कार्रवाई हुई है। साथ ही कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सिंह ने जिले के सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन

राज्यपाल  पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन कन्याओं को उपहार प्रदान किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल महानवरात्रि पर्व पर राजभवन परिसर स्थित मंदिर में कन्या पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्याओं को तिलक लगाकर मिष्ठान और उपहार भेंट किए। राज्यपाल  पटेल ने माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की। प्रदेश और देश के विकास और निवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अरविंद पुरोहित, नियंत्रक हाउसहोल्ड मती शिल्पी दिवाकर सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।                                             

टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में फिर गुलजार, पन्ना सफारी का शुभारंभ, पर्यटकों में उत्साह

पन्ना   मध्यप्रदेश में वाइल्ड लाइफ के बीच रोमांचक पलों की सैर आज से शुरू हो गई है। अकेले सतपुड़ा और चूरणा को छोड़कर… एमपी के बाकी सभी टाइगर रिजर्व खुल चुके हैं। मानसून में छुट्टी पर रहे जंगलों की सैर करने का मजा आपको भी लेना है, तो बता दें कि यहां आने से पहले एडवांस बुकिंग जरूर करवा लें। नहीं तो आपको बेरंग लौटना पड़ सकता है। बता दें कि पहले ही दिन एमपी के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हैं। सतपुड़ा के लिए अभी और इंतजार कोर जोन 10 अक्र्टूबर तक बंद रहेगा। तेज बारिश से मढ़ई, चूरना की सड़कें खराब हो गई हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया। अगले 15 दिन की बुकिंग फुल एमपी के 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) में अक्टूबर के अगले 15 दिन बुकिंग लगभग फुल (Advance booking full) है। इन टाइगर रिजर्व में पहले ही दिन 7 हजार से ज्यादा टूरिस्ट ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं पुराने छह टाइगर रिजर्व में यह संख्या 5 हजार से भी ज्यादा है। दशहरा-दिवाली के अवकाश के कारण लोग अक्टूबर के पहले ही पखवाड़े की बुकिंग करवा चुके हैं। खासतौर पर बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के साथ ही पन्ना में भी पूरे महीने आपको टिकट नहीं मिलने वाली। सुबह रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने विधिवत फीता काटकर और पर्यटकों का तिलक कर जिप्सियों को प्रवेश दिया। इसके साथ ही गेट आम पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। बरसाती मौसम में सुरक्षा कारणों से रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रखा जाता है। अब मौसम साफ होने के बाद पर्यटक यहां बाघ, तेंदुआ, चिंकारा और कई दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर सकेंगे। हर साल मानसून सीजन के दौरान टाइगर रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रहता है। अक्टूबर की शुरुआत से सैलानियों को एक बार फिर रोमांचक सफारी का मौका मिल रहा है। पन्ना टाइगर रिजर्व के सहायक क्षेत्र संचालक मोहित सूद ने बताया कि इस बार भी अच्छे पर्यटक सीजन की उम्मीद है। उन्होंने जानकारी दी कि टाइगर रिजर्व की बुकिंग फरवरी 2026 तक के लिए अभी से शुरू हो चुकी है। मोहित सूद ने आगे बताया कि टाइगर रिजर्व के सुंदर जंगल, यहां से निकलने वाली केन नदी और यहां पाए जाने वाले वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही पीटीआर के बाघों की अठखेलियां देखने भी पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं। सहायक क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बोरादोह नामक एक पॉइंट पर पर्यटकों के लिए वोटिंग की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को वोटिंग के दौरान ही बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार हो चुके हैं। वाइल्डलाइफ लवर्स को क्यों अट्रेक्ट कर रहा एमपी? बता दें कि मध्यप्रदेश टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 785 है, जो देश में सबसे ज्यादा है। लेकिन हाल ही में वन विभाग ने यह कहते हुए चौंका दिया है कि यह संख्या बढ़ी है और वर्तमान में यहां 1000 के आसपास टाइगर हैं। सफारी की सैर और टाइगर का दीदार हुआ महंगा इस बार टूरिस्ट को जंगलों की सैर (tiger safari) और टाइगर के दीदार करना थोड़ा महंगा पड़ेगा। दरअसल विभाग ने 10% तक शुल्क बढ़ाया है। जिसके बाद 300 रुपए तक की अधिकतम वृद्धि देखने को मिली है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अभी भारतीय टूरिस्ट को प्रीमियम डे का शुल्क 3050 रुपए है, इसमें 10% की वृद्धि की जाए तो यह 3050 से बढ़कर 3355 हो जाएगा। जिप्सी का शुल्क तीन हजार रुपए और जी-वन गाइड का शुल्क 600 रुपए देना होता है, अब इसके लिए भी आपको 6650 रुपए चुकाने होंगे। वहीं यदि आप जी-टू गाइड लेते हैं, तो उसे 600 रुपए के बजाय 480 रुपए देते होते हैं। होटल भी नहीं खाली टूरिस्ट की भीड़ से आबाद हुए टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्रों में सभी होटल एडवांस बुक हैं। ऐसे में आपका यहां बिना एडवांस बुकिंग के आना आपके लिए निराशा का सबब बन सकता है। जानें बुकिंग की क्या है स्थिति? -बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक से 15 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल है। 147 वाहनों से करीब 800 टूरिस्ट सफारी करने को तैयार बैठे हैं। -पन्ना टाइगर रिजर्व में तीनों गेट की बुकिंग भी आज से 30 अक्टूबर तक फुल हो चुकी है। पहले दिन करीब 510 टूरिस्ट पार्क के अंदर जाने की अनुमति ले चुके हैं। – पेंच टाइगर रिजर्व में एक से 5 अक्टूबर तक एडवांस बुकिंग फुल हो चुकी है। एक दिन में करीब 500 टूरिस्ट के आने का अनुमान है। – कान्हा टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह की बुकिंग फुल है। पहले दिन यहां 20 हजार टूरिस्ट पहुंचेंगे। वहीं यहां पर आज से 7 अक्टूबर तक वन्य संरक्षण सप्ताह भी शुरू हो गया है। – संजय टाइगर रिजर्व में भी इस सप्ताह की बुकिंग फुल हो चुकी हैं। यहां टूरिस्ट के लिए नौ वाहन हैं, जिनसे करीब 40 टूरिस्ट सफारी का मजा ले सकेंगे। कैसे पहुंचे? टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क (Tiger reserve in MP) पहुंचने नजदीकी एयरपोर्ट भोपाल, जबलपुर, बनारस, प्रयागराज, नागपुर हैं। रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम, शहडोल, सिवनी, दमोह, मंडला फोर्ट, त्यौहारी, मड़वास, नागपुर हैं। वहीं आप बस या प्राइवेट टैक्सी के माध्यम से भी सड़क मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं। ये जानवर देख सकते हैं बाघ, चीते (कूनो में), तेंदुआ, हाथी, बायसन, चीतल, हिरण, बारहसिंघा, गौर, भालू, सांभर, चौसिंगा, चिंकारा के साथ ही विलुप्त प्रजाति के पक्षी भी। 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) – संजय दुबरी, सीधी – पन्ना, पन्ना, छतरपुर – सतपुड़ा, नर्मदापुरम – कान्हा, मंडला-बालाघाट – बांधवगढ़, शहडोल – पेंच, सिवनी-छिंदवाड़ा – वीरांगना दुर्गावती, दमोह – डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी), भोपाल सीहोर, रायसेन – माधव- शिवपुरी – नौरादेही- सागर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया जिले के लगभग 1536 वर्ग किमी में फैला है। पार्क प्रबंधन ने सफारी टिकट दर में 10% और गाइड चार्ज में 65% की बढ़ोत्तरी की है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर है। निजी वाहन से पहुंच सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया है। कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला-बालाघाट जिले में लगभग 2,051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर और निकटतम रेलवे स्टेशन चिरईडोंगरी है। पेंच टाइगर रिजर्व कुछ … Read more

वन विहार में वाहनों की एंट्री बंद, टूरिस्ट के लिए शुरू हुई ई-गोल्फ कार्ट सुविधा

भोपाल  मध्यप्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण और सह-अस्तित्व के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक "राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह" का आयोजन वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में वृहद स्तर पर किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन की थीम मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व रखी गई है। वन्यजीव सप्ताह 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वन विहार की गोल्फ ई-कार्ट का फ्लैग ऑफ किया जाएगा। इसके साथ ही वन विहार को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया जाएगा, जिसमें अब निजी वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। पर्यटकों को पार्क में घूमने के लिए गोल्फ कार्ट्स और साइकिल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 1 अक्टूबर को होंगे विशेष आयोजन प्रथम दिवस 1 अक्टूबर को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:30 बजे से किया जाएगा, जिसमें विद्यालयीन, महाविद्यालयीन और दिव्यांग विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके पश्चात 10:50 बजे से “भारत के वन्यजीव, उनका रहवास और आपसी संचार” विषय पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा। 7 दिवसीय कार्यक्रम में होंगी अनेक गतिविधियां  रन फॉर वाइल्डलाइफ ,बर्ड वॉचिंग,बटरफ्लाई वॉचिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता,युवा संसद,ट्रेजर हंट,फेस पेंटिंग,रंगोली और सृजनात्मक कार्यशालाएं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।  

प्रसाद लेने का दबाव, इंकार पर श्रद्धालुओं से मारपीट; देवास टेकरी में हंगामा, प्रशासन सख्त

देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले की टेकरी पर स्थित विश्व प्रसिद्ध मां चामुंडा के दर्शन को पहुंचे उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के साथ अवैध पार्किंग और प्रसादी को लेकर दुकानदारों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार की यह घटना स्टेशन रोड क्षेत्र में स्थित अवैध पार्किंग और प्रसादी की दुकानों पर हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी पुरुषों के साथ-साथ उनके साथ आई महिलाओं पर भी हाथ उठाते हुए नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के साथ हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने टेकरी क्षेत्र से गुंडा प्रवृत्ति के लोगों को हटाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर दी। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और 5 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए उनमें से 3 को गिरफ्तार भी कर लिया। उधर नगर निगम ने भी सख्ती दिखाते हुए मारपीट में शामिल दुकानदारों की दुकानों को हटा दिया। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। मामले को लेकर पीड़ित श्रद्धालुओं ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के रहने वाले हैं और दो अलग-अलग वाहनों से महिलाओं और बच्चों सहित कुल 14 सदस्य आए थे। उन्होंने कहा, 'स्टेशन रोड पर अचानक एक युवक उनकी कार के सामने आ गया, इस दौरान उसे मामूली खरोंच आई, लेकिन इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद जब हमने उन लोगों को समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने हम पर हमला कर दिया। इस दौरान मेरी मां सड़क पर पीठ के बल गिर गईं। आगे उन्होंने कहा, मौके पर पहुंची पुलिस ने हमें बचाया। इसके बाद हम सीधे कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत की।' प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था स्थल पर किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी और अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद श्रद्धालुओं और आम जनता ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि आगे से ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। श्रद्धालुओं ने शिकायत में यह बताया एक श्रद्धालु ने शिकायत में कहा कि उनसे पार्किंग के नाम पर 100 रुपए और प्रसादी के लिए अलग से पैसे मांगे गए। उन्होंने ऐसे व्यवहार को देवास की छवि के लिए शर्मनाक बताया। एक अन्य श्रद्धालु बृजेश दुबे ने बताया कि टेकरी गेट पर एक महिला ने उन्हें वाहन पार्क करने के लिए कहा। उन्होंने वहां पार्किंग की और पैसे देकर प्रसादी ली। दर्शन करने के बाद लौटते समय स्थानीय लोगों ने उनसे बदसलूकी और धक्का-मुक्की की। टेकरी क्षेत्र में अवैध वसूली हो रही है, जिस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कोतवाली थाना प्रभारी श्याम चंद्र शर्मा ने बताया कि स्टेशन रोड स्थित इंडियन बैंक के सामने अवैध पार्किंग और प्रसादी के नाम पर हुए विवाद में यूपी से आए श्रद्धालुओं से कुछ लोगों ने मारपीट की। जांच में पाया गया कि श्रद्धालुओं की कोई गलती नहीं थी। 2 महिलाओं समेत 5 लोगों पर शांतिभंग की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। वहीं नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए मारपीट में शामिल दुकानदारों की दुकानें हटवा दी है।