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अब ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाएं बिना लाइन के: 51 फेसलेस सुविधाएं, प्रदूषण जांच के लिए 600 केंद्र उपलब्ध

भोपाल  परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है। प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है। पारदर्शिता के उपाय परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया

मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर प्रदान कर रही है नवकरणीय ऊर्जा विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा भारत और मध्यप्रदेश 5 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने का दिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री  मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था अब दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारी मातृभूमि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र बन चुकी है। भारत आज ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, आईटी, कृषि, फार्मा, रक्षा और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है एवं भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो और 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य रखा है। देश 251.5 गीगावाट नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को पार कर चुका है और सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता में 100 गीगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और स्मार्ट ग्रिड जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और सतत् दिशा प्रदान की है। परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अनूठी उपस्थिति के साथ देश के प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। यहाँ देश का सबसे बड़ा 'सौर पार्क' रीवा में स्थापित है, जो दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण उपक्रमों को ऊर्जा प्रदान करता हैं। साथ ही सांची शहर को देश का पहला सोलर सिटी बनाया गया है और ओमकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत है। नीमच में भारत का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण क्षमता के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाता है।  

राष्ट्रीय मंच पर मिला पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को सम्मान

प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन भोपाल  मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों के अनुक्रम में विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। विभाग के द्वारा वक़्फ़ संपत्तियों के सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण और अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वक्फ बोर्ड में सुशासन की पहल करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मध्यप्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, सत्यापन एवं निगरानी के लिए MP-WAMSI पोर्टल विकसित कर वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया है। इस पहल की सराहना भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ परामर्शदाता संस्था आईआईटी दिल्ली ने भी की है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा वक्फ (संशोधन अधिनियम) 2025 के क्रियान्वयन के लिये नियमों की रूपरेखा तैयार करने वाली समिति में आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन को सदस्य के रूप में नामित किया है। क्या है WAMSI पोर्टल, जिसके लिए मिला सम्मान WAMSI यानी वक़्फ़ एसेट मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ़ इंडिया। वक्फ संपत्तियों के वित्तीय एवं कानूनी डाटा के डिजिटलीकरण के लिये राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित और प्रबंधित एक ऑनलाइन प्रणाली है। इसके माध्यम से वक्फ संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय और कानूनी जानकारियों को डिजिटल प्रारूप में एकत्र और सुरक्षित रखा जाता है। यह वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के पंजीकरण, GIS मैपिंग तथा लीज़ ट्रैकिंग में सहायक है। इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।  

ग्वालियर में DM का पार्षद पतियों पर सख्त रुख, नवरात्र के पहले दिन फूटा गुस्सा

ग्वालियर   नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरे देश में महिलाशक्ति की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं ग्वालियर में ऐसी घटना घटी जिसने प्रशासनिक हलके में हलचल मचा दी. कलेक्टर रूचिका सिंह चौहान ने शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए पार्षदों की बैठक बुलाई थी, लेकिन चार महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंच गए. इससे खफा कलेक्टर ने पार्षद पतियों को खरी-खोटी सुनाई और कुर्सी से उठाकर पीछे बिठा दिया. साफ शब्दों में कहा, “अब महिलाएं सबल हैं, पत्नियों को ही काम करने दीजिए.” बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई थी, जहां शहर की जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क मरम्मत और अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श होना था. कलेक्टर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, नवरात्रि का समय महिलाओं की शक्ति का प्रतीक है. यदि चुनी हुई महिला प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पतियों पर छोड़ देंगी, तो लोकतंत्र का मजाक बनेगा. एक पार्षद पति ने सफाई दी कि पत्नी व्यस्त थीं, लेकिन कलेक्टर चेतावनी दी भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कलेक्टर का प्रेरणादायक कदम यह घटना ग्वालियर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर बहस छेड़ने वाली है. स्थानीय पार्षदों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर भी सरपंच पतियों का दखल आम है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसे रोकना जरूरी है. कलेक्टर चौहान ने बैठक के अंत में सभी महिला पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया. इस कदम की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है, जहां यूजर्स इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं.

मध्यप्रदेश में मुआवजे की प्रक्रिया होगी आसान, क्रेडस डैशबोर्ड से मिलेगी बेहतर सुविधा

भोपाल   सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजे में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मप्र का 'क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम (क्रेडस) डैशबोर्ड लॉन्च कर दिया गया। यह देश का पहला डैशबोर्ड है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इसे मप्र न्यायपालिका के लिए विकसित किया है। अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के लिए बना यह डैशबोर्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, पोर्टल न्याय को तेज व नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। स्वत: संज्ञान याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश यह पहल सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका के आदेश 22 अप्रैल 25 के अनुपालन में एमपीहाईकोर्ट ने की। इसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा राशि व विवरण अपलोड किए जाएंगे। पोर्टल पर मिलेगी ऐसी सुविधाएं -बीमा कंपनियों या जिम्मेदार पक्षों से ऑनलाइन मुआवजा जमा। – दावा करने वालों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण। – डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में राशि-प्रकरण की स्थिति की जानकारी।

2 अक्टूबर तक मांस, मछली और अंडे की दुकानों पर प्रतिबंध, उमरिया से मैहर तक लागू आदेश

उमरिया  नवरात्रि की आज से शुरुआत हो गई है। नवरात्रि के पहले दिन से दो अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के कई शहरों में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। उमरिया में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं, इस पर अंडा कारोबारियों ने एतराज जताया है। इसके साथ ही मैहर में भी बिक्री पर प्रतिबंध है। शहरी विकास अभिकरण के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद उमरिया क्षेत्राअंतर्गत समस्त अंडा, मांस, मछली, मटन विक्रेता 22 सितंबर 2025 नवदुर्गा स्थापना से लेकर विसर्जन दिनांक 2 अक्टूबर 2025 तक अंडा, मांस, मछली, मटन का विक्रय नहीं होगा। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा। नवरात्रि की वजह से किया गया प्रतिबंधित विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व जिला मंत्री ने कहा कि मैं पूर्ण रूप से सनातनी हूं। यह प्रस्ताव बिल्कुल स्वागत योग्य है। नौ दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहता है, इस बीच यत्र-तत्र मांस मछली की दुकान लगी रहती हैं जो की पीड़ादायक होती है। त्यौहार और उपवास के समय में जहां ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, वहां मन व्यथित हो जाता है। एक घृणा का भाव मन में उभरता और मन दुखी होता है, जिस तरह शांति समिति की बैठक में जो यह प्रस्ताव दिया गया है, स्वागत योग्य है। शांति समिति की बैठक के बाद फैसला उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि आगामी दुर्गा पूजा और दशहरे को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनके द्वारा यह सुझाव दिया गया कि नवरात्रि के दौरान अंडे, मांस और मछली के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनके सुझाव को प्रस्ताव में लिया गया है और उस पर परीक्षण कार्यवाही की जाएगी। वहीं, खुले रहने पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर कहा कि निरीक्षण करवाएंगे। अंडा व्यापारियों ने जताया विरोध वहीं, इस मामले मे थोक अंडा व्यापारी अनिल कुमार ने विरोध जताते हुए कहा कि हमारे धंधे पर प्रभाव तो बहुत पड़ेगा। मुझे अंडे का काम करते हुए 38 वर्ष हो गए आज तक कभी प्रतिबंध नहीं लगा। मांस पर होता था, यह पहली बार हो रहा है। हमारे साथ कई लोगों का परिवार जुड़ा है। अब 9-10 दिन दुकान बंद रहेगी तो उनका परिवार कैसे चलेगा, वह लोग भी परेशान हैं। हम भी परेशान हैं कि हमारे पास जो माल पड़ा हुआ है, वह सब खराब होगा, जिला प्रशासन की तरफ से हम लोगों से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई है। न ही अभी तक कोई यह कहने आया कि आप लोग अपनी दुकान बंद रखिएगा, इतना ही नहीं कोई भी यह पूछने वाला नहीं है कि आपके पास कितना माल रखा हुआ है कितना खराब होगा। गौरतलब है जिला प्रशासन और शांति समिति के इस निर्णय से अंडा, मांस, मछली कारोबारियों में काफी रोष देखने को मिल रहा है कि यह एकतरफा निर्णय ले लिया गया है, यदि ऐसा ही करना है तो शराब की दुकानों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

बनारस में निवेश की बड़ी पहल, एमपी सरकार रुद्राक्ष सेंटर में कराएगी इन्वेस्टर्स मीट

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवंबर में वाराणसी में इन्वेस्टर्स मीट कराने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होगा। इस सिलसिले में रामनगर इंडिस्ट्रयल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रीवा में सीएम मोहन यादव से मिला है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के साथ अलग-अलग वार्ता कर निवेश के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य कोई भी आवश्यकता के लिए जिला कलेक्टर, औद्योगिक विकास आयुक्त मध्य प्रदेश एवं मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे संपर्क में रहने की बात कही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने हनुमाना के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्र को देखा।  इस दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निदेशक रीवा संभाग यूके तिवारी व पूरी टीम उपस्थित रही। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्रा, महामंत्री राकेश जायसवाल, उपाध्यक्ष सुरेश पटेल, उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रतिष्ठित उद्यमी प्रमोद चौरसिया, अंजनी अग्रवाल, पियूष अग्रवाल आदि शामिल थे। अयोध्या में राम मुस्कुराते हैं, तो मथुरा में कृष्ण क्यों नहीं? – मोहन यादव का सवाल भगवान राम अपने बाल रूप मे अयोध्या में विराज चुके हैं तो वहीं मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि को लेकर गाहे-बगाहे स्वर उठते रहते हैं। हिंदुओं का मत है कि भगवान राम की तरह मथुरा में भी भगवान कृष्ण का भव्य मंदिर बने,पर अभी यह मामला कोर्ट में है। इस बीच मथुरा पहुंचे मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने नया बयान दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम मुस्कुरा रहे हैं, तो मथुरा में भगवान कृष्ण के मुस्कुराने में क्या गलत है। मुख्यमंत्री वृंदावन में थे। वह अपने कैबिनेट मंत्री राकेश शर्मा द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जश्न मनाने और शहीदों को सम्मानित करने के लिए केशव धाम में आयोजित भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल हुए थे। इस अवसर पर यादव ने कहा, "हमने अयोध्या में रामलला को मुस्कुराते हुए देखा है… जब रामलला मुस्कुरा रहे हैं, तो कृष्ण कन्हैया भी मुस्कुराएं तो इसमें क्या गलत है?" उन्होंने आगे कहा, "यह भी खुशी का एक कारण होना चाहिए। आवाज तो चारों दिशाओं से आ रही है।" किसी का नाम लिए बिना मोहन यादव ने कहा, "जो बहरे हैं, वे अपने कान ठीक कर लें, जिनकी आंखों में दिक्कत है, वे साफ-साफ देख लें। हम ज्यादा दूर नहीं हैं।" यह ध्यान देने योग्य है कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद-श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। हिंदू पक्ष शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और जमीन वापस लेने की माँग कर रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष 1968 के समझौते और 1991 के पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का हवाला देते हुए मस्जिद की कानूनी वैधता का दावा कर रहा है। मोहन यादव ने इस मामले का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयानों को इस संदर्भ में देखा जा सकता है।

IMD का अलर्ट: 25 सितंबर से MP में आएगा नया मौसम सिस्टम, भारी बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन बादल छाने के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा, लेकिन कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि 25 सितंबर को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिससे फिर तेज बारिश होने का अनुमान है।इसके बाद सितंबर अंत से मानसून की विदाई शुरू होगी।बता दे कि रविवार को भोपाल ,नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर समेत 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 25 सितंबर को सक्रिय होगा नया वेदर सिस्टम     दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा , भटिंडा, फतेहाबाद, पिलानी, अजमेर, दीसा, भुज और से होकर गुजर रही है। अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ और हिस्सों; एचपी और जेके के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण अब म्यांमार-दक्षिण बांग्लादेश तटों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है और औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक विस्तृत है। इसके प्रभाव में अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।     25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, इसके 26 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके 27 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा-उत्तरी एपी के तटों को पार करने की प्रबल संभावना है। उत्तर-पूर्वी बिहार और उससे सटे सिक्किम के ऊपर औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। 1 जून से 21 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा सोना खरीदने की प्लानिंग है क्या ? ये है आज 22 सितंबर का 10 ग्राम का ताजा भाव, जानें अपने शहरों का सोमवार का 22-24 कैरेट का लेटेस्ट रेट     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 24% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 43 .8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 118 प्रतिशत है। अब तक 36.3 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     सबसे कम बारिश वाले जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है।भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

हमीदिया अस्पताल में चमत्कार! डेढ़ साल के बच्चे की आंख से निकाला गया चार्जर पिन, सफल सर्जरी से बची दृष्टि

भोपाल  हमीदिया अस्पताल में रविवार को हरदा जिले से आए एक डेढ़ साल के बच्चे की आंख की सर्जरी कर उसे बचाया गया। बच्चे की आंख में खेल-खेल में मोबाइल चार्जर का पिन घुस गया, जिससे उसकी आंख का कार्निया क्षतिग्रस्त हो गया था। माता-पिता बच्चे को लेकर तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचे। जहां से बच्चे की स्थिति को देखते हुए, उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। उन्होंने शहर के तीन बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन सभी ने इमरजेंसी में सर्जरी करने से इनकार कर दिया। अंत में अभिभावक हमीदिया अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में ड्यूटी डाक्टर ने बताया कि उन्होंने बच्चे की स्थिति को देखते हुए कार्निया स्पेशलिस्ट डा. भारती आहूजा को सूचना दी। उन्होंने बिना देरी किए विभाग में पहुंचकर तत्काल मरीज की जांच की। उसे भर्ती किया गया। इसके बाद सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी गई। करीब छह घंटे में सभी व्यवस्थाएं हुईं, जिसके बाद मरीज की सफल सर्जरी कर उसकी आंख की रोशनी बचाई जा सकी। ऑपरेशन में देरी से रोशनी जाने का था खतरा कार्निया स्पेशलिस्ट डा. भारती आहूजा ने बताया कि बच्चे की जांच में कार्नियल टियर की समस्या देखने को मिली थी। इस स्थिति में सर्जरी देर से होने पर इंफेक्शन का खतरा रहता है, जो आगे चलकर किसी गंभीर परेशानी का कारण बन सकता था। बच्चा सिर्फ डेढ़ साल का है। ऐसे में उसकी सर्जरी के लिए जनरल एनेस्थीसिया देना पड़ा। हमने एनेस्थीसिया विभाग की टीम से मदद मांगी। उनके सहयोग से और नेत्र विभाग व इमरजेंसी विभाग के स्टाफ की मदद से बच्चे की आंख की सर्जरी 20 मिनट में पूरी की गई। बच्चे की आंख में फिलहाल पट्टी बंधी हुई है। दो दिन के बाद इसे खोला जाएगा, जिसके बाद आंखों की अंतिम जांच की जाएगी। रिपोर्ट सही आने के बाद बच्चे को जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

हरित संदेश के साथ इंदौर ने मनाया नो कार डे, साइकिल पर निकले अधिकारी और जनप्रतिनिधि

इंदौर  क्लीन सिटी इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए सोमवार को नगर निगम द्वारा नो कार डे का आह्वान किया गया है. लिहाजा आज शहर के पर्यावरण संरक्षण के लिए नागरिक और माननीय कार्य की जगह साइकिल से सफर करते नजर आएंगे. पिछले साल 22 सितंबर को भी इंदौर में नो कार डे मनाया गया था, जिसके फलस्वरूप शहर के पर्यावरण में 18 फीसदी तक सुधार हुआ था. कार फ्री जोन रहेगा इंदौर शहर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित करने वाला इंदौर नगर निगम एक दिन वाहन को विराम देने के प्रयास के चलते प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सक्रिय है. हर साल 22 सितंबर को शहर में नो कार मनाया जाता है. इस कड़ी में नगर निगम सोमवार 22 सितम्बर को 'नो कार डे इंदौर 2025' का आयोजन कर रहा है. इस अवसर पर गीता भवन से पलासिया तक का क्षेत्र पूरी तरह कार फ्री जोन रहेगा. आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को निजी वाहनों की जगह पर्यावरण-मित्र साधनों जैसे साइकिल, सार्वजनिक परिवहन और पैदल चलने की ओर प्रेरित करना है.  नो कार डे के बारे में देते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया, "इस अभियान ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सफलताएं दर्ज की हैं. साल 2023 में 80 हजार लीटर ईंधन की बचत और वायु गुणवत्ता सूचकांक में 18 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया था. उस समय शहर के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं कार का उपयोग न कर प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया था. इसके बाद साल 2024 में पेंटिंग प्रतियोगिता, मैस्कॉट लॉन्च और म्यूजिकल इवेंट्स के माध्यम से अभियान का विस्तार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1.50 लाख लीटर ईंधन की बचत और वायु गुणवत्ता में 38 प्रतिशत सुधार दर्ज हुआ. इन उपलब्धियों ने नो कार डे को अब अभियान बना दिया है." नो कार डे पर साइक्लोथॉन का आयोजन इस साल कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाने की तैयारी की गई है. 21 सितम्बर की शाम 56 दुकान क्षेत्र में संगीत संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें अधिकारी और ट्रैफिक हीरोज ने नागरिकों से नो कार डे को सफल बनाने का आह्वान किया. सोमवार 22 सितंबर की सुबह पलासिया से राजवाड़ा होते हुए वापस पलासिया तक साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया है, जिसमें अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक भाग ले रहे हैं. इसी दिन गीता भवन से पलासिया रोड तक लाइव पेंटिंग प्रतियोगिता और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी. महापौर की शहर वासियों से अपील महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से अपील की है कि "वे 22 सितम्बर को कार का उपयोग न करें और स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त इंदौर बनाने के इस जन आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाएं. उन्होंने कहा कि "इस अभियान में सभी की उपस्थिति और सहयोग ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकता है." सभी कर रहे हैं साइकिल का उपयोग शहर में महापौर सुबह अपने सहयोगियों के साथ साइकिल पर सवार होकर सचिवालय से निकले और पलासिया पहुंचे. इसी प्रकार हाई कोर्ट के जस्टिस रूसिया सहित अन्य न्यायाधीश साइकिल पर सवार होकर हाई कोर्ट के लिए निकलेंगे. इधर पुलिस कमिश्नर, निगम आयुक्त जिला कलेक्टर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि भी सोमवार को कार के स्थान पर साइकिल का उपयोग करते नजर आएंगे.