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ग्रामीण अंचल के अंतिम छोर और अंतिम किसान तक पहुंचे कृषि नवाचार के फायदे

‘डिजिटल-कृषि’ नवाचार से सीमांत किसानों को सशक्त बनाने की पहल आईआईटी इंदौर में हुई ‘एग्रीकनेक्ट’ कार्यशाला भोपाल कृषि नवाचार के फायदे ग्रामीण अंचल के अंतिम छोर और अंतिम किसान तक पहुंचने चाहिए तभी खेती को लाभ का सौदा बनाकर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा। डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आईआईटी इंदौर में सी-डैक पुणे, आईसीएआर-एनएसआरआई इंदौर और आईसीएआर-सीआईएई भोपाल के सहयोग से दो दिवसीय एग्रीकनेक्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्य़शाला में एमईआईटीवाई के संयुक्त सचिव श्री के. के. सिंह ने बताया कि किसानों को सशक्त बनाने में डिजिटल कृषि नवाचार की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्याशाला के तकनीकी सत्रों में फसल सुधार, सटीक कृषि, ड्रोन अनुप्रयोग, और एआई-संचालित कीट व रोग निदान जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया। आईसीएआर-आईएएसआरआई, नई दिल्ली के डॉ. अनिल राय ने डिजिटल डिसीडन-सपोर्ट-सिस्टम को अपनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे सीमित संसाधनों वाले किसानों को सही निर्णय लेने में सहयोग मिलेगा। कार्यशाला में गैर-सरकारी संगठन, उद्योग प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं कामदार ग्रुप और हाईमीडिया लैब जैसे स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। इंटरैक्टिव गोलमेज बैठकों में नकली उर्वरकों की पहचान, किफायती तकनीकों, और बाजार पहुंच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पीआई, एग्रीहब, आईआईटी इंदौर की प्रोफेसर अरुणा तिवारी ने कृषि नवाचारों को गांव-गांव और प्रत्येक किसान तक पहुंचाये जाने की आवश्यकता जताई। कार्यशाला में आये प्रतिभागियों सहमित जताई कि एग्रीहब मॉडल, कृषि नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और किसान सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय अधो-संरचना के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।  

राज्य स्तरीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता-2025 का समापन

अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी करेंगे प्रदेश का नेतृत्व भोपाल राज्य स्तरीय 28वीं वन खेल-कूद प्रतियोगिता का समापन रविवार को टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में हुआ। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी उत्तराखण्ड में 12 से 16 नवम्बर तक 28वीं अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रदेश का नेतृत्व करेंगे। अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता में बेस्ट एथलेटिक्स का पुरस्कार प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा को दिया गया। अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में शामिल होने के लिये भोपाल में एक अभ्यास शिविर का आयोजन किया गया। समापन समारोह में पुलिस बैण्ड पार्टी द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गयी और खिलाड़ियों द्वारा मार्चपास्ट किया गया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाड़े और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

घर वापसी की धमकी और गंगाजल-गौमूत्र का ज़िक्र: गरबा आयोजन में लगा भड़काऊ पोस्टर

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा उत्सवों को लेकर सनातनी संगठनों का सख्त रुख देखने को मिल रहा है. राजधानी भोपाल में श्रीकृष्ण सेवा समिति ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर चेतावनी जारी की है. कमेटी ने पंडालों पर पोस्टर लगाए हैं, जिनमें लिखा है कि गैर-हिंदू यदि गरबा में आएंगे तो उनकी 'घर वापसी' कराई जाएगी.  पोस्टर पर जूते-चप्पल, लट्ठ की फोटो के साथ 'जिहादियों की उचित व्यवस्था की जाएगी' का संदेश दिया गया है. कमेटी के कार्यकर्ता हाथों में लट्ठ लेकर पंडालों पर तैनात रहेंगे. श्रीकृष्ण सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल ठाकुर ने कहा, "हम गरबा देखने आने वालों को गंगाजल पिलाएंगे और गौमूत्र छिड़केंगे." पूछने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता आत्मरक्षा के लिए लट्ठ लेकर नजर रखेंगे. हाथों में लट्ठ लेकर तैनात रहेंगे समिति के कार्यकर्ता. उधर, गरबा पंडालों पर मुस्लिम लोगों की एंट्री को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जिस तरह सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते, उसी तरह उनके लोगों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए. उन्होंने गरबा के मुख्य दरवाजे पर गोमूत्र रखने की सलाह भी दी.  

सम्पदा 2.0 को मिला ई-गवर्नेंस अवार्ड

पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में अग्रणी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल संपदा 2.0 को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार-2025 से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रणी बना है। यह सम्मान तकनीक के माध्यम से शासन व्यवस्था में परिवर्तन लाने की श्रेणी- गवर्नमेंट प्रोसेस री-इंजीनियरिंग बाई यूज ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन-में प्रदान किया गया है। विशाखापट्टनम में ई-गवर्नेंस पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह एवं सचिव भारत सरकार डीएआरपीजी श्री वी. श्रीनिवास ने महानिरीक्षक पंजीयन श्री अमित तोमर तथा संपदा परियोजना अधिकारी श्री स्वप्नेश शर्मा को यह अवार्ड प्रदान किया। ई-गर्वेनेंस अवार्ड मिलना प्रदेश के लिए ऐतिहासिक : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सम्पदा 2.0 ने संपत्ति एवं दस्तावेजों के पंजीयन को पूर्णत: पेपरलेस और फेसलेस बना दिया है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार ने केवल प्रदेश की तकनीकी दक्षता को प्रमाणित किया है, बल्कि सुशासन और नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और गति लाने की दिशा में मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। सम्पदा 2.0 से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है, बल्कि निवेश और व्यावसायिक वातावरण को भी मजबूती मिली है। उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के सुशासन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को दर्शाता है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन वीडियो केवाईसी के माध्यम से संभव हुआ है। यह प्रक्रिया छद्मरूपण एवं भूमि विवादों को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है। सम्पदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब नागरिक कहीं से भी, कभी भी www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल अथवा मोबाइल एप से ई-स्टाम्प प्राप्त कर सकते हैं और राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देख सकते हैं। पंजीयन पूर्ण होते ही दस्तावेज ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार राज्य को लास्ट माइल कनेक्टिविटी श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्राप्त हुआ था। लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर हासिल यह उपलब्धि प्रदेश की तकनीक आधारित पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।  

सात-समंदर पार धार के बाग-प्रिंट की धूम

मध्यप्रदेश के शिल्पकार मोहम्मद खत्री "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" अवॉर्ड से सम्मानित कोकन अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव में बाग प्रिंट को मिली मान्यता भोपाल भारत की अनमोल धरोहर और मध्यप्रदेश के धार जिले की शान बाग प्रिंट ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। उज़्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर कोकन में 19 से 21 सितंबर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव-2025 में बाग प्रिंट के युवा शिल्पकार मोहम्मद खत्री ने अपनी अद्भुत कारीगरी से सबका मन मोह लिया। इस महोत्सव में 70 देशों के 278 मास्टर कारीगरों ने भाग लिया। भारत से केवल 2 शिल्पकार महोत्सव में शामिल हुए। महोत्सव में श्री मोहम्मद खत्री को उनकी बाग प्रिंट कला और परंपरा के संरक्षण के लिये "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" के अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उन्हें उज़्बेकिस्तान के फरगना रीजन के गवर्नर ख़ैरुल्लो बोज़ारोव ने प्रदान किया। विदेशी फैशन डिजाइनर्स और कला समीक्षकों ने भी माना कि श्री खत्री की बाग प्रिंट कला "विश्वस्तरीय फैशन का भविष्य" है। उन्होंने इसे सस्टेनेबल टेक्सटाइल की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। वर्ष 2017 में श्री खत्री को बैंकॉक (थाईलैंड) में इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर क्रिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं मलेशिया के कुआलालम्पुर इंटरनेशनल क्रॉफ्ट्स फेस्टिवल में भी उन्होंने बाग प्रिंट की अद्वितीय छाप छोड़ी थी। देश में भी श्री खत्री निरंतर बाग प्रिंट की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। देशभर में कई राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में उन्होंने अपनी कला से दर्शकों का दिल जीता है। बाग प्रिंट कला के साथ संस्कृति की पहचान मोहम्म्द खत्री ने कहा कि इस सम्मान के पीछे मेरे पूर्वजों की मेहनत, परिवार की परंपरा और भारत की मिट्टी की खुशबू है। बाग प्रिंट सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। इस कला को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना चाहता हूँ ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ी रहें।  

प्रधानमंत्री जन-मन योजना से सहरिया समुदाय को मिला नव जीवन : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने युवाओं से समाज सेवा के लिए आगे आने का किया आह्वान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं से जनजातीय समुदाय को नव जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान उन्होंने आवास हितग्राहियों से चर्चा की है। सभी का कहना है कि उनके मकान पक्के होंगे, सोचा भी नहीं था। लोक शक्ति रथ के यात्रियों ने आयुष्मान भारत योजना को सभी के लिए जीवन दायिनी बताया है। राज्यपाल  पटेल सोमवार को मुरैना विकासखंड के ग्राम धनेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टीबी रोगियों से मुलाकात की और रोगियों को निक्षय मित्र के रूप में फलों की टोकरी भेंट की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा पीढ़ी को समाज सेवा के कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए। वंचितों और गरीबों की सेवा के लिए अपना कर्तव्य समझकर आगे आना चाहिए। समाज की सेवा का सबसे प्रभावी तरीका शिक्षा है। शिक्षित युवाओं का आव्हान किया है कि सेवा पखवाड़े के दौरान सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि टी.बी. एक रोग मात्र है और नियमित दवाएं, उचित पोषण से मरीज 6 माह में ठीक हो सकते हैं। जरूरत रोग के बारे में सही जानकारी होने और उचित दवाएं लेने की है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाए गए सेवा पखवाड़े के दौरान 2 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। जाँच के साथ ही जरूरत के अनुसार दवाएं भी निःशुल्क दी जा रही है। राज्यपाल   पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा जनजातीय आबादी के कल्याण और विकास के लिए प्रदेश में धरती आबा योजना लागू की है। अत्यंत पिछड़े जनजातीय समूह बैगा, भारिया और सहरिया के विकास और कल्याण के लिए क्रांतिकारी पहल प्रधानमंत्री जन-मन योजना के द्वारा की गई है। योजना के लिए केन्द्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय बहनों, भाईयों के लिए विकास और कल्याण के सभी कार्य और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से किया जाए। सबसे वंचित को सबसे पहले लाभान्वित करने के लिए प्राथमिकता निर्धारित कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना चाहिए। राज्यपाल ने श्रीअन्न से बने हलवे का स्वाद चखा  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और आजीविका मिशन की प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। आगनवाड़ी कार्यक्रर्ताओं द्वारा पोषण अभियान के तहत बाटे जाने वाले विभिन्न व्यंजनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने हलवे का स्वाद भी चखा और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन किया। हितग्राहियों के गृह प्रवेश में शामिल हुए राज्यपाल  पटेल ने ग्राम धनेला में हितग्राही   दिलीप,  बंटी एवं   पप्पू सहरिया को नये आवास में प्रवेश कराया।   दिलीप सहरिया की पत्नी ने अपने घर की सुखद अनुभूतियां राज्यपाल के साथ साझा की। इस अवसर पर सांसद   शिवमंगल सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष  आरती गुर्जर, सबलगढ़ विधायक  सरला रावत एवं प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

घटी जीएसटी, मिला बचत का मीठा उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत जीएसटी सुधार विकसित भारत के निर्माण में साबित होंगे मील का पत्थर व्यापारियों से संवाद कर जीएसटी दरों में कटौती से होने वाले लाभों की दी जानकारी स्वदेशी वस्तुएं ही अपनाने की अपील की जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में आई रौनक मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स प्रचार कार्यक्रम में खरीदी स्वदेशी वस्तुएँ चौक बाजार में बचत उत्सव में व्यापारियों और आमजन से की भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्वप्न केवल संकल्प नहीं, बल्कि जल्द ही साकार होने वाला यथार्थ है। इसके लिए देश के हर नागरिक को बराबर का सहयोगी और साथी बनना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी दरों में कटौती कर देशवासियों को बचत का मीठा उपहार दिया है। केंद्र सरकार की बचत संबंधी यह पहल देशवासियों को दीपावली की सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम "बचत उत्सव" के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवारा क्षेत्र की पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी हाउस तक बाजार में पैदल भ्रमण कर दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा की। जीएसटी दरों में कटौती होने से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी जाहिर भी की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से स्वदेशी वस्त्रों और परिधानों की खरीददारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में खरीददारी करने आए ग्राहकों और आमजनों से भी आत्मीय भेंट की। बाजार में पैदल भ्रमण एवं भेंट के दौरान दुकानदार और आमजन ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों में व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि आज से देशभर में लागू हुई नई जीएसटी कटौती दरें जनता के जीवन में बचत और समृद्धि लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ यह कदम देशवासियों के लिए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब हम अपने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यापारियों के साथ जीएसटी कटौती पर चर्चा की और उन्हें मिठाई खिलाकर जीएसटी बचत उत्सव की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में विजयवर्गीय ज्वेलर्स पहुंचे। यहां प्रतिष्ठान स्वामी ने मिष्ठान खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रमण के दौरान मान्यवर, रिवाज, जानकी साड़ी, धरा ज्वेलर्स, सत्यम फैब्रिक्स ओर दीपाली साड़ी हाउस पहुंचे और सभी दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। उन्होंने दुकान स्वामियों को जीएसटी की नई दरों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों और ग्राहकों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं और त्यौहारी सीजन में अपने लिए कुछ कपड़े भी खरीदे, पक्का बिल बनवाया और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सभी को डिजिटल पेमेंट से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से नई जीएसटी दरों का प्रचार-प्रसार करने और जन-जन तक जीएसटी में कटौती का संदेश पहुंचाने के अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों से संवाद चौक बाजार में पैदल भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला में विभिन्न व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से रूबरू होकर आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आने वाले सभी त्यौहरों सहित दीपावली की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से देशवासियों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार गुलजार होंगे और अंततः सरकारों को जनकल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुधार से व्यापारी और उद्योगपति बंधु भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग कर दरों की दुविधाओं से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के सिर्फ 2 स्लैब हैं। दैनिक जरुरतों की लगभग सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में रखी गई हैं। केवल विलासितापूर्ण वस्तुओं (लग्जरी आईटम्स) को ही 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। नवरात्रि के पहले ही दिन से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो चुका है। हम सभी को स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी अपनाकर ही हम अपने देश को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी घटने से बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी आम जनता के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीएसटी घटाकर व्यापारियों के साथ ही आम जनता को दीपावली का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी ही देश और प्रदेश के विकास का मूल आधार है। स्वदेशी हमारी आजादी के दौर का कारगर हथियार था। अब इसी स्वदेशी को अपनाकर भारत दुनिया की चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो, यही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीएसटी कटौती से पहले आयकर सुधारों से आम जनता को राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी व्यापारी बंधुओं से 'गर्व से कहो-यह स्वदेशी है' का उद्घोष कराया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज सहित सभी को सोमवार को ही महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन पूजन भी किये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौक बाजार में अपने भ्रमण की … Read more

दिव्यांग छात्रों के समग्र शिक्षा में शामिल होने के लिए 3.90 करोड़ की सहायता, मुख्य धारा से जोड़ेगी मदद

दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्य धारा से जोड़ने मे मिलेगी मदद भोपाल  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित समग्र शिक्षा अभियान में समाजसेवी योजना के तहत 3 करोड़ 90 लाख रूपये की भत्ता राशि जारी की गई है। भत्ते राशि में दिव्यांग विद्यार्थियों को परिवहन, मार्ग, वाचक और ब्रैल स्टेशनरी भत्ता उनके बैंक खातों में जारी किये गये है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसके अलावा दिव्यांग बालिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप 2000 रूपये की राशि गर्ल्स स्टायपेंड के रूप में दी गई है। दिव्यांग विद्यार्थियों को सुविधा भत्ता दिये जाने का मकसद उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत प्रदान करना है। दिव्यांग भत्ता उन्हीं विद्यार्थियों को जारी किया जाता है, जिनकी न्यूनतम दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। इसके लिये उन्हें दिव्यांगता का प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा लेना आवश्यक होता है। दिव्यांग विद्यार्थियों को परिवहन और मार्ग रक्षण भत्ता 3-3 हजार रूपये, दृष्टिवाधित विद्यार्थियों के लिये वाचक भत्ता 2500, ब्रैल स्टेशनरी मटेरियल 2000 और दिव्यांग बालिकाओं के लिये गर्ल्स स्टायपेंड 2000 रूपये प्रतिवर्ष की दर से जारी किये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2025 में कक्षा 9 से 12 तक के 7 हजार 983 दिव्यांग विद्यार्थियों को 3 करोड़ 90 लाख रूपये से अधिक की राशि शिक्षा पोर्टल 2.0 के माध्यम से सिंगल क्लिक द्वारा सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई है। इसके साथ ही करीब 2000 विद्यार्थियों को सुविधा भत्ता की राशि जल्द ही जारी की जा रही है। इस योजना के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों का शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित करना और उन्हें आत्म-निर्भर बनाकर मुख्य धारा से जोड़ना है।  

मुख्यमंत्री ने व्यापारी-खरीदारों संग साझा किया नवरात्रि उत्साह, खादी वस्त्र खरीदकर दिया स्वदेशी का संदेश

भोपाल जीएसटी रिफॉर्म पर नवरात्रि के पहले दिन व्यापारी और खरीदारों के बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पुराने भोपाल के बाजार पहुंचे। उन्होंने खादी के कुर्ता पजामा का कपड़ा खरीदा। खरीदारी के बाद सभा ली। डॉ. मोहन यादव ने चौक बाजार, भोपाल में GST रिफॉर्म जन जागरण अंतर्गत व्यापारिक, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से संवाद किया। देश, स्वदेशी के भाव को लेकर आजाद हुआ इस अवसर पर सीएम डॉ मोहन ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के माध्यम से देश समृद्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने उद्योग धंधों को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाओं में सुधार किए। जब राज्य समृद्ध होगा तो इकोनामिक दृष्टि से यहां का पैसा यही रोटेट होगा। देश, स्वदेशी के भाव को लेकर आजाद हुआ। मोदी के नेतृत्व में भारत चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था की तरफ आगे बढ़ रहा है। यहां का बना हुआ उत्पाद यही खपे स्वदेशी के मूल भाव को अपनाते हुए हम नंबर वन का देश बनने के लिए आगे बढ़ेंगे। उपभोक्ताओं को मिलने वाली छोटी से छोटी चीज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया होना चाहिए। हमारे देश की आर्थिक समृद्धि का सूत्र है, “यहां का बना हुआ उत्पाद यही खपे और यहां से बनी हुई चीजे दुनिया में निर्यात हों।” किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए हमारी सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। सभी को आगामी दशहरा और दीपावली पर्व की बधाई देता हूं।

बाबा बागेश्वर का नवरात्रि संदेश: इस बार लेना होगा बड़ा प्रण

छतरपुर  नवरात्र के पावन अवसर पर बाबा बागेश्वर ने भक्तों को एक खास संदेश दिया. बाबा ने कहा कि इस नवरात्र में हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि भारत में हो रहे लव जिहाद को रोकें. उनका कहना था कि सनातन धर्म की बेटियां सुरक्षित रहें, हमारी परंपराओं पर कोई आंच न आए, यही हमारी जिम्मेदारी है. बाबा बागेश्वर का संकल्प भक्तों की भीड़ बाबा के आसपास उमड़ पड़ी और उन्होंने ध्यानपूर्वक सुना. बाबा बागेश्वर ने भावुक होकर कहा, “हमारे देश की बेटियां हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं. उन्हें बचाना हम सबका कर्तव्य है. जब तक हम जागरूक नहीं होंगे, विदेशी ताकतें हमारी परंपराओं में सेंध लगाती रहेंगी.” इस मौके पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भी उपस्थित थे. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हे भगवती, इस नवरात्र में हम सब यह वचन ले रहे हैं कि लव जिहाद जैसी घटनाओं को हम पूरी ताकत से रोकेंगे. हमारा जीवन चाहे जैसा भी हो, वह सनातन धर्म की सेवा में समर्पित रहेगा.” धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू हज नहीं जाते, तो मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में बवाल मचा हुआ है. छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते हैं, तो मुस्लिमों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए.  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजिकों को सलाह दी है कि गरबा समारोह के मुख्य दरवाजे पर छिड़कने के लिए गोमूत्र रखना चाहिए. यह बात बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित धार्मिक स्थल बंबरबेनी माता के दर्शन करने के दौरान कही.  मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि गैर-हिंदुओं का भी नवरात्रि उत्सव और 'गरबा' नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने और आरती करने जैसे नियमों का पालन करें.   विधायक शर्मा ने कहा कि अगर मुसलमान या ईसाई फिर से देवी की पूजा करना चाहते हैं, तो उन्हें एक चम्मच गंगाजल पीने और तुलसी का पत्ता खाने पर हिंदू धर्म में स्वीकार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अभी ऐसा कर सकते हैं क्योंकि "सभी का DNA हिंदू है". हालांकि, भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई गरबा स्थलों पर (प्रवेश पाने के लिए) छल करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. देवी दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक जीवंत नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं. विश्व हिंदू परिषद  सहित कई हिंदूवादी संगठन ऐसे आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करते रहे हैं ताकि 'लव जिहाद' के प्रयासों को रोका जा सके. बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता भक्तों ने बाबा के शब्दों को अपने दिल में जगह दी और कई लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि बेटियां सुरक्षित रहें और सनातन धर्म की परंपराएं मजबूती से बनी रहें. बाबा बागेश्वर ने कहा कि नवरात्र सिर्फ मां भगवती की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा समय है जब हम अपने जीवन में अच्छे संस्कार, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए संकल्प लें. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सही शिक्षा दें, समाज में जागरूकता फैलाएं और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इस अवसर पर भक्तों ने मिलकर माता की आराधना की, मंत्र पढ़े और संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों को निभाने में पीछे नहीं हटेंगे. नवरात्र का यह पर्व अब केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देने वाला पर्व बन गया है.